खबरें अब तक

  • Diwali 2026: पटाखों पर महंगाई की मार, पिछले साल से 20% तक मिलेंगे महंगे; जानें वजह

    Diwali 2026: पटाखों पर महंगाई की मार, पिछले साल से 20% तक मिलेंगे महंगे; जानें वजह

     

    Diwali 2026: दीवाली का त्योहार नजदीक आते ही पटाखों की खरीदारी की तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन इस बार आतिशबाजी का शौक लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है। कच्चे माल की कीमतों में उछाल और पटाखा फैक्ट्रियों पर सख्ती के कारण इस साल पटाखों के दाम 15 से 20 फीसदी तक बढ़ने की आशंका है। इसका असर त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है।

    भारत में पटाखों के उत्पादन का प्रमुख केंद्र तमिलनाडु का शिवकाशी है। यहां तैयार होने वाले पटाखों की आपूर्ति देश के कई हिस्सों में होती है। इस बार उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की कीमतों में बढ़ोतरी से निर्माताओं की लागत बढ़ गई है। पटाखा कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, सल्फर की कीमत एक समय 75 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 140 रुपये तक पहुंच गई थी। बाद में इसमें कुछ गिरावट आई और कीमत करीब 100 रुपये प्रति किलो रह गई। इसके अलावा, एल्युमिनियम, सोडियम नाइट्रेट और अन्य जरूरी सामग्री भी लगभग 30 फीसदी महंगी हुई हैं।

    सप्लाई में देरी का भी असर

    पटाखा निर्माताओं के सामने सिर्फ महंगे कच्चे माल की समस्या नहीं है। खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग से जुड़ी बाधाओं के कारण सल्फर और चिपकाने वाले पदार्थों की आपूर्ति में भी देरी हुई है। सामान पहुंचने में अधिक समय लगने से उत्पादन खर्च बढ़ रहा है। कारोबारियों का अनुमान है कि इन वजहों से पटाखे बनाने की लागत में करीब 15 फीसदी तक इजाफा हो सकता है।

    सुरक्षा जांच के कारण उत्पादन पर दबाव

    प्रशासन ने पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा नियमों की जांच तेजी से शुरू कर दी है। पिछले 10 महीनों में 24 हादसों में 41 लोगों की मौत और 39 लोगों के घायल होने के बाद 700 से अधिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि खतरनाक सामग्री से जुड़े कारोबार में सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है।

    इन पटाखों के लिए चुकाने पड़ सकते हैं ज्यादा पैसे

    अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बाजार में 10 बड़े अनार के पैकेट की कीमत करीब 55 रुपये, 10 स्पेशल ग्राउंड स्पिनर की कीमत 80 रुपये और पांच दो-आवाज वाले रॉकेट की कीमत 70 रुपये बताई गई थी। त्योहार के दौरान मांग बढ़ने पर कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। कारोबारियों के अनुसार, बढ़ी हुई लागत के चलते इस बार ग्राहकों को पटाखे खरीदने के लिए ज्यादा बजट रखना पड़ सकता है।

    और भी...

  • हनी सिंह की बढ़ी मुश्किलें! महाराष्ट्र साइबर सेल का चौथा समन, पेशी टालने की मांग खारिज

    हनी सिंह की बढ़ी मुश्किलें! महाराष्ट्र साइबर सेल का चौथा समन, पेशी टालने की मांग खारिज

     

    Honey Singh: भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के फेमस रैपर यो यो हनी सिंह से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। हनी सिंह को महाराष्ट्र साइबर सेल ने एक बार फिर समन भेजा। रैपर को 16 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया। वहीं, एक्टर ने 22 अक्टूबर को पेश होने की मांग करते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, लेकिन रैपर की अर्जी खारिज कर दी गई है और अब उन्हें 22 अक्टूबर से पहले महाराष्ट्र साइबर सेल के सामने पेश होना होगा। एक कॉन्सर्ट में रैपर ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद एक व्यक्ति ने रैपर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र पुलिस ने हनी सिंह को समन भेजा है और पूछताछ के लिए हाजिर होने के लिए कहा है।

    क्यों भेजा गया समन?

    हनी सिंह ने एक लाइव इवेंट के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने रैपर के खिलाफ महाराष्ट्र साइबर सेल में शिकायत दर्ज करा दी थी। इसी शिकायत के चलते रैपर को महाराष्ट्र साइबर सेल ने समन भेजा है। हनी सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। जांच एजेंसी इस मामले पर रैपर का पक्ष भी जानना चाहती है, ताकि इस मामले की बिना किसी पक्षपात के जांच हो सके। पहले भी 3 बार रैपर को समन भेजा जा चुका है और अब 16 अक्टूबर को पेश होने के लिए रैपर को चौथा समन भेजा गया।

    रैपर की अर्जी हुई खारिज

    वहीं, एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, हनी सिंह ने महाराष्ट्र साइबर सेल से 22 अक्टूबर को पेश होने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी, लेकिन साइबर सेल ने रैपर की अर्जी को खारिज कर दिया है। रैपर को 22 अक्टूबर से पहले ही साइबर सेल के सामने पेश होना होगा। अगर रैपर ऐसा नहीं करते हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।

    हनी सिंह के फेमस गाने

    हनी सिंह भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के टॉप रैपर्स में से एक हैं। हाल ही में रैपर का ‘कासा’ सॉन्ग रिलीज हुआ और इस गाने ने आते ही सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। सोशल मीडिया पर हर कोई इस गाने पर रील्स बना रहा है। इससे पहले भी हनी सिंह के अधिकतर गाने वायरल रहे हैं। हनी सिंह ‘अंग्रेजी बीट’, ‘धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी’, ‘ब्लू आइज’, ‘लव डोज’, ‘देसी कलाकार’ और ‘ब्राउन रंग’ जैसे सुपरहिट गाने गा चुके हैं। ये गाने आज भी ऑडियंस के फेवरेट हैं। वहीं, बॉलीवुड फिल्मों में भी रैपर की सिंगिंग का अलग ही क्रेज रहा है।

    और भी...

  • इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाली महिला कौन? जानें नाम और रिकॉर्ड

    इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाली महिला कौन? जानें नाम और रिकॉर्ड

     

    Most Centuries in Women’s Cricket: महिला क्रिकेट में शतक लगाने के मामले में भारत की स्मृति मंधाना और दक्षिण अफ्रीका की लौरा वुल्वार्ट के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। दोनों बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से खास पहचान बनाई है और अब इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने के मामले में बराबरी पर हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग भी इस सूची में ज्यादा पीछे नहीं हैं। उनके नाम भी कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं।

    स्मृति मंधाना ने टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को मिलाकर कुल 18 शतक लगाए हैं। वह भारतीय महिला टीम की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं और अब ऑल-फॉर्मेट कप्तान भी बन गई हैं। अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर स्मृति कई बार टीम को मुश्किल हालातों से बाहर निकाल चुकी हैं। उनके नाम दर्ज ये शतक उनकी लगातार अच्छी बल्लेबाजी और बड़े मैचों में रन बनाने की क्षमता को दिखाते हैं।

    लौरा वुल्वार्ट ने भी की बराबरी

    दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वुल्वार्ट भी इस रिकॉर्ड में स्मृति मंधाना के साथ खड़ी हैं। उनके नाम भी इंटरनेशनल क्रिकेट में 18 शतक दर्ज हैं। लौरा ने 15 सितंबर 2026 को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में नाबाद 126 रन की शानदार पारी खेली थी। उन्होंने 62 गेंदों में ये रन बनाए, जिसमें 16 चौके और 4 छक्के शामिल थे। इस शतक के साथ लौरा ने स्मृति की बराबरी कर ली।

    मेग लैनिंग के नाम 17 शतक

    इस सूची में तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग हैं। उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 17 शतक लगाए हैं। लैनिंग ने ऑस्ट्रेलिया के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और अपनी टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाने में भूमिका निभाई। फिलहाल, वह स्मृति मंधाना और लौरा वुल्वार्ट से एक शतक पीछे हैं।

    कौन है सबसे आगे?

    महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में स्मृति मंधाना और लौरा वुल्वार्ट संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं। दोनों के नाम 18-18 शतक हैं, जबकि मेग लैनिंग 17 शतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मुकाबलों में कौन-सी बल्लेबाज सबसे पहले अपना शतक बढ़ाकर इस सूची में आगे निकलती है।

    और भी...

  • मौसम बदलते ही क्यों बढ़ती है सिर में खुजली और डैंड्रफ? जानें कारण और बचाव के तरीके

    मौसम बदलते ही क्यों बढ़ती है सिर में खुजली और डैंड्रफ? जानें कारण और बचाव के तरीके

     

    Seasonal Dandruff: स्कैल्प में खुजली-जलन और बालों के गिरने में क्या मौसम का भी रोल रहता है? उत्तर भारत समेत देश के अधिकतर हिस्सों में मौसम बदल रहा है। आने वाली 6 नवंबर को दिवाली मनाई जाएगी, लेकिन इससे पहले ही हल्की ठंड महसूस होने लगी है। यहां मौसम में बदलाव और स्कैल्प में खुजली-जलन की शिकायत के बीच कनेक्शन पर बात करने जा रहे हैं। हवा में नमी की कमी या ड्राइनेस की वजह से ऐसा हो सकता है। रिसर्च कहती है कि स्कैल्प में खुजली या जलन के पीछे बड़ा कारण डैंड्रफ या ज्यादा सीबम प्रोडक्शन है।

    जब मौसम में बदलाव होता है, तो गंदगी, पॉल्यूशन और ऑयल मिलकर स्कैल्प में जमने लगते हैं। धीरे-धीरे ये डैंड्रफ बनाते हैं और इसे समय रहते रिमूव न किया जाए, तो बालों का झड़ना शुरू हो सकता है।

    मौसम में बदलाव के बीच बालों की सेहत का ख्याल कैसे रखना चाहिए, चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं।

    बालों की सेहत और पाचन तंत्र का कनेक्शन

    क्या आप जानते हैं कि हमारे पाचन तंत्र का भी बालों की सेहत से गहरा कनेक्शन होता है? डॉ. बुशरा अजीज (बीएएमएस एवं ट्राइकोलॉजिस्ट, ट्राया में कंसल्टेंट) का कहना है कि कई लोग सही शैम्पू, ऑयल और हेयर ग्रोथ प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बावजूद बाल झड़ने से परेशान रहते हैं। कई बार इसकी वजह स्कैल्प में नहीं, बल्कि गट यानी पेट में होती है।

    पाचन तंत्र खाने को पचाता है, पोषक तत्वों को अवशोषित करता है और गट माइक्रोबायोम का बैलेंस बनाए रखता है। जब ये प्रक्रियाएं बिगड़ती हैं, तो इसका असर अप्रत्यक्ष रूप से बालों की ग्रोथ पर पड़ सकता है और बाल ज्यादा झड़ सकते हैं। इसके अलावा, सिर में खुजली और जलन की शिकायत भी हो सकती है।

    बालों की सेहत के लिए क्या-क्या जरूरी है?

    बालों की स्वस्थ ग्रोथ के लिए प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन डी, विटामिन बी12 और फोलेट जरूरी हैं। शरीर इन सभी पोषक तत्वों को आंतों के जरिए अवशोषित करता है। सीलिएक डिजीज, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और अवशोषण से जुड़ी दूसरी समस्याएं शरीर में पोषण की कमी पैदा कर सकती हैं। इससे बाल पतले हो सकते हैं या ज्यादा झड़ सकते हैं।

    हेयर फॉलिकल बहुत सक्रिय होते हैं और इन्हें लगातार ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है। कम प्रोटीन, आयरन की कमी और दूसरे पोषक तत्वों की कमी बालों के ग्रोथ साइकिल को बिगाड़ सकती है। कुछ लोगों में इससे टेलोजन एफ्लुवियम हो सकता है, जिसमें बाल सामान्य से ज्यादा झड़ने लगते हैं। पोषण की कमी को पहचानकर उसे ठीक करने से बालों की सेहत में दोबारा सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

    और भी...

  • ट्रेन की पटरी के दोनों तरफ क्यों बिछाए जाते हैं नुकीले पत्थर? जानें इसके पीछे की वजह

    ट्रेन की पटरी के दोनों तरफ क्यों बिछाए जाते हैं नुकीले पत्थर? जानें इसके पीछे की वजह

     

    Why stones on railway track: ट्रेन की पटरियों पर छोटे-छोटे नुकीले पत्थर नजर आते हैं। ये पटरी के दोनों तरफ होते हैं। ये कोई सजावट या बेकार के कंकड़ नहीं हैं। असल में, इनकी मौजूदगी रेल की सुरक्षा की रीढ़ है। रेलवे की भाषा में इन्हें बैलास्ट कहते हैं। अब सवाल है कि देश कोई भी हो, वहां की पटरियों पर ये क्यों नजर आते हैं और क्या है इनका काम?

    रेल की पटरी सीधे जमीन पर नहीं टिकी होती। सबसे ऊपर लोहे की रेल होती है, जिसके नीचे कंक्रीट या लकड़ी के स्लीपर लगे होते हैं। इन स्लीपरों के नीचे और आसपास गिट्टी की मोटी परत बिछाई जाती है। भारतीय रेलवे में यह परत आमतौर पर करीब 250 से 350 मिलीमीटर मोटी रखी जाती है। इसी परत के सहारे पूरी पटरी अपनी जगह पर टिकी रहती है।

    ट्रेन का भारी वजन बांटना

    एक ट्रेन का वजन हजारों टन होता है। अगर यह पूरा भार सीधे मिट्टी पर पड़े, तो जमीन धंस सकती है और पटरी टेढ़ी हो सकती है। गिट्टी इस वजन को एक जगह रोकने के बजाय चौड़े क्षेत्र में फैला देती है। इससे मिट्टी पर दबाव कम पड़ता है और पटरी लंबे समय तक सीधी बनी रहती है। जब ट्रेन तेज रफ्तार से गुजरती है, तो पटरी पर जबरदस्त कंपन और धक्का लगता है। नुकीले पत्थर आपस में कसकर फंस जाते हैं और स्लीपरों को आगे-पीछे या दाएं-बाएं खिसकने नहीं देते। गिट्टी एक तरह से पटरी को जमीन में ‘लॉक’ कर देती है।

    गोल कंकड़ नहीं, नुकीले पत्थर ही क्यों?

    अगर गोल पत्थर या नदी के कंकड़ बिछाए जाएं, तो वे आपस में फिसलते रहेंगे और ट्रेन के भार से इधर-उधर लुढ़क जाएंगे। इसीलिए रेलवे ट्रैक पर कटे हुए और कोणीय किनारों वाले पत्थर इस्तेमाल होते हैं। ये आपस में फंसकर मजबूत पकड़ बनाते हैं। आमतौर पर इसके लिए ग्रेनाइट, बेसाल्ट या क्वार्टजाइट जैसे कठोर पत्थरों को तोड़कर लगभग 50 मिलीमीटर आकार के टुकड़े तैयार किए जाते हैं।

    बारिश का पानी निकलने में आसानी

    पटरी की सबसे बड़ी दुश्मन है पानी। अगर पटरी के नीचे पानी जमा हो जाए, तो मिट्टी नरम पड़ जाती है और पटरी धंसने लगती है। गिट्टी के बीच खाली जगह होती है, जिससे बारिश का पानी तुरंत नीचे बहकर निकल जाता है। इससे पटरी सूखी और मजबूत रहती है। गिट्टी एक प्राकृतिक कुशन का काम करती है। यह ट्रेन के झटकों और कंपन को सोख लेती है, जिससे सफर थोड़ा आरामदायक होता है और आवाज भी कुछ कम होती है। साथ ही, यह पटरी के लचीलेपन को भी बनाए रखती है।

    पटरी के आसपास अगर घास और झाड़ियां उगने लगें, तो वे स्लीपरों को कमजोर कर सकती हैं और पानी की निकासी में बाधा डाल सकती हैं। पत्थरों की मोटी परत की वजह से पौधों को जड़ें जमाने की जगह नहीं मिलती।

    क्या हर जगह गिट्टी ही होती है?

    नहीं। बहुत तेज रफ्तार वाली ट्रेनों के लिए अब कई देशों में ‘बैलास्ट-लेस ट्रैक’ यानी स्लैब ट्रैक का इस्तेमाल हो रहा है, जिसमें पटरी सीधे कंक्रीट की स्लैब पर टिकी होती है। बहुत ज्यादा स्पीड पर गिट्टी के पत्थर उछलकर नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में भी इसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, लागत ज्यादा होने के कारण देश के ज्यादातर रेल नेटवर्क में गिट्टी वाला ट्रैक ही चलन में है।
     

    और भी...

  • शारदीय नवरात्रि का छठवां दिन आज, जानें मां कात्यायनी की पूजा, मंत्र और भोग की विधि

    शारदीय नवरात्रि का छठवां दिन आज, जानें मां कात्यायनी की पूजा, मंत्र और भोग की विधि

     

    Navratri Day 6 Maa Katyayani: आज शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि का छठवां दिन है। नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की उपासना को समर्पित होता है। इस दिन देवी कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इनकी पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। अगर आप भी नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी का पूजन कर उन्हें प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं उनकी पूजा विधि, भोग और मंत्र।


    मां कात्यायनी का स्वरूप और महत्व


    मां कात्यायनी का वाहन सिंह (शेर) है और उनकी चार भुजाएं हैं। इनके ऊपर वाले दाएं हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाएं हाथ में वर मुद्रा है। बाईं ओर के ऊपर वाले हाथ में तलवार और नीचे वाले हाथ में कमल का फूल है। महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर मां भगवती ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसीलिए इन्हें कात्यायनी कहा जाता है। मां कात्यायनी की पूजा गोधूलि बेला (सूर्यास्त के समय) में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सुबह के समय भी सामान्य पूजा की जा सकती है। पूजा के समय लाल रंग के कपड़े पहनने चाहिए।


    शुभ रंग: इस दिन लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


    प्रिय भोग: मां कात्यायनी को शहद और शहद से बनी चीजों का भोग अत्यंत प्रिय है।


    फूल: मां को गुड़हल और गुलाब के फूल अर्पित करें।


    मां कात्यायनी का मंत्र


    मां कात्यायनी की पूजा करने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः” मंत्र का जाप किया जाता है।


    मां कात्यायनी की पूजा कैसे करें?


    1. सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़ककर उसे शुद्ध करें।
    2. लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला आसन बिछाकर मां कात्यायनी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
    3. पूजन में 3 साबुत हल्दी की गांठें और रोली-अक्षत अर्पित करें।
    4. मां कात्यायनी की पूजा में घी का दीपक और धूप जलाएं।
    5. मां को जल, रोली, अक्षत, पीले या लाल फूल और हल्दी की गांठें अर्पित करें।
    6. चांदी या साफ कटोरी में शहद और अन्य नैवेद्य (भोग) अर्पित करें।
    7. पूजा के दौरान “ॐ कात्यायन्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
    8. मंत्र जाप करने के बाद मां कात्यायनी की आरती करें।
    9. विवाह की कामना के लिए चढ़ाई गई तीनों हल्दी की गांठों को पीले कपड़े में बांधकर सुरक्षित रखें।

    और भी...

  •  दिसंबर में कनाडा जाएंगे PM मोदी, व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा पर रहेगा फोकस

     दिसंबर में कनाडा जाएंगे PM मोदी, व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा पर रहेगा फोकस

     

    PM Modi Canada Visit: भारत और कनाडा संभावनाओं को और बढ़ाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा जाएंगे। पीएम मोदी 11 और 12 दिसंबर 2026 को कनाडा के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा की पुष्टि खुद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने की है। ओटावा में मौजूद भारतीय उच्चायोग ने भी इस आधिकारिक कार्यक्रम की जानकारी दी है।

    दोनों देशों के नेता अपने संबंधों में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा तथा लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने की दिशा में काम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत और कनाडा मिलकर एक अधिक स्थिर और समृद्ध दुनिया बनाने की दिशा में योगदान दे रहे हैं।”

    व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द पूरा करने की उम्मीद

    कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (CEPA) पर बातचीत को जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उम्मीद है कि यह समझौता 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के प्रयासों में मददगार साबित होगा।

    टीम कनाडा ट्रेड मिशन का किया स्वागत

    पीएम मोदी और कनाडा के पीएम ने कनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के नेतृत्व में भारत आए ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ का स्वागत किया। इसके अलावा, साझा हितों पर काम करने के लिए कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की नई दिल्ली यात्रा की भी सराहना की गई। बुधवार को कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर खुलकर बात हुई।

    कनाडा और भारत के पास हैं अपार संभावनाएं

    प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मुलाकात के बाद एक पोस्ट में आनंद ने कहा कि भारत और कनाडा के पास मिलकर एक समृद्ध भविष्य बनाने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, “कनाडा और भारत के पास मिलकर एक अधिक समृद्ध भविष्य को आकार देने की अपार संभावनाएं हैं। मुझे आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मौका मिला, जहां हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी और व्यापार, निवेश तथा सुरक्षा के क्षेत्र में मौजूद अवसरों पर चर्चा की।”

    और भी...

  • नवरात्र में चिकन पार्टी कर फंसे सपा नेता,  BJP ने लगाया सनातन के अपमान का आरोप

    नवरात्र में चिकन पार्टी कर फंसे सपा नेता,  BJP ने लगाया सनातन के अपमान का आरोप

     

    Navratri Chicken Party: उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सपा और बीजेपी के बीच धर्म को लेकर सियासत गरमा गई है। अखिलेश यादव नवरात्रि पर लखनऊ में माता की चौकी कार्यक्रम में पहुंचे और आरती की। उधर, बीजेपी यूपी ने सपा सांसदों का नवरात्रि में नॉनवेज खाने का वीडियो शेयर कर सपा को चुनावी हिंदू बताया। अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप भी लगाया।

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में आयोजित माता की चौकी कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सपा समर्थक मौजूद थे। उन्होंने पूजा-अर्चना की और आरती में भी हिस्सा लिया। चुनाव से पहले सपा लगातार सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर दिख रही है, जबकि बीजेपी उस पर चुनावी हिंदू होने का आरोप लगा रही है।

    अखिलेश ने कहा कि भारत की खूबसूरती इसकी अलग-अलग संस्कृतियों और धार्मिक परंपराओं में है। यहां अलग-अलग धर्मों, पंथों और संप्रदायों को मानने वाले लोग साथ रहते हैं और एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं। उनके मुताबिक, नवरात्रि, गणेश उत्सव, दशहरा, धनतेरस, छोटी दिवाली, बड़ी दिवाली और भाई दूज जैसे त्योहार देश की सांस्कृतिक एकता को दिखाते हैं।

    उन्होंने कहा कि नवरात्रि नए कामों की शुरुआत के लिए शुभ मानी जाती है। मां दुर्गा की पूजा धैर्य रखने, घमंड खत्म करने और दूसरों के प्रति नफरत मिटाने का संदेश देती है। सभी त्योहारों का मकसद आपसी भाईचारे और मेलजोल को मजबूत करना है।

    अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना भी साधा। उनका आरोप है कि बीजेपी सरकार में पूजा-पाठ की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। सिर्फ चीनी ही नहीं, दूसरी जरूरी चीजें भी महंगी की जा रही हैं। उनके मुताबिक, मुनाफे के लिए मिलावट होती है और महंगाई बढ़ाई जाती है। उन्होंने मांग की कि त्योहारों पर सरकार राहत दे और चीनी जैसी जरूरी चीजें सस्ती करे।

    बीजेपी यूपी के एक्स हैंडल से सपा सांसदों के नवरात्रि में नॉनवेज खाने का वीडियो वायरल है। पार्टी ने वीडियो के साथ लिखा, "नकली समाजवाद का दोहरा चरित्र बेनकाब। नवरात्रि में जब सनातनी व्रत रख रहे हैं, तब सपा के PDA सम्मेलन में मुर्गे की दावत उड़ रही है। एक तरफ चुनावी हिंदू बनने का नाटक, दूसरी तरफ सनातन का अपमान। यही है सपा का असली PDA, परिवारवाद, दंगा और अपमान।"

    और भी...

  • अनिल विज का एक्शन मोड, रिपोर्ट न मिलने पर भड़के; तबादले के दिए आदेश

    अनिल विज का एक्शन मोड, रिपोर्ट न मिलने पर भड़के; तबादले के दिए आदेश

     

    Anil Vij News: इंस्पेक्टर का जवाब सुनकर विज ने कहा, “एसई मेरे सामने खड़े होकर कह रहे हैं कि रिपोर्ट नहीं मिली, तो कार्रवाई की जानकारी क्यों नहीं पहुंची? मैं इंस्पेक्टरी एक दिन में निकाल दूंगा। अनिल विज है मेरा नाम।” इसके कुछ देर बाद ही अधिकारी चंडीगढ़ से अंबाला पहुंचे और अपना पक्ष रखा। कार्रवाई में ढील बरतने पर अंबाला शहर के एक्सईएन हरीश गोयल के नूंह तबादले के आदेश जारी कर दिए।

    गौरव गर्ग ने आरोप लगाया कि एलटी बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य से अलग किया जा रहा है। परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियों पर बने कियोस्क में एसी, फ्रिज और इंडक्शन जैसे उपकरण चल रहे हैं। झूलों को चलाने के लिए बिजली कनेक्शन दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए। विज ने अफसरों से सवाल किए और जवाब सुनकर बोले, “सरकार की बेइज्जती क्यों करवा रहे हो।

    आठवीं तक मान्यता, दसवीं में दाखिले की शिकायत

    जनसुनवाई में गांव बाड़ा स्थित ब्राइड पब्लिक स्कूल के खिलाफ भी शिकायत पहुंची। सुंदर नगर निवासी महिला ने आरोप लगाया कि स्कूल को आठवीं कक्षा तक मान्यता होने के बावजूद दसवीं कक्षा में बच्चों के दाखिले किए जा रहे हैं। विज ने एसडीएम को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    अंबाला शहर निवासी एक व्यक्ति ने नौ लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दी। विज ने पुलिस अधीक्षक को जांच कर आरोपितों को पकड़ने के निर्देश दिए। वहीं, छावनी के मिलाप नगर निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसके बैंक खाते से 3.40 लाख रुपये से अधिक की राशि निकल गई। पुलिस अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

    पति की मौत के मामले में दोबारा जांच के निर्देश

    बोह निवासी महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति का शव कुछ समय पहले बोह के मैदान में झाड़ियों में मिला था। महिला ने हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि पुलिस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर रही और इसे सामान्य मौत मान रही है। वार्ड नंबर 27 में विकास कार्य नहीं होने की शिकायत पर विज ने नगर परिषद अधिकारियों को फटकार लगाई।

    संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। काम नहीं होने की स्थिति में दोबारा टेंडर कराने को कहा। नप से सभी विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी। छावनी की पार्किंग में लिफ्ट लगाने के काम में देरी पर भी संबंधित एक्सईएन को फटकार लगाई

    बिजली और अन्य शिकायतों पर भी दिए निर्देश

    जनसुनवाई में साहा के औद्योगिक क्षेत्र में पावर हाउस के लिए टावर लगाने से जुड़ी शिकायत पर विज ने बिजली अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर वैकल्पिक स्थान चिह्नित करने को कहा। रामपुर, सरसेहड़ी, चंद्रपुरी और सुंदर नगर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति, लोड बढ़ाने, ट्रांसफार्मर सही स्थान पर लगाने और अन्य बिजली संबंधी शिकायतों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    आर्य नगर में बिना अनुमति निर्माण रोकने की शिकायत पर नप अधिकारियों को पुलिस के साथ कार्रवाई करने को कहा गया। पटेल नगर में चोरी के मामले में भी पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान पीएम सूर्य घर योजना से जुड़े बिजली विभाग के वेंडरों ने विज से मुलाकात कर योजना के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए उनका आभार जताया। जनसुनवाई में एसडीएम कनिका गोयल, नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद सहित भाजपा पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

    और भी...

  • 16 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

    16 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

     

    16 October History:1905 - लार्ड कर्जन द्वारा बंगाल का प्रथम विभाजन।


    1939 - द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने ब्रिटिश क्षेत्र पर पहला हमला किया।

    1951 - पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की रावलपिंडी में गोली मारकर हत्या की गई।


    1959 - राष्ट्रीय महिला शिक्षा परिषद की स्थापना।


    1964 - चीन ने अपना पहला परमाणु विस्फोट किया।


    1968 - हरगोविंद खुराना को चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    1984 - दक्षिण अफ्रीका के सामाजिक कार्यकर्ता डेसमंड टुटु को शांति के लिये नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।

    1996 - ग्वाटेमाला की राजधानी ग्वाटेमाला सिटी में फुटबाॅल मैच के दौरान स्टेडियम में क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने के कारण मची भगदड़ में 84 लोगों की मौत,180 से अधिक घायल।

    1999 - सं.रा. अमेरिका ने सैन्य शासन के विरोध में पाकिस्तान पर प्रतिबन्ध लगाया।

    2002 - 14वें एशियाई खेलों में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक विजेता डोपिंट टेस्ट में असफल रहने के बाद भारत की सुनीता रानी का पदक छीना गया।

    2003 - मलयाली फ़िल्मकार अडूर गोपाकृष्णन को फ़्रांस का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'कमांडर आफ़ द आर्डर आफ़ आर्ट्स एंड लैटर्स' दिया गया।

    2004 - दारफुर में मरने वालों का आंकड़ा 70,000 तक पहुँचा। अमेरिका ने इराकी अबू मुसार जल जरकावी के संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित किया।

    2005 - जी-20 देश वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ़ में सुधार हेतु एकमत।

    2011 - भारतीय मूल के धावक 100 वर्षीय फ़ौजा सिंह ने सबसे अधिक उम्र में टोरंटो वाटरफ्रंट मैराथन पूरा करके नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। उम्र का ‘शतक’ बना चुके फ़ौजा सिंह ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच आठ घंटे से अधिक समय में फिनिश लाइन पार की।

    2012 - सौर मंडल के बाहर एक नये ग्रह ‘अल्फा सेंचुरी बीबी’ का पता चला।

    2013 - दक्षिण पूर्वी एशियाई देश लाओस के पाक्से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने से कुछ देर पहले लाओ एयरलाइंस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 49 लोगों की मौत।

    16 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति

    1896 - सेठ गोविन्द दास - सेनानी, सांसद तथा हिन्दी के साहित्यकार थे।

    1944 - लच्छू महाराज - भारत के जानेमाने तबला वादक।

    1948 - हेमा मालिनी- प्रसिद्ध अभिनेत्री और भरतनाट्यम् की नृत्यांगना।

    1948 - नवीन पटनायक- ओडिशा के 14वें मुख्यमंत्री

    1905 - विनय मोहन शर्मा (पं. शुकदेव प्रसाद तिवारी)- प्रसिद्ध लेखक एवं आलोचक

    1995 - वेद कृष्णमूर्ति - भारतीय महिला क्रिकेटर

    16 अक्टूबर को हुए निधन

    1938 - प्रभाशंकर पाटनी - गुजरात के प्रमुख सार्वजनिक कार्यकर्त्ता थे।

    1951 - लियाक़त अली ख़ाँ - पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री

    1994 - गणेश घोष - भारतीय स्वतंत्रता सेनानी।

    और भी...

  • शारदीय नवरात्रि का पांचवा दिन आज, जानें मां स्कंदमाता की पूजा, मंत्र और भोग की विधि

    शारदीय नवरात्रि का पांचवा दिन आज, जानें मां स्कंदमाता की पूजा, मंत्र और भोग की विधि

     

    Navratri Fifth Day 2026: नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की आराधना का संबंध सुख-समृद्धि और संतान सुख की कामना से भी जुड़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां स्कंदमाता का नाम कैसे पड़ा और उनकी गोद में बालक कार्तिकेय क्यों विराजमान रहते हैं? इस दिन पूजा के दौरान किन रंगों के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है और मां को कौन सा भोग अर्पित करना चाहिए? आइए जानते हैं।

    कैसे पड़ा मां स्कंदमाता नाम?

    पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान स्कंद की माता होने के कारण माता पार्वती को स्कंदमाता कहा जाता है। भगवान स्कंद को भगवान कार्तिकेय के नाम से भी जाना जाता है। उन्हें देवताओं की सेना का सेनापति माना जाता है। भगवान कार्तिकेय भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र तथा भगवान गणेश के भाई हैं। मां स्कंदमाता का स्वरूप मां की ममता और शक्ति को दर्शाता है। उनकी गोद में बालक कार्तिकेय विराजमान रहते हैं। यही कारण है कि देवी के इस स्वरूप को मातृत्व और संतान के प्रति प्रेम से जोड़कर देखा जाता है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां की पूजा करते समय भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।

    कैसा है मां स्कंदमाता का स्वरूप?

    मां स्कंदमाता को चार भुजाओं वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है। उनकी ऊपरी दोनों भुजाओं में कमल के फूल होते हैं। एक हाथ में वह बालक स्कंद यानी भगवान कार्तिकेय को धारण करती हैं, जबकि दूसरा हाथ अभय मुद्रा में रहता है। अभय मुद्रा को भय से मुक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। देवी को सिंह पर सवार दिखाया जाता है। कुछ चित्रों में वह कमल के आसन पर विराजमान दिखाई देती हैं। कमल पर विराजमान होने के कारण उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। उनका यह स्वरूप शक्ति, साहस, ममता और करुणा का संदेश देता है।

    संतान सुख से क्यों जुड़ी है मां स्कंदमाता की पूजा?

    मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है। इसी वजह से धार्मिक मान्यताओं में उनके स्वरूप को मातृत्व और संतान से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि संतान सुख की कामना करने वाले भक्त नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करके उनका आशीर्वाद मांगते हैं।

    मां स्कंदमाता को पीला और सफेद रंग क्यों प्रिय है?

    पीला रंग: पीले रंग को प्रसन्नता, सकारात्मकता, ऊर्जा और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। मां स्कंदमाता की पूजा के दौरान पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग उत्साह और नई ऊर्जा का भी प्रतीक है।

    सफेद रंग: सफेद रंग शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक है। मां स्कंदमाता को कमल पर विराजमान होने के कारण पद्मासना कहा जाता है। कमल और सफेद रंग को पवित्रता से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए पूजा के दौरान सफेद वस्त्र पहनना भी शुभ माना जाता है।

    मां स्कंदमाता की पूजा विधि

    नवरात्रि के पांचवें दिन स्नान करने के बाद मां स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। देवी के सामने दीपक जलाएं और उन्हें फूल, अक्षत, फल तथा अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित करें। इसके बाद मां के मंत्र का जाप करें और धूप-दीप से आरती करें। पूजा करते समय मन को शांत रखें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। संतान सुख की कामना करने वाले भक्त भी अपनी श्रद्धा के अनुसार मां के सामने प्रार्थना कर सकते हैं। पूजा के अंत में मां से सुख, शांति और परिवार के कल्याण का आशीर्वाद मांगें।

    मां स्कंदमाता का मंत्र

    नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा में इस मंत्र का जाप किया जाता है।

    ॐ देवी स्कन्दमात्रे नमः॥

    मां स्कंदमाता को किस चीज का भोग लगाएं?

    मां स्कंदमाता की पूजा में केला, अन्य मौसमी फल और सात्विक मिठाई अर्पित की जा सकती है। कई भक्त देवी को केले का भोग लगाना शुभ मानते हैं। इसके अलावा, घर में शुद्धता के साथ तैयार की गई खीर या अन्य मिठाई भी चढ़ाई जा सकती है।

    Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। जनता टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
     

    और भी...

  • सुबह उठते ही आंखें क्यों लगती हैं भारी? इन वजहों से हो सकती है परेशानी

    सुबह उठते ही आंखें क्यों लगती हैं भारी? इन वजहों से हो सकती है परेशानी

     

    Morning Eye Heaviness: सुबह सोकर उठने के बाद यदि आपकी आंखों में लगातार भारीपन, थकान या हल्की सूजन महसूस होती है, तो इसे केवल सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। डिजिटल युग में खराब लाइफस्टाइल से लेकर स्वास्थ्य से जुड़ी कई आंतरिक समस्याएं इसका मुख्य कारण हो सकती हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सुबह के समय आंखों में भारीपन महसूस होना किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जिसकी सही वजह जानना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि सुबह उठते ही आंखों में भारीपन रहने के पीछे क्या मुख्य वजहें हो सकती हैं।

    देर रात तक स्क्रीन देखना

    आजकल लोगों में देर रात तक स्मार्टफोन, लैपटॉप या टीवी देखने की आदत बहुत आम हो गई है। गैजेट्स से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों की फोकस करने वाली मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव डालती है। जब आप स्क्रीन देखने के तुरंत बाद सोते हैं, तो आंखों को पूरी तरह आराम नहीं मिल पाता। इसके अलावा, 7 से 9 घंटे की गहरी नींद न लेने के कारण पलकें भारी हो जाती हैं और सुबह उठने पर आंखों में जलन और खिंचाव महसूस होता है।

    आंखों का सूखापन

    जब हमारी आंखें पर्याप्त मात्रा में आंसुओं का निर्माण नहीं कर पातीं या आंसू बहुत तेजी से सूख जाते हैं, तो उसे ड्राई आई डिजीज कहा जाता है। रात में सोते समय यदि पलकें पूरी तरह बंद न हों या कमरे की हवा ठंडी हो, तो आंखों का सूखापन बढ़ जाता है। इसके कारण सुबह सोकर उठते ही आंखों में किरकिरापन, हल्की चुभन और भारीपन का अहसास होता है। लगातार स्क्रीन देखने वाले लोगों में ड्राई आई की समस्या सबसे ज्यादा पाई जाती है।

    ब्लेफेराइटिस और आंखों की एलर्जी

    सुबह उठने पर यदि आंखों में भारीपन के साथ-साथ पलकों के किनारों पर पपड़ी जमी हुई दिखाई दे, तो यह ब्लेफेराइटिस का लक्षण हो सकता है। यह पलकों की तेल ग्रंथियों में रुकावट या बैक्टीरिया के कारण होने वाली सूजन है। इसके अलावा, बिस्तर या तकिए में मौजूद धूल-मिट्टी और पालतू जानवरों की रूसी से होने वाली एलर्जी भी रात भर आंखों के आसपास तरल पदार्थ जमा होने का कारण बन सकती है, जिससे सुबह आंखें सूजी और भारी लगती हैं।

    किडनी या थायराइड से जुड़ी बीमारियां

    यदि लाइफस्टाइल में सुधार करने और पूरी नींद लेने के बावजूद सुबह की यह समस्या ठीक नहीं हो रही है, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह के शुरुआती घंटों में लगातार आंखों के नीचे सूजन और भारीपन रहना किडनी की बीमारी या थायराइड के असंतुलन से जुड़ा हो सकता है। किडनी सही तरीके से काम न करने पर शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिसका असर आंखों के आसपास भी दिखाई दे सकता है।

    बचाव के लिए क्या करें?

    इस समस्या से राहत पाने के लिए सुबह उठकर आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें या ठंडी पट्टी रखें। रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दें। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और नमक का सेवन सीमित रखें। यदि आंखों में भारीपन के साथ धुंधलापन या तेज दर्द बना रहता है, तो खुद से कोई आई ड्रॉप डालने के बजाय तुरंत किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर अपनी जांच करवाएं।

    और भी...

  • हिमाचल में बर्फबारी, लाहौल-स्पीति में हिमपात ने रोकी वाहनों की रफ्तार; 10 जिलों में बारिश का अलर्ट

    हिमाचल में बर्फबारी, लाहौल-स्पीति में हिमपात ने रोकी वाहनों की रफ्तार; 10 जिलों में बारिश का अलर्ट

     

    Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर के मध्य में मौसम ने फिर करवट ली है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बर्फबारी हो रही है, जबकि लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर रही है। लाहौल में अब तक करीब एक इंच बर्फबारी दर्ज की गई है। केलांग में 3 सेंटीमीटर और गोंडला में 5 सेंटीमीटर बर्फ दर्ज हुई है। बर्फबारी और बारिश के कारण लाहौल-स्पीति में तीन प्रमुख सड़क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। इस बीच मौसम विभाग ने लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के बाकी 10 जिलों में आज आंधी, बिजली और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

    बर्फबारी से तीन प्रमुख सड़क मार्ग बंद

    लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के बाद सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार दारचा से सरचू, दारचा से शिंकुला और ग्राम्फू से बातल तक सड़क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है। इन मार्गों पर सफर करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखने की जरूरत है।

    अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से दारचा तक सड़क खुली हुई है। वहीं, रोहतांग दर्रे से अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल तक सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक ही यातायात की अनुमति है। स्पीति में सुमदो से काजा होते हुए बातल तक सड़क खुली है। उदयपुर में तांदी से कढू नाला तक भी यातायात जारी है। प्रशासन के अनुसार लाहौल में बारिश और बर्फबारी हो रही है, जबकि उदयपुर में बारिश और स्पीति में बादल छाए हुए हैं। प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों से सफर शुरू करने से पहले सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने और सावधानी बरतने की अपील की है।

    शिमला के खदराला में 81.1 मिलीमीटर बारिश, कई इलाकों में गरज-चमक

    प्रदेश के मैदानी और मध्यवर्ती इलाकों में भी मौसम का असर दिख रहा है। मौसम विभाग ने गुरुवार को लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर शेष 10 जिलों में आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। कुल्लू, सिरमौर, चंबा और कांगड़ा में बारिश हो रही है, जबकि शिमला में सुबह से तेज हवाएं चल रही हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में बादल छाए हुए हैं।

    बीते 24 घंटों में शिमला जिला के खदराला में सबसे अधिक 81.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में 28 मिलीमीटर, पालमपुर में 19 मिलीमीटर और कुकुमसेरी में 15.9 मिलीमीटर बारिश हुई। सुंदरनगर में कोहरा छाया रहा। जोत, एएमएस कांगड़ा और पालमपुर में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। खदराला में ओलावृष्टि भी हुई।

    लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में तापमान माइनस 0.4 डिग्री

    बर्फबारी और बारिश के बीच प्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ताबो में 1.2 डिग्री और केलांग में 2.7 डिग्री तापमान रहा। किन्नौर के कल्पा में तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    मनाली में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री, कुफरी में 8.9 डिग्री, सेओबाग में 9.8 डिग्री और भरमौर में 10 डिग्री सेल्सियस रहा। पालमपुर में 11 डिग्री, भुंतर और बजौरा में 11.3 डिग्री, शिमला में 12 डिग्री तथा सोलन में 13.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    देहरा गोपीपुर में तापमान 14 डिग्री, जुब्बड़हट्टी में 14.9 डिग्री, चंबा में 15 डिग्री, सुंदरनगर में 15.2 डिग्री, नाहन में 15.3 डिग्री और कांगड़ा में 15.4 डिग्री रहा। मंडी में 16.3 डिग्री, सराहन में 17.2 डिग्री, बरठीं में 17.4 डिग्री, ऊना में 18 डिग्री, नेरी में 18.4 डिग्री और बिलासपुर में 18.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। पांवटा साहिब में तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा।

    16 और 17 अक्टूबर को भी बारिश की संभावना

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 16 और 17 अक्टूबर को भी कुछ जगहों पर हल्की या छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके बाद 18 से 21 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उत्तरी पाकिस्तान के आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ठंड का असर बना रह सकता है। अक्टूबर में हुई इस ताजा बर्फबारी से ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दी का असर बढ़ गया है। सड़क मार्गों पर आवाजाही करने वाले लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    और भी...

  • अंकिता भंडारी केस: दिल्ली में माता-पिता का धरना, दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने का विरोध

    अंकिता भंडारी केस: दिल्ली में माता-पिता का धरना, दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने का विरोध

     

    Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे उनके माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार सुबह इंडिया गेट से करीब 3:45 बजे हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य कार्यकर्ताओं को भी यहीं से हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने CRPF के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। सभी प्रदर्शनकारियों को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में रखा गया है।

    अंकिता उत्तराखंड के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट थी। साल 2022 में एक VIP को विशेष सेवाएं देने से इनकार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। संबंधित VIP की पहचान सार्वजनिक नहीं है।

    अंकिता का परिवार इस मामले में लगातार दुष्यंत कुमार गौतम की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है। दुष्यंत गौतम को हाल ही में सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। अंकिता का परिवार इसी के विरोध में इंडिया गेट पर धरने पर बैठा है। बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका भी अंकिता के परिवार के समर्थन में धरने पर पहुंचे थे।

    पिता बोले- दुष्यंत की नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो फिर धरना देंगे

    दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर अंकिता भंडारी के पिता ने कहा, "अगर मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिला, तो पूरे देश में प्रदर्शन होंगे। हमारी सबसे पहली मांग है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए। और अगर नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो हमें एक बार फिर पूरे देश में सड़कों पर उतरना होगा, और मेरी बेटी को इंसाफ मिलना ही चाहिए।"

    वहीं, हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता की मां ने कहा- जब तक दुष्यंत गौतम नियुक्ति रद्द नहीं होती है तब तक हम ऐसे ही बैठे रहेंगे। अगर हमें यहां बैठने नहीं देंगे तो हम अपने घर में भूख हड़ताल करेंगे।

    अंकिता की हत्या 18 सितंबर 2022 को हुई थी और उसका शव 24 सितंबर, 2022 को चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ़्तार किया गया।

    हत्या, सबूत मिटाने और अन्य आरोपों के लिए कोटद्वार में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज रीना नेगी ने 30 मई 2025 को उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई।

    एक दिन पहले राहुल-प्रियंका गांधी भी पहुंचे थे

    राहुल गांधी 14 अक्टूबर शाम को इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले। प्रियंका भी उनके साथ रहीं। दोनों करीब एक घंटा वहां रुके। इस दौरान राहुल गांधी ने अंकिता के पिता के कंधे पर हाथ रखा और बातचीत की। प्रियंका ने अंकिता की मां को पहले गले लगाया, फिर पानी पिलाया।

    और भी...

  • धर्म परिवर्तन करने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, SC का बड़ा फैसला

    धर्म परिवर्तन करने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, SC का बड़ा फैसला

     

    Religious Conversion: सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण और जाति आधारित आरक्षण से जुड़े मामले में मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इस मामले में हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के उस सरकारी आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने वाले कुछ लोगों को पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) की श्रेणी में शामिल कर आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान किया गया था। मामला इस सवाल से जुड़ा था कि क्या धर्म परिवर्तन करने के बाद कोई व्यक्ति अपने पुराने सामाजिक वर्ग के आधार पर या पिछड़ा वर्ग मुस्लिम के रूप में आरक्षण का लाभ ले सकता है।

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के एक व्यक्ति की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का जन्म हिंदू परिवार में हुआ था। उसने वर्ष 2016 में इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार एक महिला से निकाह किया और इस्लाम धर्म अपना लिया। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर समीर अहमद रख लिया। याचिकाकर्ता के मुताबिक, कायाथार स्थित सुन्नत जमात ने वर्ष 2015 में एक प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसमें उसके इस्लाम स्वीकार करने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उसने खुद को मुस्लिम लेब्बई समुदाय का बताते हुए सामुदायिक प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। हालांकि, कायाथार के तहसीलदार ने उसका आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद उसने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    मद्रास हाई कोर्ट ने क्यों रद्द किया तमिलनाडु सरकार का आदेश?

    मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने कहा था कि हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने मात्र से किसी व्यक्ति को स्वतः ‘पिछड़ा वर्ग मुस्लिम’ (Backward Class Muslim) का दर्जा नहीं दिया जा सकता। अदालत ने तमिलनाडु सरकार के वर्ष 2024 के उस सरकारी आदेश को असंवैधानिक घोषित कर दिया था, जिसमें कुछ पिछड़े वर्गों से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को पिछड़ा वर्ग मुस्लिम की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान था।

    2024 के सरकारी आदेश में क्या था प्रावधान?

    तमिलनाडु सरकार के वर्ष 2024 के आदेश के अनुसार, पिछड़ा वर्ग (BC), अति पिछड़ा वर्ग (MBC), विमुक्त समुदाय (DNC) या अनुसूचित जाति (SC) से आने वाला कोई व्यक्ति यदि इस्लाम अपनाता है, तो उसे आरक्षण के उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) माना जा सकता है। इस आदेश के तहत ऐसे लोगों को मुस्लिम समुदाय की अधिसूचित सात श्रेणियों में से किसी एक का सामुदायिक प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान था।

    राज्य सरकार ने अदालत में कहा था कि किसी अगड़ी जाति का व्यक्ति इस्लाम अपनाने के बाद पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) का दर्जा पाने का हकदार नहीं होगा। सरकार का यह भी कहना था कि जो लोग अपने मूल धर्म में पहले से आरक्षण का लाभ ले रहे थे, धर्म परिवर्तन के बाद भी उनका लाभ समाप्त नहीं होना चाहिए।

    और भी...