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  • दिमाग की पावर को बढाना है तो करें ये आसान से काम, होगा फायदा

    दिमाग की पावर को बढाना है तो करें ये आसान से काम, होगा फायदा

     

    दिमाग तेज करने के लिए आप अक्सर सही खानपान का विकल्प चुनते हैं, लेकिन क्या आप बिना डाइट लिए दिमाग को तेज कर सकते हैं। जी हां हम यहां कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जो न सिर्फ आपका दिमाग तेज करने में मदद करेंगे बल्कि आपके भूलने की बीमारी को भी दूर करेंगे। यह तरीके आजमाने में भी काफी आसान हैं। आज हम आपको मेमोरी पावर बढ़ाने के लिए बताते है कुछ तरीके।

    जब कोई ऐसी चीज आपके सामने आए जो जरूरी हो तो आप उसे उसी समय एक डायरी में नोट कर लें, ताकि आगे वह आपके माइंड में रहे कि आपने डायरी में क्या लिखा था, लिखने से वो चीजें आप आसानी से पकड़ पाएंगे जो अक्सर याद नहीं रहती।

    अगर दिमाग तेज करना है तो एक बार में एक ही चीज पर फोकस करें। कई बार ऐसा होता है की लोग कई चीजों को करने या फिर निपटाने के बारे में सोचते रहते हैं। जिसकी वजह से उनका एक चीज पर ध्यान पूरी तरह से नहीं लग पाता।

    मेडिटेश से दिमाग को तेज किया जा सकता है। योग हमारे दिमाग के एकाग्र करने में सहायक होता है। मेडिटेशन करने से हमारे दिमाग से तनाव दूर होता है और ताजगी आ जाती है। इससे हम किसी भी चीज पर आसानी से ध्यान लगा सकते हैं और किसी भी चीज को आसानी से याद रखने में कामयाब हो सकते हैं।

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  • आखिर खाना खाने के बाद क्यों तुरंत नहीं पीना चाहिए पानी? ये होते है शरीर को नुकसान

    आखिर खाना खाने के बाद क्यों तुरंत नहीं पीना चाहिए पानी? ये होते है शरीर को नुकसान

     

    अक्सर आपको ये सुनने को मिला होगा कि खाना खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए लेकिन जब आप  पूछते है कि क्यो नहीं पीना चाहिए तो लगभग जवाब मिलत है कि उसने भी यहीं सुना है। आखिर खाने के तुरंत बाद पानी क्यों नहीं पीना चाहिए, तो चलिए हम आपको बताते हैं।

    खाने के बाद पानी पीने से पाचन में परेशानी हो सकती है।

    खाने में मौजूद प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए शरीर को समय देना चाहिए। खाने के तुरंत बाद पानी पी लेने से इस प्रक्रिया पर असर पड़ता है। इसलिए ही कहा जाता है कि खाना खाने के करीब 30 मिनट तक पानी नहीं पीना चाहिए।

    जब आप खाने के बाद पानी पी लेते हैं तो खाने को पेट से आंत तक जितने समय में जाना चाहिए था उससे कम समय में वह आंत तक पहुंच जाता है। इससे शरीर को भोजन में मौजूद पोषक तत्वों का पूरा लाभ नहीं मिलता।

    खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने से गैस और एसिड जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    अगर आप पानी पी लेते हैं तो यह आपके शरीर के तापमान को बदल सकता है और खाना पचाने के लिए जरूरी तापमान को प्रभावित कर सकता है।

    पानी पीने से पाचन क्रिया में रुकावट होती है। और इस तरह से होने वाली पाचन क्रिया पेट में अपने पीछे बहुत सा भोजन छोड़ देती है। जो पेट में रहते हुए ग्लूकोज बनाता है और फैट में बदल जाता है। इस प्रक्रिया से आपको गैर जरूरी इंसुलिन बनने की प्रक्रिया भी शुरू होती है जो ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है और डायबिटीज जैसी परेशानियां पैदा कर सकती है।

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  • हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर, ये फूड खाने से रहेगा हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में

    हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर, ये फूड खाने से रहेगा हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में

     

    हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर की तरह काम करता है। असल में यह एक लाइफस्टाइल से जुड़ा रोग है। सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि ब्लड प्रेशर क्या होता है? असल में हमारी नसों पर पड़ने वाले खून के दबाव को ब्लड प्रेशर कहा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर उस स्थिति को कहते हैं जब यह बहाव तेज हो जाता है। हाई ब्लड प्रेशर दुनियाभर में फैल रही समस्या है। चलिए आपको बताते हैं ऐसे फूड जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करेंगे।

    लहसुन को ब्लड प्रेशर कंट्रोल का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है। ये शरीर में कॉलेस्ट्रॉरल के लेवल को नियंत्रण में रखना, इम्युनिटी को सुधारना, बालों की देखभाल व स्किन को भी फायदा पहुंचाता है। कच्चा लहसुन भी इसमें मददगार है।

    प्याज क्वेरसेटिन होता है। यह एक तरह का फ्लेवोनॉयड्स होता है, जो आपके रक्त वाहिकाओं को पतला करने में मदद करता है। इसके सेवन के बाद ब्लड प्रेशर को तुरंत कम किया जा सकता है। भारत में इसे ज्यादातर सलाद और सब्जियों में इस्तेमाल किया जाता है।

    हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए आप अपने आहार में आंवला को शामिल कर सकते हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। आंवले का इस्तेमाल सुबह खाली पेट किया जाना चाहिए. आप आंवले के जूस को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

    अगर आप अपने आहार में विटामिन सी से भरपूर चीजों को शामिल करेंगे तो यह आपको ब्लड प्रेशर को निंयत्रित रखने में मदद कर सकता है। असल में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए विटामिन सी की दवाईयों का भी सेवन किया जा सकता है।

    ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने के लिए आप अपने आहार में चुकंदर को शामिल करें। आप चुकंदर को सलाद में शामिल कर सकते हैं, इसका जूस बना सकते हैं या इसकी स्टफ्ड रोटी तैयार कर सकते हैं। चकुंदर में नाइट्रिक ऑक्साइड होता है, जो ब्लड प्रेशर को चुटकियों में कंट्रोल कर सकता है।

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  • इंटरनेट से दुनियाभर में बढ़ रहे टीनएज बच्चों के सुसाइड के मामले,रखे इन बातों का ध्यान

    इंटरनेट से दुनियाभर में बढ़ रहे टीनएज बच्चों के सुसाइड के मामले,रखे इन बातों का ध्यान

     

    दुनियाभर में टीनएज बच्चों के सुसाइड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हर 40 सेकंड में विश्व के किसी न किसी हिस्से में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन हर साल 10 सितंबर को वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे  यानी विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के रूप में मनाता है। आमतौर पर युवाओं में आत्महत्या का कारण डिप्रेशन, शराब, दर्व्यवहार, हिंसा आदि है। मगर आजकल विश्वभर में युवा जिन कारणों से आत्महत्या कर रहे हैं, उनमें इंटरनेट भी प्रमुख वजह है।

    साइबर बुलिंग इस समय युवाओं में आत्महत्या का प्रमुख कारण है। साइबर बुलिंग इंटरनेट, मैसेज, एप्स, सोशल मीडिया, फोरम्स और गेम्स आदि के सहारे की जाती है। इस तरह की बुलिंग में कुछ लोग फर्जी आईडी या एप्लिकेशन बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और फिर उन्हें उनकी प्राइवेट सूचनाओं या फोटो-वीडियो के माध्यम से ब्लैक मेल करते हैं। युवा इन मामलों में जल्दी फंसते हैं क्योंकि उनमें विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण होता है या कई बार उन्हें सबकुछ जल्दी पा लेने की चाहत होती है। इन बातों से बच्चों को दूर रखना जरूरी है और बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल, उनके मोबाइल में इंस्टॉल एप्स के बारे में थोड़ी-बहुत जानकारी रखना जरूरी। अगर ये मुमकिन नहीं है, तो कम से कम बच्चों के व्यवहार परिवर्तन पर तो नजर जरूर रखें।

    टीनएज या उससे छोटे बच्चे आमतौर पर प्यार और सम्मान की चाहत रखते हैं। आजकल की बिजी लाइफ में जब उन्हें ये प्यार और सम्मान घर-परिवार या समाज से नहीं मिलता है, तो वो इंटरनेट पर इसे ढूंढने की कोशिश करते हैं। अपना खाली समय किसी क्रिएटिव काम की बजाय आजकल ज्यादातर टीन एज बच्चे इंटरनेट पर बेवजह की चीजें देखने-पढ़ने में बिताते हैं। इसलिए ये जरूरी है कि मां-बाप बच्चों को समय दें, उनसे बात करें और उनकी परेशानियों में उनके साथ खड़े रहें। अकेलापन बच्चों को धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार बनाता है। बच्चे जब किसी से अपनी बात नहीं कह पाते हैं, तो आत्महत्या का रास्ता चुन लेते हैं।

    बच्चों के लिए छोटी उम्र में ये समझना कठिन होता है कि रियल और वर्चुअल वर्ल्ड में अंतर होता है। टीन एज बच्चे इंटरनेट पर सोशल मीडिया साइट्स और डेटिंग साइट्स पर दिखने वाले हर व्यक्ति को सच मान लेते हैं और उनपर विश्वास कर लेते हैं। इंटरनेट पर प्यार में धोखा और रिश्तों में दरार भी आजकल आत्महत्या का कारण बन रहा है। ऐसे में आप बच्चों को शुरुआत से ही ये बताएं कि उन्हें उन लोगों पर विश्वास करना चाहिए, जो उनके आस-पास हैं, न कि उन लोगों पर जिनको वे जानते नहीं हैं।

    आत्महत्या से पहले व्यक्ति के व्यवहार में कई तरह के परिवर्तन आते हैं। आमतौर पर डिप्रेशन, तनाव या परेशान होने पर किसी दूसरे व्यक्ति से अपने दिल की बात कह देने से तनाव कम होता है। इसलिए बेहतर होगा कि जब आप बच्चों के व्यवहार में थोड़ा परिवर्तन देखें, तो उनसे बात करें और उनकी परेशानी दूर करने की कोशिश करें। ऐसे समय में अगर बच्चे ने कोई बड़ी गलती भी की है, तो उसे मारें या डांटें नहीं, बल्कि प्यार से समझाएं और समस्या को सुलझाने की कोशिश करें।

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  • अगर ऑफिस में रोजाना 9 घंटे से ज्यादा समय तक बैठे रहते है तो है जान का खतरा

    अगर ऑफिस में रोजाना 9 घंटे से ज्यादा समय तक बैठे रहते है तो है जान का खतरा

     

    ऑफिस में रोजाना 9 घंटे से ज्यादा समय तक बैठना आपकी जिंदगी के लिए भारी पड़ सकता है। एक नई रिसर्च के मुताबिक जो लोग 9.5 घंटे से ज्यादा समय तक ऑफिस में बैठे हुए काम करते रहते हैं, उनकी जिंदगी कम हो जाती है और जल्दी मौत होने का खतरा बढ़ जाता है।

    ये रिसर्च ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छापी गई है। हालांकि इस रिसर्च में ये भी बताया गया है कि अगर आप रोजाना सिर्फ 24 मिनट तेज गति से पैदल चलते हैं, तो आप इस खतरे को कम कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं इस रिसर्च की महत्वपूर्ण बातें।

    इस रिसर्च के अनुसार ज्यादा देर तक एक ही जगह बैठे रहने वाली जॉब आपके लिए खतरनाक है। एक दिन में 9.5 घंटे या इससे ज्यादा देर तक बैठने वाले लोगों में जल्दी मौत का खतरा होता है। दरअसल बैठने वाली जॉब में अक्सर लोग लंच करने के लिए 30-35 मिनट उठते हैं और बाकी समय बैठे रहते हैं। इतने लंबे समय तक शारीरिक रूप से गतिहीन रहना, शरीर के लिए खतरनाक होता है। इसलिए एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप बैठने वाली जॉब में हैं, तो एक-डेढ़ घंटे में एक बार उठकर थोड़ी देर चलना-फिरना चाहिए और शरीर को स्ट्रेच करना चाहिए।

    World Health  Organization भी इस बारे में पहले ही अपनी गाइडलाइन जारी कर चुका है कि हर व्यक्ति के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है। 18 साल से 64 साल की उम्र तक हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 25-30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। इस एक्सरसाइज में पैदल चलना, जॉगिंग करना, प्राणायाम, स्ट्रेचिंग करना आदि शामिल हैं।

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  • जानिए तांबे की अंगूठी पहनने के फायदे

    जानिए तांबे की अंगूठी पहनने के फायदे

    हाथों की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए हम अपने हाथों के नाखुनों पर अलग-अलग तरह की नेल पेंट के साथ ही हाथों का उंगलियों में तरह-तरह की फैंसी रिंग हाथों में पहना पसंद करते है लेकिन आपने कई लोगों को हाथों में आपने देखा होगा कि वो ताम्बे की अंगूठी भी पहनते हैं।

    ताम्बे की अंगूठी महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी पहनते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ताम्बे की रिंग को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। तो चलिए जानते हैं की ताम्बे की रिंग पहनना क्यों फायदेमंद माना जाता हैं। कहते हैं कि ज्योतिष में नौ ग्रह बताए गए हैं और सभी ग्रहों की अलग-अलग धातु होती है।

    ग्रहों का राजा सूर्य है और मंगल का सेनापति माना गया है। सूर्य और मंगल की धातु तांबा है इस लिहाज से तांबे की अंगूठी पहनना आपके लिए बेहद उचित होगा। अगर आयुर्वेद की बात करें तो तांबे की अंगूठी पहनने से आपकी सेहत को बेहद लाभ मिलते हैं।

    पेट संबधित परेशानियां जल्द ही दूर हो जाती है यह पेट दर्द, पाचन में गड़बड़ी और एसिडिटी जैसी परेशानियों से आपकी सेहत में मदद करती है। इसी के साथ तांबे की अंगूठी लगातार हमारे शरीर के संपर्क में रहती है जिसकी वजह से आपकी सेहत को कई तरह के औषधीय गुण मिलते है।

    इसे पहनने से आपका खून भी साफ होता है। साथ ही तांबे की अंगूठी आपकी त्वचा के रंग को भी निखारती है। आपको बता दें कि तांबे की अंगूठी हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए बेहद ही फायदेमंद मानी जाती है।

    तांबे की अंगूठी शरीर में गर्मी को भी दूर करती है साथ ही आपके मानसिक तनाव भी दूर करने में मदद करती है और आपके गुस्से को भी शांत करती है।

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  • अगर रखना चाहते है खुद को फिट और healthy तो करे ये आसान सा काम

    अगर रखना चाहते है खुद को फिट और healthy तो करे ये आसान सा काम

     

    खराब लाइफस्टाइल के चलते हमें रोजमर्रा में कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आज के दौर में व्यायाम काफी जरूरी हो गया है। आप किसी भी तरह के व्यायाम को अपना सकते हैं या फिर योग भी कर सकते हैं। डाक्टर्स भी सलाह देते हैं कि बीमारियों को दूर भगाने के लिए कम से कम 30 मिनट का व्यायाम रोज करना चाहिए।

    अगर हम व्यायाम की बात करें तो रनिंग एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि रनिंग के फायदें बहुत हैं। सबसे अच्छी बात है कि इसके लिए बहुत तामझाम की जरूरत नहीं होती है। सुबह थोड़ा सा वक्त निकालकर पार्क में या फिर खाली सड़क पर दौड़ने से आप पूरी दिन के लिए फिट महसूस कर सकते हैं। दौड़ना व्यायाम के सबसे सरल रूपों में से एक है, क्योंकि यह सिर्फ आपके अतिरिक्त वजन को कम करने में ही मदद नहीं करता है, बल्कि आपको हेल्दी और फिट बनाने में भी कारगर है।

    यदि आप अतिरिक्त वजन को घटाना चाहते हैं, तो दौड़ना शुरू कर दें। दौड़ना एक्सरसाइज का एक उत्कृष्ट रूप है, क्योंकि इससे कैलोरी बर्न होती हैं। नियमित रूप से दौड़ने से ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया जैसी हड्डी से संबंधित रोगों के खतरे कम होते हैं। यह आपकी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यदि आप नियमित रूप से रनिंग करते हैं तो आप एलर्जी, सर्दी, खांसी, फ्लू आदि जैसे हेल्थ इश्यू से ग्रस्त नहीं होंगे। नियमित रूप से दौड़ने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ती है और यह रोगों के सभी प्रकार का प्रतिरोध करता है।

    दौड़ना पाचन में सुधार करने में मदद करता है और भूख बढ़ाता है। यह कैलोरी को जला देता है इसलिए आपको दौड़ने के बाद भूख ज्यादा लगने लगती है। दौड़ना अधिक वसा कोशिकाओं को जलाने में मदद करता है और शरीर को स्लिम बना देता है। यह आपके चयापचय को भी बढ़ा देता है और आपको अवांछित फैट से मुक्ति मिल जाती है। यदि आपको ठीक से नींद नहीं आती है तो आप सुबह के समय दौड़ने की कोशिश करें। दौड़ना अच्छी नींद बढ़ाने में मदद करता है क्योंकि जब शरीर थक जाता है तो रात को अच्छी नींद आती है।

     

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  • 4 अगस्त को है Friendship Day, इस कारण मनाया जाता है ये खास दिन

    4 अगस्त को है Friendship Day, इस कारण मनाया जाता है ये खास दिन

     

    किसी भी इंसान के लिए दोस्ती से बढ़कर कुछ नहीं होता है। एक दोस्त के लिए ना कुछ गलत होता है और ना सही। एक दोस्त के लिए बस उसकी दोस्ती मायने रखती है। अगस्त महीने के पहले रविवार को हर साल फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। इस साल भी ये खास दिन 4 अगस्त को मनाया जाएगा। हम अपने दोस्तों के साथ ये दिन बड़े ही शानदार तरीके से मनाते हैं। फ्रेंडशिप डे मनाने का चलन वैसे तो पश्चिमी देशों से शुरू हुआ।

    लेकिन, भारत में भी ये पिछले कुछ सालों से युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। लोग इस दिन एक दूसरे को ग्रीटिंग कार्ड, सोशल मीडिया पर बधाइयां देते हैं। लेकिन कभी आपने सोचा है कि इस दिन की शुरुआत कब और कैसे हुई।

    साल 1930 को एक व्यापारी ने इस दिन की शुरूआत की थी। जोएस हाल नाम के इस व्यापारी ने एक दिन ऐसा रखा जिस दिन सभी दोस्त एक दूसरे के साथ मिलकर सेलीब्रेट करेंगे और आपस में कार्ड देंगे। इस खास दिन को मनाने के लिए 2 अगस्त का दिन निर्धारित किया गया। यूरोप और एशिया के बहुत से देशों में इस परंपरा को आगे बढ़ाया और फ्रेंडशिप डे मनाते रहे।

     

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  • अगर आप भी है टैटू और पियरसिंग के दीवाने तो जरा संभल कर, नहीं तो...

    अगर आप भी है टैटू और पियरसिंग के दीवाने तो जरा संभल कर, नहीं तो...

     

    अगर आप भी हैं टैटू और पियरसिंग के दीवाने तो, बरसात के दिनों में रखे खास ध्यान। फैशन और मौसम के बीच अगर तालमेल सही न हो तो यह आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है। आजकल लड़को और लड़कियों में टैटू और पियरसिंग कराने का बड़ा ट्रेंड चल रहा है। लेकिन, क्या आप जानते हैं बरसात के दिनों में टैटू बनवाना और पियरसिंग करवाना आपकी जिदंगी के लिए खतरनाक भी हो सकता है.

    आपने अक्सर देखा होगा की लड़के औक लड़कियां शरीर के किसी भी हिस्से पर पर्मानेंट इंक से बने बड़े-बड़े डिजाइन बनवा लेते है जिसे टैटू कहते हैं। इसी तरह चेहरे या शरीर के किसी भी हिस्सों में छेद करवाकर फैशनेबल बाली पहनी जाती है उसी को पियरसिंग कहते हैं। अगर आपने बारिश शुरू होने के बाद टैटू या फिर पियरसिंग करवाई है तो भूलकर भी बारिश में बाहर न निकले। आपको बता दें कि बारिश में बाहर निकलने से खतरनाक एलेर्जी हो सकती है। टैटू वाले हिस्से पर अगर मच्छर के काट ले तो उस हिस्से को रगड़े न और सावधान बरतें। 

    दरअसल, टैटू को बनवाते समय जिस इंक का इस्तेमाल किया जाता है उसमें कई तरह के कैमिकल पाए जाते हैं। कभी-कभी यह कैमिकल बेवजह भी रिएक्शन कर सकता हैं, लेकिन टैटू पर चोट लगने या खुजाने जैसी स्थिति में यह इंक काफी नुकसानदायक हो सकती है। अक्सर गलत पियरसिंग होने की वजह से शरीर के संबंधित हिस्से में घाव बनना शुरू हो जाता है। मॉनसून में बारिश का पानी यदि इस हिस्से पर गिरे तो धीरे-धीरे वो बड़े जख्म में बदल जाता है। ऐसे में जख्म पकने का खतरा होता है और फिर आपको बड़ी सर्जरी करवानी पड़ सकती है।

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  • चेहरे पर अगर है पिम्पल तो करे ये काम, नहीं रहेंगे चेहरे पर दाग

    चेहरे पर अगर है पिम्पल तो करे ये काम, नहीं रहेंगे चेहरे पर दाग

     

    अपनी त्वचा की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए आप ढेरों जतन करते हैं, पर क्या ऐन वक्त पर एक्ने आपके चेहरे पर भी धावा बोल देते हैं? एक्ने दुनियाभर में त्वचा से जुड़ी सबसे आम परेशानी है। एक अध्ययन के मुताबिक, भारत में 2.2 करोड़ लोग त्वचा से जुड़ी इस परेशानी से पीड़ित हैं। मुख्य रूप से युवाओं को एक्ने ज्यादा परेशान करते हैं। एक्ने कई प्रकार के होते हैं और उनके समाधानों में भी फर्क होता है। यही वजह है कि किसी खास तरह के घरेलू नुस्खे को अपनाकर इनसे छुटकारा पाने की गारंटी नहीं दी जा सकती। एक्ने मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, अजलनशील और दूसरा जलनशील।

    ब्लैक हेड्स एक्ने से जुड़ी सबसे आम समस्या है। इसमें नाक के आस-पास काली-काली कील सी नजर आती हैं। इसके चलते रोम छिद्र बंद हो जाते हैं। जब बैक्टीरिया, डेड स्किन और अन्य हानिकारक तत्व रोम छिद्रों को रोकना शुरू कर देते हैं और त्वचा की सतह तक पहुंच जाते हैं तब यह हवा में मौजूद ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करते हैं और ब्लैक हेड्स नजर आने शुरू हो जाते हैं। इनसे निजात पाने में भाप आपकी मदद करेगी। अपनी त्वचा को भाप दें ताकि वह मुलायम हो जाए। इसके बाद हल्के हाथों से चेहरे पर स्क्रब का इस्तेमाल करें। इसके बाद अल्फा हाइड्रॉक्सी युक्त मॉइस्चराइजर का प्रयोग करना न भूलें।

    अगर आपकी नाक के आसपास, ठुड्डी और चेहरे पर छोटे सफेद छाले से नजर आते हैं तो इसका मतलब है कि आप व्हाइट हेड्स की शिकार हो चुकी हैं। जब चेहरे पर मौजूद ऑयल ग्लैंड्स से तेल का स्राव अधिक होने लगता है, पर रोम छिद्रों के बंद होने के कारण तेल बाहर नहीं निकल पाता है तो वह त्वचा की सतहों के बीच में ही रह जाता है। नतीजा व्हाइट हेड्स के रूप में सामने आता है। सबसे पहले तो चेहरे से तेल को साफ करना जरूरी है, जिसके लिए उसे दिन में कम से कम 2 से 4 बार सिर्फ पानी से धोना चाहिए। इन व्हाइड हेड्स पर बेकिंग सोडा भी प्रयोग में ला सकती हैं। बेकिंग सोडा का पेस्ट बनाकर व्हाइड हेड्स पर लगाकर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें और पानी से धो लें।

    टूथपेस्ट को पिंपल के ऊपर बिल्कुल नहीं लगाएं। आम अवधारणा है कि पिंपल पर टूथपेस्ट लगाने से पिंपल सूख जाता है। पर ऐसा करने से त्वचा जल जाती है। टूथपेस्ट में क्लोराइड होता है, जिसके कारण त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। एक्ने होने पर मेकअप करने से बचें। अगर मेकअप करना भी पड़े, तो उसे रात में सोने से पहले अच्छी तरह से साफ करना नहीं भूलें। एक्ने वाली त्वचा पर ऑयल फ्री कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना ठीक रहता है। अगर आपकी स्किन रूखी हो रही है तो तैलीय उत्पादों का इस्तेमाल भूल के भी न करें। आपके लिए ऑयल फ्री मॉइस्चराइजर बेहतर विकल्प है।

     

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  • Google ने दिया नया Feature कर सकेंगे लोकेशन हिस्ट्री ऑटो डीलीट

    Google ने दिया नया Feature कर सकेंगे लोकेशन हिस्ट्री ऑटो डीलीट

     

    यूजर्स अपने डेटा को आसानी से प्रबंधित कर सके, इसके लिए गूगल ने एंड्रॉइड और आईओएस डिवाइस दोनों के लिए लोकेशन हिस्ट्री और एक्टिविटी डेटा के लिए ऑटो-डिलीटकंट्रोल को रोल आउट करने की घोषणा की है। इंटरनेट दिग्गज ने बुधवार देर रात ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा, लोकेशन हिस्ट्री के लिए ऑटो-डिलीट कंट्रोल एंड्रॉइड और आईओएस पर रोल आउट करना आज से शुरू हो गया है, जिससे आपके डेटा को मैनेज करना और भी आसान हो जाएगा।

    यह सुविधा एक डेवलपर सम्मेलन के दौरान यूजर्स की गोपनीयता पर जोर देने की वकालत करने के बाद आई है। यहां गूगल और एप्पल जैसी फर्मों ने कहा था कि वे यूजर्स को उनके या तीसरे पक्ष के ऐप्स के साथ डेटा साझा करने को लेकर और नियंत्रण देने के लिए टूल लाएंगे।

    गूगल पर जगह ट्रैकिंग, वेब और ऐप गतिविधि हिस्ट्री तब तक बना रहता है जब तक यूजर्स मैन्युअल रूप से उन्हें डिफॉल्ट रूप से हटा नहीं देते हैं और बिहिमोथ यह दावा करता है कि यह यूजर्स के अनुभव, खोज व्यक्तित्व और विज्ञापन लक्ष्यीकरण में सुधार करता है। नई सुविधा के साथ, यूजर्स अब तीन या 18 महीने के अंतराल में चीजों को हटाने के लिए अपनी ट्रैकिंग प्राथमिकताएं निर्धारित कर सकते हैं।

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  • TIK TOK के इस वीडियो पर क्यों मच रहा है बवाल ?

    TIK TOK के इस वीडियो पर क्यों मच रहा है बवाल ?

     

    ओडिशा के मलकानगिरी के जिला अस्पताल में नर्सों का टिक टॉक वीडियो बनाना उनके लिए मंहगा साबित हो गया। नर्सों ने अस्पताल के SNCU वार्ड मे टिक टॉक वीडियो बनाए हैं। वीडियो में नर्स अलग-अलग गाने और डायलॉग पर टिक टॉक वीडियो बनाती नजर आ रही हैं। वैसे तो इन वीडियो में कुछ गलत नहीं है लेकिन वीडियो बनाने की जगह और टाईमिग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने नर्सों को नोटिस भेज दिया है।

    दरअसल, नर्सों ने अस्पताल के SNCU वार्ड में वीडियो बनाए हैं। जहां पर नवजात बीमार बच्चों को ऱखा जाता है। ये वार्ड बहुत ही संवेदनशील होता है जहा पर थोड़ी सी भी लापरवाही से बच्चों की जान पर आ सकती है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि नर्सो ने नवजात बच्चों के साथ भी वीडियो बने हैं। जबकि SNCU वार्ड में किसी भी प्रकार का शोर-शराबा की अनुमति नहीं होती है। वीडियो में एक नर्स मां की ममता पर एक वीडियो में नवजात बच्चे को गोद में उठाती नजर आ रही है। नर्स की थोड़ी सी लापरवाही से बच्चों के लिए घातक साबित हो सकती है। नर्सों के ये टिक टॉक वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही लोगों ने अस्पताल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल ख़ड़े कर दिए हैं। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने नर्सों को नोटिस भेज दिया है।

    आपको बता दें कि इस से पहले भी इस तरह के कई वीडियों सामने आ चुके है जिस सोशल मीडिया पर काफी विरोध हो चुका है। म्रदास हाई कोर्ट के कहने पर भारत सरकार ने टिक टॉक के डाउनलोड करने पर बैन लगा दिया था लेकिन कुछ दिनों बाद ये फैसला वापस ले लिया गया।    

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  • WhatsApp जल्द ही करने वाला है ये बदलाव, 2020 तक WhatsApp स्टोरी में आयेंगे विज्ञापन

    WhatsApp जल्द ही करने वाला है ये बदलाव, 2020 तक WhatsApp स्टोरी में आयेंगे विज्ञापन

     

    व्हॉट्सअप कई नए फीचर्स को टेस्ट कर रहा है जिसमें डार्क मोड, इन एप ब्राउजिंग, रिवर्स इमेज सर्च, ग्रुप प्राइवेसी सेटिंग्स जैसे कई बेहतरीन फीचर्स शामिल है। वहीं व्हॉट्सएप स्टेटस को लेकर भी इस बात का एलान किया जा चुका है कि कंपनी साल 2020 में इसमें विज्ञापन देने जा रही है। हालांकि इनमें से ज्यादतर फीचर्स को फिलहाल डेवलप किया जा रहा है लेकिन कुछ को अभी से ही बीटा प्रोग्राम में देखा जा सकता है।

    फेसबुक इस बात की पुष्टी कर चुकी है कि कंपनी साल 2020 तक व्हॉट्सएप स्टोरी में विज्ञापन ला देगी। ऐसा प्राइमरी मॉनीटाइजेशन को देखकर किया जा रहा है। कई समय से एंड्रॉयड और iOS के लिए डार्क मोड फीचर पर काम किया जा रहा है। लेकिन अब WABetaInfo रिपोर्ट के अनुसार कंपनी जल्द ही एंड्रॉयड यूजर्स को डार्क मोड देने वाली है। इस फीचर की मदद से यूजर्स एप के बैकग्राउंड को डार्क मोड में बदल पाएंगे।

    इसके साथ ही यूजर्स अपने व्हॉट्सएप स्टेटस को अब सीधे फेसबुक स्टोरी पर भी शेयर कर पाएंगे। इस नए फीचर को एंड्रॉयड 2.19.151 में पाया गया है। इससे आपके पास एक ऑप्शन होगा जो एड टू फेसबुक स्टोरी होगा इसपर क्लिक करते ही सीधे आपकी स्टोरी फेसबुक पर चली जाएगी। बीटा वर्जन 2.19.151 में व्हॉट्सएप एक ऐसा फीचर देने वाला है जिससे आप QR कोड की मदद से कॉन्टैक्ट को शेयर कर सकते हैं।

    रिवर्स इमेज सर्च फीचर की मदद से यूजर किसी भी इमेज को सीधे सर्च कर सकता है और उसकी पुष्टि कर सकता है। इस फीचर की मदद से सीधे इमेज को गूगल पर अपलोड कर ये देख पाएंगे कि भेजा या पाया गया इमेज सच है या फेक। ग्रुप प्राइवेसी सेटिंग्स की मदद से कोई भी आपको ग्रुप में जोड़ नहीं पाएगा। उसे सबसे पहले परमिशन लेना होगा आपसे। वहीं फ्रिक्वेंटली फॉरवर्डेड मैसेज इंफो से ये पता चल पाएगा कि आपके पास आया हुआ मैसेज पहले कितने बार फॉरवर्ड किया जा चुका है।

    इसके अलावा फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन और ब्लॉक चैट स्क्रीनशॉट फीचर की मदद से यूजर किसी भी दूसरे यूजर्स को अपने चैट का स्क्रीनशॉट लेने से ब्लॉक कर देगा। वहीं फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन आपकी सिक्योरिटी को बढ़ाएगा।

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  • फ्लोरिडा की कंपनी ने बना दिए भविष्य के घर

    फ्लोरिडा की कंपनी ने बना दिए भविष्य के घर

     

    आज बड़े तूफान और चक्रवातों के आने का डर हर समय लगा रहता है। ऐसे में उफनते समुद्र के चलते लोग शहरों के भी बीच बनने से चिंतित होने लगे हैं। अब फ्लोरिडा की एक कंपनी ने इसका हल ढूंढ लिया है और भविष्य के हाउसबोट बना दिए है।

    तटीय इलाके से मिलने वाली बिजली या सौर ऊर्जा से लैस पहली इलेक्ट्रिक याट है जहां रहा जा सकता है। इस लग्जरी याट में आपको वाटरफ्रंट विला मिलेगा। इसके अलावा आप मोटर से लैस इस फ्लोटिंग होम को लेकर घूम भी सकते हैं।

    2300 स्क्वायर फीट की छत पर लगे सोलर पैनल के जरिए इस याट को संचालित किया जा सकता है। इस बोट में 4 स्पड्स लगे हैं जो इसके ऑटोमैटिड हाइड्रॉलिक पिलर पर इसे पानी के स्तर से ऊपर उठा देते हैं।

    इस याट को इस तरह से बनाया गया है कि यह 4 हरिकेन को झेल सकती है। इसे जहां भी पानी हो वहां खड़ा करके एक लग्जरी लाइफस्टाइल को जिया जा सकता है और यहां कोई प्रॉपर्टी टैक्स भी आपको नहीं देना पड़ेगा।

    32 फीट के बीम के साथ 75 फीट की लंबाई वाली आर्कप याट के डाइमेंशन की बात करें तो इसके अंदर का एरिया 4,350 स्क्वायर फीट है और आउटडोर लिविंग स्पेस को मुख्य और ऊपरी डेक में बांटा गया है। इसे किसी दूसरी लोकेशन पर ले जाकर किसी डॉक से बांधकर या हाइड्रॉलिक तरीके से बांधकर, स्टैंड से ऊपर उठाया जा सकता है।

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  • OnePlus 7 और 7 Pro स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, ये है खासियत

    OnePlus 7 और 7 Pro स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, ये है खासियत

     

    वनप्लस ने लंबे इंतजार के बाद अपने OnePlus 7 और 7 Pro स्मार्टफोन्स को भारत में लॉन्च कर दिया है। ये स्मार्टफोन काफी दिनों से सुर्खियों में बने हुए थे। कंपनी ने साथ ही आज इवेंट के दौरान अपने वायरलेस हेडफोन को भी लॉन्च किया है। कंपनी ने OnePlus 7 Pro की शुरुआती कीमत 48,999 रुपये रखी है। वहीं OnePlus 7 Pro के फुल स्पेसिफिकेशन्स की बाते करे तो इसमें 19:5:9 रेश्यो के साथ 6.67-इंच कर्व्ड QHD+(3120 X 1440 पिक्सल) Fluid AMOLED डिस्प्ले, 90Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले दी गई है।

    7nm प्रोसेस पर बना 2.84Ghz की स्पीड वाला ऑक्टा-कोर क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर, Adreno 640 जीपीयू और रैम की बात करे तो ये फोन 6GB, 8GB और 12GB में उपलब्ध है। वही फोन में 128GB/256GB UFS 3.02-LANE स्टोरेज दी गई है। ये स्मार्टफोन एंड्रॉयड 9 पाई बेस्ड OxygenOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा।

    इस स्मार्टफोन के रियर में प्राइमरी कैमरा 48-मेगापिक्सल सोनी IMX586 सेंसर (अपर्चर f/1.6) है और यहां OIS और EIS का सपोर्ट दिया गया है। दूसरा कैमरा टेलीफोटो लेंस वाला 8 मेगापिक्सल सेंसर है। इसका अपर्चर f/2.4 है। यहां केवल OIS का सपोर्ट मिलेगा। थर्ड कैमरा अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस वाला 16-मेगापिक्सल सेंसर है। इसका अपर्चर f/2.2 है. यहां डुअल LED फ्लैश, 3X ऑप्टिकल जूम, मल्टी ऑटोफोकस (PDAF, LAF, CAF) का भी सपोर्ट मौजूद है। साथ ही यहां पोर्ट्रेट, अल्ट्रा-शॉट, नाइटमोड, प्रो-मोड, AI सीन डिटेक्शन, पैनोरमा, HDR, स्टूडियो लाइटिंग और RAW इमेज फाइल सपोर्ट जैसे स्टैंडर्ड फीचर्स भी मौजूद हैं। फ्रंट कैमरे की बात करें तो यहां पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया गया है। ये 16 मेगापिक्सल सोनी IMX471 सेंसर है। इसका अपर्चर f/2.0 है और यहां EIS का सपोर्ट भी मौजूद है।

    इस स्मार्टफोन में 30/60 fps पर 4K रिकॉर्डिंग और 30/60 fps पर 1080p पर रिकॉर्डिंग मिलेगी। साथ ही यहां सुपर स्लो मोशन और टाइम-लैप्स का भी सपोर्ट दिया गया है। फोन में वार्प चार्ज 30 फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 4000mAh की बैटरी दी गई है। वही ये फोन मिरर ग्रे, नेबुला ब्लू और ऑलमंड कलर वेरिएंट में मिलेगा। इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर अनलॉक ऑप्शन दिया गया है। फोन का वजन 206 ग्राम है।

    वही कीमत की बात की जाए तो 6GB रैम औऱ 128GB स्टोरेज, 8GB रैम और 256GB स्टोरेज और 12GB रैम और 256GB स्टोरेज के लिए कीमत क्रमश: 48,999 रुपये, 52,999 रुपये और 57,999 रुपये रखी गई है।

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