<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Janta Tv</title><atom:link href="https://www.jantatv.com/rss-feed" rel="self" type="application/rss+xml" /><link>https://www.jantatv.com/</link><description/><lastBuildDate>Fri, 19 Jun 2026 13:41:07 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.jantatv.com</generator><item><title><![CDATA[ 'जंग के लिए तैयार...', ईरान-अमेरिका डील के बाद बिलावल भुट्टो ने भारत के खिलाफ उगला जहर]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/bilawal-bhutto-india-statement-iran-america-deal-war-ready</link><pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:39:02 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/bilawal-bhutto-india-statement-iran-america-deal-war-ready</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639174731425602471.jpg"> 

India Pakistan tension: सिंधु जल संधि को लेकर भारत के सामने गिड़गिड़ाने वाला पाकिस्तान एक बार भड़काऊ बयानबाजी करने लगा है। संयुक्त राष्ट्र और दूसरे अंतरराष्ट्रीय मंचों से गुहार लगाने वाले पाकिस्तान की गुहार को भारत ने खारिज करते हुए दुनिया के सामने दो टूक संदेश दिया कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते। अगर पाकिस्तान को सिंधु का पानी चाहिए तो पहले सीमा पार आतंकवाद को खत्म करे। जब पाकिस्तान के सभी पैंतरे फेल हो गए तो अब वो फिर अपनी पुरानी और घिसी पिटी हरकतों पर उतर आया है। भारत को गीदड़भभकी देते हुए कह रहा है कि पाकिस्तान को पानी रोकने की कोशिश की तो इस्लामाबाद जवाब देने के लिए तैयार है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। करीब 14 महीने बाद अब पाकिस्तान धमकी देने पर उतर आया है। शहबाज शरीफ की सरकार में शामिल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि इस्लामाबाद इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बोलते हुए बिलावल भुट्टो ने भारत पर पाकिस्तान का पानी रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, &ldquo;हम नदियों के पानी से अपने जायज हिस्से से कोई समझौता नहीं करेंगे। पाकिस्तान अपने पानी के हिस्से और अधिकारों के लिए लड़ेगा। पानी के बहाव को रोकने की किसी भी कोशिश का मजबूती से जवाब दिया जाएगा।&rdquo;

बिलावल भुट्टो ने पहले भी दिया था बयान

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने सिंधु समझौते पर पहली बार ऐसा बयान नहीं दिया है। बिलावल भुट्टो पहले भी में नदियों में खून बहाने जैसे बयान दे चुके हैं। बीते साल अप्रैल में पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने कई कदम उठाए थे। इनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल था। साल 1960 में हुई यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी का बंटवारा करती है। भारत से इस कदम से पाकिस्तान में जल संकट पैदा होने का खतरा है। ऐसे में इस्लामाबाद भड़का हुआ है और इसे युद्ध की कार्रवाई कह रहा है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दिया PAK को जवाब

भारत ने बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह और ट्रेनिंग देता है। जब तक वो आतंकियों का खात्मा नहीं करेगा तब तक सिंधु जल संधि को बहाल नहीं किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र में कल यानी 18 जून को ही भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी अनुपमा सिंह ने UNSC के 62वें सत्र में बोलते हुए साफ किया है कि सिंधु जल संधि (IWT) पर दिल्ली अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि साल 1960 में हुए समझौते को हमेशा के लिए मिला अधिकार नहीं माना जा सकता, जो जवाबदेही और आज की हकीकत से पूरी तरह दूर हो।

पाकिस्तान ने यूरोप में भी रोया सिंधु जल संधि का रोना

पाकिस्तान ने यूरोप में बैठकर भी सिंधु जल संधि का रोना रोया है। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में पाकिस्तान हाई कमीशन और यूरोपीय थिंक टैंक सेंटर फॉर यूरोपियन पॉलिसी स्टडीज (CEPS) ने सिंधु संधि के मुद्दे पर &ldquo;ट्रांसबाउंड्री वॉटर रिसोर्सेज: ए वेपनाइज्ड ग्लोबल कॉमन&rdquo; नाम की एक कॉन्फ्रेंस कराई थी, जिसमें पाकिस्तान के डिप्टी PM और विदेश मंत्री इशाक डार ने सिंधु, चिनाब और रावी नदी पर चल रही भारत की परियोजनाओं पर कहा कि कैसे इनके के सहारे पाकिस्तान प्यासा मर सकता है। डार ने कहा कि सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद भारत सावलकोट, किरथाई और क्वार जैसे नई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। बगलिहार और सलाल जैसी परियोजनाओं के विस्तार पर काम करते हुए सिंधु, चिनाब और रावी नदियों की धारा मोड़ रहा है जिससे जल संसाधनों पर भारत का वर्चस्व हो जाएगा।
]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639174731425602471.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[BJP का बड़ा फैसला, कांग्रेस से निलंबित 5 हरियाणा विधायकों को योग दिवस मंच पर बुलाया]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/bjp-congress-suspended-haryana-5-mlas-yoga-day-guest-appearance</link><pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:27:10 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/bjp-congress-suspended-haryana-5-mlas-yoga-day-guest-appearance</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639174724304121788.jpg"> 

Haryana Yoga Day: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को हरियाणा भर में आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

राज्य सरकार ने इन कार्यक्रमों के लिए मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की ड्यूटी लगाई है, लेकिन सबसे अधिक ध्यान उन पांच विधायकों पर केंद्रित है जिन्हें कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने के आरोप में निलंबित कर रखा है।

मुख्य अतिथि की सौंपी जिम्मेदारी

भाजपा सरकार ने इन पांचों कांग्रेस विधायकों को भी योग दिवस कार्यक्रमों में अतिथि के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी, सढ़ोरा की विधायक रेणुबाला,

रतिया के विधायक जरनैल सिंह, पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास और हथीन के विधायक मोहम्मद इसराइल शामिल हैं। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि राज्यसभा चुनाव विवाद के बाद यह दूसरा बड़ा अवसर है जब कांग्रेस के इन बागी पांचों विधायकों को सरकार के आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रमुखता से शामिल किया गया है।

इससे पहले भी इन्हें स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में विशेष अतिथि बनाया गया था। हरियाणा सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार शैली चौधरी को नारायणगढ़, रेणुबाला को ब्यासपुर, जरनैल सिंह को रतिया, मोहम्मद इलियास को पुन्हाना और मोहम्मद इसराइल को हथीन में आयोजित योग दिवस समारोहों में शामिल होने की जिम्मेदारी दी गई है।

सभी क्षेत्र राजनीतिक प्रभाव वाले इलाके

ये सभी क्षेत्र उनके राजनीतिक प्रभाव वाले इलाके हैं। योग दिवस का मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम पंचकूला में होगा, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी,स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता मौजूद रहेंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को करनाल, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह गुरुग्राम और कृष्ण पाल गुर्जर को फरीदाबाद की जिम्मेदारी दी गई है। हरविन्द्र कल्याण पानीपत में और डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण लाल मिड्ढा सिरसा में कार्यक्रम में भाग लेंगे।
]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639174724304121788.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Delhi-NCR समेत 11 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/alert-issued-for-heavy-rain-thunderstorms-across-11-states-including-delhi-ncr;-check-weather-forecast-for-these-regions</link><pubDate>Fri, 19 Jun 2026 09:33:29 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/alert-issued-for-heavy-rain-thunderstorms-across-11-states-including-delhi-ncr;-check-weather-forecast-for-these-regions</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639174584096735380.jpg"> 

Aaj Ka Mausam: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है. दिन में तेज धूप खिलने से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. वहीं मानसून भी बीते दो हफ्तों से आगे नहीं बढ़ा है. इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज देश के 11 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

मौसम विभाग की मानें तो आज राजधानी दिल्ली, यूपी, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में तेज बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग की मानें तो कुछ राज्यों में अगले 15 घंटों के अंदर 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. इसके साथ ही अगले चाार से पांच दिनों तक भारी बारिश और आंधी-तूफान आने की आशंका है.

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की आशंका

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और ओडिशा में आज झमाझम बारिश हो सकती है.

दिल्ली में आज कैसे रहेगा मौसम का मिजाज

दिल्ली-एनसीआर में आज यानी 19 से 23 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी. साथ ही कई स्थानों पर हल्की बारिश होने की आशंका है. जबकि 22 और 23 जून को मौसम के स्थिर रहने की आशंका है. जबकि आज का अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा.

यूपी-बिहार के इन जिलों में होगी झमाझम बारिश

वहीं उत्तर प्रदेश बिहार के भी कई जिलों में आज भारी बारिश की आशंका है. मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, वाराणसी, गाजीपुर, प्रयागराज, कानपुर, सीतापुर, मेरठ, बरेली, पीलीभीत, बिजनौर, हरदोई, बदायूं, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, महोबाल, उन्नाव, कौशांबी, हमीरपुर, चित्रकूट में लू का अलर्ट जारी किया है, लेकिन इस बीच गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की भी संभावना है.

वहीं बिहार की राजधानी पटना में आज गरज चमक के साथ बारिश होने की आशंका है. इसके अलावा सारण, सिवान, गया, शेखपुरा, बेगुसराय, मुंगेर, शेखपुरा, नवादा, कटिहार, गोपालगंज, वेस्ट चंपारण, ईस्ट चंपारण, समस्तीपुर और नालंदा में भी आज गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं.

राजस्थान के भी कई जिलों में बारिश का आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को राजस्थान के भी कई जिलों में बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. जबकि पश्चिमी क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश की की संभावना है. इस दौरान उदयपुर जिले के सारड़ा में सबसे अधिक बारिश होने की आशंका है. जबकि दौसा और संगरिया में भी आज मौसम खराब होने की आशंका है.
]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639174584096735380.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[19 जून की महत्त्वपूर्ण घटनाएं ]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/significant-events-of-june-19</link><pubDate>Fri, 19 Jun 2026 09:17:44 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/significant-events-of-june-19</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639174574643091866.jpg"> 

1996 - बौद्धिक संपदा क़ानून (आई.पी.आर.) पर चीन एवं सं.रा. अमेरिका में समझौते, प्रसिद्ध अंपायर डिकी बर्ड एम.सी.सी. की आजीवन सदस्यता से सम्मानित।
1999 - कोलोन (जर्मनी) में समूह-8 की शिखर बैठक प्रारम्भ।
2002 - पाकिस्तान के विदेश सचिव इनामुल हक को पाकिस्तान का नया विदेश मंत्री बनाया गया।
2003 - फ़िनलैंड की प्रथम महिला प्रधानमंत्री एनेली जाटिनमांकी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया।
2005 - फ़ोर्ब्स पत्रिका ने ओफ़्रा विनफ़े को दुनिया की सौ ताकतवर हस्तियों में पहला स्थान दिया।
2006 - जापान ने उत्तरी कोरिया को परमाणु परीक्षण मामले पर चेतावनी दी।
1931 - सुदर्शन अग्रवाल - उत्तराखंड और सिक्किम के पूर्व राज्यपाल
1970 - राहुल गांधी - भारतीय नेता और भारत की संसद के सदस्य।
1871 - माधवराव सप्रे - राष्ट्रभाषा हिन्दी के उन्नायक, प्रखर चिंतक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सार्वजनिक कार्यों के लिये समर्पित कार्यकर्ता थे।
1948 - ओकरम इबोबी सिंह - भारतीय राजनीतिज्ञ तथा मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री हैं।
2021 - गुरुप्रसाद मोहापात्रा - भारतीय आईएएस अधिकारी थे।
2018 - नेरेला वेणु माधव - भारतीय मिमिक्री कलाकार थे।
1981 - सुभाष मुखोपाध्याय - भारत के &#39;प्रथम टेस्ट ट्यूब बेबी&#39; के जनक चिकित्सक व वैज्ञानिक थे।

]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639174574643091866.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[ एक दिन में कितने किलोमीटर चलना है सही? ज्यादा चलने से क्या हो सकते हैं नुकसान]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/daily-walking-distance-how-many-km-walk-per-day-benefits-risks</link><pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:25:38 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/daily-walking-distance-how-many-km-walk-per-day-benefits-risks</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639173931383029093.jpg"> 

Daily Walking Distance: चलना सबसे आसान और असरदार एक्सरसाइज में से एक माना जाता है। यह न सिर्फ हार्ट को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि वजन कंट्रोल करने, मूड बेहतर बनाने और शरीर को सक्रिय रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर एक दिन में कितनी वॉक करना सही है और क्या जरूरत से ज्यादा चलना नुकसान भी पहुंचा सकता है?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट GoodRx के एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर व्यक्ति के लिए चलने की आदर्श दूरी अलग-अलग हो सकती है। यह उसकी फिटनेस, उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और चलने की गति पर निर्भर करता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से व्यायाम करता है, वह नए व्यक्ति की तुलना में अधिक दूरी आराम से तय कर सकता है।

कितना चलना माना जाता है सही?

एक्सपर्ट्स सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं। इसका मतलब है कि आप हफ्ते में छह दिन करीब 25 मिनट तेज चाल से चल सकते हैं। आमतौर पर यह दूरी 2 से 3 किलोमीटर के आसपास हो सकती है, हालांकि यह व्यक्ति की गति पर निर्भर करती है।

10,000 कदम प्रतिदिन चलने का लक्ष्य काफी लोकप्रिय है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कोई जादुई संख्या नहीं है। एक रिसर्च में पाया गया कि रोजाना लगभग 7,000 कदम चलने वाले लोगों में समय से पहले मृत्यु का जोखिम कम देखा गया। हालांकि, 7,000 और 10,000 से अधिक कदम चलने वालों के बीच स्वास्थ्य लाभ में बहुत बड़ा अंतर नहीं पाया गया। अब 4,000 स्टेप्स को लेकर भी कई दावे किए जा रहे हैं, जिन पर शोध जारी है।

कब बढ़ सकता है खतरा?

ज्यादा चलना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता। यदि शरीर को पर्याप्त आराम न मिले और लगातार जरूरत से ज्यादा वॉक की जाए, तो ओवरट्रेनिंग जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अगर वॉक के बाद लंबे समय तक मांसपेशियों में दर्द बना रहे, शरीर भारी महसूस हो, लगातार थकान रहे या पहले की तुलना में आपकी परफॉर्मेंस कम हो जाए, तो यह संकेत हो सकता है कि आप जरूरत से ज्यादा चल रहे हैं। इसके अलावा, बार-बार मोच आना, चोट लगना, चलने की इच्छा कम होना, चिड़चिड़ापन बढ़ना, भूख कम लगना और बार-बार सर्दी-जुकाम होना भी ओवरएक्सर्शन के संकेत माने जाते हैं।

अपने शरीर की सुनें

एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी तय संख्या के पीछे भागने से ज्यादा जरूरी है कि आप अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहें। अगर आप वॉकिंग की शुरुआत कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे दूरी और समय बढ़ाएं। वहीं, फिट लोग अपनी क्षमता के अनुसार गति, दूरी या वॉक की फ्रीक्वेंसी बढ़ा सकते हैं। शरीर के संकेतों को समझना और पर्याप्त आराम करना भी उतना ही जरूरी है, जितना नियमित रूप से चलना।
]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639173931383029093.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[रोज शैम्पू करना सही या हफ्ते में सिर्फ 2 बार? जानिए बाल धोने का सही तरीका]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/daily-shampoo-or-twice-a-week-expert-tips-for-right-hair-wash-routine</link><pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:36:37 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/daily-shampoo-or-twice-a-week-expert-tips-for-right-hair-wash-routine</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639173901972511955.jpg"> 

Hair Wash Tips: बालों को साफ करने के लिए लोग शैम्पू का इस्तेमाल करते हैं। कई लोग हफ्ते में दो बार हेयर वॉश करते हैं तो कई लोग रोजाना बालों को धोते हैं। लेकिन बालों को शैम्पू से धोने का सबसे सही तरीका क्या है? बालों की जड़ों में जमी गंदगी को साफ करने के लिए रोज शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए या हफ्ते में दो तीन बार। इस बारे में जानकारी दे रही हैं हेयर एक्सपर्ट डॉ.अरिका बंसल, उन्होंने बाल धोने का सही तरीका बताया है। चलिए जानते हैं हफ्ते में कितने दिन बाल धोने चाहिए?

बढ़ गयी है हेयर फॉल की समस्या

डॉ. अरिका बंसल कहती हैं कि आजकल लोगों में बालों से जुड़ी समस्याएं बहुत ज़्यादा देखने को मिल रही हैं। खासतौर पर, हेयर फॉल की समस्या। इसके पीछे कई कारक ज़िम्मेदार होते हैं। जैसे- भारत जैसे देश में लोग घर से बाहर निकलते हैं तो उस वजह से बालों की जड़ों में धूल, मिट्टी और पसीना जमता ही है। ऐसे में ज़रूरी हैं उन्हें वॉश करना। लेकिन ज़्यादातर लोग जल्दी हेयर वॉश नहीं करते हैं जो हेयर फॉल की एक वजह बनता है।

कितने दिन धोएं बाल?

बकौल अरिका बंसल, भारत में धूल मिट्टी बहुत ज़्यादा है इसलिए लोगों को हफ्ते में दो दिन नहीं बल्कि चार से पांच बार बाल धोना ही चहिए। क्योंकि जब आपका स्कैल्प साफ होगा तभी बाल जड़ से मजबूत होंगे। अगर आप ऐसी में बहुत ज़्यादा रहते हैं, बाहर कम निकलते हैं, आपका एक्सपोज़र कम है तब आप फ्रेक्वेंसी कम कर सकते हैं। बालों की जड़ों में जमी गंदगी स्कैल्प को कमजोर करती है। वहीं वह टीनेजर्स को रोज बाल धोने की सलाह देती हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान

हार्ड केमिकल वाले शैम्पू बालों को कमजोर कर देते हैं इसलिए बालों को हमेशा सल्फेट फ्री शैम्पू से ही धोएं। सल्फेट फ्री शैम्पू बालों को डैमेज होने से बचाते हैं और साथ ही कंडीशनर हमेशा बालों पर लगाना चाहिए स्कैल्प पर नहीं। रातभर बालों में ऑयल लगाकर न रखें। बालों को धोने से एक या आधे घंटे पहले ऑयल से मसाज करें, उसके बाद हेयर को वॉश करें।
]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639173901972511955.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[रथयात्रा के दिन किस द्वार से निकलते हैं भगवान जगन्नाथ? जानिए सिंह द्वार और अश्व द्वार का रहस्य]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/jagannath-rath-yatra-which-gate-lord-jagannath-exits-singha-dwar-or-ashwa-dwar</link><pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:20:25 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/jagannath-rath-yatra-which-gate-lord-jagannath-exits-singha-dwar-or-ashwa-dwar</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639173892257570049.jpg"> 

Jagannath Rath Yatra 2026: ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर को धरती का वैकुंठ माना गया है। यहां हर साल आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा एक ऐसा विश्व प्रसिद्ध महामहोत्सव है, जिसका इंतजार देश-दुनिया के करोड़ों भक्तों को रहता है। पंचांग के अनुसार, यह भव्य यात्रा हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को शुरू होती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार से शुरू होने जा रही है, जिसका समापन 24 जुलाई 2026 को होगा।

इस उत्सव में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विशाल और भव्य रथों पर सवार होकर अपनी मौसी के घर यानी गुंडीचा मंदिर जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरी के इस रहस्यमयी मंदिर में चार मुख्य प्रवेश द्वार हैं, और जब भगवान रथयात्रा के लिए बाहर निकलते हैं तो वे किस द्वार से बाहर आते हैं? आइए जानते हैं।

रथयात्रा में किस द्वार से बाहर आते हैं भगवान?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर में चार प्रमुख प्रवेश द्वार हैं, जिन्हें सिंह द्वार, अश्व द्वार, व्याघ्र द्वार और हस्ति द्वार के नाम से जाना जाता है। इनमें से सिंह द्वार मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है और यह पूर्व दिशा की ओर स्थित है।

रथयात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा मंदिर से बाहर निकलकर अपने रथों तक पहुंचते हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, यह भव्य पाहंडी यात्रा सिंह द्वार से ही संपन्न होती है। यानी भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन रथयात्रा के दौरान मुख्य रूप से सिंह द्वार से बाहर आते हैं और यहीं से उनकी यात्रा गुंडीचा मंदिर की ओर शुरू होती है।

क्या है सिंह द्वार का महत्व?

सिंह द्वार को श्रीमंदिर का सबसे प्रमुख और पवित्र द्वार माना जाता है। इस द्वार के सामने प्रसिद्ध अरुण स्तंभ स्थित है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। सिंह द्वार पर सिंह की आकृतियां बनी हुई हैं, जो शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि मंदिर में प्रवेश करने वाले अधिकांश श्रद्धालु इसी द्वार से दर्शन के लिए प्रवेश करते हैं। रथयात्रा के दौरान भी यही द्वार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

श्रीमंदिर के चारों द्वार और उनका महत्व

पुरी के श्रीमंदिर में चार दिशाओं में चार भव्य द्वार बनाए गए हैं, जिनका अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।

सिंह द्वार

यह मंदिर का मुख्य द्वार है। इसे धर्म और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। रथयात्रा के दौरान भगवान इसी द्वार से बाहर आते हैं।

अश्व द्वार

अश्व द्वार पर घोड़ों की आकृतियां बनी हैं। यह वीरता, गति और कर्म का प्रतीक माना जाता है। इस द्वार का भी धार्मिक महत्व है, लेकिन रथयात्रा की मुख्य प्रक्रिया इससे नहीं होती।

व्याघ्र द्वार

व्याघ्र द्वार को पराक्रम और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस द्वार का संबंध साहस और आत्मबल से जोड़ा जाता है।

हस्ति द्वार

हाथियों की आकृतियों से सजा यह द्वार समृद्धि, स्थिरता और वैभव का प्रतीक माना जाता है।

क्यों खास है भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा?

रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम है। इस दिन भगवान जगन्नाथ स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं और उन्हें दर्शन देते हैं। यही कारण है कि इस उत्सव को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। मान्यता है कि रथयात्रा के दौरान भगवान के रथ का दर्शन करने और उसकी रस्सी खींचने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि इस महापर्व का इंतजार पूरे वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। जनता टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639173892257570049.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[1 करोड़ का सोना हुआ गायब, पुलिस ने बताया बारिश और बंदरों का खेल; कोर्ट ने मांगा जवाब]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/lakhimpur-court-gold-melted-in-rain-monkeys-took-rest-judge-orders-recovery</link><pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:16:01 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/lakhimpur-court-gold-melted-in-rain-monkeys-took-rest-judge-orders-recovery</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639173889616726703.jpg"> 

Viral News In UP: आजकल दहेज प्रताड़ना और उसके बाद हत्या के मामले काफी सामने आते हैं। मगर, हर बार लड़का गलत नहीं होता, यह एक मामले में सिद्ध हुआ। फिर भी पीड़ित पक्ष आज एक साल बाद भी न्याय का इंतजार कर रहा है। दरअसल, करीब 17 साल पहले एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। उस समय पुलिस महिला के शव से करीब 1 करोड़ रुपये के सोने के गहने उतारकर अपने कब्जे में ले गई थी। अब जब अदालत ने जब्त गहनों को ससुराल पक्ष को सौंपने का आदेश दिया, तो पुलिस ने एक चौंकाने वाला दावा कर दिया। पुलिस ने कहा कि कुछ गहने बारिश में खराब हो गए और बाकी बंदर उठा ले गए। यह सुनकर अदालत भी हैरान रह गई।

साल 2007 में शहर के मोहल्ला कपूरथला निवासी मुदित अग्रवाल की पत्नी रानी अग्रवाल उर्फ जूली ने दीपावली की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से नाक की सोने की कील, गले की चेन व लॉकेट, सोने की अंगूठी और 10 सोने की चूड़ियां उतारकर पुलिस को सौंप दी गई थीं। उस समय बताया गया था कि इन गहनों को सदर कोतवाली के मालखाने में जमा करा दिया गया है।

महिला की मौत के बाद हंगामा हुआ और मायके वालों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। मुदित अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों को जेल भेज दिया गया। हालांकि, 28 फरवरी 2024 को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। मुकदमे के निस्तारण के बाद मुदित अग्रवाल ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गहनों को अपने पक्ष में रिलीज करने की मांग की। इस पर पुलिस की ओर से दाखिल रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया।

पुलिस ने अदालत को बताया कि 7 सितंबर 2013 तक मालखाने में रखी सोने के गहनों से भरी पोटलियां भीग गई थीं। उन्हें सुखाने के लिए छत पर रखा गया था, लेकिन बारिश होने से ज्यादातर गहने खराब हो गए। पुलिस का दावा था कि जो गहने बचे थे, उन्हें बंदर उठा ले गए।

तत्कालीन सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ल ने इस स्पष्टीकरण को सुनकर हैरानी जताई और इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही माना। कोर्ट ने टिप्पणी की कि सोने के गहने बारिश में नष्ट नहीं हो सकते। साथ ही, मालखाने जैसी संवेदनशील जगह के कीमती सामान को खुले में और बिना निगरानी के रखने का दावा भी स्वीकार्य नहीं है।

अपने आदेश में अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने सीलबंद पोटली में रखे बहुमूल्य गहनों का अपने हित में उपयोग किया और बाद में अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टियां कर दीं। अदालत ने मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ के अनुसार, महिला के शरीर से मिले गहनों को अदालत में पेश नहीं किया गया था। इसके कारण करीब सात वर्षों तक गवाही की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। तत्कालीन जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ल ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने गहनों के अभाव में भी गवाही शुरू कराने के साथ-साथ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित को क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद आज तक पीड़ित पक्ष को पूरी राहत नहीं मिल सकी है।
]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639173889616726703.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Chamba में दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी बोलेरो, मुंडन संस्कार से लौट रहे 7 लोगों की मौत]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/chamba-bolero-falls-into-gorge-seven-killed-returning-from-mundan-ceremony</link><pubDate>Thu, 18 Jun 2026 13:56:29 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/chamba-bolero-falls-into-gorge-seven-killed-returning-from-mundan-ceremony</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639173877894693581.jpg"> 

Himachal Accident Today: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में वीरवार को चंबा-मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के समीप एक बोलेरो अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।

मुंडन संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे घर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोलेरो (एचपी-01सी-2581) में ग्राम महल पंचायत के सपरोठ गांव के छह लोग, जिनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे और वाहन का चालक सवार था। ये सभी लोग काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान छतरूंड के पास अनियंत्रित होकर वाहन सड़क से लुढ़क गया और खाई में समा गया। खाई की गहराई लगभग 500 मीटर बताई जा रही है।

राहत एवं बचाव कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। गहरी खाई से सभी सात शवों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि हो सके।

जांच शुरू, कारणों की पड़ताल जारी

प्रशासन ने इस भीषण हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कों की स्थिति, वाहन की गति, या किसी अन्य यांत्रिक खराबी जैसे संभावित कारणों की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने सपरोठ पंचायत में मातम का माहौल बना दिया है।

पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा की चिंता

चंबा जैसे पहाड़ी जिलों में इस तरह के सड़क हादसे कोई नई बात नहीं हैं। संकरे और घुमावदार रास्ते, तीव्र ढलानें और कई बार खराब सड़क की स्थिति, इन सभी कारणों से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा के उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और सड़कों की स्थिति को सुधारा जाए।

मृतकों की पहचान


	चुनी लाल (65) पुत्र परस राम, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
	देवी लाल (62) पुत्र परस राम, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
	मोती राम (50) पुत्र राम, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।बबली देवी (45) पत्नी मोती राम, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
	कुंता देवी (53) पत्नी कर्म सिंह, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
	अनीता कुमारी (20) पुत्री धर्म सिंह, गांव मेहल, डाकघर कोहाल, तहसील एवं जिला चंबा।
	मनोहर लाल (34) पुत्र धरो, चालक, गांव टोपड़ा, डाकघर झुलाड़ा, तहसील एवं जिला चंबा।


मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा जिले की मसरूंड-हमल सड़क पर छतरुंड के निकट गत रात्रि हुई सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639173877894693581.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Uttarakhand में जमीन खरीदने वालों को राहत, गैर-कृषि भूमि की ऑनलाइन मंजूरी अब सिर्फ 7 दिन में मिलेगी]]></title><link>https://www.jantatv.com/news/uttarakhand-non-agricultural-land-online-process-7-days-relief</link><pubDate>Thu, 18 Jun 2026 13:25:56 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.jantatv.com/news/uttarakhand-non-agricultural-land-online-process-7-days-relief</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.jantatv.com/upload/news/639173859565652761.jpg"> 

Uttarakhand land purchase: उत्तराखंड सरकार ने उद्योग स्थापना के लिए भूमि खरीदने वाले निवेशकों को बड़ी राहत देते हुए गैर कृषि (धारा-143) की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत भूमि खरीद की अनुमति मिलने के बाद आवेदकों को अलग से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और एक सप्ताह के भीतर गैर कृषि की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।

प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए भूमि खरीदने की अनुमति पहले जिला स्तर पर दी जाती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया शासन स्तर पर ऑनलाइन संचालित की जा रही है। निवेशक ई-भू अनुमति पोर्टल के माध्यम से आवेदन करते हैं, जिसके परीक्षण के बाद शासन भूमि क्रय (धारा-154) की अनुमति जारी करता है।

अब नई व्यवस्था के तहत जैसे ही भूमि क्रय की अनुमति मिलेगी, उसी समय पोर्टल पर धारा-143 के तहत भूमि को गैर कृषि घोषित कराने का विकल्प स्वतः उपलब्ध हो जाएगा। इसके साथ ही संबंधित जिले के राजस्व विभाग को ऑनलाइन सूचना पहुंच जाएगी और अधिकारी को सात दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करनी होगी।

राजस्व परिषद सचिव रंजना राजगुरु के अनुसार, सरलीकरण की दिशा में धारा-143 की प्रक्रिया को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ दिया गया है। यदि निर्धारित सात दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी कोई निर्णय नहीं लेते हैं तो यह प्रक्रिया स्वतः पूर्ण मानी जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया में तेजी आएगी, निवेशकों का समय बचेगा और अनावश्यक प्रशासनिक विलंब समाप्त होगा। साथ ही राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को मजबूत करने में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
]]></description><media:thumbnail url="https://www.jantatv.com/upload/news/639173859565652761.jpg" width="75" height="50"/></item></channel></rss>