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    हिमाचल शीत सत्र: अवैध खनन पर सदन में तीखी नोकझोंक, विपक्ष का वॉकआउट

     

    हिमाचल के शीत सत्र के चौथे दिन अवैध खनन पर सदन में तीखी नोकझोंक हुई। प्रश्नकाल समाप्त होते ही विपक्ष मुखर हो गया और सदन में नारेबाजी शुरू कर दी।सदन से विपक्ष ने वॉकआउट कर लिया। हालांकि कुछ देर के वॉकआउट के बाद विपक्ष सदन में लौट आया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने स्वां नदी में खनन के अवैध कारोबार का मुद्दा उठाया।

    अग्निहोत्री ने अवैध खनन के जरिये अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार उत्तर में इंकार करती है जबकि मंत्री खुद तीन-तीन बार रेड कर चुके हैं। कहा कि जब विभाग इंकार कर रहा है तो मंत्री रेड किस बात के लिए कर रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि सिंचाई मंत्री, संबंधित मंत्री हमारे साथ मौके का मुयाअना करें।

    उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने जवाब देते हुए कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में 71 लीज दी गईं जबकि हमारी ओर से 24 लीज प्रदान की गई हैं। हमारी सरकार ने लगातार रेड की और जुर्माना भी ठोका। अब तक 13 लाख से रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला जा चुका है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जवाब देते हुए, कहा कि अवैध खनन की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। स्वां नदी में अवैध खनन रोकने के लिए बटालियन भेजने की बात पर गौर किया जाएगा।

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  • हिमाचल में स्कूल में SC के विद्यार्थियों को अलग से मिड-डे मील परोसने का मामला, पुलिस जांच में जुटी

    हिमाचल में स्कूल में SC के विद्यार्थियों को अलग से मिड-डे मील परोसने का मामला, पुलिस जांच में जुटी

     

    हिमाचल के मंडी जिले में बालीचौकी के एक प्राइमरी स्कूल में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को अलग से मिड-डे मील परोसने का मामला सामने आया है। एक छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि प्राइमरी स्कूल प्रबंधन पर जातिगत आधार पर अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को अलग से मिड-डे परोसने की शिकायत कथेड़ गांव के एक छात्र के पिता ने की थी। उन्होंने एक वीडियो पुलिस को सौंपते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ-साथ अन्य अनुसूचित जाति के छात्रों के साथ भी स्कूल अधिकारियों ने मिड-डे मील वितरण के दौरान अलग-अलग बैठाकर जाति आधारित भेदभाव का शिकार बनाया जा रहा है।

    एसपी ने कहा कि औट थाना में इस संदर्भ में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच डीएसपी अनिल कुमार पटियाल को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि इस तरह के मामले मंडी जिले में पहले भी सामने आ चुके हैं। नाचन के किलिंग में इसी तरह मिड-डे मील के दौरान जातिगत भेदभाव का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है।

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  • शिमला-धर्मशाला फोरलेन का कार्य बीच अधर में लटका, ये है कारण

    शिमला-धर्मशाला फोरलेन का कार्य बीच अधर में लटका, ये है कारण

     

    शिमला-धर्मशाला फोरलेन का कार्य केंद्र सरकार की ओर से बजट जारी न होने से लटक गया है। केंद्र सरकार की ओर से शिमला-धर्मशाला फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण पर भी रोक लगी है। इस फोरलेन की घोषणा को दो वर्ष से भी ज्यादा समय हो गया है लेकिन एनएचएआई इसका एक भी टेंडर नहीं करवा पाया है। 5000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिमला-धर्मशाला फोरलेन को एनएचएआई ने पांच पैकेज में बांटा हैं और हर पैकेज के लिए 1000 करोड़ का बजट रखने और सभी पैकेज के अलग टेंडर करने का दावा किया गया था।

    दो वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने पर भी अभी तक इस फोरलेन के एक भी पैकेज के लिए बजट जारी नहीं किया गया है। इस फोरलेन के बन जाने से शिमला से धर्मशाला को 8 की जगह 4 घंटे का समय ही लगेगा। एनएचएआई ने पैकेज नंबर-1 शिमला से भराड़ीघाट, पैकेज नंबर-2 भराड़ीघाट से भगेड़, पैकेज नंबर-4 हमीरपुर से ज्वालामुखी और पैकेज नंबर-5 ज्वालामुखी से धर्मशाला तक चार पैकेज की डीपीआर एनएचएआई ने सबमिट कर दी है। सिर्फ भगेड़ से हमीरपुर पैकेज नंबर-3 की अभी तक सबमिट नहीं की है।

    इसमें एनएचएआई ने आगामी एक पखवाड़े में जमा करने का दावा किया है। इसके अलावा एनएचएआई ने ब्रह्मपुखर से कंदरौर सड़क को डबललेन करने का निर्णय लिया है लेकिन अभी तक फोरलेन के टेंडर न होने से इसका भी कार्य अधर में अटक गया है। शिमला-धर्मशाला फोरलेन के परियोजना निदेशक वाईए राउत ने बताया कि एनएचएआई ने चार पैकेज की डीपीआर जमा कर दी है। इस फोरलेन को बनाने के लिए अभी तक बजट जारी नहीं हुआ है। भूमि अधिग्रहण पर भी रोक लगी है। बजट मिलने पर ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।

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  • हिमाचल के इस प्रस्तावित पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण पर संकट के बादल!

    हिमाचल के इस प्रस्तावित पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण पर संकट के बादल!

     

    बल्हघाटी के नेरचौक में हिमाचल के प्रस्तावित पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अत्यधिक खर्चे और बड़े विमान को उतारने में तकनीकी बाधाएं देखते हुए सरकार अब द्रंग विधानसभा में बड़ा एयरपोर्ट बनाने पर विचार कर रही है। यह साइट घोघरधार और बासाधार के बीच में विकल्प के तौर पर चिह्नित की गई है।

    यह संकेत रविवार को सीएम ने मंडी में अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिए। उन्होंने कहा कि अगर बल्ह में ज्यादा दिक्कतें आईं तो फिर इसके स्थान को बदला जा सकता है। सीएम ने कहा कि घोघरधार और बासाधार के बीच चौड़ी हवाई पट्टी बनाने की संभावनाएं हैं और यहां लागत भी कम आएगी। हालांकि सरकार चाह रही है कि एयरपोर्ट फोरलेन की कनेेक्टिविटी के साथ बने।

    सीएम ने कहा कि बल्ह की प्रस्तावित साइट वाली भूमि ज्यादा उपजाऊ है। यहां भू-अधिग्रहण पर ही करीब ढाई हजार करोड़ रुपये खर्च हो जाएंगे। सारी बातें ध्यान में रखकर ही केंद्र से मदद मांगी जा रही है। सीएम ने कहा कि कैबिनेट ने 2100 मीटर वाले स्थान की मंजूरी दे दी है और 3100 मीटर की संभावनाएं रखी हैं।

     

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  • हिमाचल में भारी-भरकम फीस का बोझ उठा रहे अभिभावकों को राहत, नहीं देनी होगी मनमानी फीस

    हिमाचल में भारी-भरकम फीस का बोझ उठा रहे अभिभावकों को राहत, नहीं देनी होगी मनमानी फीस

     

    हिमाचल के निजी स्कूलों की भारी-भरकम फीस का बोझ उठा रहे अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए निजी स्कूलों में फीस ढांचा अभिभावकों की सहमति से तय होगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी निजी स्कूलों को फीस तय करने के लिए दिसंबर में आम सभा करने के निर्देश दिए हैं।

    इसमें तय होने वाली फीस और कक्षा वार पुस्तकों को भी इसी माह स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने और वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है। इसके अलावा हर कक्षा में प्रवेश शुल्क वसूलने और स्कूल कैंपस में वर्दी, किताबें-कापियां और जूते बेचने पर भी रोक लगी है। इसके अलावा चिह्नित दुकानों से किताबें, कॉपियां, वर्दी-जूते खरीदने को भी अभिभावक बाध्य नहीं होंगे।

    रकार ने बीते कुछ माह में कई कदम भी उठाए, जिसके परिणामस्वरूप कई स्कूलों ने जहां फीस में कटौती करते हुए अगली किस्त में बढ़ी फीस एडजस्ट की, वहीं स्कूलों में खोली दुकानों में बंद करवाईं। अब नए सत्र से पहले शिक्षा मंत्री ने स्कूलों को निर्देशों का पालन करने को कहा है। हाईकोर्ट द्वारा जारी निर्देशानुसार स्कूल प्रबंधन को छात्रों से बिल्डिंग, डेवलेपमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड नहीं वसूलने को कहा है। फीस का ब्योरा निदेशालय को भी भेजने को कहा है।

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  • हिमाचल प्रदेश छात्रवृत्ति घोटाले में बड़ा खुलासा, 6 निजी संस्थानों को बांटे इतने करोड़ रुपये

    हिमाचल प्रदेश छात्रवृत्ति घोटाले में बड़ा खुलासा, 6 निजी संस्थानों को बांटे इतने करोड़ रुपये

     

    हिमाचल प्रदेश में 250 करोड़ से अधिक राशि के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। शिक्षा विभाग ने साल 2013-14 से 2016-17 तक मात्र छह निजी संस्थानों को 127 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि जारी की। सरकारी अफसरों की मिलीभगत से 266 निजी संस्थानों को कुल छात्रवृत्ति राशि का 80 फीसदी बजट दे दिया गया।

    4 सालों में सबसे अधिक आईटीएफटी चंडीगढ़ को 39 करोड़ और दूसरे नंबर पर हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट कालाअंब को 35 करोड़ जारी किए गए। इसके अलावा विद्या ज्योति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन को 15 करोड़, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन पंडोगा को 13 करोड़, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन नवांशहर को 12 करोड़ और सुखविंद्र ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन दूनेरा को 10 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि जारी की गई।

    2506 सरकारी और निजी संस्थानों को मात्र 20 फीसदी छात्रवृत्ति बजट ही दिया गया। निजी संस्थानों पर दिखाई गई इस विशेष मेहरबानी की जांच में जुटी सीबीआई ने अधिक बजट प्राप्त करने वाले 22 निजी शिक्षण संस्थानों की पड़ताल पूरी कर ली है। अब जल्द इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल होगी।

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  • विधायक के विवादित बोल के बाद परिजनों ने जड़ा थप्पड़, जानें पूरा मामला

    विधायक के विवादित बोल के बाद परिजनों ने जड़ा थप्पड़, जानें पूरा मामला

     

    डीजे संचालक युवक की हत्या के मामले में परिवार का हाल जानने के लिए धर्मकोट के कांग्रेसी विधायक सुखजीत सिंह लोहगढ़ सिविल अस्पताल पहुचें थे। इसी दौरान विधायक ने लोगों के सामने ही कह दिया कि ऐसी मौतें तो होती रहती हैं। यह बात सुनते ही परिजनों और अन्य लोगों ने भड़क गए। भड़के लोगों ने विधायक की गाड़ी पर हमला कर दिया और उन्हें थप्पड़ भी मारे। लोगों के गुस्से को देखकर विधायक के ड्राइवर ने गाड़ी रिवर्स भगानी शुरू कर दी। काफी दूरी तक पीछे जाने के बाद विधायक गाड़ी से निकल एक घर में घुस गए। इसी दौरान विधायक के गनमैन ने अपने बचाव में लोगों पर सरकारी राइफल तान दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत करवाया। दरअसल मामला यह था कि मृतक करन सिंह का परिवार मांग कर रहा था कि आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। परिवार से मिलने पहुंचे विधायक ने जब यह मांगें सुनी तो अस्पताल में ही लोगों के सामने विवादित टिप्पणी कर दी। वहीं दूसरी ओर गुस्साए परिजनों ने सिविल अस्पताल में धरना लगा दिया। कुछ समय विरोध प्रदर्शन करने के बाद एसएसपी दफ्तर चला गया और देर रात तक पीड़ित परिवार एसएसपी कार्यालय के सामने धरने पर बैठा था। उनके समर्थन में प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री भी मौके पर पहुंच चुके थे। एसपी, एच रतन सिंह बराड़ का कहना है कि विधायक की गाड़ी पर हमला करने का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर देखा है। जैसे ही विधायक पुलिस को हमलावरों के खिलाफ लिखित शिकायत देते हैं तो पुलिस द्वारा तुरंत इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा मृतक के हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम छानबीन में जुटी है। जल्द ही सभी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। वहीं विधायक का कहना है कि मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया। मुझ पर राजनीतिक साजिशों के आधार पर जानलेवा हमला किया गया। राजनीतिक आकाओं के इशारे पर पीड़ित परिवार को गुमराह किया गया। मैं अब भी पीड़ित परिवार के साथ हूं।

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  • हिमाचल में भांग की खेती को लीगल करने का पेंच फंसा, ये है कारण

    हिमाचल में भांग की खेती को लीगल करने का पेंच फंसा, ये है कारण

     

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट से पहले उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल में भी भांग की खेती को कानूनी रूप देने की तैयारियों में जुटा आबकारी एवं कराधान विभाग इसे अब तक लागू नहीं करा सका है। आबकारी विभाग की इस नीति पर विधि विभाग ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई है। आपत्तियां दूर करने के लिए विभाग को फाइल लौटा दी है।

    विभाग ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी से पहले इस नीति को शुरू करने के लिए आपत्तियों को दूर करने में जुटा है। आपत्तियां दूर होने के बाद विभाग इसे कैबिनेट में पेश करेगा। मंजूरी मिलने पर इसे लागू किया जाएगा। जीवन रक्षक दवाओं और कुछ अन्य उपचारों के लिए भांग की खेती को कानूनी रूप देने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने एक नीति तैयार की है। इसके तहत भांग का इस्तेमाल हर हाल में सिर्फ निर्धारित उत्पादों के लिए किया जाए। इसके लिए सख्त प्रावधान किए जाएंगे।

    इन्वेस्टर्स मीट के लिए निमंत्रण बांटने के दौरान कई देशों के राजदूतों तथा विदेशी निवेशकों ने हिमाचल में पैदा होने वाली भांग की गुणवत्ता पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से चर्चा की थी। हाल ही में उत्तराखंड सरकार ने भांग की खेती को कुछ खास उत्पादों के निर्माण को कानूनी मंजूरी दी है। प्रदेश सरकार भी उसी तर्ज पर दवाओं के अलावा करीब 70 तरह के उत्पादों के निर्माण के लिए इस खेती को सरकारी नियंत्रण में कराना चाह रही है।

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  • हिमाचल कांग्रेस ने जिलों और ब्लाकों की संख्या घटाने का हाईकमान को भेजा प्रस्ताव

    हिमाचल कांग्रेस ने जिलों और ब्लाकों की संख्या घटाने का हाईकमान को भेजा प्रस्ताव

     

    हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के जिलों और ब्लाकों की संख्या घटेगी। कांग्रेस हाईकमान के पास इस मामले को लेकर प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने एक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव पर मुहर लगते ही कांग्रेस का प्रशासनिक ढांचा पुराने ढर्रे पर ही काम करेगा। हालांकि पूर्व में कांग्रेस के जिले और ब्लाकों की संख्या बढ़ाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सहित कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने विरोध भी किया था।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस के जिलों की संख्या 17 से घटाकर 13 की जानी है। जिला शिमला शहरी अलग 13वां जिला रहेगा। बताते हैं कि पांच साल पहले जिला कांगड़ा में नूरपुर, देहरा, पालमपुर और कांगड़ा जिले बने हुए हैं। अब सिर्फ कांगड़ा जिला ही रहेगा। वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस के ब्लाकों की संख्या 82 से घटकर 68 करने की तैयारी जा रही है।

    वर्तमान में जिला शिमला में ठियोग में दो और चौपाल में तीन ब्लाक बने हैं। किन्नौर में तीन, लाहौल-स्पीति 3, पांगी भरमौर दो, ऊना में दो, बिलासपुर में दो नए ब्लाक बनाए थे। अब प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों को ब्लाक बनाया जाना है। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर का कहना है कि जिलों की संख्या 17 से 13 करने और ब्लाकों की संख्या 82 से घटाकर 68 करने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में हाईकमान के पास एक प्रस्ताव भेजा गया है।

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  • हिमाचल में दूध हुआ 2 रुपये प्रति लीटर महंगा, साल में दूसरी बार बढ़े दाम

    हिमाचल में दूध हुआ 2 रुपये प्रति लीटर महंगा, साल में दूसरी बार बढ़े दाम

     

    हिमाचल में आज से दूध 2 रुपये प्रति लीटर महंगा मिलेगा। वेरका ने सूबे में मिलने वाले स्टैंडर्ड दूध के मूल्य में दो रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इस साल दूध के मूल्य में दूसरी बार यह बढ़ोतरी हुई है। इससे पूर्व 24 जून, 2019 को दूध दो रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था।

    अब चार माह बाद दोबारा वेरका ने दूध के दाम में इजाफा कर दिया है। साल में दूसरी बार बढ़े दूध के दामों से अब गृहणियों का बजट भी बिगड़ेगा। वेरका का यह बढ़ा हुआ मूल्य 27 नवंबर से वसूला जाएगा। बता दें कि फुल क्रीम 500 एमएल दूध पहले 29 रुपये था जो अब 30 रुपये मिलेगा। वहीं स्टैंडर्ड 500 एमएल 26 की जगह 27 रुपये में मिलेगा।

    स्टैंडर्ड एक लीटर दूध 51 की जगह 53 रुपये में मिलेगा। इसके साथ ही टीएम 500 एमएल पहले के 24 रुपये के मुकाबले अब 25 रुपये और डीटीएम 500 एमएस पहले के 21 रुपये के मुकाबले अब 22 रुपये में मिलेगा। वेरका एजेंसी हमीरपुर के संचालक सुशील डोगरा ने बताया कि 27 नवंबर से दूध के बढ़े हुए दाम वसूले जाएंगे।

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  • हिमाचल प्रदेश में अगले शैक्षणिक सत्र से प्री प्राइमरी स्कूलों में भी मिलेगा मिड डे मील

    हिमाचल प्रदेश में अगले शैक्षणिक सत्र से प्री प्राइमरी स्कूलों में भी मिलेगा मिड डे मील

     

    अगले शैक्षणिक सत्र से हिमाचल में नए खोले तीन हजार से अधिक प्री प्राइमरी स्कूलों में भी नौनिहालों को मिड-डे मील मिलेगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए सरकार से 1.75 करोड़ का बजट देने की मांग की है। कैबिनेट की आगामी बैठक में इसको लेकर प्रस्ताव जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद नर्सरी-केजी में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को भी भोजन मिल सकेगा।

    मौजूदा समय में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जाता है। स्कूलों में मिड-डे मील के लिए राशन की सप्लाई बच्चों की पंजीकृत संख्या के हिसाब से होती है। इसी संख्या पर प्रति विद्यार्थी मिड-डे मील का बजट जारी होता है।

    केंद्र सरकार ने हिमाचल को प्री प्राइमरी कक्षाएं खोलने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन मिड डे मील के बजट का प्रावधान नहीं किया है। कई महीनों से प्री प्राइमरी के लिए अलग से बजट देने का मामला केंद्र सरकार के पास लंबित है। केंद्रीय स्तर पर हो रही इस देरी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब राज्य सरकार से बजट देने की मांग की है।

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  • हिमाचल प्रदेश में संविधान दिवस के अवसर पर होगी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा

    हिमाचल प्रदेश में संविधान दिवस के अवसर पर होगी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा

     

    हिमाचल प्रदेश में संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर को सभी 3226 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। बैठकों की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना पढ़ने के साथ होगी। इस अवसर पर पंचायत प्रधानों की ओर से उपस्थित लोगों को संविधान की शपथ भी दिलाई जाएगी।

    पंचायतीराज सचिव आरएन बत्ता ने बताया कि ग्राम सभा की इन विशेष बैठकों में ग्राम सभा सदस्यों के अलावा ग्राम पंचायत के समस्त निर्वाचित सदस्यों का भाग लेना अनिवार्य है। इसी प्रकार 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक उप ग्राम सभाओं की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें सभी सदस्यों को उनके मौलिक कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

    वर्ष 2019 में संविधान को लागू हुए 70 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 26 नवंबर से 14 अप्रैल 2020 तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जनता को भारत के संविधान में निहित उनके मौलिक कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में बैठकों के दौरान सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

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  • हिमाचल में बल्क ड्रग पार्क बनाने की राह हुई आसान, मिली सैद्धांतिक मंजूरी

    हिमाचल में बल्क ड्रग पार्क बनाने की राह हुई आसान, मिली सैद्धांतिक मंजूरी

     

    हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित संचालन समिति की पहली बैठक में सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित किया गया। यह बैठक फार्मास्युटिकल विभाग के सचिव डॉ. पीडी वघेला की अध्यक्षता में हुई।

    ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने उल्लेख किया है कि राज्य में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में इस्तेमाल के लिए चीन से आयात की जाने वाली शीर्ष 10 थोक दवाओं के प्रतिस्थापन के लिए होना चाहिए। राज्य को यह निर्देश दिए कि सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित प्रस्तावों के लागत अनुमानों की पुनर्गणना की जाए।

    इसके तहत बल्क ड्रग पार्क के विभिन्न घटकों के लिए केंद्र और राज्य की ओर से सहायता को स्पष्ट रूप से सीमांकित किया जाए। राज्य को पर्यावरण मंजूरी के लिए एक मान्यता प्राप्त एजेंसी नियुक्त करने के लिए भी निर्देशित किया गया। बता दें कि बीते दिनों ही इसके निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 60 करोड़ रुपये देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

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  • सीएम जयराम ठाकुर की अमित शाह से मुलाकात, मंत्रिमंडल विस्तार को मंजूरी

    सीएम जयराम ठाकुर की अमित शाह से मुलाकात, मंत्रिमंडल विस्तार को मंजूरी

     

    बीजेपी सरकार के सत्ता में सफल दो साल पूरे होने के मौके पर शिमला में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता केंद्रीय गृह अमित शाह से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मंत्रिमंडल विस्तार करने की हरी झंडी दी है।

    इसी के साथ सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्तियां करने का रास्ता भी साफ हो गया है। धर्मशाला स्थित तपोवन में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। बुधवार को दोपहर बाद नई दिल्ली में 6 कृष्णा मेनन मार्ग आवास पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अमित शाह से मुलाकात की। जयराम ने 27 दिसंबर को सरकार के दो साल पूरे होने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। शाह ने न्योता स्वीकार करते हुए आने का वादा किया।

    दिसंबर के दूसरे सप्ताह में प्रदेश बीजेपी को नया अध्यक्ष मिलेगा। उससे पहले संगठनात्मक चुनाव के तहत जिला अध्यक्षों का चुनाव पूरा होगा। पत्रकारों से बातचीत में जयराम ने कहा राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के मामले पर केंद्र सरकार जो भी निर्णय लेगी, राज्य सरकार उसे स्वीकार करने के साथ पूरी तरह से लागू करेगी।

     

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  • हिमाचल: शीत सत्र की अधिसूचना जारी, सीएम जयराम ठाकुर ने कहा इस बार होगी 5 सिटिंग कम

    हिमाचल: शीत सत्र की अधिसूचना जारी, सीएम जयराम ठाकुर ने कहा इस बार होगी 5 सिटिंग कम

     

    राजभवन ने धर्मशाला में 9 से 14 दिसंबर तक चलने होने वाले शीत सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। सत्र 9 दिसंबर को दोपहर बाद शुरू होगा। इस दिन शोकोद्गार और शासकीय/विधायी कार्य होंगे।

    मंगलवार और बुधवार को शासकीय/विधायी कार्य, गुरुवार को शासकीय/विधायी कार्य के साथ गैर सरकारी सदस्य कार्य, शुक्रवार और शनिवार को शासकीय/विधायी कार्य होंगे।

    उल्लेखनीय है कि इस बार एक कैलेंडर वर्ष में होने वाली विधानसभा की तय 35 बैठकें पूरी नहीं हो पाएंगी। मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि हर बार 35 सिटिंग एक कैलेंडर वर्ष में करने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पांच सिटिंग कम होंगी।

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