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    वेब सीरीज तांडव के निर्देशक और लेखक समेत 5 लोगों पर लखनऊ में केस दर्ज

     

    वेव सीरीज 'तांडव' में हिंदू देवी-देवताओं पर अशोभनीय टिप्पणी करने और प्रधानमंत्री के गरिमामय पद को ग्रहण करने वाले व्यक्ति का चित्रण खराब तरीके से करने के मामले में डायरेक्टर अली अब्बास जफर, निर्देशक हिमांशु कृष्ण मेहरा, लेखक गौरव सोलंकी और अमेजन प्राइम की ओरिजनल कंटेन्ट इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित समेत पांच लोगों के खिलाफ रविवार देर रात एफआईआर दर्ज कराई गई है।

    यह एफआईआर लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली के सब इंस्पेक्टर अमरनाथ यादव की तहरीर पर लिखी गई है। एफआईआर में सब इंस्पेक्टर अमरनाथ ने लिखा है कि इस वेव सीरीज के कई अंश सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इसके बाद ही कई अधिकारियों ने इस सीरीज को देखा तो पाया गया कि सीरीज के प्रथम एपीसोड के 17 वें मिनट में देवी-देवताओं को बोलते दिखाया गया है जिसमें निम्न स्तरीय भाषा का प्रयोग किया गया है। इसी तरह कई जगह पर साम्पद्रायिक भावनाओं को भड़काने वाले संवाद है। महिलाओं का अपमान करने जैसे कई दृश्य है।

    इस सीरीज की मंशा एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। लिहाजा इस सीरीज के निर्माता-निर्देशक व लेखक और अमेजन प्राइम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना जरूरी है। इस मामले में आईपीसी की धारा 153-ए, 295, 505 एक बी, 505 टू, 469,आईअी एक्ट 66, 66 एफ, 67 के तहत मुकदमा लिखा गया है। 

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  • मुरादाबाद:वैक्सीनेशन से नही हार्ट अटैक से हुई थी वॉर्ड बॉय की मौत,पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    मुरादाबाद:वैक्सीनेशन से नही हार्ट अटैक से हुई थी वॉर्ड बॉय की मौत,पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

     

    मुरादाबाद में कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद अस्पताल के एक वार्ड ब्वॉय की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि टीका लगने का बाद वार्ड ब्वाय की मौत हुई है। लेकिन अब खबर सामने आयी है कि महिपाल नाम के वॉर्ड ब्वॉय की मौत हार्ट अटैक से हुई थी न कि टीका लगने से। 16 जनवरी को वार्ड ब्वॉय को कोविशील्ड का टीका लगा था और उसके अगले ही दिन यानी 17 जनवरी को उसकी अचानक मौत हो गई थी।

    मिली जानकारी के अनुसार तीन डॉक्टर के पैनल ने महिपाल के शव का पोस्टमार्टम किया था। जिसके बाद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि महिपाल की मौत कोरोना के टीके ने नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है।

    बता दें कि महिपाल के परिजनों का आरोप है कि टीका लगाने के पहले महिपाल की मेडिकल जांच भी नहीं की गई थी। महिपाल की मौत के बाद उसके परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे मुरादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एससी गर्ग ने कहा है कि महिपाल को सीने में जकड़न और साँस लेने में दिक्कत हो रही थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था।

    बता दें कि मुरादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एम सी गर्ग ने रविवार को कहा  था कि उनके मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। जिसके बाद आज गर्ग ने बताया कि महिपाल की मौत हार्टअटैक से हुई  है। फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रशासन जांच कर रहा है।

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  • स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अखिलेश ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कोरोना वैक्सीन पर दिया ये बड़ा बयान

    स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अखिलेश ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कोरोना वैक्सीन पर दिया ये बड़ा बयान

     

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर योगी सरकार को घेरते हुए कहा है कि सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को ही आईसीयू में भर्ती कर दिया है। अखिलेश ने कहा, 'प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं खुद बीमार हो गई हैं। गरीब का इलाज मंहगा तो हुआ ही, अस्पतालों में अव्यवस्था का शिकार भी वही बन रहा है। भाजपा सरकार ने जनता को बेहतर जिंदगी के साधन देने के बजाए प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को ही आईसीयू में भर्ती कर दिया है।' 

    उन्होंने कहा, 'भाजपा को टीके पर दावा क्यों करना चाहिए? यह एक अत्यंत संवेदनशील मसला है। समाजवादी पार्टी का वैज्ञानिकों की दक्षता पर पूरा भरोसा है पर भाजपा की ताली-थाली वाली अवैज्ञानिक सोच एवं भाजपा सरकार की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। जनता में भरोसा हो इसके लिए सरकार को टीकाकरण में पारदर्शिता के साथ व्यवस्था की खामियां भी दूर करनी चाहिए।' 

    वही, अखिलेश ने कहा, 'मथुरा जिला अस्पताल में बुजुर्ग महिला मरीज को स्ट्रेचर तक नहीं मिला। बेटा ठेले पर मां को लादकर अस्पताल पहुंचा। पहले भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अमेठी के जिला अस्पताल में तो महिला चिकित्सक ही नहीं है। वहां आने वाली बीमार और गर्भवती महिलाओं का कोई हाल पूछने वाला नहीं। किसी महिला को इलाज कराना हो तो उसे 30 किमी दूर जाना पड़ता है।'

    उन्होंने आगे कहा, 'भाजपा सरकार की गलत और प्राथमिकता रहित नीतियों के चलते स्वास्थ्य सेवाओं का चरमरा जाना स्वाभाविक है। तमाम अस्पतालों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के हजारों पद खाली पड़े हैं। ऐसी हालत में लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर और गौरीफंडा के स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मेसिस्ट ही अस्पताल चला रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में चिकित्सकों की अनुपस्थिति से झोलाछाप चिकित्सकों का धंधा फल फूल रहा है।'

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  • Covid 19 Vaccination : उत्तर प्रदेश में पहले दिन 21,291 लोगों को लगाया गया कोरोना का टीका

    Covid 19 Vaccination : उत्तर प्रदेश में पहले दिन 21,291 लोगों को लगाया गया कोरोना का टीका

     

    देशभर में टीकाकरण मुहिम के पहले दिन 1.91 लाख लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया गया, जिनमें से सर्वाधिक 21,291 लोगों ने उत्तर प्रदेश में टीका लगवाया। भारत में 1.91 लाख लोगों को कोविड-19 के टीके की पहली खुराक शनिवार को दी गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल 2,08,826 लोग उपचाराधीन हैं। इनमें से सर्वाधिक लोग केरल में है। केरल में 68,633, महाराष्ट्र में 53,163, उत्तर प्रदेश में 9,162, कर्नाटक में 8,713, पश्चिम बंगाल में 7,151 और तमिलनाडु में 6,128 संक्रमित लोगों का उपचार चल रहा है।

    भारत में संक्रमण के एक करोड़ से अधिक मामले सामने आने और 1.5 लाख से अधिक लोगों की मौत के बाद भारत ने कोविड-19 के खात्मे के लिए शुरुआती कदम बढ़ाते हुए देशभर में चिकित्सकीय केंद्रों पर कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीके लगाने आरंभ कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत की और लोगों को कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के ‘मेड इन इंडिया’ टीकों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही इसके उपयोग की अनुमति दी गई है। उन्होंने लोगों से दुष्प्रचार और अफवाहों से बचने की अपील की। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 21,291 लोगों को टीका लगाया गया।

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  • यूपी में कोरोना टीकाकरण अभियान की हुई शुरुआत, CM योगी ने प्रदेशवासियों से की ये अपील

    यूपी में कोरोना टीकाकरण अभियान की हुई शुरुआत, CM योगी ने प्रदेशवासियों से की ये अपील

     

    उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण का महाभियान आज शुरू हो गया है। ऐसे में केजीएमयू के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री के कनिष्ठ सहायक अमर बहादुर को पहला कोरोना टीका लगाया गया। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सभी लोग टीका लगवाएं। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है इसको लेकर किसी तरह का भ्रम ना पाले। 

    अमर बहादुर ने बताया, "टीकाकरण के पहले बहुत उत्साह था। लगाने के बाद कोई दिक्कत नहीं थी। मुझे इस टीका पर पूर्ण विश्वास है। मैं अपने देशवासियों से अपील करना चाहता हूं कि इस टीकाकरण अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और कोरोना को अपने देश से भगाएं। यह अपने देश के वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि है। इस पर किसी प्रकार का संदेह ठीक नहीं है।"

    वही, कोरोना टीकाकरण की शुरुआत पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्ववीट कर कहा, 'आदरणीय प्रधानमंत्री जी की "स्वस्थ भारत" के प्रति प्रतिबद्धता का सुफल है कि आज देश में कोरोना टीकाकरण अभियान का प्रथम चरण शुरू हुआ है। सभी प्रदेशवासियों से अपील है कि टीकाकरण हेतु अपने क्रम की धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करें और इस ऐतिहासिक महाभियान को सफल बनाएं।' 

    बता दें कि कोरोना वैक्सीनेशन के पहले दिन शहर के 12 अस्पताल की वैक्सीनेशन साइट पर टीकाकरण शुरू हुआ। इन अस्पतालों में 1200 हेल्थ वर्कर को टीका लगाने का लक्ष्य है। यूपी में शनिवार को 31,700 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। सबसे पहले यह वैक्सीन हेल्थ वर्कर्स को लगाई जा रही है। 

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  • मायावती ने किया ऐलान- UP और उत्तराखंड में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा

    मायावती ने किया ऐलान- UP और उत्तराखंड में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा

     

    उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा सुप्रीमो मायावती का आज यानी 15 जनवरी को जन्मदिन है। मायावती ने अपने 65वें जन्मदिन पर बड़ा ऐलान किया हैं। उन्होंने अगले विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की है। इसी के साथ मायावती ने कहा कि आगामी चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की जीत तय है। 

    बसपा सुप्रीमो मायावती का कहना है कि हमें गठबंधन से नुकसान होता है। बिहार में मायावती ने छोटी पार्टियों संग चुनावी तालमेल किया था। ऐसे में मायावती ने विपक्षी दलों पर भी हमला बोला। इसी दौरान बसपा सुप्रीमो कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी और अपनी सरकार बनाएगी। 

    वहीं, मायावती ने कहा कि मैं केंद्र सरकार से आग्रह करती हूं कि दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों की सभी मांगों को मान लेना चाहिए।

    देश में कल से शुरू हो रहे कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर मायावती का कहना है कि बीएसपी इस अभियान का स्वागत करती है। हमारी पार्टी का विशेष अनुरोध है कि केंद्र सरकार कोरोना वैक्सीन मुफ़्त में दे। अगर केंद्र सरकार हमारे इस अनुरोध को स्वीकार नहीं करती है तो सभी राज्य सरकारों को ये सुविधा मुफ़्त में देनी चाहिए। मायावती ने कहा कि अगर केंद्र और उत्तर प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार यहां के आम लोगों को ये (कोरोना टीकाकरण) सुविधा मुफ़्त में नहीं देती तो इस बार यहां BSP की सरकार बनने पर ये सुविधा मुफ़्त में दी जाएगी। 

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  • कोरोना वैक्सीन को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- गरीबों को कब लगेगा टीका

    कोरोना वैक्सीन को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- गरीबों को कब लगेगा टीका

     

    समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘'भाजपा की कोरोना वैक्‍सीन नहीं लगवाऊंगा’' कहकर टीकाकरण पर प्रदेश व्‍यापी बहस शुरू करने के बाद कहा है कि कोरोना का टीका गरीबों को कब लगेगा, मुफ्त में लगेगा या पैसे से लगेगा, यह सरकार बताए।

    मंगलवार को श्रीराम पीजी कालेज, आदमपुर निगोह में पूर्व मंत्री पारसनाथ यादव की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधाते हुए कहा कि कोरोना वायरस महामारी में गरीबों को परदेस से घर वापस लाने के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया।

    उन्होंने आगे कहा, 'मजदूर गुजरात, महाराष्ट्र से साइकिल से व पैदल ही चल दिए, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया जबकि सरकार के पास 90 हजार बसें है। अगर वही बसें सरकार चला देती तो रास्ते में लोग नही मरते।' वही, अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मरने वालों की कोई मदद नहीं की।

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  • बाबरी विध्वंस मामले में आरोपियों को बरी करने के खिलाफ याचिका पर  इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई आज

    बाबरी विध्वंस मामले में आरोपियों को बरी करने के खिलाफ याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई आज

     

    उत्तर प्रदेश में अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी समेत सभी 32 दोषियों को कोर्ट के द्वारा बरी किया जा चुका है। लेकिन, इन सभी को बरी किए जाने के मामले में कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। इस याचिका पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबकि, हाई कोर्ट में यह याचिका 8 जनवरी को हाजी महबूब अहमद और सैयद अखलाक अहमद की तरफ से दाखिल गई गई थी। ये दोनों अयोध्या के निवासी हैं। याचिका पर सुनवाई हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा की जाएगी।

    हाजी महबूब अहमद और सैयद अखलाक अहमद की तरफ से अधिवक्ता और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य जफरयाब जिलानी द्वारा दायर याचिका को मंगलवार को न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। जफरयाब जिलानी का कहना है कि उन्हें कार्ट का रुख इसलिए करना पड़ा, क्योंकि साल 2020 में आए इस मामले में फैसले के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब तक अपील दाखिल नहीं की है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में बाबरी मस्जिद ढांचा विध्वंस मामले के बीते वर्ष 30 सितंबर को सीबीआई कोर्ट अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, सीएम मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार समेत सभी 32 अभियुक्तों को बरी करने के विशेष अदालत के फैसले को गलत व तथ्यों के विपरीत बताया गया है।

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