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  • क्या नमक के पानी से कम होता है कोरोना वायरस का संक्रमण? जानकारी के लिए पढ़े पूरी खबर

    क्या नमक के पानी से कम होता है कोरोना वायरस का संक्रमण? जानकारी के लिए पढ़े पूरी खबर

     

    पूरी दुनिया में कोरोना वायरस (Covid-19) का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में विश्वभर के साइंटिस्ट इस वायरस से बचने के लिए वैक्सीन बनाने में जुटे हुए है। इसी बीच एक रिसर्च में ये सामने आया है कि कोरोना से संक्रमित मरीज अगर नमक के पानी से गरारे करें, तो उसे काफी राहत मिल सकती है। जी हां, ब्रिटेन की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च से यह बात सामने आई है कि नमक का पानी वायरस के इंफेक्शन को कम करता है और इसके साथ यह वायरस की अवधि को भी कम करता है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह रिसर्च 66 कोरोना मरीजों पर की गई है, जिनके नाक और गले में कोरोना का इंफेक्शन था। रिसर्चर्स ने बताया कि इन मरीजों को नमक के पानी के गरारे कराए गए। इसके ठीक 12 दिन बाद जब इनके सैंपल लिए गए, तो उसमें वायरस के लक्षणों में कमी आई। जर्नल ऑफ ग्लोबल हेल्थ में पब्लिश हुई रिसर्च के अनुसार जिन कोरोना मरीजों ने नमक के पानी का गरारा किया उनमें औसतन 2.5 दिन में इंफेक्शन घटा।

    वहीं, रिसर्चर्स का कहना है कि इस पर जल्दी ही ट्रायल शुरू किया जाएगा। दरअसल, एक्सपर्ट का कहना है कि नमक के पानी से गरारा करने से गला साफ होता है। इसके साथ ही म्यूकस के जरिए बैक्टीरिया और वायरस भी निकल जाता है। आपको बता दें कि नमक में क्लोरीन पाया जाता है, जो गले की सफाई कर गले की सूजन को भी कम करने नें मदद करता है।

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  • आखिर 7 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है World Health Day, जानें इस दिन का इतिहास और उदेश्य

    आखिर 7 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है World Health Day, जानें इस दिन का इतिहास और उदेश्य

     

    हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 1950 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी। इस दिन मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य और उससे जुड़ी समस्याओं पर विचार करना है। साथ ही, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों तक पहुंचना है।

    स्वास्थ्य के महत्व की ओर बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के नेतृत्व में हर वर्ष 7 अप्रैल को 'विश्व स्वास्थ्य दिवस' मनाया जाता है। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जेनेवा में वर्ष 1948 में पहली बार विश्व स्वास्थ्य सभा रखी गई थी और विश्व स्वास्थ्य दिवस यानि 'वर्ल्ड हेल्थ डे' वर्ष 1950 में पूरी दुनिया में पहली बार मनाया गया।

    आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में स्थित है। इसका मुख्य उद्देश्य विश्व भर के लोगों के स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा रखना है। वही, हर साल इसके लिए एक थीम निर्धारित की जाती है, जो आंकड़ों के अनुसार वर्ष विशेष में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विषयों के आधार पर होती है। ऐसे में विश्वभर में वर्ल्ड हेल्थ डे 2020 7 अप्रैल मंगलवार को मनाया जाएगा।

    जानकारी के लिए बता दें कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य दिवस के मौके पर तमाम स्‍वास्‍थ्‍य संगठनों समेत सरकारी, गैर-सरकारी संस्‍थाएं और एनजीओ कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इस दिन विशेष हेल्‍थ कैंप लगाए जाते हैं। साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए नुक्‍कड़ नाटकों का आयोजन भी होता है और कला प्रदर्शनी भी लगाई जाती है।

    इसके अलावा स्‍कूल-कॉलेजों में निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी होती हैं। लेकिन इस बार शायद हर बार की तरह कार्यक्रमों का आयोजन न हो, क्योंकि आप तो जानते ही है इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Covid-19) से झूझ रही है।

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  • मुंह से बदबू आने से हैं परेशान, तो छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

    मुंह से बदबू आने से हैं परेशान, तो छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

     

    मुंह से बदबू आना एक अब एक आम समस्या बन गई है। आज कल कई लोग इस समस्या का सामना कर रहे है। ऐसे में उनके साथ ऐसी परेशानी होती है कि वो रोजाना ब्रश तो करते हैं लेकिन फिर भी उनके मुंह से बदबू आने लगती है। वही, कुछ खाकर पानी न पीने की वजह से भी सांसों से बदबू आती है। किडनी और लीवर खराब होना भी सांसों की बदबू का कारण हो सकता है।

    इसके अलावा, दांतों की ठीक से सफाई न करना, पेट साफ न रहना भी सांसों की दुर्गंध की समस्या की वजह हो सकता है। ऐसे में कुछ लोग इस बदबू को दूर करने के लिए माउथ फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं तो कुछ लोग इलाइची का सेवन कर इस बदबू से छुटकारा पाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो दुखी न होये आज हम आपको बताने जा रहे कुछ ऐसे आसान से उपायों के बारे में जो जल्द ही आपको इस परेशानी से निजात दिला सकते है। तो आइए जानते है... 

    ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं 

    कई लोगों की आदत होती है कि वो खाना खाने के कुछ देर बात ही पानी पीते हैं। जिसकी वजह से उनके मुंह से बदबू आने लगती है। ऐसे में इसको दूर करने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की आवयश्कता है। आप थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिते रहे इससे आपके मुंह में ताजगी रहेगी। 

    दांतों की सही सफाई 

    सांसों की दुर्गंध से मुक्ति पाने का सबसे अच्छा तरीका है दांतों की सही सफाई। दिन में दो बार दांतों और मुंह को सही से साफ करना बेहद जरुरी है। सुबह दांतों को साफ करते समय जीभ को अच्छे टंग क्लीनर से साफ करना चाहिए। ऐसे में आप जल्द ही इस परेशानी से छुटकारा पा सकते है। 

    सूखा धनिया 

    वही, मुंह से बदबू आने की समस्या से समाधान पाने में सूखा धनिया भी आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। आपको बता दें कि सूखा धनिया भी एक अच्छा माउथफ्रेशनर है, इसे मुंह में रखकर चबाने से मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है। 

    ग्रीन टी 

    ग्रीन टी के इस्तेमाल से मुंह की बदबू को कम किया जा सकता है। जी हां, ग्रीन टी में एंटीबैक्ट‍िरियल कंपोनेंट होते हैं जिससे दुर्गंध दूर होती है।

    सरसों के तेल और नमक से करें मसाज 

    कई लोगों के लिए मुंह की बदबू एक बीमारी की तरह बन जाती है जो हमेशा उनके साथ रहती है। इस परेशानी से वो हमेशा अपने आपको शर्मिंदा महसूस करते हैं। ऐसे में परेशान न हो आप मसाज कर इससे छुटकारा पा सकते हैं। यदि रोजाना आप सरसों के तेल में नमक मिलाकर मसूड़ों की मसाज कर करते हैं तो इससे आपके मसूड़े भी हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं और आपके मुंह से बदबू भी खत्म होने लगती है। 

    तुलसी की पत्ती 

    अगर आप अपने मुंह को हमेशा ताजा रखना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपके मुंह से बदबू न आए तो आप इसके लिए तुलसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। जी हां, यदि आप तुलसी की पत्तियों को चबाते हैं तो  इससे आपके मुंह की बदबू दूर होती है। इसके अलावा अगर आपके मुंह में किसी तरह का घाव है तो तुलसी में ऐसे गुण होते हैं जो आपके घाव को ठीक करने में मदद करेगी। 

    माउथवॉश का करें इस्तेमाल 

    माउथवॉश मुंह की बदबू से आराम पाने का नया इलाज है। जी हां, आजकल मार्केट में कई तरह के माउथवॉश आते हैं जिन्हें आप आसानी से प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा माउथवॉश का इस्तेमाल प्रतिदिन नहीं कराना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद क्लोरहेक्सिडाइन का लंबे समय तक प्रयोग दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है। 

    करें सौंफ खाने का सेवन 

    खाने के बाद सौंफ खाने से मुंह से खाने की स्मेल आनी बंद हो जाती है। इसके अलावा लौंग या इलायची का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह चीजें दांत और मुंह की बदबू को कंट्रोल करती हैं। 

    विटामीन सी 

    आपको बता दें कि खट्टे फलों में विटामीन सी होता है जो बैक्टीरिया आदि से लड़कर मुंह की दुर्गंध को दूर भगाने में असरदार साबित होता है, इसलिए नींबू, संतरा, अंगूर आदि फल को खाएं और बदबू को दूर भगाएं। 

    बेकिंग पावडर 

    इसके अलावा अगर बार-बार मुंह से दुर्गंध आती है तो ऐसे में सप्ताह में एक बार दांतों को बेकिंग पावडर से साफ करना चाहिए। इसके लिए आधा चम्मच बेकिंग पावडर को एक गिलास पानी में डालकर इससे कुल्ला करना चाहिए।

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  • Cash लेने-देने से भी फैलता है कोरोना वायरस, ऐसे करें बचाव

    Cash लेने-देने से भी फैलता है कोरोना वायरस, ऐसे करें बचाव

     

    दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। भारत में अब तक 1000 से अधिक लोग इस वायरस के चपेट में आ चुके है। वही, पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। इसके अलावा कोरोना के बढ़ते खतरों को देखते हुए प्रधानमंत्री, राज्य सरकार समेत कई दिग्गज लोगों को ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने के लिए कह रहे है। साथ ही, वह लगातार लोगों से घर पर रहने की अपील भी कर रहे है।

    इसी बीच, सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहे भी फैल रही हैं। जिसमें एक खबर बहुत तेजी से वायरल हो रही है कि कोरोना वायरस Cash के जरिए भी फैलता है? सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होते ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank Of India) ने एक गाइडलाइन जारी की है। जिसमें लिखा गया है कि कैश Exchange (लेन-देन) करने से पहले हाथों को सेनिटाइज करें।

    जी हां, आरबीआई ने लोगों से अपील की है कि वह जितना हो सके कैश की जगह डिजिटल पेमेंट करने की कोशिश करें। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का मानना है कि आपके ऐसा करने से आप काफी हद तक कोरोना को फैलने से रोक सकते हैं। जैसा कि आप जानते ही है कि कोरोना वायरस एक चैन बनाता है। ऐसे में अगर आप कैश का लेन-देन रोक देंगे तो यह वायरस एक शख्स से दूसरे शख्स तक नहीं पहुंच पाएगा। वहीं भलाई इसमें ही है कि आप कम से कम कैश का लेन देन करें। 

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कैश के माध्यम से कोरोना वायरस के फैलने की आशंका ज्यादा है। जी हां, जो व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या खांसी, जुकाम की समस्या है तो उस व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया गया नोट कोई और व्यक्ति इस्तेमाल करता है, तो दूसरे शख्स में भी यह वायरस आसानी से प्रवेश कर सकता है। ऐसे में Cash की जगह DIgital Payment का प्रयोग करें।

    वही, अगर आप  डिजीटल पेमेंट नहीं कर सकते और कैश को लेन देन जरूरी है, तो ऐसे में आप Gloves का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा कैश का लेन देने करने से पहले हाथों को अच्छे से सेनिटाइज करें। वही, कोरोना के कहर के बीच हो सके तो एटीएम से पैसे न निकालें और भीड़ वाली जगह पर जानें से बचें।

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  • कोरोना के बढ़ते मामलों से है चिंतित, तो इन उपायों से बढ़ाएं मानसिक मजबूती !

    कोरोना के बढ़ते मामलों से है चिंतित, तो इन उपायों से बढ़ाएं मानसिक मजबूती !

     

    कोरोना वायरस का कहर पूरे विश्व में बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में इस वायरस को लेकर लोगों के मन में डर बैठ गया है जिससे वे बेचैन एवं परेशान है। इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और सरकार ने भी लोगों को सतर्क एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है। लेकिन फिर भी लोग कोरोना के बढ़ते मामलों को देख चिंता में है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे है कुछ ऐसे उपायों के बारे में जिससे आप मानसिक स्वास्थ्य रह सकते है। तो आइए जानते है...

    - सोशल मीडिया से बनाएं दूरी

     

    हमारे देश में जब भी कुछ नया होता है तो लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मेमेस, फोटोज, वीडियो अथवा हैशटैग का इस्तेमाल कर पोस्ट शेयर करने लगते है। ऐसे में सच्ची खबरों के साथ-साथ कुछ लोग फालतू एवं फेक सूचनाओं को भी फैला देते है। ऐसे में कई बार उसे पढ़कर या सुनकर आप परेशान अथवा चिंता में पड़ जाते है। इसलिए ऐसे में खुद को मानसिक स्वस्थ रखने के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। वही, सोशल मीडिया के ट्विटर और फेसबुक पर उन एकाउंट को म्यूट कर दें जिनसे भड़काऊ या परेशान करने वाली जानकारी साझा की जा रही है। वही, व्हाट्सएप पर ऐसे ग्रुप से बाहर निकल जाएं जिनमें भ्रामक सूचनाएं आ रही हों। 

    - व्यायाम और मेडिटेशन करें 

    यदि आप शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से निराशा है और इससे बाहर निकलना चाहते है तो व्यायाम और मेडिटेशन करना शुरू कर दें। इसके अलावा बच्चों के साथ खेल में सक्रिय रहें। वही, दौड़ना, कूदना, सीढ़ियां चढ़ना, बास्केटबॉल या फुटबॉल खेलने को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। 

    - बार-बार न धोएं हाथ 

    ऐसा देखा गया है कि कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई लोगों के मन में डर बैठ गया है और वह स्वच्छता के लिए बार-बार हाथ धो रहे हैं। ऐसा करना सही है। वही, डॉक्टर भी बचाव के लिए लगातार हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं लेकिन मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है बहुत बार हाथ धोने की आदत मानसिक बीमारी के रूप में तब्दील हो जाएगी। इसलिए ऐसे में स्वच्छता के लिए हाथ धोएं लेकिन बहुत बार नहीं। 

    - खूब पानी पीएं और अच्छा खाएं 

    जैसे-जैसे कोरोना के पॉजिटिव मामले आए दिन बढ़ एवं सामने आ रहे है उस हिसाब से ऐसा माना जा रहा है कि इसका असर कई हफ्तों तक रह सकता है। ऐसे में दिमागी स्वास्थ्य बेहतर रहे इसके लिए जरूरी है कि आप खूब पानी पीएं। जब भी मुमकिन हो प्रकृति और सूर्य की रोशनी में जाएं। वही, अच्छे से खाना खाएं और बिल्कुल घबराएं नहीं।

    - न रहें अकेले 

    कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच लोग खुद को सेल्फ आइसोलेशन कर रहे है। ऐसे में इसका मतलब ये नहीं है कि खुद को पूरी दुनिया और परिवार से दूर कर लें। ऐसे में फोन का इस्तेमाल करना एक अच्छा ऑप्शन है। फोन पर आप अपने दोस्तों अथवा रिश्तेदारों से उनका हाल-चाल जान सकते है। इसके अलावा आप अपने घर में भी बाकि सदस्यों से  करीब तीन मीटर की दूरी बनाकर परिवार के साथ बैठ सकते है और उनसे बातचीत कर सकते है।

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  • किस ब्लड ग्रुप के लोगों को है Coronavirus से सबसे ज्यादा खतरा, नई रिसर्च में खुलासा

    किस ब्लड ग्रुप के लोगों को है Coronavirus से सबसे ज्यादा खतरा, नई रिसर्च में खुलासा

     

    Edited By- रक्षित कुमार 

    कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. एक रिसर्च के जरिए ये पता लगाने की कोशिश की गई है कि किस ब्लड ग्रुप (Blood Group) के लोगों को कोरोना वायरस होने का खतरा ज्यादा होता है. रिसर्च के नतीजों से पता चलता है कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ए है, उन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. रिसर्च के मुताबिक ओ ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में ए ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है.

    चीन की एक रिसर्च में पाया गया है कि A ब्लडग्रुप वाले लोगों को कोरोना वायरस से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. वहीं जिनका O ब्लडग्रुप है वह कोरोना वायरस के प्रतिरोधी हो सकते हैं. कोरोना वायरस को लेकर ये रिसर्च चीन के वुहान और शेन्जेन शहर में किया गया. जिसमें पाया गया कि मरने वाले लोगों में जिन लोगों का A ब्लडग्रुप था उनकी संख्या ज्यादा है. साथ ही A ब्लडग्रुप के लोग की इस वायरस से ज्यादा संक्रमित हैं. रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों का O ब्लडग्रुप है उन लोगों की संख्या मरने वाले लोगों में कम है.

    रिसर्च में पाया गया कि A ब्लडग्रुप के 38 फीसदी लोगो कोरोना से संक्रमित हैं. वहीं O ब्लडग्रुप के 26 फीसदी लोग ही इस से संक्रमित हैं. वुहान से कुछ दूर स्थित सेंटर फॉर एविडेंस-बेस्ड एंड ट्रांसलेशनल मेडिसिन में ये रिसर्च किया जा रहा है. रिसर्च में वायरस से मरने वाले 206 रोगियों की भी जांच की गई. जिनमें 85 पीड़ितों या 41.26 प्रतिशत लोगों का A ब्लडग्रुप था. वहीं सिर्फ 52 लोगों का O ब्लडग्रुप था. बता दें कि दुनिया में लगभग दो लाख कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं.

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  • प्याज का रस स्वास्थ्य के लिए है बेहद फायदेमंद, लाभ जानकर हो जाएंगे हैरान

    प्याज का रस स्वास्थ्य के लिए है बेहद फायदेमंद, लाभ जानकर हो जाएंगे हैरान

     

    जैसा की आप जानते है गर्मियां लगभग शुरू हो चुकी है। इस मौसम में लोग अधिक प्याज का सेवन करते है। हालांकि ये अच्छा भी है, क्योंकि प्याज हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। जी हां, प्याज कई स्वास्थ्य लाभों और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार के विटामिन और खनिजों से समृद्ध हैं। यह एक ऐसी चीज है जो हमारे आहार का बड़ा हिस्सा है। ज्यादातर लोग सलाद में प्याज को शामिल करते हैं।

    इसके अलावा भारतीय लोग अपनी सब्जियों में भी इसका इस्तेमाल करते है। उनका मानना है कि यदि सब्जी में प्याज न हो तो उसका स्वाद नहीं आता। ऐसे में आपको बता दें कि प्याज के साथ-साथ उसका रस भी हमारी हेल्थ के लिए काफी लाभदायक है। त्वचा और बालों की समस्याओं के उपचार में प्याज का रस बेहद मददगार है। यही नहीं इसके अलावा भी कई सारी चीजों के लिए ये बेहद फायदेमंद है तो आइए जानते है इस बारे में विस्तार से...

    - जानकारी के लिए बता दें कि प्याज के रस में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुण होते हैं जो हमारे इम्यून सिस्टम को बीमारी, बैक्टीरिया, संक्रमण और वायरस से लड़ने में मदद कर सकते हैं। प्याज के रस में selenium होता है जो इम्यूनिटी लेवल को बढ़ाने में एक बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए आज से ही अपने आहार में प्याज के रस को आवश्य शामिल करें।

    - प्याज का रस हमारे पेट के लिए भी फायदेमंद है। बता दें कि प्याज का रस फाइबर और प्रीबायोटिक्स से भरा होता है। ऐसे में यह हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है।

    - वही, जिन लोगों को ब्लड शुगर की समस्या है उनके लिए प्याज का रस चमत्कारिक काम कर सकता है। इसमें ऐसे यौगिक होते हैं जो आपके शरीर में ग्लूकोज के स्तर को कम करने और डायबिटीज के प्रबंधन में मदद कर सकते हैं।

    - इसके अलावा प्याज का रस एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ऐसे में यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है जो हमारे हृदय स्वास्थ्य में एक बड़ी भूमिका निभाता है। वही, प्याज का रस ब्लड प्रेशर को प्रबंधित करने में भी मदद करता है। यही वजह है कि प्याज का रस हमारे हृदय स्वास्थ्य के लिए अद्भुत काम कर सकता है और हृदय की समस्याओं के विकास के जोखिम को भी कम कर सकता है।

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  • घर बैठे कोरोना वायरस को हराने के लिए ये टिप्स हो सकते है आपके लिए सहायक

    घर बैठे कोरोना वायरस को हराने के लिए ये टिप्स हो सकते है आपके लिए सहायक

     

    जैसा कि आप जानते है इस समय पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है। ऐसे में हर व्यक्ति इस वायरस से बचने के लिए तरह- तरह नुस्खे अपना रहा है। तमाम जतनों और कोशिशों के बाद भी देश और विदेश में कोरोना वायरस के कई नए पॉजिटिव केस रोज सामने आ रहे है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे है इस वायरस से बचने के लिए कुछ ऐसे आसान उपाय जो आप घर रहकर भी कर सकते है। तो आइए जानते है...

    - टॉयलेट से अटैच कमरों की बजाय सिंगल एवं हवादार रूम में रहें। 
    - वही, घर के हर हिस्से में घूमने से बचें। यानि घर में सीमित जगह पर ही घूमें।
    - बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों से दूर रहे।
    - इसके अलावा भीड़-भाड़ वाली जगह जैसे कि धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में न जाए।

     

    - वही, यदि भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाना जरुरी है तो चेहरे को मास्क से ढककर रखें।
    - कोरोना वायरस से बचने के लिए लगातार हाथों की सफाई करते रहें और सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें।
    - यदि आपको कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दें रहें है तो नजदीकी अस्पताल में दिखाएं।

    कोरोना वायरस के लक्षण इस प्रकार है.. 

    सिरदर्द , नाक बहना, खांसी, गले में ख़राश, बुखार, अस्वस्थता का अहसास होना, छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना, थकान महसूस करना, निमोनिया, फेफड़ों में सूजन ।

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  • Coronavirus: कोरोना वायरस के नहीं हैं लक्षण, फिर भी ऐसे लोग फैला सकते हैं कोरोना वायरस

    Coronavirus: कोरोना वायरस के नहीं हैं लक्षण, फिर भी ऐसे लोग फैला सकते हैं कोरोना वायरस

     

    Coronavirus : कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। चीन के बाद दुनिया के और भी कई देशों में इसका कहर देखने को मिल रहा है। भारत में भी दस्तक दे चुका है। भारत के 31 लोगों को यह अपना शिकार बना चुका है। जबकि पूरी दुनिया में इससे प्रभावित होने वालों की संख्या 90 हजार से भी ज्यादा है। जिसमें 3000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस के लक्षण अन्य वायरस से काफी अलग हैं। लेकिन इसके लक्षण दिखने का समय 14 दिनों का है। जो बाकी वायरस के मुकाबले काफी खतरनाक है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह वायरस बिना लक्षण के भी दूसरों में फैलने में सक्षम है। अगर किसी इंसान में इसके लक्षण न भी आएं। तब भी यह वायरस दूसरों में फैल सकता है। यही कारण है कि इस वायरस से संभवित पेशेंट को अलग रखने की सलाह दी जा रही है। नहीं तो ये पूरी सोसाइटी में फैलने का कारण बन सकता है। डॉक्टर का कहना है कि शुरुआत में इस वायरस के लक्षण का पता ही नहीं चल पाता है। इस कारण वायरस से पीड़ित होने के बाद भी इंसान घूमता फिरता रहता है। जिस वजह से वायरस फैलता रहता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह है कि जो लोग थोड़ा भी बीमार है भले ही उनमें कोरोना वायरस के कोई भी लक्षण नहीं है। फिर भी उन्हें चाहिए कि वो कम से कम 14 दिनों तक घर में ही रहें। किसी भी भीड़ का हिस्सा न बनें।

    क्या है कोरोना वायरस वायरसों का एक बड़ा समूह है कोरोना जो जानवरों में आम होता है। यह वायरस जानवरों से लेकर इंसानों तक पहुंच जाता है। अब एक नया चीनी कोरोना वायरस, सार्स वायरस की तरह है जिसने सैकड़ों को संक्रमित किया है। यह वायरस सी-फूड से जुड़ा हुआ है। इसकी शुरुआत चीन के हुवेई प्रांत के वुहान शहर के एक सी-फूड बाजार से ही हुई मानी जा रही है।

    कोरोना वायरस के लक्षण

    सिरदर्द -नाक बहना -खांसी -गले में ख़राश -बुखार -अस्वस्थता का अहसास होना -छींक आना -अस्थमा का बिगड़ना -थकान महसूस करना -निमोनिया -फेफड़ों में सूजन

    कोरोना वायरस से बचाव के उपाय

    सके सी-फूड से दूर रहें। -साफ-सफाई का ध्यान रखें। -कुछ भी खाने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह साफ करें। -सिर्फ पानी से नहीं बल्कि साबुन या हैंडवॉश से धोएं। -अपने साथ हैंड सेनिटाइजर हमेशा रखें। -पब्लिक ट्रांसपोर्ट का यूज करने के बाद हाथ साफ किए बिना उन्हें अपने चेहरे और मुंह पर ना लगाएं। -बीमार लोगों की देखभाल के दौरान अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। -जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें। -मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं। -जंगल और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क न बनाएं।

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  • बाल झड़ने से कैसे बचाएं ?

    बाल झड़ने से कैसे बचाएं ?

     

    क्या आपके भी बाल झड़ते है? अगर हां तो ये खबर आपके लिए है। बाल झड़ने की समस्या से आज के युवा परेशान है। यह समस्या आम हो गई है। बाल आपकी पर्सनैल्टी को निखारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन बाल झड़ने की समस्या बढ़ती जा रही है। इसके जिम्मेदार हम खुद हैं। हमारा लाइफस्टाइल और खान पान बालों पर खास असर डालता है। लेकिन हमारे गलत खान पान ने इस समस्या को बढ़ा दिया है। जिसके लिए हम मार्किट प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं। जिससे हमे नुकसान पहुंचता है।

    शरीर की देखभाल के लिए बालों की भी देखभाल करनी बहुत जरूरी होती है। इसके लिए सबसे पहले आपको अपना खान पीन ठीक करना होगा। इसी बीच आज हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं। जिसके इस्तेमाल करने से आप अपने बालों को झड़ने से रोक पाएंगे। तो चलिए जानते हैं क्या हैं वो घरेलू उपाय।

    1.तांबे का बर्तन

    रात को ताँबे के बर्तन में पानी को रखें। फिर सुबह आधा चम्मच आवला चूर्ण के साथ इस पानी का सेवन करें। आपके ऐसा करने से आपको बालों के झड़ने की समस्या से जल्द ही राहत मिल जाएगी।

    2.दालचीनी पाउडर

    दालचीनी पाउडर को शहद में मिलाकर पेस्ट तैयार करें। बाद में इस पेस्ट को बालों में लगाएं। ऐसा करने से जल्द ही बालों को झड़ने की समस्या से राहत मिलेगी।

    3.अंडा

    अंडे का तरल भाग को निकालें। फिर इसे ओलिव आयल के साथ अच्छे से मिक्स करके बालों में लगाएं। और सूखने के बाद अपने बालों को धो लें। ऐसा करने से भी आपको बालों के झड़ने की समस्या से राहत मिलेगी।

    4.आंवला

    आंवला खाने से का से बालों की समस्या दूर होती है। यह बालों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए आप आंवला पाउडर को मेहंदी में मिलाकर हफ्ते में एक बार लगा सकती है।

    5.प्याज़

    प्याज़ को पीस कर अपने बालों में लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ दें। और उसके बाद जब ये सुख जाएँ तो बालों को धो लें। ऐसा करने से बालों के झड़ने की समस्या दूर होगी।
     

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  • बीमारी से छुटकारा पाने के 5 अचूक उपाय !

    बीमारी से छुटकारा पाने के 5 अचूक उपाय !

     

    सेहत हर किसी को प्यारी है। जब तक हमारी सेहत ठीक हैं हम हर परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं लेकिन जब हमारी सेहत ठीक नहीं होती, तो हमें सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि आर्थिक तौर पर भी नुकसान होता है। इसलिए तो कहते हैं कि इलाज करवाने से बेहतर है कि हम एहतियात बरतें, ताकि हम बीमार ही न हों। माना कि कई बीमारियों से हम बच नहीं सकते। लेकिन हम कुछ ऐसे कदम ज़रूर उठा सकते हैं, जिन्हें अपनाने से बीमारी होने का खतरा कम हो सकता है।

    1. साफ-सफाई का खयाल रखिए

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का मानना है कि “बीमारी से बचने और उसे फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है” अपने हाथ धोना। गंदे हाथों पर कीटाणु होते हैं और जब हम गंदे हाथों से नाक पोंछते हैं या आँखें मलते हैं, तो सर्दी-ज़ुकाम और फ्लू जैसी बीमारियाँ आसानी से फैल जाती हैं। ऐसी बीमारियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि समय-समय पर अपने हाथ धोते रहना। अगर हम साफ-सफाई का अच्छा ध्यान रखें।

    2. साफ पानी इस्तेमाल कीजिए

    कई देशों में साफ पानी आसानी से नहीं मिलता इसलिए लोगों को हर रोज़ अपने परिवार के लिए साफ पानी का इंतज़ाम करना पड़ता है। लेकिन जिन देशों में यह समस्या नहीं है, वहाँ भी बाढ़, आंधी-तूफान, पानी की पाइप टूटने या किसी दूसरी वजह से साफ पानी मिलना मुश्किल हो सकता है। अगर पानी साफ जगह से नहीं आ रहा है या अच्छे से नहीं रखा गया है, तो इससे हमारे पेट में कीड़े पड़ सकते हैं और हमें हैज़ा, जानलेवा दस्त, टाइफाइड, हेपेटाइटिस और दूसरी बीमारियाँ हो सकती हैं। इसलिए हमेशा साफ पानी का इस्तेमाल करें।

    3. अपने खान-पान पर ध्यान दीजिए

    अच्छी सेहत के लिए ज़रूरी है कि आप पौष्टिक खाना खाएँ। इस बात का ध्यान रखिए कि आपके खाने में नमक, चिकनाई और मीठा सही मात्रा में हो और आप ज़रूरत से ज़्यादा खाना न खाएँ। तरह-तरह की फल और सब्ज़ियाँ खाएँ। ब्रेड, अनाज, नूडल्स और चावल जैसी चीज़ें खरीदते वक्‍त, उनके पैकेट पर दी गयी जानकारी पर ध्यान दें। छिलकेदार अनाज सेहत के लिए मैदे से बनी चीज़ों से बेहतर होता है।

    आप जो खाते हैं उसका तो आपकी सेहत पर असर पड़ता ही है, लेकिन आप कितना खाते हैं वह भी बहुत मायने रखता है। खाने का पूरा-पूरा मज़ा लीजिए, लेकिन उतना ही खाइए जितनी आपको भूख है।

    4. कसरत कीजिए

    चाहे आपकी उम्र जो भी हो, चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए आपको रोज़ कसरत करनी चाहिए। आजकल कई लोग उतनी कसरत नहीं करते, जितनी उन्हें करनी चाहिए। कसरत करना क्यों ज़रूरी है? कसरत करने से आपको ये फायदे होंगे।

    आपको अच्छी नींद आएगी।

    आपको चलने-फिरने में कोई परेशानी नहीं होगी।

    आपकी मांस-पेशियाँ और हड्डियाँ मज़बूत रहेंगी।

    आप मोटापे के शिकार नहीं होंगे।

    मुमकिन है कि आप निराशा के शिकार नहीं होंगे।

    मुमकिन है कि आपकी उम्र लंबी होगी।

    5. भरपूर नींद लीजिए

    सभी लोग अपनी-अपनी ज़रूरत के हिसाब से सोते हैं। नए जन्मे बच्चे हर दिन अकसर 16 से 18 घंटे सोते हैं, 1 से 3 साल के बच्चे 14 घंटे सोते हैं और 3 से 4 साल के बच्चे 11 से 12 घंटे सोते हैं। स्कूल जानेवाले बच्चों को कम-से-कम 10 घंटे सोना चाहिए, किशोर बच्चों को 9 से 10 घंटे सोना चाहिए और बड़ों को 7 से 8 घंटे तक सोना चाहिए। बच्चों और नौजवानों का मानसिक और शारीरिक विकास होता है।

     

     

     

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  • वजन कम करना है तो पीये ये 4 जूस....

    वजन कम करना है तो पीये ये 4 जूस....

     

    अगर आप भी वजन कम करना चाहते हैं लेकिन कर नहीं पा रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। हर कोई फिट दिखना चाहता है लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आपका वजन संतुलन में रहे। वजन कम करने का सोचते ही अगर सबसे पहले कोई चीज दिमाग में आती है तो वो है डाइटिंग। जिस चक्कर में हम कई सारे न्यूट्रीशियस चीजें खाना छोड़ देते हैं। जो हमारे शरीर के लिए जरूरी होती है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि वजन कम करने के लिए वर्क आउट के साथ डाइटिंग भी जरुरी है। वर्कआउट करने के लिए काफी एनर्जी लगती है। ऐसे में हमारा सही खान पान होना बहुत जरुरी है।

    हम आपको कुछ जूस के बारे में बताने जा रहे हैं। जो हमारा वजन बी बैलेंस करेगा और हमें एनर्जी भी फुल देगा। अनार का जूस वेट लॉस के लिए फायदेमंद होता है। वेट लॉस करने के लिए आप अनार के जूस में संतरे का रस मिलाकर पी सकते हैं। इससे आपका पेट भरा रहता है। साथ ही ये आपके शरीर में खून की कमी को भी पूरा करता है। अगर आप सुबह नाश्ते से पहले एक गिलास जूस पीते हैं। इससे आपका वेट जल्दी कम होता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी और फाइबर मौजूद होते हैं। जो शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करते हैं।

    खीरे का जूस

    खीरे के जूस बॉडी में फैट बर्न का काम करता है। इसके साथ ही आपका पेट काफी देर तक भरा रहता है। खीरे का जूस बनाने के लिए आप 1 खीरे को टुकड़ों में काटने के बाद इसमें 1 टीस्पून सेंधा नमक, 1 चुटकी काली मिर्च और आधा चम्मच नींबू डालकर ग्राइंड करें। इसके बाद इसे छानकर पी लें।

    गाजर का जूस

    गाजर का जूस वजन करने के साथ आंखों की रोशनी, बाल और नाखून हेल्दी बनाता है। गाजर का जूस बनाने के लिए 250 ग्राम गाजर के साथ 1 चुकंदर और आधा नींबू का रस डालकर जूसर से जूस बनाएं।

    अनार का जूस

    अनार का जूस वेट लॉस के लिए फायदेमंद होता है। वेट लॉस करने के लिए आप अनार के जूस में संतरे का रस मिलाकर पी सकते हैं। इससे आपका पेट भरा रहता है। साथ ही ये आपके शरीर में खून की कमी को भी पूरा करता है।


    आंवले का जूस

    अगर आप सुबह नाश्ते से पहले एक गिलास जूस पीते हैं। इससे आपका वेट जल्दी कम होता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी और फाइबर मौजूद होते हैं। जो शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करते हैं।


     

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  • हेल्दी रहना है तो नाश्ते में खाएं ये चीजें...

    हेल्दी रहना है तो नाश्ते में खाएं ये चीजें...

     

    हम सब हेल्दी रहना और दिखना चाहते है। लेकिन हममें से कई लोग सोचते हैं कि हेल्दी रहना बहुत मुश्किल है। सच तो ये है कि अगर आप अपनी कुछ आदते बदल ले तो आप भी हेल्दी रह सकते हैं। हम सब जानते है कि सुबह का नाश्ता हमारी सेहत के लिए कितना जरूरी और कितना लाभकारी होता है।

    सुबह का नाश्ता अगर अच्छा और हेल्दी हो तो पूरा दिन काम करने की ताकत मिलती है लेकिन अगर आप नाश्ते में हेल्दी चीजों का उपयोग नहीं कर रहे है तो ये आपके लिए बहुत ही बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। तो चलिए आपको बताते है कि नाश्ते में क्या खाना आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है।

    भीगे हुए चने -  भीगे हुए चने खाना हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है। भीगे हुए चने बॉडी को एनर्जी देते है। इसके साथ-साथ ही बॉडी का स्टेमिना भी बढ़ाते है।

    कॉर्न फ्लेक्स-  कॉर्न फ्लेक्स को दूध में डालकर खाना चाहिए। इसको दूध के साथ खाने से शरीर को पूरा दिन काम करने के लिए न्यूट्रिशन्स भी मिलते रहते है।

    ओटमील - ओटमील में फाइबर्स होते है जो डाइजेशन को बहुत बेहतर बनाए रखते है। ओटमील खाने से बहुत लंबे समय तक भूख नहीं लगती है और पेट बहुत समय तक भरा हुआ महसूस होता है।

    अंडे - अंडे हमारी सेहत के लिए बहुत ही सेहत वाले होते है क्योकि इनमें प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ-साथ ही न्यूट्रिशन होते है जो हमारे शरीर को मिलते रहते है।

    पनीर- पनीर खाना हमारे लिए फायदेमंद होता है। पनीर प्रोटीन और न्यूट्रिशन का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है क्योकि इसमें ये प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इससे बहुत समय से भूख नहीं लगती है।

    एप्पल  - ये तो हम सब जानते है कि एप्पल खाना हमारे लिए फायदेमंद होता है। एप्पल में विटामिन्स और मिनरल्स के साथ-साथ फाइबर्स भी होते है जो हमें एनर्जी देते है।

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  • दुनियाभर में मनाया जा रहा World Cancer Day, जानिए इसके कारण, लक्षण और इलाज

    दुनियाभर में मनाया जा रहा World Cancer Day, जानिए इसके कारण, लक्षण और इलाज

     

    हर साल 4 फरवरी को दुनियाभर में World Cancer Day मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस सबसे पहले 1993 में स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में मनाया गया था। 1933 में यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल द्वारा 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया गया था और इसकी स्थापना की गई थी। 4 फरवरी 1993 को UICC ने कुछ अन्य प्रमुख कैंसर सोसाइटी के सपोर्ट, रिसर्च इंस्टिट्यूट, ट्रीटमेंट सेंटर और पेशेंट ग्रुप की सहायता से इसका आयोजन किया था।

    World Cancer Day के जरिए दुनियाभर के लोगों को कैंसर के प्रति जागरुक किया जाता है क्योंकि यह एक ऐसी बीमारी है, जिसके बारे में लोगों को शुरुआत में पता नहीं चल पाता है। लोगों को इस बीमारी के बारे में तब पता चलता है, जब यह काफी बढ़ जाती है।

    ऐसा इस वजह से होता है क्योंकि बहुत से लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों के बारे में पता नहीं होता है। तो चलिए विश्व कैंसर दिवस पर आपको बताते हैं कैंसर से जुड़ी वो सभी चीजें, जो आपको मालूम होनी चाहिए।

    कैंसर के कारण

    कैंसर के आम कारणों में धूम्रपान, तम्बाकू, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, खराब डाइट, एक्स-रे से निकली रेज़, राडोन रेज़, सूरज ने निकलने वाली यूवी रेज़, इंफेक्शन, फैमिली के जीन आदि होते हैं।

    कैंसर के लक्षण

    इसके लक्षण अलग-अलग प्रकार के कैंसर पर आधारित होता है। जैसे ब्रेस्ट कैंसर में निपल्स के आस-पास गांठ होना, मेटास्टैसिस ब्रेस्ट कैंसर में थकान, लंग्स और दिमाग में तेज़ दर्द होता है। लेकिन सबसे आम लक्षणों में मूत्राशय की आदतों में बदलाव, गले में खराश, स्तनों और टेस्टिकल्स का मोटा होना या गांठ पड़ना, खाना निगलने में कठिनाई, शरीर पर मौजूद मस्सों या तिल का रंग और आकार बदलना, अचानक वजन का बढ़ना और कम होना, ज़्यादा थकान, उलटी, बार-बार बुखार और बीमार होना होता है। ​

    कैंसर कितने प्रकार के होते हैं

    लगभग 100 से ज़्यादा कैंसर होते हैं. लेकिन सबसे आम स्किन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, ब्लैडर कैंसर, मेलानोमा, लिम्फोमा, किडनी कैंसर और ल्यूकेमिया हैं। 

    कैंसर का इलाज

    डॉक्टर कैंसर की स्टेज, मरीज की बीमारियों का इतिहास और लक्षणों देखकर इलाज करता है। आमतौर पर इसका इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन से किया जाता है।

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  • रोजाना की इन आदतों को कहें बाय बाय,वरना हो सकता है ब्रेन डैमेज

    रोजाना की इन आदतों को कहें बाय बाय,वरना हो सकता है ब्रेन डैमेज

     

    भागदौड़ भरी लाइफ में हर रोजाना स्वास्थ्य के प्रति कोई न कोई गलती कर देते हैं। जिसके याददाश्त कमजोर होना, ब्रेन टिश्यूज डैमेज होना या अल्जाइमर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हमारी कुछ गलत आदतों के कारण हमारा दिमाग ठीक ढंग से काम नहीं कर पाता है जिसके कारण आगे चलकर यह बड़ी समस्या का कारण बनता है। 

    कई शोधों में ये बातें सामने आईं है कि आपकी आदतों का असर आपके दिल में पड़ता है लेकिन आपको बता दें कि इसका असर आपके दिमाग में सबसे ज्यादा पड़ता है। छोटी-छोटी सी लगने वाली आपकी ये आदते आपके लिए काल बन सकती हैं। WHO ने कुछ वर्षों में कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में बताया है जो आपके ब्रेन को डैमेज कर सकती है।

    जो लोग ब्रेकफास्ट छोड़ देते है उनका ब्लड शुगर लो हो जाता है। जिसके कारण दिमाग में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व और न्यूट्रियंस नहीं पहुंच पाते हैं।

    अगर आप अधिक मात्रा में खा लेते है फिर चाहे वो हेल्दी फूड ही क्यों न हो। वह भी आपके दिमाग के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अधिक खाने के कारण आपके सोचने की क्षमता में काफी प्रभाव पड़ता है।

    अगर आप उजाले से दूरी बनाकर रखते है तो आप डिप्रेशन का शिकार हो जाएगे। जिसके कारण आपका दिमाग ठीक ढंग से काम नहीं करेगा। सूर्य की रोशनी आपके दिमाग को ठीक ढंग से काम करने के लिए मदद करता है।

    आपकी ये आदत भी ब्रेन डैमेज का कारण बन सकती हैं। वह कुछ गिने-चुने की दोस्त बनाते है और अकेले वक्त गुजरना ही पसंद करते है। जिसके कारण आप एल्जाइमर का शिकार हो सकते हैं। इसलिए खाली वक्त बैठने के बजाय आप कोई खेल या फिर कोई शारीरिक और मानसिक काम कर सकते हैं।

    अगर आप अपने ईयरफोन की तेज आवाज करके सुनते है तो जान लें कि आप सिर्फ 30 मिनट में आप सुनने की क्षमता खो सकते हैं। युवाओं को सुनने की क्षमता का सीधा कनेक्शन उनके दिमाग से होता है। क्योंकि इससे ब्रेन के टिशू खो जाते हैं।

    अगर आप स्मोकिंग करते है तो जान लें कि जल्द ही आप ब्रेन संबंधी किसी बीमारी जैसे कि एल्जाइमर, डिमेंशिया के शिकार हो सकते हैं।

    अगर आप सोते समय अपना फोन अपने सिर के पास रखते है तो इस आदत को तुरंत बदल दें क्योंकि मोबाइल ने निकलने वाली हानिकारक किरणें सीधें आपके दिमाग को प्रभावित कर सकती है।

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