हरियाणा

  • संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरनाम सिंह चढूनी को किया सस्पेंड, राजनीतिक दलों से संपर्क का है आरोप

    संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरनाम सिंह चढूनी को किया सस्पेंड, राजनीतिक दलों से संपर्क का है आरोप

     

    भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी को संयुक्त किसान मोर्चा ने बातचीत कमेटी से बाहर कर दिया है। अब उन्हें 19 जनवरी को किसानों और केंद्र सरकार के बीच होने वाली बैठक से भी बाहर रखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, चढूनी पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक पार्टियों के साथ दिल्ली में एक सम्मेलन किया था।

    इस सम्मेलन में बीजेपी को छोड़कर बाकी विपक्षी पार्टियों के नेता ने हिस्सा लिया था, इसीलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने उन्हें सस्पेंड किया है वही, चढू़नी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। गुरनाम सिंह चढूनी के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए 7 सदस्य समिति बनाई गई है। समिति के सामने चढूनी को अपना पक्ष रखना होगा। जांच पूरी होने तक संयुक्त किसान मोर्चा की आंतरिक बैठकों और केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक से चढ़ूनी बाहर भी रहेंगे।

    बता दें कि गुरनाम सिंह चढूनी किसानों की आवाज लगातार उठाते रहते है। इस बीच केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में किसानों को एकत्रित करने में गुरनाम सिंह चढूनी की अहम भूमिका रही है। ऐसे में गुरनाम सिंह चढूनी पर अब तक 34 मामले दर्ज हो चुके है। इनमें प्रदर्शन करने, शांति भंग करने, हत्या व हत्या का प्रयास के तहत मामले दर्ज किए गए है। यही नहीं किसान आंदोलन के दौरान चढूनी कई बार जेल भी जा चुके है।

    और भी...

  • पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश- साधु-संतों को ठंड से बचाने का इंतजाम करे सरकार

    पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश- साधु-संतों को ठंड से बचाने का इंतजाम करे सरकार

     

    हरियाणा में साधु-संत, बेघर मजदूरों और भिखारियों को ठंड से बचाने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट आगे आया है। हाईकोर्ट ने कुरुक्षेत्र में स्थित ब्रह्म सरोवर और अन्य स्थानों पर रहने वाले साधु-संत, बेघर मजदूरों और भिखारियों को ठंड से बचाने के लिए सरकार को इंतजाम करने को कहा है।

    अदालत ने हरियाणा सरकार को दिए अपने आदेश में कहा है कि वह इन बेघर और बेसहारा लोगों के रात्रि शेल्टर का इंतजाम करे। हाईकोर्ट ने यह आदेश कड़ाके की ठंड में किसी तरह जीवन बिता रहे इन लोगों की स्थिति को लेकर दायर याचिका पर दिया है। यह याचिका कुरुक्षेत्र निवासी बुजुर्ग सरोज जैन द्वारा दायर की गई है।

    वही, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि कुरुक्षेत्र में स्थित ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर के इलाके में बड़ी संख्या में साधु-संत और बेघर मजदूर रहते हैं। भीषण ठंड के दौरान इन लोगों को कई बार खुले आसमान के नीचे ही रात बितानी पड़ती है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी बताया गया कि कई बार वह इन लोगों को कंबल बांट चुका है, लेकिन खुले आसमान के नीचे सोने के लिए मजबूर होने वाले इन लोगों को ओस से भीगे कंबलों में रात बितानी पड़ती है।

    याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट ने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया। कोर्ट को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में जरूरतमंद लोगों को रात में ठहराने का इंतजाम करने का आदेश दिया है। इसको देखते हुए धार्मिक नगरी कुरुक्षेत्र में भी साधु-संतों, बेघर मजदूरों और भिखारियों के लिए ऐसा ही आदेश दिया जाए। याचिकाकर्ता की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सरकार को बेघर लोगों को ठंड से बचाने का आदेश दिया। वही, हरियाणा सरकार की ओर से मामले में जवाब दिया गया कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

    और भी...

  • UP के बाद अब हरियाणा में भी बनेगी फिल्म सिटी, CM मनोहर लाल ने किया ये बड़ा ऐलान

    UP के बाद अब हरियाणा में भी बनेगी फिल्म सिटी, CM मनोहर लाल ने किया ये बड़ा ऐलान

     

    मुंबई और उत्तर प्रदेश के बाद हरियाणा में भी एक फिल्म सिटी विकसित करने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऐलान किया है। हरियाणा के सीएम ने कहा शुक्रवार को है कि राज्य सरकार प्रदेश में एक फिल्म सिटी खोलने पर विचार कर रही है।

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से इस फिल्म सिटी प्रोजेक्ट के लिए 50 से 100 एकड़ तक जमीन मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा हरियाणवी कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर हर साल एक अवार्ड दिया जाएगा और कला के प्रोत्साहन के लिए हरसंभव सहायता भी दी जाएगी।

    बता दें कि हरियाणा में फिल्म सिटी प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे। इस बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से इस मामले पर खुलकर सामने आने के बाद मुंबई और यूपी के बाद अब हरियाणा में भी एक फिल्म सिटी विकसित करने को लेकर रास्ता साफ होता दिख रहा है।

    और भी...

  • भारत में पहली एयर टैक्सी शुरू, 40 मिनट में होगा चंडीगढ़ से हिसार तक का सफर तय

    भारत में पहली एयर टैक्सी शुरू, 40 मिनट में होगा चंडीगढ़ से हिसार तक का सफर तय

     

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरूवार को एयर टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। मकर सक्रांति के मौके चंडीगढ़ एयरपोर्ट से हिसार के बीच इस सेवा की शुरूआत की है। इसी दौरान सीएम मनोहर लाल ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए विशेष दिन है।

    एयर टैक्सी महज 40 मिनट में चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हिसार एयरपोर्ट पहुंच जाएगी। यानी आपका 4 घंटे का सफर अब 40 मिनट में ही पूरा हो सकेगा। एयर टैक्सी में पायलट समेत 4 लोग सवार हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 जनवरी को दूसरे चरण की शुरूआत करने का ऐलान किया है। इस चरण में हिसार से देहरादून के लिए  एयर टैक्सी सर्विस शुरू की जाएगी। वहीं, तीसरे चरण यानी 23 जनवरी को हिसार से धर्मशाला के लिए यह सेवा शुरू की जाएगी। एयर टैक्सी को प्राइवेट टैक्सी के तौर पर भी बुक किया जा सकेगा, हालांकि इसके रेट अलग होंगे।

    खास बात ये है कि एयर टैक्सी का किराया सड़क पर दौड़ने वाली टैक्सी जितना ही होगा। जिनका हरियाणा से चंडीगढ़ तक का किराया प्रति व्यक्ति 1755 रुपये है। ये किराया आम फ्लाइट से कम है। नॉर्मल फ्लाइट में आपको 2000 से 2500 रुपये तक किराया देना होता है। इसके अलावा चेक इन में भी करीब 1 घंटे का समय लगता है। लेकिन एयर टैक्सी से आपके समय और पैसे दोनों की बचत होगी। आप सिर्फ 10 मिनट पहले पहुंचकर एयर टैक्सी में सीट हासिल कर सकते हैं।

    और भी...

  • सुप्रीम कोर्ट की कमेटी पर सुरजेवाला बोले-जो पहले कृषि कानूनों को सही कह चुके है वो कैसे करेंगे न्याय

    सुप्रीम कोर्ट की कमेटी पर सुरजेवाला बोले-जो पहले कृषि कानूनों को सही कह चुके है वो कैसे करेंगे न्याय

     

    कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बयान दिया। कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों से बातचीत के लिए चार सदस्यों की कमेटी बनाई है। कमेटी में शामिल 4 लोगों ने सार्वजनिक तौर पर पहले से ही निर्णय कर रखा है कि ये काले क़ानून सही हैं और कह दिया है कि किसान भटके हुए हैं। ऐसी कमेटी किसानों के साथ न्याय कैसे करेगी?

    ये काले कानून देश की खाद्य सुरक्षा पर हमला हैं, जिसके 3 स्तंभ हैं- सरकारी खरीद, एमएसपी, राशन प्रणाली जिससे 86 करोड़ लोगों को 2 रुपये किलो अनाज मिलता है। इसलिए कांग्रेस 3 कृषि क़ानूनों का विरोध तब तक करती रहेगी जब तक मोदी सरकार इन्हें खत्म नहीं कर देती।

    जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगा दी है। सीजेआई शरद अरविन्द बोबडे की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए तीनों कृषि कानूनों पर रोक लगाई है। साथ ही चार सदस्य कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी सरकार और किसानों के बीच कानूनों पर जारी विवाद को समझेगी और सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने जिस कमेटी का गठन किया है। उसमें भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल घनवंत शामिल हैं। ये कमेटी सरकार और किसानों के बीच कानूनों पर जारी विवाद को समझेगी और अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को ही सौंपेगी। जबतक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आएगी तबतक कृषि कानूनों के अमल पर रोक रहेगी।

    और भी...

  • अभय चौटाला ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र,कहा-26 जनवरी तक कृषि कानून को वापिस नहीं लेती सरकार तो..

    अभय चौटाला ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र,कहा-26 जनवरी तक कृषि कानून को वापिस नहीं लेती सरकार तो..

     

    इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने सोमवार को कृषि कानूनों और किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को पत्र लिखा है। इस चिठ्ठी में उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि भारत सरकार तीन काले कानूनों को 26 जनवरी 2021 तक वापिस नहीं लेती तो उनके इस पत्र को विधानसभा से त्याग पत्र समझा जाए।

    विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को लिखे पत्र में अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चौधरी देवी लाल जी ने हमेशा किसानों के लिए संघर्ष किया, आज वही परिस्थितियां देश-प्रदेश में फिर से खड़ी हो गई हैं। किसानों पर आए इस संकट की घड़ी में उनका यह दायित्व बनता है कि वो हर संभव प्रयास करें कि किसानों के भविष्य और अस्तित्व पर आए खतरे को टाला जा सके।

    उन्होंने लिखा कि केंद्र की सरकार ने असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक तरीके से तीन काले कृषि कानून किसानों पर थोंप दिए हैं जिसका विरोध देशभर में हो रहा है। इन कृषि कानूनों का विरोध और आंदोलन को अब तक 47 से अधिक दिन हो गए हैं और कड़ाके की ठण्ड में लाखों की संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं। अब तक भीषण ठण्ड के कारण साठ से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। केंद्र की सरकार किसान संगठनों से आठ दौर की वार्ता कर चुके हैं लेकिन अभी तक सरकार ने इन काले कानूनों को वापिस लेने बारे कोई सहमति नहीं दिखाई है।

    पत्र में इनेलो नेता ने आगे कहा कि सरकार ने जिस तरह की परिस्थितियां बनाई हैं उन्हें देखते हुए ऐसा नहीं लगता है कि विधानसभा के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में मैं कोई ऐसी भूमिका निभा सकता हूं जिससे किसानों के हितों की रक्षा की जा सके। अत: एक संवेदनहीन विधानसभा में मेरी मौजदूगी कोई महत्व नहीं रखती। इन सभी हालातों को देखते हुए यदि भारत सरकार इन तीन काले कानूनों को 26 जनवरी, 2021 तक वापिस नहीं लेती तो इस पत्र को विधानसभा से मेरा त्याग पत्र समझा जाए।

    और भी...

  • किसानों ने CM मनोहर लाल के किसान महापंचायत कार्यक्रम स्थल पर की तोड़फोड़, पुलिस ने दर्ज की FIR

    किसानों ने CM मनोहर लाल के किसान महापंचायत कार्यक्रम स्थल पर की तोड़फोड़, पुलिस ने दर्ज की FIR

     

    हरियाणा के करनाल जिले के कैमला गांव में किसानों ने ‘किसान महापंचायत’ के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों के फायदे बताने वाले थे। वही, अब इस तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने 71 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले पुलिस ने कैमला गांव की ओर किसानों के मार्च को रोकने लिए उन पर पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले छोड़े।

    बहरहाल, प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए और ‘किसान महापंचायत’ कार्यक्रम को बाधित किया। उन्होंने मंच को क्षतिग्रस्त कर दिया, कुर्सियां, मेज और गमले तोड़ दिए। किसानों ने अस्थायी हेलीपेड का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया जहां मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरना था। वही, बीकेयू नेता गुरनाम सिंह चरूनी के कहने पर किसानों के हुड़दंगी व्यवहार के कारण हरियाणा के सीएम के इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया।

    बता दें कि पुलिस ने गांव में मुख्यमंत्री की यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इस गांव में सीएम मनोहर लाल लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों के फायदे बताएंगे। गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में किसानों ने पहले घोषणा की थी कि वे ‘किसान महापंचायत’ का विरोध करेंगे। वे तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

    किसान काले झंडे लिए हुए थे और भाजपा नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कैमला गांव की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने गांव के प्रवेश स्थानों पर बैरीकेड लगा दिए ताकि वे कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाएं। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब किसान इस बात पर अड़ गए कि वे मुख्यमंत्री को कार्यक्रम नहीं करने देंगे।

    जिसके बाद पुलिसकर्मी किसानों को शांत करने की कोशिश करते दिखाई दिए लेकिन वे मंच पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ गए। वही, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने किसानों पर पानी की बौछारें छोड़ने और आंसू गैस के गोले दगवाने के लिए सीएम मनोहर लाल की आलोचना की।

    और भी...

  • निपुण फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन, लोगों ने किए रक्तदान

    निपुण फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन, लोगों ने किए रक्तदान

     

    झज्जर: गांव छारा में निपुण फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा रक्तदान शिविर लगाया गया। जिसमें ग्राम वासियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और 50 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। रक्तदान शिविर का शुभारंभ बिजेंद्र दलाल उर्फ मटरू पहलवान ने किया। भाजपा जिला अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा झज्जर धर्मबीर वर्मा ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर प्रोत्साहित किया और निपुण फाउंडेशन द्वारा लगाए गए रक्तदान शिविर की प्रशंसा की। उन्होंने कि रक्तदाताओं द्वारा किया गया ये रक्तदान किसी जरूरत मंद व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। सहयोगी संस्था के रूप में हरियाणा राज्य रक्त संचरण परिषद, जिला झज्जर की टीम का सहयोग अनुकरणीय रहा।

    इस अवसर पर कपिल जैन, जितेंन्दर कक्कड़, जितेंन्दर दक्ष, धर्मेंद्र प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर निपुण फाउंडेशन, मटरू पहलवान, धर्मबीर वर्मा भाजपा जिलाध्यक्ष , डॉ. नितिन मलिक, अशोक कुमार, ममता देवी ब्लड बैंक झज्जर, सचेत कुमार, पार्षद संजय पहलवान, जसवंत छारा, कुलदीप छारा, मुनेश बादली, प्रधान सुखदेव सेरिया, रामनिवास मदाना, अमित कुमार, सुनील कुमार, गोविंद कुमार, सोंनु कुमार आदि विशिष्ट लोग उपस्थित रहे।

    और भी...

  • बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट मोड पर पशुपालन व डेयरिंग विभाग, मुर्गी फार्म मालिकों को सता रहा नुकसान का डर

    बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट मोड पर पशुपालन व डेयरिंग विभाग, मुर्गी फार्म मालिकों को सता रहा नुकसान का डर

     

    हरियाणा में लगातार हो रही पक्षियों की मौतों और बर्ड फ्लू के खतरे ने अब मुर्गी फार्म मालिकों की नींद उड़ा दी है। बर्ड फ्लू के चलते उन्हें अब होने वाले लाखों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। वहीं, दूसरी ओर पशुपालन व डेयरिंग विभाग भी अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। मुर्गी फार्म मालिकों ने बताया कि इन्होंने कुछ दिन पहले ही चूजे खरीदने के लिए 38 रुपये पर पीस के हिसाब से लाखों रुपये एडवांस में जमा करवा दिए लेकिन बर्ड फ्लू की अफवाहों के कारण अब मार्किट में मुर्गों की डिमांड काफी कम हो गई है।

    जिसके कारण 38 रुपये में खरीदे गए चूजे की कीमत घटकर 20 रुपये रह गई। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में बर्ड फ्लू के अभी कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे फिर भी इन्होंने ऐतिहात के तौर पर फार्म का तापमान ऒर अन्य व्यवस्थाओं को अपने स्तर पर दुरुस्त कर लिया है, लेकिन डेयरिंग विभाग से अभी इन्हें कोई गाईड लाइन नहीं मिली।

    और भी...

  • कैथल में अज्ञात कार चालक ने ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर को मारी टक्कर, हुआ फरार

    कैथल में अज्ञात कार चालक ने ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर को मारी टक्कर, हुआ फरार

     

    कैथल के पाडला रोड पर ड्रेन पुल से आगे वाहनों की चेकिंग कर रही यातायात पुलिस के सब इंस्पेक्टर को एक कार चालक टक्कर मारकर फरार हो गया।  इस टक्कर में सब इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे शाह अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। हादसे में बाकी कर्मचारी बाल-बाल बच गए। वही, सूचना मिलते एक ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारी अस्पताल में पहुंचे।

    मिली जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह व अन्य कर्मचारी पाडला रोड पर ड्रेन पुल के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच एक कार चालक तेज गति से आया और एसआई धर्मवीर को टक्कर मारकर फरार हो गया जिसे इलाज के लिए शहर के शाह अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वही, कैथल के पुलिस अधीक्षक ने शाह अस्पताल में दौरा के घायल कर्मचारी का हाल चाल पूछा और बताया कि थाना शहर पुलिस को इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है।

    और भी...

  • हरियाणा में ठंड का प्रकोप बरकरार, प्रदेश में आज सबसे ठंडा स्थान रहा हिसार

    हरियाणा में ठंड का प्रकोप बरकरार, प्रदेश में आज सबसे ठंडा स्थान रहा हिसार

     

    हरियाणा में ठंड का प्रकोप जारी है। ऐसे में हरियाणा का हिसार शुक्रवार को सबसे ठंडा स्थान रहा। हिसार में आज न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री कम है। वही, हरियाणा के हिसार, करनाल और भिवानी समेत कई स्थानों पर कोहरा छाए रहने से लोगों को दिक्कत हुई।

    इस बीच मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से सात डिग्री अधिक है। हरियाणा के अंबाला और करनाल में न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक क्रमश: 10.5 डिग्री और आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वही, नारनौल, रोहतक, भिवानी और सिरसा में क्रमश: 9.5 डिग्री, 9.4 डिग्री, 7.2 डिग्री और 7.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    और भी...

  • कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली, आंदोलन को आगे और तेज करने की दी चेतावनी

    कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली, आंदोलन को आगे और तेज करने की दी चेतावनी

     

    केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने आज सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर और हरियाणा के रेवासन में ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान किसान संगठनों ने कहा कि 26 जनवरी को हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले ट्रैक्टरों की प्रस्तावित परेड से पहले यह महज एक "रिहर्सल" है।

    वही, भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के प्रमुख जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि 3500 से ज्यादा ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों के साथ किसान मार्च में हिस्सा ले रहे हैं। पंजाब के बड़े किसान संगठनों में से एक उगराहां ने कहा कि वह तीन कानूनों को वापस लेने के अलावा किसी बात पर राजी नहीं होंगे। बता दें कि केन्द्र सरकार और किसान संगठनों के बीच शुक्रवार को 9वें दौर की बातचीत होनी है। 

    ऐसा था किसानों का ट्रैक्टर मार्च

    दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस के कर्मियों की भारी तैनाती के बीच ट्रैक्टर पर सवार किसानों ने सुबह 11 बजे कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे की ओर मार्च शुरू किया। अपने ट्रैक्टरों पर बैठे, प्रदर्शन कर रहे किसान अपने प्रदर्शन स्थलों से निकले, वाहनों पर उनका मनोबल बढ़ाने के लिए स्पीकरों में गाने बज रहे थे। उनके अन्य साथी किसान मूंगफली, नाश्ता, चाय, और समाचार पत्रों आदि सामान के साथ रास्तों में खड़े भी दिखे। गाजीपुर से भाकियू नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में ट्रैक्टर मार्च पलवल की तरफ बढ़ा है। 

    वही, संयुक्त किसान मोर्चा के एक वरिष्ठ सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ ने से कहा, "आगामी दिनों में हम तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करेंगे। आज के मार्च में हरियाणा से करीब 2500 ट्रैक्टर आए हैं।" उन्होंने कहा कि हम आगाह करना चाहते हैं कि अगर सरकार हमारी मांगें स्वीकार नहीं करेगी तो किसानों का प्रदर्शन आगे और तेज होगा।

    इसके अलावा पंजाब के होशियापुर से ट्रैक्टर रैली में हिस्सा लेने पहुंचे हरजिंदर सिंह ने कहा, "सरकार एक के बाद एक बैठक कर रही है। उन्हें पता है हमें क्या चाहिए। हम चाहते हैं कि कानून वापस लिए जाए लेकिन हमें सिर्फ बेकार की बैठकें मिल रही हैं। इस रैली के जरिए, हम 26 जनवरी को क्या करेंगे उसकी महज झलक दिखा रहे हैं।"

    उन्होंने कहा कि आज की रैली, केवल दिल्ली की सीमा पर हो रही है, लेकिन एक बार जब हमारे किसान नेता राजधानी में दाखिल होने का निर्णय करेंगे, तो हम वह भी करेंगे। किसानों द्वारा यह ट्रैक्टर मार्च सिंघू से टिकरी बॉर्डर, टिकरी से कुंडली, गाजीपुर से पलवल और रेवासन से पलवल की तरफ निकला गया।

    बता दें कि भीषण ठंड और बारिश के बावजूद पंजाब, हरियाणा और देश के कुछ अन्य भागों के हजारों किसान पिछले 40 दिनों से ज्यादा समय से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसान कृषि कानूनों को निरस्त करने, फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी देने तथा दो अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। साल 2020 के सितम्बर में अमल में आए तीनों कानूनों को केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश किया है।

    उसका कहना है कि इन कानूनों के आने से बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकेंगे। दूसरी तरफ, प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि इन कानूनों से एमएसपी का सुरक्षा कवच खत्म हो जाएगा और मंडियां भी खत्म हो जाएंगी तथा खेती बड़े कारपोरेट समूहों के हाथ में चली जाएगी।

    और भी...

  • रणजीत सिंह चौटाला ने किया दावा- जल्द ही हरियाणा के सभी गांवों में 24 घंटे बिजली होगी उपलब्ध

    रणजीत सिंह चौटाला ने किया दावा- जल्द ही हरियाणा के सभी गांवों में 24 घंटे बिजली होगी उपलब्ध

     

    जल्द ही हरियाणा के सभी गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध होगी। अगले एक से डेढ़ साल में हरियाणा के सभी गांवों में जगमग योजना के तहत 24 घंटे बिजली का इंतजाम कर दिया जायेगा और इसके बाद हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य होगा जहां सभी गांवों तक 24 घंटे बिजली पहुंचेगी। ये दावा राज्य के बिजली व जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने किया है।

    दरअसल, बुधवार को हिसार पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जन समस्याएं सुनने के लिए पहुंचे राज्य मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में ये दावा किया। रणजीत चौटाला ने कहा, 'उन्होंने मंत्री बनने के बाद बिजली विभाग में बहुत बदलाव किए। सबसे पहले लाइन लॉस को पहले से आधा कर दिया है। इसे आगे भी लगातार कम करवाया जा रहा है।'

    इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि जल्द ही ऐसा सिस्टम लागू कर दिया जायेगा कि ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए लोगों को विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके अलावा कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि अब कोविड का बुरा दौर लगभग बीत चुका है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही हरियाणा में जनजीवन कोविड के दौर से पहले वाला हो जाएगा।

    और भी...

  • हरियाणा में कोरोना के नए स्ट्रेन ने दी दस्तक, करनाल में 2 व्यक्ति पाए गए पॉजिटिव

    हरियाणा में कोरोना के नए स्ट्रेन ने दी दस्तक, करनाल में 2 व्यक्ति पाए गए पॉजिटिव

     

    देशभर में अभी कोरोना वायरस का कहर ठीक से थमा भी नहीं था कि अब कोविड-19 के नए स्ट्रेन ने लोगों की परेशानियां और ज्यादा बढ़ा दी है। दरअसल, करनाल में कोरोना के नई स्ट्रेन के 2 नए मामले सामने आए है। जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग लगातार उन लोगों को ट्रेस कर रहा है जो दिसंबर के महीने में अमेरिका और ब्रिटेन से आए हैं।

    ऐसे में अब तक स्वास्थ्य विभाग तकरीबन 106 लोगों को ट्रेस करके उनका कोरोना टेस्ट करवा चुका है। वहीं, इनमें से 26 दिसंबर को ब्रिटेन से आया एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। जो कि करनाल शहर का रहने वाला है। इसके बाद इसका को दोबारा सैंपल लेकर दिल्ली भेजा गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि व्यक्ति में कोरोना का नया स्ट्रेन तो नहीं है। अब दिल्ली से आए रिपोर्ट में व्यक्ति में कोरोना का नया स्ट्रेन पाया गया है।

    बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति अपने परिवार के 6 सदस्यों के साथ ब्रिटेन से आया था। सभी के सैंपल लिए गए थे। जिनमे से एक व्यक्ति ही कोरोना पॉजिटिव पाया गया। व्यक्ति में नए स्ट्रेन की पुष्टि होने के बाद अब दोबारा उसके परिवार के सदस्यों के सैंपल लिए जा रहे हैं। वहीं, दूसरा व्यक्ति जो कि एक हवालाती है उसे भी नए स्ट्रेन का कोरोना हुआ है लेकिन हवालाती की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।

    हवालाती को किसी आरोप में सोनीपत से गिरफ्तार करके करनाल जेल लाया गया था जहां उसका टेस्ट हुआ वो कोरोना पॉजिटिव पाया गया। जिसके बाद रैंडम सैंपलिंग के लिए उसका टेस्ट दिल्ली के लिए भेजा गया जहां पर उसे नए स्ट्रेन का कोरोना मिला। फिलहाल हवालाती पंजाब के संगरूर में है, क्योंकि उसने वहां भी कोई क्राइम किया था। 

    और भी...

  • हरियाणा में बर्ड फ्लू का कहर, लॉकडाउन की मार झेल चुके मुर्गी व्यवसाय से जुड़े लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    हरियाणा में बर्ड फ्लू का कहर, लॉकडाउन की मार झेल चुके मुर्गी व्यवसाय से जुड़े लोगों की बढ़ी मुश्किलें

     

    पूरे हरियाणा में बर्ड फ्लू की अफवाह फैलती जा रही है जिसके चलते पहले लॉकडाउन की मार झेल चुके मुर्गी पालन उद्योग से जुड़े लोगों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। वही, बर्ड फ्लू को लेकर यमुनानगर के फार्मरों का कहना है कि वह डॉक्टरों से दिशानिर्देश लेकर हर तरीके से एहतियात बरत रहे हैं।

    ऐसे में उन्होंने पहले की अपेक्षा सैनिटाइजिंग और स्प्रे भी बढ़ा दिया है। हालांकि मुर्गी पालन उद्योग से जुड़े लोगों का यह कहना है कि सर्दी से भी मुर्गियों की मौत हो सकती है। लेकिन हकीकत टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। इसके अलावा कुछ फार्मरों का कहना है कि अफवाहों का असर उनके व्यवसाय पर बहुत पड़ रहा है। 

    क्या कहते हैं पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ 

    वही, पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ व डॉ. टीपी सिंह का कहना है कि देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के बारे में कई जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर इलाकों में माइग्रेट बर्ड फ्लू की बातें सामने आई है। ऐसे में राजस्थान में कौवों के मारे जाने की सूचना है । इसी तरह केरल व मध्यप्रदेश में भी सूचनाएं मिली हैं।

    उन्होंने कहा कि बरवाला में 70 से 80% मुर्गियों के मरने की सूचनाएं मिली हैं।इनके सैंपल लिए गए हैं, जो सोनीपत और भोपाल में लैब में भेजे गए हैं। वहां की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि इनमें कौन सा वायरस था। फिलहाल अभी की जानकारी के मुताबिक, इनमें रानीखेत बीमारी के लक्षण मिले हैं और उसी के हिसाब से मुर्गी फार्मर को दवाइयां वा हिदायतें जारी की गई हैं।

    और भी...