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  • गर्मी से है परेशान तो बचाव के लिए करें ये उपाय, इन बातों का भी रखें खास ख्याल

    गर्मी से है परेशान तो बचाव के लिए करें ये उपाय, इन बातों का भी रखें खास ख्याल

     

    देशभर में जहां एक तरफ लोग कोरोना वायरस (कोविड-19) से लड़ रहे है वही अब गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। उत्तर और मध्य भारत में अब गर्मी का पारा 40 डिग्री को भी पार करने लगा है। ऐसे में सभी को अपना ख्याल रखने अथवा गर्मी से बचने की जरूरत है। जी हां, इस बढ़ती गर्मी के कारण अक्सर हर साल बहुत लोग किसी न किसी बीमारी के चपेट में आ जाते है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे है उन चीजों के बारे में जिनसे आपको इस गर्मी में बचना है। साथ ही आज हम आपको ये भी बताएंगे की किन चीजों के सेवन से गर्मी में राहत मिल सकती है। तो आइए जाते है...

    डिहाइड्रेशन 

    गर्मी में होने वाले सबसे कॉमन प्रॉब्लम डिहाइड्रेशन है। इससे बचने के लिए खूब पानी पीते रहें। अगर आप डायबिटीज के रोगी नहीं है तो गर्मी में मीठे फलों और शर्बतों का लुत्फ उठाएं। वही, गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए सुबह उठने के बाद एक गिलास नीबू पानी जरूर पीएं। बता दें कि नीबू पानी वजन कम करने में भी सहायक है। 

    इन चीजों का करें सेवन

     गर्मी में कच्ची सब्जियों, रेशेदार फलों आदि को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। आग बरसते दिनों में उन फलों और सब्जियों को खाया जाना चाहिए जो खासतौर से गर्मी से मुकाबला करने की शरीर में ताकत पैदा करते हैं। ऐसे में आपको खरबूजा, तरबूज, आम, बेल, खीरा, लीची, ककड़ी, नीबू, संतरा, मौसंबी, आड़ू, आलूबुखारे, नारियल पानी, सत्तू, दही, छाछ जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और ये भयानक गर्मी की लू से बचाने में हमारी सहायता भी करती हैं। इसलिए इन दिनों अपने खान-पान में इन सारी चीजों को शामिल करें। 

    इनसे करें बचाव 

    गर्मी के मौसम में एकदम ठंडी जगह पर आने से या ठंडे स्थान से एकाएक गर्म स्थान पर आने से बीमार होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। तेज धूप से बाहर सड़क पर आने के बाद एकाएक एसी रूम में चले जाने से शरीर को नॉर्मल होने का समय ही नहीं मिलता। इसकी वजह से गर्मी लगने और जुकाम होने का डर रहता है। वही, इन दिनों सनस्ट्रोक से बचाव करना जरूरी है। धूप के सीधे आंखों पर पड़ने से आंखों के खराब होने की आशंका तो रहती ही है। इसके अलावा गर्मी लग जाने का भी डर लगा रहता है। 

    इन बातों पर करें अमल

     गर्मी के दिनों में कपड़ों के नजरिए से बिना बाजू के कपड़े पहनने के कई खतरे होते हैं। जी हां, शायद आपको ये बात थोड़ी अजीब लगे पर ये सच है। दरअसल, पूरी बांह के सूती कपड़े इस मौसम के लिए उपयुक्त होते हैं। ये पसीना तो सोखते ही हैं, साथ ही शरीर की ऊष्मा को भी क्षतिग्रस्त होने से रोकते हैं। इस मौसम में घर से बाहर निकलने से पहले सिर को टोपी, हैट या तौलिए से ढंककर रखें। इसके अलावा हो सके तो पैरों में पतली जुराबें पहने।

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  • World Hypertension Day 2020: जानें क्या है हाइपरटेंशन के लक्षण और बचाव के उपाय

    World Hypertension Day 2020: जानें क्या है हाइपरटेंशन के लक्षण और बचाव के उपाय

     

    प्रत्येक वर्ष 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। इस दिन पर लोगों को हाइपरटेंशन के प्रति जागरुक किया जाता है। साथ ही, उन्हें बताया जाता है कि इस खतरनाक बीमारी से कैसे बचाव किया जा सकता है। जैसा कि आप जानते ही है हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर बीमारी है, क्योंकि ज्यादातर लोगों में इसका कोई बाहरी लक्षण या संकेत नहीं दिखता है।

    नियमित सिरदर्द, सांस की तकलीफ, चक्कर आना, अंगों का फड़कना और प्रतिकूल स्थितियों में नाक बहना आदि कुछ ऐसे मामूली लक्षण हैं, जिन पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। आपको बता दें कि हाइपरटेंशन कई कारणों से होता है, जिनमें से कुछ कारण शारीरिक और कुछ मानसिक होते हैं। वही, हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के पार पहुंच जाता है। हाइपरटेंशन से बचाव के उपाय इस प्रकार है... 

    - अपने लोअर बीपी, फास्टिंग शुगर, कमर की चौड़ाई, रैस्टिंग हार्ट रेट और कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन एलडीएल या खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को 80 से नीचे रखें।

    - प्रतिदिन 80 मिनट टहलें, सप्ताह में कम से कम 80 कदम प्रति मिनट की गति से 80 मिनट तेज चाल चलें।

    - किडनी और फेफड़े की कार्यक्षमता 80 प्रतिषत से अधिक रखें।

    - कम खाओ, एक भोजन में 80 ग्राम/80 एमएल कैलोरी से अधिक भोजन नहीं लेना चाहिए। साल में 80 दिन रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट न खाएं।

    -  साल में 80 दिन धूप से विटामिन डी लें।

    - शराब न पिएं और अगर पीते हैं, तो एक दिन में 80 एमएल से कम व्हिस्की (80 प्रूफ 40 प्रतिषत अल्कोहल) ही लें या एक सप्ताह में 80 ग्राम (240 एमएल) से कम व्हिस्की लें।

    - प्रतिदिन प्राणायाम के 80 चक्र 4 श्वास प्रति मिनट की गति से करें।

    - धूम्रपान न करें या हृदय की सर्जरी के लिए तैयार रहें, जिसकी लागत रु. 80,000 होगी। जीवन भर में 80 बार रक्तदान करें।

    - ध्वनि प्रदूषण के 80 डीबी लेवल के संपर्क में आने से बचें।

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  • World Telecommunication Day 2020 : जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व दूरसंचार दिवस

    World Telecommunication Day 2020 : जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व दूरसंचार दिवस

     

    हर साल 17 मई को विश्‍व दूरसंचार दिवस अर्थात वर्ल्‍ड टेलीकम्‍युनिशेन डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य इंटरनेट और नई प्रौद्योगिकियों द्वारा समाज में आए सामाजिक परिवर्तनों से लोगों को परिचित कराना है। इसके अलावा इस दिन लोगों के मूलभूत मानव अधिकारों के प्रति लोगों का ध्यान केन्द्रित करना तथा समाज के बेहतर विकास के लिए प्रस्तुत की गई सूचना को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य है। जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 1973 में मैलेगा-टोर्रीमोलिनोन्स में एक सम्मेलन में 17 मई को यह दिवस मनाए जाने की घोषणा की गई थी।

    दूरसंचार क्या है? 

    एक संचार जो केबल, टेलीग्राफ या प्रसारण द्वारा किसी दूरी से किया जाता है उसे दूरसंचार कहते है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि यह सिग्नल, संदेश, शब्द, लेखन, छवियों और ध्वनियों या किसी भी प्रकार की जानकारी का संचरण है। प्रौद्योगिकी के बिना संचार प्रतिभागियों के बीच जानकारी का आदान-प्रदान संभव नहीं है। 

    क्यों मनाया जाता है विश्व दूरसंचार दिवस? 

    विश्व दूरसंचार मनाने का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट, अन्य सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) का उपयोग करने की जागरूकता को बढ़ाना तथा समाज और अर्थव्यवस्था में लाना और डिजिटल विभाजन को कम करना है। 

    विश्व दूरसंचार दिवस का इतिहास 

    विश्व दूरसंचार दिवस 17 मई, 1865 को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International Telecommunication Union, ITU) की स्थापना का जश्न मनाता है। 17 मई, 1969 को पहली बार विश्व दूरसंचार दिवस मनाया गया, ITU की स्थापना और 1865 में पहले अंतर्राष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर करने के लिए। यह 1973 में Malaga-Torremolinos में Plenipotentiary सम्मेलन द्वारा स्थापित किया गया था।

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  • कोरोना का फायदा उठा रहा है चीन, भारत के पड़ोस में बनाया कृत्रिम आइलैंड, देखें तस्वीरें

    कोरोना का फायदा उठा रहा है चीन, भारत के पड़ोस में बनाया कृत्रिम आइलैंड, देखें तस्वीरें

     

    जहां एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। इस बीच चीन ने बदनीयती का एक और नमूना पेश किया है जिसकी सोशल मडिया में चर्चा हो रही है। विश्वभर में फैली महामारी का चीन गलत तरीके से फायदा उठाने में लगा है। वो भारत को घेरने के लिए बहुत तेजी से हिंद महासागर में एक कृत्रिम द्वीप का निर्माण करने में लगा है।

    भारत से महज 684 किमी दूर मालदीव के पास इस द्वीप के बनने से भारत समेत कई देशों के लिए रणनीतिक तौर पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। दरअसल, इसका खुलासा सैटेलाइट से जारी एक तस्वीर से हुआ है। ये तस्वीरें ओपन सोर्स इंटेलीजेंस एनालिस्ट डेट्रेस्फा ने जारी की हैं। 

    वही, दुनियाभर में हथियारों की खरीद-बिक्री पर नजर रखने वाली इंटरनेशनल एजेंसी सीआईपीआरआई के हेंस क्रिस्टेंसन ने ट्वीट किया, 'मालदीव के फेदूफिनोल्हू द्वीप को मालदीव की सरकार ने चीन को 30.33 करोड़ रुपये में 50 साल की लीज पर दिया था,अब चीन ने इस द्वीप को और बढ़ा लिया है, इस पर सड़कें, इमारतें आदि दिख रही हैं, वह भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है।'

    आपको बता दें कि चीन के इस कदम से भारत को सबसे ज्यादा खतरा है। जो द्वीप बन रहा है उसकी दूरी भारत से सिर्फ 600 किमी दूर है। यानी 20 मिनट में कोई भी मिसाइल पहुंच सकता है। यहां से वो लगातार भारत पर नजर भी रख सकता है।

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  • ...तो इसलिए मनाया जाता है International Nurses Day, जानिए इस दिन से जुड़ी ये खास बातें

    ...तो इसलिए मनाया जाता है International Nurses Day, जानिए इस दिन से जुड़ी ये खास बातें

     

    International Nurses Day 2020: अंतरराष्‍ट्रीय नर्स दिवस हर साल 12 मई को मनाया जाता है। यह दिवस मुख्य रूप से विश्वभर की नर्सेज के सम्मान में मनाया जाता है। आप तो जानते ही है बीमारी छोटी हो या बड़ी एक नर्स ही ऐसी होती है जो मरीज का विशेष रूप से ख्याल रखती है। वही, आज के समय में जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से झूझ रही है तो इस दौर में नर्सों की भूमिका और भी बड़ी हो गई है। अस्पतालों में नर्सें दिन-रात काम करती हैं।

    वही, मरीजों को दी जाने वाली हर प्रकार की सुविधाओं और सेवाओं का खयाल नर्स ही रखती हैं। ऐसे में नर्सें मरीजों को जल्दी ठीक करने और उनकी हर तरह से देखभाल करने का काम करती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 12 मई को नर्स दिवस इसके संस्थापक के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें नाइटिंगेल ऑफ फ्लोरेंस (Nightingale of Florence) कहा जाता है।

    कैसे हुई अंतरराष्ट्रिय नर्स दिवस की शुरुआत?

    दरअसल, नाइटिंगेल ऑफ फ्लोरेंस मॉर्डन नर्सिंग की फाउंडर थी। उन्होंने क्रीमिया के युद्ध के दौरान कई महिलाओं को नर्स की ट्रेनिंग दी थी और कई सैनिकों का इलाज भी किया था। उन्होंने नर्सिंग को एक पेशा बनाया और वह विक्टोरियन संस्कृति की एक आइकन बनी। वह विशेष रूप से वह 'लेडी विद द लैंप' (Lady With the Lamp) के नाम से जानी गई क्योंकि वह रात के वक्त कई सैनिकों का इलाज किया करती थी।

    वही,1860 में नाइटिंगेल ने लंदन में सेंट थॉमस अस्पताल में अपने नर्सिंग स्कूल की स्थापना के साथ पेशेवर नर्सिंग की नींव रखी थी। यह दुनिया का पहला नर्सिंग स्कूल था, जो अब लंदन के किंग्‍स कॉलेज का हिस्सा है। नर्सिंग में अपने अग्रणी कार्य के कारण पहचान बनाने वाली फ्लोरेंस के नाम पर ही नई नर्सों द्वारा नाइटिंगेल प्लेज ली जाती है। नर्स के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्लोरेंस नाइटिंगेल मेडल ही सबसे उच्च प्रतिष्ठत है।

    दुनिया भर में अंतरराष्‍ट्रीय नर्स दिवस फ्लोरेंस के जन्मदिन पर मनाया जाता है। इसके बाद जनवरी 1974 में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की याद में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव यूएस में पारित हुआ था। हालांकि, इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (ICN) 1965 से अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाता आ रहा है। हर साल इस मौके पर ICN अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस किट वितरित करता है इस किट में आम लोगों की जानकारी के लिए कुछ किताबें होती हैं, जिन्हें सब देशों की नर्सों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

    नर्स डे 2020 पर ये रहेगी में थीम

    इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (ICN) की वेबसाइट के मुताबिक, इस साल नर्स दिवस की थीम 'विश्व स्वास्थ्य के लिए नर्सिंग है।' यह नर्सों और जनता को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। साथ ही यह लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करेगा ताकि आने वाली पीढ़ी नर्स परिवार का एक हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित हो।

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  • Mothers Day 2020 : जानिए क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, कब हुई थी इसकी शुरुआत

    Mothers Day 2020 : जानिए क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, कब हुई थी इसकी शुरुआत

     

    10 मई यानी रविवार को मदर्स डे है। इस मौके पर बच्चे अपनी मां के साथ खास पल बिताते है अथवा उन्हें कई तरह के गिफ्ट व सरप्राइज देते है। ऐसे में इस डे को मनाने का मुख्य उद्देश्य मां की निःस्वार्थ सेवा और प्यार के बदले उन्हें सम्मान और धन्यवाद देने के लिए लोगों को जागरूक करना है। वही, मां को सम्मान देने वाले इस दिन को कई देशों में अलग-अलग तारीख पर सेलिब्रेट किया जाता है। लेकिन भारत समेत ज्‍यादातर देशों में मई के दूसरे रविवार को ही मदर्स डे के रूप में मनाया जाता है। 

    मदर्स डे की शुरुआत कैसे हुई ? 

    दरअसल, मदर्स डे की शुरुआत अमेरिका से हुई। अमेरिकन एक्टिविस्ट एना जार्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। उन्होंने न कभी शादी की और न कोई बच्चा था। मां की मौत होने के बाद प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन की शुरुआत की। फिर धीरे-धीरे कई देशों में मदर्स डे मनाया जाने लगा। 

    वही, 9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक लॉ पास किया था जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाएगा, जिसके बाद मदर्स डे अमेरिका, भारत और कई देशों में मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाने लगा। 

    मदर्स डे का महत्व 

    वैसे तो मां को प्यार करने और तोहफे देने के लिए किसी खास दिन की जरुरत नहीं, लेकिन फिर भी मदर्स डे के दिन मां को और सम्मान दिया जाता है। ऐसे में 'मदर्स डे'  के दिन लोग अपनी मां को गिफ्ट, चॉक्लेट और ढेर सारा प्यार देते है।

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  • लड़कों की इन बुरी आदतों की वजह से अक्सर टूट जाते है रिश्ते, जानिए वजह

    लड़कों की इन बुरी आदतों की वजह से अक्सर टूट जाते है रिश्ते, जानिए वजह

     

    वैसे तो हर इंसान में कोई न कोई कमी या बुरी आदत जरूर होती है। ऐसे में कई बार वह खुद तो कई बार उनके परिवार या उनके करीबी उनकी आदतों को सुधारने का प्रयास करते है। लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद उनकी आदतें नहीं बदल पाती। आपको बता दें कि लड़कों में कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जो कभी नहीं बदलती हैं। कई बार लड़कों की इन खराब आदतों के कारण उनके रिश्ते भी खराब हो जाते हैं। जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे है लड़को की कुछ ऐसी आदतें जो कभी नहीं बदलती। तो आइए जानते है... 

    केयर न करना 

    आज के समय में बहुत कम लड़के ऐसे होते हैं जिन्हें अपने पार्टनर की केयर करना अच्छा लगता है। वरना तो ज्यादातर लड़के अपने पार्टनर की केयर करने से बचते हैं। वहीं, हर लड़की चाहती है कि उसका पार्टनर केयरिंग हो। ऐसे में केयर न करने वाले लड़के कई चीजों को अनदेखा कर देते हैं। यही नहीं वह अपने पार्टनर की केयर नहीं करते जिसके चलते उनके रिश्ते में दरार आनी शुरू हो जाती है। 

    बात बात पर झूठ बोलना

    वही, कई लड़को की हर बात पर झूठ बोलने की आदत होती है। जो कितनी भी कोशिश के बावजूद भी नहीं बदलती है। लड़को की यह आदत धोखेबाजी की निशानी है। ऐसे में अक्सर वह अपने पार्टनर या परिवार वालों से भी झूट बोलते है और हकीकत को दबाते है। 

    दूसरी लड़कियों के साथ फर्ल्ट करना 

    इसके अलावा कई लड़कों में हर लड़की से फर्ल्ट करने की आदत होती है। लाख समझने बुझाने के बाद भी उनकी यह आदत नहीं बदलती। जिस कारण उनका अच्छा खासा रिश्ता खराब हो जाता है अथवा टूट जाता है। 

    इग्नोर करना 

    आपको बता दें कि लड़कों में चीजों और बातों को इग्नोर करने की बहुत आदत होती है। कई बार वो अपने पार्टनर के अपसेट होने को भी इग्नोर करते हैं और लड़कियों को ये चीजे बिलकुल अच्छी नहीं लगती। जिसके कारण कई बार लड़को की इस आदत के चलते उनका रिश्ता खराब कर देता है।

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  • लॉकडाउन के दौरान अगर आप घर पर मंगवा रहे है खाना, तो डिलीवरी लेते वक्त इन बातों का रखें खास ध्यान

    लॉकडाउन के दौरान अगर आप घर पर मंगवा रहे है खाना, तो डिलीवरी लेते वक्त इन बातों का रखें खास ध्यान

     

    देश की राजधानी दिल्ली में एक पिज्जा डिलीवरी बॉय में कोरोना की पुष्टि के बाद से राज्य में कोविड-19 का संकट गंभीर हो गया है। ऐसे में लोगों के मन में अब वहम और डर बैठ गया है। हालांकि आपको इससे डरने की जरूरत नहीं है बस सिर्फ खाने या किसी भी चीज की डिलीवरी को रिसीव करने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखने की आवयश्कता है। जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे है एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए कुछ टिप्स के बारे में जिन्हे ऑनलाइन खाना मंगवा रहे लोगो को मद्देनजर रखना चाहिए। तो आइए जानते है...

    - खाने की डिलीवरी घर की चौखट से बाहर करवाएं।

    - आपके घर पर कोई भी वेंडर आ रहा है तो सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करें।

    - सामान की डिलीवरी कराते समय आप मास्क पहनें, हो सके तो ग्लव्स भी पहनें।

    - डिलीवरी करने वाले व्यक्ति ने अगर मास्क नहीं पहना है तो सामान लेने से इनकार कर दें।

    - डिलीवरी लेने के बाद अच्छी तरह हाथ ज़रूर धोएं और खुद को सैनिटाइज़ करें।

    - हो सके तो डिजिटल पेमेंट ही करें।

    - वही, अगर खाने का सामान है तो उसे अच्छी तरह गर्म करके ही खाएं।

    -  इसके अलावा यदि सामान ऐसा है जिसे पानी से धोया जा सकता है तो ये तरीका भी अपनाएं।

    दरअसल, साउथ दिल्ली के इलाके में पिज्जा डिलीवरी बॉय के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद 72 परिवारों और 17 सहकर्मियों को क्वारनटीन कर दिया गया।

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  • Ambedkar Jayanti 2020: डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज, जानिए संविधान निर्माता से जुड़ी खास बातें

    Ambedkar Jayanti 2020: डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज, जानिए संविधान निर्माता से जुड़ी खास बातें

     

    डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज यानी 14 अप्रैल को मनाई जाती है। इस दिन को समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। बाबा साहेब की जयंती के मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। भारतीय संविधान के रचय‍िता, समाज सुधारक और महान नेता डॉक्‍टर भीमराव अंबेडकर की जयंती दुनिया भर में धूमधाम से मनाई जाती है। लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते ऐसा करना मुमकिन नहीं है।

    बाबा साहेब के नाम से मशहूर भारत रत्‍न अंबेडकर जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करते रहे। यही वजह है कि अंबेडकर जयंती को भारत में समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। अंबेडकर जयंती के मौके पर आज हम आपको बताने जा रहे है उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातों के बारे में। तो आइए जानते है... 

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 में मराठी परिवार में महू, मध्यप्रदेश के एक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और मां का नाम भीमाबाई था।

    - डॅा. भीमराव अंबेडकर का चयन 1913 में अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए हो गया था। यहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी।

    - वही, डॉ. भीमराव अंबेडकर को 1916 में एक शोध के लिए पीएचडी से सम्मानित किया गया था।

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर ने 1936 में स्वतंत्र लेबर पार्टी की स्थापना की थी।

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री भी रहे।

    - इसके अलावा भारत के संविधान निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर का अहम योगदान रहा।

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर को 29 अगस्त 1947 को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

    - आपको बता दें कि अंबेडकर ने 1952 के चुनावो में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा का चुनाव लड़ा, परंतु इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

    - डॉ. भीमराव अंबेडकर को मार्च 1952 में राज्य सभा के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया।

    - वही, डॉ. भीमराव अंबेडकर को 9 भाषाओं का ज्ञान था- हिन्दी, पाली,संस्कृत, अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, मराठी, पर्शियन, गुजराती।

    - आपको बता दें कि भीमराव अंबेडकर की मृत्यु 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में हुई।

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  • क्या आपके भी हाथों की लकीरों में है राजयोग, ऐसे लगाएं पता

    क्या आपके भी हाथों की लकीरों में है राजयोग, ऐसे लगाएं पता

     

    जिन लोगों के हाथों में राजयोग की रेखाएं पाई जाती हैं उनका जीवन राजाओं की तरह गुजरता है। ऐसे लोग सफल और बेहद धनी होते हैं। वही, इन लोगों के पास सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहती है। ऐसे में यदि आपके हाथ में भी राजयोग है तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि हाथ में कहां और कैसे बनता है राजयोग। तो आइए जानते है..

    अगर आप गौर से हाथ की रेखाओं को देखेंगे तो पाएंगे कि हथेली की रेखाओं पर बहुत सी आकृतियां बन रहीं होंगी। ऐसे में हाथ में तीन रेखाएं मुख्य होती हैं- जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा। इन रेखाओं के साथ चलने वाली रेखाएं सहायक रेखाएं होती हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि ये रेखाएं राजयोग को मजबूत और कमजोर बनाने में भी भूमिका अदा करती हैं। जी हां, हस्तरेखा विज्ञान में हथेली पर पाए जाने वाले कुछ चिन्हों और आकृतियों को बहुत ही शुभ माना गया है। तो आइए जानते है राजयोग वाली रेखाओं के बारे में... 

    बुध पर्वत पर रेखा: बुध पर्वत हाथ की सबसे छोटी अंगुली के नीचे होती है। इस पर्वत पर एक या इससे अधिक रेखाएं हों तो ऐसा व्यक्ति बिजनेस के मामले में सफल होता है। ऐसे लोग कई तरह के बिजनेस से धन कमाते हैं।

    तलवार का चिन्ह: आपको बता दें कि हाथ में तलवार का चिन्ह भी शुभ माना गया है। इस चिन्ह का हाथ में होना भी राजयोग का निर्माण करता है। जिन हाथों में ये चिन्ह होता है वे अपने श्रम से पद और प्रतिष्ठा प्राप्त करते हैं।

    त्रिशूल का चिन्ह: हाथ में अगर त्रिशूल का चिन्ह हो तो व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। ऐसे में शनि पर्वत पर अगर ये चिन्ह बने तो ऐसे व्यक्ति जीवन में बहुत उंचाईयों को छूते हैं। ये चिन्ह एक प्रकार के राजयोग का सूचक है। 

    मछली का निशान: आपको बता दें कि इसे फिश साइन भी कहते है। हाथों में यह बहुत ही भाग्यशाली होता है। जिन लोगों के हाथ में कहीं भी फिश साइन बनता है वह व्यक्ति जीवन में उच्च पद को प्राप्त करता है। ऐसे लोग करोड़पति भी होते हैं।

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  • Lockdown के बावजूद भी आप अपने प्यार को रख सकते है बरकरार, जानिए कैसे !

    Lockdown के बावजूद भी आप अपने प्यार को रख सकते है बरकरार, जानिए कैसे !

     

    कोरोना वायरस का कहर भारत में बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में इस वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के कारण सभी घरों में कैद हो गए है। वहीं, सभी की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए सरकार ने स्कूल, कॉलेज, मॉल, सिनेमा हॉल और पब्लिक पार्क्स को बंद भी रखने का आदेश दिया है। ऐसे में कपल्स को बड़ी ही परेशानी हो रही है। वे अपने प्यार से दूर होकर घर में बंद हैं। इसी बीच, हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स जिनकी मदद से आप अपने पार्टनर के साथ घर बैठे-बैठे ही प्यार भरी बातें और उनके साथ वक्त बिता सकते हैं। तो आइए जानते है उन टिप्स के बारे में जो आपके रिलेशनशिप में प्यार को बरकरार रखने में सहायक है... 

    # अपने पार्टनर को करें वीडियो कॉल

     

    लॉक डाउन के दौरान आप अपने पार्टनर को दिन में दो बार वीडियो कॉल कर सकते हैं। इससे आप मुलाकात न सही काम से काम अपने प्रेमी/प्रेमिका के रु-ब-रु तो हो सकते है। इसके लिए आपको ज्यादा तैयार होने की जरुरत नहीं है। आप बस नैचुरली और कॉन्फिडेंस से उन्हें बात कर सकते हैं। 

    # वॉइस मैसेज करें सेंड 

    आजकल ज्यादातर लोग टेक्स्ट मैसेज करना पसंद करते हैं। लेकिन आप इसके बजाए अपने पार्टनर को वॉइस मैसेज भेज सकते हैं। आपकी मीठी और प्यार भरी आवाज सुनकर वे खुश हो जाएंगे। 

    # खेलें ऑनलाइन गेम्स 

    अगर आप घर पर रहकर अपने पार्टनर के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करना चाहते हैं। तो उसके लिए आपके पास ऑनलाइन गेम खेलना बेस्ट ऑप्शन है। ऐसे में ऑनलाइन Ludo खेलना आज कल लोग ज्यादा पसंद करते है। तो आप ये भी टॉय कर सकते है। 

    #टाइम-टू-टाइम करें कॉल 

    वैसे तो लॉक डाउन के चलते हम सभी के पास आमतौर की तरह ज्यादा काम तो है नहीं। ऐसे में फॅमिली के साथ समय बिताने के बाद जैसे ही मौका मिले आप अपने पार्टनर को कॉल करें। जी हां, अपना प्यार बरकरार रखने के लिए आप अपने पार्टनर को गुड मॉर्निंग और गुड नाइट विश करने के लिए फोन कर सकते हैं। इसके अलावा बीच में जब भी आपको थोड़ा सा समय मिलता है तो उन्हें कॉल जरूर करे। लेकिन ध्यान रखें की भले आप उनसे थोड़ी बात करें मगर अच्छी बात करें जिससे वो आपसे बोर न हो। 

    #ऑनलाइन गिफ्ट्स सेंड कर सकते हैं 

    इसके अलावा आप अपने पार्टनर को इंप्रेस करने के लिए उन्हें ऑनलाइन गिफ्टस भेज सकते हैं। ऐसे में आपके ऐसा करने से आपका पार्टनर आपसे काफी इंप्रेस होगा।

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  • जानिए रात को चेहरा धोकर सोना क्यों है जरुरी, होते है ये फायदे !

    जानिए रात को चेहरा धोकर सोना क्यों है जरुरी, होते है ये फायदे !

     

    पुरे दिन भाग दौड़ करने के बाद अक्सर हम अपनी स्किन का ध्यान नहीं रखते और थक हार कर सो जाते है। आज कल के व्यस्त दिनचर्या और दिनभर ऑफिस की माथा पचि के बाद लोग घर आकर बस खाना खाते है और सो जाते है। लेकिन आपको बता दें कि आपका ऐसा करना आपकी हेल्थ और स्किन दोनों को हानि पंहुचा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छे से धोना बहुत जरूरी होता है।

    ऐसा इसलिए... क्योंकि एक तो ये आपके पूरी दिन की थकान को तो उतारता ही है और साथ ही आपकी स्किन की गंदगी को भी साफ करता है। हालांकि कई लोग ऐसा करने से बचते हैं। वह सोचते हैं कि सुबह उठकर ही एक बार में चेहरे और मुहं धो लेगें लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत है। जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे है कि आखिरकार क्यों रात में सोने से पहले चेहरे को अच्छे से वॉश करना जरूरी होता है। तो आइए जानते है...

    ऐसा करने से स्किन पोर्स होते हैं साफ

    बता दें कि आपकी स्किन कोशिकाओं (Cells) को बहाती है और समय के साथ मृत त्वचा कोशिकाओं को निर्माण की ओर ले जाती हैं। ऐसे में अगर आप अपने चेहरे की देखभाल नहीं करेंगे तो ये आपकी त्वचा के पोर्स को बंद कर देगी। इसके अलावा चेहरे पर इस्तेमाल होने वाले मेकअप प्रोडक्ट्स त्वचा के छिद्रों को बंद कर देती है। अगर आप अधिक समय तक इसे चेहरे पर लगा छोड़ देंगे तो त्वचा के पोर्स बंद हो जाते हैं। वही, रात में चेहरे को साफ करने और धोने से चेहरे से सारी गंदगी और जमी हुई मैल निकल जाती है। साथ ही त्वचा के पोर्स भी खुल जाते हैं।

    पिंपल्स की समस्या भी होगी दूर 

    क्लोज्ड पोर्स और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से चेहरे पर सबसे ज्यादा पिंपल्स होते हैं। ऐसे में रात में चेहरे को अच्छे से धोने से स्किन की साफ होती है और त्वचा के पोर्स खुल जाते हैं। आपको बता दें कि फेसवॉश करने से चेहरे की गंदगी दूर होती है जिससे स्किन पर बैक्टीरिया का संक्रमण नहीं होता। इसके अलावा रात भर चेहरे पर मेकअप को बनाए रखने से त्वचा की दूसरी परेशानियां जैसे कि ब्लैकहेड्स और ब्लेमिश भी हो सकती हैं। इसलिए रात में सोने से पहले मुंह धोना बेहद आवश्यक है।

    चेहरा धोकर सोना आईलैश के लिए भी है इफेक्टिव

    एक दिन के बाद जब आप सुबह आंखों से काजल निकालती हैं, तो उसके साथ आपकी पलकें भी निकलती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मस्कारा के कोट पलकों को सख्त बना देते हैं। ऐसे में  जितनी देर आपकी आंखों पर काजल लगा रहता हैं, उतनी ही आपकी पलकें कठोर हो जाती हैं और उनके टूटने की संभावना बढ़ जाती है।

    दरअसल जिस आईलाइनर का आप अपनी आंखों में इस्तेमाल करते हैं, उसमें कुछ ऐसे कैमिकल भी होते हैं जो इतने लंबे समय तक आंखों पर लगे रहने के लिए अच्छे नहीं होते हैं। ऐसे में आंखों पर ज्यादा मेकअप करने से आपकी आंखों में जलन हो सकती है और आंखों में संक्रमण भी हो सकता है। तो ऐसे में रात को सोने से पहले चेहरे के साथ-साथ आंखों को भी साफ करके ही सोयें।

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  • ‘सेक्स’ शब्द को लेकर मां-बाप में इतना डर क्यों ?

    ‘सेक्स’ शब्द को लेकर मां-बाप में इतना डर क्यों ?

     

    ‘सेक्स’ शब्द सुनते ही हम बेचैन से हो जाते हैं। इस शब्द को कई लोग तो खुलकर बोल भी नहीं पाते हैं। भले ही आज हम 21वीं सदी में जी रहे हैं, लेकिन बड़े-बड़े लोग अपने बच्चों के सामने सेक्स की बात करना तो दूर की बात है वो टीवी पर जैसे ही ‘कंडोम’ का प्रचार आता है। माता-पिता सीधे रिमोर्ट ढूंढने लगते हैं कि कैसे भी अपने बच्चों को ये प्रचार देखने से बचा लें। बच्चें के दिल और दिमाग में ‘सेक्स’ शब्द को लेकर इतनी उत्सुकता होती है लेकिन उसका जवाब उन्हें घर से कभी नहीं मिल पाता है।

    ‘सेक्स’ क्या है? सेक्स किस उम्र में करना चाहिए? सेक्स को लेकर क्या सावधानियां करनी चाहिए? इन सभी बातों को अपने बच्चों के साथ माता-पिता शेयर करनी चाहिए। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर सेक्स को लेकर अभिभावक बच्चों के साथ बातचीत कैसे और कब शुरू करें? यहां सबसे महत्वपूर्ण बात हमारा यह समझना है क्या हमारा बच्चा इस बारे में जानने व समझने के लिए सक्षम है? इसके लिए बच्चों की कोई निश्चित उम्र तय नहीं की जा सकती, लेकिन जब बच्चों में इस विषय को लेकर उत्सुकता दिखने लगे या बार-बार वे आपसे इसी बारे में सवाल पूछने लगे, तब समझ जाए कि अब आप अपने बच्चे से इस बारे में संबंधित जानकारी साझा कर सकते हैं।

    शुरुआत आप शारीरिक अंगों को उनके सही नामों से बुलाकर कर सकते हैं, अब आप कोर्ड वर्ड का इस्तेमाल करना बंद कर दें। वे जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं, उनसे इस बारे में चर्चा करें कि बच्चे कैसे पैदा होते हैं या उनके शब्दों में बच्चे कहां से आते हैं। इसके साथ ही उन्हें यह भी बताए कि कोई समस्या होने पर माता-पिता व चिकित्सक ही उनके निजी अंगों को स्पर्श कर सकते हैं और किसी को ऐसा करने की इजाजत नहीं है। बच्चों को आजकल इस बारे में जागरूक करना बेहद आवश्यक है। सेक्स या यौन संबंध का मासूमियत से कोई लेना-देना नहीं है। बच्चे मासूम हैं इसलिए उनसे इस बारे में बात करना उचित नहीं, यह सोचना छोड़ दें। एक जागरूक बच्चे का तात्पर्य 'शैतान' बच्चे से नहीं है। 

     

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  • रोने से सेहत को होते हैं ये चौंका देने वाले फायदे..

    रोने से सेहत को होते हैं ये चौंका देने वाले फायदे..

     

    आपने अक्सर देखा होगा कि लड़कियां छोटी-छोटी बातों पर रोने लग जाती हैं। जिसका लड़कियों का काफी मजाक भी बनाया जाता है। इसी बीच आज हम आपको जो बताने जा रहे हैं। शायद आप उस बात का यकीन भी न करें। लेकिन ये सच है कि रोना भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। आमतौर पर आपने लोगों को कहते हुए सुना होगा कि कहकहे लगाकर हंसना सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। वहीं लोग इस बात से भी अंजान हैं कि जितना हंसना सेहत के लिए फायदेमंद है उतना रोना भी सेहत के लिए लाभदायक है।

    वहीं जिंदगी में खुशियों के लिए के रोना भी बहुत जरूरी है। जिस तरह आप रोकर अपनी फीलिंग्स एक्सप्रेस करते हैं। ठीक उसी तरह रोना भी अपनी भावनाओं तो वयक्त करने का एक तरीका है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास इतना भी वक्त नहीं कि वो रोने और हंसने का टाइम निकाल पाए। जिस वजह से डिप्रेशन के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

    पुरुषों के मुकाबले में महिलाएं डिप्रेशन का शिकार ज्यादा होती हैं। वहीं इस मामले का हल निकालते हुए क्राइंग क्लब शुरू किए जा रहे हैं। जहां लोग रोकर अपने दिल का बोझ हल्का कर सकते हैं। इसकी पहल सूरत में की गई है। जहां कॉलेज छात्राओं के लिए एक खास क्राइंग थैरेपी आयोजित की गई। वहीं डॉक्टर का कहना है कि लोग हंसते तो दिल खोलकर हैं मगर रोने के लिए एकांत जगह ढूंढते हैं। लेकिन यह सच है कि फूट-फूट कर रोने से दिल हल्का हो जाता है। मन का बोझ कम हो जाता है।

     

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  • ‘किस डे’ पर भूलकर भी न करें ये गलतियां

    ‘किस डे’ पर भूलकर भी न करें ये गलतियां

     

    वैलेंटाइन वीक  में सबसे ज्यादा जिस दिन का कपल्स को इंतजार रहता है वो दिन आ गया। यानि कि आज किस डे है। जिस दो प्यार करने वाले एक दूसरे को किस कर अपने प्यार का इजहार करते हैं। किस डे का नाम सुनते ही प्रेमियों की धड़कनें बढ़ जाती हैं। कहा भी गया है कि Kiss is the Signature of Love, यानी चुंबन प्यार का हस्ताक्षर है।

    ऐसे तो किसी को किस करने के लिए किसी खास दिन का इंतजार करने की जरूरत नहीं है, लेकिन वैलेंटाइन वीक में जब हर एहसास और हर रिश्ते के नाम एक दिन कर दिया गया है, तो भला किस को क्यों छोड़ें? हर प्रेमी-प्रेमिका अपने साथी को किस करना, यानी चूमना चाहते हैं और लगभग हर बार उन्हें अपने साथी को किस करने के लिए थोड़ी हिचकिचाहट और थोड़े इनकार का सामना करना ही पड़ता है, लेकिन आज के दिन मना करना आपके प्यार के लिए मुश्किल होगा।

    किस करने के केवल भावनात्मक फायदे ही नहीं हैं बल्कि इसके स्वास्थ्य से जुड़े फायदे भी हैं। केवल 10 सेकेंड की किस में 80 मिलियन बैक्टीरिया का आदान-प्रदान होता है। ये बैक्टीरिया आपके शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, जिनसे न सिर्फ इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ावा मिलता है, बल्कि शरीर को कई तरह की बीमारियों से लड़ने की ताकत भी मिलती है। 

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