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  • पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का बड़ा बयान, मंदी के लिए PMO में शक्ति के सेंट्रलाइजेशन को बताया जिम्मेदार

    पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का बड़ा बयान, मंदी के लिए PMO में शक्ति के सेंट्रलाइजेशन को बताया जिम्मेदार

     

    भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत मंदी के भंवर में फंस गया है और देश की इकोनॉमी की स्थिति भारी सुस्ती की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने इस स्थिति के लिए पीएमओ में शक्ति के सेंट्रलाइजेशन को जिम्मेदार ठहराया।

    उन्होंने कहा कि मंत्रियों के पास शक्ति नहीं होने से भी यह स्थिति पैदा हो गई है। देश की अर्थव्यवस्था को सुस्ती के दौर से निकालने के लिए अपनी सिफारिशों में उन्होंने मौद्रिक, भूमि, श्रम बाजार में उदारीकरण पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने निवेश एवं आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए भी उपाय करने की बात कही है।

    इसके साथ ही रघुराम राजन ने प्रतिस्पर्धा बढ़ाने एवं घरेलू क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए भारत से विवेकपूर्ण तरीके से मुक्त व्यापार समझौते करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की पूरी समझ नहीं होने के कारण ये आइडिया आर्थिक मोर्चे पर बहुत अधिक कारगर साबित नहीं होता है। राजन ने कहा कि पूर्व की सरकारें भले ही ढीले गठबंधनों पर आधारित थीं लेकिन उन्होंने लगातार आर्थिक उदारीकरण की दिशा में काम किया।

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  • मोबाइल कंपनी एयरटेल ने मानी अपने ऐप में सुरक्षा की खामी, हो सकता था डाटा चोरी

    मोबाइल कंपनी एयरटेल ने मानी अपने ऐप में सुरक्षा की खामी, हो सकता था डाटा चोरी

     

    देश की तीसरी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी एयरटेल ने शनिवार को अपने ऐप में सुरक्षा खामी की बात स्वीकार की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरटेल ऐप के एप्लिकेशन प्रोग्राम इंटरफेस में बग का पता चला था। इससे हैकर्स यूजर्स के नंबरों के आधार पर उनकी निजी जानकारियां चोरी कर सकते थे। हालांकि, अभी डेटा के साथ छेड़छाड़ का कोई मामला सामने नहीं आया है।

    बग की वजह से करोड़ों यूजर्स के नाम, ईमेल, जन्मदिन और पता की जानकारी लीक होने का खतरा था। एयरटेल के प्रवक्ता ने बताया कि ऐप में मौजूद बग की समस्या को सुलझा लिया गया है। कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म सुरक्षित हैं। उपभोक्ताओं की निजता कंपनी लिए सबसे अहम है। इसलिए हम उनकी सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर समाधान लाते हैं।

    टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक, सितंबर 2019 तक एयरटेल के 32.50 करोड़ एक्टिव यूजर्स थे। भारत में वोडाफोन-आइडिया और रिलायंस जियो के बाद यह टेलीकॉम क्षेत्र की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इसी साल अक्टूबर में लोकल सर्च सर्विस जस्टडायल के एपीआई में भी बग आ गया था। इसके चलते ऐप के 15 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक हुआ था। भारत में फिलहाल डेटा की सुरक्षा पर कोई विशिष्ट कानून नहीं है।

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  • नीरव मोदी भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित, जल्द ही जारी हो सकता है संपत्तियों को जब्त करने का आदेश

    नीरव मोदी भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित, जल्द ही जारी हो सकता है संपत्तियों को जब्त करने का आदेश

     

    पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में नीरव मोदी को बड़ा झटका लगा है। पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में देश छोड़कर भागे हीरा व्यापारी नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है। विशेष कोर्ट ने नीरव को आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित किया है। अब जल्द ही नीरव मोदी की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश भी दिया जाएगा।

    इससे पहले बुधवार को अदालत ने नीरव सहित तीन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी कर 15 जनवरी तक कोर्ट के सामने हाज़िर होने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर तीनों आरोपी न्यायालय में हाज़िर नही होंगे, तो उन्हें फरार घोषित किया जाएगा। नीरव मोदी के साथ उसके करीबी निशल मोदी और सुभाष परब के खिलाफ भी विशेष सीबीआई अदालत ने समन जारी कर उन्हें अदालत में हाज़िर होने का आदेश दिया था।

    कानूनन किसी आरोपी को फरार घोषित किया जाता है तो जांच एजेंसी उसकी प्रोपर्टी अटैच भी करने की कार्रवाई कर सकती है। स्पेशल ईडी कोर्ट में ईडी ने नीरव मोदी को फरार घोषित किया जाए ऐसी अर्जी दी थी। इस केस में जाली दस्तावेज के सहारे कर्ज लेने के मामले की जांच एजेंसियां कर रही है।

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  • RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, ब्याज दरें 5.15 फीसदी पर बरकरार

    RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, ब्याज दरें 5.15 फीसदी पर बरकरार

     

    RBI ने गुरुवार को अपनी क्रेडिट पॉलिसी जारी कर दी है। इसमें RBI ने मौद्रिक नीति की समीक्षा में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। RBI ने ब्याज दरें 5.15 फीसदी पर बरकरार रखा है। इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे सस्ते कर्ज की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।

    RBI का कहना है कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के सभी सदस्य ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में नहीं थे इसलिए इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। आपको बता दें कि इससे पहले अक्टूबर महीने में आरबीआई ने ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी। आरबीआई ने लगातार पांचवीं बार प्रमुख ब्याज दर में कटौती करते हुए इसे 5.15 फीसदी कर दिया था।

    हालांकि, RBI ने देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत देते हुए फिर वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत के आर्थिक विकास दर अनुमान को 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया था। अक्टूबर में रिवर्स रेपो रेट को घटाकर 4.90 फीसदी कर दिया गया था। जिसे इस बार भी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने बरकरार रखा है। आरबीआई ने मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट और बैंक रेट 5.40 फीसदी कर दिया था। रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है।

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  • 3 दिसंबर से लागू होगी वोडाफोन-आइडिया की बढाई नयी दरें, इतने प्रतिशत किया इजाफा

    3 दिसंबर से लागू होगी वोडाफोन-आइडिया की बढाई नयी दरें, इतने प्रतिशत किया इजाफा

     

    दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-आइडिया ने रविवार को अपनी सेवाओं की नयी दरें घोषित की जिनके तहत तीन दिसंबर से उसके विभिन्न काल और डाटा प्लान 42 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे। कंपनी ने रविवार को इसकी घोषणा की। कंपनी चार साल में पहली बार दरें बढ़ा रही है। इसके अलावा कंपनी दूसरे सेवा प्रदाता के नेटवर्क पर की जाने वाली कॉल के लिए छह पैसे प्रति मिनट की दर से शुल्क लेगी।

    वोडाफोन-आइडिया के बाद अब एयरटेल ने भी अपने ग्राहकों को झटका दिया है। कंपनी 3 दिसंबर के बाद से अपनी सेवाएं महंगी करने वाली है। कंपनी ने एक बयान में कहा, देश की शीर्ष दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड आज प्रीपेड सेवाओं के लिये नये प्लान/दरों की घोषणा करती है। नये प्लान देश भर में 3 दिसंबर 2019 से उपलब्ध हो जायेंगे।

    कंपनी ने प्रीपेड उपभोक्ताओं के लिये दो दिन, 28 दिन, 84 दिन और 365 दिन की वेलिडिटी वाले नये प्लान की घोषणा की। इस हिसाब से नये प्लान पहले की तुलना में 41.2 प्रतिशत तक महंगे हैं। कंपनी ने अनलिमिटेड मोबाइल और डेटा की पेशकश करने वाले प्लान की दरें बढ़ायी है और कुछ नये प्लान की भी पेशकश की है। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि अनलिमिटेड श्रेणी के सभी पुराने प्लान की जगह 3 दिसंबर से नये प्लान लागू हो जाएंगे। कंपनी इस फैसले पर बाजार की प्रतिक्रिया देखने के बाद इनमें संशोधन या नये प्लान की पेशकश कर सकती है।

    कंपनी ने सर्वाधिक 41.2 प्रतिशत की वृद्धि सालाना प्लान में की है और अब इसकी दर 1,699 रुपये से बढ़कर 2,399 रुपये हो जाएगी। रोजाना डेढ़ जीबी डेटा की पेशकश के साथ 84 दिन की वैधता वाले प्लान की दर वर्तमान 458 रुपये से 31 प्रतिशत बढ़कर 599 रुपये हो जाएगी। इसी तरह 199 रुपये वाला प्लान अब 249 रुपये का हो जाएगा।

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  • प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने उठाया अब ये कदम

    प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने उठाया अब ये कदम

     

    प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। सरकारी कंपनी खनिज तथा धातु व्यापार निगम लिमिटेड ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए प्याज आयात करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, एमएमटीसी ने तुर्की से 11 हजार टन प्याज आयात करने का नया ठेका दिया है। एमएमटीसी द्वारा प्याज के आयात के लिये दिया गया यह दूसरा ठेका है।

    कंपनी पहले ही मिस्र से 6,090 टन प्याज आयात का आर्डर दे चुकी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने 1.2 लाख टन प्याज आयात करने की मंजूरी दी थी। देश के विभिन्न हिस्सों में प्याज की खुदरा कीमतें 75 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाने के बाद इसकी आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने इसके आयात सहित कई कदम उठाए हैं।

    वहीं, प्याज के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी गई है। साथ ही थोक और खुदरा विक्रेताओं के लिए प्याज के भंडारण की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है। मिस्र से 6,090 टन प्याज इस महीने के दूसरे सप्ताह में मुंबई के जवाहर नेहरू पोर्ट टर्मिनल पर पहुंच जाएगा। प्याज के भाव पर नियंत्रण के लिये गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई में मंत्रियों का एक समूह बनाया गया है। इसमें वित्त मंत्री, उपभोक्ता मामलों के मंत्री, कृषि मंत्री और सड़क परिवहन मंत्री शामिल हैं।

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  • मोबाइल कॉल दरों से लेकर रेल में खाना आज से डालेगा आपकी जेब पर असर

    मोबाइल कॉल दरों से लेकर रेल में खाना आज से डालेगा आपकी जेब पर असर

     

    मोबाइल कॉल दरों और बीमा पॉलिसी के महंगे होने से लेकर IDBI में एटीएम नकद निकासी के जुड़े नियम के अलावा कई नियमों में रविवार, 1 दिसंबर से बदलाव होने जा रहा है। ये ऐसे बदलाव हैं,  जो आपकी जेब पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

    रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया जैसी देश की बड़ी टेलिकॉम कंपनियां 1 दिसंबर से कॉल दरें और डाटा पैक महंगा हो रहा है। यानि अब टैरिफ प्लान पहले की तुलना में मंहगे होंगे। फिलहाल कंपनियों ने कितनी बढ़ोतरी की है इस विषय में खुलासा नहीं किया है।

    इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया 1 दिसंबर से जीवन बीमा पॉलिसी से जुड़ा नया नियम लागू करने जा रहा है। इस कदम से जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम 15 फीसदी तक महंगा हो सकता है और गारंटीड रिटर्न भी कम होगा। ये नियम 1 दिसंबर 2019 से पहले बेची गई पॉलिसी पर प्रभावी नहीं होगा।

    अब ग्राहकों को बैंकों में 24 घंटे NEFT की सुविधा मिलने जा रही है। 1 दिसंबर से पहले तक NEFT सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक ही किया जा सकता था। जनवरी से इस पर लगने वाला अतिरिक्त शुल्क भी खत्म कर दिया जाएगा।

    रेलवे बोर्ड में पर्यटन एवं खान-पान विभाग के निदेशक की तरफ से से राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में चाय, नाश्ता और खाना महंगा करने का सर्कुलर जारी किया गया है। एक दिसंबर से इस सर्कुलर के मुताबिक इन ट्रेनों में चाय, नाश्ता और खाने लेने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।

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  • दूसरी तिमाही में 0.5 फीसदी गिरकर GDP हुई 4.5 फीसदी

    दूसरी तिमाही में 0.5 फीसदी गिरकर GDP हुई 4.5 फीसदी

     

    नई दिल्ली. आर्थिक मंदी के इस दौर में भारत का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर गिर गई है. साल 2019-20 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी दर 4.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है. जीडीपी का यह आंकड़ा पिछले 6 साल में सबसे कम है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आधिकारिक रूप से यह आंकड़ा जारी किया है. केंद्र सरकार ने बताया है कि अक्टूबर महीने में देश के करीब 8 प्रमुख उद्योगों का उत्पादन 5.8 प्रतिशत तक गिरा है.

    इससे पहले मार्च 2013 तिमाही में देश की जीडीपी दर इस स्‍तर पर थी. बता दें कि चालू वित्त वर्ष (2019-20) की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ की दर 5 फीसदी पर थी. इस लिहाज से सिर्फ 3 महीने के भीतर जीडीपी की दर में 0.5 फीसदी की गिरावट आई है.

    सितंबर में लगातार छठी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों में गिरावट आई है. दरअसल, वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 8 फीसदी, दूसरी तिमाही में 7 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.6 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी पर थी. इसके अलावा वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में जीडीपी गिरकर 5 फीसदी पर आ गई.

    इस बीच, कोर इंडस्‍ट्री के भी आंकड़े जारी कर दिए गए हैं. सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले के मुकाबले कोर सेक्‍टर में 5.8 फीसदी की कमी आई है. बता दें कि कोर सेक्‍टर के 8 प्रमुख उद्योग में कोयला, क्रूड, ऑयल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी आते हैं.

    सरकार को राजकोषीय घाटा के मोर्चे पर भी झटका लगा है. चालू वित्‍त वर्ष के पहले 7 महीनों (अप्रैल से अक्टूबर के बीच) राजकोषीय घाटा लक्ष्य से ज्यादा 7.2 ट्रिलियन रुपये (100.32 अरब डॉलर) रहा. वहीं अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में सरकार को 6.83 ट्रिलियन रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि खर्च 16.55 ट्रिलियन रुपये रहा.

    चालू वित्त वर्ष (2019-20) की पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर महज 0.6 फीसदी की दर से आगे बढ़ा. एक साल पहले इसी अवधि में यह सेक्‍टर 12.1 फीसदी की दर से बढ़ा था. इसके अलावा एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्री और फिशिंग सेक्टर में 2 फीसदी की दर से बढ़त दर्ज की गई थी. पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ये सेक्‍टर 5.1 फीसदी की दर से आगे बढ़े थे. कंस्ट्रक्शन सेक्टर की बात करें तो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.7 फीसदी की दर से बढ़ा था. पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 9.6 फीसदी की तेजी आई थी.

    हालांकि माइनिंग सेक्टर में थोड़ी तेजी देखने को मिली और यह पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 0.4 फीसदी की तुलना में 2.7 फीसदी की दर से आगे बढ़ा. इसी तरह इलेक्ट्रिसिटी, गैस, वाटर सप्लाई समेत अन्य यूटिलिटी सेक्टर में 8.6 फीसदी की दर से बढ़त दर्ज की गई है. पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 6.7 फीसदी का था. जीडीपी ग्रोथ में गिरावट पहली तिमाही में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के अनुकूल है, जो महज 3.6 फीसदी रही थी, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 5.1 फीसदी था.

    किसी भी देश की आर्थिक सेहत को मापने का सबसे अहम पैमाना जीडीपी के आंकड़े होते हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि देश की आर्थिक स्थिति क्‍या है और आने वाले दिनों में अर्थव्‍यवस्‍था की क्‍या दिशा होगी. भारत में जीडीपी आंकड़ों की गणना हर तीसरे महीने यानी तिमाही के आधार पर होती है.

    ये आंकड़े मुख्य तौर पर आठ औद्योगिक क्षेत्रों- कृषि, खनन, मैन्युफैक्चरिंग, बिजली, कंस्ट्रक्शन, व्यापार, रक्षा और अन्य सेवाओं के क्षेत्र के होते हैं. इसके बाद सीएसओ जो आंकड़े जारी करता है उसे ही आधिकारिक माना जाता है. इन आंकड़ों को अलग-अलग मंत्रालय से सरकारी संस्‍था केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) जुटाता है. इसके बाद सीएसओ इसकी गणना कर आंकड़े जारी करता है. जीडीपी के यही आंकड़े आधिकारिक माने जाते हैं.

    जीडीपी के आंकड़ों का आम लोगों पर भी असर पड़ता है. जीडीपी के आंकड़ों में गिरावट की वजह से औसत आय कम हो जाती है और लोग गरीबी रेखा के नीचे चले जाते हैं. इसके अलावा नई नौकरियां पैदा होने की रफ्तार भी सुस्‍त पड़ जाती है. वहीं लोगों का बचत और निवेश भी कम हो जाता है. इन हालातों में लोग खरीदारी कम कर देते हैं तो कंपनियां प्रोडक्‍शन घटा देती हैं. प्रोडक्‍शन घटने की वजह से छंटनी की आशंका बढ़ जाती है.

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  • नासिक से 22 लाख रुपये की 40 टन प्याज लेकर चला ट्रक गायब, फिर खाली मिला

    नासिक से 22 लाख रुपये की 40 टन प्याज लेकर चला ट्रक गायब, फिर खाली मिला

     

    प्याज की ऊंची कीमतों के बीच एक व्यापारी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि एक ट्रक से गोरखपुर भेजे गए 20 से 22 लाख रुपये मूल्य का प्याज चोरी हो गया है। ट्रक में 40 टन प्याज लदा था और वह महाराष्ट्र के नासिक से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रहा था। खाली ट्रक मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बृहस्पतिवार को मिला।

    प्याज की खेप भेजने वाले थोक विक्रेता प्रेम चंद शुक्ला ने कहा कि ट्रक 11 नवंबर को नासिक से रवाना हुआ था और वह 22 नवंबर को गोरखपुर पहुंचने वाला था लेकिन वह अपने गंतव्य नहीं पहुंच सका। इस संबंध में शुक्ला ने जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत की।

    मध्य प्रदेश में अभी प्याज 100 रुपये किलोग्राम तक बेचा जा चुका हैं। पुलिस अधीक्षक ने संवाददाताओं को बताया, ''हम इस संबंध में मामला दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे।" खाली ट्रक तेंदु पुलिस थाना क्षेत्र में मिला है।

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  • नितिन गडकरी का बयान, सरकार कर रही वित्तीय मोर्चे पर मुश्किलों का सामना, निजी निवेश जरूरी

    नितिन गडकरी का बयान, सरकार कर रही वित्तीय मोर्चे पर मुश्किलों का सामना, निजी निवेश जरूरी

     

    नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक बड़ा बयान दिया है। गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान स्वीकार किया कि सरकार वित्तीय मोर्चे पर बाधाओं का सामना कर रही है और सरकार को बुनियादी ढांचा की परियोजनाओं में निवेश में मुश्किल आ रही है। उन्होंने इसके लिए निजी निवेश को जरूरी बताया।

    मंत्री ने अपने वक्तव्य के दौरान घरेलू कंपनियों को बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था की मंद गति को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी। नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट मॉडल तलाशना चाहिए जो निवेशकों के साथ-साथ वित्तीय संस्थाओं और कर्जदाताओं के लिए भी फायदेमंद हो।

    गडकरी ने कहा कि इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टस में छोटी कंपनियों की भागीदारी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग जगत को अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि हमें बैंक, इंश्योरेंस कंपनियों जैसे वित्तीय संस्थाओं की ओर से सकारात्मक मदद की जरूरत है।

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  • अमेजन देगा सिर्फ 30 में सामान की डिलीवरी! उठा रहा ये बड़ा कदम

    अमेजन देगा सिर्फ 30 में सामान की डिलीवरी! उठा रहा ये बड़ा कदम

     

    अब तक आप जब भी ऑनलाइन वेबसाइट से कुछ भी सामान मंगवाते हो तो 3 से 4 दिन का समय लगता है, लेकिन अब अमेजन इसमें बहुत बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है और ऑर्डर को महज 30 मिनट में डिलीवरी करने के लिए अमेजन ने 35 अरब डॉलर यानी करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बना रहा है।

    पश्चिम के बाजारों में हॉलिडे सीजन के दौरान प्राइम सदस्यों को एक दिन में डिलीवरी देने के लिए कंपनी अतिरिक्त खर्च करेगी। अमेजन के कंज्यूमर विभाग के सीईओ जेफ विल्क का कहना है कि अगर आपके पास ड्रोन फ्लीट हो तो आप कुछ भी ऑर्डर कर सकते हैं और आधा घंटे में उसकी डिलीवरी भी संभव है। तेज डिलीवरी के लिए अमेजन के पास अमेरिका और दुनिया भर में फुलफिलमेंट सेंटर हैं।

    अमेजन ऐसे रोबोट की टेस्टिंग कर रही है, जो पैकेज को ले जा सकें। इस महीने की शुरुआत में अमेजन ने बोस्टन में रोबोट की डिजाइन और निर्माण के लिए एक प्लांट भी खोला है। ड्रोन बनाने के लिए अमेजन 6 साल से काम कर रही है। कंपनी सेल्फ ड्राइविंग वाहनों के लिए भी निवेश कर रही है। साथ ही, कंपनी सेल्फ ड्राइविंग ट्रक पर भी काम कर रही है। रोबोट और ड्रोन को लेकर कंपनी के पास चुनौतियां भी हैं।

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  • हर्बल तेल का ऐड करने पर गोविंदा-जैकी श्रॉफ पर 20 हजार का जुर्माना

    हर्बल तेल का ऐड करने पर गोविंदा-जैकी श्रॉफ पर 20 हजार का जुर्माना

     

    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक उपभोक्ता अदालत ने गोविंदा और जैकी श्रॉफ पर एक दर्द निवारक तेल का प्रचार करने के लिए 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है. इसके अलावा तेल बनाने वाली कंपनी पर भी जुर्माना लगाया गया है.

    एक युवक ने पांच साल पहले एक हर्बल ऑयल बनाने वाली कंपनी और इसके दो सेलिब्रिटी ब्रांड एंबेसडर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिस पर अब फैसला आया है.

    दायर शिकायत में आरोप लगाया गया कि 15 दिनों में दर्द निवारण नहीं हुआ, जैसा कि इसके विज्ञापन में दावा किया गया था. जुलाई 2012 में समाचार पत्र में एक विज्ञापन देखने के बाद मुजफ्फरनगर के वकील अभिनव अग्रवाल ने अपने 70 वर्षीय पिता बृजभूषण अग्रवाल के लिए 3,600 रुपये की कीमत वाला दर्द निवारण हर्बल ऑयल मंगाया.

    विज्ञापन में दावा किया गया था कि ग्राहकों को फायदा नहीं होने पर 15 दिनों के अंदर रुपये वापस कर दिए जाएंगे. इस्तेमाल किए जाने के दस दिन के बाद भी दर्द दूर नहीं हो सका, जिसके बाद अग्रवाल ने मध्यप्रदेश की कंपनी के प्रतिनिधि से बात की और उसने उन्हें प्रोडक्ट को वापस करने और रिफंड करने की बात कही.

    हालांकि, कंपनी ने पैसे वापस नहीं दिए और पुन: संपर्क किए जाने पर वकील को परेशान करने लगे. इसके बाद वकील ने उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया, "मैंने प्रोडक्ट इसलिए खरीदा क्योंकि गोविंदा और जैकी श्रॉफ जैसे सेलिब्रिटी उसका प्रचार कर रहे थे. कंपनी ने वादा किया था 15 दिनों में दर्द दूर हो जाएगा, लेकिन सबकुछ धोखा था."

    अदालत ने मामले से संबंधित सभी पांच लोगों कंपनी, गोविंदा, जैकी श्रॉफ, टेलीमार्ट शॉपिंग नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड और मैक्स कम्युनिकेशन को मुआवजे के रूप में 20 हजार रुपये देने का निर्देश दिया है. इसके अलावा फर्म को आदेश दिया गया कि वह अन्य कानूनी खर्चो के साथ-साथ अग्रवाल को 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ 3,600 रुपये का भुगतान करे.

     

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  • अनिल अंबानी का निदेशक पद से इस्तीफा रिलायंस कम्युनिकेशंस के कर्जदाताओं ने किया नांमजूर

    अनिल अंबानी का निदेशक पद से इस्तीफा रिलायंस कम्युनिकेशंस के कर्जदाताओं ने किया नांमजूर

     

    अनिल अंबानी ने हाल ही में टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। अब रिलायंस कम्युनिकेशंस के कर्जदाताओं ने कंपनी से अनिल अंबानी तथा चार अन्य के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया है। कर्जदाताओं ने अंबानी को दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा है।

    बीएसई में दी गई फाइलिंग में आरकॉम ने कहा था कि उसके कर्जदाताओं की समिति की बैठक 20 नवंबर को हुई थी। इसमें कहा गया, ‘समिति ने सर्वसम्मति से कहा कि इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। कंपनी द्वारा जारी तिमाही नतीजों के अनुसार कंपनी को 30 हजार करोड़ से अधिक का घाटा हुआ था, जो कॉर्पोरेट इतिहास में वोडाफोन-आइडिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा घाटा है।

    इसके बाद ही कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा था कि अनिल अंबानी के अलावा छाया विरानी, रायना कारानी, मंजरी काकेर और सुरेश रंगाचर ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें से अनिल अंबानी, छाया विरानी और मंजरी काकेर ने 15 नवंबर को इस्तीफा दिया। वहीं रायना कारानी ने 14 नवंबर और सुरेश रंगाचर ने 13 नवंबर को इस्तीफा दिया था।

    मौजूदा समय में रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया कानून की प्रक्रिया से गुजर रही है। 2008 में अनिल अंबानी के पास 42 अरब डॉलर की संपत्ति थी, जो 11 साल बाद यानी 2019 में घटकर 5230 मिलियन डॉलर यानी करीब 3651 करोड़ रुपये हो गई है। बता दें कि इस संपत्ति में गिरवी वाले शेयर की कीमतें भी शामिल हैं।

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  • मोदी सरकार का फैसला, इन 5 सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेगी

    मोदी सरकार का फैसला, इन 5 सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेगी

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अध्यक्षता में बुधवार देर शाम हुई कैबिनेट की बैठक में पांच बड़ी सरकारी कंपनियों को बेचने का फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 7 सरकारी कंपनियों में सरकारी हिस्सा 51% से कम होगा। BPCL में सरकारी हिस्सा 51% से कम होगा। BPCL का मैनेजमेंट कंट्रोल निजी हाथों में जाएगा। नुमालीगढ़ रिफाइनरी BPCL के विनिवेश से अलग रहेगी।

    वित्तमंत्री ने कहा कि SCI, कॉनकॉर में सरकार अपना पूरा हिस्सा बेचेगी। THDCIL को NTPC को बेचा जाएगा। NEEPCO को भी NTPC को बेचा जाएगा। सरकारी खर्च से बनी सड़कों को मोनेटाइज किया जाएगा। NHAI सिक्योरिटाइजेशन के जरिए पैसे जुटा सकती है। इंटरनेशनल फाइनेंस सर्विस सेंटर्स के लिए रेगुलेटर बनेगा। सड़क टोल के ऑपरेट और ट्रांसफर के लिए 15-30 साल का वक्त मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि टेलीकॉम सेक्टर के रिवाइवल प्लान को मंजूरी दी गई है। टेलीकॉम कंपनियों को राहत देने के लिए पेमेंट की मियाद बढ़ी। 2021-22 तक स्पेक्ट्रम फीस पेमेंट से राहत दे दी गई है।

     

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  • PMC बैंक ग्राहकों को राहत, मेडिकल इमरजेंसी में निकाल सकते है 1 लाख रुपये

    PMC बैंक ग्राहकों को राहत, मेडिकल इमरजेंसी में निकाल सकते है 1 लाख रुपये

     

    घोटाले में फंसे पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक के जमाकर्ता आपातकालीन चिकित्कीय जरूरतों की स्थिति में एक लाख रुपये तय की निकासी के लिये रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त प्रशासक से संपर्क कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को मुंबई हाईकोर्ट में दायर शपथपत्र में कहा कि विवाह, शिक्षा, जीवनयापन आदि जैसी दिक्कतों की स्थिति में निकासी की सीमा 50 हजार रुपये है।

    शपथपत्र में कहा गया कि बैंक और इसके जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिये इस तरह की सीमा तय करना आवश्यक था। बता दें, रिजर्व बैंक के वकील वेंकटेश धोंड ने न्यायमूर्ति एस.सी. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति आर.आई. चागला की पीठ को बताया कि दिक्कतों से जूझ रहे जमाकर्ता केंद्रीय बैंक द्वारा नियुक्त प्रशासक से मिलकर एक लाख रुपये तक की निकासी की मांग कर सकते हैं।

    केंद्रीय बैंक ने न्यायालय को बताया कि PMC बैंक में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां पाई गई हैं। पीठ इस मामले पर अगली सुनवाई चार दिसंबर को करेगी। उल्लेखनीय है कि वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के मद्देनजर रिजर्व बैंक ने 23 सितंबर को PMC बैंक पर छह महीने के लिये नियामकीय रुकावटें लगा दी थी।

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