IIT Baba Abhay Singh Marriage: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में अपनी अनूठी आध्यात्मिक यात्रा से रातों-रात सुर्खियों में आए ‘IIT बाबा’ उर्फ अभय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की डिग्री और लाखों का पैकेज छोड़कर संन्यास की राह चुनने वाले अभय सिंह अब विवाह बंधन में बंध गए हैं। हाल ही में वे अपनी पत्नी प्रतीका के साथ अपने पैतृक गांव सासरौली (झज्जर) पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी शादी के बाद फ्यूचर प्लानिंग का खुलासा किया।
हरियाणा के झज्जर निवासी अभय सिंह ने बताया कि उनकी मुलाकात कर्नाटक के मंगलूरु की रहने वाली इंजीनियर प्रतीका से सद्गुरु के आश्रम (आदियोगी, कोयंबटूर) में हुई थी। दोनों की विचारधारा और अध्यात्म के प्रति झुकाव ने उन्हें साथ ला दिया. इस साल 15 फरवरी को उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्थित धर्मशाला के पौराणिक अघंजर महादेव मंदिर में धार्मिक रीति-रिवाजों से शादी की और फिर 19 फरवरी को धर्मशाला में विशेष विवाह अधिनियम के तहत कोर्ट मैरिज की।
36 लाख का पैकेज छोड़कर अध्यात्म की राह
अभय सिंह का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. 2008 में JEE में 731वीं रैंक हासिल करने वाले अभय ने IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की। कनाडा में 36 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर काम करने के बाद, उन्होंने आंतरिक शांति की तलाश में करियर को अलविदा कह दिया। उनका मानना है कि विज्ञान जहां IQ (बुद्धि) बढ़ाता है, वहीं कला और अध्यात्म EQ (भावनात्मक बुद्धिमत्ता) को संतुलित करते हैं।
कांगड़ा में बनेगा ज्ञान का केंद्र
शादी के बाद अपने भविष्य के लक्ष्यों पर बात करते हुए अभय सिंह और उनकी पत्नी प्रतीका ने कहा कि वे अब ‘श्री यूनिवर्सिटी’ (Shri University) प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। लोगों को प्राचीन ज्ञान और साधना की विभिन्न पद्धतियों से एक ही स्थान पर जोड़ना. हिमाचल के कांगड़ा में महादेव की दिव्य ऊर्जा से प्रभावित होकर वे वहीं अपना केंद्र स्थापित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाते हुए संसार के कल्याण के लिए आध्यात्मिक कार्य जारी रखेंगे।