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  • Benefit of Ginger Water: जानिए अदरक का पानी किन बीमारियों से लड़ने में करता है मदद?

    Benefit of Ginger Water: जानिए अदरक का पानी किन बीमारियों से लड़ने में करता है मदद?

     

    अदरक का पानी या फिर कहें कि अदरक की चाय खाने को पचाने में और सर्दी-खांसी- फ्लू से लड़ने में काफी मदद करती है। यहां तक कि रोजाना अगर अदरक के रस में शहद को मिलाकर छोटी सी खुराक ली जाए, तो यह अस्थमा के मरीजों के लिए काफी हद तक मददगार साबित हो सकती है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के आगे ताकतवर एंटीबायोटिक भी कम हो जाते हैं। इसके अलावा अदरक का पानी व अदरक की चाय बनाना बहुत आसान है है। सिर्फ अदरक को पानी में कुछ देर तक उबलना है। इसके बाद आप इसे पी सकते हैं। आइए जानें रोज़ अदरक का पानी पीने से क्या-क्या फायदा मिलता है।

    1. पाचन के लिए के लिए मददगार

    हर रोज एक गिलास अदरक का पानी पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। यह अपच, मतली और पेट में जलन रोकने में मदद करता है।

    2. डायबिटीज से बचाव

    अदरक के पानी में नींबू मिलाकर पीने से किडनी खराब होने का खतरा कम हो जाता है। यह मधुमेह के प्रभाव को भी कम करता है। यह इंसुलिन के स्राव में भी एक बड़ी भूमिका निभाता है।

    3. वजन घटाने में मदद करता है

    जब व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल हाई हो जाता है तो उसकी भूख बढ़ जाती है, जिस कारण ज़रूरत से ज़्यादा खाना खा लिया जाता है। ऐसे में अदरक का पानी पहले रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और फिर बाद में खाने की इच्छा को भी नियंत्रित कर लेता है।

    4. बाल और स्किन को अच्छा बनाता है

    अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स की वजह से आपकी त्वचा में प्राकृतिक निखार निकल कर आता है। इसके अलावा, अदरक में विटामिन-ए और सी के होने से आपके बालों भी सिल्की और शाइनिंग हो जाते हैं। यह आपका खून साफ कर गुण त्वचा से जुड़े रोगों के उपचार और रोकथाम में भी मददगार होता है।

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  • Health:क्या आप दांत में कीड़ा लगने की समस्या से हैं परेशान? ये 3 घरेलू नुस्खे अपनाने से मिलेगी राहत

    Health:क्या आप दांत में कीड़ा लगने की समस्या से हैं परेशान? ये 3 घरेलू नुस्खे अपनाने से मिलेगी राहत

     

    दांतों से जुड़ी वैसे तो कई समस्याएं है, लेकिन कीड़ा लगना एक कॉमन समस्या है, जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। अगर एक बार दांत में कीड़ा लग जाए तो दवाओं और ट्रीटमेंट का सहारा लेना पड़ता है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे घरेलू नुस्खों  के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आपको राहत मिल सकती है।

    1-लौंग तेल लगाएं:  अगर आपके दांत में कीड़ा लग गया है तो लौंग का तेल आपको इसे हटाने में मदद करता है। इसके लिए आपको प्रभावित क्षेत्र पर लौंग का तेल लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ना पडेगा। वहीं अगर आपके पास लौंग का तेल नहीं है तो आप लौंग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

    2-फिटकरी:  दांत से संबंधित रोगों के लिए फिटकरी अहम भूमिका निभाती है। आप फिटकरी को बारिक पीसकर और उसमें नमक मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर सकते हैं। फिर ब्रश या उंगली की सहायता से अपने दांतों में लगा सकते हैं। इससे कीड़े को हटाने में आपको काफी राहत मिलेगा। आप चाहे तो फिटकरी के पानी के कुल्ले भी कर सकते हैं।

    3-सरसों का तेल: लगाएं सरसों का तेल दांत दर्द और ओरल हेल्थ  के लिए अच्छा माना जाता है। सरसों के तेल में हल्दी और नमक मिलाकर प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से दांत के दर्द और कीड़े से छुटकारा पाया जा सकता है।

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  • Health Tips : एसिडिटी की समस्या से हैं परेशान तो रोजाना करें इन 3 चीजों का सेवन

    Health Tips : एसिडिटी की समस्या से हैं परेशान तो रोजाना करें इन 3 चीजों का सेवन

     

    आज के समय में कब्ज, एसिडिटी और पेट खराब रहना आम समस्या हो गई है। ये सब हमारी बदलती लाइफ स्टाइल और ठीक से खाना न खाने की वजह से होता है। पोषण विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक चिकित्सक जूही कपूर ने कुछ फूड्स के बारे में बताया है, जिनका सेवन कर आप एसिडिटी को दूर कर सकते हैं।

    जूही कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो शेयर कर लिखा- 'ज्यादातर केस में, एसिडिटी खराब लाइफ स्टाइल का नतीजा है, यदि आप देर से सोते हैं और गलत समय पर खाते हैं, ज्यादा खाते है, तो आप निश्चित रूप से इस बीमारी से पीड़ित हो जाएंगे'

    क्यों होती है एसिडिटी

    हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जब पेट में गर्माहट बढ़ने लगती है तो गर्म तासीर वाली चीजें, मसाला या खटाई खाने से पेट में पित्त उत्पन्न हो जाता है, जिसकी वजह से यह प्रोब्लम होती है।

    एसिडिटी को दूर करने के लिए किन चीजों का करना चाहिए सेवन

    केला

    पोषण विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक चिकित्सक बताती हैं कि अगर आप अपनी दिन की शुरुआत केले से करते हैं तो इससे आपकी आधी एसिडिटी की समस्या दूर हो जाएगी।

    तुलसी के बीज

    जूही कपूर के मुताबिक, 1 गिलास पानी में 1-2 चम्मच तुलसी के बीज भिगोकर पिएं। याद रखें, तुलसी के बीज प्रकृति में ठंडे होती हैं। पीरियड्स में या सर्दी-खांसी होने पर इससे बचना चाहिए।

    नारियल पानी

    एसिडिटी में नारियल पानी एक चमत्कारिक पेय के रूप में काम करता है। पोषण विशेषज्ञ का कहना है कि 11 बजे के बाद नारियल पानी पीने से काफी फायदा मिलता है। इससे एसिडीटी दूर होती है।

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  • Health: कहीं आपके कुकिंग ऑयल में तो नहीं है मिलावट, बस 30 सेकंड में ऐसे चलेगा पता

    Health: कहीं आपके कुकिंग ऑयल में तो नहीं है मिलावट, बस 30 सेकंड में ऐसे चलेगा पता

     

    कुकिंग ऑयल भारतीय रसोई में पाई जाने वाली एक ऐसी सामग्री है, जिसके बाद कोई भी खाद्य पदार्थ अधुरा ही रहता है। इसका आप रोजाना सेवन करते हैं और इसके बिना किसी भी सब्जी में स्वाद नहीं आता है। गर्म-गर्म पकोड़े और पुरी तलने के ये ही काम आता है। बाजार में कई तरह के खाना पकाने के तेल उपलब्ध हैं। वहीं कुछ में मिलावटी होने की ज्यादा संभावना रहती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने तेल में ट्राई-ऑर्थो-क्रेसिल-फॉस्फेट मिलावट की जांच के लिए एक सिंपल टेस्ट शेयर किया है, जिसे आप घर पर आसानी से कर सकते हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1988 में, कोलकाता में एक दुकान मालिक ने टीओसीपी युक्त रेपसीड तेल बेचा, जो एक तेल जैसा सस्ता रसायन था। खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं ने जल्द ही अपने शरीर में इसके जहरीले प्रभावों को महसूस करना शुरू कर दिया, जैसा कि बंगाल फिजिशियन जर्नल में प्रकाशित 2019 के लेख 'पॉइज़न इन द फ्राइंग पैन' का उल्लेख है। इसमें कहा गया है, "पहले लक्षण उल्टी और दस्त के साथ फूड पॉइजनिंग जैसे शुरू हुए, लेकिन यह तेजी से बढ़ते हुए Motor paralysis में बदल गया।"

    क्या कहते है एक्सपर्ट्स

    हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ट्राई-ऑर्थो-क्रेसिल फॉस्फेट एक ऐसी मिलावटी पदार्थ है, जो बिल्कुल कुकिंग ऑयल जैसा ही दिखता है, इसका रंग भी खाद्य तेल के समान होता है। इसे तेल में आसानी से घुल जाता है और स्वाद भी नहीं बदलता है, इसकी वजह से लोग इसकी पहचान नहीं कर पाते है, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाता है। ये आपने कई बार देखा भी होगा कि जब भी आप बाहर का कोई चीज खाते हैं, तो आपको फूड पॉइजनिंग की समस्या हो जाती है, जो मिलावटी तेल के कारण भी हो सकती है।

    कैसे करें टेस्ट

    एक कन्टेनर में 2 मिलीलीटर तेल लें ।

    इसमें थोडा-सा पीला मक्खन मिला लें ।

    जिस तेल में मिलावट नहीं होती है, उसका रंग बदल जाता है, वहीं जो तेल मिलावटी होता है,तो यह तुरंत रंग बदलना शुरू कर देता है और लाल रंग का हो जाता है।

     

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  • Health Tips: भुने हुए चने खाने से मिलते है ये गजब के फायदे, जानें

    Health Tips: भुने हुए चने खाने से मिलते है ये गजब के फायदे, जानें

     

    चने को भारत में अलग-अलग तरीकों से खाया जाता है। कोई रात में चने को भिगोकर सुबह खाता है, तो कई लोग इसे उबाल कर खाना पसंद करते हैं। वहीं कुछ लोग इसे नमकीन के रूप में लेते हैं। यहां हम आपको भूने हुए चने खाने के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। यह आपका वजन कम करने में भी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं, भुने हुए चने खाने के फायदों के बारे में।

    फाइबर से भरपूर

    भुने चने का सेवन करने से आपकी पाचन संबंधित बीमारियां दूर हो सकती है। इसमें पाया जाने वाला फाइबर आपकी पाचन क्रिया को बढ़ाने में मदद कर सकता है और आप इसे कभी भी किसी भी समय खा सकते हैं।

    लो कैलोरी

    भुने हुए चने में कम कैलोरी होती है, इसे आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यह चाय के समय का सबसे बेहतरीन नाश्ता है और इसे चाट के रूप में भी खाया जा सकता है। भुने हुए चनों का सेवन करने की सबसे अच्छी बात यह है कि ये आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।

    हाई प्रोटीन

    भुने चने में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो आपके वजन को नियंत्रित और कम करने में मदद कर सकती है। जब भी आपको भूख लगे तब आप इसमें पनीर और सब्जियां मिलाकर चाट बना सकते हैं। इससे आपको काफी फायदा मिलेगा।

    भुने हुए चने के अन्य फायदे

    डायबिटीज और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।

    - हड्डियों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

    - सूजन को कम करता है।

    - ब्लड प्रेशर को स्थिर रखता है

    - दिल को हेल्दी रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल को कम करता है

    - इम्यूनिटी को बढ़ाता है

    - कैंसर रोकने में मदद करता है।

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  • Health tips : थायरॉइड के मरीजों को रोजाना खाने चाहिए ये 4 फल

    Health tips : थायरॉइड के मरीजों को रोजाना खाने चाहिए ये 4 फल

     

    इन दिनों अधिकतर लोगों में थायरॉइड की समस्या देखने को मिल रही है। यह एक हॉर्नोनल जनित बीमारी है, जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह बीमारी शरीर में आयोडीन की कमी से हो सकती है, इसके साथ ही जिंक, फॉस्फोरस और विटामिन्स की कमी भी इसकी वजह बन सकती है। यहां कुछ ऐसे फ्रूट्स के बारे में बताया जा रहा है, जिनका नियमित रूप से सेवन कर आप इस बीमारी को कंट्रोल कर सकते हैं।

    सेब

    सेब आपकी सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। रोजाना एक सेब खाने से आपको वजन कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही इससे ब्लड शुगर लेवल को भी मैनेज किया जा सकता है। सेब कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी कम करता है और डायबिटीज, मोटापा और दिल से संबंधित बीमारियों से बचाता है।

    संतरा

    संतरे में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाते हैं, इसे खाने से आपकी थायरॉयड ग्रंथि पर पॉजिटिव इफेक्ट पड़ता है। यह आपके इम्यून सिस्टम को भी बढ़ाता है और बल्ड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करता है।

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    अनानास

    अनानास में विटामिन सी और मैंगनीज की उच्च मात्रा होती है, ये दोनों पोषक तत्व आपके शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं। इस खट्टे फल में विटामिन बी भी होता है, जो थायरॉइड के लक्षणों में से एक थकान को दूर करने में मदद कर सकता है। अनानास का सेवन करना कैंसर, ट्यूमर और कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए भी अच्छा माना जाता है।

    जामुन

    जामुन में एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होता है, जो थायरॉइड पेशेंट्स के लिए अच्छा माना जाता है। अगर आप नियमित रूप से जामुन का सेवन करते हैं, तो इससे आपको काफी राहत मिलेगी।

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  • Health Benefits: रात में ये खाने से कपल को मिलेंगे गजब के फायदे, जानिए क्या है वो चीज

    Health Benefits: रात में ये खाने से कपल को मिलेंगे गजब के फायदे, जानिए क्या है वो चीज

     

    Health Benefits: आप जानते होंगे कि एक छोटी सी हरी इलायची को वैसे तो लोग माउथ फ्रेशनर और खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह छोटी सी इलायची आपके लिए बड़े काम की हो सकती है।

    गले के दर्द में लाभदायक

    जिन लोगों को गले में दर्द या किसी तरह की खराश रहती है, वो इलायची का सेवन कर सकते हैं। इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी। आप चाहे तो चाय में इलायची को पकाकर उसका सेवन कर सकते हैं।

    नेचुरल ब्लड प्यूरीफायर करने का काम करती है

    हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इलायची में कुछ रासायनिक गुण पाए जाते हैं, जिनसे नेचुरल तरीके से ब्लड प्यूरीफायर होता है। इससे शरीर में मौजूद फ्री-रेडिकल और दूसरे विषैले तत्व दूर हो जाते है।

    माउथ फ्रेशनर का काम करती है इलायची

    इलायची और इसके दानों को माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इससे मुंह से आने वाली बदबू आसानी से खत्म हो जाती है। कई लोग धुम्रपान और शराब पीने के बाद इलायची को प्रयोग करते हैं ताकि किसी को उनके मुंह से बदबू न आएं।

    पाचन क्रिया को बढ़ाती है

    इलायची में कई तरह के ओषधीय गुण पाए जाते हैं, जो आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं, इलायची खाने से आपका पाचन क्रिया अच्छी होती है, इससे आपका पेट ठीक रहता है और कब्ज की समस्या भी खत्म हो जाती है।

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  • नारियल पानी से भी ज्यादा फायदेमंद होती है इसकी मलाई, ऐसे खाने से मिलते हैं गजब के फायदे

    नारियल पानी से भी ज्यादा फायदेमंद होती है इसकी मलाई, ऐसे खाने से मिलते हैं गजब के फायदे

     

    नारियल मलाई को काफी पसंद किया जाता है। यह खाने में तो स्वाद नहीं लगती है, लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छी होती है। आइए जानते हैं नारियल मलाई के क्या फायदे हैं और आप इसे कैसे खा सकते हैं।

    1- दिल के स्वास्थ के लिए अच्छी होती है

    नारियल की मलाई दिल के लिए अच्छी होती है, इसमें जो फैट पाया जाता है, उससे अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद मिलती है, वहीं खराब कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है।

    2- वजन कम करने में मदद करता है

    नारियल की मलाई में हालांकि फैट पाया जाता है, लेकिन अगर इसे कम मात्रा में खाया जाए तो यह वजन कम करने में मदद करती है। इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है और इसे खाने के बाद आपका पेट भरा-भरा रहता है, जो आपको अनावश्यक खाना खाने से बचाता है।

    3-पाचन को बढाता है

    नारियल की मलाई में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आंत को स्वस्थ रखने में हेल्प करता है और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है, इससे खाना पचने में मदद मिलती है।

    4- ऊर्जा का पावरहाउस

    नारियल की मलाई को ऊर्जा का पावर हाउस भी कहा जाता है, इसमें ट्राइग्लिसराइड्स होते हैं, जिन्हें हमारा शरीर ऊर्जा में बदल देता है। इसे खाने से पूरा दिन एनर्जी से भरे रह सकते हैं।

    5-इम्यूनिटी को बढ़ाता है

    मलाई में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो एक अच्छा इम्यूनिटी बूस्टर बनाते हैं। इसका सेवन करने से इम्यूनिटी को बूस्ट किया जा सकता है।

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  • Health Care Tips: वायरल बुखार, खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे लोग, ऐसे रखें सेहत का ध्यान

    Health Care Tips: वायरल बुखार, खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे लोग, ऐसे रखें सेहत का ध्यान

     

    इन दिनों मौसम बदलते ही वायरल बुखार भी तेजी से फैल रहा है। वायरल के साथ-साथ मलेरिया व डेंगू के संदिग्ध मरीज भी आ रहे हैं। लोग खांसी और जुकाम की चपेट में भी आ रहे हैं। जिस कारण अब अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी है। जिस कारण सरकारी अस्पतालों ही नहीं, प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहीं मरीजों में कोरोना का डर भी सता रहा है।

    इस बार बरसात का मौसम लंबा चल गया। वहीं मौसम में कभी ठंड तो कभी उमस भरी गर्मी भी चल रही है। मौसम के इस बदलते तेवरों व बरसात की वजह से इन दिनों वायरल बुखार के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल की बात करें तो एक सप्ताह पूर्व तक जहां नागरिक अस्पताल में 200 से 250 मरीज प्रतिदिन आ रहे थे, वहीं अब मरीजों का यह आंकड़ा 400 पार हो चुका है। सोमवार को भी 402 मरीज नागरिक अस्पताल में आए। वहीं अन्य दिनों की बात करें तो रोजाना 400 के करीब मरीज नागरिक अस्पताल में आने लग गए हैं। नागरिक अस्पताल ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों की बात की जाए तो प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। प्राइवेट अस्पतालों में भी एक अस्पताल में औसतन 70 से 80 मरीज रोजाना बुखार के आ रहे हैं।

    हर घर में लोग हो रहे बीमार

    वायरल बुखार का प्रकोप इतना बढ़ रहा है कि हर घर में मरीज होने लगे हैं। वहीं बुखार एक बार घर में किसी व्यक्ति को हो जाए तो घर वाले सभी लोग बीमार हो जाते हैं। जिसके कारण एक बार परिवार के एक सदस्य के बाद अस्पताल में आने वालों की लाइन लग जाती है।

    तेज बुखार व ठंड लगने के साथ आ रहा बुखार

    इन दिनों जो बुखार हो रहा है, उसमें मरीजों को ठंड लगने के साथ तेज बुखार या बहुत तेज बुखार की शिकायत हो रही है। इनके अलावा सिर दर्द, पेट दर्द व उल्टी की शिकायत भी लोगों को हो रही है।

    बदलते मौसम में ऐसे रखें स्वास्थ्य का ध्यान

    - बदलते मौसम में अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। खाने में पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

    -  ठंडे पदार्थों का सेवन करना भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है इसलिए सावधानी जरूर रखें, और गुनगुना पानी पीयें।

    -  इन दिनों दिनभर में 7 से 8 गिलास पानी जरूर पीएं जिससे आपके शरीर में डिहाइड्रेजन की समस्या ना हो।

    -  अगर बुखार या सिरदर्द महसूस हो रहा हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें।

    -  बदलते मौसम में नियमित रूप से योग करना चाहिए। 

    -  मौसम बदलते में खांसी और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे मरीज को रोजाना भाप लेने के साथ नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करवाएं।

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  • Health Tips: डायबिटीज के पेशेंट्स भूल कर भी नजरअंदाज न करें ये लक्षण, हो सकते हैं अंधेपन का शिकार

    Health Tips: डायबिटीज के पेशेंट्स भूल कर भी नजरअंदाज न करें ये लक्षण, हो सकते हैं अंधेपन का शिकार

     

    धुंधला दिखना डायबिटीज का सबसे सामान्य लक्षण है। मधुमेह से पीड़ित लोग आमतौर पर शिकायत करते हैं कि वह किसी चीज को अच्छे से नहीं देख पाते हैं, अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो आगे चलकर यह परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज वाले लोगों में दृष्टि संबंधी परेशान अक्सर देखने को मिलती है। क्योंकि जब बल्ड शुगर लेवल कंट्रोल नहीं होता तो यह आंख के पीछे रेटिना में मौजूद प्रकाश-संवेदनशील ऊतक की सप्लाई करने वाली रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए डायबिटीज को अपने शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए खुद का ध्यान रखना जरूरी है।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ लोग सोचते हैं अगर उन्हें धुंधला दिख रहा है तो वह इसे उम्र से जोड़कर देखने लग जाते हैं। लेकिन कई बार इसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो जाता है, कभी-कभी यह अंधेपन (blindness) का कारण भी बन सकता है।

    कैसे बचा सकते हैं आप अपनी आंखें

    - तंबाकू या शराब का सेवन करने से परहेज करें

    - नियमित रूप से व्यायाम करें।

    - साल में कम से कम एक बार आंखों की पूरी जांच जरूर करवाएं।

    - हरी, पत्तेदार सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

    शुगर कंट्रोल के लिए इन चीजों को करें अपनी डाइट में शामिल

    - दही

    - फैटी फिश

    - हरी पत्तेदार सब्जियां

    - अंडा

    - साबुत अनाज

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  • World Coconut Day 2021 : जानें पहली बार कब मनाया गया था विश्व नारियल दिवस

    World Coconut Day 2021 : जानें पहली बार कब मनाया गया था विश्व नारियल दिवस

     

    हर साल 2 सितंबर को विश्व नारियल दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दुनिया में खाए जाने वाले सबसे लोकप्रिय फलों में से एक है। क्या आप जानते हैं कि पहली बार नारियल दिवस कब मनाया गया था और इसके मनाने के पीछे क्या कारण है, अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

    दरअसल, इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि नारियल खेती और उसकी उत्पादकता को बढ़ावा देना। इस साल का थीम है 'COVID-19 महामारी के दौरान एक सुरक्षित समावेशी लचीले और टिकाऊ नारियल समुदाय का निर्माण''।

    साल 2009 में पहली बार मनाया गया था विश्व नारियल दिवस

    विश्व नारियल दिवस पहली बार 2009 में मनाया गया था। सबसे पहले इस दिवस को एशिया पैसिफिक कोकोनट कम्युनिटी ने मनाया था। तब से इसे सेलिब्रेट किया जा रहा है।  

    भारत में भी मनाया जाता है नारियल दिवस

    भारत में भी इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। नारियल विकास बोर्ड केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा आदि जैसे विभिन्न राज्यों में इसे बढ़ावा देता है।

    कहा जाता है कि एक नारियल के पेड़ से हर साल लगभग 100 नारियल पैदा होते हैं और फल को पकने में एक साल का समय लगता है। 'नारियल' शब्द 'अखरोट' और पुर्तगाली शब्द 'कोको' से मिलकर बनाया है। विश्व के नारियल उत्पादन का 90% एशिया से आता है। भारत इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्राजील और श्रीलंका के साथ दुनिया के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है

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  • Health Tips: तनाव से है अगर परेशान तो अपनाएं ये टिप्स

    Health Tips: तनाव से है अगर परेशान तो अपनाएं ये टिप्स

     

    आज के समय में तनाव हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गया है, आज हर व्यक्ति किसी न किसी बात को लेकर तनाव में है। जिसका असर उसकी पर्सनल, प्रोफेशनल लाइफ और हेल्थ पर भी पड़ता है। तनाव में रहकर भी आपको अपने क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करना पड़ता है। यहां कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं, जिनसे आप अपने तनाव को कम कर सकते हैं।

    1- हेल्दी खाएं

    आप अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स शामिल को कर सकते हैं। हेल्दी फूड्स से आपको विटामिन और खनिज मिनर्ल्स मिलेंगे। जिससे आप आपकी मेंटल हेल्थ पर भी पॉजीटिव इफेक्ट पड़ता है।

    2. वर्कआउट

    वर्कआउट आपके तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर आप ज्यादा वर्क आउ नहीं कर सकते तो खुली हवा में घूमने की कोशिश करें, हल्का व्यायाम करें पार्क या छत पर टहलने की कोशिश करें।

    3. कोई बात हैं तो खुलकर शेयर करें

    अगर आप किसी बात को लेकर ज्यादा परेशान हैं तो अपने दोस्तों, परिवारवालों से बात करें। एक-दूसरे से बात करने से किसी भी परेशानी का हल निकल आता है, ऐसे में किसी भी बात को अपने मन में न रखें।

    4. पॉजिटीव रहें

    अगर आपकी लाइफ में कोई समस्या हैं, तो उसका समाधान आपको मिल ही जाएगा। आपको हमेशा पॉजिटीव रहना चाहिए और नेगेटिविटी से बचना चाहिए।

    5. धूम्रपान और शराब पीने से बचें

    तनाव की वजह से आप धूम्रपान और शराब पीते हैं, जो आपके स्वाथ्य के लिए हानिकारक होता है। कोशिश करें कि आप धूम्रपान और शराब की मात्रा को कम करने की कोशिश करें। इससे आपको काफी मदद मिलेगी।

     

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  • Health Tips: पीलिया से जल्दी निजात पाना चाहते हैं तो अपनाएं ये 5 घरेलू टिप्स

    Health Tips: पीलिया से जल्दी निजात पाना चाहते हैं तो अपनाएं ये 5 घरेलू टिप्स

     

    पीलिया तब होता है जब रक्त में बिलीरुबिन का लेवल बढ़ जाता है। जिसकी वजह से लीवर कमजोर हो जाता है। पीलिया में आंखों और त्वचा में पीलापन आ जाता है। नवजात शिशुओं में यह होना सामान्य है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन अगर इस बीमारी पर ध्यान न दिया जाएं तो यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है। कई घरेलू उपचार की मदद से पीलिया से जल्दी ठीक होने में मदद मिल सकती हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में।

    1. गन्ने का रस

    गन्ने का रस लीवर को मजबूत करने में मदद करता है। इसलिए जब तक आपका पीलिया ठीक नहीं हो जाता तब तक आप रोजाना एक गिलास गन्ने का रस पीते रहें।

    2. बकरी का दूध

    बकरी का दूध पचने में आसान होता है और शिशुओं और वयस्कों के लिए समान रूप से फायदेमंद होता है। बकरी के दूध में उपयोगी एंटीबॉडी भी होते हैं जो पीलिया को ठीक करने में हेल्प करते हैं।

    3. अदरक

    अदरक में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह हाइपोलिपिडेमिक भी है इसलिए यह लीवर की मदद करता है। सर्वोत्तम परिणामों के लिए अदरक की चाय के रूप में ले सकते हैं।

    4. तुलसी

    तुलसी में हेपेटोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम में सुधार करते हैं और संक्रमण से लड़ते है। तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर रोजाना इसका सेवन करें।

    5. नींबू

    नींबू का रस पित्त नलिकाओं को खोलने में मदद करता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। साथ ही, यह इम्युनिटी को बढ़ाता है और लीवर का नुकसान होने से बचाता है।

    पीलिया के लक्षण

    - आंखों में पीलापन

    - नाखूनों में पीलापन

    - उल्टी

    - जी मिचलाना

    - भूख न लगना

    - बुखार

    - पेट में दर्द

    - सिर दर्द

    - पैरों और पेट में सूजन और कमजोरी

    और भी...

  • Health Tips: कोरोना वैक्सीन लगवाने के 20 दिन बाद दिखें ये 11 लक्षण तो हो जाएं सावधान

    Health Tips: कोरोना वैक्सीन लगवाने के 20 दिन बाद दिखें ये 11 लक्षण तो हो जाएं सावधान

     

    कोविड के केस कई राज्यों को छोड़कर घटते हुए नजर आ रहे हैं, हालांकि अभी तक कोरोना का खतरा टला नहीं है, यह कब किस वेरिएंट में सामने आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। इस महामारी से लड़ने के लिए कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है, जिसके कई साइडइफेक्ट्स भी देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक ट्वीट के माध्यम से वैक्सीनेशन कराने वाले लोगों को अलर्ट किया है कि अगर वैक्सीन लगवाने के 20 दिन बाद उन्हें अपनी बॉडी में 11 तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो वो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।

    क्या है वैक्सीन लगवाने के आम साइड इफेक्ट्स

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को वैक्सीनेशन कराना चाहिए, क्योंकि वैक्सीन लगवाने के बाद कोविड से मृत्यू होने का खतरा कम हो जाता है। वैक्सीन का शॉट लेने के बाद बुखार, बदन दर्द, शॉट लगने वाली जगह पर सूजन और दर्द, थकावट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जो दो से तीन दिन में ठीक हो जाते हैं।

    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मानें तो 20 दिन बाद दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान

    1. सांस लेने में तकलीफ (सांस लेने में कठिनाई) ।

    2. छाती में दर्द।

    3. हाथ/पैर में दर्द या दबाने पर दर्द होने या हाथ/ पैर में सूजन।

    4. उल्टी होना या लगातार पेट में दर्द होना।

    5. दौरा पड़ना (उल्टी के साथ या उल्टी के बिना) ।

    6. इंजेक्शन लगने वाली जगह से दूर स्किन पर ब्लड के छोटे या बड़े निशान।

    7. वैक्सीन लगवाने वाले की बॉडी में कोई अन्य लक्षण जो व्यक्ति या परिवार के लिए चिंता का विषय हो।

    8. धुंधला दिखाई देना या आंखों में दर्द होना।

    9. बिना किसी वजह से उल्टी होना।  

    10. बॉडी के किसी भी पार्ट में कमजोरी आना।  

    11. तेज या लगातार सिर दर्द रहना।

    और भी...

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    Health Care: बिना धुला Face Mask यूज करने वाले हो जाएं सावधान, बढ़ सकता है इन बीमारियों का खतरा

     

    भारत में कोविड का खतरा अभी टला नहीं है। डेल्टा वैरिएंट के कई केस सामने भी आ चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी लोगों की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही हैं। मास्क लगाते है तो केवल खानापूर्ति के लिए। कुछ लोग एक मास्क को को कई दिनों तक यूज करते रहते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आप मास्क को अच्छे से नहीं लगाते हैं और एक गंदे मास्क का प्रयोग करते हैं तो आपको किस तरह की परेशानियां हो सकती है।

    1. स्कीन के लिए नुकसान दायक

    अगर आपर मास्क को बिना धोए फिर से पहनते है तो आपकी स्कीन पर मुंहासे, रेडनेस और जलन की समस्या हो सकती है। क्योंकि मास्क को लगाने से आपकी स्कीन में पसीना आता है इससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और मुंहासे हो जाते हैं।इसलिए आपको मास्क पहनते समय खास ध्यान रखना चाहिए।

    2. बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

    अगर आप लंबे समय तक एक ही मास्क में लगाकर घूमते हैं तो आपके संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि वायरस आपके मास्क पर लग सकता है और अगर न धोया जाए तो संक्रमण हो सकता है।

    3. ब्लैक फंगस का खतरा

    विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि म्यूकोर्मिकोसिस संक्रमण के लिए "अस्वच्छ मास्क" जिम्मेदार हो सकता है।

    4. क्यों है मास्क पहनना जरुरी

    डेल्टा वैरिएंट के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अधिकारी और सरकार लोगों से फेस मास्क पहनने की अपील कर रही है। क्योंकि फेस मास्क ही कोविड और डेल्टा वैरिएंट का अस्थाई समाधान है।

    5. कैसा होना चाहिए आपका फेस मास्क

    अब आप सोच रहे होंगे कि फेस मास्क कैसा होना चाहिए तो ऐसे में आप सर्जिकल मास्क चुन सकते हैं, क्योंकि इस्तेमाल के बाद इसे आसानी से फेंका जा सकता है। वहीं जिन लोगों की सेंसिटिव स्किन है, तो वह सूती कपड़े से बने मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं जो यूज करने के बाद धोया जा सकता है।

    और भी...