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    भारत में TikTok को मात दे रही है ये 5 ऐप्स, देखिए लिस्ट

     

    हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से भारत में टिक टॉक समेत 59 चाइनीज ऐप्स को बैन कर दिया गया है। सीमा पर तनाव के बीच भारत सरकार ने इन ऐप्स को देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा बताते हुए प्रतिबंधित कर दिया। ऐसे में बैन किए गए ऐप्स में सबसे ज्यादा पॉप्युलर शॉर्ट वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप टिकटॉक भी शामिल है, जिसके भारत में 20 करोड़ से अधिक यूजर्स थे। 

    वही, भारत में टिकटॉक के बैन होने से सोशल मीडिया स्पेस में एक खालीपन आया है, जिसे अब भारतीय ऐप्स भरने में जुटे हुए हैं। ऐसे में देश में मित्रों और चिंगारी जैसे ऐप्स बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं और इनके डाउनलोड्स में तेजी से वृद्धि हो रही है। जी हां, शायद आपने आज से पहले इन APPs का नाम नहीं सुना होगा लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे है टिकटॉक की जगह ले रहे टॉप 5 भारतीय ऐप्स के बारे में। तो आइए जानते है... 

    चिंगारी (Chingari) 

    देश में चिंगारी ऐप की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में इसके डाउनलोड्स में काफी वृद्धि हो रही है। पिछले सप्ताह गूगल प्ले स्टोर पर इसके डाउनलोड्स की संख्या 1 करोड़ से पार चली गई। वही, कंपनी जल्द ही नया यूजर इंटरफेस पेश करने के साथ बग्स को दूर करने की कोशिश में है। 

    मित्रों (Mitron) 

    भारत में अब टिकटॉक का सबसे बड़ा और विकल्प मित्रों बन गया है। ऐसे में एक सप्ताह में ही इस ऐप के यूजर्स की संख्या 1 करोड़ से बढ़कर 1.7 करोड़ हो गई है। यही नहीं, इसे 2 करोड़ रुपए का निवेश भी मिला है, जिसका इस्तेमाल करते हुए फाउंडर्स ऑपरेशंस को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। 

    मोज (Moj) 

    चाइनीज ऐप्स पर बैन के ठीक बाद शेयरचैट ने भारत में मोज ऐप को लॉन्च किया। ऐप के गूगल प्ले स्टोर पर 50 लाख डाउनलोड्स हैं और यह बंगाली, गुजराती, कन्नड़ सहित 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। 

    हिपी (HiPi) 

    इसके अलावा Zee5 ने भी टिकटॉक जैसे ऐप हिपी को लॉन्च करके इस मौके को भुनाने का प्लान बनाया है। बता दें कि ऐप को अभी लॉन्च नहीं किया गया है। लेकिन मार्केट में इसकी खूब चर्चा हो रही है। 

    रोपोसो (Roposo) 

    चिंगारी और मित्रों की तरह रोपोसो के यूजर्स में भी बेहद कम समय में काफी वृद्धि हुई है। 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध रोपोसो के 2.2 करोड़ यूजर्स चाइनीज ऐप्स पर बैन के बाद महज 2 दिन में बढ़े हैं। 

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  • दुनिया का पहला ऐसा होटल जिसके एंट्री गेट से लेकर टॉयलेट तक में लगा है सोना, देखें तस्वीरें

    दुनिया का पहला ऐसा होटल जिसके एंट्री गेट से लेकर टॉयलेट तक में लगा है सोना, देखें तस्वीरें

     

    वैसे तो दुनियाभर में कई ऐसे होटल है जो किसी खासियत के चलते मशहूर है। लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे है दुनिया के पहले ऐसे होटल के बारे में जिसके एंट्री गेट, कप, टेबल, खिड़कियां, नल, वॉशरूम से लेकर खाने के बर्तन सबकुछ सोने का है। जी हां, 2 जुलाई यानी गुरुवार को वियतनाम के हनोई में सोने के होटल का शुभारंभ हुआ है।

    इस होटल का नाम है डोल्से हनोई गोल्डन लेक (Dolce Hanoi Golden Lake। यह एक 5 स्टार होटल है जो 25 मंजिला तक बनाया गया है। इस होटल में 400 कमरे हैं। होटल की बाहरी दीवारों पर करीब 54 हजार वर्ग फीट गोल्ड प्लेटेड टाइल्स लगाई गई हैं। वही, लॉबी में फर्नीचर और साज-सज्जा में भी सोने की कारीगरी की गई है। ताकि पूरे होटल में गोल्डन अहसास हो।

    इतना ही नहीं होटल के वॉशरूम में बाथटब, सिंक, शॉवर से लेकर सभी एक्सेसरीज गोल्डन हैं। बेडरूम में भी फर्नीचर और साजो-सामान पर गोल्ड प्लेटिंग की गई है। इसके अलावा होटल के स्टाफ का ड्रेस कोड भी रेड और गोल्डन रखा गया है। छत पर इन्फिनिटी पूल बनाया गया है। यहां से हनोई का खूबसूरत नजारा दिखता है। यहां की छत की दीवारों पर भी गोल्ड प्लेटेड ईंटें लगी हैं।

    वही, हनोई के बीचोबीच बने इस 25 मंजिला होटल के पुल से शहर नजर आता है। कहा तो ये भी जा रहा है कि वहां जो खाना परोसा जाता है उसमें भी खास तरह से ‘गोल्ड’ मिलाया जाता है। यही नहीं, ये होटल महंगा है कि एक रात स्टे के लिए 250 डॉलर देने पड़ते हैं। आपको बता दें कि इस होटल का निर्माण साल 2009 में शुरु हुआ था। होटल के ऊपरी फ्लोर पर फ्लैट्स भी बनाए गए हैं। अगर किसी को अपने लिए फ्लैट्स लेना हो तो वो भी ले सकता है।

     

    इस होटल को दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे लग्जरी होटल का खिताब दिया गया है। इसे होआ बिन ग्रुप एंड विनधम ग्रुप ने मिलकर बनाया है। ये दोनों मिलकर 2 सुपर 6 स्टार होटल मैनेज कर रहे हैं। वही, इस होटल में 6 प्रकार के रूम्स हैं। साथ ही 6 प्रकार के सुइट भी हैं।

    प्रेसिडेंशियल सुइट की कीमत 4.85 लाख रुपए प्रति रात है इस होटल में एक गेमिंग क्लब भी है जो 24 घंटे खुला रहता है। यहां पर कसीनो और पोकर जैसे गेम हैं। जहां आप जीतने के बाद पैसे भी कमा सकते हैं।

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  • Fair & Lovely क्रीम में अब नहीं रहेगा फेयर, कंपनी बदल रही नाम

    Fair & Lovely क्रीम में अब नहीं रहेगा फेयर, कंपनी बदल रही नाम

     

    नस्ली मानसिकता के खिलाफ अमेरिका समेत दुनिया भर में चल रहे आंदोलनों के बीच यूनिलिवर कंपनी अपने सौंदर्य उत्पाद 'फेयर ऐंड लवली' का नाम बदलने जा रही है. यूनिलिवर कंपनी सिर्फ फेयर ऐंड लवली ब्रैंड से ही भारत में सालाना 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा का कारोबार करती है. दुनिया भर में अश्वेतों के प्रति भेदभाव रोकने की मुहिम के बीच गोरे रंग को बढ़ावा देने वाली क्रीम को लेकर भी सवाल उठ रहे थे.

    यूनिलिवर कंपनी ने कहा है कि वह अपने ब्रैंड की पैकेंजिंग से फेयर, व्हाइटनिंग और लाइटनिंग जैसे शब्दों को हटा देगी. इसके अलावा, विज्ञापनों और प्रचार सामग्री में हर रंग की महिलाओं को जगह दी जाएगी. भारत के अलावा, यह क्रीम बांग्लादेश, इंडोनेशिया, थाईलैंड, पाकिस्तान और एशिया के कई देशों में बिकती है.

     

    अमेरिका में एक अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद से ही पूरी दुनिया में नस्लीय मानसिकता को लेकर बहस छिड़ गई है. तमाम जगहों पर 'ब्लैक लाइव्स मैटर' जैसे मूवमेंट चलाए जा रहे हैं. इसी सप्ताह, जॉनसन ऐंड जॉनसन कंपनी ने कहा था कि वह स्किन व्हाइटनिंग के कारोबार से हट रही है. इसमें भारत में क्लीन ऐंड क्लियर फेयरनेस ब्रैंड और एशिया में न्यूट्रोजेना फाइन फेयरनेस लाइन जैसे उत्पाद भी शामिल हैं.

    यूनिलिवर ब्यूटी ऐंड पर्सनल केयर डिवीजन के अध्यक्ष सनी जैन ने कहा, "हम इस बात को समझते हैं कि फेयर, व्हाइट और लाइट जैसे शब्द सुंदरता की एकपक्षीय परिभाषा को जाहिर करते हैं जोकि सही नहीं है. हम इसे सुधारना चाहते हैं."

    भारत समेत एशियाई देशों में गोरे रंग को लेकर कुछ ज्यादा ही क्रेज है. गोरे रंग को केवल सुंदरता ही नहीं बल्कि स्टेटस और पैसे से भी जोड़कर देखा जाता है. इसी मानसिकता को लॉरियल, प्रॉक्टर ऐंड गैंबल जैसी तमाम कंपनियां भुनाती हैं और गोरे रंग की स्किन का वादा करने वाले तमाम उत्पाद पेश करती हैं.

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  • क्या आपको भी नहीं सूझ रहा Father's Day के लिए स्पेशल Gift, तो यहां देखिए लिस्ट !

    क्या आपको भी नहीं सूझ रहा Father's Day के लिए स्पेशल Gift, तो यहां देखिए लिस्ट !

     

    21 जून यानि रविवार को फादर्स डे मनाया जाएगा। इस दिन छोटे से लेकर बड़े बच्चे अपने पिता को तरह-तरह के उपहार देते है अथवा उनके लिए सरप्राइज प्लान करते है। ऐसे में यदि आप भी उनके लिए गिफ्ट सोच रहे और आपको नहीं समझ आ रहा कि क्या दिया जाए। तो सोच-सोच कर परेशान न होये आज हम आपको suggest जा रहे है कुछ ऐसे तोहफे जो यदि आप अपने पापा को देते है तो वह खुश भी होंगे और इम्प्रेस भी। जी हां, आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे गिफ्ट्स के बारे में जो आज कल काफी trend में है। तो आइए जानते है Father's Day Gifts के बारे में... 

    - देखिए अपने पिता को गिफ्ट देते टाइम सबसे पहले ये सोचिए कि उन्हें किस चीज की आवयश्कता है। यदि आप Father's Day पर उन्हें उनकी जरूरत या उनकी पसंदीदा चीज देंगे तो वह उससे देख बहुत खुश हो जाएंगे।

    - वही, सबसे आसान और रोज की जरूरत के मुताबिक Mug एक सबसे अच्छा आइडिया है। जी हां, ऐसे में आप मग पर अपने पिता की तस्वीरें भी लगवा सकते हैं या फिर उनके लिए कोई प्यारा सा मैसेज लिखवा सकते हैं।

    - जैसा की आप जानते ही है देशभर में इस वक्त कोरोना वायरस फैला हुआ है और ऐसे में बाहर जाना थोड़ा असंभव है। लेकिन परेशान न हो ऐसे में आप पापा को गिफ्ट देने के लिए घर पर ही गिफ्ट कार्ड बना सकते है। इसमें खास बात है कि आप इसमें कोई भी मैसेज लिख सकते हैं, जो आपके पिता के दिल को छू जाए।

    - किसी भी तरह का कस्टमाइज्ड गिफ्ट पापा और मम्मी दोनों को ही पसंद आता है। ऐसे में आप अपने पिता के लिए एक कस्टमाइज्ड वॉलेट खरीद सकते है। वही, यदि आप इसमें अपनी पासपोर्ट साइज तस्वीर या फिर अपने परिवार की छोटी सी कोई तस्वीर दाल देंगे तो इससे आपके पापा बेहद खुश हो जाएंगे।

    - इसके अलावा आप अपने पिता को एक स्मार्ट वॉच भी गिफ्ट कर सकते है। यदि आप भर नहीं जा सकते इससे खरीदने तो ऑनलाइन भी आपको स्मार्ट वॉच के बहुत से ऑप्शन्स मिल जाएंगे।

    - ये तो आप जानते ही है पुरुष को हमेशा ही ग्रूमिंग की जरूरत होती है और इसलिए उनके लिए शेविंग किट से बेहतर क्या हो सकता है। इस तरह के ग्रूमिंग सेट्स आप ऑनलाइन खरीद सकते हैं और इसे फादर्स डे पर गिफ्ट कर सकते है।

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  • जानिए कैसे हुई थी International Yoga Day की शुरुआत और योग से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में !

    जानिए कैसे हुई थी International Yoga Day की शुरुआत और योग से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में !

     

    हर साल 21 जून को पुरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga day) मनाया जाता है। इस मौके पर हर कोई योग से जुड़े फायदों के बारे में बात करता है और योगा करते हुए तस्वीरें शेयर करता है। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्रियों से लेकर बॉलीवुड सेलेब्स तक सभी योग दिवस के दिन Yoga करते हुए अपना वीडियो या फिर तस्वीरें शेयर करते है।

    इस अवसर पर वह लोगों को योग करने के प्रति जागरूक करते हैं और बताते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग कितना जरूरी है। इतना ही नहीं इस अवसर पर बड़े- बड़े मैदानों में भी आम जनता से लेकर मंत्रियो के योगा करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। 

    योग दिवस की शुरुआत कैसे हुई? 

    जैसा की आप जानते है खुद को स्वस्थ रखने के लिए कई लोग रोज योग करते हैं। वही, कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हे yoga से होने वाले फायदों के बारे में नहीं पता। ऐसे में लोगों को योग का महत्व तथा उससे शरीर को होने वाले फायदों से रु-ब-रु करवाने के लिए विश्वभर में योग दिवस मनाने की शुरुआत भारत की पहल के चलते हुई इस दिन की शुरुआत कुछ साल पहले हुई।

    जी हां, संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। इसके बाद महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस (Yoga Diwas) के रूप में मनाया जाएगा। जिसके बाद दुनियाभर के लोग हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाते हैं। 

    ये है योग से होने वाले बड़े फायदे 

    - प्रति दिन योगा करने से आप फिट रहने के साथ-साथ खुश भी रहेंगे। 

    - आपको बता दें कि योग के अभ्यास के दौरान सांस लेने की प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसके साथ ही योग सांस पर नियंत्रण रखने की कला सिखाता है। सांस पर नियंत्रण होने के कारण मस्तिष्क के हर हिस्सों में संतुलन बना रहता है।

    - आज के समय में तकरीबन सभी लोग बढ़ते वजन की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में अगर आप वजन  कम करना चाहते हैं, तो योग आपके लिए मददगार हो सकता है। सूर्य नमस्कार और कपाल भारती प्राणायम आपको शरीर पर जमा अतिरिक्त चर्बी से राहत दिलाने में मदद करता है। 

    - इसके अलावा हमारे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए योग ही एक साधन है। 

    - वही, प्रतिदिन योगा के अभ्यास से आपको मानसिक तनाव से भी राहत मिलेगा। तनाव को दूर करने में योगासन, प्राणायाम और ध्यान बहुत ही प्रभावी होते हैं।

    - जानकारी के लिए आपको बता दें कि योगासनों और श्वास-तकनीकों से शरीर में रक्त का संचार बेहतर हो जाता है। ऐसे में ब्लड सर्कुलेशन के बढ़िया होने से शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत नहीं होती है।

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  • जानिए आखिर क्यों मनाया जाता है World No Tobacco Day और क्या है इसका महत्व !

    जानिए आखिर क्यों मनाया जाता है World No Tobacco Day और क्या है इसका महत्व !

     

    जैसा की हम सब जानते है कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लेकिन इसके बावजूद लोग इसका सेवन करते हैं। ऐसे में पूरी दुनिया में हर साल 31 मई के दिन विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) मनाया जाता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस को मनाने का एक बड़ा उद्देश्य है। इस दिन तंबाकू या इसके उत्पादों के उपभोग पर रोक लगाने या इस्तेमाल को कम करने के लिए लोगों को जागरुक किया जाता है। इसके अलावा वर्ल्ड नो टोबैको डे पर तंबाकू खाने वाले लोगों को कई प्रकार के कैंसर और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचे रहने के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

    किसने की थी इस दिन की शुरुआत

    इस दिन की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने की थी। डब्ल्यूएचओ द्वारा इसकी शुरुआत इसलिए की गई ताकि लोगों को तंबाकू का सेवन करने के कारण होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जा सके। 

    हर साल रखी जाती है स्पेशल थीम 

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि इन दिन को मनाने के लिए वर्ल्ड नो टोबैको डे की थीम भी रखी जाती है। ऐसे में इस साल यानि 2020 में वर्ल्ड नो टोबैको डे की थीम  युवाओं पर रखी गई है। वही, इस बार की थीम में कहा गया है- 'युवाओं को इंडस्ट्री के हथकंडे से बचाना और उन्हें तंबाकू और निकोटिन के सेवन से रोकना है।' साल 2020 में हेल्थ सेफ्टी को प्रोत्साहन देना और तंबाकू के सेवन ना करने को लेकर जागरुकता फैलाने पर इस बार जोर दिया जा रहा है।

    ऐसे में डब्ल्यूएचओ युवाओं को तम्बाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों को समझने के लिए विभिन्न माध्यमों की कोशिश कर रहा है। इसमें युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए तम्बाकू उद्योग विभिन्न तरीकों का उपयोग कैसे करते हैं ये भी शामिल है। धूम्रपान करने वालों में से अधिकांश लोग इस आदत की शुरुआत करते हैं जब वे किशोर होते हैं, इसलिए उन्हें धूम्रपान और वाष्प से दूर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है।

    तो इस वजह से हुई थी World No Tobacco Day की शुरुआत 

    आपको बता दें कि वर्ष 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तंबाकू के सेवन से होने वाले रोगों की वजह से मृत्युदर में वृद्धि को देखते हुए इसे एक महामारी माना। इसके बाद पहली बार 7 अप्रैल 1988 को डब्ल्यूएचओ की वर्षगांठ पर मनाया गया और जिसके बाद हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। 

    क्या है वर्ल्ड नो टोबैको डे का महत्व 

    दरअसल, तंबाकू एक प्रकार की फसल होता है जिसकी खेती की जाती है। दुनियाभर की कई जगहों पर इसकी कृषि की जाती है। तंबाकू का मानव शरीर पर काफी नुकसान पड़ता है। इसके पत्तों पर उच्च मात्रा में नशीला पदार्थ पाया जाता है। इसके सेवन से मानव स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ता है। ऐसे में स्वास्थ्य पर तंबाकू के बुरे प्रभावों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए इस दिन कई अभियान, कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस दुनिया भर में धूम्रपान करने के प्रभाव, तंबाकू चबाने और इससे उत्पन्न हुई बीमारियां जैसे कि कैंसर, दिल की बीमारियों के बारे में जागरुक करना ही इस दिन को मनाने का महत्व है।

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  • गर्मी से है परेशान तो बचाव के लिए करें ये उपाय, इन बातों का भी रखें खास ख्याल

    गर्मी से है परेशान तो बचाव के लिए करें ये उपाय, इन बातों का भी रखें खास ख्याल

     

    देशभर में जहां एक तरफ लोग कोरोना वायरस (कोविड-19) से लड़ रहे है वही अब गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। उत्तर और मध्य भारत में अब गर्मी का पारा 40 डिग्री को भी पार करने लगा है। ऐसे में सभी को अपना ख्याल रखने अथवा गर्मी से बचने की जरूरत है। जी हां, इस बढ़ती गर्मी के कारण अक्सर हर साल बहुत लोग किसी न किसी बीमारी के चपेट में आ जाते है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे है उन चीजों के बारे में जिनसे आपको इस गर्मी में बचना है। साथ ही आज हम आपको ये भी बताएंगे की किन चीजों के सेवन से गर्मी में राहत मिल सकती है। तो आइए जाते है...

    डिहाइड्रेशन 

    गर्मी में होने वाले सबसे कॉमन प्रॉब्लम डिहाइड्रेशन है। इससे बचने के लिए खूब पानी पीते रहें। अगर आप डायबिटीज के रोगी नहीं है तो गर्मी में मीठे फलों और शर्बतों का लुत्फ उठाएं। वही, गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए सुबह उठने के बाद एक गिलास नीबू पानी जरूर पीएं। बता दें कि नीबू पानी वजन कम करने में भी सहायक है। 

    इन चीजों का करें सेवन

     गर्मी में कच्ची सब्जियों, रेशेदार फलों आदि को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। आग बरसते दिनों में उन फलों और सब्जियों को खाया जाना चाहिए जो खासतौर से गर्मी से मुकाबला करने की शरीर में ताकत पैदा करते हैं। ऐसे में आपको खरबूजा, तरबूज, आम, बेल, खीरा, लीची, ककड़ी, नीबू, संतरा, मौसंबी, आड़ू, आलूबुखारे, नारियल पानी, सत्तू, दही, छाछ जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और ये भयानक गर्मी की लू से बचाने में हमारी सहायता भी करती हैं। इसलिए इन दिनों अपने खान-पान में इन सारी चीजों को शामिल करें। 

    इनसे करें बचाव 

    गर्मी के मौसम में एकदम ठंडी जगह पर आने से या ठंडे स्थान से एकाएक गर्म स्थान पर आने से बीमार होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। तेज धूप से बाहर सड़क पर आने के बाद एकाएक एसी रूम में चले जाने से शरीर को नॉर्मल होने का समय ही नहीं मिलता। इसकी वजह से गर्मी लगने और जुकाम होने का डर रहता है। वही, इन दिनों सनस्ट्रोक से बचाव करना जरूरी है। धूप के सीधे आंखों पर पड़ने से आंखों के खराब होने की आशंका तो रहती ही है। इसके अलावा गर्मी लग जाने का भी डर लगा रहता है। 

    इन बातों पर करें अमल

     गर्मी के दिनों में कपड़ों के नजरिए से बिना बाजू के कपड़े पहनने के कई खतरे होते हैं। जी हां, शायद आपको ये बात थोड़ी अजीब लगे पर ये सच है। दरअसल, पूरी बांह के सूती कपड़े इस मौसम के लिए उपयुक्त होते हैं। ये पसीना तो सोखते ही हैं, साथ ही शरीर की ऊष्मा को भी क्षतिग्रस्त होने से रोकते हैं। इस मौसम में घर से बाहर निकलने से पहले सिर को टोपी, हैट या तौलिए से ढंककर रखें। इसके अलावा हो सके तो पैरों में पतली जुराबें पहने।

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  • World Hypertension Day 2020: जानें क्या है हाइपरटेंशन के लक्षण और बचाव के उपाय

    World Hypertension Day 2020: जानें क्या है हाइपरटेंशन के लक्षण और बचाव के उपाय

     

    प्रत्येक वर्ष 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। इस दिन पर लोगों को हाइपरटेंशन के प्रति जागरुक किया जाता है। साथ ही, उन्हें बताया जाता है कि इस खतरनाक बीमारी से कैसे बचाव किया जा सकता है। जैसा कि आप जानते ही है हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर बीमारी है, क्योंकि ज्यादातर लोगों में इसका कोई बाहरी लक्षण या संकेत नहीं दिखता है।

    नियमित सिरदर्द, सांस की तकलीफ, चक्कर आना, अंगों का फड़कना और प्रतिकूल स्थितियों में नाक बहना आदि कुछ ऐसे मामूली लक्षण हैं, जिन पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। आपको बता दें कि हाइपरटेंशन कई कारणों से होता है, जिनमें से कुछ कारण शारीरिक और कुछ मानसिक होते हैं। वही, हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के पार पहुंच जाता है। हाइपरटेंशन से बचाव के उपाय इस प्रकार है... 

    - अपने लोअर बीपी, फास्टिंग शुगर, कमर की चौड़ाई, रैस्टिंग हार्ट रेट और कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन एलडीएल या खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को 80 से नीचे रखें।

    - प्रतिदिन 80 मिनट टहलें, सप्ताह में कम से कम 80 कदम प्रति मिनट की गति से 80 मिनट तेज चाल चलें।

    - किडनी और फेफड़े की कार्यक्षमता 80 प्रतिषत से अधिक रखें।

    - कम खाओ, एक भोजन में 80 ग्राम/80 एमएल कैलोरी से अधिक भोजन नहीं लेना चाहिए। साल में 80 दिन रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट न खाएं।

    -  साल में 80 दिन धूप से विटामिन डी लें।

    - शराब न पिएं और अगर पीते हैं, तो एक दिन में 80 एमएल से कम व्हिस्की (80 प्रूफ 40 प्रतिषत अल्कोहल) ही लें या एक सप्ताह में 80 ग्राम (240 एमएल) से कम व्हिस्की लें।

    - प्रतिदिन प्राणायाम के 80 चक्र 4 श्वास प्रति मिनट की गति से करें।

    - धूम्रपान न करें या हृदय की सर्जरी के लिए तैयार रहें, जिसकी लागत रु. 80,000 होगी। जीवन भर में 80 बार रक्तदान करें।

    - ध्वनि प्रदूषण के 80 डीबी लेवल के संपर्क में आने से बचें।

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  • World Telecommunication Day 2020 : जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व दूरसंचार दिवस

    World Telecommunication Day 2020 : जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व दूरसंचार दिवस

     

    हर साल 17 मई को विश्‍व दूरसंचार दिवस अर्थात वर्ल्‍ड टेलीकम्‍युनिशेन डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य इंटरनेट और नई प्रौद्योगिकियों द्वारा समाज में आए सामाजिक परिवर्तनों से लोगों को परिचित कराना है। इसके अलावा इस दिन लोगों के मूलभूत मानव अधिकारों के प्रति लोगों का ध्यान केन्द्रित करना तथा समाज के बेहतर विकास के लिए प्रस्तुत की गई सूचना को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य है। जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 1973 में मैलेगा-टोर्रीमोलिनोन्स में एक सम्मेलन में 17 मई को यह दिवस मनाए जाने की घोषणा की गई थी।

    दूरसंचार क्या है? 

    एक संचार जो केबल, टेलीग्राफ या प्रसारण द्वारा किसी दूरी से किया जाता है उसे दूरसंचार कहते है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि यह सिग्नल, संदेश, शब्द, लेखन, छवियों और ध्वनियों या किसी भी प्रकार की जानकारी का संचरण है। प्रौद्योगिकी के बिना संचार प्रतिभागियों के बीच जानकारी का आदान-प्रदान संभव नहीं है। 

    क्यों मनाया जाता है विश्व दूरसंचार दिवस? 

    विश्व दूरसंचार मनाने का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट, अन्य सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) का उपयोग करने की जागरूकता को बढ़ाना तथा समाज और अर्थव्यवस्था में लाना और डिजिटल विभाजन को कम करना है। 

    विश्व दूरसंचार दिवस का इतिहास 

    विश्व दूरसंचार दिवस 17 मई, 1865 को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International Telecommunication Union, ITU) की स्थापना का जश्न मनाता है। 17 मई, 1969 को पहली बार विश्व दूरसंचार दिवस मनाया गया, ITU की स्थापना और 1865 में पहले अंतर्राष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर करने के लिए। यह 1973 में Malaga-Torremolinos में Plenipotentiary सम्मेलन द्वारा स्थापित किया गया था।

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  • कोरोना का फायदा उठा रहा है चीन, भारत के पड़ोस में बनाया कृत्रिम आइलैंड, देखें तस्वीरें

    कोरोना का फायदा उठा रहा है चीन, भारत के पड़ोस में बनाया कृत्रिम आइलैंड, देखें तस्वीरें

     

    जहां एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। इस बीच चीन ने बदनीयती का एक और नमूना पेश किया है जिसकी सोशल मडिया में चर्चा हो रही है। विश्वभर में फैली महामारी का चीन गलत तरीके से फायदा उठाने में लगा है। वो भारत को घेरने के लिए बहुत तेजी से हिंद महासागर में एक कृत्रिम द्वीप का निर्माण करने में लगा है।

    भारत से महज 684 किमी दूर मालदीव के पास इस द्वीप के बनने से भारत समेत कई देशों के लिए रणनीतिक तौर पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। दरअसल, इसका खुलासा सैटेलाइट से जारी एक तस्वीर से हुआ है। ये तस्वीरें ओपन सोर्स इंटेलीजेंस एनालिस्ट डेट्रेस्फा ने जारी की हैं। 

    वही, दुनियाभर में हथियारों की खरीद-बिक्री पर नजर रखने वाली इंटरनेशनल एजेंसी सीआईपीआरआई के हेंस क्रिस्टेंसन ने ट्वीट किया, 'मालदीव के फेदूफिनोल्हू द्वीप को मालदीव की सरकार ने चीन को 30.33 करोड़ रुपये में 50 साल की लीज पर दिया था,अब चीन ने इस द्वीप को और बढ़ा लिया है, इस पर सड़कें, इमारतें आदि दिख रही हैं, वह भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है।'

    आपको बता दें कि चीन के इस कदम से भारत को सबसे ज्यादा खतरा है। जो द्वीप बन रहा है उसकी दूरी भारत से सिर्फ 600 किमी दूर है। यानी 20 मिनट में कोई भी मिसाइल पहुंच सकता है। यहां से वो लगातार भारत पर नजर भी रख सकता है।

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  • ...तो इसलिए मनाया जाता है International Nurses Day, जानिए इस दिन से जुड़ी ये खास बातें

    ...तो इसलिए मनाया जाता है International Nurses Day, जानिए इस दिन से जुड़ी ये खास बातें

     

    International Nurses Day 2020: अंतरराष्‍ट्रीय नर्स दिवस हर साल 12 मई को मनाया जाता है। यह दिवस मुख्य रूप से विश्वभर की नर्सेज के सम्मान में मनाया जाता है। आप तो जानते ही है बीमारी छोटी हो या बड़ी एक नर्स ही ऐसी होती है जो मरीज का विशेष रूप से ख्याल रखती है। वही, आज के समय में जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से झूझ रही है तो इस दौर में नर्सों की भूमिका और भी बड़ी हो गई है। अस्पतालों में नर्सें दिन-रात काम करती हैं।

    वही, मरीजों को दी जाने वाली हर प्रकार की सुविधाओं और सेवाओं का खयाल नर्स ही रखती हैं। ऐसे में नर्सें मरीजों को जल्दी ठीक करने और उनकी हर तरह से देखभाल करने का काम करती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 12 मई को नर्स दिवस इसके संस्थापक के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें नाइटिंगेल ऑफ फ्लोरेंस (Nightingale of Florence) कहा जाता है।

    कैसे हुई अंतरराष्ट्रिय नर्स दिवस की शुरुआत?

    दरअसल, नाइटिंगेल ऑफ फ्लोरेंस मॉर्डन नर्सिंग की फाउंडर थी। उन्होंने क्रीमिया के युद्ध के दौरान कई महिलाओं को नर्स की ट्रेनिंग दी थी और कई सैनिकों का इलाज भी किया था। उन्होंने नर्सिंग को एक पेशा बनाया और वह विक्टोरियन संस्कृति की एक आइकन बनी। वह विशेष रूप से वह 'लेडी विद द लैंप' (Lady With the Lamp) के नाम से जानी गई क्योंकि वह रात के वक्त कई सैनिकों का इलाज किया करती थी।

    वही,1860 में नाइटिंगेल ने लंदन में सेंट थॉमस अस्पताल में अपने नर्सिंग स्कूल की स्थापना के साथ पेशेवर नर्सिंग की नींव रखी थी। यह दुनिया का पहला नर्सिंग स्कूल था, जो अब लंदन के किंग्‍स कॉलेज का हिस्सा है। नर्सिंग में अपने अग्रणी कार्य के कारण पहचान बनाने वाली फ्लोरेंस के नाम पर ही नई नर्सों द्वारा नाइटिंगेल प्लेज ली जाती है। नर्स के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्लोरेंस नाइटिंगेल मेडल ही सबसे उच्च प्रतिष्ठत है।

    दुनिया भर में अंतरराष्‍ट्रीय नर्स दिवस फ्लोरेंस के जन्मदिन पर मनाया जाता है। इसके बाद जनवरी 1974 में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की याद में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव यूएस में पारित हुआ था। हालांकि, इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (ICN) 1965 से अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाता आ रहा है। हर साल इस मौके पर ICN अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस किट वितरित करता है इस किट में आम लोगों की जानकारी के लिए कुछ किताबें होती हैं, जिन्हें सब देशों की नर्सों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

    नर्स डे 2020 पर ये रहेगी में थीम

    इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (ICN) की वेबसाइट के मुताबिक, इस साल नर्स दिवस की थीम 'विश्व स्वास्थ्य के लिए नर्सिंग है।' यह नर्सों और जनता को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। साथ ही यह लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करेगा ताकि आने वाली पीढ़ी नर्स परिवार का एक हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित हो।

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  • Mothers Day 2020 : जानिए क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, कब हुई थी इसकी शुरुआत

    Mothers Day 2020 : जानिए क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, कब हुई थी इसकी शुरुआत

     

    10 मई यानी रविवार को मदर्स डे है। इस मौके पर बच्चे अपनी मां के साथ खास पल बिताते है अथवा उन्हें कई तरह के गिफ्ट व सरप्राइज देते है। ऐसे में इस डे को मनाने का मुख्य उद्देश्य मां की निःस्वार्थ सेवा और प्यार के बदले उन्हें सम्मान और धन्यवाद देने के लिए लोगों को जागरूक करना है। वही, मां को सम्मान देने वाले इस दिन को कई देशों में अलग-अलग तारीख पर सेलिब्रेट किया जाता है। लेकिन भारत समेत ज्‍यादातर देशों में मई के दूसरे रविवार को ही मदर्स डे के रूप में मनाया जाता है। 

    मदर्स डे की शुरुआत कैसे हुई ? 

    दरअसल, मदर्स डे की शुरुआत अमेरिका से हुई। अमेरिकन एक्टिविस्ट एना जार्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। उन्होंने न कभी शादी की और न कोई बच्चा था। मां की मौत होने के बाद प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन की शुरुआत की। फिर धीरे-धीरे कई देशों में मदर्स डे मनाया जाने लगा। 

    वही, 9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक लॉ पास किया था जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाएगा, जिसके बाद मदर्स डे अमेरिका, भारत और कई देशों में मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाने लगा। 

    मदर्स डे का महत्व 

    वैसे तो मां को प्यार करने और तोहफे देने के लिए किसी खास दिन की जरुरत नहीं, लेकिन फिर भी मदर्स डे के दिन मां को और सम्मान दिया जाता है। ऐसे में 'मदर्स डे'  के दिन लोग अपनी मां को गिफ्ट, चॉक्लेट और ढेर सारा प्यार देते है।

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  • लड़कों की इन बुरी आदतों की वजह से अक्सर टूट जाते है रिश्ते, जानिए वजह

    लड़कों की इन बुरी आदतों की वजह से अक्सर टूट जाते है रिश्ते, जानिए वजह

     

    वैसे तो हर इंसान में कोई न कोई कमी या बुरी आदत जरूर होती है। ऐसे में कई बार वह खुद तो कई बार उनके परिवार या उनके करीबी उनकी आदतों को सुधारने का प्रयास करते है। लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद उनकी आदतें नहीं बदल पाती। आपको बता दें कि लड़कों में कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जो कभी नहीं बदलती हैं। कई बार लड़कों की इन खराब आदतों के कारण उनके रिश्ते भी खराब हो जाते हैं। जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे है लड़को की कुछ ऐसी आदतें जो कभी नहीं बदलती। तो आइए जानते है... 

    केयर न करना 

    आज के समय में बहुत कम लड़के ऐसे होते हैं जिन्हें अपने पार्टनर की केयर करना अच्छा लगता है। वरना तो ज्यादातर लड़के अपने पार्टनर की केयर करने से बचते हैं। वहीं, हर लड़की चाहती है कि उसका पार्टनर केयरिंग हो। ऐसे में केयर न करने वाले लड़के कई चीजों को अनदेखा कर देते हैं। यही नहीं वह अपने पार्टनर की केयर नहीं करते जिसके चलते उनके रिश्ते में दरार आनी शुरू हो जाती है। 

    बात बात पर झूठ बोलना

    वही, कई लड़को की हर बात पर झूठ बोलने की आदत होती है। जो कितनी भी कोशिश के बावजूद भी नहीं बदलती है। लड़को की यह आदत धोखेबाजी की निशानी है। ऐसे में अक्सर वह अपने पार्टनर या परिवार वालों से भी झूट बोलते है और हकीकत को दबाते है। 

    दूसरी लड़कियों के साथ फर्ल्ट करना 

    इसके अलावा कई लड़कों में हर लड़की से फर्ल्ट करने की आदत होती है। लाख समझने बुझाने के बाद भी उनकी यह आदत नहीं बदलती। जिस कारण उनका अच्छा खासा रिश्ता खराब हो जाता है अथवा टूट जाता है। 

    इग्नोर करना 

    आपको बता दें कि लड़कों में चीजों और बातों को इग्नोर करने की बहुत आदत होती है। कई बार वो अपने पार्टनर के अपसेट होने को भी इग्नोर करते हैं और लड़कियों को ये चीजे बिलकुल अच्छी नहीं लगती। जिसके कारण कई बार लड़को की इस आदत के चलते उनका रिश्ता खराब कर देता है।

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  • लॉकडाउन के दौरान अगर आप घर पर मंगवा रहे है खाना, तो डिलीवरी लेते वक्त इन बातों का रखें खास ध्यान

    लॉकडाउन के दौरान अगर आप घर पर मंगवा रहे है खाना, तो डिलीवरी लेते वक्त इन बातों का रखें खास ध्यान

     

    देश की राजधानी दिल्ली में एक पिज्जा डिलीवरी बॉय में कोरोना की पुष्टि के बाद से राज्य में कोविड-19 का संकट गंभीर हो गया है। ऐसे में लोगों के मन में अब वहम और डर बैठ गया है। हालांकि आपको इससे डरने की जरूरत नहीं है बस सिर्फ खाने या किसी भी चीज की डिलीवरी को रिसीव करने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखने की आवयश्कता है। जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे है एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए कुछ टिप्स के बारे में जिन्हे ऑनलाइन खाना मंगवा रहे लोगो को मद्देनजर रखना चाहिए। तो आइए जानते है...

    - खाने की डिलीवरी घर की चौखट से बाहर करवाएं।

    - आपके घर पर कोई भी वेंडर आ रहा है तो सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करें।

    - सामान की डिलीवरी कराते समय आप मास्क पहनें, हो सके तो ग्लव्स भी पहनें।

    - डिलीवरी करने वाले व्यक्ति ने अगर मास्क नहीं पहना है तो सामान लेने से इनकार कर दें।

    - डिलीवरी लेने के बाद अच्छी तरह हाथ ज़रूर धोएं और खुद को सैनिटाइज़ करें।

    - हो सके तो डिजिटल पेमेंट ही करें।

    - वही, अगर खाने का सामान है तो उसे अच्छी तरह गर्म करके ही खाएं।

    -  इसके अलावा यदि सामान ऐसा है जिसे पानी से धोया जा सकता है तो ये तरीका भी अपनाएं।

    दरअसल, साउथ दिल्ली के इलाके में पिज्जा डिलीवरी बॉय के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद 72 परिवारों और 17 सहकर्मियों को क्वारनटीन कर दिया गया।

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  • Ambedkar Jayanti 2020: डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज, जानिए संविधान निर्माता से जुड़ी खास बातें

    Ambedkar Jayanti 2020: डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज, जानिए संविधान निर्माता से जुड़ी खास बातें

     

    डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज यानी 14 अप्रैल को मनाई जाती है। इस दिन को समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। बाबा साहेब की जयंती के मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। भारतीय संविधान के रचय‍िता, समाज सुधारक और महान नेता डॉक्‍टर भीमराव अंबेडकर की जयंती दुनिया भर में धूमधाम से मनाई जाती है। लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते ऐसा करना मुमकिन नहीं है।

    बाबा साहेब के नाम से मशहूर भारत रत्‍न अंबेडकर जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करते रहे। यही वजह है कि अंबेडकर जयंती को भारत में समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। अंबेडकर जयंती के मौके पर आज हम आपको बताने जा रहे है उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातों के बारे में। तो आइए जानते है... 

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 में मराठी परिवार में महू, मध्यप्रदेश के एक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और मां का नाम भीमाबाई था।

    - डॅा. भीमराव अंबेडकर का चयन 1913 में अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए हो गया था। यहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी।

    - वही, डॉ. भीमराव अंबेडकर को 1916 में एक शोध के लिए पीएचडी से सम्मानित किया गया था।

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर ने 1936 में स्वतंत्र लेबर पार्टी की स्थापना की थी।

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री भी रहे।

    - इसके अलावा भारत के संविधान निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर का अहम योगदान रहा।

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर को 29 अगस्त 1947 को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

    - आपको बता दें कि अंबेडकर ने 1952 के चुनावो में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा का चुनाव लड़ा, परंतु इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर को मार्च 1952 में राज्य सभा के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया।

    - वही, डॉ. भीमराव अंबेडकर को 9 भाषाओं का ज्ञान था- हिन्दी, पाली,संस्कृत, अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, मराठी, पर्शियन, गुजराती।

    - आपको बता दें कि भीमराव अंबेडकर की मृत्यु 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में हुई।

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