Daily Walking Distance: चलना सबसे आसान और असरदार एक्सरसाइज में से एक माना जाता है। यह न सिर्फ हार्ट को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि वजन कंट्रोल करने, मूड बेहतर बनाने और शरीर को सक्रिय रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर एक दिन में कितनी वॉक करना सही है और क्या जरूरत से ज्यादा चलना नुकसान भी पहुंचा सकता है? हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट GoodRx के एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर व्यक्ति के लिए चलने की आदर्श दूरी अलग-अलग हो सकती है। यह उसकी फिटनेस, उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और चलने की गति पर निर्भर करता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से व्यायाम करता है, वह नए व्यक्ति की तुलना में अधिक दूरी आराम से तय कर सकता है। कितना चलना माना जाता है सही? एक्सपर्ट्स सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं। इसका मतलब है कि आप हफ्ते में छह दिन करीब 25 मिनट तेज चाल से चल सकते हैं। आमतौर पर यह दूरी 2 से 3 किलोमीटर के आसपास हो सकती है, हालांकि यह व्यक्ति की गति पर निर्भर करती है। 10,000 कदम प्रतिदिन चलने का लक्ष्य काफी लोकप्रिय है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कोई जादुई संख्या नहीं है। एक रिसर्च में पाया गया कि रोजाना लगभग 7,000 कदम चलने वाले लोगों में समय से पहले मृत्यु का जोखिम कम देखा गया। हालांकि, 7,000 और 10,000 से अधिक कदम चलने वालों के बीच स्वास्थ्य लाभ में बहुत बड़ा अंतर नहीं पाया गया। अब 4,000 स्टेप्स को लेकर भी कई दावे किए जा रहे हैं, जिन पर शोध जारी है। कब बढ़ सकता है खतरा? ज्यादा चलना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता। यदि शरीर को पर्याप्त आराम न मिले और लगातार जरूरत से ज्यादा वॉक की जाए, तो ओवरट्रेनिंग जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर वॉक के बाद लंबे समय तक मांसपेशियों में दर्द बना रहे, शरीर भारी महसूस हो, लगातार थकान रहे या पहले की तुलना में आपकी परफॉर्मेंस कम हो जाए, तो यह संकेत हो सकता है कि आप जरूरत से ज्यादा चल रहे हैं। इसके अलावा, बार-बार मोच आना, चोट लगना, चलने की इच्छा कम होना, चिड़चिड़ापन बढ़ना, भूख कम लगना और बार-बार सर्दी-जुकाम होना भी ओवरएक्सर्शन के संकेत माने जाते हैं। अपने शरीर की सुनें एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी तय संख्या के पीछे भागने से ज्यादा जरूरी है कि आप अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहें। अगर आप वॉकिंग की शुरुआत कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे दूरी और समय बढ़ाएं। वहीं, फिट लोग अपनी क्षमता के अनुसार गति, दूरी या वॉक की फ्रीक्वेंसी बढ़ा सकते हैं। शरीर के संकेतों को समझना और पर्याप्त आराम करना भी उतना ही जरूरी है, जितना नियमित रूप से चलना। और भी...
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Hair Wash Tips: बालों को साफ करने के लिए लोग शैम्पू का इस्तेमाल करते हैं। कई लोग हफ्ते में दो बार हेयर वॉश करते हैं तो कई लोग रोजाना बालों को धोते हैं। लेकिन बालों को शैम्पू से धोने का सबसे सही तरीका क्या है? बालों की जड़ों में जमी गंदगी को साफ करने के लिए रोज शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए या हफ्ते में दो तीन बार। इस बारे में जानकारी दे रही हैं हेयर एक्सपर्ट डॉ.अरिका बंसल, उन्होंने बाल धोने का सही तरीका बताया है। चलिए जानते हैं हफ्ते में कितने दिन बाल धोने चाहिए? बढ़ गयी है हेयर फॉल की समस्या डॉ. अरिका बंसल कहती हैं कि आजकल लोगों में बालों से जुड़ी समस्याएं बहुत ज़्यादा देखने को मिल रही हैं। खासतौर पर, हेयर फॉल की समस्या। इसके पीछे कई कारक ज़िम्मेदार होते हैं। जैसे- भारत जैसे देश में लोग घर से बाहर निकलते हैं तो उस वजह से बालों की जड़ों में धूल, मिट्टी और पसीना जमता ही है। ऐसे में ज़रूरी हैं उन्हें वॉश करना। लेकिन ज़्यादातर लोग जल्दी हेयर वॉश नहीं करते हैं जो हेयर फॉल की एक वजह बनता है। कितने दिन धोएं बाल? बकौल अरिका बंसल, भारत में धूल मिट्टी बहुत ज़्यादा है इसलिए लोगों को हफ्ते में दो दिन नहीं बल्कि चार से पांच बार बाल धोना ही चहिए। क्योंकि जब आपका स्कैल्प साफ होगा तभी बाल जड़ से मजबूत होंगे। अगर आप ऐसी में बहुत ज़्यादा रहते हैं, बाहर कम निकलते हैं, आपका एक्सपोज़र कम है तब आप फ्रेक्वेंसी कम कर सकते हैं। बालों की जड़ों में जमी गंदगी स्कैल्प को कमजोर करती है। वहीं वह टीनेजर्स को रोज बाल धोने की सलाह देती हैं। इन बातों का भी रखें ध्यान हार्ड केमिकल वाले शैम्पू बालों को कमजोर कर देते हैं इसलिए बालों को हमेशा सल्फेट फ्री शैम्पू से ही धोएं। सल्फेट फ्री शैम्पू बालों को डैमेज होने से बचाते हैं और साथ ही कंडीशनर हमेशा बालों पर लगाना चाहिए स्कैल्प पर नहीं। रातभर बालों में ऑयल लगाकर न रखें। बालों को धोने से एक या आधे घंटे पहले ऑयल से मसाज करें, उसके बाद हेयर को वॉश करें। और भी...
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Jagannath Rath Yatra 2026: ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर को धरती का वैकुंठ माना गया है। यहां हर साल आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा एक ऐसा विश्व प्रसिद्ध महामहोत्सव है, जिसका इंतजार देश-दुनिया के करोड़ों भक्तों को रहता है। पंचांग के अनुसार, यह भव्य यात्रा हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को शुरू होती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार से शुरू होने जा रही है, जिसका समापन 24 जुलाई 2026 को होगा। इस उत्सव में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विशाल और भव्य रथों पर सवार होकर अपनी मौसी के घर यानी गुंडीचा मंदिर जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरी के इस रहस्यमयी मंदिर में चार मुख्य प्रवेश द्वार हैं, और जब भगवान रथयात्रा के लिए बाहर निकलते हैं तो वे किस द्वार से बाहर आते हैं? आइए जानते हैं। रथयात्रा में किस द्वार से बाहर आते हैं भगवान? पुरी के जगन्नाथ मंदिर में चार प्रमुख प्रवेश द्वार हैं, जिन्हें सिंह द्वार, अश्व द्वार, व्याघ्र द्वार और हस्ति द्वार के नाम से जाना जाता है। इनमें से सिंह द्वार मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है और यह पूर्व दिशा की ओर स्थित है। रथयात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा मंदिर से बाहर निकलकर अपने रथों तक पहुंचते हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, यह भव्य पाहंडी यात्रा सिंह द्वार से ही संपन्न होती है। यानी भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन रथयात्रा के दौरान मुख्य रूप से सिंह द्वार से बाहर आते हैं और यहीं से उनकी यात्रा गुंडीचा मंदिर की ओर शुरू होती है। क्या है सिंह द्वार का महत्व? सिंह द्वार को श्रीमंदिर का सबसे प्रमुख और पवित्र द्वार माना जाता है। इस द्वार के सामने प्रसिद्ध अरुण स्तंभ स्थित है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। सिंह द्वार पर सिंह की आकृतियां बनी हुई हैं, जो शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि मंदिर में प्रवेश करने वाले अधिकांश श्रद्धालु इसी द्वार से दर्शन के लिए प्रवेश करते हैं। रथयात्रा के दौरान भी यही द्वार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्रीमंदिर के चारों द्वार और उनका महत्व पुरी के श्रीमंदिर में चार दिशाओं में चार भव्य द्वार बनाए गए हैं, जिनका अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। सिंह द्वार यह मंदिर का मुख्य द्वार है। इसे धर्म और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। रथयात्रा के दौरान भगवान इसी द्वार से बाहर आते हैं। अश्व द्वार अश्व द्वार पर घोड़ों की आकृतियां बनी हैं। यह वीरता, गति और कर्म का प्रतीक माना जाता है। इस द्वार का भी धार्मिक महत्व है, लेकिन रथयात्रा की मुख्य प्रक्रिया इससे नहीं होती। व्याघ्र द्वार व्याघ्र द्वार को पराक्रम और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस द्वार का संबंध साहस और आत्मबल से जोड़ा जाता है। हस्ति द्वार हाथियों की आकृतियों से सजा यह द्वार समृद्धि, स्थिरता और वैभव का प्रतीक माना जाता है। क्यों खास है भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा? रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम है। इस दिन भगवान जगन्नाथ स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं और उन्हें दर्शन देते हैं। यही कारण है कि इस उत्सव को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। मान्यता है कि रथयात्रा के दौरान भगवान के रथ का दर्शन करने और उसकी रस्सी खींचने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि इस महापर्व का इंतजार पूरे वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। जनता टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है। और भी...
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Viral News In UP: आजकल दहेज प्रताड़ना और उसके बाद हत्या के मामले काफी सामने आते हैं। मगर, हर बार लड़का गलत नहीं होता, यह एक मामले में सिद्ध हुआ। फिर भी पीड़ित पक्ष आज एक साल बाद भी न्याय का इंतजार कर रहा है। दरअसल, करीब 17 साल पहले एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। उस समय पुलिस महिला के शव से करीब 1 करोड़ रुपये के सोने के गहने उतारकर अपने कब्जे में ले गई थी। अब जब अदालत ने जब्त गहनों को ससुराल पक्ष को सौंपने का आदेश दिया, तो पुलिस ने एक चौंकाने वाला दावा कर दिया। पुलिस ने कहा कि कुछ गहने बारिश में खराब हो गए और बाकी बंदर उठा ले गए। यह सुनकर अदालत भी हैरान रह गई। साल 2007 में शहर के मोहल्ला कपूरथला निवासी मुदित अग्रवाल की पत्नी रानी अग्रवाल उर्फ जूली ने दीपावली की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से नाक की सोने की कील, गले की चेन व लॉकेट, सोने की अंगूठी और 10 सोने की चूड़ियां उतारकर पुलिस को सौंप दी गई थीं। उस समय बताया गया था कि इन गहनों को सदर कोतवाली के मालखाने में जमा करा दिया गया है। महिला की मौत के बाद हंगामा हुआ और मायके वालों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। मुदित अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों को जेल भेज दिया गया। हालांकि, 28 फरवरी 2024 को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। मुकदमे के निस्तारण के बाद मुदित अग्रवाल ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गहनों को अपने पक्ष में रिलीज करने की मांग की। इस पर पुलिस की ओर से दाखिल रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया। पुलिस ने अदालत को बताया कि 7 सितंबर 2013 तक मालखाने में रखी सोने के गहनों से भरी पोटलियां भीग गई थीं। उन्हें सुखाने के लिए छत पर रखा गया था, लेकिन बारिश होने से ज्यादातर गहने खराब हो गए। पुलिस का दावा था कि जो गहने बचे थे, उन्हें बंदर उठा ले गए। तत्कालीन सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ल ने इस स्पष्टीकरण को सुनकर हैरानी जताई और इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही माना। कोर्ट ने टिप्पणी की कि सोने के गहने बारिश में नष्ट नहीं हो सकते। साथ ही, मालखाने जैसी संवेदनशील जगह के कीमती सामान को खुले में और बिना निगरानी के रखने का दावा भी स्वीकार्य नहीं है। अपने आदेश में अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने सीलबंद पोटली में रखे बहुमूल्य गहनों का अपने हित में उपयोग किया और बाद में अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टियां कर दीं। अदालत ने मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ के अनुसार, महिला के शरीर से मिले गहनों को अदालत में पेश नहीं किया गया था। इसके कारण करीब सात वर्षों तक गवाही की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। तत्कालीन जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ल ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने गहनों के अभाव में भी गवाही शुरू कराने के साथ-साथ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित को क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद आज तक पीड़ित पक्ष को पूरी राहत नहीं मिल सकी है। और भी...
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Himachal Accident Today: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में वीरवार को चंबा-मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के समीप एक बोलेरो अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। मुंडन संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे घर प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोलेरो (एचपी-01सी-2581) में ग्राम महल पंचायत के सपरोठ गांव के छह लोग, जिनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे और वाहन का चालक सवार था। ये सभी लोग काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान छतरूंड के पास अनियंत्रित होकर वाहन सड़क से लुढ़क गया और खाई में समा गया। खाई की गहराई लगभग 500 मीटर बताई जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। गहरी खाई से सभी सात शवों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि हो सके। जांच शुरू, कारणों की पड़ताल जारी प्रशासन ने इस भीषण हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कों की स्थिति, वाहन की गति, या किसी अन्य यांत्रिक खराबी जैसे संभावित कारणों की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने सपरोठ पंचायत में मातम का माहौल बना दिया है। पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा की चिंता चंबा जैसे पहाड़ी जिलों में इस तरह के सड़क हादसे कोई नई बात नहीं हैं। संकरे और घुमावदार रास्ते, तीव्र ढलानें और कई बार खराब सड़क की स्थिति, इन सभी कारणों से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा के उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और सड़कों की स्थिति को सुधारा जाए। मृतकों की पहचान - चुनी लाल (65) पुत्र परस राम, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
- देवी लाल (62) पुत्र परस राम, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
- मोती राम (50) पुत्र राम, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।बबली देवी (45) पत्नी मोती राम, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
- कुंता देवी (53) पत्नी कर्म सिंह, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
- अनीता कुमारी (20) पुत्री धर्म सिंह, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
- मनोहर लाल (34) पुत्र धरो, चालक, गांव टोपड़ा, डाकघर झुलाड़ा, तहसील एवं जिला चंबा।
मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा जिले की मसरूंड-हमल सड़क पर छतरुंड के निकट गत रात्रि हुई सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। और भी...
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Uttarakhand land purchase: उत्तराखंड सरकार ने उद्योग स्थापना के लिए भूमि खरीदने वाले निवेशकों को बड़ी राहत देते हुए गैर कृषि (धारा-143) की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत भूमि खरीद की अनुमति मिलने के बाद आवेदकों को अलग से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और एक सप्ताह के भीतर गैर कृषि की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए भूमि खरीदने की अनुमति पहले जिला स्तर पर दी जाती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया शासन स्तर पर ऑनलाइन संचालित की जा रही है। निवेशक ई-भू अनुमति पोर्टल के माध्यम से आवेदन करते हैं, जिसके परीक्षण के बाद शासन भूमि क्रय (धारा-154) की अनुमति जारी करता है। अब नई व्यवस्था के तहत जैसे ही भूमि क्रय की अनुमति मिलेगी, उसी समय पोर्टल पर धारा-143 के तहत भूमि को गैर कृषि घोषित कराने का विकल्प स्वतः उपलब्ध हो जाएगा। इसके साथ ही संबंधित जिले के राजस्व विभाग को ऑनलाइन सूचना पहुंच जाएगी और अधिकारी को सात दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करनी होगी। राजस्व परिषद सचिव रंजना राजगुरु के अनुसार, सरलीकरण की दिशा में धारा-143 की प्रक्रिया को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ दिया गया है। यदि निर्धारित सात दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी कोई निर्णय नहीं लेते हैं तो यह प्रक्रिया स्वतः पूर्ण मानी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया में तेजी आएगी, निवेशकों का समय बचेगा और अनावश्यक प्रशासनिक विलंब समाप्त होगा। साथ ही राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को मजबूत करने में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा। और भी...
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College Wali Chhori: हरियाणा में हाल ही में रिलीज हुए एक लोकगीत को लेकर रोडवेज कर्मचारियों और कलाकारों के बीच तकरार बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। बीते 24 मई को नवीन नारू के यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए गाने "कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के" के खिलाफ हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। हिसार, भिवानी समेत कई जिलों के डिपो कर्मचारियों ने सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस विवादित गाने को सोशल मीडिया से नहीं हटाया गया या इसके बोल नहीं बदले गए, तो वे बसों के पहिये थामकर पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू कर देंगे।
हिसार में जुटने लगीं कर्मचारी यूनियनें हिसार डिपो में सांझा मोर्चा के प्रतिनिधि संदीप कुमार का कहना है कि इस गाने में रोडवेज कंडक्टरों के पेशे और छात्राओं को लेकर बेहद भ्रामक और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। गीत के बोल 'दो नंबर की सीट हमेशा उसके खातिर बुक राखे' और 'उसके चक्कर में ऊके गांव की छोरी चार फ्री कर दी' जैसी लाइनों से समाज में सरकारी कर्मचारियों की गलत छवि बन रही है। यूनियन नेताओं का तर्क है कि आने वाले शादियों के सीजन में जब यह गाना सरेआम बजेगा, तो अपनी बेटियों के साथ समारोह में मौजूद किसी भी कंडक्टर के लिए यह स्थिति बेहद असहज और दुखद होगी। पुलिस की सुस्ती से बढ़ा रोष कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि हिसार सिटी थाने में लिखित शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की है। रोडवेज सांझा मोर्चा ने रणनीति बनाई है कि भिवानी, जींद और गुरुग्राम के बाद अब राज्य के अन्य जिलों में भी एफआईआर के लिए आवेदन दिए जाएंगे। गुरुवार को हिसार डिपो में आठ अलग-अलग कर्मचारी इकाइयों के अध्यक्षों की एक आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें शुक्रवार को दोबारा थाने कूच करने और आगे की रणनीति पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी है। एक्टर नवीन नारू का पलटवार, कहा- 'बेशक FIR करा लो, गाना डिलीट नहीं होगा' दूसरी ओर, बढ़ते विवाद के बीच इस गाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले हरियाणवी कलाकार नवीन नारू ने भी बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नवीन नारू ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस गाने को बनाने में उनकी पांच लाख रुपये की गाढ़ी कमाई खर्च हुई है और इसमें कुछ भी गैर-कानूनी या अश्लील नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाजार में 'खरबूजे जैसी तेरी जवानी' या बदमाशी को बढ़ावा देने वाले दूसरे गाने धड़ल्ले से चल रहे हैं, तो सिर्फ उनके गीत को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है। महिला आयोग की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर हरियाणा महिला आयोग की ओर से भी बयान सामने आया है, जिसके मुताबिक अभी तक उनके पास इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही लिखित शिकायत मिलेगी, गाने की समीक्षा करके तुरंत संज्ञान लिया जाएगा। इस बीच सोशल मीडिया पर कॉलेज की छात्राओं और यहां तक कि कुछ दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के कर्मचारियों द्वारा इस गाने पर रील्स बनाने का सिलसिला जारी है, जिसे लेकर विवाद की आग और भड़क गई है। और भी...
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JioFinance App: जियोफाइनेंस ऐप पर अब ग्राहक अपने खाते में रखी अतिरिक्त रकम को आसानी से निवेश में लगा सकेंगे। जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट ने जियो पेमेंट्स बैंक के ‘Savings Pro’ फीचर में जियोब्लैकरॉक ओवरनाइट फंड को जोड़ा है। इस सुविधा का लाभ जियो पेमेंट्स बैंक के सेविंग्स और सैलरी अकाउंट ग्राहक उठा सकेंगे। जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और दुनिया की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल ब्लैकरॉक का ज्वाइंट वेंचर है।
जियो पेमेंट्स बैंक के Savings Pro फीचर में जियोब्लैकरॉक ओवरनाइट फंड शामिल Savings Pro को सेविंग्स और निवेश को एक साथ जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है। इस फीचर के तहत ग्राहक अपने बैंक खाते में एक तय सीमा से ऊपर पड़े अतिरिक्त बैलेंस को ओवरनाइट म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे। इसका मकसद ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग की सुविधा के साथ निवेश तक आसान पहुंच देना है। ग्राहक ₹5,000 से ₹1.50 लाख तक की सीमा तय कर सकेंगे ग्राहक इस सुविधा में ऑटो-इन्वेस्ट विकल्प चुन सकते हैं। इसमें तय सीमा से ऊपर की रकम रोजाना अपने-आप निवेश हो जाएगी। इसके अलावा वन-टाइम इंवेस्टमेंट का विकल्प भी मिलेगा, जिसके जरिए ग्राहक तुरंत निवेश कर सकेंगे। ग्राहक ₹5,000 से ₹1,50,000 के बीच अपनी सीमा तय कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म के जरिए रोजाना निवेश की अधिकतम सीमा ₹1,50,000 होगी। ₹50,000 या निवेश की 90% रकम तक इंस्टेंट रिडेम्पशन की सुविधा इस सुविधा में पैसा निकालने की व्यवस्था भी रखी गई है। ग्राहक ₹50,000 या निवेश की गई रकम के 90 प्रतिशत, जो भी कम हो, तक की राशि तुरंत रिडीम कर सकेंगे। इससे अधिक राशि के लिए रिडेम्पशन अनुरोध T+1 आधार पर प्रोसेस होगा। इस सुविधा में कोई एंट्री लोड, एग्जिट लोड, लॉक-इन पीरियड या हिडन चार्ज नहीं होगा। जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सिड स्वामीनाथन ने कहा कि ग्राहक आज अतिरिक्त बैलेंस को मैनेज करने के लिए आसान और डिजिटल तरीके चाहते हैं। इस इंटीग्रेशन के जरिए डिजिटल बैंकिंग की सुविधा को ओवरनाइट फंड सॉल्यूशन तक पहुंच के साथ जोड़ा जा रहा है। जियो पेमेंट्स बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ विनोद ईश्वरन ने कहा कि बैंक ग्राहकों के लिए डिजिटल फाइनेंशियल सॉल्यूशंस को और मजबूत करने पर काम कर रहा है। उनके मुताबिक Savings Pro अतिरिक्त बैलेंस को मैनेज करने का सुविधाजनक तरीका है, जिसमें लचीलापन, लिक्विडिटी और आसान पहुंच बनी रहती है। Savings Pro की ऑनबोर्डिंग पूरी तरह डिजिटल होगी। ग्राहक जियोफाइनेंस ऐप पर आधार और वीडियो KYC के जरिए इस सुविधा का इस्तेमाल शुरू कर सकेंगे। ऐप के जरिए वे अपनी निवेश सीमा तय या बदल सकेंगे, निवेश को ट्रैक कर सकेंगे और ट्रांजैक्शन की जानकारी देख सकेंगे। कंपनी के मुताबिक यह इंटीग्रेशन रोजमर्रा की बैंकिंग और निवेश सुविधा को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में एक कदम है। और भी...
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Prisoner Life: जेल का नाम सुनते ही अक्सर लोग डर जाते हैं और उनके मन में कई तरह के सवाल आने लगते हैं। इन सवालों में कई बार सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि जेल में बंद कैदियों की लाइफ कैसी होगी। दरअसल, फिल्मों और टीवी सीरियल्स में जेल की जो तस्वीर दिखाई जाती है, असल जिंदगी उससे काफी अलग होती है। जेल के अंदर हर काम नियमों के अनुसार होता है। सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक कैदियों की दिनचर्या पूरी तरह अनुशासित रहती है और हर एक्टिविटी पर जेल प्रशासन की नजर होती है। ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि जेल में कैदियों की लाइफस्टाइल कैसी होती है और लंच और डिनर का उनका मेन्यू कैसा होता है। जेल में जल्दी शुरू होता है सुबह का दिन भारत की ज्यादातर जेलों में कैदियों के लिए एक निश्चित रूटीन बनाया जाता है, जिसका पालन करना जरूरी होता है। जेल का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं होता, बल्कि कैदियों को सुधारना और उन्हें दोबारा सही तरह से तैयार करना भी होता है। वहीं जेल में कैदियों का दिन आमतौर पर सुबह 4 से 6 बजे के बीच शुरू हो जाता है। सुबह उठने के बाद सबसे पहले हाजिरी ली जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मौजूद हैं। इसके बाद उन्हें साफ-सफाई के लिए समय दिया जाता है। कई जेलों में कैदियों को अपने बैरक और आसपास के क्षेत्र की सफाई खुद करनी पड़ती है। इसके बाद कैदियों को सुबह करीब 5 बजे चाय दी जाती है, जबकि कुछ समय बाद नाश्ता कराया जाता है। नाश्ता साधारण और पोषण युक्त होता है। नाश्ते के बाद शुरू होता है कैदियों का काम नाश्ते के बाद ज्यादातर कैदियों को उनके निर्धारित कार्यों पर भेज दिया जाता है। जेलों में अलग-अलग तरह की कार्यशैली संचालित होती है, जहां वे बढ़ईगिरी, सिलाई, बागवानी, हस्तशिल्प और दूसरे उत्पादन कार्यों में हिस्सा लेते हैं। कई जेलों में कैदियों की ओर से तैयार किए गए उत्पाद बाजार में भी बेचे जाते हैं। इसके बदले कैदियों को मेहनताना दिया जाता है, जिसे वे अपने परिवार को भेज सकते हैं या जेल के अंदर जरूरत के सामान पर खर्च कर सकते हैं। जिन कैदियों की पढ़ाई जारी होती है, उनके लिए जेलों में एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य उन्हें भविष्य में बेहतर जीवन के लिए तैयार करना होता है। कैदियों को मिलता है लंच जेल में दोपहर का खाना आमतौर पर 11:30 बजे से 12:00 बजे के बीच दिया जाता है। इसके बाद कैदियों को कुछ समय आराम करने का मौका मिलता है, फिर दोबारा काम शुरू हो जाता है। हालांकि अलग-अलग राज्यों की जेलों में खाने का मेन्यू अलग-अलग होता है, लेकिन आमतौर पर लंच में दाल, सब्जी, रोटी और चावल जैसी चीजें शामिल होती हैं। जेल प्रशासन यह सुनिश्चित करने की भी कोशिश करता है कि खाना पौष्टिक और संतुलित हो। और भी...
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Maa Inti Bangaaram Event: सामंथा रुथ प्रभु और निर्माता राज निदमोरू ने हाल ही में हैदराबाद में अपनी आगामी फिल्म 'मां इंटी बंगारम' का प्रमोशन इवेंट आयोजित किया। इस दौरान दोनों ने कई दिलचस्प बातें साझा कीं। इवेंट में मौजूद दर्शकों ने राज निदिमोरु से मंच पर ही सामंथा से प्यार का इजहार करने को कहा। हालांकि, राज ने ऐसा करने से एकदम इनकार कर दिया। चिल्लाती रही भीड़, लेकिन नहीं माने राज 'मा इंटी बंगारम' के प्री-रिलीज इवेंट में निर्माता राज निदिमोरु ने भीड़ के कहने के बावजूद अपनी पत्नी और अभिनेत्री सामंथा से 'आई लव यू' कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने सामंथा के काम और अदाकारी की दिल खोलकर तारीफ की। भीड़ इवेंट में चिल्लाती रही कि राज स्टेज पर एक्ट्रेस पत्नी सामंथा को 'आई लव यू' कहें, लेकिन प्रोड्यूसर ने मना कर दिया। राज बोले- 'इसमें कुछ नया नहीं' इवेंट में भीड़ लगातार कपल को चीयर कर रही थी। राज निदिमोरु ने कहा कि वे उनकी बात नहीं समझ पा रहे हैं। इस पर एंकर सुमा ने उन्हें बताया कि दर्शक यह सुनना चाहते हैं कि वे सामंथा से प्यार करते हैं। मगर, राज ने स्टेज पर अपनी पत्नी और एक्ट्रेस सामंथा के सामने प्यार का इजहार करने से मना कर दिया। राज ने वह लाइन दोहराने के बजाय फिल्म में सामंथा के काम के बारे में बात की। राज ने 'आई लव यू' कहने से इनकार करते हुए कहा, 'बहुत से लोगों ने पहले ही स्टेज पर उनसे यह बात कही है। वे वहां से भी चिल्लाकर यही कह रहे हैं। इसलिए, इसमें कुछ भी नया नहीं है'। सामंथा की तारीफ में राज ने क्या कहा? राज ने बताया कि 'मां इंटी बंगारम' की शूटिंग के दौरान उन्हें पता चला कि सामंथा में एक्टिंग को लेकर एक खास समझ है। उनके मुताबिक, जब सीन किसी खास तरीके से लिखे जाते थे, तो सामंथा उन्हें बिना किसी परेशानी के पहले ही टेक में कर दिखाती थीं, जिससे उन्हें एहसास हुआ कि वह कितनी बेहतरीन अदाकारा हैं। बता दें कि यह इवेंट फिल्म की रिलीज को प्रमोट करने के लिए रखा गया था। उन्होंने आगे कहा, 'हर बार जब हम किसी नए सीन या नए अंदाज के साथ उनका टेस्ट लेते हैं, तो वे कुछ ऐसा दिखाती हैं जो मैंने पहले कभी नहीं देखा। इसलिए, ऐसी शानदार एक्ट्रेस के साथ काम करना बहुत रोमांचक है। कब हुई राज-सामंथा की शादी? इसके बाद उन्होंने सामंथा की ओर मुड़ते हुए कहा, 'मैं अभी आपके साथ एक एक्टर की तरह व्यवहार कर रहा हूं। मैं आपसे एक एक्टर की तरह बात कर रहा हूं'। बता दें कि सामंथा और राज ने 1 दिसंबर, 2025 को कोयंबटूर में एक निजी समारोह में शादी की थी। और भी...
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Lionel Messi: मेसी ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले ही मुकाबले में इतिहास रचा है। उन्होंने वर्ल्ड कप के इतिहास में अपनी पहली हैट्रिक लगाई है। मेसी ने ये कामयाबी अल्जीरिया के खिलाफ मुकाबले में हासिल की। इस हैट्रिक के साथ मेसी ने फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोलों के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली है। बड़ी बात ये है कि मेसी ने ये तमाम कामयाबी अर्जेंटीना के लिए अपने 200वें मैच में हासिल की। मेसी ने कैसे लगाई वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक? अल्जीरिया के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में मेसी ने अपनी हैट्रिक की शुरुआत मैच के 17वें मिनट से की। ये वो समय था जब उन्होंने अपना पहला गोल दागा। पहला हाफ मेसी के इस एक गोल के साथ ही खत्म हुआ। दूसरा हाफ जब शुरू हुआ तो अर्जेंटीना की 1-0 की बढ़त को 2-0 में बदलने में भी मेसी ने ज्यादा वक्त नहीं लगाया। उन्होंने 60वें मिनट में मैच में अपना दूसरा गोल किया। उसके बाद तीसरा गोल मेसी ने इस अंदाज में दागा कि लगा जैसे सच में जादू हुआ है। मेसी ने अल्जीरिया के डिफेंस को पूरी तरह से भेदकर ये गोल किया और अपनी हैट्रिक पूरी की। मेसी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड किया बराबर फीफा वर्ल्ड कप में तो ये मेसी की पहली हैट्रिक है ही। इसके अलावा ये उनके इंटरनेशनल करियर की 11वीं हैट्रिक भी है। इस हैट्रिक के साथ उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 16 गोल दागने के जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली है। फीफा वर्ल्ड कप में अब मेसी के भी 16 गोल हैं। अभी तो मेसी ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपना पहला ही मैच खेला है। आगे ना सिर्फ क्लोज का रिकॉर्ड टूटेगा बल्कि एक नया रिकॉर्ड भी बनता दिखेगा। 6 वर्ल्ड कप खेलने वाले बने पहले फुटबॉलर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेसी ने इतिहास हालांकि अल्जीरिया के खिलाफ मैदान पर उतरते ही बना दिया था। ऐसा इसलिए क्योंकि मैदान पर उतरने के साथ ही वो सबसे ज्यादा 6 फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर भी बन चुके थे। अपने करियर के इस ऐतिहासिक मैच में मेसी प्लेयर ऑफ द मैच बने, जिन्होंने अकेले ही अल्जीरिया को 3-0 से हरा दिया। और भी...
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G7 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री मार्गों की असुरक्षा का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। G-7 नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने हाल ही में अमेरिकी सैन्य हमले में भारतीय नाविकों की दुखद मौत पर चिंता जाहिर की। खास बात ये है कि जब मोदी नेताओं को संबोधित कर रहे थे उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी वहीं मौजूद थे और उनके बगल में बैठे थे। पीएम ने ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की हालिया मौतों पर चिंता जताई। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा ‘पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों की प्रगति का हम स्वागत करते हैं। इस संघर्ष के कारण क्षेत्र में हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है. होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री व्यापार में बाधा से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है’। ‘कई भारतीय नागरिकों की भी जान गई’ उन्होंने आगे कहा कि कई भारतीय नागरिकों की भी जान गई है. समुद्री नाविक, जो वैश्विक व्यापार से देशों को जोड़ते हैं, उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें। अमेरिकी हमले में हुई थी 3 नाविकों की मौत मोदी का यह बयान ओमान की खाड़ी में हुई हालिया घटना के बाद आया है। अमेरिकी सेना ने पलाऊ-झंडे वाले तेल टैंकर सेट्टेबेलो पर हमला किया था, जिसमें 3 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी।रिपोर्ट के मुताबिक जहाज पर 28 सदस्यीय क्रू था जिसमें 24 भारतीय, 2 पाकिस्तानी, 1 यूक्रेनी और 1 रूसी शामिल थे। नाकाबंदी के उल्लंघन का आरोप ईरान से तेल लेकर जाते करते समय अमेरिकी नाकाबंदी के उल्लंघन के आरोप में अमेरिकी सेना ने इसे रोका और इस पर हमला किया। US ने आरोप लगाया कि टैंकर ईरान से तेल ले जा रहा था और अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था, जिसके बाद उसे रोककर निशाना बनाया गया। पीएम ने मानवीय और आर्थिक नुकसान को रेखांकित किया सेट्टेबेलो हाल के दिनों में क्षेत्रीय समुद्री घटनाओं में फंसा तीसरा व्यापारिक जहाज है जिसमें भारतीय क्रू सदस्य थे. होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा और वाणिज्यिक माल का बड़ा हिस्सा ढोने वाला अहम समुद्री चोकपॉइंट है जो फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय जल से जोड़ता है. पीएम मोदी ने G7 नेताओं के सामने होर्मुज में मानवीय और आर्थिक नुकसान को रेखांकित किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा की वकालत करते हुए कहा कि नाविकों की सुरक्षा वैश्विक साझेदारी का हिस्सा होनी चाहिए। पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार दोनों ही अहम हैं, क्योंकि भारत का बड़ा हिस्सा तेल आयात इसी मार्ग से होता है। 16 महीने बाद पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 सम्मेलन के दौरान एक दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की. द्विपक्षीय संबंधों में जारी तनाव के बीच, 16 महीनों में दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। पीएम मोदी और ट्रंप गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए दिखे और उसके बाद उन्होंने थोड़ी बातचीत भी की। दोनों नेताओं की बुधवार को सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। G-7 समिट में पीएम मोदी और ट्रंप पिछले साल फरवरी में प्रधानमंत्री के अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने के लिए वॉशिंगटन जाने के बाद से मोदी और ट्रंप की यह पहली मुलाकात थी। दोनों नेताओं की बुधवार को होने वाली बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए चल रही बातचीत और रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों सहित संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है। और भी...
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Shiv Sena UBT Crisis: महाराष्ट्र में एक बार फिर उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे के 6 सांसदों ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को अपना समर्थन दे दिया है. यह दावा सूत्रों ने किया है। जिन सांसदों के एकनाथ शिंदे के साथ जाने की चर्चा है उसमें संजय जाधव , संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर , ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। उधर, बुधवार 17 जून को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में फूट पड़ने की अटकलें तेज होने के बीच पार्टी नेता संजय राउत ने बागी सांसदों को बुधवार को चुनौती दी कि अगर वे पाला बदलना चाहते हैं तो इस्तीफा दे दें। राउत ने नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर 2022 की तरह पार्टी में फिर फूट डालने की कोशिश की गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (UBT) के सांसद चुप नहीं बैठेंगे। राउत की प्रेस वार्ता में कौन कौन था? राउत के संवाददाता सम्मेलन में शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल तीन सांसद- अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे शामिल हुए। उन्होंने बागी सांसदों से कहा, ‘उद्धव ठाकरे और शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने सांसदों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की है. अगर पाला बदलना है तो पहले इस्तीफा दें।’ राज्यसभा सदस्य ने हालांकि कहा कि शिवसेना (UBT) के पास सांसदों के पार्टी छोड़ने की अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को 15 करोड़ रुपये में खरीदा जा रहा है। राउत ने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) जैसे दलों को तोड़ा जाता है तो चुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं रह जाता। और भी...
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Neeraj Goyat Slapped By Russian Boxer: हरियाणा के स्टार अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नीरज गोयत और रूस के धाकड़ बॉक्सर मार्क उरवानोव के बीच होने वाले महामुकाबले से पहले ही रिंग के बाहर की जंग बेहद हिंसक हो गई है। रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पारंपरिक 'फेस-ऑफ' (सामने खड़े होकर आंखें मिलाने की रस्म) के समय रूसी मुक्केबाज मार्क ने नीरज गोयत को अचानक थप्पड़ जड़ दिया। इस अप्रत्याशित हमले के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों और दोनों टीमों के सदस्यों को बीच-बचाव के लिए कूदना पड़ा। इस अपमानजनक घटना से बेहद गुस्से में आए नीरज गोयत ने मंच पर ही रूसी बॉक्सर को ललकारते हुए कहा, "अब यह मामला बिल्कुल पर्सनल हो चुका है। आई विल किल यू इन द रिंग (मैं तुम्हें रिंग के अंदर मजा चखाऊंगा)।" बाद में नीरज ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर किया। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि यह मुकाबला अब महज एक खेल नहीं रह गया है, बल्कि उनके स्वाभिमान और देश की प्रतिष्ठा से जुड़ी एक व्यक्तिगत चुनौती बन चुका है। पहले से जारी थी जुबानी जंग दरअसल, इस मुकाबले को लेकर दोनों खिलाड़ियों के बीच पिछले एक हफ्ते से सोशल मीडिया पर भी जुबानी तीर चल रहे थे। मार्क उरवानोव ने एक वीडियो जारी कर भारतीय बॉक्सर को कमजोर बताते हुए कहा था कि मॉस्को की रिंग में टिकना नीरज के बस की बात नहीं होगी। इसके जवाब में नीरज ने भी एक वीडियो के जरिए पलटवार करते हुए कहा था कि कई विदेशी मुक्केबाज भारतीय खिलाड़ियों को कम आंकने की भूल करते हैं, लेकिन हमारे देश के मुक्केबाज दुनिया भर में अपनी ताकत का लोहा मनवा चुके हैं। मुकाबले के प्रमोशन के दौरान नीरज ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए मार्क उरवानोव का एक पोस्टर भी फाड़ दिया था, जिससे रूसी बॉक्सर मन ही मन खार खाए बैठा था और उसी की खुन्नस उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में निकाली। सचिन ने बताया कि शमा बॉक्सिंग के बैनर तले होने वाला यह नॉकआउट मुकाबला 18 जून को भारतीय समयानुसार रात करीब 7:30 बजे शुरू होगा। नीरज गोयत की पूरी टीम 14 जून को ही मॉस्को पहुंच गई थी और इस थप्पड़ का करारा जवाब देने के लिए नीरज रिंग में उतरने को पूरी तरह बेताब हैं। और भी...
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CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। इस दौरान किसी अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन, नई परंपरा, कानफोडू डीजे, ढोल-ताशों के अनियंत्रित प्रयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंगलवार को कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम ने शांति भंग करने के प्रयासों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने सभी डीएम और एसपी को मोहर्रम की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, दुर्घटना से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए। 10 से 12 फीट से डीट से अधिक ऊंचे ताजियों की अनुमति न दी जाए। सभी की आस्था का सम्मान हो, लेकिन नई परंपरा स्वीकार्य नहीं होगी। नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं हर गांव हर वार्ड में 21 जून को योग कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के दौरान सीएम ने कहा कि इस वर्ष 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के साथ इसे मनाया जा रहा है। पीएम के कार्यक्रम का प्रदेश भर में सीधा प्रसारण किया जाए। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि शामिल हों। सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों एवं 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास हो तथा नगरीय क्षेत्रों के 14 हजार वार्डों में कार्यक्रम स्थलों को चिह्नित करें। इससे पहले 20 जून को शिक्षण संस्थानों के सहयोग से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सभी पुलिस लाइन एवं पीएसी बटालियनों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जहां नहीं, वहां अगले तीन दिन में तैनात किए जाएं सीएमओ जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर सीएम ने कहा कि कुछ जिलों में निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा, अन्यथा जवाबदेही तय होगी। उन्होंने जिन जिलों में सीएमओ नहीं है, वहां मेरिट के आधार पर अगले तीन दिन में अनिवार्य रूप से तैनाती करने का निर्देश भी दिया। और भी...
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