सेहत

  • बदलते मौसम में सर्दी-खांसी से बचने में मददगार साबित होगा तुलसी का काढ़ा, बनाना है बहुत आसान

    बदलते मौसम में सर्दी-खांसी से बचने में मददगार साबित होगा तुलसी का काढ़ा, बनाना है बहुत आसान

     

    कोरोना (Corona) संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच मौसम में हर दिन बदलाव की वजह से सर्दी-जुकाम (Cold) और खांसी (Cough) ने लोगों को बेहाल कर दिया है। ऐसे में डॉक्टर्स लोगों को सीजनल फ्लू और संक्रमण से बचे रहने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। दरअसल, मौसम में बदलाव होते ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर हो जाती है। जिसकी वजह से व्यक्ति जल्दी बीमार होने लगता है। ऐसे में अपनी डाइट में कुछ चीजें शामिल करके आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बना सकते हैं। जैसे आप एक ड्रिंक का बना सकते हैं। जिसका नाम है तुलसी का काढ़ा। तुलसी में मौजूद एंटी एलर्जिक गुण कई रोगों से बचाने में काफी मददगार होते हैं। ऐसे में अपनी इम्यूनिटी मजबूत करके खुद को निरोग रखने के लिए आइए जानते हैं कि कैसे बनाया जाता है तुलसी का काढ़ा। 

    तुलसी का काढ़ा बनाने का तरीका-

    तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए एक गहरे तले वाले बर्तन में 2 गिलास पानी डालकर उबाल लें। जब पानी गर्म हो जाए तो उसमें तुलसी के पत्ते, कसा हुआ अदरक, दालचीनी पाउडर और काली मिर्च  डालकर एक चम्मच की मदद से अच्छी तरह सभी चीजों को पानी में घोलकर बर्तन को ढककर लगभग 15 मिनट के लिए उबाल लें। जब पानी की मात्रा आधी से थोड़ी सी ज्यादा रह जाए तो गैस बंद करके काढ़े को ठंडा होने के लिए छोड़ दें। आपका तुलसी का काढ़ा बनकर तैयार है। आप चाहे तो काढ़े का स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू का रस, शदह या फिर गुड़ का भी प्रयोग कर सकते हैं।

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  • Heart Health Tips: कोविड महामारी में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, इन बातों का रखें ध्यान

    Heart Health Tips: कोविड महामारी में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, इन बातों का रखें ध्यान

     

    स्वस्थ रहने के लिए हार्ट को भी हेल्दी रहना जरूरी है। कोविड महामारी के दौरान दिल से संबंधित बीमारियों को खतरा बढ़ गया है। इसके लिए आपको एक्सट्रा कॉन्शस रहना होगा। 

    कोरोना संक्रमण के बाद पोस्ट कोविड सिंड्रोम में और लंबे समय तक घरों में रहने के दौरान फिजिकल एक्टिविटी ना होने के कारण हृदय रोग का रिस्क बढ़ गया है। इसलिए आपको अपने हार्ट को हेल्दी रखने के लिए केवल नियमित व्यायाम ही नहीं बल्कि एक्टिव लाइफस्टाइल भी अपनाना चाहिए।

    अधिक से अधिक चले पैदल 
    डॉ. अमर सिंघल का कहना है कि अधिक से अधिक पैदल चलने का प्रयास करें। फिजिकल मूवमेंट वाले किसी खेल में पार्टिसिपेट करें।

    डाइट में बढ़ाए फाइबर 
    सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट की मानें तो आपको अपनी डेली डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। आपको हेल्दी फैट का सेवन करना चाहिए।

    रेग्युलर हेल्थ चेकअप 
    जो दिल के मरीज हैं, उन्हें तो अपना रेग्युलर हेल्थ चेकअप कराना चाहिए। इसके साथ ही स्वस्थ लोगों को भी अपना चेकअप कराना चाहिए। ताकि समय रहते बीमारी को पकड़ा जा सके।

    वेंट को रखें मेंटेन 
    आप अपने खान-पान और व्यायाम के संतुलन से बॉडी वेट को मेंटेन रखने का प्रयास करें। इससे आप हेल्दी रहेंगे और आपके दिल का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। 

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  • 15 से 18 साल के बच्चे 1 जनवरी से Cowin app पर कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन, ये है तरीका 

    15 से 18 साल के बच्चे 1 जनवरी से Cowin app पर कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन, ये है तरीका 

     

    देश में कोरोना (Coronavirus) के बढते मामलों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने बीते दिनों 15 से 18 साल तक की आयु के सभी बच्चों के वैक्सीन लगने का ऐलान किया था। जो 3 जवनरी से शुरू हो रहा है। इसके लिए सभी बच्चों को पहले 'कोविन ऐप (CoWIN App) पर एक जनवरी सभी को रजिस्ट्रेशन करना होगा। ओमिक्रॉन के अब तक 19 राज्यों में संक्रमित मरीजों की संख्या 500 के पार पहुंच चुकी है।

    आपको 25 दिसंबर की रात को पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी थी। साथ ही कहा था कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए प्रीकॉशन डोज और 15 साल से लकेर 18 साल तक के बच्चों के वैक्सीन लगेगी। 15 से 18 साल के बच्चों को दी जाने वाली वैक्सीन के लिए CoWIN ऐप पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा।

    1 जनवरी पूरे देश में पंजीकरण कराने वाले बच्चों को 3 जनवरी से स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी। वहीं सरकार ने फैसला किया है कि 10 जनवरी 2022 से स्वास्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज दी जाएगी।

    ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक द्वारा बच्चों के लिए कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दे दी है। डीसीजीआई की मंजूरी मिलने के बाद अब यह टीका 12 से 18 साल की उम्र के बच्चों को लगाया जा सकेगा। इधर, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी 3 जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन देने का ऐलान किया था। 15 से 18 साल के बच्चे एक जनवरी से कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।

    इसके लिए कोविन ऐप में जरूरी बदलाव किए गए हैं। यहां 10वीं आईडी कार्ड जोड़ा गया है। इसे स्टूडेंट आईडी कार्ड नाम दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कुछ बच्चों के पास आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र न होने पर वह इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

    'कोविन ऐप (CoWIN App) पर ऐसे करवा सकेंगे रजिस्ट्रेशन 

    1. मोबाइल नंबर की मदद से कोविन ऐप में लॉग इन करें। 

    2. किसी भी फोटो वाले आईडी प्रूफ के विकल्प का चयन करें। जैसे स्कूल आईडी कार्ड या आधार कार्ड। 

    3. अपना चुना हुआ आईडी नंबर दर्ज करें, फिर जेंडर और डेट ऑफ बर्थ चुनें। 

    4. सदस्य जोड़ने के बाद अपने शहर का पिन नंबर डाले और निकटतम टीकाकरण केंद्र को सिलेक्ट करें। 

    5. इसके बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार, वैक्सीन का स्लॉट चुनें। 

    6. टीकाकरण केंद्र पर आपको रेफरेंस आईडी और सीक्रेट कोड देना होगा। जो आपको रजिस्ट्रेशन करने पर मिलता है। इसी तरह आप अपने लॉगिन में अन्य सदस्यों को जोड़कर अपना वैक्सीनेशन का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या अपने अन्य भाई बहनों का भी रजिस्ट्रेशन ऐसे ही कर सकते हैं लेकिन इसके लिए उनकी उम्र 15 से 18 साल होनी चाहिए। 

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  • Health Tips: हरा धनिया है सेहत के लिए बहुत गुणकारी, जानें कैसे करना चाहिए सेवन

    Health Tips: हरा धनिया है सेहत के लिए बहुत गुणकारी, जानें कैसे करना चाहिए सेवन

     

    Hara Dhaniya Health Benefits: हरा धनिया सब्जी का स्वाद तो बढ़ाने के साथ आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। आप हरा धनिया का सेवन चटनी, सूप और जूस में मिलाकर कर सकते हैं। आज हम आपको हरा धनिया के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

    क्या होता है हरा धनिया में 
    हरा धनिया कैल्शियम, विटामिन सी, आयरन, मैग्नीशियम, फाइबर, कोर्बोहाइड्रेट और पोटैशियम से भरपूर होता है, ये सभी पोषक तत्व आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

    हरा धनिया के फायदे 
    1- डायबिटीज के मरीज
    हरा धनिया का सेवन करना डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा होता है, जो लोग नियमित रूप से हरा धनिया का सेवन करते हैं, उनका शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

    2- दिल के मरीज 
    हरा धनिया खाने से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है, इसलिए यह दिल के मरीजों के लिए अच्छा होता है। 

    3-एनिमिया
    जो लोग नियमित रूप से हरे धनिया का सेवन करते हैं, उनके शरीर में खून की कमी नहीं होती है। यह आपके शरीर में खून को बढ़ाने में मदद करता है। 

    4- पेट की समस्या 
    जिन लोगों को गैस, अपच और कब्ज की परेशानी होती है, वो लोग नियमित रूप से धनिया खा सकते हैं। जिससे उनका पाचन तंत्र मजबूत होता है। 

    5- स्किन प्रॉब्लम 
    धनिया आपकी स्किन के लिए भी फायदेमंद होता है, यह आपके चेहरे को नेचुरली खूबसूरत बनाने में मदद करता है। इसके लिए आप अपने चेहरे पर धनिया और ताजा एलोवेरा का पैक फेस पर लगा सकते हैं। इससे झर्रियां खत्म करने में मदद मिलेगी।

    कैसे करें सेवन 
    1-आप धनिया का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, इससे आपकी पेट से जुड़ी परेशानी खत्म होती है। 
    2-पेट दर्द में धनिया का चूर्ण काफी फायदेमंद होता है। 
    3-आप धनिया का सूप बनाकर भी सेवन कर सकते हैं।
    4- धनिया की चटनी का सेवन करने से आपका पेट साफ रहता है। 
     

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  • हफ्ते में दो से तीन बार करें इस तेल की मालिश, सर्दियों में डैंड्रफ से मिलेगा छुटकारा

    हफ्ते में दो से तीन बार करें इस तेल की मालिश, सर्दियों में डैंड्रफ से मिलेगा छुटकारा

     

    सर्दी का मौसम कई तरह की परेशानियां लेकर आता है। सर्द हवाओं का ज्यादा असर हमारी स्किन और बालों पर पड़ता है। आज यहां हम आपको एक नेचुरल हेयर ऑयल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपको सर्दियों में रूसी, झड़ते बालों और सफेद बालों से निजात मिलेगी। आइए जानते हैं कि घर पर इस तेल को बनाने में किन सामग्रियों की जरूरत होती है और इसे कैसे बनाते है।

    सामग्री 
    गुड़हल के फूल - 30 
    नीम के पत्ते -4 0 
    करी पत्ता- 35 
    प्याज- 6 छोटे साइज के 
    मेथी दाना - 2 छोटा चम्मच 
    एलोवेरा - 2 पत्ता 
    चमेली के फूल - 20 से 30 
    नारियल का तेल - 1 लीटर से ज्यादा

    विधि 
    -गुड़हल के फूलों को अच्छे से धोकर रख लें 
    -एलोवेरा को धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। 
    -मेथी के दानों को आप चाहें तो साबुत भी डाल सकते हैं। वरना इसे पीसने से पहले कई घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख दें। 
    - इसके बाद सभी सामग्रियों को अच्छे से पीस लें। 
    -फिर एक कढ़ाई लें और उसमें नारियल तेल को गर्म करें। अब आप सभी चीजों को तेल में डालकर पकाएं। 
    -जब तेल का रंग बदल जाएं तो गैस के फ्लेम को बंद कर दें। 
    -ठंडा करने के बाद इसे एक कांच की बोतल में भरकर रख लें। 
    -अब आपका नेचुरल हेयर ऑयल बनकर पूरी तरह तैयार है। 
    -आप हफ्ते में दो से तीन बार सिर में मालिश कर सकते हैं। 

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  • Winter Health Tips: जानिए सर्दियों में कौन से योगासनों से मिलेगा ज्यादा फायदा

    Winter Health Tips: जानिए सर्दियों में कौन से योगासनों से मिलेगा ज्यादा फायदा

     

    Winter Health Tips: सर्दी के मौसम (Winter Season) में ठंड लगने की वजह से अमूमन लोग आलसी हो जाते हैं। इस वजह से फिजिकल एक्टिविटीज (Physical activity) भी बहुत कम हो जाती हैं। यह हेल्थ-फिटनेस के लिए हार्मफुल होता है। एक्सरसाइज ना करने से मसल्स स्टिफ जो जाती हैं, जिससे बॉडी पेन की समस्या होने लगती है। इससे बचने के लिए इस मौसम में आप कुछ योगासन कर सकती हैं। इससे आप फिजिकली फिट रहेंगी। साथ ही ये हमारे शरीर में मेटाबॉलिक एनर्जी बढ़ाने में सहायक होते हैं, जिससे शरीर में गर्मी का संचार होता है, ठंड कम लगती है और आप एनर्जेटिक बनी रहेंगी।

    पवनमुक्तासन


    सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। सांस अंदर लेते हुए दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। ध्यान रखें कि घुटने ना मोड़ें। पैर 90 डिग्री तक ऊपर उठा लें। सांस की गति सामान्य रखें। अब घुटने को छाती की तरफ मोड़ें और दोनों हाथों से घुटनों पर दबाव बनाएं। सांस छोड़ते हुए सिर ऊपर की तरफ उठाएं। इस दौरान अपनी नाक घुटनों के बीच लगाने की कोशिश करें। कुछ देर इसी अवस्था में रहें। सांस की गति सामान्य रखें। अब पुरानी अवस्था में लौट आएं। इस प्रक्रिया को 5 बार दोहराएं।

    पादहस्तासन


    शरीर में होने वाली स्टिफनेस की समस्या को देखते हुए पादहस्तासन में थोड़ा-सा बदलाव लाकर करना ज्यादा असरदार हो सकता है। इसे करने के लिए पहले अपने दोनों पैर कम से कम एक फुट की दूरी पर खोल कर खड़े हो जाएं। लंबी सांस अंदर लेते हुए पीछे की ओर थोड़ा झुकें और दोनों हाथों को ऊपर ले जाएं। कुछ सेकेंड इसी अवस्था में रुकी रहें। फिर सांस बाहर छोड़ते हुए सामने की ओर झुकें और जमीन को दोनों हाथों से छुएं। कुछ सेकेंड रुकें। इस दौरान नॉर्मल ब्रीदिंग करें। थोड़ी देर बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं। अब यही प्रक्रिया दोहराएं।

    ताड़ासन


    ताड़ासन भी एनर्जेटिक बनाए रखने में उपयोगी आसन है। इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर सांस अंदर लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में इंटरलॉक कर लें। धीरे-धीरे दोनों पंजों के बल खड़ी हो जाएं। यह आसन और भी उपयोगी हो सकता है अगर आप इसी अवस्था में खड़े होने के बाद लंबी सांस अंदर-बाहर लेते हुए पैरों के पंजे के बल धीरे-धीरे वॉकिंग करें। इस तरह आप एनर्जेटिक बनी रह सकती हैं।

    पर्वतासन


    इसे करने के लिए पहले एक मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। लंबी-गहरी सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें। दोनों हाथों के पंजों को जमीन पर टिकाएं। अब दोनों पैरों को पीछे की ओर लेकर जमीन पर टिकाएं। अब धीरे-धीरे अपनी कमर को ऊपर आसमान की ओर इस तरह उठाएं ताकि शरीर कोण अवस्था में आ जाए। आपके शरीर की मुद्रा ऐसी नजर आनी चाहिए, जैसे पर्वत खड़ा हो। यह आसन सर्दियों में शरीर के ऊपरी हिस्से में होने वाले रक्त संचार की कमी को पूरा करता है।

    जानुशीरासन


    पैर फैलाकर जमीन पर पीठ सीधी करके बैठ जाएं। बाएं पैर के घुटने को मोड़कर दाएं पैर के जांघ तक ले आएं। गहरी सांस लेकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए सामने फैले पैर को पकड़ें और सिर से घुटना छूने की कोशिश करें। ध्यान रहे घुटना मुड़ना नहीं चाहिए। अगर सिर से घुटना ना छू पाएं तो घुटने के ऊपर तकिया रख लें और सिर को घुटने पर रखा तकिया छुएं। कुछ देर इसी अवस्था में रुकें। फिर पहली पोजीशन में लौट आएं। दूसरे पैर से इस आसन को दोहराएं। जितनी बार संभव हो, उतनी बार करें।

    अनुलोम-विलोम प्राणायाम


    अनुलोम-विलोम प्राणायाम को दिन में दो बार किया जा सकता है। इसे करने के लिए दाईं नोजट्रिल (नासिका) से बहुत धीरे-धीरे सांस अंदर लें और बाईं नोजट्रिल से छोड़ें। ध्यान रखें कि ब्रीदिंग आउट हमेशा ब्रीदिंग इन से लंबा हो। यह प्रक्रिया 5 बार दोहराएं। जिन्हें पीठ दर्द, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्याएं हों, उन्हें सर्दियों में किए जाने वाले इन योगासनों को करने से पहले योगा एक्सपर्ट या डॉक्टर से जरूर कंसल्ट कर लेना चाहिए।

    कब करें योगासन


    सर्दियों में आप अपनी सुविधा के हिसाब से सुबह या शाम किसी भी समय ये योगासन कर सकती हैं। ध्यान रखें, खाना खाने से 3-4 घंटे पहले या बाद ही योगासन किए जाने चाहिए। यानी कभी भी पेट भरे होने पर योगासन ना करें। इन दिनों सुबह के समय योगासन करना लाभकारी होता है। दरअसल, सुबह उठने पर ठंड लगती है। ऐसे में योगासन करने से शरीर गर्म हो जाता है और दिन भर आराम से काम किया जा सकता है। इसी तरह शाम को ठंड से बचाव के लिए ये योगासन करना फायदेमंद है।

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  • सर्दियों में खाएं छुहारे की खट्टी-मीठी चटनी, मिलेंगे ये फायदे

    सर्दियों में खाएं छुहारे की खट्टी-मीठी चटनी, मिलेंगे ये फायदे

     

    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना आपकी सेहत के लिए अच्छा होता है। सूखे मेवे खाने से आपका शरीर गर्म रहता है और बॉडी को कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। जिनसे आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होती है। आज हम आपके लिए लेकर आएं है छुहारे की खट्टी-मिठी चटनी की रेसिपी। यह चटनी आपको और आपके परिवार के लोगों को काफी पसंद आएगी।

    सामग्री 
    छुहारा - 100 ग्राम 
    गुड- 100 ग्राम 
    नमक-स्वादानुसार 
    इमली - 50 ग्राम 
    भुना जीरा- आधा चम्मच 
    लाल मिर्च - एक छोटा चम्मच 
    खरबूजे के बीज- 1-चम्मच

    छुहारे की चटनी कैसे बनाते है 
    - छुहारे की चटनी बनाने के लिए आप रात में छुआरा, इमली और गुड़ को अलग-अलग बाउल में भिगोकर रख दें। 
    -सुबह तीनों को एक कढ़ाई में डालकर अच्छे से पका लें। 
    -जब यह मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इसमें सभी मसाले डालें और अच्छे से पकाएं। 
    -इसके बाद आप इसमें खरबूजे के बीज डालें और दो मिनट तक और पकाएं। 
    -अब आपकी छुआरे की चटनी तैयार हैं। आप इसे पराठे, सब्जी, पूरी और चाट के साथ सर्व कर सकते हैं।
    फायदे  
    -छुहारे और गुड़ की तासीर गर्म होती है, इससे आपके शरीर को गर्म रखने में मदद मिलती है। 
    -आप सर्दी-खांसी और जुकाम से बच सकते हैं। 
    -यह आपके भूख बढ़ाने में मदद करती है। 
    -इससे आपका पाचन तंत्र ठीक रहता है। 

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  • "मेरी पहल" फाउंडेशन और SHO पंजाबी बाग के नेतृत्व में हुआ मेडिकल चेकअप का आयोजन

     

    दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके मे "मेरी पहल" फाउंडेशन और SHO पंजाबीबाग के नेतृत्व में फ्री मेडिकल चेकअप का आयोजन किया गया। फ्री मेडिकल चेकअप का आयोजन समाजसेवी अमित कोहली ने किया। जिसमें पंजाबी थाना SHO ने अहम भूमिका निभाई है। कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को किया गया। इस मौके पर 400 से अधिक लोगों ने कैंसर, थायराइड, बीपी, शुगर, डेंटल सहित कई बीमारी की जांच की कराई। 

    मेडिकल चेकअप के लिए राजीव गांधी कैंसर हॉस्पिटल के डॉक्टर बृजेश की अगुवाई में कई डॉक्टर्स ने लोगों की मेडिकल जांच की और मेडिसिन उपलब्ध कराई। इस आयोजन में कैलाश सांकला और आरएसएस के नगर संचालक आरुष मलोहत्रा का भी विशेष योगदान रहा। 

    आपको बता दें कि "मेरी पहल" फाउंडेशन समय-समय पर लोगों के लिए फ्री मेडिकल चेकअप का आयोजन करती रहती है। ताकि सभी लोगों का स्वास्थ्य ठीक रहे और कोई परेशानी हो भी तो समय रहते इलाज करवाया जा सके। 

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  • इससे मिलेगी हड्डियों को मजबूती और डायबिटीज से छुटकारा, जानें

    इससे मिलेगी हड्डियों को मजबूती और डायबिटीज से छुटकारा, जानें

     

    सहजन के बिना संभार का स्वाद नहीं आता है। इसलिए इस अधूरे स्वाद को पूरा करने के लिए ज्यादातर लोग सहजन (Sehjan) का इस्तेमाल करते हैं। हरे रंग की लंबी डंडी जैसी दिखने वाला सहजन न केवल स्वाद बढ़ाने के लिए काम आता है बल्कि ये हमारी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। इसमें औषधीय गुण समेत कई विटामिन मौजूद हैं, जो हमारी हड्डियों से लेकर बालों की समस्याओं को दूर करने के लिए भी काफी फायदेमंद (Benefits of Drumsticks) साबित होता है। इतना ही नहीं डायबिटीज के मरीजों (Drumsticks for Diabetes) के लिए तो ये रामबाण है।

    भारत एक ऐसा देश हैं जहां सहजन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इसके फूल और पत्तियों को भी सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। सहजन के फल के अलावा लोग इसके फूल-पत्तियों का भी सेवन करते हैं। इसमें कई पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए बेहतरीन साबित होते हैं, आइए आपको सहजन के कई शानदार फायदों के बारे में बताते हैं...

    सहजन में है कई पोषक तत्व 
    सहजन में कई तरह के विटामिन मौजूद होते हैं। इनमें विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन बी2, विटामिन बी3, विटामिन बी5, विटामिन बी9, विटामिन सी और विटामिन डी मौजूद है। इसके अलावा फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, फास्फोरस, मैगजीन, जिंक आदि पोषक तत्व मौजूद हैं।

    सहजन के फायदे 
    1. सहजन हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों से संबंधित समस्याओं को दूर करता है। जो व्यक्ति सहजन की सब्जी खाते हैं उन्हें कमर दर्द, पैर दर्द, घूटनों में दर्द और गठिया रोग जैसी समस्याओं से बच सकते हैं।
    2. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सहजन काफी फायदेमंद माना जाता है। ये इनके लिए औषधि का काम करता है। अगर मधुमेह का मरीज सहजन का सेवन करता है तो इससे उसका शुगर कंट्रोल में रहता है। 
    3. किडनी स्टोन के लिए भी सहजन को काफी अच्छा माना गया है। अगर आपके गुर्दे में पथरी है तो सहजन के पत्ते की सब्जी बनाकर सेवन करें। इसमें मौजूद पोषक तत्व पथरी को निकालने में मदद करते हैं। इसके पत्ते की सब्जी खाने पर कुछ ही दिनों में मूत्र के जरिए आपके किडनी से स्टोन निकल जाएगा।
    4. सहजन को रक्त शुद्धीकरण के लिए भी बेहद अच्छा माना गया है। जो व्यक्ति सहन की पत्तियों की सब्जी बनाकर खाता है उसके शरीर से रक्त शुद्धीकरण होता है। इस सब्जी में मौजूद तत्व खून को साफ करते हैं।

    5. लकवा या दमा जैसी समस्या के लिए भी सहजन को फायदेमंद माना जाता है। अगर कोई इस तरह की समस्या से परेशान है तो उसे अजवाइन, सोंठ और हींग को सहजन के पत्तों के साथ मिलाकर बनी सब्जी का सेवन करना चाहिए।

    6. सहजन बालों के लिए भी काफी अच्छा माना गया है। अगर आप बालों की समस्या से परेशान हैं तो सहजन की सब्जी बनाकर खाएं। इसमें मौजूद विटामिन आपके बालों के लिए फायदेमंद रहेंगे। 
     

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  • Miss Universe 2021: जानिए खुद को फिट रखने के लिए क्या करती हैं मिस यूनिवर्स हरनाज संधू

    Miss Universe 2021: जानिए खुद को फिट रखने के लिए क्या करती हैं मिस यूनिवर्स हरनाज संधू

     

    भारत की हरनाज संधू ने मिस यूनिवर्स 2021 का खिताब जीतकर देश का नाम ऊंचा कर दिया है। भारत को यह खिताब तीसरी बार मिला है। इससे पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस लारा दत्ता और सुष्मिता सेन ने यह खिताब जीता था। यहां हम आपको हरनाज संधू के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि मिस यूनिवर्स हरनाज संधू खुद को फीट रखने के लिए क्या करती हैं।

    हरनाज संधू के इंस्टाग्राम पोस्ट के मुताबिक, वह रोजाना योग करती हैं ताकि वह अपनी बॉडी को फ्लेक्सिबल रख सकें। हरनाज संधू मिस यूनिवर्स 2021 का ताज जीतकर देश के लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है। फिटनेस के मामले में आप भी हरनाज सिंधु से टिप्स ले सकते हैं।

    इस वीडियो को शेयर करते हुए हरनाज संधू ने लिखा- 'मैं योग के अभ्यास के माध्यम से ब्रह्मांड के साथ जुड़ी हुई हूं।'' उनकी इस वीडियो को काफी पसंद किया गया।

    हरनाज के कई वीडियो उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर हैं, जिनमे वह योग करती हुई नजर आ रही हैं।

    बता दें कि 21 साल की हरनाज ने मिस यूनिवर्स के 70वें एडिशन के टॉप 3 फाइनलिस्ट में एंट्री की थी। मिस यूनिवर्स का यह कॉन्टेस्ट इजराइल के इलियट में आयोजित किया गया।

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  • सर्दियों में इस तरह बनाएं टोमैटो सूप, नहीं छुएगी कोई बीमारी

    सर्दियों में इस तरह बनाएं टोमैटो सूप, नहीं छुएगी कोई बीमारी

     

    सर्दियों (Winter) में टोमैटो सूप पीने का मजा ही कुछ और है। आप भी अगर टोमैटो सूप पीने के शौकीन हैं, तो हम आपको एक टेस्टी ट्विस्ट के साथ वेजिटेबल टोमैटो सूप (Vegetable tomato Soup) बनाने की रेसिपी बता रहे हैं। इस ग्रेवी की सबसे खास बात ये है कि आप इसमें अपनी पसंद की कोई भी सब्जी डाल सकते हैं।

    सामग्री :
    6 टमाटर, 1 टेबल स्पून बेसन, 2 कढ़ी पत्ता, 250 ग्राम मूंग दाल, 1 टी स्पून जीरा, 3 लौंग, 2 बड़ी इलायची, दो स्टिक दालचीनी, 3 हरी मिर्च, टुकड़ों में कटा हुआ, 1 टीस्पून अदरक, टुकड़ों में कटा हुआ, 1 टी स्पून लहसुन , टुकड़ों में कटा हुआ, 1 कप मटर, 1 आलू, (छोटे पीस में कटी हुई) आधी लौकी, 1 गाजर, टुकड़ों में कटा हुआ, 4 भिंड़ी, 2 टीस्पून गरम मसाला पाउडर, 2 टीस्पून धनिया पाउडर, स्वादानुसार नमक

    विधि :
    कुकर में टमाटर और मूंग दाल को एक साथ मिलएं। उसमें नमक और हरी मिर्च भी डालें। करीब तीन सीटी आने दें। ठंडा होने के लिए साइड रख दें। इसके बाद इसका पेस्ट तैयार कर लें। एक पैन में तेल गर्म करें। उसमें जीरा, कढ़ी पत्ता, लौंग, इलायची, दालचीनी, अदरक और लहसुन डालकर भून लें। इसके बाद इसमें बेसन डालें। ध्यान रहे, आपको बेसन डालते समय मिक्सचर को लगातार चलाते रहना है। इसे तब तक चलाएं, जब तक बेसन भूरे रंग का न हो जाए और अच्छी तरह भुन न जाए। इसके बाद इसमें मटर, आलू, भिंडी, लौकी और गाजर डालें। थोड़ा पानी डालकर टमाटर और मूंग का पेस्ट डालें। मिक्सचर में एक बार उबाल आने दें। इसके बाद इसमें गरम मसाला, धनिया पाउडर, हल्दी और नमक डालें। थोड़ी देर के लिए मिक्सचर को पकने दें और उसके बाद गर्मा-गर्म चावल के साथ सर्व करें।

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  • Health Tips: भूलकर भी इस समय न खाएं ये फल, जानें कब खाना चाहिए?

    Health Tips: भूलकर भी इस समय न खाएं ये फल, जानें कब खाना चाहिए?

     

    फल (Fruits) हमारे स्वास्थ्य (Health) के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। लेकिन क्या दिन या रात कभी भी फल खा लेने चाहिए? इस सवाल को लेकर खान-पान के विशेषज्ञ बंटे हुए हैं। कुछ मानते हैं कि फल कभी भी खा लें तो कोई बुराई नहीं है। जबकि कुछ का मानना है कि फलों के खाने का भी एक उचित समय होता है।

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स 
    खान-पान के ज्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि सूरज डूबने के बाद फल नहीं खाने चाहिए। सूर्यास्त के बाद फल खाना लाभदायक से कहीं ज्यादा हानिकारक हो सकता है। हालांकि यह धारणा नई नहीं है। लेकिन पिछले दिनों यह तब फिर से चर्चा में आई है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर लाइफस्टाइल कोच ल्यूक कॉटिल्हों ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर यह बात लिखी कि अगर हम रात को फलों का सेवन करते हैं तो ये हमारी बॉडी में शुगर और एनर्जी का लेवल बढ़ा देते हैं। इससे नींद में खलल पड़ता है। लब्बोलुआब यह कि रात के समय फल खाने से बचें।

    दिन में खाना है लाभकारी 
    विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर आप दिन के समय फलों का सेवन करते हैं तो यह आपके लिए ज्यादा लाभदायक होता है। वहीं कई ऐसे विशेषज्ञ हैं, जो इस बात से सहमत नहीं हैं कि रात में फल खाने ही नहीं चाहिए। उनका मानना है कि हम जब भी फल खाएं तो साथ में खाना खाने से बचें। खाना खाने के कम से कम 30 मिनट बाद फल खाने चाहिए।

    क्या कहता है आयुर्वेद 
    आयुर्वेद के मुताबिक, सोने से कम से कम तीन या चार घंटे पहले रात का खाना खाना चाहिए। फल इससे भी पहले, जिसका साफ मतलब है कि सूर्यास्त के पहले ही फल खा लेना चाहिए। ज्यादातर खान-पान के विशेषज्ञ भले इस बात पर दो राय रखते हों कि रात में फल खाने चाहिए या नहीं। कितने खाने चाहिए और कौन-कौन से फल खाने चाहिए? लेकिन इस बात में करीब-करीब सभी विशेषज्ञ एकमत हैं कि रात की अपेक्षा दिन में फल खाएं तो उसके ज्यादा लाभ मिलते हैं। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि फलों के खाने का समय भी निर्धारित होना चाहिए। क्योंकि कई फलों में प्रोटीन, फाइबर, शुगर काफी ज्यादा होते हैं। इसलिए ज्यादा शुगर वाले फलों को रात में खाने से बचना चाहिए। जानकार कहते हैं रात में जिन फलों को खाने में प्रमुखता देना चाहिए, वे हैं तरबूज, नाशपाती और कीवी।

    रात में फल खाने से बचें 
    विशेषज्ञ मानते हैं कि रात में फल खाना खराब होता है, उनके मुताबिक चूंकि कुछ फलों में काफी ज्यादा कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जैसे-आम और केला। ऐसे फलों को रात में खाने से बचना चाहिए। इससे दो बड़ी समस्याएं होती हैं, एक तो पाचन संबंधी समस्याएं और दूसरी नींद में खलल। कई लोगों को रात में केला या संतरा खाने से गले में खराश भी हो जाती है। लेकिन कई दूसरे विशेषज्ञ कहते हैं कि रात में फल खाने से कोई बड़ी समस्या नहीं होती है। बस, फल खाकर तुरंत सोना नहीं चाहिए और पानी नहीं पीना चाहिए। रात में उन फलों को खाना ज्यादा फायदेमंद होता है, जिनमें फाइबर ज्यादा होता है। मतलब साफ है कि रात में फल ना खाएं तो ही बेहतर है। अगर खाना ही है तो सबसे बढ़िया समय सुबह है, नाश्ते के साथ। 

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  •  Health Tips: हाथ-पैर रहते हैं ठंडे तो शरीर में हो सकती है इस चीज की कमी, जानें

    Health Tips: हाथ-पैर रहते हैं ठंडे तो शरीर में हो सकती है इस चीज की कमी, जानें

     

    शरीर में आयरन की कमी (Iron Deficiency) आप हमेशा थका-थका महसूस करते हैं, ऐसे ही कई लक्षण (Iron Deficiency Symptoms) आपको अपनी बॉडी में दिखाई देते हैं। मगर आप हमेशा नजर अंदाज करते रहते हैं, अगर समय से इस कमी पर ध्यान नहीं दिया जाएं तो यह आपके लिए एक गंभीर समस्या बन सकती है। आइए जानते हैं कि शरीर में आयरन की कमी को कैसे पूरा किया जाए और महिलाओं के लिए यह कितना आवश्यक है।

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स 
    एक्सपर्ट्स का कहना है कि आयरन हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) का एक महत्वपूर्ण घटक है, यह रेड ब्लड सेल्स के माध्यम से फेफड़ों से ऑक्सीजन को आपके पूरे शरीर में ले जाने के लिए ले जाता है। हीमोग्लोबिन शरीर के आयरन के लगभग दो-तिहाई का प्रतिनिधित्व करता है। यदि आपके पास पर्याप्त आयरन नहीं है, तो आपका शरीर प्रॉपर हेल्दी ऑक्सीजन युक्त रेड ब्लड सेल्स का निर्माण नहीं कर सकता है। लाल रक्त कोशिकाओं की कमी को आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया कहा जाता है।

    महिलाओं में क्यों नहीं होनी चाहिए आयरन की कमी 
    डॉक्टर्स बताते हैं कि महिलाओं को आयरन की ज्यादा आवश्यकता होती है, क्योंकि हर महीने पीरियड्स के दौरान वो ब्लड खो देती हैं। इसलिए 19 से 50 साल महिलाओं को रोजाना 18 मिलीग्राम आयरन वाले फूड्स खाने चाहिए।

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    आयरन की कमी के लक्षण 
    - रेड ब्लड सेल्स कम बनते हैं
    - थकान या कमजोरी 
    - पीली स्किन 
    - सांस लेने में परेशानी होना 
    - चक्कर आना 
    - सिरदर्द 
    - तेज या अनियमित दिल की धड़कन
    - छाती में दर्द
    - ठंडे हाथ पैर होना 
    - फटे नाखून 
    - बाल झड़ना 
    - गले में खराश और सूजी हुई जीभ 
    - बिस्तर पर रहते हुए अपने पैरों को हिलाने की इच्छा

    इन फूड्स से मिलता है आयरन
    - छोले
    - सूखे मटर
    - बीन्स 
    - पालक 
    - हरी मटर 
    - ब्रोकली 
    - ब्रसेल्स स्प्राउट्स 
    - अंडे 
    - मछली
    - अनाज 
    - चिकन 

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  • कहीं आपके बच्चे के पेट में कीड़े तो नहीं, ऐसे करें लक्षणों की पहचान

    कहीं आपके बच्चे के पेट में कीड़े तो नहीं, ऐसे करें लक्षणों की पहचान

     

    पेट में कीड़े होना भले ही आपकी एक नॉर्मल बीमारी लगती हो, लेकिन यह बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। इससे आपका बच्चा कुछ बता तो पाता नहीं है। बड़ा बच्चा तो अपनी परेशानी को बता सकता है। मगर छोटा बच्चा बोल नहीं पाता वो सिर्फ रोता रहता है। यहां आपको कीड़ों के लक्षण और इससे बचाव के लिए घरेलू नुस्खे (Home Remedies) को बताया जा रहा है। जिससे काफी मदद मिलेगी।

    पेट में कीड़े होने के लक्षण 
    - जब बच्चे को पेट में कीड़े होते है तो उसके चेहरे पर डाइनेस रहती है। 
    - होठों के दोनों तरफ स्किन में सफेदी बढ़ने लगती है
    - सोते समय मुंह से लार निकलने लगता है।

    पेट में कीड़े होने के कारण 
    बच्चों को यह समस्या हाइजीन की कमी के कारण होती है, क्योंकि वह अपने हाथ को मुंह में डालते रहते हैं और आस-पास रखी चीजों को छूते रहते हैं।

    अजवायन का चूर्ण 
    रोजाना रात के समय अजवायन चूर्ण में स्वादानुसार काला नमक मिलाकर गर्म पानी में लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। बच्चों को आधा ग्राम अजवायन चूर्ण देना चाहिए, जबकि बड़ों को चार भाग अजवायन के चूर्ण में एक भाग काला नमक मिलाना चाहिए और दो ग्राम की मात्रा में सोने से पहले गर्म पानी के साथ लेना चाहिए। 
     

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  • प्रदूषण से गर्भवती महिलाएं रहें सावधान, वरना पड़ सकता है भारी 

    प्रदूषण से गर्भवती महिलाएं रहें सावधान, वरना पड़ सकता है भारी 

     

    इन दिनों प्रदूषण (Pollution) का स्तर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, हवा इतनी जहरीली है कि सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि वायु प्रदूषण महिलाओं और पुरुषों की फर्टिलिटी को कम कर सकता है। कई शोध की मानें तो वायु प्रदूषण भी गर्भपात के प्राथमिक कारणों में से एक हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रदूषित हवा में सांस लेना गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान जितना खतरनाक माना जाता है।

    शिशु के मौत का खतरा बढ़ जाता है 

    वायु प्रदूषण शिशुओं के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। जब आप नियमित रूप से प्रदूषण की चपेट में आते हैं तो शिशु की मौत का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान आप खुद को प्रदूषण से बचाकर रखें ताकि आप और आपका बच्चा स्वस्थ रहें।

    बच्चे का वजन कम हो सकता है 
    हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सामान्य गर्भधारण के दौरान, प्रसव 38 से 40 सप्ताह में होता है और बच्चे का वजन लगभग छह से नौ पाउंड होता है। यदि गर्भावस्था में बच्चे का वजन पांच पाउंड और आठ औंस से कम है, तो बच्चे को कमजोर और कम वजन वाला माना जाता है। कई कारणों से कम वजन की डिलीवरी हो सकती है। हालांकि, प्रेग्नेंट होने के दौरान खराब वायु गुणवत्ता के संपर्क में आना एक प्रमुख कारण माना जाता है। 

    बच्चों में ऑटिज्म विकसित होने का खतरा 

    गर्भवती महिलाएं, जब गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक वायु प्रदूषण के संपर्क में आती हैं, तो उनके बच्चों में ऑटिज्म विकसित होने का खतरा उन महिलाओं की तुलना में अधिक होता है, जो स्वच्छ हवा में सांस लेती हैं। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि वायु प्रदूषण में बड़ी संख्या में संदूषक होते हैं, जो बच्चे के मस्तिष्क के विकास को बाधित कर सकते हैं।

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