उत्तर प्रदेश

  • UP Election 2022: कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, इन महिलाओं को दिया मौका

    UP Election 2022: कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, इन महिलाओं को दिया मौका

     

    उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग का वक्त नजदीक आ रहा है। इस दौरान राजनीतिक दलों के नेता अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी ने आज उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में कांग्रेस ने 41 नामों का ऐलान किया है। कांग्रेस की 41 नामों की लिस्ट में 16 महिलाओं का नाम भी शामिल है।

    कांग्रेस ने इस लिस्ट में अलीगढ़ जिले की इगलास, खैर व छर्रा सीट पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। छर्रा से अखिलेश शर्मा, खैर से मोनिका सूर्यवंशी, इगलास से प्रीति धनगर को चुनावी मैदान में उतारा है। इस तरह कांग्रेस ने अलीगढ़ जिले से दो महिलाओं को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है।

    बता दें कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटों के लिये 7 चरणों में चुनाव संपन्न होगा। मतदान 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि 21 जनवरी है। नामांकन पत्रों की जांच 24 जनवरी को होगी और 27 तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इस चरण की सीटों पर मतदान 10 फरवरी को होगा।

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  • जानें कौन है मुलायम सिंह की बहू Aparna Yadav, जो BJP में हुई शामिल 

    जानें कौन है मुलायम सिंह की बहू Aparna Yadav, जो BJP में हुई शामिल 

     

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारिख जैसे-जैसे करीब आ रही है। वैसे-वैसे उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक दलों के नेताओं का एक पार्टी छोड़ दूसरी पार्टी में जाने का सिलसिला जारी है। जहां एक तरफ सपा ने भाजपा के कई नेताओं को अपने खेमे में शामिल किया है। तो भाजपा ने भी नहले पर दहला मारा है। दरअसल समाजवादी पार्टी (SP) और मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav) पार्टी में शामिल कर सपा को बड़ा झटका दिया है। 

    अपर्णा, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1990 को हुआ था। उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट एक पत्रकार रहे हैं। उनके पिता को सपा की सरकार में सूचना आयुक्त बनाया गया था। वहीं, उनकी मां अंबी बिष्ट लखनऊ नगर निगम में अधिकारी हैं। स्कूल के दिनों में ही अपर्णा और प्रतीक की मुलाकात हुई थी। बता दें कि अपर्णा की स्कूली शिक्षा लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई है।

    2011 में हुई शादी

    अपर्णा ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री ली है। अपर्णा और प्रतीक की सगाई 2010 में हुई थी। दोनों की शादी दिसंबर 2011 में मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में हुई। दोनों की एक बेटी है, जिसका नाम प्रथमा है।

    लखनऊ की इस सीट से 2017 में लड़ा था चुनाव

    अपर्णा यादव ने साल 2017 का विधानसभा चुनाव लखनऊ कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ा था। उन्हें बीजेपी की रीता बहुगुणा जोशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। उनके लिए अखिलेश यादव ने प्रचार भी किया था। जोशी के सांसद चुने जाने के बाद हुए उपचुनाव में भी बीजेपी ने यह सीट जीत ली थी। उन्हें बीजेपी की रीता बहुगुणा जोशी ने 33 हजार 796 वोट के अंतर से पटखनी दी थी। बता दें कि अपर्णा यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की सार्वजनिक तौर पर तारीफ़ कर चुकी हैं।

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  • मुलायम सिंह के घर में BJP की बड़ी सेंध, बहू अपर्णा यादव को किया पार्टी में शामिल

    मुलायम सिंह के घर में BJP की बड़ी सेंध, बहू अपर्णा यादव को किया पार्टी में शामिल

     

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारिख जैसे-जैसे करीब आ रही है। वैसे-वैसे उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक दलों के नेताओं का एक पार्टी छोड़ दूसरी पार्टी में जाने का सिलसिला जारी है। जहां एक तरफ सपा ने भाजपा के कई नेताओं को अपने खेमे में शामिल किया है। तो भाजपा ने भी नहले पर दहला मारा है। दरअसल समाजवादी पार्टी (SP) और मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav) पार्टी में शामिल कर सपा को बड़ा झटका दिया है। 

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह की मौजूदगी में बुधवार को सुबह दिल्ली भाजपा कार्यालय में अपर्णा यादव पार्टी को पार्टी में शामिल किया। अपर्णा यादव ने 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ा था लेकिन रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं।
     
    सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी हैं अपर्णा यादव। साल 2017 में लखनऊ कैंट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें बीजेपी की रीता को बहुगुणा जोशी ने हराया था। अखिलेश यादव ने भी उनके लिए प्रचार किया था। जोशी के सांसद चुने जाने के बाद हुए उपचुनाव में इस सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। अपर्णा मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी, यूके से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। साल 2010 में मुलायम सिंह के बेटे प्रतीक यादव से शादी की थी। इसके अलावा इंटरनेशनल रिलेशंस एंड पॉलिटिक्स में एमए की है और साल 2014 में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की प्रशंसा भी की थी।

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  • UP Election 2022: मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव ने BJP का थामा हाथ 

    UP Election 2022: मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव ने BJP का थामा हाथ 

     

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले महीने से 7 चरणों में शुरू होने जा रहे हैं। उससे पहले समाजवादी पार्टी (SP) और मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav) भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मुलायम सिंह की बहू के बीजेपी में शामिल होने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। जिसके बाद बुधवार को सुबह दिल्ली भाजपा कार्यालय में अपर्णा यादव ने बीजेपी का दामन थाम लिया है।  

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह की मौजूदगी में अपर्णा यादव पार्टी में शामिल हुई। अपर्णा यादव ने 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ा था लेकिन रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं।

    सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी हैं अपर्णा यादव। साल 2017 में लखनऊ कैंट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें बीजेपी की रीता को बहुगुणा जोशी ने हराया था। अखिलेश यादव ने भी उनके लिए प्रचार किया था. जोशी के सांसद चुने जाने के बाद हुए उपचुनाव में इस सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। अपर्णा मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी, यूके से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। साल 2010 में मुलायम सिंह के बेटे प्रतीक यादव से शादी की थी। इसके अलावा इंटरनेशनल रिलेशंस एंड पॉलिटिक्स में एमए की है और साल 2014 में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की प्रशंसा भी की थी।

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  • UP Election 2022: BJP में आज शामिल होंगी मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव !

    UP Election 2022: BJP में आज शामिल होंगी मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव !

     

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले महीने से 7 चरणों में शुरू होने जा रहे हैं। उससे पहले समाजवादी पार्टी (SP) और मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav) भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रही है। अपर्णा यादव दिल्ली पहुंच चुकी हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मुलायम सिंह की बहू के बीजेपी में शामिल होने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।

    ऐसा माना जा रहा है कि अपर्णा यादव सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होंगी। अपर्णा यादव ने 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ा था लेकिन रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं।

    सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी हैं अपर्णा यादव। साल 2017 में लखनऊ कैंट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें बीजेपी की रीता को बहुगुणा जोशी ने हराया था। अखिलेश यादव ने भी उनके लिए प्रचार किया था. जोशी के सांसद चुने जाने के बाद हुए उपचुनाव में इस सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। अपर्णा मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी, यूके से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। साल 2010 में मुलायम सिंह के बेटे प्रतीक यादव से शादी की थी। इसके अलावा इंटरनेशनल रिलेशंस एंड पॉलिटिक्स में एमए की है और साल 2014 में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की प्रशंसा भी की थी।

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  • राजनीति दलों को समर्थन पर BKU नेता नरेश टिकैट का बड़ा बयान, कहा 'बदल जाएंगे समीकरण'

    राजनीति दलों को समर्थन पर BKU नेता नरेश टिकैट का बड़ा बयान, कहा 'बदल जाएंगे समीकरण'

     

    भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैट (Naresh Tikait) ने आने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2022) में राजनीतिक दल को समर्थन देने पर बड़ा बयान दिया है। इस बयान के चलते चुनाव के समीकरणों में भी बदलाव हो सकता है। खास बात है कि नरेश टिकैत का यह रूख पहले के रूख से अलग सामने आया है। 

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान भाकियू (BKU) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि भाकियू एक अराजनीतिक संगठन है। इस लिहाल से किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को समर्थन नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाकियू हमेशा किसानों की समस्याओं को उठाएगी। बता दें कि इससे पहले रविवार को बुढ़ाना विधानसभा सीट से टिकट मिलने के बाद रविवार को राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी राजपाल बालियान को नरेश टिकैत के गांव सिसौली पहुंचे थे। यहां नरेश टिकैत से उनका हालचाल पूछा। 

    इस दौरान नरेश टिकैत ने रापाल बालियान को समर्थन दिया था। सोमवार को मंत्री संजय बालियान भी सिसौली पहुंचे और नरेश टिकैत का हालचाल पूछा। इसके बाद ही नरेश टिकैत का नया बयान सामने आया है, जिसमें किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन न करने का फैसला कर रखा है। इससे पूर्व किसान आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे राकेश टिकैत ने पिछले दिनों मीडिया से बातचीत में कहा था कि गोरखपुर सीट पर सीएम योगी आदित्यनाथ को जीत मिल जाए। उन्होंने कहा था कि योगी के जीतने पर मजबूत विपक्ष मिल जाएगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया, लेकिन तंज कसते हुए कहा था कि बीजेपी की जीत मुश्किल है।

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  • PM Modi विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आज भाजपा कार्यकर्ताओं से करेंगे बातचीत, देंगे ये मंत्र

    PM Modi विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आज भाजपा कार्यकर्ताओं से करेंगे बातचीत, देंगे ये मंत्र

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आज वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी कार्यकर्ताओं से वर्चुअली बातचीत करेंगे। बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच रैली, रोड शो पर पाबंदियां लगा रखी हैं।

    भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा गया है कि कार्यक्रम की शुरुआत 18 जनवरी को सुबह 11 बजे होगी। ईसी की ओर से पाबंदिया लगाए जाने के बाद कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री की यह पहली बातचीत होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चर्चा के दौरान पीएम मोदी कार्यकर्ताओं को पार्टी की तरफ से लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों को देने का आदेश दे सकते हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 23 जनवरी से दोबारा प्रचार अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए 7 चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतगणना 10 मार्च को होगी।

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  • सपा की मान्यता रद्द करने की अर्जी SC में दाखिल, नाहिद हसन की उम्मीदवारी पर घिरे अखिलेश

    सपा की मान्यता रद्द करने की अर्जी SC में दाखिल, नाहिद हसन की उम्मीदवारी पर घिरे अखिलेश

     

    समाजवादी पार्टी (SP) की मान्यता खत्म करने की मांग करते हुए अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय (Ashwini Upadhyay) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अर्जी दाखिल की है। इस अर्जी में कहा गया है कि चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सपा ने उल्लंघन किया है और इसके लिए उसकी मान्यता खत्म की जानी चाहिए। अश्विनी उपाध्याय ने एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि यूपी (UP) के कैराना से नाहिद हसन (Nahid Hassan) को उतारकर सपा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया है। उपाध्याय ने कहा कि, 'समाजवादी पार्टी ने कैराना से एक गैंगस्टर को चुनाव मैदान में उतार दिया। उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड अपने ट्विटर अकाउंट और वेबसाइट पर सपा ने जारी नहीं किया। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया में भी कोई जानकारी नहीं दी गई।'

    अधिवक्ता ने कहा कि मैंने सुप्रीम कोर्ट में दायर अर्जी में मांग की है कि सपा अध्यक्ष की ओर से उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवहेलना हुई है। ऐसे में चुनाव आयोग (Election Commission) को आदेश दिया जाए कि वह उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करे। हालांकि नाहिद हसन को यूपी पुलिस (UP Police) ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी उनका टिकट भी काट चुकी है। विरोध के बाद सपा ने नाहिद हसन की बहन को टिकट दे दिया है।



    हालांकि भाजपा अब भी इस मामले पर सपा पर हमाल कर रही है। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) यह कह चुके हैं कि सपा की पहली ही लिस्ट से उसके इरादे साफ हैं कि वह कैसे पश्चिम यूपी को गुंडाराज में झोंकने की तैयारी में है। अश्विनी उपाध्याय ने अपनी अर्जी में सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि चुनाव आयोग को आदेश दिया जाए कि वह यह सुनिश्चित करे कि हर पार्टी अपने प्रत्याशियों पर दर्ज मुकदमों के बारे में जानकारी उजागर करे। इसके अलावा अपनी वेबसाइट पर यह जानकारी भी दे कि आखिर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बाद भी आखिर उसे प्रत्याशी क्यों बनाया गया है। 

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  • UP Election 2022: आप ने जारी 150 उम्मीदवारों की पहली सूची, जानें आप का पूरा गणित

    UP Election 2022: आप ने जारी 150 उम्मीदवारों की पहली सूची, जानें आप का पूरा गणित

     

    दिल्ली (Delhi) में नए किस्म की राजनीति शुरू करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी दस्तक दे चुकी है। आप पहली बार यूपी में प्रत्याशी खड़े करने की तैयारी कर रही है। आप ने 150 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है। आप के यूपी प्रभारी और राज्य सभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) का कहना है कि उनकी पार्टी बेहतर रिजल्ट लाएगी।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संजय सिंह ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस कर रविवार को यह लिस्ट जारी की। जातियों की बात करें तो 55, ओबीसी उम्मीदवार, 31 अनसूचित जाति, 14 मुस्लिम, 6 कायस्थ 6 और 36 ब्राह्मण उम्मीदवार हैं। संजय सिंह ने कहा कि यूपी में आप की ओर से सभी 403 सीटों पर प्रत्याशियों को उतारने का फैसला किया गया है। आप आदमी पार्टी का लक्ष्य यह है कि यूपी को विकास के पथ पर बढ़ाया जाए। दिल्ली की तरह यूपी में भी नई तरह की राजनीति की जाएगी। उन्होंने बताया कि केजरीवाल और केंद्रीय नेतृत्व की सहमति बनाकर आगे की भी सूची जारी की जाएगी।

    बता दें कि यूपी में सात चरणों में चुनाव होना है। 10 फरवरी को पहले चरण में पश्चिम यूपी के 11 जिलों की 58 सीटों पर चुनाव होगा। 10 मार्च को मतों की गिनती होगी। यूपी की तरह आप पंजाब में भी कमर कसे हैं। सर्वों में भी आप को बेहतर स्थिति दिखाई जा रही है। इस बीच, कांग्रेस की ओर से मांग भी उठाई जा रही है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव की तिथि 14 फरवरी तक आगे के लिए बढ़ा दी जाए।

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  • UP Election 2022: BJP के साथ  गठबंधन में 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी निषाद पार्टी, किया ऐलान

    UP Election 2022: BJP के साथ  गठबंधन में 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी निषाद पार्टी, किया ऐलान

     

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Election 2022) में निषाद पार्टी (Nishad Party) एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। इस पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने कहा कि 'निषाद पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ गठबंधन में 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि यूपी में निषाद पार्टी द्वारा लड़ी जाने वाली विधानसभा सीटों को सोमवार को दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत के दौरान अंतिम रूप दिया जाएगा।'

    बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 में भी निषाद पार्टी का भाजपा से समझौता हुआ था। तब भाजपा ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के बेटे प्रवीन निषाद को संत कबीर नगर से अपना प्रत्याशी बनाया था, जहां उन्हें जीते भी मिली थी। अब विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले भाजपा ने डॉ. संजय निषाद को एमएलसी बना दिया है। अब सीटों के बंटवारे पर भी सहमति बन गई है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग (Election Commission) के निर्देशों के मुताबिक राज्य में चुनाव 10 फरवरी, 14 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और सात मार्च को होना है। वहीं, वोटों की गिनती 10 मार्च की जाएगी। 

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  • सपा में शामिल हुए दारा सिंह चौहान, अखिलेश यादव ने दिलाई पार्टी की सदस्यता

    सपा में शामिल हुए दारा सिंह चौहान, अखिलेश यादव ने दिलाई पार्टी की सदस्यता

     

    भाजपा सरकार (BJP Govt) में मंत्री रहे दारा सिंह चौहान (Dara Singh Chauhan) रविवार को समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल हो गए। उन्हें सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 'जिस तरह अभिमन्यु को रोकने के लिए बड़े-बड़े महारथी लगाए गए थे, वैसे ही अखिलेश को भी रोकने की कोशिश की गई है लेकिन वह सबको तोड़कर आगे निकल चुके हैं। सातवां द्वार तोड़कर वह विजय प्राप्त करेंगे।'

    दारा सिंह चौहान ने इस मौके पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 'भाजपा पिछड़ों का हक मार रही है। आरक्षण को खत्म किया जा रहा है। पिछड़े समाज के बच्चों का आरक्षण खत्म कर उनको शिक्षा से वंचित रखने की साजिश की जा रही है। उनकी घर वापसी हो रही है। समाजवादी पार्टी उनका  पुराना घर है। सभी दलित और पिछड़े समाज के लोग अब लामबंद हो गए हैं। यह सुनामी अब कोई रोकने वाला नहीं है। इस बार के विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।'

    इतना ही नहीं चौहान ने कहा कि 'प्रदेश भर के लोग यहां आ रहे थे पर उन्हें जगह-जगह रोक दिया गया है। मैं चौहान समाज के सम्मान के लिए सपा के साथ आया हूं। भाजपा ने सबका साथ सबका विकास की बात की थी लेकिन विकास चंद लोगों का हुआ। लोगों को गुलाम बनाने की साजिश रची जा रही है लेकिन पिछड़ा समाज जाग गया है। कोई साजिश कामयाब नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा राज में दलित-पिछड़ों को रोजगार नहीं मिल रहा है। प्रदेश के नौजवानों व किसानों ने कभी भाजपा का साथ दिया थास, लेकिन भाजपा ने धोखा दिया। युवाओं पर लाठीचार्ज की जा रही है। इसकी कीमत भाजपा चुकाएगी। अब हर समाज के लोग सपा के साथ है। इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि दलित और पिछड़े समाज के लोग समझ चुके हैं कि भाजपा निजीकरण की नीति पर काम कर रही है जिससे कि आरक्षण को खत्म किया जा सके और संविधान को कमजोर किया जा सके।'

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  • पूर्व IPS अधिकारी असीम अरुण ने थामा भाजपा का दामन, पीएम की तारीफ में कही ये बात

    पूर्व IPS अधिकारी असीम अरुण ने थामा भाजपा का दामन, पीएम की तारीफ में कही ये बात

     

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Election 2022) से पहले पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण (former IPS officer Asim Arun) शनिवार को लखनऊ (Lucknow) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) के अलावा अन्य नेता मौजूद रहे। असीम ने पुलिस कमिश्नर कानपुर के पद से वीआरएस लेकर बीजेपी ज्वाइन की है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अरुण ने कहा कि 'वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित हैं जिन्होंने देश को विकास का एक नया मार्ग दिया है। भाजपा ने मुझे राजनीति में आने का सुझाव ताकि मैं सामाजिक कार्यों में अधिक योगदान दे सकूं। नौकरी के दौरान मैं बहुत कुछ नहीं कर सका, इसलिए मैंने राजनीति में आने का फैसला किया। मैं पीएम मोदी से भी प्रभावित हूं, जिन्होंने विकास की नई राह दी है।'



    बता दें कि भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 107 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। जिसमें उसने 20 मौजूदा विधायकों को टिकट देने से इनकार कर दिया और 21 नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। भारतीय जनता पार्टी ने 10 सीटों पर महिलाओं, 44 सीटों पर ओबीसी उम्मीदवारों और 19 सीटों पर अनुसूचित जाति (SC) उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जोकि टोटल का 60 प्रतिशत है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा। वहीं, मतों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी।

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  • सीतापुर जेल से रिहा हुआ आजम खान का बेटा अब्दुल्ला आजम, बाहर निकलते किया ये बड़ा ऐलान

    सीतापुर जेल से रिहा हुआ आजम खान का बेटा अब्दुल्ला आजम, बाहर निकलते किया ये बड़ा ऐलान

     

    समाजवादी पार्टी (SP) के नेता और पूर्व मंत्री आजम खान (Azam Khan) के बेटे अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) को सीतापुर जेल से रिहा कर दिया गया है। अब्दुल्ला आजम खान लगभग 23 महीने से सीतापुर जिला जेल में बंद थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला को कुल 43 मामलों में जमानत मिली है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीतापुर जेल से बाहर आते ही अब्दुल्ला आजम ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं चुनाव लडूंगा भी और जीतूंगा भी, आज़म खान 9 बार विधायक रहें वे ऐसे मुकदमे में जेल में बंद है जिसमें 8 लोगों को अग्रिम जमानत मिल गई है।

    इसके बाद उनका काफिला रामपुर के लिए रवाना हो गया। रामपुर पहुंचते ही फिर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान रामपुर में कहा कि रामपुर में मौजूद अधिकारियों के रहते इस मंडल में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता। सब दिशा निर्देश सिर्फ विपक्ष के लिए हैं। जो ज़ुल्म हम पर हो सकते थे, वो किए गए। आज भी मेरे पिता को वहां (जेल में) जान का खतरा है।

    अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि 'पिता आज़म खान के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए और बेगुनाह बीमार आदमी को जेल भेजा गया। आज भी उनकी जमानत होने में रुकावट डाली जा रही है। लेकिन मुझे उम्मीद है कि न्यायालय मेरे परिवार को इंसाफ देगा।' आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब्दुल्लाह आजम खान साल 2017 में सपा के टिकट पर रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे और जीत हासिल कर विधायक बने। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार नवाब काजिम अली और सुना वेद मियां ने अब्दुल्ला आजम खान की उम्र को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन रद्द कर दिया था। अब जेल से बाहर आते ही उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

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  • UP Election 2022: BJP ने जारी की 105 उम्मीदवारों की पहली सूची, इस सीट से लड़ेंगे CM योगी

    UP Election 2022: BJP ने जारी की 105 उम्मीदवारों की पहली सूची, इस सीट से लड़ेंगे CM योगी

     

    बीजेपी (BJP) ने आज विधानसभा चुनाव (UP Election) के लिए अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (Central Election Committee) ने लिस्ट जारी करते हुए सीएम योगी (CM Yogi) को लेकर लगाए जा रहे कयास पर भी विराम लगा दिया है। सीएम योगी को गोरखपुर शहर (Gorakhpur) और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या (Keshav Prasad Maurya) सिराथू से चुनाव लड़ने की घोषणा की गई है। आपको बता दें इससे पहले सीएम योगी को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। उनको कभी अयोध्या से तो कभी मथुरा से चुनाव लड़ाने की बात की जा रही थी। लेकिन भाजपा द्वारा जारी की गई लिस्ट में सीएम योगी को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर अब विराम लगा दिया है।



    सूची के मुताबिक, शामली से तजेंद्र सिंह निर्वाल, बुढ़ाना से उमेश मलिक,चरथावल से सपना कश्यप ,पुरकाजी से प्रमोद ओटवाल ,मुजफ्फरनगर से कपिल देव अग्रवाल, खतौली से विक्रम सैनी ,मीरापुर से प्रशांत गुर्जर ,सिवालखास से मनेंद्र पाल सिंह,सरदना से संगीत सोम, हस्तिनापुर से दिनेश खटीक, मेरठ कैंट से अमित अग्रवाल, किठोर से सत्यवीर त्यागी, मेरठ से कमलदत शर्मा, मेरठ साउथ से सोमेंदर तोमर ,छपरउली से सहेंद्र सिंह रमाला, बड़ोत से केपी सिंह मलिक, बागपत से योगेश धामा, लोनी से नंदकिशोर गुर्जर, मुरादनगर से अजीत पाल त्यागी, साहिबाबाद से सुनील शर्मा चुनावी मैदान में उतरे हैं।

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  • UP Election 2022: चंद्रशेखर ने अखिलेश यादव को बताया दलित विरोधी, सपा के साथ गठबंधन से किया इनकार

    UP Election 2022: चंद्रशेखर ने अखिलेश यादव को बताया दलित विरोधी, सपा के साथ गठबंधन से किया इनकार

     

    भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण (Chandrashekhar Ravan) ने सपा (SP) के साथ गठबंधन पर आज विराम लगा दिया। चंद्रशेखर रावण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि 'सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से कल मुलाकात हुई। इस दौरान आरक्षण समेत सभी मुद्दों पर बात हुई। अखिलेश यादव शायद गठबंधन नहीं चाहते। अखिलेश ने शाम तक बताने को कहा था लेकिन कुछ नहीं बताया। अखिलेश यादव ने मुझे और बहुजन समाज को अपमानित किया।'

    इतना ही नहीं चंद्रशेखर रावण ने अखिलेश यादव को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि हम समाजवादी के साथ गठबंधन में नहीं जा रहे हैं। हम जेल गये, मेरी लड़ाई विधायक बनने की नहीं है, मुझे सामाजिक न्याय चाहिए। पिछले 5 साल में समाजवादी पार्टी ने दलित की हत्या और उनके शोषण पर आवाज नहीं उठाई। चंद्रशेखर रावण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा पर हमला बोलते कहा कि हमारा उद्देश्य बीजेपी (BJP) को रोकना है। वहीं चंद्रशेखर रावण ने बहन जी (मायावती) को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी।  



    आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने मुलाकात की थी। उनकी यह मुलाकात सपा मुख्यालय पर करीब 50 मिनट तक चली। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा कि एकता में बड़ा दम है। मजबूती और एकता के बगैर भाजपा जैसी मायावी पार्टी को हराना आसान नहीं है। गठबंधन के अगुवा का दायित्व होता है कि वे सभी समाज के लोगों के प्रतिनिधित्व और सम्मान का ख्याल रखे। अखिलेश यादव से दलित वर्ग इस जिम्मेदारी को निभाने की अपेक्षा रखता है। अखिलेश से उनकी मुलाकात जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में हुई। इसके बाद ही उन्होंने ये बातें लिखी हैं।  

    आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के इस विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का गठबंधन राष्ट्रीय लोक दल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी, अपना दल (कमेरादेवी) और महान दल के साथ हुआ है।  वहीं, अखिलेश यादव और चंद्रशेखर आजाद की पार्टी भीम आर्मी से भी बातचीत चल रही थी, लेकिन बात नहीं बन पाई।

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