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  • बजट 2022: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़ा एलान संभव, कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने पर विचार 

    बजट 2022: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़ा एलान संभव, कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने पर विचार 

     

    इस साल के बजट में कारोबारियों की गतिविधियों को बेहतर चलाने और निर्यात बढ़ाने के मकसद से केंद्र सरकार बड़े एलान कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार बजट में खास तौर पर विदेश से आयात किए जाने वाले कच्चे माल को सस्ता कर सकती है। 

    जानकारी के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए जरूरी कच्चे माल पर इम्पोर्ट ड्यूटी में कटौती के साथ-साथ इसकी सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया जा सकता है। लेकिन कारोबारियों का कहना है कि विदेश से आयात महंगा होने की वजह से कई उत्पाद वैश्विक बाजार की तुलना में महंगे हो जाते हैं जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धा में मुश्किल होती है।

    सरकार इस साल बजट में इस बारे में विचार विमर्श करके बड़ा एलान कर सकती है। इसके लिए सरकार ऐसे उत्पादों को चिन्हित कर रही है जिनके दाम पिछले 1 साल में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं। इनमें स्टील, कॉपर, एल्युमीनियम और कॉटन जैसे आईटम्स शामिल है।

    सरकार घरेलू कंपनियों से इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत भी कर चुकी है। मामले से जुड़े अधिकारी के मुताबिक, सरकार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की दिक्कतों पर जल्द टास्कफोर्स का गठन भी कर सकती है। टास्क फोर्स के जिम्मे क्षेत्र की सभी मुश्किलें दूर करते हुए सुझाव देने का काम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी संबंधित मंत्री कई मौकों पर कह चुके हैं कि आने वाले दिनों में भारत दुनियाभर में सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभरेगा। ऐसे में बिना इन कारोबारियों की दिक्कतों को दूर किए ये रास्ता तय नहीं किया जा सकेगा।

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  • Petrol Diesel Rate: जल्द पेट्रोल-डीजल की कीमतों में होगा जबरदस्त इजाफा! जानें क्या है वजह

    Petrol Diesel Rate: जल्द पेट्रोल-डीजल की कीमतों में होगा जबरदस्त इजाफा! जानें क्या है वजह

     

    आने वाले दिनों में पेट्रोल डीजल (Petrol diesel rate) के दामों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है। दरअसल, कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 7 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। यमन के हौथी समूह द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हमला करने और ईरान-गठबंधन समूह तथा सऊदी अरब (Saudi Arab) के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच तनाव बढ़ने के बाद संभावित आपूर्ति व्यवधान की चिंताओं के कारण कच्चे तेल (Crude oil) की कीमत मंगलवार को 1 डॉलर से अधिक बढ़कर सात साल के अपने उच्च स्तर तक पहुंच गई है।

    87.48 डॉलर प्रति बैरल हुआ क्रूड प्राइस
    मंगलवार सुबह ब्रेंट क्रूड वायदा 1.01 डॉलर या 1.2% बढ़कर 87.48 डॉलर प्रति बैरल हो गया था। इससे पहले यह 29 अक्टूबर 2014 को 87.55 डॉलर के उच्च स्तर पर थी। इसके बाद यह पहली बार है जब क्रूड वायदा 87.55 डॉलर के आंकड़े के पार हो गया है। बता दें कि साल 2022 में कच्चे तेल के दामों में अब तक 10 फीसदी से ज्यादा उछाल आ चुका है।

    बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
    इस पर तेल कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूड ऑयल के महंगे होने का असर अब घरेलू बाजार पर भी देखने को मिलने वाला है। हालांकि, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अभी भारतीय बाजार (Indian Market) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस पर आईआईएफएल सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। इसका असर आने वाले समय में भारतीय बाजार पर भी पड़ेगा। घरेलू बाजार में अगले एक महीने में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों में दो से तीन रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। 

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  • रियलमी का ये ईयरबड्स मार्केट में मचाएगा धमाल, दो डिवाइस से होगा कनेक्ट, जानें रेट और पूरी सुविधा

    रियलमी का ये ईयरबड्स मार्केट में मचाएगा धमाल, दो डिवाइस से होगा कनेक्ट, जानें रेट और पूरी सुविधा

     

    बाजार में सबसे सस्ते ईयरबड्स के साथ एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन फीचर से लैस रियलमी के इस ईयरबड्स को लोगों ने बहुत पसंद किया था। रियलमी ने लगभग एक साल पहले Realme Buds Air 2 TWS ईयरबड्स को लॉन्च किया था। रियलमी बड्स एयर 2 को काफी पसंद किया गया था। अब, मायस्मार्टप्राइस ने विशेष रूप से अपकमिंग Realme Buds Air 3 के फीचर्स और स्पेक्स के बारे में जानकारी शेयर की है। 

    सूत्रों का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बड्स एयर 3 बहुत जल्द भारतीय बाजार में लॉन्च होगा। रियलमी बड्स एयर 3 में बड्स एयर 2 के समान एक इन-ईयर डिजाइन होगा। यह ट्रिपल-माइक्रोफोन सेटअप के साथ आएगा और एक ट्रांसपेरेंट मोड के साथ एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन की पेशकश करेगा। साथ ही, यह उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद के अनुसार ऑडियो एक्सपीरियंस को कस्टमाइज करने का विकल्प प्रदान करेगा। यूजर्स को एक टेस्ट देना होगा जिसके आधार पर ऐप कस्टमाइज्ड ऑडियो एक्सपीरियंस जनरेट करेगा।

    बड्स एयर 3 एएनसी लगभग 30 घंटे की बैटरी लाइफ की पेशकश करेगा और इसमें टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट की सुविधा होगी। रियलमी बड्स एयर 3 को देश में बहुत जल्द लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। हम उम्मीद कर सकते हैं कि बड्स एयर 2 ईयरबड्स 3299 रुपये में लॉन्च होने के बाद से कंपनी इसकी कीमत 4,000 रुपये से कम रख सकती है।

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  • Budget 2022: बजट सत्र पर मंडराया कोरोना संकट, संसद के 700 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित

    Budget 2022: बजट सत्र पर मंडराया कोरोना संकट, संसद के 700 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित

     

    31 जनवरी से दो चरणों में शुरू होने वाले बजट सत्र (Budget Session) पर संकट के बादल छाने लगे हैं। दरअसल, कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave) के बीच होने जा रहे इस बजट सत्र से पहले संसद के 700 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, चार जनवरी तक संसद परिसर के 718 कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसमें अकेले 204 कर्मचारी तो राज्यसभा सचिवालय के हैं। बाकी बचे कर्मचारी भी संसद से ही जुड़े हुए हैं। इस बीच विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संसद सत्र शुरू होगा, तो कोरोना की तीसरी लहर अपने पीक पर होगी। ऐसे में बजट सत्र के दौरान संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है।

    2020 की तरह लग सकते हैं प्रतिबंध
    ओमिक्रॉन (Omicron) और कोरोना (Corona) के बढ़ते मामलों के बीच होने जा रहे बजट सत्र का हाल भी मानसून सत्र, 2020 की तरह हो सकता है। सितंबर, 2020 में आयोजित मानसून सत्र (Monsoon Session) में सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल (Covid-19 Protocol) लागू किया गया था। दिन के पहले भाग में राज्यसभा और दूसरे भाग में लोकसभा की बैठक आयोजित की जा रही थी। इसके बाद अगले बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र अपने पूर्व निर्धारित समय अनुसार आयोजित हुए। हालांकि, इस दौरान भी शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन किया गया था। इस बार आयोजित होने जा रहे बजट सत्र पर भी एक बार फिर से सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल लागू हो सकता है।

    बजट सत्र की हो चुका है ऐलान
    वहीं, शुक्रवार को बढ़ते संक्रमण के बीच लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बजट सत्र की घोषणा कर दी गई है। लोकसभा का आठवां सत्र 31 जनवरी 2022 से शुरू होगा। इसके आठ अप्रैल को संपन्न होने की संभावना जताई जा रही है। विज्ञप्ति में कहा गया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) को एक साथ 31 जनवरी की सुबह संबोधित करेंगे। इसके अगले दिन यानी एक फरवरी 2022 को  केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया जाएगा। स्थायी समितियों को मंत्रालयों व विभागों की मांगों पर विचार करने और अपनी रिपोर्ट तैयार करने का समय देने के लिए सदन 11 फरवरी को स्थगित कर दी जाएगी और 14 मार्च को फिर आयोजित होगा।

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  • इस मकर संक्रांति पर मात्र 634 रुपये में घर लाएं घरेलू एलपीजी सिलेंडर

    इस मकर संक्रांति पर मात्र 634 रुपये में घर लाएं घरेलू एलपीजी सिलेंडर

     

    मकर संक्रांति पर आप अपने घर केवल 634 रुपये में घरेलू सिलेंडर ला सकते हैं। आप अगर दिल्ली, बनारस, प्रयागराज, फरीदाबाद, गुरुग्राम, जयपुर, हैदराबाद, जालंधर, जमशेदपुर, पटना, मैसूर, लुधियाना, रायपुर, रांची, अहमदाबाद जैसे शहरों में रहते हैं तो आपके लिए काम की खबर है। जिसे 633.50 रुपये से लेकर 697 रुपये में रीफिल करवा सकते हैं। इस सिलेंडर में केवल 10 किलो ही गैस रहेगी।

    दरअसल हम बात कर रहे हैं उस सिलेंडर की, जिसमें गैस दिखती भी है और 14.2 किलो गैस वाले भारी भरकम सिलेंडर से हल्का भी है। वैसे तो 14.2 किलो गैस वाला सिलेंडर दिल्ली में अभी 899.50 रुपये में मिल रहा है, लेकिन कंपोजिट सिलेंडर मात्र 633.50 रुपये में भरवा सकते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में यह 677 रुपये में मिल रहा है।

    बता दें घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए रेट 1 जनवरी को जारी हो चुके हैं। कामर्शियल सिलेडर 100 रुपये सस्ता हो चुका है और 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट में पिछले कई महीने से कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    बाजार में आ चुका कंपोजिट सिलेंडर लोहे के सिलेंडर के मुकाबले 7 किलो हल्का है। इसमें थ्री-लेयर हैं। बता दें अभी इस्तेमाल होने वाला खाली सिलेंडर 17 किलो का होता है और गैस भरने पर यह 31 किलो से थोड़ा अधिक पड़ता है। अब 10 किलो के कंपोजिट सिलेंडर में 10 किलो ही गैस होगी। 

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  • Budget 2022: इस बार बजट में आम आदमी के लिए क्या होगा खास? जानिए

    Budget 2022: इस बार बजट में आम आदमी के लिए क्या होगा खास? जानिए

     

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को अपना चौथा बजट पेश करने की तैयरी में हैं। बजट 2022 पेश होने में अब कुछ ही समय रह गया हैं, इसी के साथ इस बार बजट में क्या घोषणा हो सकती है, चारों तरफ सिर्फ यही चर्चा है। बीते वर्ष वित्त मंत्री ने विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए आम आदमी के जीवन को सरल बनाने के लिए कई योजनाएं और नीतियां शुरू की थीं। आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana) से लेकर वाहन स्क्रैपिंग नीति (Vehicle Scraping Policy) तक आम आदमी के लिए कई घोषणाएं की थीं।

    इस साल के बजट में आम आदमी को मिल सकती है राहत
    उम्मीद की जा रही है कि आने वाले इस साल आने वाले बजट के साथ ही वित्त मंत्री आर्थिक सुधार को गति देने के लिए कई घोषणाएं कर सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीतारमण देश में उद्यमिता (entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए भी फैसला ले सकती हैं। पिछले बजट में, सरकार ने कर व्यवस्था (Tax System) में कोई बदलाव नहीं किया था यानी करदाताओं के लिए कोई महत्वपूर्ण राहत की घोषणा नहीं की गई थी।

    हालांकि, आगामी बजट आम आदमी के लिए कुछ राहत ला सकता है। पिछले बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई थी। नए नियम के मुताबिक, 75 वर्ष से अधिक उम्र के करदाता और पेंशन और जमा से आय वाले करदाता आयकर रिटर्न से छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं। आगामी बजट में सरकार देश की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए भी नई घोषणाएं कर सकती है। इसके अलावा सरकार आम आदमी की सुविधा के लिए नए राजमार्ग, रेलवे, हवाई मार्ग और जलमार्ग जैसे बुनियादी ढांचे से संबंधित नए घोषणाएं भी कर सकती हैं।

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  • श्रीलंका ने भारत की सहायता से शुरू की लग्जरी रेल सेवा

    श्रीलंका ने भारत की सहायता से शुरू की लग्जरी रेल सेवा

     

    श्रीलंका (Sri Lanka) ने भारत द्वारा दी गई ऋण सहायता (Credit Support) की मदद से देश के तमिल बहुल जाफना जिले को राजधानी कोलंबो (Colombo) से जोड़ने वाली एक लग्जरी रेल सेवा (Luxury Rail Service) शुरू की है। इस इंटरसिटी रेल सेवा की शुरुआत रविवार को कोलंबो के माउंट लाविनिया उपनगर से उत्तर में जाफना के कांकेसंथुराई बंदरगाह उपनगर तक के लिए की गई है। इन दोनों उपनगरों में लगभग 386 किलोमीटर की दूरी है।
         
    श्रीलंका में स्थित भारतीय उच्चायोग ने इसे ''भारत-श्रीलंका संबंधों में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर'' बताया।उच्चायोग ने ट्वीट किया, ''रेलवे बुनियादी ढांचे को और मजबूती!! उत्तरी प्रांत के लिए आज शुरू की गई रेल सेवा, श्रीलंका के साथ भारत की विकास साझेदारी के दो प्रमुख स्तंभों को दर्शाती है - बुनियादी ढांचा विकास और देशव्यापी दृष्टि''
         
    भारत ने ऋण सुविधा के तहत एसी डीजल मल्टीपल यूनिट (ACDMU) दी थी। श्रीलंका की परिवहन मंत्री पवित्रा वन्नियाराच्ची ने उद्घाटन के दौरान रेलगाड़ी की सवारी की और भारत के उप उच्चायुक्त विनोद के जैकब ने कोलंबो फोर्ट स्टेशन (Colombo Fort Station) पर उनका स्वागत किया। भारतीय मिशन ने एक बयान में कहा कि श्रीलंका के विकास कार्यों में भारत का कुल योगदान 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है, जिसमें से करीब 57 करोड़ अमेरिकी डॉलर की विशुद्ध रूप से अनुदान परियोजनाएं हैं।

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  • अब म्‍यांमार तक चलेगी इंडियन रेलवे की ट्रेने, परियोजना को मिली मंजूरी

    अब म्‍यांमार तक चलेगी इंडियन रेलवे की ट्रेने, परियोजना को मिली मंजूरी

     

    भारत-म्यांमार संबंधों को और बेहतर करने के लिए रेलवे ने अपना काम तेज कर दिया है। पूर्वोत्तर से म्यांमार की सीमा तक भारतीय क्षेत्र में रेल लाइन बिछाने के लिए रेल मंत्रालय ने फाइनल सर्वे को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद Indian Railways की ट्रेन म्‍यांमार तक जाएगी।

    मंत्रालय के अनुसार मणिपुर सीएम एन बीरेन सिंह की मांग पर ये मंजूरी 2 घंटे के अंदर दी गई है। दरअसल मणिपुर के मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से उनकी पूर्वोत्तर यात्रा के दौरान यह मांग की थी कि म्यांमार तक नई रेल लाइन को एक्सटेंशन दिया जाए। 

    इससे पहले भी म्यांमार तक रेल लाइन बिछाने के लिए प्रपोजल दिया गया था लेकिन रेल मंत्रालय ने उसे नामंजूर कर दिया था। रेलवे के अनुसार इंडो-म्यांमार रेल लिंक परियोजना के तहत इंफाल से मोरेह तक ट्रैक बिछाया जाएगा। अभी भारतीय इलाके में इंफाल तक ही रेल लाइन है। इसे अपनी सीमा में मोरेह तक बढ़ाया जाएगा। मोरेह को म्यांमार के अंतिम रेल स्टेशन टामू से जोड़ा जाएगा।

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  • LIC Jeevan Pragati Plan: महीने में सिर्फ 6000 रुपये करें जमा और पाएं लाखों, जानें पूरी अपडेट 

    LIC Jeevan Pragati Plan: महीने में सिर्फ 6000 रुपये करें जमा और पाएं लाखों, जानें पूरी अपडेट 

     

    भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी अपने ग्राहकों के लिए कई तरह के प्लान निकालती रहती है। एलआईसी की एक ऐसी ही जीवन प्रगति प्लान पॉलिसी है जो आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकती है। एलआईसी के इस प्लान की खासियत यही है कि आप बहुत छोटा निवेश कर भी लाखों रुपये का फंड बना सकते हैं। दरअसल आपको हर महीने 6000 रुपये जमा कर 28 लाख रुपये फंड बना सकते हैं।

    इस पॉलिसी में निवेशकों को हर दिन 200 रुपये यानी एक महीने में 6000 रुपये जमा करने होते हैं। अगर आप 20 साल तक इसमें पैसा लगाते हैं तो आपको मैच्योरिटी पर पूरे 28 लाख का फायदा मिलता है। इसके अलावा इसमें आपको रिस्क कवर भी मिलेगा।

    अगर पॉलिसी के दौरान जमाकर्ता की मृत्यु हो जाती है तो उसके नॉमिनी को पॉलिसी के पैसे दिए जाएंगे। इस की सबसे खास बात यह है कि इसमें निवेशकों का रिस्क कवर हर 5 साल में बढ़ता है। यानी 5 साल में आपको मिलने वाली अमाउंट में इजाफा हो जाता है।

    1. इस पॉलिसी का टर्म न्यूनतम 12 साल है और अधिकतम 20 साल है।
    2. इस पॉलिसी की अधिकतम निवेश आयु 45 साल है।
    3. यह योजना नॉन-लिंक्ड, बचत और सुरक्षा का फायदा देती है।
    4. इसमें आपको सालाना, तिमाही और छमाही के आधार पर प्रीमियम का भुगतान करना होता है।
    5. सम एस्योर्ड के रूप में न्यूनतम 5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं।
    6. इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।
    7. सरेंडर मूल्य भी ले सकते हैं
    8. आपको बता दें अगर पॉलिसी धारक ने 3 साल तक प्रीमियम भरा है तो वह पॉलिसी को सरेंडर कर सकता है और सरेंडर मूल्य मिल जाएगा।

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  • SBI ने दिया बड़ा तौहफा, 5 लाख रुपए तक के ऑनलाइन IMPS ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

    SBI ने दिया बड़ा तौहफा, 5 लाख रुपए तक के ऑनलाइन IMPS ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

     

    अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक है तो ये खबर आप ही के लिए है। SBI ने मंगलवार को कहा कि YONO ऐप सहित इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए किए गए ₹5 लाख तक के तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) लेनदेन पर कोई सेवा शुल्क नहीं लगेगा। ग्राहक अब IMPS के जरिए करीब 5 लाख रुपये तक का पेमेंट तुरंत कर सकेंगे। पहले यह सीमा सिर्फ 2 लाख रुपये थी। 

    हालांकि, अगर आप बैंक के ब्रांच में जाकर IMPS करते हैं, तो आपको जीएसटी के साथ सर्विस चार्ज भी देना पड़ सकता है। इसकी जानकारी बैंक ने खुद ट्विटर पर दी है। बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बैंक की शाखाओं से होने वाले IMPS ट्रांजैक्शन के लिए 2 लाख से 5 लाख रुपये का एक नया स्लैब बनाया दिया गया है। इस स्लैब के तहत आने वाली रकम पर सर्विस चार्ज करीब "20 रुपये + जीएसटी" होगा। ये निर्देश 1 फरवरी 2022 से लागू कर दिया जाएगा।

    डिजिटल बैंकिंग पर जोर

    एसबीआई के अनुसार, डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए IMPS ट्रांजैक्शन पर सर्विस चार्ज नहीं लागू करने का निर्णय किया है। यह लेन-देन योनो ऐप, इंटरनेट बैंकिंग/मोबाइल बैंकिंग के जरिए कर सकते हैं। 

    IMPS के तहत, ₹1,000 तक की लेनदेन राशि पर किसी भी प्रकार का सेवा शुल्क नहीं है। ₹1,001 से ₹10,000 तक, ₹2 प्लस जीएसटी का शुल्क लागू है। ₹10,001 से ₹1 लाख के लेनदेन पर ₹4 प्लस जीएसटी शुल्क लगता है। ₹1 लाख से ऊपर ₹2 लाख तक की राशि के लिए, ₹12 प्लस जीएसटी लागू होता है। ये शुल्क केवल बैंक ब्रांच के जरिए किए गए लेनदेन पर ही लागू होते हैं।

    जानें क्या है IMPS? 

    बता दें कि IMPS एक इनोवेटिव रीयल टाइम पेमेंट सर्विस है जो पूरे 24 घंटे उपलब्ध होती है। यह सेवा नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की तरफ से लाई गई है। यह ग्राहकों को पूरे भारत में बैंकों और आरबीआई के द्वारा ऑथोराइज्ड प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट इश्यूअर्स (PPI) के माध्यम से तुरंत पैसा ट्रांसफर करने का अधिकार देती है।  

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  • RBI ने लेनदेन का किया बड़ा फैसला! अब ऑफलाइन भी कर सकेंगे डिजिटल पेमेंट

    RBI ने लेनदेन का किया बड़ा फैसला! अब ऑफलाइन भी कर सकेंगे डिजिटल पेमेंट

     

    देश में अधिकतर लोगों का रूख डिजिटल लेनदेन की ओर बढ़ गया है। हालांकि, इस तरह की पेमेंट करने के लिए अच्छे इंटरनेट स्पीड और नेटवर्क की खास जरूरत होती है। ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में कई बार डिजिटल लेनदेन करने में समस्याओं का सामना कर पड़ता है। जिसके कारण इंटरनेट की कम स्पीड या नेटवर्क का गायब होना हो सकता है। वहीं, अब इन क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट को ऑफलाइन तरीके से किया जा सकता है। बीते सोमवार 03 जनवरी को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने ऑफलाइन पेमेंट को लेकर रूपरेखा जारी की है। जिसके अनुसार रोजाना 200 रुपये तक ऑफलाइन लेनदेन किया जा सकेगा। ऐसे में ये कुल मिलाकर 2000 रुपये तक की पेमेंट हो सकती है।

    क्या है ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट? 
    ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट में इंटरनेट या टेलीकॉम कनेक्टिविटी की कोई जरूरत नहीं होती है। ऐसे में बिना इंटरनेट होने पर भी आप पेमेंट कर सकते हैं। ऑफलाइन होते हुए भी आप किसी भी चैनल या साधन से पेमेंट कर सकते हैं। इसमें वॉलेट, कार्ड, मोबाइल डिवाइस का आमने-सामने इस्तेमाल कर पेमेंट कर सकते हैं।

    AFA की भी नहीं जरूरत 
    आरबीआई का कहना है कि ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट के लिए प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक की जरूरत नहीं होगी। इन लेनदेन में कस्टमर के फोन पर अलर्ट SMS या ई-मेल आएगा, जिसके जरिए पेमेंट पूरी हो सकेगी। लेनदेन के लिए प्रति 200 रुपये तक की सीमा तय की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने ये भी कहा कि कमजोर इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नए ढांचे को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाएगा। साथ ही कहा कि पेमेंट करने का ऑफलाइन तरीक कस्टमर की मंजूरी के बाद ही उपलब्ध किया जाएगा। रिजर्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना से कस्टमर्स को प्रावधानों के तहत सुरक्षा और शिकायत निवारण का सहारा मिलेगा।

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  • टाटा कंपनी के इस शेयर ने निवेशकों को किया मालामाल 

    टाटा कंपनी के इस शेयर ने निवेशकों को किया मालामाल 

     

    टाटा कंपनी के इस शेयर ने धमाल मचाया हुआ है। टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज महाराष्ट्र लिमिटेड यानी टीटीएमएल का शेयर अपने निवेशकों को मालामाल कर रहा है। टाटा के इस शेयर में लगातार अपर सर्किट लग रहा है। टीटीएमएल का शेयर 4.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 216.65 रुपये पर पहुंच गया है। पिछले महीने 2 दिसंबर को शेयर 124.05 रुपये पर बंद हुआ था। यानी सिर्फ एक महीने में इस शेयर ने अपने निवेशकों को 74.64% का रिटर्न दिया है।  

    टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) लिमिटेड के शेयरों में पिछले दिनों शुक्रवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को भी अपर सर्किट लगा था। पिछले साल 2 जुलाई में यह स्टॉक 49.10 रुपये पर था और अब 216 रुपये पर पहुंच गया है। यानी सिर्फ 6 महीने में यह स्टॉक अपने निवेशकों को लगभग 320.27% का रिटर्न दिया है। 

    मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक बीते महीने कंपनी ने स्मार्ट इंटरनेट बेस्ड सर्विस कंपनियों के लिए शुरू की है। इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है, क्योंकि इसमें कंपनियों को फास्ट इंटरनेट के साथ क्लाउड बेस्ड सिक्योरिटी सर्विसेज और ऑप्टोमाइज्ड कंट्रोल मिल रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत क्लाउड आधारित सिक्योरिटी है जिससे डेटा को सुरक्षित रखा जा सकेगा। जो बिजनेस डिजिटल आधार पर चल रहे हैं, उन्हें इस लीज लाइन से बहुत मदद मिलेगी। इसमें हर तरह के साइबर फ्रॉड से सुरक्षा का इंतजाम इन-बिल्ट किया गया है, साथ में फास्ट इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है।

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  • आज से ATM से पैसे निकालना हुआ महंगा, जानें आपकी जेब पर कितना बढ़ा बोझ

    आज से ATM से पैसे निकालना हुआ महंगा, जानें आपकी जेब पर कितना बढ़ा बोझ

     

    नए साल का आगाज हो चुका है। इस नए साल में एटीएम (ATM) से पैसे निकालना अब थोड़ा महंगा हो गया है। दरअसल, जून 2021 में केंद्रीय रिजर्व बैंक (Central Reserve Bank) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था। जिसके मुताबिक 1 जनवरी 2022 से मुफ्त मासिक सीमा से ज्यादा लेनदेन करने पर ग्राहकों को अतिरिक्त चार्ज देने होंगे। अब तक मुफ्त मासिक सीमा से ज्यादा लेनदेन पर ग्राहकों को 20 रुपए देने पड़ते थे लेकिन अब 20 की बजाए 21 रुपए या उससे अधिक देने पड़ेंगे। इस हिसाब से देखा जाए तो 1 या 2 रुपए का बोझ ग्राहकों पर बढ़ सकता है।

    कितनी है मुफ्त मासिक सीमा
    ग्राहक अपने बैंक एटीएम से हर महीने करीब पांच मुफ्त लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन सहित) कर सकते हैं। मान लीजिए कि अगर आप एक्सिस बैंक के ग्राहक हैं तो आपको एक्सिस के एटीएम से हर महीने 5 बार लेनदेन के लिए चार्ज नहीं देना होगा। जब आप इससे ज्यादा लेनदेन करेगें तो आपको 21 रुपए या उससे अधिक पैसे देने पड़ेंगे। बता दें कि ग्राहक अन्य बैंक के एटीएम से भी मुफ्त लेनदेन का पात्र हैं। तीन लेनदेन मेट्रो सिटी में और पांच लेनदेन, गैरमेट्रो सिटी में है।

    इसलिए बढ़ाया गया चार्ज
    आरबीआई (RBI) ने एटीएम लगाने की बढ़ती लागत और बैंकों या व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटरों द्वारा किए गए एटीएम रखरखाव के खर्च का हवाला देते हुए 1 जनवरी, 2022 से बदलाव करने को लेकर अधिसूचित किया था। बता दें कि एटीएम लेनदेन के लिए इंटरचेंज शुल्क संरचना में साल 2012 के अगस्त महीने में आखिरी बदलाव किया गया था। वहीं, ग्राहकों द्वारा देय चार्ज को आखिरी बार अगस्त 2014 में संशोधित किया गया था।

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  • बड़ी राहत: कपड़ों पर नहीं लागू होगी जीएसटी की बढ़ी हुई दर, GST काउंसिल ने लिया फैसला

    बड़ी राहत: कपड़ों पर नहीं लागू होगी जीएसटी की बढ़ी हुई दर, GST काउंसिल ने लिया फैसला

     

    कपड़ों पर जीएसटी की दरें बढ़ाने वाले फैसले को वापस ले लिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल ने शुक्रवार को इस फैसले को वापस लिया है। इससे पहले कपड़ों पर जीएसटी की दरें बढ़ाने का फैसला लिया था और इसे 5 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी करने का फैसला लिया था। कई राज्य और टेक्सटाइल यूनियन इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे। 

    जीएसटी काउंसिल ने फैसला किया था कि एक जनवरी 2022 से टेक्सटाइल उत्पादों पर जीएसटी 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया जाएगा, लेकिन राज्य सरकारें और टेक्सटाइल इंडस्ट्री जीएसटी रेट बढ़ाने का विरोध कर रही थीं। लिहाजा जीएसटी परिषद की बैठक में कपड़ों पर जीएसटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने के फैसले को टालने पर चर्चा हुई और इसका फैसला ले लिया गया।

    फिलहाल जीएसटी दरों के चार स्लैब हैं। 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी। जीएसटी के 12 फीसदी और 18 फीसदी स्लैब को मिलाकर एक स्लैब बनाने की मांग हो रही है। वहीं राज्यों के वित्त मंत्री ने टेक्सटाईल पर जीएसटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने का विरोध कर रहे थे जिसके बाद ये फैसला लिया गया है।

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  • कोरोना के कारण कैंसिल हुई शादी तो मिलेंगे 10 लाख रुपए, बस करना होगा एक काम

    कोरोना के कारण कैंसिल हुई शादी तो मिलेंगे 10 लाख रुपए, बस करना होगा एक काम

     

    कोरोना महामारी ने पहली और दूसरी लहर में पूरी दुनिया को तबाही की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया था। दूसरी लहर ने भारत के हेल्थ सिस्टम की हालत खस्ता कर दी थी। वैश्विक महामारी के चलते भारत में शादी, पार्टी और फंक्शन सभी पर काफी ज्यादा असर पड़ा था। देश में पहली और दूसरी लहर में लगे लॉकडाउन के बाद लोगों का जीवन धीरे धीरे पटरी पर लौटने ही लगा था कि कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन आ गया।

    कोरोना को लेकर अगर सख्ती हुई तो जिन लोगों की शादी के फंक्शन जनवरी और फरवरी में होनें है उनके लिए थोड़ी चिंता की बात है। कोरोना के कारण कई सारे लोग आर्थिक नुकसान झेलने के बावजूद शादियां कैंसिल करा रहे हैं। अगर आप भी इस लिस्ट में आते हैं तो ये खबर आपके लिए काफी काम की साबित हो सकती है। अगर आप कोरोना के दौरान शादी कैंसिल कराते हैं तो आपको 10 लाख रुपए का मुआवजा मिल सकता है। जिसके लिए आपको बस कुछ काम करने होंगे।

    कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के कारण कई लोगों को अपनी शादी कैंसिल करानी पड़ी, और शादी से कई महीनों पहले ही बैंकेट हॉल, मैरिज हॉल, फार्म हाउस आदि की एडवांस बुकिंग की कीमत काफी ज्यादा होती है और ऐसे में कई बार ये लोग पैसा रिफंड करने से मना भी कर देते हैं। इन हालातों से निपटने के लिए देश की कई बड़ी कंपनियां आपको वेडिंग इंश्योरेंस देती हैं। इस इंश्योरेंस में आपको शादी कैंसिल होने से लेकर जेवर चोरी होने और शादी के अचानक बाद एक्‍सीडेंट होने पर मुआवजा दिया जाता है।

    हमारे देश में शादी एक बड़ा त्यौहार है, जिसे काफी धूमधाम से मनाया जाता है। जिसे देखते हुए देश की कई बड़ी कंपनियां वेडिंग इंश्योरेंस प्रोवाइड कराती हैं। जिसमें इंश्योरेंस कंपनी आपके बजट के हिसाब से पैकेज ऑफर करते हैं। इस इंश्योरेंस के क्लेम के लिए कंपनी कुछ शर्तें भी रखती है जिन पर आपको पैसा दिया जाता है। यहां हम आपको उन शर्तो के बारें में बता रहें हैं, जिन पर आपको क्लेम का पैसा मिल सकता है।

    इन पर मिलता है इंश्योरेंस क्लेम

    • केटरर एडवांस बुकिंग पर मिलता है क्लेम
    • हॉल या रिसॉर्ट की बुकिंग पर दिए गए एडवांस पर 
    • ट्रैवल एजेंसी की एडवांस बुकिंग पर दिए गए पैसों पर 
    • शादी के कार्ड छपवाने को लेकर किए गए खर्चे पर 
    • म्यूजिक यानी कि डीजे वगैरह के लिए खर्च किए गए पैसों पर 
    • वैन्यू और डेकोरेशन को लेकर खर्च किए गए पैसों पर 

    इन पर नहीं मिलता क्लेम 

    • टैररिस्ट अटैक 
    • किसी हड़ताल के होनें पर 
    • अचानक शादी के कैंसिल या टूटने पर 
    • दूल्हा या दुल्हन के किडनैपिंग केस में शादी में पर्सनल चीजें जैसे कपड़े आदि के नुकसान पर 
    • अचानक से वेन्यू में बदलाव या इसके कैंसल होनें पर 
    • मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण 
    • वेन्यू की देखरेख में हुए नुकसान के कारण 
    • जानबूझकर कोई नुकसान या आत्महत्या करने के कारण

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