Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की आज, 28 जनवरी को एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई। वह एक जनसभा को संबोधित करने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। लैंडिंग के दौरान उनका प्लेन क्रैश हो गया, जिससे प्लेन में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। Learjet 45 की क्या खासियतें हैं? अजीत पवार बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 बिजनेस जेट में सफर कर रहे थे। लियरजेट 45 को कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर एयरोस्पेस बनाती है, जबकि भारत में इसका संचालन VSR वेंचर्स करती है। यह विमान VT-SSK नाम से रजिस्टर्ड था। यह लगभग 16 साल पुराना बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 एक मीडियम साइज का बिजनेस जेट है जिसमें दो इंजन लगे हैं। इसका इस्तेमाल कॉर्पोरेट और VIP यात्रा के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसे पहली बार जनवरी 1998 में पेश किया गया था। इस विमान में लगभग 8 लोग आराम से बैठ सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना रीफ्यूलिंग के लगभग 2630-3795 किमी तक यात्रा कर सकता है। इसकी स्पीड लिमिट लगभग 460 ktas (852 किमी/घंटा) है और इसकी सर्विस सीलिंग लगभग 51,000 फीट है। बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 बिजनेस जेट का केबिन 19.9 फीट लंबा, 4.10 फीट ऊंचा और 5.1 फीट चौड़ा है। इसमें कई अन्य खासियतें भी हैं, जिनमें इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स सिस्टम, ट्रैफिक अलर्ट एंड कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS), और वेदर रडार, और अन्य सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं। एक लियरजेट विमान की कीमत कितनी होती है? लियरजेट विमान के एक नए और अपग्रेडेड मॉडल की कीमत आमतौर पर लगभग $10 मिलियन होती है, जो भारतीय मुद्रा में ₹80 करोड़ से ज़्यादा है। इस्तेमाल किए गए लियरजेट 45 की कीमत $2.5 से $4.5 मिलियन के बीच होती है। 2000 से पहले बने लियरजेट विमान मॉडल की कीमत $900,000 से $1.5 मिलियन के बीच होती है। लियरजेट 45 को चलाने में भी काफी खर्च आता है, जिसमें इस्तेमाल, उड़ान के घंटे और रखरखाव का सालाना खर्च $600,000 से $800,000 तक होता है। कंपनी चार्टर सेवाओं के लिए प्रति घंटे $3,000 से $4,500 चार्ज करती है। भारत में प्राइवेट जेट मार्केट भारत में प्राइवेट जेट मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। देश की लगातार बढ़ती अर्थव्यवस्था, बिज़नेस ट्रैवल में बढ़ोतरी, और हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNWIs) की बढ़ती आबादी प्राइवेट जेट की ओनरशिप और इस्तेमाल में तेज़ी ला रही है। 2021 और 2024 के बीच, इनकी संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इस सेक्टर के सालाना 13-15 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, और 2029 तक प्राइवेट जेट की संख्या 700 से ज़्यादा होने की उम्मीद है। फिलहाल, भारत में लगभग 550 प्राइवेट जेट हैं। भारत में सबसे महंगा प्राइवेट जेट किसके पास है? भारत में सबसे महंगा प्राइवेट जेट रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी का है। उनके बोइंग 737 MAX 9 की कीमत लगभग ₹1,000 करोड़ (लगभग $120 मिलियन) है। यह प्राइवेट जेट, जिसकी रेंज 6,570 किलोमीटर है, किसी उड़ते हुए महल से कम नहीं है। इसमें कई सुविधाएं हैं, जिनमें एक मास्टर बेडरूम, कॉन्फ्रेंस रूम, डाइनिंग एरिया और एक शानदार किचन शामिल है। उनके अलावा, लक्ष्मी मित्तल, अदर पूनावाला और विजय माल्या जैसे बिजनेसमैन, साथ ही अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, अक्षय कुमार और ऋतिक रोशन जैसी बॉलीवुड हस्तियों के पास भी अपने प्राइवेट एयरक्राफ्ट हैं। और भी...
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Arijit Singh Net Worth:अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए अपने करोड़ों फैंस के दिल चकनाचूर कर दिए हैं। एक रियेलिटी शो से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरिजीत सिंह आज के समय के सबसे सफल, पॉपुलर और महंगे सिंगर हैं। अपनी आवाज के दम पर उन्होंने अपनी तगड़ी फैन फॉलोइंग खड़ी की है, जिन्हें आज उनके ऐलान ने काफी मायूस भी कर दिया है। मुर्शीदाबाद से निकलकर 'किंग ऑफ मेलोडी' बनने तक का अरिजीत सिंह का सफर काफी फिल्मी रहा है। कभी उन्हें उनकी आवाज सुनकर रियेलिटी शो से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था और आज इसी आवाज ने उन्हें करोड़ों दिल की धड़कन बना दिया है। आज सिंगर प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट की घोषणा कर चुके हैं, ऐसे में चलिए जानते हैं कि अरिजीत सिंह की नेटवर्थ कितनी है और वह एक गाने के लिए कितना चार्ज करते हैं। अरिजीत सिंह का करियर अरिजीत सिंह को प्लेबैक सिंगर के तौर पर इंडस्ट्री में लगभग 15 साल ही हुए थे, कि उन्होंने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। उन्होंने 2011 में रिलीज हुई 'मर्डर 2' के गाने 'फिर मोहब्बत' से डेब्यू किया था और तब से लेकर अब तक में उन्होंने करीब 400 से ज्यादा गानों को आवाज दी है। अरिजीत सिंह आज के समय में इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा फीस चार्ज करने वाले सिंगर्स में से हैं। पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान रफ्तार ने अरिजीत सिंह की फीस की ओर इशारा किया था। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अरिजीत प्लेबैक सॉन्ग्स के लिए 20 लाख तक चार्ज करते हैं और 2 घंटे के लाइव कॉन्सर्ट के 14 से 18 करोड़ तक चार्ज करते हैं। अरिजीत सिंह की नेटवर्थ अरिजीत सिंह की नेटवर्थ की बात करें तो इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, अरिजीत सिंह की अनुमानित नेट वर्थ 414 करोड़ से ज्यादा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी सालाना आय 70 करोड़ रुपये है। सिंगर की कमाई का जरिया सिर्फ फिल्में नहीं हैं। उनका अपना म्यूजिक लेबल 'ओरियन म्यूजिक' है और वह यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से भी मोटी कमाई करते हैं। लेकिन, खास बात ये है कि सिंगर करोड़ों के मालिक होने के बाद भी साधारण जिंदगी जीना पसंद करते हैं और अज भी अपने गांव जियागंज में एक आम आदमी की तरह स्कूटर में घूमते हैं। अरिजीत सिंह को पसंद है सादगी भरी जिंदगी अरिजीत सिंह देश के सबसे पॉपुलर सिंगर हैं, इसके बाद भी उन्हें साधारण लाइफस्टाइल ही पसंद है, जिसकी झलक अक्सर देखने को मिलती है। उनके कई वीडियो, फोटोज सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिसमें उन्हें साधारण से कपड़ों, चप्पलों में स्कूटर चलाते देखा जा सकता है। वहीं सिंगर के साथ काम कर चुके कई अन्य सिंगर और कलाकार उनकी सादगी की तारीफ कर चुके हैं, जिनमें श्रेया घोषाल, सुनिधि चौहान और रफ्तार जैसे सिंगर्स के नाम शामिल हैं। Disclaimer- इस लेख में शामिल सभी आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। जनता टीवी प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। और भी...
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Pakistan T20 World Cup 2026: बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के बाद हर नजर पाकिस्तान पर टिकी हुई है। इस कार्रवाई का विरोध कर रहे पाकिस्तान ने खुद भी बॉयकॉट करने की धमकी दी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपनी टीम घोषित कर दी है, लेकिन बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी ( Mohsin Naqvi ) ने कहा है कि सरकार से हरी झंडी मिलने पर ही टीम भारत भेजी जाएगी। इस बारे में नकवी की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ सोमवार शाम को मीटिंग भी हुई है, जिसके बाद नकवी ने कहा है कि आखिरी फैसला शुक्रवार या सोमवार तक बताया जाएगा। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पाकिस्तान बॉयकॉट करने जा रहा है। हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ( ICC ) ने पाकिस्तान को पहले ही अकारण ऐसा कदम उठाने का खामियाजा भुगतने की चेतावनी दे रखी है। इसके बावजूद यदि पाकिस्तान ऐसा कदम उठाता है तो यह उसके लिए 'सुसाइड मिशन' जैसा साबित हो सकता है। पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उसका ये कदम पूरी तरह 'भिखारी' बना देगा। 5 पॉइंट्स में समझिये कि बॉयकॉट करना पाकिस्तान के लिए खुद भारी पड़ेगा- 1. आईसीसी लगा सकती है पाकिस्तान पर प्रतिबंध पीसीबी यदि अपनी सरकार के निर्देश पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट करता है तो आईसीसी इसे 'राजनीतिक हस्तक्षेप' घोषित कर सकती है। ऐसी स्थिति में आईसीसी पाकिस्तान पर कई तरह के बैन लगा सकती है। ये प्रतिबंध निम्न हो सकते हैं- - आईसीसी इवेंट्स के आयोजन पर बैन: पाकिस्तान को आईसीसी ने 2028 महिला टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन दे रखा है, जो आईसीसी वापस ले सकती है। साथ ही उसे आगे आईसीसी इवेंट्स का आयोजक नहीं बनाया जाएगा।
- ग्लोबल क्रिकेट बैन: आईसीसी पाकिस्तान के ऊपर ग्लोबल क्रिकेट बैन लगा सकती है। इसके चलते वो किसी टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएगा और ना ही किसी देश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेल पाएगा। ऐसा बैन साउथ अफ्रीका पर 4 दशक तक रहा है। साथ ही जिम्बाब्वे और श्रीलंका पर भी ऐसा बैन कुछ समय के लिए लग चुका है।
2. पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट तोड़ने का लगेगा आरोप टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में भाग लेने से पहले हर फुल मेंबर देश और आईसीसी के बीच टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (TPA) साइन किया जाता है। यदि पाकिस्तान ऐन मौके पर टूर्नामेंट से हटेगा तो उस पर इस एग्रीमेंट को तोड़ने के आरोप में आईसीसी कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है। 3. अरबों रुपये की रेवेन्यू शेयरिंग होगी जब्त आईसीसी की तरफ से हर साल सभी मेंबर देशों को अपने रेवेन्यू में से शेयर दिया जाता है। पाकिस्तान को भी आईसीसी के टोटल रेवेन्यू पूल में करीब 6% की हिस्सेदारी मिलती है, जो इस साल करीब 316 करोड़ रुपये रहने की संभावना है। इसके अलावा टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेने पर तैयारी और पार्टिसिपेशन के लिए आईसीसी से 5 मिलियन डॉलर (करीब 46 करोड़ रुपये) की रकम मिलनी है, जो बॉयकॉट के बाद नहीं मिलेगी। इसके अलावा टूर्नामेंट में भाग लेने पर प्राइज मनी व मैचों से जुड़ी हुई अन्य तरह की कमाई भी 2 मिलियन डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपये) की रकम पाकिस्तान को मिलनी थी, जो नहीं मिलेगी। एक-एक पैसे को मोहताज हो चुके पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए यह रकम कितनी अहम है, हर कोई अंदाजा लगा सकता है। 4. PSL के लिए प्लेयर्स NOC होगी बैन, 'भिखारी' बन जाएगा पाकिस्तान आईसीसी पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि पाकिस्तान सुपर लीग ( Pakistan Super League) में खेलने के लिए विदेशी खिलाड़ियों को NOC देने की प्रक्रिया रोकी जा सकती है। इसके लिए आईसीसी के साथ ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड जैसे क्रिकेट बोर्ड भी खड़े होंगे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा सोर्स यही लीग है, जिसमें विदेशी क्रिकेटर आने के कारण ही आकर्षण बना रहता है। यदि इसमें विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर आईसीसी और अन्य कंट्री बोर्ड बैन लगाते हैं तो PSL पूरी तरह खत्म हो जाएगी, जिसका बड़ा खामियाजा पाकिस्तान को भुगतना पड़ेगा। 5. पाकिस्तान हो जाएगा पूरी तरह अलग-थलग पाकिस्तान यदि टी20 वर्ल्ड कप का बॉयकॉट करता है तो उसे भी आईसीसी की तरफ से बॉयकॉट का सामना करना होगा। ऐसे में वो क्रिकेट बिरादरी में पूरी तरह अलग-थलग हो जाएगा। कोई भी दूसरा देश आईसीसी की मंजूरी नहीं होने के चलते उसके यहां क्रिकेट खेलने के लिए नहीं आएगा। ऐसे में उसके लिए रेवेन्यू जुटाना पूरी तरह नामुमकिन हो जाएगा। नतीजतन पाकिस्तान क्रिकेट खत्म हो जाएगी। आईसीसी की मंजूरी नहीं होने पर पाकिस्तान को एशिया कप और ओलंपिक खेलों में भी क्रिकेट टीम भेजने की अनुमति इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) से नहीं मिलेगी यानी वहां भी क्रिकेट खेलने का रास्ता बंद हो जाएगा। और भी...
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Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के बारामती से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बुधवार, 28 जनवरी, 2026 को NCP नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को ले जा रहा एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना बारामती में हुई, जब अजीत पवार अपने चुनावी अभियान के तहत विभिन्न जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे। दुर्घटना की खबर मिलते ही प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और पूरे राज्य का ध्यान बारामती की ओर चला गया। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे नीरवगज में शुरू होना था, जिसके बाद दोपहर 12:00 बजे पंढारे में एक जनसभा होनी थी। दोपहर 3:00 बजे करंजेपुल में एक बड़ी जनसभा निर्धारित थी, जबकि अंतिम बैठक शाम 5:30 बजे सुपा में होनी थी। इन बैठकों के माध्यम से, अजीत पवार का लक्ष्य जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में महायुति उम्मीदवारों के लिए अनुकूल माहौल बनाना था। इसी चुनावी दौरे के दौरान बारामती इलाके में विमान दुर्घटना की खबर आई, जिससे पूरा कार्यक्रम प्रभावित हुआ और राजनीतिक गतिविधियां अचानक रुक गईं। अजीत पवार के परिवार में कौन-कौन हैं? अजीत पवार के परिवार में चार सदस्य हैं। उनकी पत्नी, सुनेत्रा पवार, और उनके दो बेटे, पार्थ पवार और जय पवार, अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी अभियानों में उनके साथ देखे जाते हैं। सुनेत्रा पवार कई मौकों पर रैलियों में सक्रिय रूप से मौजूद रही हैं, जबकि पार्थ पवार ने भी चुनाव लड़ा है, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। परिवार के अन्य सदस्यों में उनके बड़े भाई, श्रीनिवास पवार शामिल हैं, जो एक व्यवसायी हैं, और कहा जाता है कि दोनों भाइयों के बीच अच्छे संबंध हैं। उनकी बहन का नाम विजया पाटिल है। अजीत पवार के चाचा, शरद पवार, महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। अजीत पवार की राजनीतिक यात्रा अजीत पवार की राजनीतिक यात्रा उतार-चढ़ाव, विवादों और सत्ता के केंद्र में लगातार मौजूदगी से भरी रही है। उनका जन्म 22 जुलाई, 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा गांव में हुआ था। अपने पिता, अनंतराव पवार की मृत्यु के बाद, उन्हें पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालने के लिए अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। उन्होंने 1982 में एक कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड मेंबर के तौर पर राजनीति में कदम रखा। 1991 में, वह बारामती से लोकसभा सांसद बने और बाद में शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी। 1999 के बाद, उन्होंने NCP सरकारों में कई महत्वपूर्ण पद संभाले, और 2010 से, वह रिकॉर्ड छह बार उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। विद्रोह, बदलते गठबंधन और सत्ता संघर्ष के बावजूद, उन्होंने बारामती पर अपनी पकड़ बनाए रखी है, और उनके सक्रिय राजनीतिक करियर के बीच हुई यह विमान दुर्घटना महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना मानी जाती है। उपमुख्यमंत्री के रूप में सबसे ज़्यादा कार्यकाल का रिकॉर्ड अजित पवार के नाम महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में सबसे ज़्यादा बार काम करने का रिकॉर्ड है, उन्होंने यह पद छह बार संभाला है। उन्होंने 2010 से 2012, 2012 से 2014, 2019 में कुछ दिनों के लिए, 2022 से 2023, 2023 से आगे, और दिसंबर 2024 से अब तक उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया है। NCP के साथ लंबे जुड़ाव के बाद, उन्होंने 2023 में पार्टी के खिलाफ विद्रोह किया और ज़्यादातर विधायकों के साथ एक अलग गुट बनाया। 2024 में, चुनाव आयोग ने उनके गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह दिया, जिसके बाद उनकी पार्टी NCP (अजित पवार गुट) के नाम से जानी जाने लगी। वर्तमान में, वह BJP और शिवसेना के साथ महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं और 2026 से देवेंद्र फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर हैं। उनकी छवि एक मेहनती, समय के पाबंद और विकास-उन्मुख नेता की है, हालांकि उन्हें 2012 के सिंचाई घोटाले के आरोपों और 2013 में सूखे पर दिए गए अपने विवादास्पद बयान के लिए आलोचना का भी सामना करना पड़ा है। और भी...
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UGC New Rule: कानपुर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ विरोध अब सड़कों से निकलकर अलग ही रूप ले चुका है। सनातन मंदिर रक्षा समिति से जुड़े आकाश ठाकुर ने नियमों के विरोध में ऐसा कदम उठाया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। खून से लिखा प्रधानमंत्री को पत्र आकाश ठाकुर ने मंगलवार सुबह स्थानीय अस्पताल पहुंचकर वार्ड बॉय की मदद से अपना खून निकलवाया और उसी खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने UGC के नए नियमों को “भेदभाव बढ़ाने वाला” बताते हुए कहा कि इससे सामान्य वर्ग और सवर्ण समाज के लोगों के अधिकार प्रभावित होंगे। उनका कहना है कि यह नियम सामाजिक संतुलन बिगाड़ सकता है, इसलिए इसे या तो तुरंत वापस लिया जाए या फिर इसमें जरूरी संशोधन किया जाए। “समाज के प्रति जिम्मेदारी से उठाया कदम” आकाश ठाकुर ने बताया कि उनका यह कदम किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और आम जनता की चिंता को लेकर है। उन्होंने कहा कि यह पत्र प्रधानमंत्री तक भेजा जाएगा ताकि सरकार इस कानून पर दोबारा विचार करे। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी इस नियम के प्रभावों को समझें और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएं। और भी...
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World News: राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला ने कहा है कि भारत और इटली के संबंध तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा ये पारस्परिक लाभ के लिए और अधिक गहरे होंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश ‘‘लोकतंत्र एवं कानून के शासन के प्रति सम्मान'' जैसे मूलभूत मूल्यों को साझा करते हैं। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने शुभकामना संदेश में, मैटारेला ने आशा व्यक्त की कि द्विपक्षीय एजेंडा के हर क्षेत्र में, साथ ही भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के ढांचे के भीतर, ‘‘हमारे देशों के बीच तालमेल'' मजबूत हो सकता है, जिसे नए आर्थिक और व्यापारिक समझौतों से ‘‘काफी लाभ'' होगा। छब्बीस जनवरी की तारीख वाले शुभकामना संदेश का अंग्रेजी अनुवाद इतालवी दूतावास ने मंगलवार को साझा किया। मैटारेला ने कहा, “गणतंत्र दिवस के अवसर पर, मैं आपको, राष्ट्रपति महोदया, भारत गणराज्य के समृद्ध भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूं। भारत और इटली के संबंध तेजी से अग्रसर हो रहे हैं, जो हमारे पारस्परिक लाभ के लिए और अधिक गहन होंगे।” संदेश में कहा गया है कि संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना के कार्यान्वयन की बदौलत द्विपक्षीय साझेदारी, सहयोग के नए अवसरों से ‘‘हर दिन समृद्ध हो रही है'', चाहे वह ‘‘हमारे संबंधित आर्थिक संचालकों के बीच संयुक्त परियोजनाओं, वैज्ञानिक सहयोग, या हमारे नागरिक समाजों के बीच तेजी से गहन और फलदायी संपर्कों'' के माध्यम से हो। मैटारेला ने यह भी कहा कि दिल्ली और रोम ‘‘लोकतंत्र एवं कानून के शासन के प्रति सम्मान'' जैसे मूलभूत मूल्यों को साझा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे कई परस्पर संबंधित हितों का भी अनुसरण करते हैं, जिनकी शुरुआत नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की सुरक्षा, हिंद-भूमध्य सागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता की शांतिपूर्ण प्राप्ति तथा प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के प्रभावी बहुपक्षीय प्रबंधन से होती है।'' मैटारेला ने कहा, ‘‘इन आधारों पर आगे बढ़ते हुए, मुझे उम्मीद है कि हमारे देशों के बीच तालमेल - उच्चतम संस्थागत और राजनीतिक स्तरों पर लगातार होने वाले दौरों के आदान-प्रदान से प्रेरणा लेते हुए - द्विपक्षीय एजेंडे के हर क्षेत्र में, साथ ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों के ढांचे के भीतर भी मजबूत होगा, जिन्हें नए आर्थिक और व्यापार समझौतों से बहुत लाभ होगा।'' उन्होंने मुर्मू को लिखा, ‘‘इन्हीं आशाओं के साथ और मित्रता की भावना से, मैं इतालवी गणराज्य की ओर से आपको और आपके सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देना चाहता हूं।'' भारत ने सोमवार को कर्तव्य पथ पर अपनी सांस्कृतिक विविधता, आर्थिक विकास और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन करते हुए अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इतालवी दूतावास ने सोमवार को ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘77वें गणतंत्र दिवस की परेड की तस्वीरें। यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के अध्यक्षों की उपस्थिति भारत और यूरोप के बीच समृद्धि एवं स्थिरता पर केंद्रित मित्रता तथा रणनीतिक साझेदारी का प्रमाण है।'' भारत और यूरोप ने मंगलवार को एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की जिसे अब तक का सबसे बड़ा समझौता कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 देशों के यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा के साथ वार्ता करने के बाद कहा कि आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) यूरोपीय संघ के साथ संपन्न किया है। दोनों पक्षों ने एक रणनीतिक रक्षा समझौते और एक आवागमन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। और भी...
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Ajit Pawar Died Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती में एक प्लेन क्रैश हो गया है, जिसमें एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सवार होने की सूचना है. बताया जा रहा है कि इस हादसे में उनकी मौत हो गई है. यह घटना उस समय सामने आई है, जब अजित पवार जिले में चुनाव प्रचार के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले थे. उपमुख्यमंत्री अजित पवार बुधवार, 28 जनवरी 2026 को बारामती तालुका में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव प्रचार के तहत कई सभाओं को संबोधित करने वाले थे. कौन थे अजित पवार? अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता थे और इस समय महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का पद संभाल रहे थे. वह एनसीपी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे थे. पिछले साल अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया था. अगर बॉलीवुड चुनते तो फिल्मी दुनिया में होता नाम अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका के देवलाली प्रवारा में हुआ था. उन्होंने हाई-स्कूल और कॉलेज स्तर पर पढ़ाई महाराष्ट्र में की. कुछ रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपनी प्राथमिक और आगे की पढ़ाई देवलाली देओलाली प्रवारा और बारामती में पूरी की. उन्होंने बीकॉम (B.Com) की डिग्री शिवाजी यूनिवर्सिटी से हासिल की. इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. अगर अजित पवार अपने पिता के रास्ते पर चलते, तो वह बॉलीवुड में भी पहचान बना सकते थे. उनके पिता अनंतराव पवार मशहूर फिल्म निर्देशक वी. शांताराम के साथ ‘राजकमल स्टूडियो’ में काम करते थे, लेकिन अजित ने अपने चाचा शरद पवार की तरह राजनीति को अपना रास्ता चुना. मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा अजित पवार, जिन्हें लोग ‘दादा’ भी कहते हैं, महत्वाकांक्षी और साफ-साफ बोलने वाले नेता माने जाते थे. माना जाता है कि उनकी नजर हमेशा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर रही. 2009 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने से वह नाराज हो गए थे, लेकिन दिसंबर 2010 में उन्होंने छगन भुजबल की जगह यह पद हासिल कर लिया. उन्होंने कई बार तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की खुलकर आलोचना भी की थी. राजनीति में एंट्री और शुरुआती सफर अजित पवार ने राजनीति में एंट्री परिवार की पारंपरिक राह से की - गन्ना सहकारी समितियों के जरिए. 1991 में वह बारामती से सांसद चुने गए, लेकिन छह महीने बाद ही उन्होंने सांसद पद छोड़ दिया, क्योंकि शरद पवार उस समय रक्षा मंत्री बने थे. इसके बाद अजित ने विधानसभा चुनाव जीता और राज्य की राजनीति में सक्रिय हो गए. जब शरद पवार मुख्यमंत्री बने, तब अजित पवार को अलग-अलग विभागों में राज्य मंत्री बनाया गया. एनसीपी की स्थापना और मंत्री बनने का सफर 1999 में सोनिया गांधी की विदेशी नागरिकता के मुद्दे पर शरद पवार ने कांग्रेस छोड़कर एनसीपी बनाई. अजित पवार भी उनके साथ एनसीपी में चले गए. उसी साल कांग्रेस-एनसीपी की सरकार बनी और 40 साल की उम्र में अजित पवार सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बने. उन्हें सिंचाई मंत्रालय मिला, जहां वह करीब 10 साल तक रहे. इसी विभाग से जुड़ा कथित करोड़ों का घोटाला बाद में विवादों में रहा. पवार परिवार की जड़ें सातारा से बारामती तक शरद पवार के करीबी बताते हैं कि उनके पूर्वज महाराष्ट्र के सातारा जिले के रहने वाले थे. 18वीं सदी में पड़े भयानक सूखे के कारण परिवार सातारा से पलायन कर बारामती के काटेवाडी इलाके में आकर बस गया. कहा जाता है कि पवार परिवार के पूर्वज सातारा के भोंसले शासकों की सेना में भी रहे थे. बाद में उन्होंने खेती शुरू की और बंजर जमीन को उपजाऊ बनाया. गन्ने की खेती में परिवार ने खास पहचान बनाई. गोविंदराव पवार और सहकारी आंदोलन शरद पवार के पिता गोविंदराव पवार गन्ने की खेती करते थे. वह पढ़े-लिखे नहीं थे, लेकिन उनकी सोच और संगठन क्षमता की काफी तारीफ होती थी. उन्होंने बारामती के किसानों को जोड़कर सहकारी समिति बनाई, जिससे बाद में चीनी मिलें और साख समितियां बनीं. वह लंबे समय तक गन्ना सहकारी समिति के अध्यक्ष रहे. शारदाबाई पवार: शिक्षा और समाज सेवा की मिसाल शरद पवार की मां शारदाबाई पवार बच्चों की शिक्षा को लेकर बेहद जागरूक थीं. उन्होंने महिलाओं के लिए नाइट स्कूल और नाइट क्लिनिक भी चलाया. ब्रिटिश शासन के दौरान उन्हें बारामती महिला उत्कर्ष समिति में नियुक्त किया गया. वह परिवार की पहली महिला थीं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा और स्थानीय चुनाव लड़ा. 11 भाई-बहनों में नौवें नंबर पर शरद पवार गोविंदराव और शारदाबाई के कुल 11 बच्चे थे. शारदाबाई का जन्म 12 दिसंबर 1911 को कोल्हापुर के पास एक गरीब किसान परिवार में हुआ था. उन्होंने पुणे के ‘सेवा सदन’ में रहकर सातवीं तक पढ़ाई की. कम उम्र में माता-पिता का निधन हो गया, जिसके बाद बड़ी बहन के पति श्रीपत राव जादव ने उन्हें सहारा दिया. 1938 में शारदाबाई पवार पुणे लोकल बोर्ड के लिए निर्विरोध चुनी गईं और 14 साल तक चुनी जाती रहीं. 1952 में एक हादसे में घायल सांड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी कई हड्डियां टूट गईं. इसके बाद उन्हें जीवनभर बैसाखी के सहारे चलना पड़ा. 12 अगस्त 1975 को उनका निधन हुआ. पवार परिवार के भाई-बहन पवार परिवार में कुल 11 भाई-बहन थे- 7 भाई और 4 बहनें. इनमें प्रमुख नाम हैं: अप्पा साहेब पवार (निधन हो चुका है): उनके बेटे राजेंद्र और रंजीत हैं. अनंतराव पवार (निधन हो चुका है): उनके बेटे अजित पवार थे. जिनका प्लेन क्रैश में निधन हो गया. शरद पवार प्रताप पवार सरोज पाटिल अजित पवार का परिवार अजित पवार की मां का नाम आशा पवार था. उन्होंने एक बार इच्छा जताई थी कि वह अपने जीवनकाल में अजित को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती हैं. अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार हैं, जो पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं. उनके दो बेटे हैं -पार्थ पवार और जय पवार. पार्थ 2019 में मावल से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि जय पवार फिलहाल कारोबार से जुड़े हैं. डकैतों से मुठभेड़ में भाई की मौत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरद पवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की मौत गन्ने की फसल लूटने आए डकैतों से मुठभेड़ में हुई थी. काटेवाडी के पादरे इलाके में आज भी उनका स्मारक मौजूद है. और भी...
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Haryana Weather: हरियाणा का मौसम बदल गया है। कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि, गरज-चमक और तेज हवाओं के बाद अब कड़ाके की ठंड पड़ेगी। आज पूरे प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। बारिश के बाद उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के चलने से न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ेगी। जानें आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 29 और 30 जनवरी के दौरान भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। 31 जनवरी को मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 1 फरवरी से एक नए 'पश्चिमी विक्षोभ' के सक्रिय होने की संभावना है। जिससे फिर से बादल छाने और हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान में आई गिरावट वहीं प्रदेश में औसत अधिकतम तापमान में कल की तुलना में 2.1°C की गिरावट दर्ज की गई है। राज्य का औसत तापमान सामान्य से 3.7°C नीचे रहा, जिससे दिन में काफी ठंड महसूस की गई। हिसार में तापमान 19.3°C, गुरुग्राम में 15.7°C, रोहतक में 17.9°C और नारनौल में 13.8°C दर्ज किया गया है। और भी...
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1556- मुग़ल शासक हुमायूँ की मौत हो गई थी। 1813 - युनाइटेड किंगडम में पहली बार 'प्राइड एंड प्रेजुडिस' किताब का प्रकाशन हुआ। 1835 - पश्चिम बंगाल में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हुई। 1860 - ब्रिटेन ने औपचारिक रूप से निकारागुआ को मास्क्विटो तट लौटा दिया। 1878 - 'येल डेली न्यूज़' युनाइटेड स्टेट्स में प्रकाशित होने वाला पहला दैनिक समाचारपत्र बना। अमेरिका के न्यू हेवन में पहला टेलीफोन एक्सचेंज बना। 1887 - फ्रांस की राजधानी पेरिस में एफिल टाॅवर का काम शुरू। 1932 - जापानी सेना ने शंघाई (चीन) पर कब्ज़ा किया। 1935 - आइसलैंड गर्भपात को क़ानूनी स्वीकृति देने वाला पहला देश बना। 1939 - आयरिश कवि विलियम बटलर योटस का निधन। 1942 - जर्मनी की सेना ने लीबिया के बेंगाजी पर क़ब्ज़ा किया। 1943 - एडोल्फ़ हिटलर ने जर्मनी के सभी युवकों को फ़ौज में जबरन भर्ती का आदेश दिया। 1945 - अमेरिकी ट्रकों का काफ़िला बर्मा रोड से पहली बार गुजरा। 1950 - न्यायाधीश हीरालाल कानिया ने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद सम्भाला। 1961 - एचएमटी घड़ियों की पहली फैक्ट्री की आधारशिला बेंगलुरु में रखी गयी। 1962 - अमेरिकी अंतरिक्ष यान चांद पर पहुँचने में असफल रहा। और भी...
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Uttarakhand News: उत्तराखंड में आज यूसीसी दिवस मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा किया था जिसे सरकार ने अपने संकल्प के अनुरूप पूरा किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित पहले देवभूमि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) दिवस समारोह में हिस्सा लिया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया है। इस दौरान सीएम ने यूसीसी को सामाजिक न्याय समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद जब भी कभी देश में कहीं जाता था तो पूछा जाता था कि ये विचार कैसे आया। मैंने कहा कि देश की आजादी के बाद जो जो काम होने थे उनमें ये भी एक जरूरी काम है। सभी के लिए एक समान कानून हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समानता की रही है। उन्होंने गीता श्लोक को पढ़ा जिसमें भगवान कृष्ण ने समानता की बात की है। मैं ना किसी का शत्रु हूं मैं सभी को समान दृष्टि से देखता हूं। यही भावना संविधान में भी रही है। कहा कि सभी संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 44 में इसकी व्यवस्था की थी। सभी के लिए एकसमान कानून होना चाहिए। तुष्टीकरण का चश्मा पहनकर शासन करने वालों ने इसके बारे में नहीं सोचा। हमने इस काम को किया क्योंकि यूसीसी को लागू करने का संकल्प पहला था। प्रतिपक्ष के लोगों ने मैं उन्हें विपक्ष नहीं कहता उन्होंने बहुत मजाक उड़ाया था। कहते थे कि यहां ऐसी परिपाटी नहीं है। मजाक उड़ा रहे थे कि थोड़ी दिन के हो भैया। लेकिन मेरे मन में विश्वास था। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। आज राज्य में यूसीसी लागू होने का एक वर्ष पूर्ण हो चुका है। इसलिए राज्य भर में यूसीसी दिवस मनाने का फैसला लिया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद एवं यूसीसी महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समानता और सभी नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से एक ऐतिहासिक व दूरगामी प्रभाव वाला कदम साबित हुआ है। और भी...
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Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज (मंगलवार, 27 जनवरी) मौसम ने अचानक करवट ली। शिमला समेत राज्य के कई हिस्सों में बर्फबारी शुरू हो गई है। मंगलवार दोपहर से शहर में भारी बारिश और तेज़ हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में काफी गिरावट आई है। बारिश के बावजूद शिमला में पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ और शहर के मुख्य टूरिस्ट स्पॉट, जिनमें रिज भी शामिल है, पर बड़ी संख्या में पर्यटक देखे गए। शिमला में बारिश और तूफान रिज पर कई पर्यटक छतरियां लेकर बारिश का मज़ा लेते दिखे। कुछ पर्यटकों ने बदले हुए मौसम को "परफेक्ट हिल स्टेशन एक्सपीरियंस" बताया। ठंडी हवाओं और बादलों से घिरा शिमला की खूबसूरती ने पर्यटकों को बहुत आकर्षित किया। इस बीच, राज्य के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज राज्य में भारी बारिश और बर्फबारी के साथ 40-50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की उम्मीद है। इन जिलों में भारी बर्फबारी के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में शिमला और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान लगाया है। विभाग ने हिमाचल प्रदेश के चार जिलों: चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल में एक या दो जगहों पर भारी बर्फबारी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मध्य पहाड़ी क्षेत्रों के अधिकांश इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की उम्मीद है, और निचले और मैदानी इलाकों में अधिकांश जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। बर्फबारी के कारण ऊंचे इलाकों की सड़कें फिसलन भरी मौसम विभाग के अनुसार, भरमौर के आदिवासी इलाके में लगभग 6 इंच ताज़ी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे ठंड और बढ़ गई है। बर्फबारी के कारण कई ऊंचे इलाकों की सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। प्रशासन ने पर्यटकों को ऊंचे और बर्फीले इलाकों में न जाने की सलाह दी है। पुलिस और प्रशासन ने पर्यटकों से मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेने और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है। मौसम का आनंद लेते पर्यटक खराब मौसम के बावजूद शिमला में पर्यटन गतिविधियां जारी हैं। होटल मालिकों के अनुसार, बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंचे हैं और मौसम में बदलाव का आनंद ले रहे हैं। दूसरे राज्यों से आए पर्यटक बेसब्री से बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ पर्यटक तो छतरियों के साथ बारिश के मौसम का भी आनंद ले रहे हैं। और भी...
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Viral Video: सांप को बचाने के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, लेकिन हाल ही में सामने आया यह वीडियो आपके रोंगटे खड़े कर देगा। एक सांप पकड़ने वाले की जान खतरे में पड़ गई जब एक सांप ने हवा में उछलकर अचानक उस पर हमला कर दिया। जी हां, आपने सही पढ़ा। वायरल क्लिप देखने के बाद नेटिज़न्स अलग-अलग तरह से कमेंट कर रहे हैं।
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना तब हुई जब एक परिवार ने अपने घर की बाहरी दीवार पर एक पतला लेकिन बहुत ज़हरीला सांप रेंगते हुए देखा। डरे हुए परिवार ने तुरंत मदद के लिए एक सांप पकड़ने वाले को बुलाया। वायरल वीडियो में, सांप पकड़ने वाला एक कुर्सी पर चढ़कर दीवार पर ऊंचाई पर चिपके सांप तक पहुंचने और अपने खास औजार से उसे पकड़ने की कोशिश करते हुए दिख रहा है। अचानक किया हमला वीडियो में, आप देखेंगे कि जैसे ही सांप पकड़ने वाले ने अपना औजार सांप के मुंह के पास लाया, भागने की कोशिश करने के बजाय, सांप सीधे सांप पकड़ने वाले पर कूद गया। फिर सांप हवा में उछला और उस आदमी के शरीर से टकरा गया। यह भी पढ़ें: वायरल वीडियो: कॉलेज टीचर ने 'धुरंधर' गाने पर अपने डांस मूव्स से स्टेज पर आग लगा दी, लोग उनके मूव्स के दीवाने हो गए शगुफ्ता खान नाम की एक यूज़र ने इस वीडियो को X (पहले ट्विटर) पर @Digital_khan01 हैंडल से एक मज़ेदार कैप्शन के साथ शेयर किया: "वह सांप को रास्ता दिखाने गया था, लेकिन सांप ने खुद ही घर का पता पूछ लिया।" वीडियो देखें लोग बोले- 'खतरे से ना करें खिलवाड़' नेटिज़न्स इस वीडियो को देखकर हैरान हैं और हैरानी से कमेंट कर रहे हैं। एक यूज़र ने लिखा, "सांप का यह जवाबी हमला हमें याद दिलाता है कि जंगली जानवरों के साथ जोखिम लेना बहुत खतरनाक हो सकता है।" एक और यूज़र ने मज़ाक में कहा, "सांप ने सोचा होगा, 'भाई, परेशान मत हो, मैं खुद ही तुम्हारे पास आ जाऊंगा।'" कई नेटिज़न्स ने इसे एक डरावना रेस्क्यू वीडियो बताया है।
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India EU Trade Deal: भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज़ हो गई है। यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे "सभी डील्स की जननी" बताया और कहा कि यह तो बस शुरुआत है और भविष्य में भारत-EU की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और मज़बूत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस समझौते को दोनों क्षेत्रों के लिए बड़े अवसर खोलने वाला बताया। "आज भारत और यूरोप इतिहास रच रहे हैं": उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, "आज यूरोप और भारत इतिहास रच रहे हैं। हमने 'सभी डील्स की जननी' को अंतिम रूप दे दिया है। दो अरब लोगों के लिए एक फ्री ट्रेड एरिया बनाया गया है, जिससे दोनों पक्षों को फायदा होगा। यह तो बस शुरुआत है। हम अपनी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मज़बूत करेंगे।" PM मोदी ने FTA पर साइन होने की घोषणा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन होने की घोषणा की। 'इंडिया एनर्जी वीक' को ऑनलाइन संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मैं आपको एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट के बारे में बता रहा हूं। कल भारत और यूरोप के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है।" प्रधानमंत्री ने इस समझौते पर सभी को बधाई दी और कहा कि इसे दुनिया भर में "सभी डील्स की जननी" कहा जा रहा है। ग्लोबल GDP का 25% और ग्लोबल ट्रेड का एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है PM मोदी ने कहा कि यह भारत-EU समझौता ग्लोबल GDP का लगभग 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड का एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण है। 1.4 अरब भारतीयों के लिए नए अवसर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता न सिर्फ यूरोप बल्कि 1.4 अरब भारतीयों के लिए भी नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने बताया कि यह समझौता UK और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) के साथ ट्रेड एग्रीमेंट को पूरा करेगा, जिससे ग्लोबल ट्रेड और सप्लाई चेन मज़बूत होंगी। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने कहा कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति देगा और सर्विस सेक्टर का भी विस्तार करेगा। उन्होंने खास तौर पर टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण, चमड़ा और फुटवियर जैसे सेक्टर से जुड़े युवाओं और उद्यमियों को बधाई दी। भारत में ग्लोबल इन्वेस्टर्स का भरोसा और मज़बूत होगा प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता दुनिया भर के बिज़नेस और इन्वेस्टर्स का भारत पर भरोसा और बढ़ाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आज भारत हर सेक्टर में ग्लोबल पार्टनरशिप के साथ आगे बढ़ रहा है। और भी...
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Viral Video: भारतीय समाज में, माँ और बेटे का रिश्ता सिर्फ़ खून का रिश्ता नहीं माना जाता, बल्कि इसे मूल्यों, सम्मान और इज़्ज़त का प्रतीक माना जाता है। इस रिश्ते को सबसे पवित्र और निस्वार्थ रिश्तों में से एक माना जाता है। हालांकि, सोशल मीडिया के इस दौर में, जहाँ लाइक्स, व्यूज़ और फॉलोअर्स ही सब कुछ बन गए हैं, लोग कभी-कभी ऐसी हरकतें कर देते हैं जो समाज को चौंका देती हैं। ऐसा ही एक मामला आजकल सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहाँ माँ-बेटे के डांस वीडियो ने हंगामा मचा दिया है। माँ और बेटे का 'सेकंड हैंड जवानी' पर डांस वायरल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में जिया व्यास नाम की एक महिला अपने बेटे के साथ बॉलीवुड गाने 'सेकंड हैंड जवानी' पर डांस करती नज़र आ रही है। वीडियो में जिया ने लाल दिल वाली ट्रांसपेरेंट सफ़ेद साड़ी पहनी है, जबकि उनका बेटा जींस और टी-शर्ट में है। मज़े की बात यह है कि बेटा खुद ही अपने मोबाइल फ़ोन से वीडियो रिकॉर्ड करता दिख रहा है। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, "मम्मी का प्यारा बेटा।" शुरू हुआ विवाद हालांकि जिया का मकसद शायद एक मज़ेदार वीडियो बनाना था, लेकिन सोशल मीडिया यूज़र्स को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, लोगों ने कमेंट सेक्शन में अपना गुस्सा ज़ाहिर करना शुरू कर दिया। कई यूज़र्स ने इसे माँ-बेटे के रिश्ते की पवित्रता का उल्लंघन बताया, जबकि कुछ ने तो इसे शर्मनाक और आपत्तिजनक भी कहा। देखें Video यूज़र्स ने जमकर आलोचना की लोग कह रहे हैं कि जिस गाने पर उन्होंने डांस किया, उसके बोल और स्टाइल माँ-बेटे के रिश्ते के लिए सही नहीं हैं। कई कमेंट्स में यूज़र्स ने लिखा कि सोशल मीडिया के लिए ऐसी हदें पार करना सही नहीं है। कुछ लोगों ने तो यहाँ तक कह दिया कि सड़क पर मुजरा करना ज़्यादा सही होता। इस वीडियो को लेकर एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सोशल मीडिया पर पॉपुलर होने के लिए हर रिश्ता सिर्फ़ कंटेंट बनकर रह गया है? क्या लोग व्यूज़ और लाइक्स की चाहत में समाज पर पड़ने वाले असर के बारे में सोचना बंद कर चुके हैं? और भी...
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Mamta kulkarni on controversy: माघ मेले में स्नान का मामला आजकल सुर्खियों में है। यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, और हर कोई इस पर अपनी राय दे रहा है। ममता कुलकर्णी भी माघ मेले में स्नान के विवाद में कूद पड़ी हैं। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद को घमंडी कहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने कई दूसरे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी है। एक निजी चैनल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ममता कुलकर्णी ने इस विवाद पर बात की। उन्होंने कहा, "जब भी दुनिया में ऐसी भीड़ इकट्ठा होती है, तो सरकार नियम-कानून बनाती है, जिनका पालन राजा से लेकर आम आदमी तक सभी को करना होता है। माघ का महीना पवित्र माना जाता है, और इस दौरान लाखों लोग इकट्ठा होते हैं। पिछले साल रथ निकाले गए थे, और पालकी यात्रा की वजह से लोगों की जान चली गई थी। पिछले साल वही शंकराचार्य पूछ रहे थे कि प्रशासन कहां है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को एक मिसाल कायम करनी चाहिए थी। उनका घमंड साफ दिख रहा था; एक शंकराचार्य को घमंडी नहीं होना चाहिए।" अविमुक्तेश्वरानंद ने सम्मान खो दिया है ममता कुलकर्णी ने कहा, "शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अपना संत का दर्जा खो दिया है। उन्हें मान-अपमान, घमंड और पालकी – सभी सांसारिक मोह-माया को त्याग देना चाहिए था। उन्हें पवित्र स्नान करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने नहीं किया। पुलिस प्रशासन ने उनसे 15 मिनट के लिए अनुरोध किया। उन्हें यह समझने में इतना समय लगा। आदि शंकराचार्य क्या कहते? उन्हें तो पालकी की ज़रूरत भी नहीं पड़ती।" योगी नहीं, अविमुक्तेश्वरानंद को प्रायश्चित करना चाहिए CM योगी आदित्यनाथ को माफी मांगने की ज़रूरत नहीं है; शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अपने कामों के लिए प्रायश्चित करना चाहिए। उनकी वजह से उनके शिष्यों का भी अपमान हुआ। मैंने शंकराचार्य का पूरा बयान सुना कि हजारों लोग महामंडलेश्वर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य भी किसी SP या किसी दूसरी पार्टी द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। सिर्फ चार वेद और पुराण पढ़ने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता। इसके लिए आत्मज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की ज़रूरत होती है। मैंने तपस्या की; मेरा ज्ञान देखो, मेरा ध्यान देखो, इसीलिए मुझे महामंडलेश्वर बनाया गया। मैंने 25 साल तपस्या की। अहंकारी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद में कितना घमंड है! अविमुक्तेश्वरानंद को अब अपनी गलती का एहसास हुआ है कि उनकी वजह से उनके शिष्यों का अपमान हुआ। क्या ममता कुलकर्णी बीजेपी की एजेंट हैं? अविमुक्तेश्वरानंद आत्मज्ञान से रहित व्यक्ति हैं। आपका सच भगवा कपड़ों से नहीं छिपना चाहिए। भगवा कपड़े पहनने का मतलब यह नहीं है कि आप बीजेपी के एजेंट हैं। मैं अपने भगवा कपड़े त्याग दूंगा; मेरा सच सामने आना चाहिए। रामभद्राचार्य पर आनंद गिरि महाराज की टिप्पणी रामभद्राचार्य पर ऐसी टिप्पणी इससे शर्मनाक वाक्य क्या हो सकता है। अविमुक्तेश्वरानंद से भी सुना की रामभद्राचार्य विकलांग है और पद के लिए नहीं है. ये शर्मनाक है। कितने महामूर्ख है। आत्मज्ञान और विकलांग होने का कोई संबंध नहीं है। क्या शंकराचार्य कहलाने लायक है। ममता ने आखिरी में कहा- अविमुक्तेश्वरानंद किसके दलाल है? प्रयागराज में बैठकर क्यो राजनीति कर रहे? आप स्नान करने गए या पॉलिटिक्स करने गए है? गौ हत्या का विषय है तो ये जगह सही नहीं है। वहाँ चार स्नान कीजिए, पॉलिटिक्स मत कीजिए। मैं भगवा वस्त्र उतारने जा रही हूं। सत्य सामने आना चाहिए। जिससे मुझे किसी पार्टी का एजेंट होने का ठप्पा नहीं लगे। किसी की पात्रता है की वो शंकराचार्य बने ? सिर्फ़ वेद पुराण का ज्ञान नहीं, आत्म ज्ञान भी होना चाहिए। ये रथ से उतरने वाले नहीं तो क्या आत्म बोध होगा। और भी...
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