Kapil Dev: पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने दिल्ली और एनसीआर के अधिकारियों से अपील की है कि स्ट्रे डॉग्स यानी आवारा कुत्तों को अच्छा जीवन दें और उन्हें अच्छी जगह ले जाएं। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्ट्रे डॉग्स यानी आवारा कुत्तों को लेकर बड़ा आदेश दिया। इसमें कहा गया कि उन्हें शेल्टर होम्स में रखा जाए और खुले में ना छोड़ा जाए। इस मामले पर अब अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ इसका समर्थन कर रहे हैं जबकि कुछ उच्च न्यायालय के फैसले पर नाराजगी जता रहे हैं।
भारतीय ऑलराउंडर कपिल देव का बयान जारी
उच्च न्यायालय के इस फैसले पर अब पूर्व भारतीय ऑलराउंडर कपिल देव ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि कुत्तों के बारे में बहुत कुछ कहा जा रहा है। लेकिन एक नागरिक होने के नाते, मुझे लगता है कि वे सबसे खूबसूरत जीव हैं। इसलिए मैं अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि वे इन पर ध्यान दें और इन्हें बेहतर जीवन दें, इन्हें बाहर न फेंकें।' कपिल देव के लिए यह मामला नीति के साथ-साथ नैतिक जिम्मेदारी का भी है। उनके नवीनतम संदेश में सुरक्षित आश्रयों, बेहतर पशु चिकित्सा सहायता और दीर्घकालिक देखभाल रणनीतियों के निर्माण का आह्वान किया गया है जो पशुओं की गरिमा और भलाई से समझौता किए बिना सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
आठ हफ्ते के अंदर सभी आवारा कुत्तों को गलियों से हटाया जाए
सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों के काटने से जुड़े केसों का संज्ञान लेते हुए आदेश दिया कि देश की राजधानी और इसके आसपास मौजूद शहरों से छह से आठ हफ्ते के अंदर सभी आवारा कुत्तों को गलियों से हटाया जाए। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने आवारा कुत्तों की वजह से पैदा हो रही समस्याओं को जबरदस्त खतरा बताया और कहा कि नवजातों और छोटे बच्चों को किसी भी कीमत पर आवारा कुत्तों के काटने और रेबीज के खतरे से दूर रखना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक हेल्पलाइन स्थापित करने के भी निर्देश दिए। इस हेल्पलाइन पर लोग कुत्तों के काटने की घटनाओं को रिपोर्ट कर सकेंगे। अदालत ने आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई में बाधा डालने वालों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।