<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Janta Tv</title><atom:link href="https://www.jantatv.com/rss-feed" rel="self" type="application/rss+xml" /><link>https://www.jantatv.com/</link><description/><lastBuildDate>Thu, 05 Nov 2026 00:30:17 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.jantatv.com</generator><item><title><![CDATA[Neck Pain: रोज गर्दन में रहता है दर्द? तकिया हो सकता है वजह, जानें सही Pillow चुनने का तरीका]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/best-pillow-for-neck-pain-how-to-choose-right-pillow</link><pubDate>Wed, 04 Nov 2026 15:03:12 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/best-pillow-for-neck-pain-how-to-choose-right-pillow</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639294013927612722.jpg"> Best Pillow for Neck Pain: कई लोगों को सुबह सोकर उठने के बाद गर्दन में दर्द और अकड़न महसूस होती है। शुरुआत में लोग इसे थकान या गलत तरीके से सोने का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह परेशानी रोज होने लगे, तो अपने तकिए पर भी ध्यान देना चाहिए। दरअसल, बहुत ऊंचा, बहुत पतला या जरूरत से ज्यादा सख्त तकिया गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव डालता है। इससे सुबह उठने पर दर्द और खिंचाव महसूस होता है। आइए जानते हैं गलत तकिया गर्दन को कैसे नुकसान पहुंचाता है और सही तकिया चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।गलत तकिया कैसे बढ़ाता है गर्दन का दर्द?सोते समय गर्दन और सिर को सही सहारा मिलना जरूरी है। अगर तकिया बहुत ऊंचा है, तो गर्दन आगे की तरफ झुकती है। वहीं, बहुत पतला तकिया सिर को पर्याप्त सहारा नहीं दे पाता। दोनों ही स्थितियों में गर्दन की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है। कई बार पुराने तकिए की बनावट भी बिगड़ जाती है। उसमें भरी रूई या फोम एक जगह दब जाता है, जिससे सिर और गर्दन को बराबर सहारा नहीं मिलता। ऐसे में रातभर गर्दन गलत स्थिति में रहती है और सुबह उठने पर दर्द, अकड़न या भारीपन महसूस होता है।गर्दन के लिए कैसा तकिया चुनना चाहिए?गर्दन के दर्द से बचने के लिए ऐसा तकिया चुनें, जो सोते समय सिर और गर्दन को आरामदायक सहारा दे। तकिया न बहुत ऊंचा होना चाहिए और न ही बहुत पतला। करवट लेकर सोने वालों को थोड़ा ऊंचा तकिया चाहिए, ताकि सिर और रीढ़ की हड्डी एक सीध में रहें। वहीं, पीठ के बल सोने वालों के लिए मध्यम ऊंचाई वाला तकिया बेहतर रहता है। मेमोरी फोम या सही आकार वाले सपोर्ट पिलो भी कुछ लोगों को आराम देते हैं। पर हर व्यक्ति के लिए एक ही तरह का तकिया सही नहीं होता। इसलिए तकिया खरीदते समय अपनी सोने की आदत और आराम का ध्यान रखें।तकिया बदलने के साथ इन बातों का भी रखें ध्यानगर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए सिर्फ तकिया बदलना काफी नहीं है। दिनभर मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते समय गर्दन को ज्यादा देर तक नीचे झुकाकर न रखें। बीच-बीच में ब्रेक लें और हल्की स्ट्रेचिंग करें। सोने और जागने का समय भी नियमित रखें। अगर तकिया बदलने और सही तरीके से सोने के बाद भी दर्द बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लें। गर्दन में तेज दर्द, हाथों में झनझनाहट, कमजोरी या दर्द के साथ चक्कर आने जैसी परेशानी को नजरअंदाज न करें। इसकी वजह मांसपेशियों के खिंचाव के अलावा रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639294013927612722.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[नींबू जल्दी सूखकर हो जाता है खराब? जानें महीनों तक ताजा रखने के आसान तरीके]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/lemon-storage-tips-5-easy-ways-to-keep-lemons-fresh-for-months</link><pubDate>Wed, 04 Nov 2026 14:29:58 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/lemon-storage-tips-5-easy-ways-to-keep-lemons-fresh-for-months</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293993988063019.jpg"> Lemon Storage Tips: सर्दियों में नींबू खरीदकर रखने के कुछ दिनों बाद अगर वह सूखा और सख्त नजर आने लगे तो इसकी वजह उसे सही तरीके से स्टोर न करना हो सकती है। नींबू का इस्तेमाल खाने से लेकर ड्रिंक्स और कई तरह की रेसिपी में किया जाता है। ऐसे में अगर घर में एक साथ कई नींबू खरीदकर रखे हैं तो उन्हें सही तरीके से स्टोर करना जरूरी है, ताकि उनका रस और छिलका लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके।नींबू खरीदते समय इन बातों का रखें ध्याननींबू को लंबे समय तक फ्रेश रखने की शुरुआत सही नींबू खरीदने से होती है। शेफ-इंस्ट्रक्टर रिचर्ड लॉमरिटा के मुताबिक, पके हुए नींबू की पहचान उनके चमकदार छिलके, सख्त बनावट और गहरे पीले रंग से की जा सकती है। इसलिए बाजार से नींबू खरीदते समय बहुत ज्यादा सिकुड़े हुए या दबे हुए नींबू लेने से बचना चाहिए। ऐसे नींबू चुनें जो चमकीले रंग के हों, सख्त महसूस हों और जिनमें रस की अच्छी मात्रा होने का एहसास हो।पके नींबू को फ्रिज में रखना है बेहतरनींबू को लंबे समय तक फ्रेश रखने का सबसे आसान तरीका उन्हें फ्रिज में रखना है। अगर नींबू पूरी तरह पक चुके हैं तो फ्रिज उनके लिए बेहतर जगह है। वहीं जिन नींबुओं में अभी थोड़ा हरा रंग है, उन्हें कमरे के तापमान पर धूप से दूर रखा जा सकता है, जब तक वे पक न जाएं। हालांकि, पूरी तरह पके नींबू किचन काउंटर पर रखने से उतने लंबे समय तक फ्रेश नहीं रहेंगे।क्रिस्पर ड्रॉअर में ऐसे रखें नींबूफ्रिज में नींबू रखने के लिए क्रिस्पर ड्रॉअर का इस्तेमाल किया जा सकता है। लाॅमरिटा के अनुसार, नींबू को क्रिस्पर ड्रॉअर में बिना किसी पैकेजिंग के भी रखा जा सकता है और वे एक महीने या उससे ज्यादा समय तक टिक सकते हैं। क्रिस्पर ड्रॉअर में हवा के आने-जाने को नियंत्रित करने की सुविधा होती है। नींबू को कम नमी और उचित एयरफ्लो वाली जगह में रखने से उनकी ताजगी ज्यादा समय तक बनी रह सकती है। अगर क्रिस्पर ड्रॉअर में जगह नहीं है तो फ्रिज के मुख्य हिस्से में किसी कंटेनर में भी नींबू रखे जा सकते हैं।पानी में रखकर भी कर सकते हैं स्टोरनींबू को पानी में रखकर स्टोर करने का तरीका भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा है। इस तरीके में पूरे नींबू को पानी से भरे जार में डालकर फ्रिज में रखा जाता है। हालांकि, इससे नींबू तीन महीने तक फ्रेश रहने के दावे की पूरी तरह पुष्टि नहीं है, लेकिन इससे वे कुछ हफ्तों तक फ्रेश रह सकते हैं। इस तरीके में यह ध्यान रखना जरूरी है कि नींबू की सतह पर मौजूद बैक्टीरिया पानी को दूषित कर सकते हैं।प्लास्टिक बैग में रखने से बचेंनींबू को ज्यादा समय तक फ्रेश रखने के लिए उन्हें सांस लेने की जगह देना भी जरूरी है। प्लास्टिक बैग में नींबू रखने से उसके अंदर नमी फंस सकती है और नींबू जल्दी खराब हो सकते हैं। इसके बजाय पेपर बैग या दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले मेश बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें हवा का सर्कुलेशन बेहतर रहता है, जिससे नींबू ज्यादा समय तक फ्रेश रह सकते हैं।दूसरे फलों से अलग रखें नींबूनींबू को दूसरे फलों और सब्जियों से अलग रखना भी फायदेमंद है। कुछ फल और सब्जियां एथिलीन गैस छोड़ते हैं, जो आसपास रखे फलों और सब्जियों के पकने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है। नींबू भी एथिलीन के प्रभाव के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए इन्हें एथिलीन गैस छोड़ने वाले फलों और सब्जियों के साथ रखने से वे जल्दी खराब हो सकते हैं।ज्यादा नींबू हैं तो फ्रीज कर देंअगर घर में जरूरत से ज्यादा नींबू आ गए हैं तो उन्हें फ्रीज भी किया जा सकता है। पूरे या कटे हुए नींबू को फ्रीजर में रखा जा सकता है और इस तरह वे करीब चार से छह महीने तक स्टोर किए जा सकते हैं। अगर नींबू के टुकड़े अलग-अलग रखने हैं तो पहले उन्हें एक ट्रे पर फ्रीज करें और उसके बाद फ्रीजर-सेफ बैग में डालकर रखें।हालांकि, फ्रीज करने के बाद नींबू की बनावट बदल सकती है और डीफ्रॉस्ट होने पर वे नरम हो सकते हैं, लेकिन उनका रस बना रहता है। अगर बनावट की चिंता है तो नींबू का रस निकालकर उसे ही फ्रीज किया जा सकता है।कटे हुए नींबू को ऐसे रखें फ्रेशअगर नींबू काटने के बाद बच गया है तो कटे हुए हिस्से को भी सही तरीके से स्टोर किया जा सकता है। कटे हुए नींबू को फ्रिज में रखें और कटे हुए हिस्से को प्लास्टिक रैप से अच्छी तरह ढक दें। इसके बाद इसे एयरटाइट कंटेनर में रखकर कुछ दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है।बचे हुए नींबू के रस को ऐसे करें स्टोरनींबू का रस बच जाए तो उसे सीलबंद कंटेनर या बोतल में रखकर फ्रिज में स्टोर किया जा सकता है। यह करीब चार दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। ज्यादा समय के लिए इसे आइस क्यूब ट्रे में डालकर फ्रीज किया जा सकता है और छोटे-छोटे हिस्सों में जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जा सकता है।नींबू के छिलके को भी न करें बर्बादनींबू के छिलके को फेंकने के बजाय उसका जेस्ट भी निकाला जा सकता है। इसे एयरटाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज में करीब छह दिन तक स्टोर किया जा सकता है, जबकि फ्रीजर में इसे तीन महीने तक रखा जा सकता है। इस तरह नींबू का रस ही नहीं, बल्कि उसका छिलका भी बाद में खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293993988063019.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[कब है दिवाली 2026? गोवर्धन पूजा से भाई दूज तक जानें पांच दिवसीय त्योहार की सही तारीख]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/diwali-2026-date-8-or-9-november-govardhan-puja-bhai-dooj</link><pubDate>Wed, 04 Nov 2026 13:53:14 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/diwali-2026-date-8-or-9-november-govardhan-puja-bhai-dooj</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293971940334701.jpg"> Diwali 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में दिवाली का त्योहार सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक माना जाता है। यह पर्व हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। दीपावली को दीपों का त्योहार भी कहा जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को दीपों, रंगोली और रोशनी से सजाते हैं। मान्यता है कि दिवाली की रात माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। साल 2026 में दिवाली का मुख्य पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन शाम के समय अमावस्या तिथि और प्रदोष काल का संयोग बन रहा है। इसी वजह से 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजन करना शुभ रहेगा।दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्तदिवाली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि होती है। लोग शाम के समय अपने घरों और दुकानों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं और दीप जलाकर मां लक्ष्मी का स्वागत करते हैं।दिवाली की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवारप्रदोष काल: शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तकलक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तकवृषभ काल: शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तकधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करना शुभ माना जाता है। इस दौरान घर के मंदिर और मुख्य द्वार पर दीपक जलाए जाते हैं। इसके साथ ही भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है।धनतेरस से शुरू होगा पांच दिवसीय दीपोत्सवदिवाली का त्योहार केवल एक दिन का नहीं होता, बल्कि इसकी शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। पांच दिनों तक चलने वाले इस दीपोत्सव में हर दिन का अपना अलग धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस दौरान लोग पूजा-पाठ करते हैं, घरों को सजाते हैं और परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मनाते हैं। इस तरह धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे।गोवर्धन पूजा 2026 कब है?दिवाली के अगले दिन कई जगहों पर गोवर्धन पूजा मनाई जाती है, लेकिन इस बार तिथि की गणना के कारण यह पर्व 10 नवंबर को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और 10 नवंबर को दोपहर 2 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर गोवर्धन पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को मनाई जाएगी।गोवर्धन पूजा का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्रदेव के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था। उन्होंने सात दिनों तक पर्वत को धारण करके गोकुलवासियों और उनके पशुओं की रक्षा की थी। मान्यता है कि तभी से गोवर्धन पूजा की परंपरा शुरू हुई।भाई दूज 2026 कब मनाई जाएगी?दिवाली के बाद भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में भाई दूज का त्योहार 11 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज का संबंध भगवान यमराज और उनकी बहन यमुना से है। कहा जाता है कि एक बार यमराज अपनी बहन यमुना के घर उनसे मिलने पहुंचे थे। यमुना ने उनका स्वागत किया और उनके माथे पर तिलक लगाकर भोजन कराया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें वरदान दिया कि इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाएगा, उसे सुख-समृद्धि और लंबी आयु का आशीर्वाद मिलेगा। इसी मान्यता के चलते भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाती हैं और उनके मंगलमय जीवन की कामना करती हैं।Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। जनता टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293971940334701.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[अमेरिका में बैलेट पेपर या EVM से हो रही वोटिंग? जानें भारत और US के चुनावी सिस्टम में कितना अंतर]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/america-voting-system-ballot-paper-evm-india-election-process</link><pubDate>Wed, 04 Nov 2026 13:43:00 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/america-voting-system-ballot-paper-evm-india-election-process</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293965808511855.jpg"> Us Midterm Election Voting: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग चल रही है और लाखों नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोकतांत्रिक देशों में मतदान की व्यवस्थाएं हमेशा से बेहद दिलचस्प रही हैं, और जब दुनिया की दो बड़ी महाशक्तियों यानी अमेरिका और भारत की चुनावी प्रणालियों की तुलना की जाती है, तो कई हैरान करने वाले फर्क सामने आते हैं। अमेरिका में होने वाले चुनावों का यह पूरा ताना-बाना, बैलेट पेपर का दबदबा और आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल भारत के चुनावी मॉडल से काफी अलग है, जिसे समझना हर किसी के लिए बेहद रोचक है। आइए जानें।अमेरिका में अर्ली वोटिंग की प्रणालीभारत में जैसे ही चुनाव की तारीख नजदीक आती है, प्रचार थम जाता है और एक ही दिन या कुछ चरणों में तय समय पर वोटिंग होती है। इसके विपरीत, अमेरिकी चुनावी व्यवस्था में अर्ली वोटिंग यानी प्रारंभिक मतदान का प्रावधान है। मुख्य चुनाव की तारीख से कई हफ्ते पहले ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसके तहत मतदाता व्यक्तिगत रूप से यानी बूथ पर जाकर या फिर मेल-इन-बैलेट यानी डाक के जरिए अपने मत का प्रयोग बहुत पहले ही कर सकते हैं, जो काफी हद तक भारत की पोस्टल बैलेट व्यवस्था से मिलती-जुलती है।अमेरिका में बैलेट पेपर का आज भी है दबदबातकनीक के मामले में सबसे आगे रहने वाले देश अमेरिका में आज भी अधिकांश जगहों पर लोग कागज यानी बैलेट पेपर के जरिए ही वोट डालते हैं। हालांकि 1800 के दशक के अंत में ही वहां मैकेनिकल वोटिंग मशीनें आ गई थीं, लेकिन आज भी लोग कागजी तरीकों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। कोलोराडो, ओरेगन और वाशिंगटन जैसे राज्यों में शत-प्रतिशत मतदान केवल कागजी बैलेट के माध्यम से ही कराया जाता है, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींचता है।कुछ राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक मशीनों का प्रयोगअमेरिका के सभी राज्य एक ही नियम का पालन नहीं करते हैं, बल्कि हर राज्य को अपने हिसाब से चुनाव कराने की छूट होती है। देश के अधिकांश राज्यों में मतदाताओं के पास कागज और इलेक्ट्रॉनिक दोनों तरह के विकल्प मौजूद रहते हैं। हालांकि, डेलावेयर और जॉर्जिया समेत चुनिंदा राज्यों में ही पूरी तरह से मशीनों के जरिए वोटिंग कराई जाती है, लेकिन इसके बावजूद देश के बड़े हिस्से में आज भी कागजी पर्चियों का ही बोलबाला है।कागजी वोटिंग से सुरक्षा और जनता का अटूट भरोसादुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी ताकत होने के बावजूद अमेरिका द्वारा कागजी वोटिंग पर टिके रहने के पीछे सबसे बड़ी वजह सुरक्षा और जनमानस की प्राथमिकता है। चुनाव सहायता आयोग के अधिकारियों का यह मानना है कि कागज के इस्तेमाल से चुनाव प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बना रहता है। कागजी मतपत्रों को कोई हैक नहीं कर सकता और इसे पारदर्शिता की दिशा में सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाती है।यूरोपीय देशों और अमेरिका में बदला रुझानसाल 2000 के दशक के मध्य से अमेरिका के साथ-साथ कई यूरोपीय देशों में भी पेपरलेस इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की लोकप्रियता में तेजी से गिरावट आई है। इन विकसित देशों का यह मानना है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का पता लगाने और उसका सही ऑडिट करने के लिए कागजी रिकॉर्ड होना सबसे जरूरी है। डिजिटल छेड़छाड़ के खतरों को भांपते हुए इन देशों ने मशीनों के मुकाबले कागजी प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय माना है।अमेरिका में साल 2000 के चुनाव के बाद क्या बदला?अमेरिकी चुनावी इतिहास में साल 2000 का राष्ट्रपति चुनाव एक बड़ा मोड़ साबित हुआ था, जब मतगणना के दौरान भारी गड़बड़ियां सामने आई थीं। इस घटना के बाद सरकार ने चुनावी सुधारों के लिए तीन अरब डॉलर का भारी-भरकम बजट जारी किया था। कई राज्यों ने इस राशि का उपयोग डायरेक्ट रिकॉर्डिंग इलेक्ट्रॉनिक मशीनें खरीदने में किया, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता का विश्वास जीतना था, लेकिन इस कदम का परिणाम पूरी तरह से उम्मीद के विपरीत निकला।EVM से बढ़ा मतदाताओं का संदेहनई इलेक्ट्रॉनिक मशीनें आने से चुनावी प्रक्रिया आसान होने के बजाय मतदाताओं के बीच अविश्वास और संदेह और अधिक बढ़ गया। लोगों को यह डर सताने लगा कि इन आधुनिक मशीनों के जरिए चुनावी परिणामों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। जब भी किसी चुनाव में मामूली विवाद सामने आता, तो जनता का पूरा गुस्सा इन मशीनों की तरफ मुड़ जाता, जिससे सरकार और चुनाव आयोग के सामने एक नई और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।EVM में फिजिकल रिकॉर्ड की सबसे बड़ी कमीअमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सबसे बड़ी तकनीकी कमजोरी यह मानी जाती है कि इनमें डाले गए वोटों के सत्यापन के लिए कोई ठोस फिजिकल या कागजी रिकॉर्ड नहीं होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि चुनाव अधिकारियों और जनता को पूरी तरह से मशीनों के सॉफ्टवेयर पर ही निर्भर रहना पड़ता है। यदि कोई तकनीकी खराबी आ जाए या डेटा में फेरबदल हो जाए, तो उसका स्वतंत्र रूप से मिलान करना बेहद मुश्किल हो जाता है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293965808511855.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Gold-Silver Rate Today: सोना हुआ सस्ता, चांदी में भी गिरावट; जानें आज का ताजा भाव]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/gold-silver-price-today-24-carat-gold-rate-delhi-mumbai</link><pubDate>Wed, 04 Nov 2026 13:28:32 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/gold-silver-price-today-24-carat-gold-rate-delhi-mumbai</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293957122659020.jpg"> Gold-Silver Rate Today: धनतेरस से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट का सिलसिला जारी है। बुधवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों सस्ते हुए। सुबह करीब 10:00 बजे चांदी की कीमत 1307 रुपये गिरकर 1,78,391 रुपये प्रति किलो पर आ गई। वहीं, 24 कैरेट सोना 233 रुपये सस्ता होकर 1,39,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, अलग-अलग शहरों के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी के भाव अलग हो सकते हैं।रिकॉर्ड हाई से कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?इस साल जनवरी में सोने और चांदी ने कीमतों के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया था। MCX पर 29 जनवरी को सोने का भाव 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। मौजूदा स्तर के मुकाबले यह करीब 53,896 रुपये सस्ता हो चुका है। इसी तरह, MCX पर चांदी का रिकॉर्ड हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो रहा है। वहां से चांदी की कीमत में करीब 2,41,657 रुपये की गिरावट आ चुकी है। कीमतों में इस बड़ी गिरावट के बाद खरीदारों की नजर अब धनतेरस और दिवाली से पहले के बाजार भाव पर है।दिल्ली से मुंबई तक जानें सोने का ताजा भावदेश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 24 और 22 कैरेट सोने के भाव इस प्रकार हैं:शहर24 कैरेट सोने का भाव (10 ग्राम)22कैरेट सोने का भाव (10 ग्राम)दिल्ली₹1,39,850₹1,27,683मुंबई₹1,39,440₹1,27,820चेन्नई₹1,39,840₹1,28,187कोलकाता₹1,39,250₹1,27,646बेंगलुरु1,39,650₹1,28,013हैदराबाद₹1,39,660₹1,28,022दिल्ली से मुंबई तक चांदी का भाव?सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी शहर के हिसाब से अंतर है। नई दिल्ली में 999 फाइन चांदी का भाव 1,77,940 रुपये प्रति किलो है। मुंबई में यह 1,78,080 रुपये, बेंगलुरु में 1,78,380 रुपये और कोलकाता में 1,77,840 रुपये प्रति किलो है। हैदराबाद में चांदी 1,78,360 रुपये, जबकि चेन्नई में 1,78,600 रुपये प्रति किलो पर है।MCX और सर्राफा बाजार के भाव में क्यों होता है अंतर?ध्यान रखें कि MCX पर दिखने वाले भाव और स्थानीय सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतें अलग हो सकती हैं। ज्वेलरी खरीदते समय GST, स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज भी जुड़ते हैं। इसलिए गहने खरीदने से पहले अपने शहर के ज्वेलर से अंतिम कीमत जरूर पता कर लें।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293957122659020.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[कोहली का सुपरमैन अवतार, एक हाथ से लपका हैरतअंगेज कैच, ध्वस्त किया एमएस धोनी का रिकॉर्ड]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/virat-kohli-one-handed-catch-breaks-ms-dhoni-record-arrow-celebration</link><pubDate>Wed, 04 Nov 2026 13:17:46 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/virat-kohli-one-handed-catch-breaks-ms-dhoni-record-arrow-celebration</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293950661082401.jpg"> Virat Kohli: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले वनडे के दौरान विराट कोहली ने स्लिप पर नाथन स्मिथ का शानदार कैच लपका। उन्होंने स्लिप में नाथन स्मिथ का हैरतअंगेज कैच लिया। कैच लेने के बाद कोहली स्टेडियम में जश्न मनाने के लिए दौड़ते हुए नजर आए। इसके साथ ही उन्होंने एमएस धोनी का कैच लेने का एक रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। उनका कैच लेने और जश्न मनाने का वीडियो वायरल हो रहा है। नाथन के रूप में न्यूजीलैंड को सातवां झटका लगा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने खराब प्रदर्शन किया है। भारतीय युवा तेज गेंदबाजों ने पहले मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।कोहली का धनुष और तीर वाला सेलिब्रेशनभारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने एक महीने बाद बाद मैदान पर वापसी की है। बुधवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले वनडे में न्यूजीलैंड की पारी के 29वें ओवर में अंशुल कंबोज के खिलाफ नाथन ने शॉट खेला लेकिन गेंद बल्ला का किनारा लेकर स्लिप में खड़े विराट कोहली की दाएं तरफ गई, जहां कोहली ने एक हाथ से दाईं तरफ डाइव लगाकर गेंद को लपका। उन्होंने कैच लेने के बाद स्टेडियम में दौड़ लगाकर जश्न मनाया। आउट दिए जाने के बाद विराट कोहली ने तीर छोड़ने का धनुष और तीर चलाने वाला सेलिब्रेशन भी किया।https://twitter.com/mufaddal_vohra/status/2117843869031428495धोनी का रिकॉर्ड तोड़ाभारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली न्यूजीलैंड में कैच लेने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने एमएस धोनी का रिकॉर्ड तोड़ा। एमएस धोनी ने 37 साल और 218 दिन की उम्र में न्यूजीलैंड में कैच लिया था लेकिन अब ये रिकॉर्ड कोहली के नाम हो गया है। उन्होंने 37 साल 364 दिन की उम्र में न्यूजीलैंड में कैच लपका।इससे पहले रोहित शर्मा ने अपनी शानदार फील्डिंग से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने मिचेल को आउट करने के लिए हवा में उड़ते हुए थ्रो किया, जिसके चलते डेरिल मिचेल रन आउट होकर पवेलियन लौटे। वह 41 गेंद में 28 रन बनाकर आउट हुए।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293950661082401.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[गुरुग्राम में लापरवाही पर गिरी गाज, CM नायब सैनी ने दिए पटवारी को सस्पेंड करने के आदेश]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/gurugram-cm-nayab-saini-action-patwari-mandeep-hooda-suspended</link><pubDate>Wed, 04 Nov 2026 13:08:57 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/gurugram-cm-nayab-saini-action-patwari-mandeep-hooda-suspended</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293945372160970.jpg"> Gurugram News: जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने काम में लापरवाही बरतने पर राजस्व विभाग के पटवारी मंदीप हुड्डा को निलंबित करने के आदेश दिए।मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान संबंधित मामले में अधिकारियों से जवाब मांगा और लापरवाही सामने आने पर पटवारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्त को पटवारी को निलंबित करने के साथ ही उसका मुख्यालय बदलने के आदेश भी दिए।शिकायत पर मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञानस्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद हॉल में बुधवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री के सामने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएं और शिकायतें रखी जा रही हैं।बैठक में कुल 15 शिकायतों को सुनवाई के लिए शामिल किया गया है। इनमें राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित मामले शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनका समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए।अधिकारियों को दिए जवाबदेही तय करने के निर्देशबैठक में जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक-एक शिकायत पर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी ले रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों के निपटारे में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293945372160970.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[4 नवंबर की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/significant-historical-events-of-november-4th</link><pubDate>Wed, 04 Nov 2026 12:02:14 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/significant-historical-events-of-november-4th</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293905348484781.jpg"> 4 नवंबर 1822: दिल्ली जल आपूर्ति योजना की औपचारिक शुरुआत हुई।4 नवंबर 1822: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का मैरी टोड के साथ विवाह हुआ।4 नवंबर 1936: प्रख्यात गणितज्ञ शकुंतला देवी का जन्म।4 नवंबर 1947: कश्मीर के बडगांव के मेजर सोमनाथ शर्मा को पहला परमवीर चक्र मिला। हालांकि उन्हें यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया।4 नवंबर 1954: दार्जिलिंग में हिमालयन पर्वतारोहण की संस्थान की स्थापना की गई।4 नवंबर 1970: प्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित शम्भू महाराज का निधन।4 नवंबर 1984: ओ. बी. अग्रवाल अमेच्योर स्नूकर में विश्व चैंपियन बने।4 नवंबर 1995: इजराइल के प्रधानमंत्री यितझाक राबिन की एक शांति रैली के दौरान हत्या.]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293905348484781.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[हिमाचल में शोक की लहर, रामपुर विधायक नंद लाल का निधन; जानिए उनका राजनीतिक सफर]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/himachal-rampur-mla-nand-lal-passes-away-itbp-spg-career</link><pubDate>Tue, 03 Nov 2026 14:00:29 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/himachal-rampur-mla-nand-lal-passes-away-itbp-spg-career</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293112295991412.jpg"> Nand Lal MLA Death: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की रामपुर विधानसभा सीट से विधायक नंद लाल का मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद रामपुर क्षेत्र में शोक का माहौल है। नंद लाल 72 वर्ष के थे। नंद लाल ने सरकारी सेवा से राजनीति तक का सफर तय किया था। चुनावी राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा उन्हें विशेष सुरक्षा समूह (SPG) में भी काम करने का अनुभव था। सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने कांग्रेस के माध्यम से राजनीति में प्रवेश किया।2007 में पहली बार बने विधायकनंद लाल ने वर्ष 2007 में रामपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना पहला चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी बृज लाल को 6,470 मतों से पराजित किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 9,471 मतों के अंतर से जीत हासिल की। 2017 में भी वह 4,037 मतों से विजयी रहे। वर्ष 2022 के चुनाव में मुकाबला काफी करीबी रहा और उन्होंने 567 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इस तरह नंद लाल लगातार चार विधानसभा चुनाव जीतकर रामपुर का प्रतिनिधित्व करते रहे।सुरक्षा बल से राजनीति तक का सफरनंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी। शिक्षा के बाद उन्होंने आईटीबीपी में सेवाएं शुरू कीं। सुरक्षा क्षेत्र में काम करने के दौरान वह कमांडो दल और SPG से भी जुड़े रहे। बाद में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।सरकार और विधानसभा में निभाईं अहम जिम्मेदारियांविधायक बनने के बाद नंद लाल को वर्ष 2013 में मुख्य संसदीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। विधानसभा में भी उन्होंने अलग-अलग समितियों के माध्यम से काम किया। वर्ष 2022 में चौथी बार चुनाव जीतने के बाद उन्हें विधानसभा की कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया गया था।नंद लाल को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में गिना जाता था। रामपुर विधानसभा क्षेत्र में उनका राजनीतिक सफर करीब डेढ़ दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहा। उनके निधन से रामपुर ने अपने लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधि को खो दिया है।नंद लाल के निधन पर रामपुर में अंतरराष्ट्रीय लवी मेला की पूर्व निर्धारित गतिविधियां स्थगितरामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल के आकस्मिक निधन पर उपमंडल प्रशासन रामपुर बुशहर ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रशासन ने उनके निधन को रामपुर क्षेत्र और समस्त प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।उपमंडलाधिकारी (नागरिक) हर्ष अमरेंद्र सिंह ने कहा कि नंद लाल अपने सार्वजनिक जीवन में क्षेत्र के विकास और समाज के प्रति समर्पित रहे। उनके योगदान और क्षेत्र के विकास के लिए किए गए कार्यों को सदैव याद किया जाएगा।प्रशासन की ओर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं। साथ ही ईश्वर से परिवारजनों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई है। नंद लाल के निधन के चलते प्रशासन ने मंगलवार, 3 और 4 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 के तहत आयोजित होने वाली पूर्व निर्धारित गतिविधियों को स्थगित कर दिया है।विधायक नंद लाल की अंतिम यात्रा आजरामपुर विधानसभा क्षेत्र के दिवंगत विधायक एवं सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल को मंगलवार को अंतिम विदाई दी जाएगी। उनकी अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रामपुर बुशहर ने पूरा कार्यक्रम जारी किया है।कार्यक्रम के अनुसार, मंगलवार सुबह 10 बजे उनके पार्थिव शरीर को शिमला स्थित राजीव भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। यहां कांग्रेस के पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग अपने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।दोपहर 2 बजे भेरा खंड में जुटेंगे कांग्रेस कार्यकर्ताब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से दोपहर 2 बजे भेरा खंड (बिथल) में एकत्रित होने का आग्रह किया है। यहां से दिवंगत विधायक की अंतिम यात्रा रामपुर बुशहर स्थित सर्किट हाउस के लिए रवाना होगी।सर्किट हाउस में 3 बजे दी जाएगी श्रद्धांजलिरामपुर के सर्किट हाउस में दोपहर 3 बजे श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग नंद लाल को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे और उनके सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को याद करेंगे।शाम 5 बजे पैतृक गांव देवठी ले जाया जाएगा पार्थिव शरीरनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाम 5 बजे दिवंगत विधायक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव देवठी ले जाया जाएगा। वहीं उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न होगी। नंद लाल के निधन से रामपुर क्षेत्र में शोक का माहौल है। लगातार चार बार विधायक रहे नंद लाल की अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293112295991412.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[BMC ने हटाया दीया मिर्जा का दिवाली वीडियो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, दिया ये आदेश]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/diya-mirza-diwali-video-bombay-high-court-bmc-order</link><pubDate>Tue, 03 Nov 2026 13:47:33 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/diya-mirza-diwali-video-bombay-high-court-bmc-order</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639293104532752507.jpg"> Dia Mirza Diwali Video: मुंबई में प्रदूषण के खिलाफ BMC के अभियान में दीया मिर्जा को शामिल करने पर विवाद हो गया था। भाजपा के कई नेताओं ने इस कदम पर नाराजगी जताई थी। BMC ने दीया मिर्जा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें वह बॉम्बे हाईकोर्ट के पटाखों के इस्तेमाल संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील कर रही थीं। विवाद बढ़ने के बाद बीएमसी दीया मिर्जा का पोस्ट (वीडियो) हटा दिया था। इसके साथ ही बीएमसी मेयर ने दीया मिर्जा को बीएमसी से ब्लैक लिस्ट भी कर दिया था। हालांकि, अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बीजेपी नेताओं को फटकार लगाई है और दीया मिर्जा के वीडियो पर की गई टिप्पणियों पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने BMC को दीया मिर्जा के वीडियो को फिर से अपलोड करने का आदेश दिया है।क्या है पूरा विवाद?बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे नहीं फोड़ने की अपील करते हुए एक वीडियो बनाया था। BMC ने इस मुद्दे पर लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए दीया मिर्जा को इस अभियान से जोड़ा था। हालांकि, बीजेपी नेताओं की ओर से वीडियो का विरोध किए जाने के बाद BMC ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो हटा दिया था।भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश- हाईकोर्टइस मामले पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच ने कुछ नेताओं की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि कुछ राजनेताओं की ओर से की गई इस तरह की टिप्पणियों से वे आहत हैं। साथ ही उन्होंने ये भी याद दिलाया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। हाईकोर्ट ने BMC को हटाए गए वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर अपलोड करने का आदेश दिया है।वायु प्रदूषण पर कोर्ट ने क्या कहा था?आपको बता दें कि त्योहारों के दौरान ध्वनि और वायु प्रदूषण के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका (Suo Motu PIL) पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जी.एस. कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने पहले निर्देश दिया था कि सेलिब्रिटी के प्रचार पर सरकारी खजाने से पैसा खर्च नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि जानी-मानी हस्तियों को स्वेच्छा से नागरिक जागरूकता अभियान में योगदान देना चाहिए। कोर्ट के निर्देश के बाद BMC ने सशुल्क ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने के बजाय स्वयंसेवकों की मदद लेने का फैसला किया। इसके तहत BMC ने कई जानी-मानी हस्तियों से संपर्क किया, जो बिना कोई फीस लिए (प्रो बोनो) जागरूकता संदेश रिकॉर्ड करने के लिए तैयार हुईं थी।]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639293104532752507.jpg" width="75" height="50"/></item></channel></rss>