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  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाना गलत

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाना गलत

     

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और उनके नेतृत्व में देश अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, इसलिए उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाना अनुचित है। ट्रम्प ने शुक्रवार रात को ट्वीट किया, मैंने कुछ भी गलत नहीं किया, ऐसे में मेरे खिलाफ महाभियोग चलाया जाना अनुचित है। ट्रम्प पर आरोप हैं कि उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में संभावित प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन समेत अपने प्रतिद्वंद्वियों की छवि खराब करने के लिए यूक्रेन से गैरकानूनी रूप से मदद मांगी।

    बता दें है कि डेमोक्रेट्स अमेरिकी सांसदों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ दो आरोपों को मंजूरी दे दी। इस तरह कथित कदाचार के लिए प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है।

    प्रतिनिधि सभा में पारित होने के बाद महाभियोग की कार्यवाही 100 सदस्यीय अमेरिकी सीनेट में आगे बढ़ेगी जहां ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। ट्रम्प ने ट्वीट किया, डेमोक्रेट नफरत की पार्टी बन गए हैं। वे हमारे देश के लिए बहुत खराब हैं। इससे पहले उन्होंने महाभियोग को एक छल और राजनीति से प्रेरित बताया था।

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  • CAB पर पड़ोसी देश मालदीव का बयान, कहा ये भारत का आंतरिक मामला, लोकतंत्र पर भरोसा

    CAB पर पड़ोसी देश मालदीव का बयान, कहा ये भारत का आंतरिक मामला, लोकतंत्र पर भरोसा

     

    नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मचे विवाद के बीच पड़ोसी मालदीव ने साफ कहा है कि ये भारत का आंतरिक मामला है। मालदीव की संसद के स्पीकर मोहम्मद नशीद ने कहा, ये भारत का आंतरिक मामला है। हमें भारत के लोकतंत्र में भरोसा है और पूरी प्रक्रिया को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिली है।

    आपको बता दें कि एक दिन पहले ही नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच भारत-जापान के बीच होने वाली शिखर बैठक भी टाल दी गई। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को इस बैठक में आना था। बैठक गुवाहाटी में होनी थी, कैब के विरोध में पूर्वोत्तर समेत पूरे असम में विरोध-प्रदर्शन चल रहा है।

    इस बीच असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने कहा कि राज्य में नागरिकता संशोधन अधिनियमके खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन काफी हद तक थम गए हैं, पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रख रही है कि स्थिति फिर से नियंत्रण से बाहर न हो जाए।

     

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  • CAB का असर, गुवाहाटी में होने वाले भारत-जापान शिखर बैठक टली

    CAB का असर, गुवाहाटी में होने वाले भारत-जापान शिखर बैठक टली

     

    नागरिकता कानून के खिलाफ पूर्वोत्तर में हो रहे हंगामे का असर भारत-जापान शिखर बैठक पर भी पड़ा है। इस कानून के खिलाफ असम में हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए गुवाहाटी में होने वाले भारत-जापान शिखर बैठक को टाल दिया गया है। इस बैठक में जापानी पीएम शिंजो आबे को शिरकत करनी थी। आबे की 15 से 17 दिसंबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर वार्ता के लिए भारत आने की योजना थी।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के प्रस्तावित भारत दौरे के संबंध में दोनों पक्षों ने निकट भविष्य में पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीख पर दौरा रखने का फैसला किया है। असम में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पिछले दो दिन से व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

    हजारों लोग इस विधेयक को वापस लिए जाने की मांग को लेकर निषेद्याज्ञा का उल्लंघन करके सड़कों पर उतर रहे हैं। गुरुवार को पुलिस के साथ झड़प में गुवाहाटी में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले जापान के जीजी प्रेस ने कहा था कि आबे भारत की अपनी यात्रा को रद्द करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि गुवाहाटी में सुरक्षा हालात खराब हो गए हैं। जापान और भारत की सरकारें अंतिम संभावना की तलाश कर रही हैं।

     

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  • ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन की फिर से हुई वापसी, आम चुनाव में हासिल किया शानदार बहुमत

    ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन की फिर से हुई वापसी, आम चुनाव में हासिल किया शानदार बहुमत

     

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आम चुनाव में बहुमत हासिल कर लिया है। इस जीत के साथ ही ब्रेग्जिट पर अनिश्चितता खत्म हो जाएगी और ब्रिटेन की अगले महीने के अंत तक यूरोपीय संघ से अलग होने की राह आसान हो जाएगी। बता दें कि शुक्रवार को आए एग्जिट पोल में जॉनसन की भारी जीत के संकेत मिले थे। जॉनसन की कंजर्वेटिव पार्टी ने लेबर पार्टी के गढ़ में भी सेंध लगाई है।

    लेबर पार्टी इंग्लैंड के उत्तर और वेल्स इलाकों में हारती दिखी, जहां लोगों ने 2016 के जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए वोट किया था। नतीजों के अनुसार, यह 1987 के बाद से कंजर्वेटिव पार्टी की सबसे बड़ी जीत है। जॉनसन ने कंजर्वेटिव पार्टी के मतदाताओं, उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने ट्वीट किया, हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में रहते हैं। जॉनसन के पिछले मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री रही भारतीय मूल की प्रीति पटेल ने कहा, हम प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ब्रेग्जिट हमारी प्राथमिकता है। समझौता तैयार है और हम आगे बढ़ना चाहते हैं।

     लेबर के शेडो चांसलर जॉन मैकडोनेल ने कहा, ब्रेग्जिट इस चुनाव में हावी रहा। अगर नतीजे एग्जिट पोल के करीब रहते हैं तो यह बेहद निराशाजनक नतीजे होंगे। यह 1935 के बाद से लेबर पार्टी की सबसे करारी हार है। गौरतलब है कि जॉनसन ने कंजर्वेटिव पार्टी को बहुमत दिलाने और ब्रेग्जिट को लेकर हाउस ऑफ कॉमन्स में गतिरोध तोड़ने की कवायद के तहत मध्यावधि चुनाव की घोषणा की थी।

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  • 16 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को टाइम पत्रिका ने चुना पर्सन ऑफ द ईयर 2019

    16 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को टाइम पत्रिका ने चुना पर्सन ऑफ द ईयर 2019

     

    जलवायु परिवर्तन को लेकर आवाज उठाने वाली स्वीडन की 16 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को टाइम पत्रिका का पर्सन ऑफ द ईयर 2019 घोषित किया गया। ग्रेटा पिछले साल स्वीडन की संसद के सामने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अकेले प्रदर्शन करने के लिए पहली बार चर्चा में आई थीं।

    इस घोषणा के समय थनबर्ग मैड्रिड में संयुक्त राष्ट्र जलवायु मंच की एक बैठक में थीं। थनबर्ग ने टाइम को दिए साक्षात्कार में कहा, हम यह मानकर नहीं जी सकते कि कल नहीं आएगा, क्योंकि कल आएगा। यही हम कह रहे हैं। टाइम ने लिखा, वह पूरे विश्व का ध्यान खींचने में सफल रहीं हैं, लाखों अस्पष्ट विचारों को बदला, तत्काल बदलाव का आह्वान कर बेचैनियों को एक वैश्विक आंदोलन में बदल दिया।

     टाइम ने आगे कहा, उन्होंने काम करने के इच्छुक लोगों ने नैतिक आह्वान किया और जो इसके लिए तैयार नहीं थे, उन पर आक्रोश व्यक्त किया। इसके अलावा टाइम मैगजीन ने अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम को एथलीट ऑफ द ईयर, अमेरिकी लोकसेवकों को गार्जियन ऑफ द ईयर, गायक लिजो को इंटरटेनर ऑफ द ईयर और डिज्नी के सीईओ बॉब इगर को बिजनेस पर्सन ऑफ द ईयर चुना।

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  • अमेरिका ने पाक के इस पूर्व पुलिस अधिकारी को किया ब्लैकलिस्ट, लगा है ये आरोप

    अमेरिका ने पाक के इस पूर्व पुलिस अधिकारी को किया ब्लैकलिस्ट, लगा है ये आरोप

     

    सेवानिवृत्त पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी राव अनवर अहमद खान को मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन के मामले में अमेरिका ने काली सूची में डाल दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मलिर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवा दे चुके मुठभेड़ विशेषज्ञ पर न्यायेतर हत्याएं करने का आरोप है।

    वित्त मंत्रालय ने कहा, मलिर में एसएसपी के तौर पर अपने कार्यकाल में अनवर लगातार फर्जी पुलिस मुठभेड़ों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है, जिनमें कई लोग मारे गए। उस पर वसूली, भूमि-अधिग्रहण, मादक पदार्थ की तस्करी और हत्या का भी आरोप है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, अनवर ने मलिर जिले में 190 से अधिक मुठभेड़ों को अंजाम दिया, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए थे। इनमें से अधिकतर न्यायेतर हत्याएं थी।

    अमेरिका के इस कदम का पाकिस्तान ने स्वागत किया है। वॉइस ऑफ कराची के प्रमुख नदीम नुसरत ने अमेरिकी वित्त मंत्रालय के फैसले का स्वागत किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार की रक्षा करने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है।

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  • भगोड़े विजय माल्या पर शिकंजा कसने को फिर से ब्रिटेन की अदालत पहुंचे भारतीय बैंक

    भगोड़े विजय माल्या पर शिकंजा कसने को फिर से ब्रिटेन की अदालत पहुंचे भारतीय बैंक

     

    SBI के नेतृत्व में भारतीय सरकारी बैंकों के एक समूह ने ब्रिटेन के उच्च न्यायालय से भगोड़ा विजय माल्या को तकरीबन 1.145 अरब पाउंड का कर्ज न चुकाने के आरोप में दिवालिया घोषित करने का आदेश देने की एक बार फिर अपील की है। लंदन में उच्च न्यायालय की दिवाला शाखा में न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स ने इस सप्ताह सुनवाई की।

    उच्च न्यायालय ने पूर्व में दिए एक फैसले में दुनियाभर में माल्या की संपत्ति के लेन-देन पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश को पलटने से इनकार कर दिया था और भारत की एक अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था कि 13 भारतीय बैंकों का समूह तकरीबन 1.145 अरब पाउंड के कर्ज की भरपाई करने के लिए अधिकृत है। इसके बाद बैंकों ने संपत्ति जब्त करने के आदेश के तौर पर भरपाई की कवायद शुरू की। इसी के तहत कर्ज की भरपाई करने के लिए ब्रिटेन में माल्या की संपत्ति को जब्त करने की अपील करते हुए दिवाला याचिका दायर की।

    एसबीआई के अलावा बैंकों के इस समूह में बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉरपोरेशन बैंक, फेडरल बैंक लिमिटेड, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंसट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। गौरतलब है कि हाल ही में लंदन की रॉयल कोर्ट ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को निचली अदालत द्वारा उनके प्रत्यर्पण की अनुमति के खिलाफ अर्जी दाखिल करने की अनुमति दे दी थी।

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  • भारत के नागरिकता संशोधन विधेयक पर संयुक्त राष्ट्र ने टिप्पणी करने से किया इनकार

    भारत के नागरिकता संशोधन विधेयक पर संयुक्त राष्ट्र ने टिप्पणी करने से किया इनकार

     

    संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को भारत के नागरिकता संशोधन विधेयक पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि उसकी एकमात्र चिंता यह है कि सभी देश गैर भेदभावकारी कानूनों का उपयोग करें। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक से जब विधेयक के पारित होने के बारे में संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है, यह कानून एक विधायी प्रक्रिया से गुजरेगा। हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे जबतक घरेलू विधायी प्रक्रिया को अंजाम नहीं दे दिया जाता।

    उन्होंने अपने अपने साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि हमारी चिंता केवल यह सुनिश्चित करने की है कि सभी सरकारें गैर-भेदभावकारी कानूनों का दुरुपयोग करें।  बता दें कि सोमवार को लोकसभा ने नागरिकता संशोधन विधेयक को 311 मतों से पारित कर दिया था जबकि इसके विपक्ष में 80 वोट पड़े थे। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्मों के शरणार्थियों के लिए नागरिकता के नियमों को आसान बनाना है।

    वर्तमान में किसी व्यक्ति को भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए कम से कम पिछले 11 साल से यहां रहना अनिवार्य है। इस संशोधन के जरिए सरकार नियम को आसान बनाकर नागरिकता हासिल करने की अवधि को एक साल से लेकर 6 साल करना चाहती है।

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  • नागरिकता संशोधन विधेयक पर भारत ने अमेरिकी संस्थाओं की टिप्पणियों को गलत और गैर जरूरी बताया

    नागरिकता संशोधन विधेयक पर भारत ने अमेरिकी संस्थाओं की टिप्पणियों को गलत और गैर जरूरी बताया

     

    भारत ने नागरिता संशोधन विधेयक 2019 को लेकर अमेरिका की कुछ संस्थाओं की तरफ से आई टिप्पणियों को गलत और गैर जरूरी करार दिया है। इतना ही नहीं अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की तरफ नए नागरिकता अधिनियम की आलोचना करते हुए आए बयान को भारत ने USCIRF के भारत के प्रति पुराने दुराग्रह का नतीजा करार दिया।

    विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि नया नागरिकता संशोधन विधेयक उन लोगों को भारत की नागरिकता हासिल करने का अधिकार देता है जो धार्मिक रूप से प्रताड़ित होकर आए हैं और बीते काफी समय से देश में रह रहे हैं। जो लोग धार्मिक स्वतंत्रता की बात करते हैं उन्हें इस तरह के प्रावधानों का स्वागत और समर्थन करना चाहिए।

    विदेशों से आए आलोचना के सुरों पर दिए स्पष्टीकरण में विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने कहा कि नया नागरिकता संशोधन विधेयक न तो मौजूदा नागरिकों की नागरिकता खत्म करता है और न ही किसी भी धर्म मतावलंबी के लिए नागरिकता हासिल करने के दरवाजे बंद करता है। रवीश कुमार ने कहा कि अमेरिका समेत सभी देश अपनी-अपनी नीतियों के आधार पर ही नागरिकता देने और न देने का फैसला करते हैं।

     

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  • WADA के 4 साल के बैन से खफा रूस, राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने कहा कि ये...

    WADA के 4 साल के बैन से खफा रूस, राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने कहा कि ये...

     

    विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी ने डोपिंग के गलत आंकड़े देने के आरोप में रूस में चार साल का प्रतिबंध लगा दिया है। जिस पर अब राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लुसाने में वाडा की कार्यकारी समिति की बैठक में रूस पर चार साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया। रूस पर इस बैन का असर ये होगा कि यहां की टीम अब 2020 के टोक्यो ओलंपिक और 2022 के बीजिंग ओलंपिक में भाग नहीं ले पाएगी।

    इस फैसले से पहले वाडा की एक बैठक लुसाने में हुई। बता दें कि रूस पर यह आरोप लगा था कि उसने एंटी डोपिंग लेबोरेट्री से गलत जानकारी मुहैया कराई थी। ब्लादीमिर पुतिन ने इस फैसले को राजनीति से प्रेरित और ओलंपिक चार्टर के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा रूसी ओलंपिक समिति की अवहेलना करने का कोई कारण नहीं है। रूस अपने झंडे तले खेलों में भाग लेगा।

    रूस के प्रधानमंत्री दमित्री मेदवेदेव ने कहा  यह रूस विरोधी उन्माद का सिलसिला है और अब यह नासूर बन चुका है। वाडा के प्रवक्ता जेम्स फिट्जगेराल्ड ने कहा, सिफारिशों की पूरी सूची सर्वसम्मति से स्वीकार कर ली गयी है। वाडा कार्यकारी समिति ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया कि रूसी डोपिंगरोधी एजेंसी ने चार साल तक नियमों का पालन नहीं किया।

    वाडा के इस फैसले के बाद रूसी खिलाड़ी तोक्यो ओलंपिक में तटस्थ खिलाड़ी के तौर पर भाग ले सकते हैं लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब वे यह साबित करेंगे कि वे डोपिंग की उस व्यवस्था का हिस्सा नहीं थे जिसे वाडा सरकार प्रायोजित मानता है।

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  • फिनलैंड की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनी सना मरीन

    फिनलैंड की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनी सना मरीन

     

    फिनलैंड की सोशल डेमोक्रेट पार्टी ने रविवार को प्रधानमंत्री पद के लिए 34 वर्षीय पूर्व परिवहन मंत्री सना मरीन को चुना। इसी के साथ वह देश के इतिहास में सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गई हैं। मरीन ने रविवार को हुआ मतदान जीतकर निवर्तमान नेता एंटी रिने का स्थान लिया, जिन्होंने डाक हड़ताल से निपटने को लेकर गठबंधन सहयोगी सेंटर पार्टी का विश्वास खोने के बाद मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था।

    मरीन ने रविवार रात को पत्रकारों से कहा, हमें फिर से विश्वास बहाल करने के लिए काफी काम करना होगा। अपनी उम्र से संबंधी सवालों पर उन्होंने कहा, मैंने कभी अपनी उम्र या महिला होने के बारे में नहीं सोचा। मैं कुछ वजहों से राजनीति में आयी और इन चीजों के लिए हमने मतदाताओं का विश्वास जीता. 27 साल की उम्र में ही मरीन ने राजनीति में कदम रख दिया था और उसी समय से तेजी से वृद्धि की।

    फिनलैंड के सबसे बड़े समाचार पत्र हेलसिंगिन सनोमैट और इल्ता-सनोमैट के अनुसार, मारिन दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बन गई हैं। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जैकिंडा आर्डेन 39 साल, यूक्रेन के प्रधानमंत्री ओलेक्सी होन्चारुक 35 साल और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन भी 35 साल के हैं।

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  • दक्षिण अफ्रीका की जोजिबिनी टूंजी को मिला साल 2019 के मिस यूनिवर्स खिताब

    दक्षिण अफ्रीका की जोजिबिनी टूंजी को मिला साल 2019 के मिस यूनिवर्स खिताब

     

    दक्षिण अफ्रीका की 25 साल जोजिबिनी टूंजी को साल 2019 के मिस यूनिवर्स खिताब से नवाजा गया है। अमेरिका के अटलांटा में रविवार आयोजित समारोह में 90 सुंदरियों के बीच मुकाबला था। साउथ अफ्रीका, मैक्सिको, कोलंबिया, थाइलैंड और प्‍यूरटोरिको की सुंदरियों को टॉप फाइव में पहुंचने में सफलता मिली थी। मिस मैक्‍सिको दूसरे नंबर पर रहीं।

    पिछले वर्ष की मिस यूनिवर्स फिलीपींस की कैटोरिना ग्रे ने इस साल की मिस यूनिवर्स को ताज पहनाया। जोजिबिनी, साउथ अफ्रीका के टोस्‍लो की रहने वाली हैं। मिस यूनिवर्स की आधिकारिक वेबसाइट पर उनकी बायो के मुताबिक वह एक जुनूनी कार्यकर्ता हैं जो लैंगिक भेदभाव से जुड़ी हिंसा के खिलाफ आवाज उठाती आई हैं। वेबसाइट पर लिखा है, उन्‍होंने अपने सोशल मीडिया कैंपेन का प्रयोग रुढ़िवादी विचारधाराओं पर आधारित सोच को बदलने के लिए किया है। वह हमेशा प्राकृतिक सौंदर्य की वकालत करती आई हैं और साथ ही वह महिलाओं को खुद से प्‍यार करने के लिए प्रोत्‍साहित करती आई हैं।

    पब्लिक रिलेशंस में ग्रेजुएट जोजिबिनी का जन्‍म टोस्‍लो के ईस्‍टर्न केप में हुआ और पड़ोस के गांव सिडावाडवेनी में उनका पालन-पोषण हुआ। इसके बाद वह केपटाउन आ गईं और उन्‍होंने केप पेनिनसुला युनिवर्सिटी ऑफ टेक्‍नोलॉजी में ग्रेजुएशन किया। साल 2018 में उन्‍होंने इमेज मैनेजमेंट और पब्लिक रिलेशंस में ग्रेजुएशन किया। मिस साउथ अफ्रीका का खिताब जीतने से पहले उन्‍होंने केपटाउन में पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट के साथ एक ग्रेजुएट इंटर्न के तौर पर काम भी किया है

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  • चीन के वैज्ञानिकों का कारनामा, बना डाली ये नई प्रजाति

    चीन के वैज्ञानिकों का कारनामा, बना डाली ये नई प्रजाति

     

    चीन के वैज्ञानिकों ने एक बार फिर अपनी वैज्ञानिक तकनीक से दुनिया भर के लोगों को हैरान कर दिया है। इस बार चीनी वैज्ञानिकों ने बंदर और सूअर के जीन से एक नई प्रजाति का जानवर पैदा किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सूअर के दो बच्चों के दिल, जिगर और त्वचा में बंदर के टिश्यू मौजूद हैं। सूअर के ये दोनों बच्चे स्टेट सेल और प्रजनन जीव विज्ञान की स्टेट प्रयोगशाला में पैदा हुए थे, लेकिन एक हफ्ते के भीतर ही दोनों की मौत हो गई।

    बीजिंग की स्टेट सेल की प्रमुख प्रयोगशाला और प्रजनन जीव विज्ञान के वैज्ञानिकों की मानें तो यह पूरी तरह से बंदर-सूअर की पहली रिपोर्ट है। वैज्ञानिकों ने बताया कि पांच दिनों के पिगलेट भ्रूण में बंदर की स्टेम कोशिकाएं थीं। इस तरह के शोध से पता चला है कि कोशिकाएं कहां समाप्त हुई हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों बंदर-सुअर की मौत क्यों हुई। वैज्ञानिकों के मुताबिक इनकी मौत आईवीएफ प्रक्रिया में किसी तरह की समस्या की चलते हुई होगी।

    बता दें कि यह प्रयोग स्पैनिश वैज्ञानिक युआन कार्लोस इजिपिसुआ बेलमोंटे के दो साल पहले किए गए प्रयास को देखते हुए किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि तांग हाई और और उनकी टीम ने जुआन कार्लोस की सोच को ही आगे बढ़ाया और आनुवंशिक रूप से संशोधित बंदर कोशिकाओं को 4,000 से अधिक सूअर भ्रूणों के अंदर डाला गया।

     

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  • अमेरिकी नौसेना के पर्ल हार्बर शिपयार्ड में गोलीबारी, भारत के वायुसेना प्रमुख भदौरिया बेस में मौजूद

    अमेरिकी नौसेना के पर्ल हार्बर शिपयार्ड में गोलीबारी, भारत के वायुसेना प्रमुख भदौरिया बेस में मौजूद

     

    अमेरिकी नौसेना के पर्ल हार्बर शिपयार्ड में बुधवार को गोलाबारी की घटना हुई। दोपहर को ढाई बजे के करीब एक बंदूकधारी शख्स ने यहां गोलियां चलाईं जिसमें तीन लोगों घायल हुए हैं। बताया जा रहा हमलावर ने भी आत्महत्या कर ली है।

    खास बात ये है जिस वक्त ये वारदात हुई उस वक्त भारतीय वायु सेना के एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया और उनकी टीम भी अमेरिकी नौसेना और एयरफोर्स के हवाई स्थित पर्ल हार्बर-हिकम ज्वाइंट बेस पर मौजूद थी। वायुसेना के प्रवक्त ने बताया कि एयर चीफ मार्शल और उनके सभी साथी सुरक्षित हैं और उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

    एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वायुसेना प्रमुख पर्ल हार्बर में अमेरिकी वायुसेना अड्डे पर ठहरे हुए हैं और गोलीबारी नौसेना के अड्डे पर हुई। अधिकारी ने बताया कि ये दोनों जगह एक दूसरे के पास नहीं हैं। घटना के वक्त मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने डटकर गोलीबारी करने वाले शख्स का मुकाबला किया। शख्स की पहचान एक अमेरिकी नाविक के तौर पर हुई है। फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर शिपयार्ड को बंद कर दिया गया है।

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  • पाकिस्तान को झटका, द्विपक्षीय मदद देना बंद करेगा ऑस्ट्रेलिया

    पाकिस्तान को झटका, द्विपक्षीय मदद देना बंद करेगा ऑस्ट्रेलिया

     

    ऑस्ट्रेलिया ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। ऑस्ट्रेलिया की मोरिसन सरकार ने पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद रोकने का फैसला किया है। ऑस्ट्रेलिया पाकिस्तान की गरीब महिलाओं और लड़कियों की मदद के लिए वित्तीय मदद मुहैया कराता था।

    ऑस्ट्रेलिया 70 सालों से पाकिस्तान को सहायता प्रदान कर रहा है, लेकिन 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी प्रकार की विकास सहायता को समाप्त कर देगा। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने सोमवार को पाकिस्तान पर नवीनतम सहायता कार्यक्रम की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया।

    रिपोर्ट में कहा गया, 'ऑस्ट्रेलिया, द्वारा सहायता राशि का प्रयोग प्रशांत महासागर की नई प्रतिबद्धताओं के लिए किया जाएगा। पाकिस्तान द्विपक्षीय सहायता कार्यक्रम 2019-20 में 1.9 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एक अरब 99 करोड़ 68 लाख 80 हजार पाकिस्तानी रुपये) तक कम किया जाएगा। इसके बाद 2020-21 के दौरान इसे पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा।'

    पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया की सहायता का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करना, गुणवत्ता प्रजनन स्वास्थ्य और लिंग आधारित हिंसा विरोधी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना था।

    ऑस्ट्रेलिया की विदेशों को दी जाने वाली कुल आर्थिक मदद 2013 के बाद से 27 फीसदी घटी है और वर्तमान में वह अपने कुल खर्च का 0.82 फीसदी ही फंडिंग में देता है। इस कटौती के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की मोरिसन सरकार ने प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है और 2019-20 में इस क्षेत्र में 1.4 अरब डॉलर वित्तीय सहायता में खर्च किए गए।

    द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने कहा, 'पिछले वित्त वर्ष में पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया की सहायता ने सूखे और आंतरिक विस्थापन से प्रभावित दो मिलियन से अधिक गरीब लोगों को भोजन और रुपयों की मदद प्रदान की है। बता दें कि पाकिस्तान एशिया के सबसे गरीब देशों में से एक है और संयुक्त राष्ट्र मानव विकास इंडेक्‍स में 178 देशों की लिस्ट में 150 वें स्थान पर है। यह इंडेक्‍स स्वास्थ्य, शिक्षा और आय के आधार पर तय किया जाता है।

     

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