West Bengal Assembly Election Results 2026: पश्चिम बंगाल की सियासत ने फिर करवट ली है. 34 सालों के लेफ्ट के शासन के बाद साल 2011 में बंगाल के लोगों ने ममता बनर्जी की ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे पर भरोसा जताया था और राज्य में ममता बनर्जी की सरकार बनी थी, लेकिन 15 सालों के ममता बनर्जी के शासन के बाद अब फिर से बंगाल में पोरिवर्तन (परिवर्तन) की हवा बही है। पश्चिम बंगाल की सियासत में पहली बार बीजेपी ऐतिहासिक जीत की बढ़ रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के नंबर डबल डिजिट में सिमटते दिख रहा है और बंगाल फतह का बीजेपी का सपना साकार होता दिख रहा है। जनसंघ के संस्थापक डॉ श्मामाप्रसाद मुखर्जी पर कमल खिलाना बीजेपी का सपना रहा है। दशकों पुराना बीजेपी का सपना साकार हो रहा है। पूर्वी भारत के तीन राज्यों अंग (बिहार), कलिंग (ओडिशा) और बंग (बंगाल) पर अब बीजेपी के शासन का सपना साकार हो रहा है। 90 के दशक में बंगाल विधानसभा में कभी बीजेपी के एक मात्र विधायक बादल भट्टाचार्य थे और दो सांसद तपन सिकदर और सत्यव्रत मुखर्जी थे। एक विधायक और दो सांसदों से अपना सफर शुरू करने वाली भाजपा अब बंगाल में सरकार बनाने की ओर कदम बढ़ा रही है। आइए जानें वे क्या वजह हैं, जिसकी वजह से बीजेपी बंगाल में ऐतिहासिक जीत की बढ़ रही है और ममता बनर्जी को करारा हार का सामना करना पड़ रहा है। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और हिंसा पर जनता का प्रहार ममता बनर्जी ने 2011 में 34 सालों के लेफ्ट शासन को विकास, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, रोजगार और हिंसा के मुद्दे पर हराया था और 15 सालों के शासन के बाद अब यही वे मुद्दे जिन्हें आधार बनाकर बीजेपी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को घेरा और ममता बनर्जी की पार्टी पराजय का रास्ता दिखाया। बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का आह्वान किया था और परिवर्तन यह नारा अब वोट में तब्दील होता दिख रहा है। सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन की वजह से सत्ता में आयी ममता बनर्जी के 15 सालों के शासन में राज्य उद्योग, रोजगार और निवेश के मामले में पूरी तरह से पिछड़ गया है। बीजेपी ने राज्य में विकास का मुद्दा बनाया और दावा किया कि कभी बंगाल देश के अव्बल राज्यों में था, लेकिन अब यह पिछड़ गया है। बीजेपी ने फिर से बंगाल में विकास का दावा किया है. जिस पर राज्य की जनता ने भरोसा किया। मुस्लिम और एससी-एसटी वोट में सेंधमारी परिवर्तन, बंगाल में विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था की स्थिति को बीजेपी ने मुद्दा बनाया था। राज्य की जनता ने बीजेपी के परिवर्तन के नारे पर जनमत दिया है. भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज, परिवारवाद और हिंसा की सियासत ममता बनर्जी पर भारी पड़ा है। मुस्लिम वोट ममता बनर्जी की सियासत का आधार था, लेकिन मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में बीजेपी की बढ़त और हुमायूं कबीर की जीत से साफ है कि मुस्लिम वोट बंटे हैं। उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जैसे जिले जहां मुस्लिम आबादी बड़ी संख्या में हैं। वहां भी बीजेपी की बढ़त दिखते मिल रही है। 2008 में ममता बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर में जिला परिषद में जीत हासिल कर शुरुआत की थी, लेकिन इस चुनाव में ये जिले भी ममता बनर्जी की हाथों से फिसलते दिख रहे हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के वोट, मतुआ, चाय बागान श्रमिकों के वोट बीजेपी को मिले. उत्तर बंगाल के साथ-साथ बीजेपी ने दक्षिण बंगाल और जंगल महल में भी अपनी बढ़त बनाई है। इससे साफ है कि बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस का गढ़ भेदने में सफल रही है। महिलाओं ने भी छोड़ा ममता का साथ परिणाम से रूझानों से साफ है कि पिछले चुनावों में महिलाएं ममता बनर्जी के पक्ष में खुलकर उतरी थीं, लेकिन इस चुनाव में महिलाएं भी तृणमूल कांग्रेस का साथ नहीं देती दिख रही हैं। ममता बनर्जी ने महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार और स्वास्थ्य साथी जैसी योजना लेकर आई थीं। युवाओं के लिए युवा साथी योजना के तहत 1500 रुपए महीने देने का ऐलान किया था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की तुलना में बीजेपी की योजनाएं बीजेपी को ज्यादा लुभाई। बीजेपी ने महिलाओं को 3000 रुपए देने और बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया था। महिलाओं ने इस वादे पर भरोसा किया। राजनीतिक विश्वेषक पार्थ मुखोपाध्याय कहते हैं कि भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, रोजगार, नो इंडस्ट्री, अभिषेक और परिवार तंत्र ममता बनर्जी पर भारी पड़ा। बंगाल में प्रजातांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया गया था. विपक्षी पार्टियों के पास कोई अधिकार नहीं थे। पिछले चुनाव में भाजपा को 77 सीटें मिली थी, लेकिन पांच सालों में तृणणूल कांग्रेस ने करीब 17 विधायकों को तोड़ लिया। यहां तक कांग्रेस के जीते विधायक को भी तृणमूल कांग्रेस ने तोड़ लिया। ममता पर भारी पड़ा एंटी-इनकंबेंसी पार्थ मुखोपाध्याय का कहना है कि आरजी कर रेप केस और शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार ने राज्य की जनता का ममता बनर्जी की सरकार पर भरोसा खत्म कर दिया। मालदा, हुगली, दक्षिण 24 और मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में बीजेपी को वोट मिले हैं। इससे साफ है कि मुस्लिम का एक वर्ग भी अब ममता बनर्जी पर भरोसा नहीं कर रहा है। 15 सालों की ममता बनर्जी की सरकार पर एंटी इनकंबेंसी पूरी तरह से हावी रहा और बीजेपी ने पलने संगठन बनाया और उस संगठन के बल पर ममता बनर्जी को मात देने में सफल रही। इसके साथ ही मतदाता सूची के SIR में फर्जी मतदाताओं के नाम कटे। इसकी वजह से टीएमसी को मिलने वाले वोटों में कमी आई है। चुनाव आयोग ने चुनाव को लेकर सख्त इंतजाम किए। करीब 700 कंपनी केंद्रीय बल की तैनाती की। बड़ी संख्या में चुनाव पर्यवेक्षक से लेकर पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की। ममता बनर्जी के भरोसेमंद अधिकारियों के तबादले किए, जिससे मतदाताओं ने निर्भय होकर मतदान किया, जो बीजेपी के पक्ष में जाती दिख रही है।
और भी...
|
IAS transferred in UP: उत्तर प्रदेश में सरकार ने एक बार फिर बड़े स्तर पर तबादला एक्सप्रेस चलाई है। सरकार ने बड़ी संख्या में आईएएस अफसरों के ट्रांसफर किए हैं। रविवार देर रात 38 आईएएस अफसरों के तबादले की सूची जारी की गई है। इसमें देवरिया, जौनपुर, मऊ, महराजगंज, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, संभल और प्रतापगढ़ में नए जिलाधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं रिंकू सिंह राही का इस्तीफा वापस लिए जाने के बाद उन्हें जालौन का संयुक्त मजिस्ट्रेट बनाया गया है। किसको कहां मिली तैनाती? यहां देखें पूरी लिस्ट - मधुसूदन हुल्गी विशेष सचिव मुख्यमंत्री तथा अपर आवास आयुक्त आवास विकास परिषद से डीएम देवरिया
- सैमुअल पाल एन प्रबंध निदेशक केस्को व अपर आयुक्त राज्य कर कानपुर प्रथम से डीएम जौनपुर
- आनंद वर्धन उपाध्यक्ष गोरखपुर विकास प्राधिकरण से डीएम मऊ
- गौरव सिंह सोगरवाल नगर आयुक्त गोरखपुर से डीएम महराजगंज
- संतोष कुमार शर्मा डीएम महराजगंज से डीएम फिरोजाबाद
- राजेंद्र पेंसिया डीएम संभल से डीएम मुरादाबाद
- अंकित खंडेलवाल नगर आयुक्त आगरा से डीएम संभल
- अभिषेक पांडेय अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद से डीएम प्रतापगढ़
- शिव सहाय अवस्थी डीएम प्रतापगढ़ से मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण
- अनुज सिंह डीएम मुरादाबाद से विशेष सचिव मुख्यमंत्री
- अभिनव गोयल मुख्य विकास अधिकारी गाजियाबाद से उपाध्यक्ष गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- अजय जैन मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ से नगर आयुक्त गोरखपुर
- डा. अल्का वर्मा निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं से विशेष सचिव वित्त तथा रजिस्ट्रार चिट्स एवं सोसायटी यूपी
- निधि बंसल प्रतीक्षारत से निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा
- डा. दिनेश चंद्र डीएम जौनपुर से विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग
- प्रवीण मिश्रा डीएम मऊ से विशेष सचिव समाज कल्याण तथा सचिव अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग
- रमेश रंजन डीएम फिरोजाबाद से अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद
- दिव्या मित्तल डीएम देवरिया से विशेष सचिव राजस्व विभाग
- चंद्र शेखर प्रतीक्षारत से विशेष सचिव सिंचाई एवं जल संस्थान विभाग
- नेहा जैन विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रानिक तथा प्रबंध निदेशक यूपी डेस्को से प्रबंध निदेशक केस्को
- समीर विशेष सचिव वित्त तथा रजिस्ट्रार चिट्स एवं सोसायटी से विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रानिक तथा प्रबंध निदेशक यूपी डेस्को
- सी इंदुमती विशेष सचिव चीनी उद्योग तथा गन्ना विकास विभाग एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक राज्य चीनी निगम से निदेशक महिला कल्याण उत्तर प्रदेश तथा प्रबंध निदेशक महिला कल्याण निगम
- वंदना वर्मा निदेशक महिला कल्याण तथा प्रबंध निदेशक महिला कल्याण निगम से विशेष सचिव चीनी उद्योग तथा गन्ना विकास एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक राज्य चीनी निगम
- राजेंद्र सिंह द्वितीय विशेष सचिव समाज कल्याण विभाग तथा सचिव उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग से सदस्य (न्यायिक) राजस्व परिषद प्रयागराज
- प्रेम प्रकाश विशेष सचिव राजस्व विभाग से सदस्य (न्यायिक) राजस्व परिषद प्रयागराज
- अंकुर कौशिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी उप्र राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से उपाध्यक्ष कानपुर विकास प्राधिकरण
- अवनीश सक्सेना सचिव उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से विशेष सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक
- हरिकेष चौरसिया विशेष सचिव आयुष से सचिव उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
- मदन सिंह गब्र्याल उपाध्यक्ष कानपुर विकास प्राधिकरण से विशेष सचिव आयुष
- सान्या छाबड़ा मुख्य विकास अधिकारी हरदोई से अपर आयुक्त राज्य कर कानपुर प्रथम
- प्रफुल्ल कुमार शर्मा संयुक्त मजिस्ट्रेट रायबरेली से मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ
- नेहा ब्याडवाल संयुक्त मजिस्ट्रेट जालौन से मुख्य विकास अधिकारी हरदोई
- आलोक प्रसाद संयुक्त मजिस्ट्रेट बहराइच से मुख्य विकास अधिकारी गाजीपुर
- कुमार सौरभ संयुक्त मजिस्ट्रेट जौनपुर से मुख्य विकास अधिकारी गाजियाबाद
- दयानंद प्रसाद अपर मेलाधिकारी माघ मेला प्रयागराज से मुख्य विकास अधिकारी गोंडा
- जुहेर बिन सगीर विशेष सचिव सामान्य प्रशासन से विशेष सचिव एनआईआर विभाग
- रिंकू सिंह राही संबद्ध राजस्व परिषद से संयुक्त मजिस्ट्रेट जालौन
और भी...
|
Vinesh Phogat:सीनियर महिला पहलवान विनेश फोगाट ने रविवार को चेतावनी दी कि गोंडा में आगामी राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के सदस्यों के साथ कुछ भी अप्रिय घटना होने पर भारत सरकार जिम्मेदार होगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रतियोगिता में ''पक्षपातपूर्ण फैसलों'' की आशंका भी जताई। विनेश ने लगभग 18 महीनों के बाद वापसी करने से पहले एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े स्थल पर होने वाली प्रतियोगिता के परिणामों पर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख के करीबी व्यक्ति प्रभाव डाल सकते हैं। वहीं विनेश ने खुलासा किया है कि वह उन छह महिला पहलवानों में से एक हैं, जिन्होंने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
भारत सरकार जिम्मेदार होगी विनेश ने कहा, ''प्रतियोगिता के दौरान अगर मेरे, मेरी टीम या समर्थकों के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी।'' उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मीडिया और खेल समुदाय से आयोजन स्थल पर उपस्थित रहने का आग्रह किया। विनेश ने कहा, ''यह टूर्नामेंट ऐसी जगह आयोजित किया जा रहा है जहां उनका (बृज का) काफी प्रभाव है। किसी मुकाबले में कौन रेफरी होगा, कितने अंक दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कौन होगा, सब कुछ उनके और उनके लोगों के नियंत्रण में है।'' पिछले कुछ महीनो से अभ्यास कर रही इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह ''ईमानदारी से'' कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं और देश के लिए फिर से पदक जीतना चाहती हैं, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''मुझे किसी तरह का विशेषाधिकार या विशेष व्यवहार नहीं चाहिए। मैं बस इतना चाहती हूं कि परिणाम प्रदर्शन के अनुकूल हों।'' गौरतलब है कि विनेश अब राजनीतिज्ञ भी हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2024 में कांग्रेस के टिकट पर जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव जीता था। छह महिला पहलवानों में से एक हूं विनेश ने एक ऐसे माहौल में प्रतिस्पर्धा करने के मानसिक दबाव पर भी चिंता व्यक्त की जिसे उन्होंने शत्रुतापूर्ण करार दिया, क्योंकि वह सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में एक शिकायतकर्ता है। विनेश ने पीड़ितों की पहचान और गरिमा को लेकर उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि परिस्थितियों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा, ''मैं उन छह महिला पहलवानों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। मामला अभी अदालत में है और गवाहों से पूछताछ चल रही है। उससे जुड़े किसी स्थान पर प्रतिस्पर्धा करना, जहां अधिकतर लोग उससे संबंधित हो सकते हैं, मुझ पर अत्याधिक मानसिक दबाव बनाता है।'' विनेश ने कहा, ''मुझे संदेह है कि मैं उस माहौल में अपना शत प्रतिशत दे पाऊंगी।'' उन्होंने अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और खेल मंत्रालय ''तमाशबीन की तरह देख रहे थे'' और उन्होंने सिंह को ''पूरी छूट'' दे दी थी। विनेश गोंडा में महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। इससे पहले वह 50 किलोग्राम और 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं। विनेश ने 2024 में पेरिस ओलंपिक खेलों में अधिक वजन के कारण फाइनल से अयोग्य घोषित होने के बाद से किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है। उससे पहले सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर प्रमुख पहलवानों और डब्ल्यूएफआई के बीच लंबे समय तक गतिरोध बना रहा था।
और भी...
|
Election Results 2026: देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव की वोटिंग जारी है। इस बीच पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी से संबंधित शुरुआती चुनावी नतीजों के आंकड़े चुनाव आयोग ने जारी कर दिया है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की TMC 105 सीटों पर आगे है और बीजेपी 125 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं असम में बीजेपी 68 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. केरल में लेफ्ट 52 और कांग्रेस 83 सीटों पर आगे है। पुडुचेरी में बीजेपी 22 और कांग्रेस 6 सीटों पर आगे है। तमिलनाडु में DMK 46 और AIDMK 30 सीटों पर आगे हैं। बंगाल में दो चरणों में हुआ था मतदान 5 राज्यों में 9 अप्रैल से लेकर 29 अप्रैल तक मतदान हुए थे। इस दौरान सिर्फ बंगाल में 2 चरणों में चुनाव हुए थे। जहां 23 और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। इसके अलावा बाकी के 4 राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में 1 चरण में चुनाव हुए थे। तमिलनाडु एक्टर विजय का जलवा तमिलनाडु में इस बार चुनावी नतीजों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। शुरुआती रुझानों के मुताबिक एक्टर विजय की पार्टी टीवीके 74 सीटों पर आगे चल रही है, जो एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। वहीं डीएमके 51 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और एआईएडीएमके 44 सीटों पर आगे चल रही है। इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य में मुकाबला दिलचस्प हो गया है और नया राजनीतिक समीकरण बन सकता है। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की कुछ अहम सीटों पर भी नजर बनी हुई है। नंदीग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी आगे चल रहे हैं। वहीं भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए हैं। आसनसोल साउथ से बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल आगे हैं और सोनारपुर साउथ सीट से रूपा गांगुली आगे चल रही हैं. तमिलनाडु की कोलाथुर सीट से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन आगे चल रहे हैं, जिससे डीएमके को भी कुछ मजबूती मिलती दिख रही है।
और भी...
|
Assembly Elections Results: पश्चिम बंगाल और असम सहित पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले भारतीय जनता पार्टी में उत्साह दिख रहा है. दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में मतगणना के खास मौके पर पूरियां और मिठाईंयां बननी शुरू हो गई है. बता दें, पश्चिम बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में मतगणना शुरू हो गई है. भाजपा मुख्यालय से सामने आई तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि लोग कैसे पूरी सफाई के साथ पूरीयां छान रहे हैं. सभी के चेहरों पर मास्क है और हेड कवर हैं. पूरा माहौल जमा हुआ है. पूरीयों और मिठाईयों के साथ-साथ भाजपा मुख्यालय में जलेबियां भी बनाईं जा रही हैं. एग्जिट पोल में भाजपा सरकार का अनुमान एग्जिट्स पोल्स के अनुसार, भाजपा पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में सरकार बनाती हुई दिखाई दे रही है. भाजपा तीनों राज्यों में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाती हुई नजर आ रही है. एग्जिट्स पोल्स के अनुमानों की खुशी है कि पार्टी मुख्यालय में मतगणना से पहले ही पूरीयां, मिठाईयां और जलेबियां बनने लगी हैं. इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा के तमाम बड़े नेताओं का दावा है कि वे बंगाल और असम में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने वाले हैं. और भी...
|
1979 - श्रीमती मार्गरेट थैचर ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। 1980 - यूगोस्लाविया में मार्शल टीटो का निधन। 1994 - काहिरा में इस्रायल एवं फ़िलिस्तीनी नेताओं द्वारा फ़िलिस्तीनी स्वायत्तता से संबंधित ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर। 1999 - भूमिगत बारूदी सुरंगों के उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने के लिए ओटावा संधि के सभी हस्ताक्षरकर्ता देशों की पहली बैठक मापूतो (मोजाम्बिक) में शुरू। 2003 - मैक्सिको की अन्ना गुएवेरा ने 35.30 सेकेण्ड का समय लेकर ग्रांप्री मीटर की 300 मीटर दौड़ में विश्व रिकार्ड बनाया। 2007 - बैंकॉक में ग्लोवल वार्मिंग पर बैठक सम्पन्न। 1935 - दलीप कौर तिवाना - पंजाबी की प्रतिष्ठित, बहुचर्चित अग्रज लेखिका थीं। 1905 - अन्ना चांडी - भारत की पहली महिला न्यायाधीश थीं। 1902 - के. सी. रेड्डी - कर्नाटक के प्रथम मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल। 1900 - नित्यानंद कानूनगो - भारतीय राजनीतिज्ञ थे जिनका सम्बंध उड़ीसा राज्य से था। 1767 - त्यागराज - प्रसिद्ध कवि तथा कर्नाटक संगीत के संगीतज्ञ। 1799 - टीपू सुल्तान, मैसूर राज्य का शासक। 1957 - हेमचंद्र रायचौधरी, भारतीय इतिहासकार। 1932 - रामदेनी सिंह - बिहार के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्हें फाँसी की सज़ा हुई थी। 2008 - पंडित किशन महाराज, विख्यात तबला वादक और भी...
|
PSL 2026 Final Live Streaming: पाकिस्तान प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला पेशावर जाल्मी और हैदराबाद किंग्समेन के बीच खेला जाएगा. इस निर्णायक मैच में एक ओर होगी बाबर आजम की कप्तानी वाली जाल्मी तो उनका सामना करेगी मार्नस लाबुशेन की कप्तानी वाली हैदराबाद की टीम, जो इसी सीजन टूर्नामेंट से जुड़ी है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि भारत में आप पीएसएल 2026 का फाइनल मैच कहां लाइव देख सकते हैं? साथ ही ये भी जानते हैं कि मुकाबला कितने बजे शुरू होगा. कितने बजे शुरू होगा PSL 2026 फाइनल मैच? पाकिस्तान सुपर लीग 2026 का फाइनल मैच आज रविवार को पेशावर जाल्मी और हैदराबाद किंग्समेन के बीच खेला जाएगा. ये मैच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा. खिताबी मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे से शुरू होगा, दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए 7.30 बजे मैदान पर उतरेंगे. मैच का कार्यक्रम एवं समय दिनांक: रविवार, 3 मई 2026 समय: रात 8:00 बजे पीकेटी (रात 8:30 बजे आईएसटी / दोपहर 3:00 बजे जीएमटी) स्थान: गद्दाफी स्टेडियम, लाहौर भारत में कहां देखें PSL 2026 FINAL का लाइव फैंस अपनी लोकेशन के अनुसार विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर मैच का सीधा प्रसारण देख सकते हैं. पाकिस्तान में आप ग्रैंड फिनाले का सीधा प्रसारण ए स्पोर्ट्स, पीटीवी स्पोर्ट्स और टेन स्पोर्ट्स पर होगा. डिजिटल दर्शकों के लिए, टैपमैड और तमाशा ऐप्स पर हाई-डेफिनिशन स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी. भारत में दोनों देशों के बीच व्यापक भू-राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान सुपर लीग 2026 सीजन का भारत में आधिकारिक तौर पर प्रसारण या स्ट्रीमिंग नहीं की जा रही है. हालांकि, भारत में फैंस पीएसएल के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर मैच हाइलाइट्स के जरिए मैच का आनंद ले सकते हैं. अगर आप इसे फिर भी हिन्दुस्तान में बैठकर देखना चाहते हैं, तो आप Tapmad वेबसाइट या एप में VPN की मदद से इसे ऑनलाइन देख सकते हैं. यहां देखें दोनों टीमों के स्क्वाड पेशावर जाल्मी टीम: मोहम्मद हारिस (विकेटकीपर), बाबर आजम (कप्तान), कुसल मेंडिस, माइकल ब्रेसवेल, अब्दुल समद, आरोन हार्डी, इफ्तिखार अहमद, फरहान यूसुफ, खुर्रम शहजाद, सुफियान मुकीम, मोहम्मद बासित, खालिद उस्मान, जेम्स विंस, तंजीद हसन तमीम, शाहनवाज दहानी, ब्रायन बेनेट, आमेर जमाल, नाहिद राणा, मिर्जा ताहिर बेग, अली रजा, अब्दुल सुभान, काशिफ अली हैदराबाद किंग्समैन टीम: माज सदाकत, मार्नस लाबुशेन (कप्तान), सईम अयूब, ग्लेन मैक्सवेल, उस्मान खान (विकेटकीपर), कुसल परेरा, हसन खान, इरफान खान, हुनैन शाह, मोहम्मद अली, आकिफ जावेद, शरजील खान, रिले मेरेडिथ, महीश थीक्षाना, हम्माद आजम, सैयद साद अली, शायान जहांगीर, रिजवान महमूद, तय्यब आरिफ, अहमद हुसैन, आसिफ महमूद और भी...
|
Gurugram Murder: दिल्ली से सटे गुरुग्राम के वजीरपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से मातम पसरा हुआ है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिवार के मुखिया नाजिम पर अपनी पत्नी और चार बच्चों को जहर देकर मारने का आरोप है. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद की नस काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की. फिलहाल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस जांच में जुटी हुई है. एक ही परिवार के 5 लोग खत्म मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना वजीरपुर गांव में हुई, जहां नाजिम अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था. वह मूल रूप से मुरादाबाद का रहने वाला था और गुरुग्राम में सैलून चलाकर परिवार का गुजारा करता था. इस दर्दनाक घटना में उसकी 35 वर्षीय पत्नी और चार बच्चों की मौत हो गई. बच्चों की उम्र 14, 12, 10 और 8 साल बताई जा रही है. जहर देकर ली जान पुलिस के अनुसार, नाजिम ने पहले अपनी पत्नी और बच्चों को जहर दिया. इसके बाद उसने खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की. उसने अपनी नस काट ली, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी. अस्पताल में भर्ती आरोपी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल नाजिम को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उसका इलाज पुलिस की निगरानी में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. जांच में जुटी पुलिस पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. शुरुआती जांच में यह मामला सामूहिक हत्या का लग रहा है, लेकिन इसके पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर नाजिम ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया. क्या इसके पीछे आर्थिक तंगी थी या घरेलू विवाद, यह अभी स्पष्ट नहीं है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच की जा रही है. और भी...
|
1945 - सोवियत लाल सेना का बर्लिन में प्रवेश। 1984 - फू दोरजी बिना ऑक्सीजन के माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने में सफल। 1993 - श्रीलंका के राष्ट्रपति रणसिंघे प्रेमदास की बम विस्फोट में मृत्यु। 1996 - संयुक्त राष्ट्र ने स्वयं को सरकारी तौर पर निर्धन घोषित किया। 1998 - पोलैंड, हंगरी और चेक गणराज्य को नाटो में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव सीनेट में पारित। 1999 - नेपाल में मृत्युदंड की सज़ा समाप्त। 2000 - अंतर्राष्ट्रीय अन्तर-संसदीय संघ ने पाकिस्तान, आइवरी कोस्ट व सूडान को देश की संसद भंग करने के लिए संघ की सदस्यता से निलंबित किया। 2001 - लश्कर-ए-तोइबा व जैश-ए-मोहम्मद संयुक्त राज्य अमेरिका में आतंकवादी संगठन घोषित, भारत संयुक्त अमेरिकी की विशेष 301 सूची में शामिल। 2002 - अमेरिका की अपील पर इस्रायल ने हेब्रोन से सेना हटाई। 2003 - अमेरिकी राजनयिक पाल ब्रोमर की इराक के प्रशासक पद पर नियुक्ति। 2004 - यूरोपीय संघ में 10 नये राष्ट्र शामिल। 2005 - सद्दाम हुसैन ने सशर्त रिहाई की अमेरिकी पेशकश ठुकराई। 2007 - ईएसपीएन द्वारा वनडे क्रिकेट रैंकिंग में भारत को नवां स्थान। 1986 - संदीप कुमार - भारतीय एथलेटिक्स हैं। 1969 - हीरा सरनीया - असम से भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। 1961 - अजय भट्ट - भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ हैं। 1955 - आनंद महिंद्रा - भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति तथा व्यपारी हैं। 1940 - अरविन्द दवे - भारत की गुप्तचर एजेंसी 'रिसर्च एण्ड एनालिसिस विंग' (रॉ) निदेशक रहे हैं। 1910 - निरंजन नाथ वांचू - वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा केरल और मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल। 1913 - बलराज साहनी- प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेता 1909 - महामाया प्रसाद सिन्हा - भारतीय राजनीतिज्ञ और जल क्रांति दल के राजनेता थे। और भी...
|
IPL 2026: आईपीएल 2026 का 43वां मैच राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमों के बीच खेला गया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए मैच में राजस्थान की टीम को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, फॉर्म में चल रहे तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी फ्लॉप रहे। दिल्ली के तेज गेंदबाज काइल जेमीसन ने उन्हें पारी की शुरुआत में ही पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। लेकिन इस दौरान काइल जेमीसन एक बड़ी गलती कर बैठे, जिसके चलते बीसीसीआई ने उनके खिलाफ एक्शन लिया है। काइल जेमीसन पर बीसीसीआई का एक्शन दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज काइल जेमीसन पर आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। मैच रेफरी राजीव सेठ ने उन्हें लेवल-1 उल्लंघन के लिए चेतावनी दी है और एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया है। दरअसल, काइल जेमीसन ने मैच की पहली पारी के दूसरे ओवर में यह उल्लंघन किया। वैभव सूर्यवंशी को आउट करने के तुरंत बाद जेमीसन उनके करीब आकर आक्रामक जश्न मनाते नजर आए, जो बल्लेबाज को आक्रामक प्रतिक्रिया के लिए उकसा सकता था। यह घटना आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट की धारा 2.5 का उल्लंघन मानी गई, जिसमें किसी खिलाड़ी का ऐसा भाषा, हरकत या इशारा शामिल है जो दूसरे खिलाड़ी को उकसा सकता है। ऐसे में काइल जेमीसन ने आरोप स्वीकार कर लिया है और मैच रेफरी की ओर से लगाए गए दंड को भी मान लिया है। बता दें, काइल जेमीसन विकेट हासिल करने के बाद वैभव की आंखों में आंखें डालकर कई बार तालियां बजाते नजर आए थे. उस दौरान सूर्यवंशी भी उन्हें घूरते रहे। नहीं चला वैभव सूर्यवंशी का बल्ला वैभव सूर्यवंशी इस मुकाबले में कुछ खास नहीं कर सके। वह 2 गेंदों पर 4 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने पहली ही गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला, लेकिन अगली ही गेंद पर वह क्लीन बोल्ड हो गए। हालांकि, ये सीजन उनके लिए अभी तक काफी अच्छा रहा है। वह 10 मैचों में 404 रन बना चुके हैं। ऑरेंज कैप की रेस में भी वह चौथे नंबर पर चल रहे हैं। और भी...
|
UP Politics: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सियासी तपिश अभी से बढ़ने लगी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और उत्तर प्रदेश स्थित कैसरगंज संसदीय सीट से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।इन्हीं अटकलों के बीच गोंडा से बीजेपी विधायक और बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण सिंह ने इन अटकलों पर विराम लगाया है। गोंडा विधायक प्रतीक भूषण ने एक पत्रकार सवालों का जवाब देते हुए अपने पिता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबरों पर जवाब दिया है। जब पत्रकार ने विधायक प्रतीक भूषण से सवाल किया है कि क्या बृजभूषण शरण सिंह बीजेपी छोड़ सपा में शामिल होंगे? इस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि इस बारे में उन्हें नहीं बताया गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि बृजभूषण शरण सिंह का ऐसा कोई प्लान नहीं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर दी प्रतिक्रिया इसके अलावा गोंडा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने भरोसा जताया है कि महिलाएं उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने पप्पू यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह उन्हें बड़ा नेता नहीं मानते और उनके विषय पर बातचीत करना नहीं चाहते हैं। पूर्व सांसद की सपा में शामिल होने की क्यों शुरू हुईं अटकलें? उधर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के सपा में शामिल होने की अटकलों पर जवाब दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्व सांसद और गोंडा के नेता बृजभूषण शरण सिंह ही बेहतर बता सकते हैं कि राजनीतिक परिस्थितियां क्या बनती है। पूर्व सांसद ने की अखिलेश यादव की तारीफ गौरतलब है कि बीते दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव का पुतला जलाते वक्त बीजेपी विधायक अनुपमा जायसवाल का चेहरा झुलस गया था, तब अखिलेश यादव ने बीजेपी नेता से अस्पताल जाकर मुलाकात की थी और उनका हाल जाना था। उस राजनीतिक घटनाक्रम की पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तारीफ की थी, और उसे अखिलेश यादव का बड़प्पन बताया था। उल्लेखनीय है कि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पहले भी कई मौकों पर बीजेपी की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। और भी...
|
Ajay Rai: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार दोपहर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के अस्वस्थ होने का समाचार प्राप्त हुआ है। मैं उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अजय राय ने पिछले तीन आम चुनावों – 2014, 2019 और 2024 में वाराणसी लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें (अजय राय को) जीत हासिल नहीं हुई। सीने में तेज दर्द और घबराहट हुई महसूस दरअसल कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अजय राय को सीने में तेज दर्द और घबराहट महसूस हुई, जिसके बाद वो बेहोश हो गए। आनन-फानन में उन्हें लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां फिलहाल डॉक्टरों की सघन निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। बता दें कि कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय (माल एवेन्यू) में श्रमिक दिवस और बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शिक्षक एवं डॉक्टर सम्मेलन का आयोजन किया गया था। मेदांता अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और यूपी प्रभारी अविनाश पांडेय समेत कांग्रेस के कई दिग्गज मौजूद थे। चश्मदीदों के मुताबिक, अजय राय यूपी प्रभारी अविनाश पांडेय को एयरपोर्ट छोड़कर वापस दफ्तर लौटे थे। तभी अचानक उन्हें सीने में बेचैनी महसूस हुई। उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा कि घबराहट हो रही है, मुझे घर ले चलो। साथी उन्हें तेलीबाग स्थित उनके आवास ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और वे अचेत हो गए। इसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। और भी...
|
Haryana Weather: प्रदेश में मौसम में बदलाव के साथ ही शुक्रवार को गर्मी रही। दिन के समय धूप खिलने के कारण तापमान में हल्का उछाल हुआ। वहीं शनिवार रात से फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव हो सकता है। मौसम विज्ञानियों की तरफ से तीन से पांच मई तक लगातार वर्षा होने की संभावना है। IMD ने क्या कहा? भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मौसम में लगातार बदलाव के कारण शुक्रवार को दिन के समय धूप खिली। प्रदेश में तापमान 35 डिग्री के आस पास रहा। पिछले दो से तीन दिन से वर्षा होने का खासा असर देखने को मिला है। दूसरी तरफ पांच मई तक लगातार वर्षा की संभावना है। इन जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट शनिवार को भी प्रदेश के पंचकूला, यमुनानगर, मेवात और पलवल में वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी प्रकार प्रदेश के अन्य कई जिलों में वर्षा हो सकती है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती है। और भी...
|
Todays History:1986 - सं.रा. अमेरिका की 30 वर्षीया एन. बैन्क्राफ़ उत्तरी ध्रुव पर पहुँचने वाली प्रथम महिला बनीं। 1997 - ब्रिटेन में 18 वर्षों बाद लेबर पार्टी सत्ता में, उसके नेता टोनी ब्लेयर ब्रिटेन के संसदीय इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने। 1999 - मिरया मोस्कोसो पनामा की प्रथम महिला राष्ट्रपति नियुक्त। 2002 - पाकिस्तान के इंजामामुल हक ने न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ 329 रन बनाये। 2004 - मारेक बेल्का पोलैंड के नये प्रधानमंत्री बने। 2008 -अनिल अम्बानी ग्रुप की फर्म रिलायंस पावर लिमिटेड ने इण्डोनेशिया में तीन कोयला खदानों का अधिग्रहण किया। ब्रिटेन के स्थानीय चुनाव में सत्तारुढ़ लेबर पार्टी की हार हुई। अमेरिका ने म्यांमार पर नए प्रतिबन्ध लगाये। 2010 - सेवी का प्राथमिक पूंजी बाज़ार में नए इश्युओं की ख़रीद के लिए आवेदन करते समय संस्थागत निवेशकों को भी खुदरा निवेशकों की तरह शत प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश प्रभावी हो गया। 2 मई को जन्मे व्यक्ति 1968 - उषा बारले- भारत की प्रसिद्ध लोक गायिका हैं जो पण्डवानी गायन के लिये जानी जाती हैं। 1939 - विश्वेश्वर नाथ खरे - भारत के उच्चतम न्यायालय के भूतपूर्व 33वें न्यायाधीश रहे हैं। 1935 - दया प्रकाश सिन्हा - हिन्दी के प्रतिष्ठित लेखक, नाटककार, नाट्यकर्मी, निर्देशक व चर्चित इतिहासकार हैं। 1929 - विष्णु कांत शास्त्री - भारतीय राजनीतिज्ञ एवं साहित्यकार थे। जिग्मे दोरजी वांग्चुक - भूटान के तीसरे राजा थे। 1922 - विल्सन जोन्स - भारत के पेशेवर बिलियर्ड्स खिलाड़ी थे। 1921 - सत्यजित राय ऑस्कर पुरस्कार सम्मानित फ़िल्म निर्माता, निर्देशक और लेखक थे। 1921 - ब्रज बासी लाल - भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक पुरातात्विक स्थलों का अन्वेषण एवं उत्खनन कराने वाले प्रसिद्ध पुरातत्त्वविद् थे। 2 मई को हुए निधन 1519 - लिओनार्दो दा विंची, इटलीवासी, महान चित्रकार। 1975 - पद्मजा नायडू - प्रसिद्ध भारतीय राजनीतिज्ञ श्रीमती सरोजिनी नायडू की पुत्री। 1981 - यशवंत सिंह परमार - भारत के राजनेता और एक स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी थे। 1985 -बनारसीदास चतुर्वेदी- प्रसिद्ध पत्रकार और साहित्यकार। 1928 - हेमचन्द्र गोस्वामी- आधुनिक असमिया साहित्य के शुरुआती दौर के भारतीय लेखक, कवि, इतिहासकार, शिक्षक और असम के भाषाविद थे। और भी...
|
IPL 2026, DC vs RR Match: दिल्ली कैपिटल्स, लुंगी एनगिडी आईपीएल 2026 के 43वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को आत्मविश्वास से भरी राजस्थान रॉयल्स का सामना करना है। दिल्ली की टीम पिछले मैच में सिर्फ 75 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। ऐसे में अक्षर पटेल की अगुआई वाली दिल्ली की टीम वापसी करना चाहेगी। लेकिन ये मुकाबला दिल्ली के लिए आसान नहीं रहने वाला है। दिल्ली की टीम अपने एक स्टार खिलाड़ी के बिना मैदान पर उतरेगी। ये खिलाड़ी पूरी तरह फिट है, लेकिन आईपीएल के एक नियम के चलते मुकाबला नहीं खेल पाएगा। IPL के इस नियम के चलते नहीं खेल पाएगा ये खिलाड़ी
दरअसल, दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी सिर की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और नेट्स पर बॉलिंग प्रैक्टिस भी शुरू कर दी है। लेकिन आईसीसी के कन्कशन संबंधी नियम के कारण वह राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ होने वाले मैच में खेलने के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। एंगिडी को 25 अप्रैल को पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान गंभीर चोट लगी थी। कैच लेने की कोशिश में वह सिर के बल गिर पड़े थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा था. हालांकि, अस्पताल से जल्दी डिस्चार्ज कर दिया गया था। दिल्ली कैपिटल्स ने चोट के कारण लुंगी एनगिडी की जगह विपराज निगम को कन्कशन सब्स्टीट्यूट के रूप में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था। जून 2025 में लागू हुए आईसीसी के नए नियम के मुताबिक, कन्कशन की वजह से मैच मिस करने वाले खिलाड़ी को कम से कम 7 दिन तक क्रिकेट गतिविधियों से दूर रहना जरूरी है, ये नियम आईपीएल में भी माना जाता है। ऐसे में चोट 25 अप्रैल को लगी थी, इसलिए आज 1 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ एनगिडी खेल नहीं पाएंगे। कौन पूरी करेगा लुंगी एनगिडी की कमी? लुंगी एनगिडी दिल्ली के पिछले मैच का भी हिस्सा नहीं थे, जिसमें टीम को आरसीबी के खिलाफ बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क उनकी कमी को पूरी कर सकते हैं। चोट के चलते स्टार्क ने अभी तक एक भी मैच नहीं खेला है। लेकिन वह अब पूरी तरह फिट हैं और माना जा रहा है कि राजस्थान के खिलाफ वह प्लेइंग 11 का भी हिस्सा होंगे। और भी...
|