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  • आपदा की इस घड़ी में लाखो डिपो धारकों पर महंगाई की मार ना करे सरकार : यशवंत छाजटा

    आपदा की इस घड़ी में लाखो डिपो धारकों पर महंगाई की मार ना करे सरकार : यशवंत छाजटा

     

    आपदा की इस घड़ी में हिमाचल सरकार डिपो में मिलने वाली दालों और अन्य राशन की दरों में बढ़ोतरी कर रही है। इस बीच शिमला ग्रामीण के जिलाध्यक्ष यशवंत छाजटा ने कहा कि यह कदम उठाना सही नहीं है। छाजटा ने कहा कि जहां राज्य सरकार को लाखों डिपो धारकों को राहत देने चाहिए वहां पर सरकार उल्टे गरीब आम जनमानस पर महंगाई की मार कर रही है। 

    उन्होंने कहा कि सरकार बिजली की दरों को बढ़ाने जा रही है वही किराए में भी बढ़ोतरी कर रही है यह कदम सरकार का इस समय सही नहीं है इस विपदा की घड़ी मैं जहां सरकार को आम जनमानस को राहत देनी चाहिए यह सरकार जनता को लूटने में लगी है। यशवंत छाजटा ने आगे कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण इसका डटकर विरोध करेगी यदि सरकार ऐसे जनविरोधी कदम उठाती है तो जिला कांग्रेस कमेटी आम जनमानस के साथ सड़कों पर विरोध करने  में भी गुरेज नहीं करेगी। 

    प्रदेश में इंस्टीच्रयूशनल आईसोनेशनल सेंटर की व्यवस्था भी सवाल उठाए

    इसके अलावा जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने कहा कि प्रदेश में आईनेशनल सेंटर की व्यवस्था सही नहीं है स्कूलों व कॉलेजों में सेंटर बनाए गए हैं वहां पर ना सफाई की व्यवस्था है और ना ही शौचालयों की खाने-पीने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वहां रह रहे कई लोगों ने बदहाली का जिक्र किया हैं सरकार से आग्रह है कि आने वाले कुछ दिनों में जो लोग बाहर से आ रहे हैं उन्हें प्रदेश व जिला की सीमा के गेस्ट हाउस व होटलों में रखा जाए और उनके साथ अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए।

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  • शिक्षा मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों व संचालकों के साथ की बैठक

    शिक्षा मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों व संचालकों के साथ की बैठक

     

    शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज शिमला से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व संचालकों तथा शिक्षा विभाग के उप-निदेशकों के साथ बैठक की। जिसमें निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान निकालने तथा विद्यार्थियों की शिक्षा पर चर्चा की गई।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में कोविड-19 के संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए समयबद्ध निर्णयों के कारण शिक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में मार्गदर्शन मिला है। इसी प्रकार प्रदेश में भी मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रभाव नहीं पड़ने दिया तथा ऑनलाइन कक्षाओं, सोशल मीडिया प्लेटफार्म, दूरदर्शन पर शैक्षणिक कार्यक्रम तथा इन्टरनेट के माध्यम से पढ़ाई को जारी रखा है।

    उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार को सभी वर्गों व क्षेत्रों की चिंता है तथा इन विशेष परिस्थितियों में सरकार महत्वपूर्ण निर्णय लेगी, जिसमें सभी के हितों का ध्यान रखा जाएगा। बच्चों की सुरक्षा आवश्यक है, इसलिए स्कूलों को खोलने का निर्णय महत्वपूर्ण है, जिसपर विचार-विमर्श किया जा रहा है। निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग है तथा उनके महत्वपूर्ण योगदान से हिमाचल में शिक्षा का स्तर बेहतरीन हुआ है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रमुखों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों पर अवश्य विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

    वही, प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान निकालना तथा उनके सुझावों को निर्णय लेते समय ध्यान में रखना है। प्रदेश सरकार एक संतुलित उपाय के तहत निजी विद्यालयों तथा अभिभावकों की समस्याओं का निदान करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों का एक विकल्प है, न कि स्थायी व्यवस्था।

    इससे पूर्व, निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा संचालकों ने शिक्षा मंत्री को अपने संस्थानों में कोविड-19 के दौरान किए जा रहे उपायों, शिक्षा व्यवस्था से संबंधित मुद्दों तथा इस संकट के समय में पेश आ रही समस्याओं से अवगत करवाया। सभी प्रधानाचार्यों ने प्रदेश सरकार का सहयोग देने की सहमति जताई तथा विद्यालयों से संबंधित फीस, सैनिटाइजेशन तथा विसंक्रमण जैसे विभिन्न मुद्दों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया।

    बैठक का संचालन हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के अध्यक्ष डाॅ. सुरेश कुमार सोनी ने किया। इस अवसर पर बोर्ड के सचिव अक्षय सूद भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत शर्मा तथा प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल भी उपस्थित थे।

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  • कोरोना के बढ़ते मामलों पर बोले CM जयराम ठाकुर- किसी को दूसरे राज्य में मरने के लिए नहीं छोड़ सकते

    कोरोना के बढ़ते मामलों पर बोले CM जयराम ठाकुर- किसी को दूसरे राज्य में मरने के लिए नहीं छोड़ सकते

     

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य के लोग कोरोना संकट की वजह से देश के अन्य हिस्सों में फंसे थे और उन्हें सार्वजनिक हित में वापस लाया गया है। राज्य में बढ़ रहे संक्रमण के मामलों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि सरकार भी इसको लेकर चिंतित है और अगले कुछ दिनों में मामले और भी बढ़ सकते हैं क्योंकि बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों से लोग लौट रहे हैं।

    जयराम ठाकुर ने आगे कहा, 'मामलों के बढ़ने का डर था लेकिन हम (राज्य से) किसी को दूसरे राज्य में मरने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं। खास तौर पर रेड जोन में फंसे लोग संकट में थे। वे सभी कोरोना वायरस मरीजों से घिरे थे।' उन्होंने कहा कि जो राज्य लौटना चाहते हैं, वे आने वाले दिनों में लौट आएं क्योंकि इसके बाद आने पर पाबंदी होगी।

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  • कोरोना संकट: भारतीय मजदूर संघ ने PM मोदी को सौंपा ज्ञापन, राष्ट्रव्यापी आंदोलन का किया आवाहन

    कोरोना संकट: भारतीय मजदूर संघ ने PM मोदी को सौंपा ज्ञापन, राष्ट्रव्यापी आंदोलन का किया आवाहन

     

    आज यानि बुधवार (20.05.2020) को एम ई एस वर्कर्स यूनियन की फेडरेशन भारतीय मजदूर संघ एवं भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के द्वारा केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों एवं रक्षा संस्थानों के निगमीकरण/ निजीकरण पदों की समाप्ति आदि विषयों को लेकर एक राष्ट्र राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आवाहन किया गया है।

    जिसमे एम ई एस वर्कर्स यूनियन ने संस्थान सम्मुख सामाजिक दूरी तथा सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए संस्थान के प्रमुख माध्यम से एक ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। दरअसल, भारतीय मजदूर संघ का मानना है कि आज समाज के सभी अंग कोरोना नमक महामारी से पीड़ित है। परन्तु इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव मजदूरों एवं कर्मचारियों को झेलना पड़ रहा है।

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  • हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 10 नए मामले आए सामने, कुल संख्या बढ़कर 91 हुई

    हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 10 नए मामले आए सामने, कुल संख्या बढ़कर 91 हुई

     

    हिमाचल प्रदेश में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 10 नए मामले सामने आए जिसके बाद राज्य में संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़ कर 91 हो गई। विशेष सचिव (स्वास्थ्य) निपुण जिंदल ने बताया कि नए मामलों में से पांच हमीरपुर से तीन, बिलासपुर से एक-एक मामला कांगड़ा और चंबा में सामने आए। अधिकारी ने कहा कि मुंबई से लौटे पांचों लोग हमीरपुर जिले से हैं, इनमें चार पुरुष और एक महिला है। इन सभी को पृथक-वास में रखा गया था।

    वही, चंबा में संक्रमित पाई गई 30 साल की महिला दो वर्षीय कोविड-19 मरीज बच्चे की मां है। महिला को बच्चे की देखभाल की अनुमति दी गई थी क्योंकि बच्चे के जन्म से ही दिल में छेद है। इसके अलावा, बिलासपुर में 36 साल की महिला और उसका पांच साल का बेटा संक्रमित पाए गए हैं। विशेष सचिव (स्वास्थ्य) निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिले में 24 वर्षीय एक युवक में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

    वही, हमीरपुर के उपायुक्त हरिकेष मीणा ने बताया कि सुजानपुर उपसंभाग में छह और नादौन उपसंभाग में दो नए मामले सामने आए हैं। अब तक राज्य में कुल 45 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि चार मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में 42 लोगों का वायरस संक्रमण की वजह से अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इन 42 मामलों में से कांगड़ा जिले में 15 मामले, हमीरपुर में 11, चंबा में पांच, बिलासपुर में सात जबकि ऊना और सिरमौर में दो-दो मामले शामिल हैं।

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  • हिमाचल भवन में अपने घर लौटने के लिए बेताब लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाई धज्जियां

    हिमाचल भवन में अपने घर लौटने के लिए बेताब लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाई धज्जियां

     

    हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोगों के हित में कई फैसलों की घोषणा की। नई घोषणा के मुताबिक, ग्रीन जोन वाले जिले में बसों और टैक्सियों को चलाने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से कहा था कि ग्रीन जोन में बसों और टैक्सियों को चलाने के लिए छूट दी जा सकती है।

    प्रदेश सरकार ने ग्रीन जोन में जरूरतमंदों चीजों पर छूट दी है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अनुमति जारी की है कि अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों और छात्रों को अपने राज्य ला सकते हैं। इसके तहत कई राज्यों में प्रवासी मजदूर और छात्रों को लाया भी गया। वही, हिमाचल के कई लोग चंडीगढ़ में फंसे हुए हैं।

    इसके लिए राज्य सरकार ने लोगों की घर वापसी के लिए चंडीगढ़ के हिमाचल भवन में नोडल अफसर नियुक्त किया गया है। सरकार ने कहा कि सभी अपने राज्य लौटने वाले लोग हिमाचल भवन में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। यह घोषणा होते ही रविवार को चंडीगढ़ के हिमाचल भवन में अचानक भारी भीड़ जमा हो गई।

    लोग अपने परिवार और मासूम बच्चे के साथ यहां रजिस्ट्रेशन करवाने पहुंच गए, ताकि लोग जल्द से जल्द अपने घर पहुंच जाए। इस दौरान घर जाने के बेताब में लोग सोशल डिस्टेंसिंग को भूल गए। यही नहीं इस दौरान कई लोग बिना मास्क पहने भी नजर आए। नोडल अधिकारी ने कहा कि रविवार को कई लोगों को हिमाचल रोडवेज बसों के माध्यम से घर भेजा गया। प्रदेश के बॉर्डर पर सभी लोगों की मेडिकल जांच होने के बाद ही उन्हें एंट्री मिलेगी।

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  • आनी: विधायक किशोरी लाल बोले- कोरोना से बचने के लिए सरकार के आदेशों का पालन करें जनता

    आनी: विधायक किशोरी लाल बोले- कोरोना से बचने के लिए सरकार के आदेशों का पालन करें जनता

     

    आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोरी लाल सागर ने कहा कि कोविड -19 से निपटने के लिए वे प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं और सरकार द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए जनता को लगातार जागरूक करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में  इस महामारी से जनता को जल्द राहत मिलेगी।

    शुक्रवार को आनी विस क्षेत्र के विधायक किशोरी लाल सागर ने आनी खंड की ग्राम पंचायत कराड़, पोखरी,मुहान से लेकर आनी की जान्जा क्षेत्र की पंचायतों  का दौरा कर कोविड -19 वैश्विक महामारी से बचाव और सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के पालन करने की जनता से अपील की। वहीं, इस दौरान दर्जनों महिला मंडलों को  विधायक किशोरी लाल सागर ने फेस मास्क बनाने के लिए कपड़ा दिया।

    इसके अलावा इस दौरान महिला मण्डलों व मन्दिर कमेटी ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए विधायक किशोरी लाल सागर के माध्यम से कोरोना वायरस से निपटने के लिए 162850 रुपये  की सहयोग राशि दान दी। विधायक  किशोरी लाल सागर ने इस राशि के लिए सभी महिला मण्डलों व मन्दिर कमेटी तथा सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया है।

    उन्होंने कहा कि अब तक आनी विधानसभा क्षेत्र से कोविड -19 से निपटने के लिए 22 लाख रुपये की धनराशि राहत कोष के लिए भेजी जा चुकी है । उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन इस महामारी से बाहर निकलने की पूरा प्रयास कर रही है । जिसके लिए उन्होंने कोरोना वॉरियर्स का तय दिल से आभार प्रकट किया है।

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  • कोरोना लॉकडाउन: मुस्लिम समुदाय के लोगों ने CM जयराम ठाकुर से लगाई घर जाने के लिए गुहार

    कोरोना लॉकडाउन: मुस्लिम समुदाय के लोगों ने CM जयराम ठाकुर से लगाई घर जाने के लिए गुहार

     

    जहां एक तरफ पूरा देश करोना महामारी से जूझ रहा है वही जिला सिरमोर के अंतर्गत रह रहे मुस्लिम समुदाय के 12 व्यक्ति को प्रशासन की कोई सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण स्थानीयों ग्रामीणों द्वारा लोगों को सुविधाएं पहुंचाने का बीड़ा जरूर उठाया गया था। दरअसल, पांवटा ब्लॉक के अंतर्गत पभार गांव एक घने जंगल में पेड़ों की कटाई का कार्य चल रहा था। जिसके बाद 8 महीनों से वहां रह रहे मुस्लिम समुदाय के मजदूर लोग जोकि प्रशासन से घर जाने की गुहार लगा रहे हैं। 

    इन लोगों का कहना है कि वह जम्मू के रहने वाले हैं और काम की तलाश में यहां पहुंचे थे। ऐसे में कटाई का काम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला था परंतु लॉकडाउन लगते ही ठेकेदार कोई सहायता कर रहा है। हालांकि ग्रामीणों ने राशन जरूर पहुंचाया है लेकिन अब राशन भी दिन-प्रतिदिन कम होता जा रहा है। वही, लॉकडाउन टू भी खत्म होने वाला है। 

    ऐसे में स्थानीय प्रशासन हो या जिला प्रशासन सुविधा पहुंचाने में असमर्थ नजर आया है जिसके कारण हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घर जाने की व्यवस्था करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है।

    वही, एक व्यक्ति ने बताया कि शिमला से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों को जम्मू-कश्मीर भेज दिया था तो हमें भी घर भेजने की व्यवस्था की जाए। हम लोग भी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं हमारे पास जो पैसे थे वह खत्म हो चुके हैं और अब हमारे पास राशन लेने के लिए भी पैसे नहीं है जिसके कारण हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि चिल्लाई विधायक हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि जम्मू के फंसे हुए लोगों को एसडीएम के माध्यम से जल्द राशन पहुंचाया जाएगा और इन्हें घर भेजने के लिए बंदोबस्त भी किया जाएगा।

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  •  PM मोदी ने की एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के लिए CM जयराम ठाकुर की सराहना

    PM मोदी ने की एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के लिए CM जयराम ठाकुर की सराहना

     

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज वीडियो काॅन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए हिमाचल प्रदेश में एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान से प्रदेश के लोगों में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षणों की स्क्रीनिंग करने में सहायता मिली है। उन्होंने सभी राज्यों को कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए हिमाचल प्रदेश की इस पहल का अनुसरण करने का आग्रह किया।

    प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को उनके संबंधित राज्यों के लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करने को कहा, जिससे कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति को चिन्हित करने में मिलेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री से भविष्य में उत्पन्न होनी वाली किसी भी स्थति से निपटने के लिए पर्याप्त वेंटिलेटर्ज उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश की फार्मास्यूटिकल इकाइयों में निर्माण शुरू हो गया है तथा देश और विश्व को आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत फार्मास्यूटिकल कंपनियां सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योग क्षेत्र में हैं, इसलिए केंद्र सरकार को रसायन तथा कच्चे माल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करनी चाहिए।

    इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को पुनः आरंभ करने के लिए एक टास्क फोर्स गठित की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में आर्थिक गतिविधियां आरंभ करने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पर्यटन राज्य है तथा यहां हर वर्ष लाखों देशी तथा विदेशी पर्यटक भ्रमण के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने प्रदेश में पर्यटन उद्योग को पूरी तरह से प्रभावित किया है। उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रकार राज्य की आर्थिकी में सेब के उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    सीएम ने कहा कि सेब उत्पाद की सुचारू आवाजाही सुविधा तथा गत्ते के डिब्बे की पर्याप्त आपूर्ति को सुनिश्चित बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 40 व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव हैं, जिनमें से 25 व्यक्ति नेगेटिव पाए जाने के बाद स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। इसके अतिरिक्त चार व्यक्ति प्रदेश से बाहर उपचाराधीन है तथा एक व्यक्ति का देहांत हो चुका है।

    उन्होंने कहा कि शेष 10 व्यक्ति प्रदेश के अस्पतालों में उपचाराधीन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी भाग में गत पांच दिनों में कोरोना वायरस का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च, 2020 को कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था तथा जिला कांगड़ा में कर्फ्यू लगाया गया था। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे प्रदेश में 24 मार्च को कर्फ्यू लगाया गया। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जा रही है, ताकि लोगों को कर्फ्यू के दौरान किसी परेशानी का सामने न आना पड़े।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के छह जिले ग्रीन जोन में हैं तथा इन जिलों में एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लाॅकडाउन जारी रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्यों को आर्थिक गतिविधियां आरम्भ करने विशेषकर ग्रीन जोन में आने वाले क्षेत्रों में गतिविधियां चलाने की स्वीकृति मिलेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जांच अनुपात 700 प्रति मिलियन व्यक्ति है, जो देश में सबसे अधिक है।

    उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान एक विशेष अभियान है, जिसके तहत 70 लाख लोगों की इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लिए 16 हजार कर्मचारियों के दल द्वारा जांच की जा चुकी है, जिसमें आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पैरा मेडिकल स्टाफ तथा पुलिस कर्मचारी शामिल हैं। सभी इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी से ग्रस्त रोगियों की कोरोना जांच की जा रही है।

    इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस. आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर. डी. धीमान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क रजनीश, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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  • हिमाचल: चार दिनों तक बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना, येलो अलर्ट जारी

    हिमाचल: चार दिनों तक बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना, येलो अलर्ट जारी

     

    हिमाचल (Himachal Pradesh) में एक बार फिर से मौसम करवट ले सकता है। राज्य में अगले चार दिनों यानी 26 से 29 अप्रैल तक बारिश के ओलावृष्टि की संभावना है। मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार प्रदेश के कई क्षेत्रों में 26 और 27 अप्रैल को तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इसके कारण फसलों और फलदार पौधों को काफी नुकसान हो सकता है। मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

    मध्यपर्वतीय जिले शिमला, सोलन, चंबा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में 26 और 27 अप्रैल को बिजली गिरने के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की संभावना है। वहीं 27 अप्रैल को मैदानी क्षेत्रों हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और कांगड़ा में येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया गया है। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डा. मनमाेहन सिंह ने बताया कि अगले दो दिनों तक मौसम साफ बना रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते 26 से 29 अप्रैल तक बारिश के साथ ओले पड़ने के आसार बन सकते हैं।

    इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेगी। वहीं अधिकतम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने की संभावना बन सकती है। ऊना में अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बिलासपुर में 32, हमीरपुर में 31.7, कांगड़ा में 31.5, सुंदरनगर में 30.3, चंबा में 29.3, नाहन में 29.2, सोलन में 28, शिमला में 21.6, धर्मशाला में 21.2, डल्हौजी में 16.2 और केलंग में 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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  • कुल्लू पुलिस ने फ्लैग मार्च के साथ ड्रोन कैमरे से नजर रखना किया शुरू

    कुल्लू पुलिस ने फ्लैग मार्च के साथ ड्रोन कैमरे से नजर रखना किया शुरू

     

    कुल्लू जिला मुख्यालय में पुलिस ने फ्लैग मार्च के साथ ड्रोन कैमरे से नजर रखना शुरू कर दिया है। ढालपुर चौक में कुल्लू पुलिस के जवानों ने फ्लैग मार्च किया। इस दौरान कुल्लू पुलिस प्रमुख गौरव सिंह इस मौके पर स्वयं मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कर्फ्यू में 75 मुकद्दमों में 122 लोग अभी तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

    उन्होंने बताया कि कुल्लू पुलिस ने जिला में जारी कर्फ्यू के दौरान  इसकी अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 75 मुकदमे पंजीकृत किए जिनमें 122 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 52 गाड़ियों को इंपाउंड किया है। मार्केट व कमेटी एरिया में कर्फ्यू अवहेलना के लिए पुलिस एक्ट के अंतर्गत 129 लोगों के चालान भी किए गए हैं और दो लाख रूपए का जुर्माना भी वसूला गया।

    कर्फ्यू की मॉनिटरिंग पुलिस नाकाबंदी, पेट्रोलिंग टीम,ड्रोन सर्विलांस, कैमरा माउंट व्हीकल सर्विलांस,फ्लैग मार्च, मोबाइल क्यूआरटी इत्यादि द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां पुलिस की गश्त कम हो रही है वहां ड्रोन कैमरे से पता चलेगा कि कहीं कर्फ्यू का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।

    उन्होंने जिला वासियों से अपील की है कि वे लॉकडाउन के दौरान घरों में ही रहें और जब भी जरूरी सामान खरीदने आते हैं तो समाजिक दूरी का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि शहर के अलावा गांवों में भी सामाजिक दूरी का ख्याल रखें और सभी लोग मास्क का प्रयोग करें। तभी हम इस महामारी की जंग में जीत सकते हैं।

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  • विधायक राकेश सिंघा का उपायुक्त कार्यालय  में SDM दफ्तर के बाहर धरना 24 घंटे से जारी

    विधायक राकेश सिंघा का उपायुक्त कार्यालय में SDM दफ्तर के बाहर धरना 24 घंटे से जारी

     

    कोरोना वायरस को लेकर लगाए गए कैंप के दौरान मजदूरों को राशन न मिलने को लेकर सीपीआईएम के विधायक राकेश सिंघा का उपायुक्त कार्यालय में एसडीएम दफ्तर के बाहर धरना 24 घंटे से जारी है। सिंघा ने ये साफ कर दिया है कि जब तक व्यवस्थाओं को ठीक नही किया जाता है तब तक धरना जारी रहेगा। हालांकि सोमवार देर शाम कुछ अधिकारी राकेश सिंघा से मिलने पहुंचे और राशन मजूदरो को मुहैया करवाने का आश्वाशन दिया। लेकिन सिंघा ने साफ कर दिया कि पहले लोगो को राशन मुहैया करवाया जाए, उसके बाद ही वे धरने से उठेंगे ओर सरकार प्रशासन चाहे न तो वह अपना धरना अभी खत्म कर सकते है।

    सिंघा ने कहा कि प्रशासन का रवैया काफी नकारात्मक है। धरने पर बेठने के बाद अधिकारी राशन देने तो जा रहे है लेकिन वहां राशन नही दे रहे है और झूठ बोला जा रहा है कि राशन दे दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया की सरकार प्रशासन भेदभाव करके राशन दे रही है और लोग कोरोना से नही तो नही मरेंगे लेकिन भूख से सरकार जरूर लोगों को मार देगी।

    एक तरफ सरकार कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टन्स बनाने के निर्देश दे रही है, वही दूसरी तरफ एक कमरे में ही 100 मजदूरों को रहने के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जब तक अपनी इस तरह की कार्यकारिणी को नहीं सुधार लेता है तब तक वे यही पर बैठे रहेंगे और उन्हें जेल में भी डाला जाता है तो वो वहां पर भी मजदूरों के हक के लिए अपनी लड़ाई जारी रहेंगे।

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  • ऊना: कोरोना के टेस्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग की नई पहल, रैन्डम सैंपलिंग के लिए तैयार की मोबाइल वैन

    ऊना: कोरोना के टेस्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग की नई पहल, रैन्डम सैंपलिंग के लिए तैयार की मोबाइल वैन

     

    हिमाचल प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव के सबसे ज्यादा संख्या वाले जिला ऊना में स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 स्टेज थ्री के लिए तैयारियां अभी से मुकम्मल कर ली है। स्टेज थ्री के लिए सैंपलिंग को आसान बनाने और रैन्डम सैंपलिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक मोबाइल वैन तैयार की गई है। इस वैन के अंदर से ही चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ संदिग्धों के सैंपल लेंगे और सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान उन्हें पीपीई किट पहनने का भी झंझट नहीं रहेगा। लेकिन मास्क और ग्लव्स का प्रयोग उन्हें करना ही पड़ेगा। मोबाइल वैन की विंडो से सैंपलिंग करना एक सुरक्षित तकनीक है।

    वहीं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वैन से सैंपलिंग करवाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला ऊना के हॉट स्पॉट क्षेत्रों में इसी वैन के द्वारा सैंपलिंग की योजना बनाई जा रही है। बता दें कि देश और दुनिया में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर हड़कंप मचा हुआ है, इससे हिमाचल प्रदेश भी अछूता नहीं है। हिमाचल का जिला ऊना एक ऐसा जिला है, जहां पर कोरोना पॉजीटिव के सबसे ज्यादा मामले हैं।

    ऊना में जहां पहले डॉक्टर अपनी टीम के साथ क्वारंटीन सेंटर या होम क्वारंटीन हुए संदिग्धों के पीपीई किट पहन सैंपल लेते थे, लेकिन अब संक्रमण के बढ़ रहे खतरे को देखते हुए जिला ऊना में मोबाइल वैन से कोरोना के सैंपल लेने की तैयारी की जा रही है। इस मोबाइल वैन में खास बात यह है कि कोरोना सैंपल भरने के लिए डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ को पीपीई किट पहनने की जरूरत नहीं होगी। एक विंडो के माध्यम से संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे। पिछले दो दिनों की बात करें, तो जिला ऊना से 150 से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।

    इस मोबाइल वैन के माध्यम से सैंपलिंग करना चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है, इससे उन्हें संक्रमण का भी कोई खतरा नहीं है। इसीलिए इस मोबाइल वैन में मौजूद स्टाफ को पीपीई किट पहनने की भी जरूरत नहीं है केवल मास्क और ग्लव्स ही पहनने होंगे। सीएमओ ऊना डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि जल्द ही इस मोबाइल वैन के माध्यम से सैंपलिंग करवाई जाएगी और हॉट स्पॉट क्षेत्रों में डोर टू डोर सैंपलिंग की जाएगी।

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  • शिमला में सादे तरीके से मनाया गया हिमाचल दिवस, Social Distancing का रखा गया पूरा ख्याल

    शिमला में सादे तरीके से मनाया गया हिमाचल दिवस, Social Distancing का रखा गया पूरा ख्याल

     

    शिमला में कर्फ्यू के बीच पहली बार ऐतिहासिक रिज मैदान पर सादे तरीके से हिमाचल दिवस मनाया गया। इस दौरान सोशल डिस्टनसिंग का पूरा ख्याल रखा गया। वही, हिमचाल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम 5 मिनट में खत्म किया। शिमला-हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार हिमाचल दिवस सादे तरीके से मनाया गया।

    73वें हिमाचल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ध्वजारोहण किया और सलामी ली व वापिस लौट गए। ध्वजारोहण के समय सोशल डिस्टनसिंग का भी पूरा ख्याल रखा गया। सिर्फ 5 मिनट में ही रस्म अदायगी कर कार्यक्रम खत्म किया। बता दें कि 15 अप्रैल 1948 को छोटी-बड़ी रियासतों को मिलाकर हिमाचल का मुख्य आयुक्त के प्रांत के रूप में गठन हुआ था। उसके बाद 25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश को 18वें गणराज्य का दर्जा दिया।

    वही, इस अवसर पर उपायुक्त शिमला अमित कयश्यप ने बताया कि इस बार covid-19 के चलते हिमाचल दिवस को सांकेतिक रूप में मनाया गया है। सोशल डिस्टनसिंग का पूरा ख्याल रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नही हुआ है।

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  • हिमाचल दिवस आज, जानिए राज्य से जुड़ी दिलचस्प बातें

    हिमाचल दिवस आज, जानिए राज्य से जुड़ी दिलचस्प बातें

     

    आज हिमाचल प्रदेश दिवस है। 1947 में आजादी के बाद 15 अप्रैल 1948 को 28 पहाड़ी रियासतों को मिलाकर नया प्रांत बनाया गया था। बताया जाता है कि प्राकृतिक सौंदर्य और लोगों की सादगी के अलावा यहां कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिनकी वजह से पूरे देश में हिमाचल सबसे आगे है। ऐसे में इनमें से बहुत सी बातें प्रदेश की अच्छी राजनीति की वजह से संभव हो पाई है और उसका श्रेय प्रदेश की जनता को जाता है। जी हां, हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर आज हम आपको बताने जा रहे है कुछ ऐसी बातें जो बेहद रोचक है। तो आइए जानते है... 

    - जानकारी के लिए आपको बता दें कि 'हिमाचल प्रदेश' नाम संस्कृत के विद्वान आचार्य दिवाकर दत्त शर्मा ने दिया था। हिमाचल दो शब्दों को मिलकर बना है- हिम यानी बर्फ और आचल यानी पहाड़।

    - हिमाचल प्रदेश भारत का 18वां राज्य बना था।

    - वही, हिमाचल की इकॉनमी पूरे देश की तीसरी सबसे तेजी से बढ़ती इकॉनमी है।

    - देश में प्रति व्यक्ति की सबसे ज्यादा इनकम के मामले में हिमाचल प्रदेश चौथे नंबर पर है।

    - आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश की इकॉनमी तीन चीजों पर निर्भर करती है- 1 बिजली 2. पर्यटन और 3. खेती।

    - पॉलिथीन और तंबाकू पर बैन लगाने के बाद उसे सही तरीके से लागू करने में हिमाचल प्रदेश सबसे आगे है।

    - इसके अलावा पूरे देश के मुकाबले हिमाचल प्रदेश में अपराध की दर बेहद कम है।

    - हिमाचल की 90 फीसदी आबादी गांवों और छोटे कस्बों में रहती है।

    - कागजों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में हर घर में टॉइलट है।

    - साल 2005 में आई ट्रांसपैरंसी इंटरनैशनल की रिपोर्ट कहती है कि भारत केरल के बाद देश का दूसरा सबसे कम करप्ट राज्य है।

    - हिमाचल प्रदेश की आबादी 6,856,509 है। यानी हमारे प्रदेश की आबादी पूरे देश की आबादी की 0.57 फीसदी है। वही, प्रदेश की 95 आबादी हिंदू है।

    - हिमाचल प्रदेश में 32 ऐसी बोलियां हैं, जिनमें एक-दूसरे से अच्छा खासा फर्क हैं।

    - UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल शिमला-कालका रेलमार्ग और पठानकोट-जोगिंदर नगर मार्ग काफी फेमस हैं।

    - हिमाचल प्रदेश देवभूमि कहलाता है, क्योंकि यहां गांव-गांव में देवता व मंदिर हैं। साथ ही, हर जगह लोकप्रिय मेले और त्योहार आदि मनाए जाते हैं।

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