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  • अमेरिका में कोरोना का कहर जारी, सार्वजनिक तौर पर पहली बार मास्क पहने नजर आए Donald Trump

    अमेरिका में कोरोना का कहर जारी, सार्वजनिक तौर पर पहली बार मास्क पहने नजर आए Donald Trump

     

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक सैन्य अस्पताल के दौरे के समय सार्वजनिक तौर पर पहली बार मास्क पहने नजर आए। जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा पहली बार है, जब ट्रंप स्वास्थ्य पेशेवरों की सलाह के अनुसार कोरोना वायरस से बचने के लिए सार्वजनिक तौर पर अपने चेहरे को ढके हुए दिखाई दिए हैं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति कोविड-19 मरीजों की देखभाल कर रहे स्वास्थ्यसेवा कर्मियों और घायल सैन्यकर्मियों से मिलने के लिए हेलीकॉप्टर से उपनगरीय वाशिंगटन स्थित 'वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर' पहुंचे। वही, व्हाइट हाउस से निकलते समय संवाददाताओं से उन्होंने कहा, 'खासकर, जब आप किसी अस्पताल में हों, तो मुझे लगता है कि मास्क पहनना चाहिए।'

    इस दौरान ट्रंप वाल्टर रीड के गलियारे में मास्क पहने नजर आए। हालांकि जब वह हेलीकॉप्टर से उतरे थे, तब उन्होंने मास्क नहीं पहन रखा था। बता दें कि अमेरिका में कोरोना वायरस से 32 लाख लोग संक्रमित हैं और इससे कम से कम 1,34,000 लोगों की मौत हो गई है। ट्रम्प को भले ही पहली बार मास्क पहने देखा गया हो, लेकिन देश के उपराष्ट्रपति माइक पेंस समेत कई शीर्ष रिपब्लिकन नेता सार्वजनिक स्थलों पर मास्क का इस्तेमाल करते हैं।

    इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने संवाददाता सम्मेलनों, रैलियों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने से इनकार कर दिया था। वही, ट्रम्प के नजदीकी सूत्रों  ने बताया कि राष्ट्रपति को इस बार का डर है कि मास्क पहनने से वह कमजोर प्रतीत होंगे और इससे लोगों का ध्यान आर्थिक रूप से उबरने के बजाए जन स्वास्थ्य संकट पर केंद्रित हो जाएगा।

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  • अमेरिका में कोरोना केस में अब तक का सबसे बड़ा उछाल, 1 दिन में आये 70 हजार मामले

    अमेरिका में कोरोना केस में अब तक का सबसे बड़ा उछाल, 1 दिन में आये 70 हजार मामले

     

    कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर बरपाया हुआ है। कोरोना वायरस के संकट से दुनिया का सबसे ज्यादा पीड़ित देश अमेरिका है। अमेरिका में प्रतिदिन कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका में आज कोरोना वायरस के मामलों में सबसे अधिक उछाल देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 24 घंटे में अमेरिका में कोरोना वायरस के 70,000 नए के सामने आए हैं। किसी भी देश में महामारी शुरू होने के बाद से यह सबसे बड़ा उछाल है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में कोरोना वायरस के 70,000 मामले आने के बाद यहां पर संक्रमितों की संख्या 3,183,856 ही गयी है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़े अनुसार, दुनियाभर में 12,461,962 लोग कोरोना वायरस की जद में आ चुके हैं। पूरी दुनिया में अब तक इस खतरनाक वायरस की चपेट में आने से 559,481 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, राहत की ख़बर ये है कि इस खतरनाक बीमारी से इलाज के बाद 6,835,987 मरीज ठीक हुए हैं।

    बता दें कि भारत में आज पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड तोड़ 27,761मामले सामने आए हैं। इसी के साथ भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 8 लाख 22 हजार से अधिक हो गयी है। कोविड 19 इंडिया डॉट ओआरजी के मुताबिक, भारत में आज कोरोना वायरस के 27 हजार 761 ममले सामने आने के बाद कोविड 19 से संक्रमित मरीजों की संख्या 8 लाख 22 हजार 603 हो गयी है। इनमें 2, 83, 875 मरीज एक्टिव हैं। जबकि एक दिन में भारत में 20,246 मरीज ठीक हुए हैं। इसी के साथ देश में ठीक हुए मरीजों की संख्या 5,16,206 हो गयी है। वहीं भारत में एक दिन में कोरोना वायरस से 520 लोगों की मौत हुई है। इसी के देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 22,144 हो गई है।

     

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  • पाकिस्तान को बड़ा झटका, यूरोपीय देशों के बाद अमेरिका ने भी PIA की उड़ानों पर लगाया प्रतिबंध

    पाकिस्तान को बड़ा झटका, यूरोपीय देशों के बाद अमेरिका ने भी PIA की उड़ानों पर लगाया प्रतिबंध

     

    यूरोपीय देशों के बाद अब अमेरिका ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) की उड़ानों पर बैन लगा दिया है। पायलटों के फर्जी लाइसेंस और सुरक्षा उपायों में कमी को लेकर चिंता जाहिर करते हुए अमेरिका ने पीआईए के विमानों के अपने एयरस्पेस में घुसने पर रोक लगा दी है। 

    मीडिया खबर के मुताबिक, अथॉरिटी ने कहा, 'पीआईए अपने विमानों का संचालन अमेरिका के लिए नहीं कर पाएगा।' अमेरिका अथॉरिटी ने कहा है कि पीआईए के सभी तरह के विमानों पर बैन लगाया गया है। वही, पीआईए ने बैन की पुष्टि करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय विमानन कंपनी को इस संबंध में एक ईमेल मिला है। बता दें कि अमेरिका से एक दिन पहले ही यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (ईएएसए) ने पाकिस्तान सरकार की विमानन कंपनी पर छह महीने के लिए रोक लगाई है। 

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  • आधिकारिक तौर पर WHO से अलग हुआ अमेरिका

    आधिकारिक तौर पर WHO से अलग हुआ अमेरिका

     

    दुनिया भर में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ अपने देश के सभी संबंध खत्म करने की आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र को जानकारी दे दी है। बता दें कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ पर लगातार कोविड-19 को लेकर चीन का पक्ष लेने का आरोप लगाता रहा है। कोरोना वायरस पिछले साल चीन के वुहान शहर से ही शुरू हुआ था।

    इस बीच अमेरिका ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य संगठन के विश्व को गुमराह करने के कारण इस वायरस से दुनिया भर में पांच लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से 1,30,000 से अधिक लोग तो अमेरिका के ही हैं। जिसके बाद ट्रंप प्रशासन के संबंधों की समीक्षा शुरू करने के बाद अमेरिका ने अप्रैल में ही डब्ल्यूएचओ को फंड देना बंद कर दिया था। इसके एक महीने बाद ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ संबंध समाप्त करने की घोषणा की थी।

    बता दें कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ को सबसे अधिक फंड, 45 करोड़ डॉलर से अधिक प्रति वर्ष देता है जबकि चीन का योगदान अमेरिका के योगदान के दसवें हिस्से के बराबर है। वही, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, 'मैं कह सकता हूं कि छह जुलाई 2020 को अमेरिका ने महासचिव को विश्च स्वास्थ्य संगठन से हटने की आधिकारिक जानकारी दी जो छह जुलाई 2021 से प्रभावी होगा।'

    दुजारिक ने आगे कहा कि महासचिव डब्ल्यूएचओ के साथ इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि संगठन से हटने की सभी प्रक्रियाएं पूरी की गईं की नहीं। बता दें कि अमेरिका 21 जून 1948 से डब्ल्यूएचओ संविधान का पक्षकार है।

     

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  • WHO ने स्वीकारी हवा से कोरोना संक्रमण के फैलने की बात, वैज्ञानिकों के दावे पर दिया ये बयान

    WHO ने स्वीकारी हवा से कोरोना संक्रमण के फैलने की बात, वैज्ञानिकों के दावे पर दिया ये बयान

     

    हाल ही में वैज्ञानिकों ने यह दावा किया था कि कोरोना वायरस हवा से फैल रहा है। साथ ही, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से इस वायरस की रिकमंडेशन (संस्तुति) में तुरंत संशोधन करने का आग्रह भी किया था। जिसके बाद अब डब्ल्यूएचओ ने पहली बार हवा के जरिए कोरोना वायरस के फैलने की आशंका को स्वीकारा है और कहा है कि वह जल्द ही संशोधित वैज्ञानिक सार जारी करेगा।

    डब्ल्यूएचओ ने कहा, 'हम स्वीकार करते हैं कि कोरोना वायरस और महामारी से जुड़े अन्य क्षेत्रों की तरह इस संबंध में भी नये साक्ष्य सामने आ रहे हैं। हमारा मत है कि हमें इस साक्ष्य पर खुले दिमाग से विचार कर वायरस के संक्रमण के तौर-तरीकों के संदर्भ में उसके प्रभाव और इस लिहाज से जरूरी सावधानियों को समझना चाहिए।'

    बता दें कि 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि यह खतरनाक वायरस 'एयरबोर्न' है। यानी कोरोना हवा के जरिए भी फैलता है। वैज्ञानिकों की रिसर्च के मुताबिक कोरोना के छोटे-छोटे कण हवा में जिंदा रहते हैं। जो सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं और लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने इस वायरस के फैलने के तरीकों को साफ करते हुए कहा था कि इस वायरस का संक्रमण हवा से नहीं फैलता है। डब्ल्यूएचओ ने तब साफ किया था कि यह खतरनाक वायरस सिर्फ थूक के कणों से ही फैलता है। ये कण कफ, छींक और बोलने से शरीर से बाहर निकलते हैं। थूक के कण इतने हल्के नहीं होते जो हवा के साथ यहां से वहां उड़ जाएं। 

    वही, विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 की विशेषज्ञ डॉ. मरिया वैन केरखोव ने कहा, 'हम हवा के रास्ते और मुंह तथा नाक से निकलने वाले बेहद सूक्ष्म जलकणों से वायरस के फैलने की संभावना की बात करते रहे हैं। हम मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर एक वैज्ञानिक सार तैयार कर रहे हैं। हम कई सप्ताह से इस पर काम कर रहे हैं।' 

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  • सैनिकों के पीछे हटने पर बोला चीन- दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए उठाया गया कदम

    सैनिकों के पीछे हटने पर बोला चीन- दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए उठाया गया कदम

     

    लद्दाख की गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास से चीनी सैनिक एक-दो किलोमीटर पीछे हट गए है। इस बीच चीन विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं इसी के मद्देनजर सैनिकों को वापस हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

    वहीं, दूसरी ओर चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स की ओर से भी बॉर्डर पर तनाव कम होने की बात की गई है। ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि भारत और चीन की सेनाओं ने फ्रंट बॉर्डर से बैच के आधार पर सैनिक कम करने का निर्णय लिया है। इसमें दोनों देशों के बीच 30 जून को जो बैठक हुई थी, उसके बाद ये फैसला लिया गया है।

    इसके अलावा विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, 'अग्रिम पंक्ति की सेनाओं में प्रगति हुई है, तनातनी और तनाव कम करने के लिए प्रभावी कमद उठाए जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष चीन की ओर बढ़ेगा और ठोस कार्रवाई के माध्यम से आम सहमति को लागू करेगा और सीमा क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर संवाद कायम रखेगा।'

    बता दें कि चीन की यह प्रतिक्रिया उन खबरों के कुछ ही घंटों के भीतर आई है जिनमें कहा गया है कि चीनी सैनिक गलवान घाटी में झड़प वाले स्थान से 1-2 किलोमीटर पीछे चले गए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि 15 जून को यहां दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। चीन ने भी स्वीकार किया कि उसके सैनिक भी मारे गए हैं लेकिन उसने हताहतों की संख्या का खुलासा नहीं किया है। 

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  • सावधान: वैज्ञानिकों का दावा- हवा से भी फैलता है कोरोना वायरस

    सावधान: वैज्ञानिकों का दावा- हवा से भी फैलता है कोरोना वायरस

     

    जहां एक तरफ कोरोना वायरस का प्रकोप विश्वभर में तेजी से फैल रहा है। ऐसे में वैज्ञानिक और शोधकर्ता कोरोना को लेकर प्रतिदिन शोध कर रहे हैं, जिससे इस वायरस से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इस बीच अब वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस हवा से भी फैलता है। जी हां, आपको यह सुनकर थोड़ी हैरानी हो रही होगी लेकिन ये सच है।

    दरअसल, 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि यह खतरनाक वायरस 'एयरबोर्न' है यानी कोरोना हवा के जरिए भी फैलता है। वैज्ञानिकों की रिसर्च के मुताबिक कोरोना के छोटे-छोटे कण हवा में जिंदा रहते हैं। जो सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं और लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। वहीं,  वैज्ञानिकों ने डब्ल्यूएचओ से इस वायरस की रिकमंडेशन (संस्तुति) में तुरंत संशोधन करने का आग्रह भी किया है।

    बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने इस वायरस के फैलने के तरीकों को साफ करते हुए कहा था कि इस वायरस का संक्रमण हवा से नहीं फैलता है। डब्ल्यूएचओ ने तब साफ किया था कि यह खतरनाक वायरस सिर्फ थूक के कणों से ही फैलता है। ये कण कफ, छींक और बोलने से शरीर से बाहर निकलते हैं। थूक के कण इतने हल्के नहीं होते जो हवा के साथ यहां से वहां उड़ जाएं। 

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  • चीन का समर्थन कर अपने ही मुल्क में घिरे इमरान, विदेश विभाग ने दी ये चेतावनी

    चीन का समर्थन कर अपने ही मुल्क में घिरे इमरान, विदेश विभाग ने दी ये चेतावनी

     

    चीन से दोस्ती पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को महंगी पड़ने लगी है. वह अपने ही देश में घिर गए हैं. चीन के समर्थन को लेकर पाकिस्तान के विदेश विभाग ने इमरान खान को चेतावनी दी है. विदेश विभाग ने कहा है कि अगर पाकिस्तान चीन का समर्थन करना नहीं छोड़ता है तो उसे वैश्विक स्तर पर अलगाव का सामना करना पड़ेगा.

    न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, विदेश विभाग ने कहा कि भारत से तनातनी और कोरोना संकट के कारण चीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना कर रहा है. अगर पाकिस्तान चीन के साथ अपनी नीतियों की समीक्षा नहीं करता है तो वह विश्व की आर्थिक शक्तियों के गुस्से को भड़काएगा. ये शक्तियां भारत के साथ टकराव के बाद चीन को विश्व स्तर पर अलग-थलग करने के लिए काम कर रही हैं.

    चीन का आंख मूंदकर समर्थन कर रहे पाकिस्तान को झटका तब लगा जब यूरोपीय यूनियन और ब्रिटेन ने पाकिस्तानी एयरलाइंस के विमानों के उड़ान भरने के लिए बैन कर दिया. पाकिस्तान ने यूरोपीय देशों के यह समझाने का प्रयास किया कि उसके पास पायलट योग्य हैं लेकिन फैसले पर कोई असर नहीं पड़ा.

    यूरोपीय राष्ट्र भारत के खिलाफ आक्रामक रुख के लिए राजनयिक स्तर पर चीन को अलग-थलग करने की ओर बढ़ रहे हैं और पाकिस्तानी सूत्रों का मानना ​​है कि इस्लामाबाद को भी इसका सामना करना पड़ सकता है. पाकिस्तान में चीन के खिलाफ पहले ही गुस्सा है. बलूचिस्तान और गिलगित बाल्टिस्तान में जिस तरह से चीन CPEC के लिए पाकिस्तान के संसाधनों का शोषण कर रहा है उसे लेकर वहां के लोगों में बहुत गुस्सा है.

    बलूच और गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को नौकरियां नहीं मिल रही हैं, क्योंकि चीनी कंपनियां चीनी मजदूरों से कम पैसे में काम कराना पसंद करती हैं.

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  • पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी Corona पॉजिटिव, बोले- मेरे लिए दुआ कीजिए

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी Corona पॉजिटिव, बोले- मेरे लिए दुआ कीजिए

     

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बताया कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और आइसोलेशन में हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेता ने ट्विटर पर लिखा कि उन्हें हल्का बुखार महसूस हुआ और वह तत्काल आइसोलेशन में चले गए। उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट कर बताया, 'मेरे कोरोना वायरस के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। अल्लाह के शुक्र से मैं मजबूत और ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं। मैं घर से अपना काम करता रहूंगा। कृपया मेरे लिए दुआएं कीजिए।'

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि शाह महमूद कुरैशी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए पाकिस्तान सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री हैं। वह सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के उपाध्यक्ष हैं और सरकार में प्रधानमंत्री इमरान खान के बाद दूसरे नंबर के नेता समझे जाते हैं। बता दें कि पाकिस्तान के अनेक सांसद कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं और इनमें से कुछ की मौत भी हो गई है।

    जून में नेशनल असेंबली के सदस्य मुनीर खान ओरकजई की मौत हो गई। वह इससे कुछ दिन पहले ही कोरोना वायरस से स्वस्थ हुए थे। वही, खैबर पख्तुनखवा विधानसभा के आठ सदस्य संक्रमित हो चुके हैं। नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर भी संक्रमित हो गए थे और बाद में ठीक हो गए। इस बीच पाकिस्तान में कोरोना वायरस के मामले 2,21,000 के पार चले गए हैं और यहां 4,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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  • चीन को बड़ा झटका, अमेरिका ने Huawei और ZTE को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया

    चीन को बड़ा झटका, अमेरिका ने Huawei और ZTE को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया

     

    भारत सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप्स बैन किए जाने के बाद अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (एफसीसी) ने चीनी कंपनी हुआवेई और जेडटीई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया है। उसने कहा कि अमेरिकी संचार नेटवर्क की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। यह निर्णय मंगलवार को आया और यह तत्काल प्रभाव में आ गया है। इस निर्णय के दायरे में कंपनी मूल इकाई, संबद्ध और अनुषंगी इकाइयां आएंगी।

    वही, फैसले के बाद एफसीसी के 8.3 अरब डॉलर का सार्वभौमिक सेवा कोष का उपयोग इन आपूर्तिकर्ताओं द्वारा उपलब्ध किसी भी दूरसंचार उपकरण या सेवाओं को लेने में नहीं किया जा सकेगा। पब्लिक सेफ्टी एंड होमलैंड सिक्युरिटी ब्यूरो ने साक्ष्यों और हुआवेई तथा जेडटीई के अपने समर्थन में रखे गए बयान तथा अन्य पक्षों की बातों के आधार पर यह निर्णय किया।

    हुआवेई और जेडटीई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताने वाला निर्णय तुंरत प्रभाव से अमल में आ गया है। इसके अलावा एफसीसी के चेयरमैन भारतीय-अमेरिकी अजित पई ने कहा, 'इस आदेश के बाद और साक्ष्यों के आधार पर ब्यूरो ने हुआवेई और जेडटीई को अमेरिकी संचार नेटवर्क और हमारे 5जी भविष्य के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।'

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  • Tiktok: क्या भारत के बाद अब अमेरिका में बंद होगा टिकटॉक एप

    Tiktok: क्या भारत के बाद अब अमेरिका में बंद होगा टिकटॉक एप

     

    चीन पर भारत की डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब अमेरिका में भी टिकटॉक पर बैन की मांग उठ रही है। खबर है कि अब अमेरिका भी जल्द ही टिकटॉक जैसे चीनी एप को बंद कर सकता है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध की चर्चा के बाद अमेरिका में भी कुछ सांसद इसका समर्थन किया है। इन सासंदों ने अमेरिकी सरकार से इस पर विचार करने की अपील की है। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि छोटे छोटे वीडियो शेयर करने वाले एप किसी भी देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।

    वहीं दूसरी तरफ भारत ने बीते सोमवार को टिकटॉक, यूसी ब्राउजर समेत 59 चीनी एप को यह कहते हुए प्रतिबंधित कर दिया कि यह देश की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता के लिए नुकासनदेह हैं।

    यह प्रतिबंध लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीनी सैनिकों के साथ चल रहे गतिरोध के बीच लगाया गया है। इन प्रतिबंधित एप की सूची में वीचैट और बिगो लाइव भी शामिल हैं।

    वहीं रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर जॉन कॉर्निन ने द वाशिंगटन पोस्ट में छपी एक खबर को पर रिट्वीट कर लिखा कि खूनी झड़प के बाद भारत ने टिकटॉक और दर्जनों चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया।

    रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रिक क्रोफोर्ड ने कहा कि टिकटॉक को जाना ही चाहिए और इसे तो पहले ही प्रतिबंधित कर देना चाहिए था। पिछले सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने आरोप लगाया था कि चीनी सरकार टिकटॉक का इस्तेमाल अपने उद्देश्यों के लिए कर रही है।

    अमेरिकी संसद में कम से कम वैसे दो विधेयक लंबित हैं जिनमें संघीय सरकारी अधिकारियों को अपने फोन पर टिकटॉक का इस्तेमाल करने से रोकने के प्रावधान हैं। इससे लगता है कि भारत के कदम के बाद अमेरिका में टिकटॉक पर प्रतिबंध की मांग जोर पकड़ सकती है।
     

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  • भारत में 59 Apps बैन होने से परेशान हुआ चीन, कही ये बात

    भारत में 59 Apps बैन होने से परेशान हुआ चीन, कही ये बात

     

    चीन के साथ सीमा गतिरोध के बीच भारत सरकार ने 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसके बाद इस मामले पर चीन की प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि इससे हम काफी चिंतित हैं। मामले की और जानकारी ले रहे हैं। 

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने मंगलवार को कहा, 'ऐप के बैन होने पर चीन काफी चिंतित है।' उन्होंने कहा, 'हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा चीनी व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनों का पालन करने के लिए कहती है। भारत सरकार के पास चीनी निवेशकों सहित अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों को बनाए रखने की ज़िम्मेदारी है।'

    आपको बता दें कि भारत ने चीन से संबंध रखने वाले 59 मोबाइल एप पर सोमवार को प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें लोकप्रिय टिकटॉक और यूसी ब्राउजर जैसे एप भी शामिल हैं। 

     

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  • पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में घुसे चारों आतंकी ढेर, पांच नागरिकों की भी मौत

    पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में घुसे चारों आतंकी ढेर, पांच नागरिकों की भी मौत

     

    कराची स्थित पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर आतंकी हमला हुआ. Ary न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की इमारत में चार आतंकी घुसे और अंधाधुंध फायरिंग की. फिलहाल, चारों आतंकियों को मार गिराया गया है. आतंकियों की फायरिंग में पांच लोगों के मारे जाने की खबर है.

    पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, चारों आतंकी मार गिराए गए हैं. जियो न्यूज से बात करते हुए कराची के इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि हालात नियंत्रण में है और सभी आतंकियों को मार गिराया गया है. रेंजर्स और पुलिस के जवान इमारत के अंदर घुस गए हैं और सर्च ऑपरेशन जारी है.

    कराची के आईजी का कहना है कि हमलावरों ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों के कपड़े पहने हुए थे, जो वो ऑफ ड्यूटी पर पहनते हैं. आतंकवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों के साथ हमला किया और एक बैग ले जा रहे थे, जिसमें संभवत: विस्फोटक हो सकता है.

     

    आतंकियों ने स्टॉक एक्सचेंज की इमारत के मेन गेट पर ग्रेनेड से हमला किया और अंधाधुंध फायरिंग करते हुए इमारत में घुस गए. इस फायरिंग के दौरान एक पुलिस अफसर और एक सिक्योरिटी गार्ड के घायल होने की खबर है

    पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज के आस-पास के इलाके को खाली करा लिया गया है. घायलों को नजदीकी अस्पताल में इलाज के भर्ती कराया गया है. इसके साथ ही स्टॉक एक्सचेंज में फंसे कर्मचारियों को पीछे के दरवाजे से निकाल लिया गया है.

    पाकिस्तानी मीडिया जियो न्यूज से बात करते हुए पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज के डायरेक्टर अबीद अली हबीब ने कहा कि स्टॉक एक्सचेंज के अंदर दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है. आतंकी पार्किंग एरिया से घुसे थे और सभी लोगों पर फायरिंग कर रहे थे. आतंकवादियों ने रेलवे ग्राउंड पार्किंग क्षेत्र में घुसकर स्टॉक एक्सचेंज के मैदान के बाहर गोलीबारी की थी.

     

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  • चीन की एस 400 मिसाइल का जवाब देगी भारत की बराक 8, केंद्र सरकार कर रही ये तैयारी

    चीन की एस 400 मिसाइल का जवाब देगी भारत की बराक 8, केंद्र सरकार कर रही ये तैयारी

     

    लद्दाख में 15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर जा पहुंचा है। दोनों देशों की सेनाओं ने एक दूसरे के खिलाफ एडवांस हथियारों को सीमाई इलाके में तैनात कर दिया है। एलएसी के पास चीनी एयरफोर्स की गतिविधियों को देखते हुए भारत ने भी स्वदेशी आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती कर दी है। भारत ने साफ संदेश दिया है कि अगर चीनी लड़ाकू विमानों ने भारतीय एयरस्पेस में घुसने की कोशिश की तो उन्हें तुरंत मार गिराया जाएगा। वहीं, खबर है कि संकट के समय में भारत अपने पुराने दोस्त इजरायल एक एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है। भारत ने चीन के एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का जवाब देने के लिए इजरायल से बराक-8 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए बातचीत शुरु कर दी है।
     

    भारत और इजराय के बीच इस मिसाइल के नेवी वर्जन को खरीदने के लिए साल 2018 में एक करार किया गया था। हाल के दिनों में देश पर दुश्मनों की नापाक नजर को देखते हुए इसके जमीनी एयर लॉन्च वर्जन को भी खरीदने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) ने 2018 में यह जानकारी दी थी कि भारत से उसने 777 मिलियन डॉलर (करीब 5687 करोड़ रुपए) की बराक-8 मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील की है।

    बराक-8 मिसाइल एलआरएसएएम श्रेणी के तहत काम करता है। दरअसल मिसाइल कई श्रेणियों में आती हैं जैसे कुछ जमीन या सतह से हवा में मार करने वाली तो कोई हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल होती हैं। इसके अलावा इनमें लंबी दूरी, मध्यम दूरी और छोटी दूरी की मिसाइल होती हैं। यह जो मिसाइल है वह लंबी दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। एलआरएसएएम का पूरा नाम लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल है। 2018 में हुई इस डील में सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड मुख्य कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर काम करेगी। बराक-8 लंबी दूरी का सर्फेस टु एयर मिसाइल सिस्टम हैं।

     

    हथियारों और तकनीकी अवसंरचना, एल्टा सिस्टम्स और अन्य चीजों के विकास के लिए इजरायल का प्रशासन जिम्मेदार होगा। जबकि भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) मिसाइलों का उत्पादन करेगी। यह जहाजों के लिए एक सुरक्षित वाहक और लॉन्च मिसाइल है और इसे लंबवत रूप से लॉन्च किया जा सकता है। चीन की हिंद महासागर में बढ़ती सक्रियता के मद्देजनजर यह बराक-8 भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। किसी भी हथियार को खरीदने और उसे पूरी तरह से कॉम्बेट रोल में उतारने के बीच लंबा समय लगता है।

     

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  • कोरोना संक्रमण के 3 नए और लक्षण आए सामने,उबकाई आने पर भी अब करवाएं टेस्ट

    कोरोना संक्रमण के 3 नए और लक्षण आए सामने,उबकाई आने पर भी अब करवाएं टेस्ट

     

    कोरोना वायरस संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के साथ उसके नए लक्षण भी सामने आ रहे हैं. अबतक अमूमन बुखार, सांस लेने में परेशानी, सूखी खांसी और थकावट जैसे शारीरिक बदलावों को ही कोरोना वायरस का लक्षण माना जाता था. लेकिन कोरोना संक्रमण पर काम कर रही अमेरिका की मेडिकल संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने तीन नए शारीरिक लक्षणों को कोराना वायरस का संभावित संकेत माना है.कोरोना संक्रमण के ये तीन नए लक्षण हैं- नाक बहना, उबकाई आना और डायरिया.

    सीडीसी के मुताबिक पहले नाक बहने का ये मतलब नहीं था कि पीड़ित व्यक्ति कोरोना से ही संक्रमित है. लेकिन यदि किसी व्यक्ति का नाक लगातार बह रहा है, और वो अंदर से बैचेनी जैसे एहसास की शिकायत कर रहा है तो बुखार नहीं होने पर भी ऐसे व्यक्ति को कोरोना की जांच करानी चाहिए. संभव है कि आप कोरोना संक्रमित हो सकते हैं.

    अमेरिकी संस्था सीडीसी ने कोरोना का दूसरा नया लक्षण उबकाई आने को बताया है. सीडीसी के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को बार-बार असामान्य रुप से उबकाई आने लगे तो ये खतरे का सिग्नल है. ऐसे व्यक्ति को तुरंत खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए. हालांकि उबकाई की अन्य वजह भी हो सकती है, लेकिन इस मौसम में इसे नजरअंदाज न करें और बार बार ऐसा होने पर एसे आपको कोरोना का टेस्ट करवाना चाहिए.

    कोरोना का तीसरा नया लक्षण डायरिया है. डॉक्टरों ने पहले भी यह माना था कि कोरोना संक्रमित मरीजों में डायरिया जैसे या इससे मिलते-जुलते लक्षण होते हैं. अब सीडीसी ने यह मान लिया है कि दुनिया भर में बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमित मरीजों में डायरिया के लक्षण पाए जा रहे हैं.

    इन तीन लक्षणों को जोड़ने के बाद सीडीसी की लिस्ट में कोरोना संक्रमण के कुल 11 लक्षण हो गए हैं. इससे पहले शरीर में होने वाले इन आठ बदलावों को कोरोना का संभावित संकेत माना जाता था. ये आठ लक्षण थे बुखार और अधिक ठंड लगना, कफ, सांस लेने में तकलीफ, थकान, शरीर में दर्द, सर दर्द, स्वाद नहीं मिलना, गले में दर्द और खरास.

    बता दें कि दुनिया भर में कोरोना वायरस के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक अब कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या 1 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है. अमेरिका में ही सिर्फ 25 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं. कोरोना संक्रमितों की लिस्ट में भारत चौथे नंबर पर है.

     

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