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  • मुंबई बम धमाकों के दोषियों को पाकिस्तान में मिली सुरक्षा, भारत ने UN में दी जानकारी

    मुंबई बम धमाकों के दोषियों को पाकिस्तान में मिली सुरक्षा, भारत ने UN में दी जानकारी

     


    भारत (India) ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक बड़ी जानकारी 1993 मुंबई बम धमाकों से जुड़ी दी है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति (TS Tirumurti) ने बताया कि मुंबई बम धमाकों के दोषियों को पाकिस्तान (Pakistan) में सरकारी सुरक्षा मिली है और ये सभी 5 सितारा होटलों में देखा गया।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि पाकिस्तान ने 1993 के मुंबई बम धमाकों के लिए जिम्मेदार अपराध सिंडिकेट को न केवल राज्य की सुरक्षा दी। बल्कि 5 सितारा होटलों में देखा गया। इतना ही नहीं डी-कंपनी के प्रमुख दाऊद इब्राहिम को श्रद्धांजलि दी थी। माना जाता है कि अप्रत्यक्ष संदर्भ पाकिस्तान में छिपे हुए हैं।

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    संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल द्वारा आयोजित इंटरनेशनल काउंटर टेररिज्म कॉन्फ्रेंस 2022 के दौरान कहा कि आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के बीच की कड़ी को पूरी तरह से पहचाना जाना चाहिए और सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए। 

    बता दें कि अगस्त 2020 में पाकिस्तान ने भारत द्वारा वांछित अंडरवर्ल्ड डॉन के नाम सहित 88 प्रतिबंधित आतंकी समूहों और उनके नेताओं पर सरकार द्वारा व्यापक प्रतिबंध लगाने के बाद पहली बार अपनी धरती पर इब्राहिम की उपस्थिति को स्वीकार किया। बीते दिनों 1993 के मुंबई सिलियल ब्लास्ट मामले के आरोपी और साजिशकर्ता सलीम गाजी की पाकिस्तान में मौत हो गई है। मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गाजी का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। मुंबई धमाके के दौरान 250 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। सलीम गाजी अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील का बेहद खास माना जाता था। 

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  • इस पाकिस्तानी आतंकी आफिया सिद्दीकी को छुड़ाने के लिए इमरान खान कर रहे थे बैटिंग

    इस पाकिस्तानी आतंकी आफिया सिद्दीकी को छुड़ाने के लिए इमरान खान कर रहे थे बैटिंग

     

    अमेरिका के टेक्सास में एक यहूदी मंदिर में पाकिस्तानी मूल के ब्रिटेन के नागरिक मलिक फैसल अकरम ने कई लोगों को बंधक बना लिया था। अकरम ने आफिया सिद्दीकी की रिहाई की मांग की थी। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक 9/11 अटैक के बाद आफिया का रुझान कट्टरपंथ की ओर बढ़ता गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक आफिया 9/11 के हमलों के कथित मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद से भी जुड़ी हुई थी।

    इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने अपने घोषणापत्र में आफिया को उन प्रवासी पाकिस्तानी लिस्ट में शामिल करते हुए कहा था कि पार्टी उनकी 'देशभक्ति की भावना' को महत्व देती है। पार्टी ने कहा था कि हम विदेशों में जेल में बंद सभी पाकिस्तानी को कांसुलर और कानूनी सेवाएं देंगे। हम आफिया सिद्दीकी और उन जैसे अन्य कैदियों को वापस पाकिस्तान लाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। इमरान खान ने लगातार कहा है कि विदेशी पाकिस्तानी हमारी सबसे बड़ी संपत्ति में से हैं और हम उनका ख्याल रखने में नाकामयाब रहे हैं।

    अल कायदा के साथ संबंधों के संदेह में दोषी पाकिस्तानी न्यूरोसाइंटिस्ट आफिया सिद्दीकी जेल में हैं। 2010 में आफिया को अफगानिस्तान में रहते हुए अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को मारने की कोशिश का आरोप लगा था। वह 86 साल के जेल की सजा काट रही हैं। आफिया को 'लेडी अल कायदा' भी कहा जाता रहा है।

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  • अमेरिका: महिला ने पति को गर्लफ्रेंड बनाने की दी छूट, तो पति घर ले आया कई लड़कियां

    अमेरिका: महिला ने पति को गर्लफ्रेंड बनाने की दी छूट, तो पति घर ले आया कई लड़कियां

     

    आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में एक महिला ने खुलासा किया की उसने अपने पति को गर्लफ्रेंड बनाने की छूट दी हुई है। टिकटॉक यूजर @CliqueBaittv ने बताया कि उसके पति की बहुत गर्लफ्रेंड हैं। 

    महिला की शादी को 12 साल हो गए हैँ। महिला ने अपने घर के कई वीडियो शेयर किए हैं जिसमें पति की गर्लफ्रेंड्स को भी देखा जा सकता है। महिला का कहना है कि ऐसा करने की वजह से पति के साथ उसका रिश्ता जिंदा यानी काफी अच्छा रहता है। @CliqueBaittv के ऑनलाइन फॉलोअर्स की संख्या 560,000 से अधिक है। 

    महिला ने यह भी खुलासा किया है कि उसके पति ने एक गर्लफ्रेंड को प्रेग्नेंट भी कर दिया था। जबकि पत्नी खुद फर्टिलिटी की समस्या से जूझ रही है। महिला ने कहा है कि उसका पति इतना क्यूट है कि अगर वह कोई बच्चा पैदा नहीं कर पाता तो अच्छा नहीं लगता।

    महिला ने यह भी कहा है कि जब उसने पति को गर्लफ्रेंड बनाने की छूट दी तो वह एक रात कई लड़कियों को घर ले आया था। इसके बाद पत्नी ने ही पति और ज्यादातर 'मेहमानों' के लिए खाना भी तैयार किया। 

    इतना ही नहीं, पत्नी अपनी सारी कमाई भी एक ग्रुप अकाउंट में डाल देती है। महिला ने यह भी कहा कि उसका पति टिंडर पर भी है ताकि वह और महिलाओं के साथ डेट पर जा सके। 

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  • 'कोरोना से.. डरना जरूरी है!' ओमिक्रॉन के बाद भी नए वैरिएंट्स दे सकते हैं दस्तक

    'कोरोना से.. डरना जरूरी है!' ओमिक्रॉन के बाद भी नए वैरिएंट्स दे सकते हैं दस्तक

     

    दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते मामलों और ओमिक्रॉन के फैलने के बाद वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन का तेजी से फैलना इस बात का संकेत है कि आगे भी कोरोना के नए वैरिएंट सामने आ सकते हैं। विशेषज्ञों ने साफ किया कि तेजी से फैलता संक्रमण हर बार वायरस के म्यूटेंट में बदलाव का मौका देता है।

    कोरोना के अन्य स्वरूप की तुलना में ओमिक्रॉन ऐसे समय तेजी से फैल रहा है, जब दुनियाभर में कोरोना संक्रमण और कोरोनारोधी टीका लगने के बाद प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हुई है। इसका मतलब साफ है कि वायरस आगे भी अपना स्वरूप बदलेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस के नए वैरिएंट क्या होंगे और महामारी को किस तरह आकार देंगे, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं, विशेषज्ञों ने साफ किया कि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि ओमिक्रॉन संक्रमण से मामूली बीमार होंगे या मौजूदा टीका उसके खिलाफ प्रभावी होगा। 

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक विश्व में टीकाकरण की दर कम है, तो इसपर रोक लगाना संभव नहीं है। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने कहा कि भवष्यि के वैरिएंट से लोगों की रक्षा करना इस बात पर निर्भर करता है कि दुनियाभर की 70 फीसदी आबादी को टीका लगाया जाए। 

    जॉन्स हॉपकिन्स वश्विवद्यिालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में ऐसे दर्जनों देश हैं जहां एक चौथाई से भी कम आबादी को पूरी तरह से टीका लगाया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका में लोग टीके का विरोध कर रहे हैं। टोरंटो के सेंट माइकल अस्पताल में सेंटर फॉर ग्लोबल हेल्थ रिसर्च के डॉ प्रभात झा ने कहा कि अमेरिका, अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और अन्य जगहों पर टीकाकरण की दर कम है, जो बड़ी विफलता है।

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  • कंगाली से उबरने के लिए पाक ने अपनाया नया हथकंडा, अमीर विदेशियों के लिए की स्थायी निवास की पेशकश

    कंगाली से उबरने के लिए पाक ने अपनाया नया हथकंडा, अमीर विदेशियों के लिए की स्थायी निवास की पेशकश

     

    पाकिस्तान (Pakistan) ने कनाडा (Canada) और अमेरिका (America) में रह रहे सिखों, अफगानों, चीनियों सहित अमीर विदेशी नागरिकों के लिए स्थायी निवास योजना (Permanent Residence Plan) की पेशकश करने का निर्णय लिया है, ताकि निवेश को आकर्षित किया जा सके और अर्थव्यवस्था एवं राष्ट्रीय विकास को गति दी जा सके। यह जानकारी सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने रात को ट्वीट कर दी है। उन्होंने बताया कि यह योजना नयी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के अनुरूप है, जिसे शुक्रवार को प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने जारी किया था।
       
    उन्होंने ट्वीट किया कि, ''यह योजना नयी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के अनुरूप है, जिसमें पाकिस्तान ने भू-अर्थशास्त्र को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत के केंद्र में रखा है। सरकार ने विदेशी नागरिकों के लिये स्थायी निवास योजना की अनुमति देने का फैसला किया है। नयी नीति विदेशियों को निवेश के बदले स्थायी निवासी का दर्जा देने की अनुमति देगी।''
       
    'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार ने खबर दी कि योजना की पृष्ठभूमि को साझा करते हुए संघीय मंत्री ने बताया कि स्थायी निवास योजना का एक उद्देश्य अमीर अफगानों को आकर्षित करना है, जो पिछले साल अगस्त में काबुल की सत्ता तालिबान के हाथ में आने के बाद तुर्की और मलेशिया जैसे देशों में पलायन कर रहे हैं।  
       
    चौधरी ने कहा, ''उन्हें प्रोत्साहन देने की जरूरत है।'' इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि योजना का लक्ष्य अमेरिका और कनाडा में रहने वाले सिखों को आकर्षित करना है, जो धार्मिक स्थलों खासतौर पर करतारपुर गलियारे में निवेश करने को इच्छुक हैं, लेकिन अभी ऐसा करने का विकल्प नहीं है।
         
    उन्होंने बताया कि तीसरा लक्ष्य चीनी नागरिकों को प्रोत्साहन देना है जो पाकिस्तान में उद्योग लगाने को इच्छुक हैं। चौधरी ने कहा, ''यह ऐतिहासिक कदम है...पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार विदेशियों को रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश की अनुमति दी जा रही है।''

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  • आजादी के समय कत्लेआम में बिछड़े 74 साल बाद मिले दो भाई, जानें क्या है पूरी कहानी

    आजादी के समय कत्लेआम में बिछड़े 74 साल बाद मिले दो भाई, जानें क्या है पूरी कहानी

     

    देश के विभाजन के समय बिछड़े दो भाई 74 साल बाद 10 जनवरी को जब श्री करतारपुर साहिब में मिले। तो वहां खड़ा हर शख्स भावुक हो गया। इन दोनों भाइयों को मिलवाने के लिए पाकिस्तान निवासी नासिर ढिल्लों, लवली सिंह लायलपुर व बठिंडा के गांव फूलेवाला निवासी डॉ. जगसीर सिंह सूत्रधार बने।

    नासिर ढिल्लों व सरदार लवली सिंह लायलपुर पाकिस्तान के गांव बोघड़ा में गए थे। उस समय उनको वहां 80 वर्षीय बुजुर्ग सदीक खान मिले। सदीक ने उनसे कहा कि देश के विभाजन के समय उनकी मां और भाई भारत में रह गए थे। उनके भाई का नाम हबीब उर्फ सीका है। वह मां के साथ ननिहाल फूलेवाला गए हुए थे। विभाजन के समय हम दोनों बिछड़ गए और फिर आज तक नहीं मिल पाए। इसके बाद लवली सिंह लायलपुर ने एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर डाला तो फूलेवाला गांव के डॉ. जगसीर सिंह ने उनसे संपर्क साधा और बुजुर्ग हबीब के बारे में बताया। उन्होंने दोनों भाइयों की वीडियो काल के जरिये बातचीत भी कराई।

    डॉ. जगसीर सिंह ने बताया कि बुजुर्ग हबीब ने वही बात बताई जो सदीक बता रहे थे। हबीब ने बताया कि देश के विभाजन के समय कत्लेआम शुरू हुआ तो वह अपनी मां के साथ अपने ननिहाल फूलेवाला में आए हुए थे जबकि बड़े भाई और पिता जगराओं के पास स्थित गांव में थे। ऐसे में मां और वह यहां रह गए, जबकि बड़े भाई व पिता पाकिस्तान चले गए। उसके बाद दोनों का कुछ पता नहीं चला।

    नासिर ढिल्लों व लवली सिंह के प्रयास से भाई से संपर्क होने के बाद हबीब ने अपना पासपोर्ट बनवाया, लेकिन कोरोना के कारण श्री करतारपुर साहिब का रास्ता बंद कर दिया गया। इस कारण वह नहीं मिल पाए। अब जब बार्डर खुले तो दोनों भाइयों का मिलन हुआ। इस दौरान बड़े भाई भावुक हो कर रो पड़े तो छोटे ने तसल्ली देते हुए कहा कि-हाले वी तूं चंगा मन्न कि मिल गए आपां। मां के साथ रहे हबीब ने विवाह नहीं किया, जबकि पाकिस्तान चले गए भाई सदीक ने निकाह कर लिया। अब उनके बेटे-बहू का भरापूरा परिवार है।

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  • साइंस का चमत्कार! इंसानी शरीर में धक..धक.. कर रहा सुअर का दिल​​​​​​​ 

    साइंस का चमत्कार! इंसानी शरीर में धक..धक.. कर रहा सुअर का दिल​​​​​​​ 

     

    अमेरिका (America) के सर्जनों ने एक 57 वर्षीय शख्स में जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर (genetically modified pig) का दिल सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया है। मेडिकल इतिहास में यह पहली बार है और इससे आने वाले समय में अंगदान करने वालों की भारी कमी को खत्म किया जा सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल स्कूल (University of Maryland Medical School) ने बयान जारी कर बताया कि यह ऐतिहासिक ट्रांसप्लांट शुक्रवार को किया गया था।

    हालांकि, इस ट्रांसप्लांट के बाद भी मरीज की बीमारी का इलाज हो पाना फिलहाल निश्चित नहीं है लेकिन यह सर्जरी जानवरों से इंसानों में ट्रांसप्लांट को लेकर एक मील के पत्थर कही जा सकती है।

    दरअसल, डेविड बेनेट नाम के मरीज में कई गंभीर बीमारियों और खराब स्वास्थ्य की वजह से इंसानों का दिल ट्रांसप्लांट नहीं किया जा सकता था। लेकिन इस ट्रांसप्लांट के बाद अब मरीज रिकवर कर रहे हैं। और डॉक्टर भी बेहद करीब से उस पर अपनी नजर बनाए हुए हैं कि सूअर का दिल उनके शरीर में किस तरह काम कर रहा है। इस पर मैरीलैंड निवासी डेविड कहते हैं, 'मेरे पास दो ही विकल्प थे, या तो मरूं या फिर यह ट्रांसप्लांट करवाऊं। मैं जीना चाहता हूं। मैं जानता हूं कि यह अंधेरे में तीर चलाने जैसा है, लेकिन यह मेरी आखिरी पसंद है।' पिछले कई महीनों से हार्ट-लंग बाईपास मशीन के सहारे बिस्तर पर पड़े बेनेट ने कहा, 'मैं ठीक होने के बाद बिस्तर से बाहर निकलने के लिए उत्सुक हूं।'

    बता दें कि न्यू ईयर ईव के दिन अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पारंपरिक प्रत्यारोपण न होने की स्थिति में एक आखिरी कोशिश के तौर पर इस इमरजेंसी ट्रांसप्लांट की मंजूरी दी थी। सर्जरी के जरिए सूअर का दिल प्रत्यारोपित करने वाले डॉक्टर बार्टले ग्रिफिथ कहते हैं, 'यह एक सफल सर्जरी थी और इससे हम अंगों की कमी के संकट को हल करने की ओर एक कदम और बढ़ गए हैं।'

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  • बांग्लादेश के रोहिंग्या रिफ्यूजी कैंप में लगी भीषण आग, 1200 घर जलकर खाक

    बांग्लादेश के रोहिंग्या रिफ्यूजी कैंप में लगी भीषण आग, 1200 घर जलकर खाक

     

    बांग्लादेश (Bangladesh) के कॉक्स बाजार (Cox's Bazar) में स्थित रोहिंग्या शरणार्थियों (Rohingya refugees) के कैंप में भीषण आग लगने की सूचना मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आग में करीब 1200 रोहिंग्या शरणार्थियों के घर जलकर राख हो गए। यह सब उस वक्त हुआ जब यहां स्थित कैंप 16 शरणार्थी शिविर के काटा इलाके में रविवार को अचानक आग लग गई। आग लगने की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस हादसे में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है।

    दअरसल, एएनआई ने एक रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि पुलिस बटालियन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कामरान हुसैन ने बताया कि यह घटना रविवार शाम करीब पांच बजे की है। उन्होंने कहा कि आग तेजी से फैली और लगभग 1200 रोहिंग्या शरणार्थी घरों को खाक कर दिया। इस पर कॉक्स बाजार में उखिया फायर स्टेशन के स्टेशन अधिकारी ने बताया कि आग को रात तक बुझाया गया। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4.50 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की करीब चार इकाइयां कॉक्स बाजार में मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस दौरान उन्होंने शाम करीब पांच बजे कैंप के ऊपर घना धुआं उठते देखा।

    बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब रोहिंग्या शिविरों में आग लगी है। कॉक्स बाजार में रोहिंग्या शिविरों में आग लगने की घटनाएं अब आम हो गई हैं। संबंधित अधिकारियों ने अक्सर ऐसी घटनाओं में गैस सिलेंडर को आग लगने के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। 

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  • चीन ने तोड़ी बुद्ध की विशाल मूर्ति, मुंह खोलने पर तिब्बती भिक्षुओं को भेजा जेल, रिपोर्ट में दावा

    चीन ने तोड़ी बुद्ध की विशाल मूर्ति, मुंह खोलने पर तिब्बती भिक्षुओं को भेजा जेल, रिपोर्ट में दावा

     

    चीन (China) की तानाशाही एक बार फिर सामने आ गई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सिचुआन प्रक्षेत्र में चीनी प्रशासन ने कई तिब्बती भिक्षुओं (Tibetan Monks) को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी पिटाई की है। दरअसल, हाल ही में चीन ने तिब्बत में भगवान बुद्ध (Lord Buddha) की एक विशाल प्रतिमा को तोड़ दिया है। चीनी अधिकारियों को शक था कि उसकी इस हरकत के बारे में तिब्बती भिक्षुओं ने बाहरी लोगों को जानकारी दी है। इसी शक में आकर उसने तिब्बती भिक्षुओं के साथ यह बर्बरता की है। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि देश के लुओ काउंटी में 99 फुट लंबी बुद्ध की मूर्ति को तोड़ा गया है।

    तिब्बती सूत्रों के हवाले से 'Radio Free Asia' ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि चीनी अधिकारियों ने दिसंबर में इस मूर्ति को ये कहकर तोड़ दिया कि यह काफी ज्यादा लंबी है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस कार्रवाई को स्थानीय तिब्बती भिक्षुओं को जबरन देखने के लिए मजबूर किया गया। दरअसल चीन तिब्बत के राष्ट्रीय संस्कृति को जड़ से खत्म करना चाहता है और इसी अभियान के तहत वह ऐसा कर रहा है।

    एक सूत्र के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन में ड्रागो के गाडेन नम्गयाल मठ से अब तक 11 भिक्षुओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने प्रतिमा को नष्ट करने का वीडियो और फोटो को प्रक्षेत्र के बाहर शेयर किया है। उन्हें जेल में खाना तक नहीं दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मठ से अबोट पेल्गा, उनके सायक नियामा और भिक्षु ताशी डोर्जे को हिरासत में लिया गया है। चीनी अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पाठ पढ़ाने की जरूरत है। इस पर न्यूयॉर्क के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता सोफी रिचर्डसन ने बुद्ध मूर्ति को तोड़े जाने और तिब्बती भिक्षुओं पर अत्याचार को लेकर कहा कि चीन में इस धर्म को मानने वाले लोगों को कानूनी या संवैधानिक अधिकार नहीं मिलते।

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  • दिन-ब-दिन अफगानिस्तान संकट में, तालिबान के शीर्ष अधिकारी दुनिया से मांग रहे मदद

    दिन-ब-दिन अफगानिस्तान संकट में, तालिबान के शीर्ष अधिकारी दुनिया से मांग रहे मदद

     

    अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। भुखमरी और आर्थिक संकट से अफगानिस्तान में मानवीय संकट आए दिन गहराता जा रहा है। जहां एक तरफ कोरोना महामारी व अन्य बीमारियों से देश जूझ रहा है, वहीं अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने दुनिया भर से मदद के लिए गुहार लगाई है।

    अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता के आने के बाद दुनिया भर से अफगान के रिश्ते तितर-बितर हो गए हैं। अधिकारी ने देश के राजनीतिक मुद्दों पर विचार किए बिना जारी मानवीय संकट के बीच दुनिया से युद्धग्रस्त देश की मदद करने का आग्रह किया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी आरटीए मीडिया आउटलेट द्वारा प्रसारित एक वीडियो में तालिबान के उप प्रधान मंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने कहा कि अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति 'गंभीर' है। 

    अफगानिस्तान में नागरिकों के लिए रोजगार के अवसरों की सुविधा के लिए पिछले 20 वर्षों से कोई बुनियादी ढांचा नहीं है' मुल्ला बरादार के अनुसार, देश भर के नागरिकों को धन, आश्रय और भोजन की गंभीर आवश्यकता है।' उन्होंने कहा, 'देश की मौजूदा स्थिति में, अफगानों को दुनिया की तत्काल मानवीय सहायता की आवश्यकता है।'

    हालांकि, मुल्ला बरादर ने अपील करने के बाद यह भी कहा कि तालिबान सरकार आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और मंत्रालयों और सरकारी विभागों को नागरिकों की मदद करने का निर्देश दिया गया है। अफगान आर्थिक, मानवीय और प्राकृतिक आपदा की भी मार झेल रहा है।

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  • इस सरकार ने आतंकियों और उग्रवादियों को देखते ही गोली मारने के दिए आदेश

    इस सरकार ने आतंकियों और उग्रवादियों को देखते ही गोली मारने के दिए आदेश

     

    राष्ट्र के नाम संबोधन में कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने शुक्रवार को अशांति फैलाने के लिए आतंकियों और उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्त तोकायेव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। देश में पिछले कई दिनों से चल रहे बेहद हिंसक प्रदर्शनों के बाद यह कदम उठाने को कहा गया है। तोकायेव ने कहा-जो लोग आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, उन्हें मार दिया जाएगा।

    राष्ट्रपति ने कुछ अन्य देशों द्वारा प्रदशर्नकारियों के साथ बातचीत के आह्वान को बकवास बताया। तोकायेव ने कहा कि अपराधियों, हत्यारों के साथ क्या बातचीत हो सकती है? राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ने घोषणा की कि देश में संवैधानिक व्यवस्था मुख्यत: बहाल कर दी गई है और स्थानीय प्रशासन ने हालात को नियंत्रित कर लिया है।

    राष्ट्रपति ने कहा, 'आतंकवादी अब भी हथियारों का उपयोग कर रहे हैं और लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनके खिलाफ आतंकवाद विरोधी कार्रवाई जारी रखा जाना चाहिए।' कजाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने कहा कि उपद्रव के दौरान 26 प्रदर्शनकारी मारे गए, 18 घायल हो गए जबकि 3000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस दौरान 18 सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए और करीब 700 घायल हुए।

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  • अमेरिका में कोरोना का आतंक, 1 दिन में 10 लाख से ज्यादा मामले आए सामने

    अमेरिका में कोरोना का आतंक, 1 दिन में 10 लाख से ज्यादा मामले आए सामने

     

    दुनियाभर में कोरोना वायरस लोगों को पलभर भी चैन की सांस लेने नहीं दे रहा है। कोरोना वायरस ने एक बार फिर से दुनिया में अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। अमेरिका में बीते बुधवार को कोरोना वायरस के 10 लाख से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका में कोरोना मरीजों से अस्पताल पूरी तरह से भर गए हैं।

    लेकिन बताया जा रहा है, आईसीयू में भर्ती होने वालों की संख्या कम है, अमेरिका में बढ़ते कोरोना वायरस के केसों को लेकर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिका की जनता से एहतियात बरतने का अनुरोध किया है इसके अलावा हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति और यूएस की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने व्हाइट हाउस में कोरोना नियंत्रण टीम के साथ बैठक की।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस के दो लाख मामले सामने आए हैं, जो इससे पहले कभी सामने नहीं आए थे। वहीं एक दिन के भीतर इटली में 1 लाख 70 हजार 844 और फ्रांस में लगभग 3 लाख केसों की पुष्टि हुई है। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने देश में सख्त लॉकडाउन को लागू करने का विरोध भी किया है, क्योंकि टीकाकरण की बूस्टर खुराक के साथ बचाव भी होगा। दूसरी तरफ, अमेरिका में अस्पताल भर चुके हैं।

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  • इस एक्ट्रेस को सप्ताह में फार्ट बेचकर 37 लाख रुपए कमाना पड़ा भारी, पहुंची अस्‍पताल,धंधे से किया तौबा

    इस एक्ट्रेस को सप्ताह में फार्ट बेचकर 37 लाख रुपए कमाना पड़ा भारी, पहुंची अस्‍पताल,धंधे से किया तौबा

     

    जार में फार्ट बेचकर हर हफ्ते 37 लाख रुपये कमाने वाली स्टेफनी मैटो बीमार हो गई हैं और उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती होना पड़ा है। रियलिटी टीवी स्टार स्टेफनी मैटो को जार में फार्ट बेचना भारी पड़ गया। उन्हें हार्ट अटैक आया। खबरों की मानें तो उन्होंने अपने फार्ट वाले बिजनेस को बंद करने का फैसला लिया है। मैटो हर हफ्ते जार में फार्ट बेचती थीं और 37 लाख रुपये कमाती थी।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्‍टेफनी मैटो को सीने में दर्द हुआ। उन्होंने बताया कि वह फार्ट को बेचने का काम ज्‍यादा करने लगी थी। उन्हें ज्यादा से ज्यादा फार्ट आएं इसके लिए वह एक दिन में 3 प्रोटीन शेक और एक कटोरा ब्‍लैक बीन सूप लेती थीं। कहा जा रहा है कि एक्ट्रेस के कई टेस्ट किए गए। जिनकी रिपोर्ट्स के आधार पर डॉक्टर्स ने उन्हें बताया कि उनके सीने में दर्द गैस पैदा करने वाली बीन्‍स और अंडों की वजह से हुआ है। मैटो काफी लंबे समय से ऐसा कर रही थीं।

    खबरों की मानें तो स्टेफनी मैटो एक फार्ट जार को करीब एक डॉलर का बेचती थी। इसके लिए वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट का भी सहारा लेती थी।

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  • China Full Lockdown: चीन के इन शहरों में लगा संपूर्ण लॉकडाउन

    China Full Lockdown: चीन के इन शहरों में लगा संपूर्ण लॉकडाउन

     

    चीन से दुनियाभर में फैलने वाला कोरोना बीमारी को लोगों के लिए काल बनती जा रही है। पिछले 2 साल पहले जन्मी बीमारी अभी तक लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही है। एक बार फिर दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन का सिलसिला जारी हो गया है। अब चीन में 12 लाख की आबादी वाला शहर पूरी तरह से बंद हो गया है। युझोउ में अब लोग घरों में कैद हो गए हैं।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के युझोउ में सरकार की तरफ से पूर्ण लॉकडाउन लगाने का ऐलान कर दिया है। तीन लक्षणहीन कोरोना केस मिलने के बाद ये कदम उठाया गया है। मंगलवार को लोगों को घरों तक सीमित कर दिया गया। मध्य चीन के युझोउ शहर की आबादी करीब 12 लाख से अधिक है। चीन में शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन होने जा रहा है।

    जानकारी के लिए बता दें कि चीन के कोरोना आंकड़ों पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, उनकी माने तो पिछले साल 10 अगस्त 2021 को 143 मामले सामने आए थे। इसके बाद 17 दिसंबर तक कोई नया केस नहीं आया। लेकिन 18 दिसंबर को 125 संक्रमित मिले। इसके बाद ये सिलसिला बढ़ता गया और लोगों की संख्या में इजाफा होता गया। इस रिपोर्ट के बाद चीन ने अपनी सीमाओं को सील कर दिया है साथ ही कई शहरों और प्रांतों में लॉकडाउन लगाना शुरू कर दिया है।

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  • यहां महिला के सामान्य बाथरूम पर रोक, घर के बाथरूम में ही हिजाब पहनकर नहा सकेंगी महिलाएं

    यहां महिला के सामान्य बाथरूम पर रोक, घर के बाथरूम में ही हिजाब पहनकर नहा सकेंगी महिलाएं

     

    अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बाद से तालिबान हुकुमत महिलाओं को लेकर नए-नए फरमान जारी करता जा रहा है। एक बार फिर अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत में तालिबान की ओर से सामान्य महिला बाथरूमों पर रोक लगा दी है। उज्बेकिस्तान से सटे सूबे में महिलाों को लेकर यह नया नियम लागू किया गया है। प्रांत के अधिकारियों और स्कॉलर्स की ओर से सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है। 

    खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक महिलाएं अब सार्वजनिक बाथरूमों यानी स्नानघरों में नहीं नहा सकेंगी। वह अपने निजी बाथरूम में ही नहा सकेंगी और इस दौरान भी उन्हें इस्लामिक हिजाब पहनकर रखना होगा। डायरेक्टोरेट ऑफ प्रमोशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस के मुखिया ने कहा कि उलेमाओं से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है।

    मुखिया ने कहा, "चूंकि लोगों के पास घरों में आधुनिक स्नानघर नहीं हैं, इसलिए पुरुषों को सामान्य स्नानघर में जाने की अनुमति है, लेकिन महिलाओं को हिजाब पहनकर निजी स्नानघर में जाना चाहिए।" रिपोर्ट के मुताबिक, कम उम्र के लड़कों को भी सामान्य स्नानघर में जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा लड़कों पर बॉडी मसाज को लेकर भी प्रतिबंध लगाया गया है। 

    इससे पहले पश्चिमी हेरात प्रांत में स्थानीय अधिकारियों ने महिलाओं के सामान्य स्नानघर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। मिनिस्ट्री ऑफ प्रमोशन वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस ने देश भर में महिलाओं की यात्रा को 45 मील तक सीमित कर दिया था और ड्राइवरों को दो महिलाओं को अपनी कारों की अगली सीट पर नहीं बैठने की सिफारिश की गई थी। 

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