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  • अमिताभ बच्चन के कोरोना से संक्रमित होने पर शाहिद अफरीदी ने दिया ये रिएक्शन

    अमिताभ बच्चन के कोरोना से संक्रमित होने पर शाहिद अफरीदी ने दिया ये रिएक्शन

     

    शोएब अख्तर के बाद अब पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी ने भी बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक बच्चन के जल्द स्वस्थ होने की दुआ मांगी है. बता दें कि अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक बच्चन के कोविड-19 पॉजिटिव आने पर दुनिया भर के उनके चाहने वाले उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.

    पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन के लिए मेरी प्रार्थना. उम्मीद है आप जल्द ठीक होकर आएंगे.' बता दें कि शाहिद आफरीदी भी हाल ही में कोरोना वायरस से उबरे हैं.

    बता दें कि इससे पहले खुद अमिताभ बच्चन ने अपने कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी ट्विटर पर दी थी. अमिताभ ने ट्विटर पर लिखा था, 'मेरी जांच में मुझे कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. अस्पताल में भर्ती हो गया हूं.'अमिताभ बच्चन के साथ-साथ उनके बेटे अभिषेक बच्चन, बहू एश्वर्या राय बच्चन और पोती आराध्या की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है.

    इससे पहले सरहद पार से पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर ने भी अमिताभ बच्चन के जल्द स्वस्थ होने की दुआ मांगी थी. कोरोना पॉजिटिव होने के बाद बॉलीवुड के महानायक को मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शोएब अख्तर ने ट्वीट करते हुए कहा था, 'जल्दी से ठीक हो जाइए अमित जी. आपके जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थनाएं.'

    अमिताभ बच्चन कोरोना संक्रमित होने के बाद से ही मुंबई के नानावटी अस्पताल में एडमिट हैं. अभिषेक बच्चन भी अमिताभ के बगल वाले कमरे में एडमिट हैं. सूत्रों की मानें तो दोनों की सेहत में सुधार भी देखने को मिल रहा है. अमिताभ बच्चन के परिवार में जया बच्चन की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई हैं. ऐश्वर्या राय बच्चन और आराध्या बच्चन भी कोरोना संक्रमित हैं और फिलहाल होम क्वारनटीन हैं.

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  • कपिल देव और गैरी सोबर्स के क्लब में शामिल हुए बेन स्टोक्स, ये रिकॉर्ड किया अपने नाम

    कपिल देव और गैरी सोबर्स के क्लब में शामिल हुए बेन स्टोक्स, ये रिकॉर्ड किया अपने नाम

     

    इंग्लैंड के कार्यवाहक कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने खाते में एक और रिकॉर्ड जोड़ लिया है. वह खेल के लंबे प्रारूप में सबसे तेजी से 150 विकेट और 4000 रन बनाने दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं.

    स्टोक्स ने यह मुकाम इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में हासिल किया. एजेस बाउल में स्टोक्स ने चार विकेट लेकर विंडीज को पहली पारी में 318 रनों पर ढेर कर दिया.

    स्टोक्स का तीसरा विकेट अल्जारी जोसेफ का था और यही उनका 150वां टेस्ट विकेट भी रहा. वह टेस्ट क्रिकेट में 150 विकेट और 4000 रन बनाने की दोहरी उपलब्धि रखने वाले छठे क्रिकेटर बन गए हैं.

    स्टोक्स से पहले इस सूची में वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स, इंग्लैंड के इयान बाथम, भारत के कपिल देव, दक्षिण अफ्रीका के जैक कैलिस न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी के नाम शामिल हैं.

    स्टोक्स ऐसा सबसे तेजी से करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं. उनसे तेज यह मुकाम सोबर्स ने हासिल किया था. सोबर्स ने 63 टेस्ट मैच में यह उपलब्धि हासिल की थी जबकि स्टोक्स ने यह 64 टेस्ट मैचों में किया है.

    बता दें कि साउथेम्प्टन टेस्ट में इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 284/8 रन बनाए. चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज पर इंग्लैंड की बढ़त 170 रनों की हुई है. मार्क वुड (1) और जोफ्रा आर्चर (5) क्रीज पर हैं. पहली पारी में इंग्लैंड ने 204 रन बनाए थे, जबकि विंडीज ने 318 रनों का स्कोर बनाया था.

    इंग्लैंड की ओर से दूसरी पारी में जाक क्राउली (76), डोम सिबले (50), कप्तान बेन स्टोक्स (46) के अलावा रोरी बर्न्स (42) अपनी पारियों को लंबा नहीं खींच पाए. वेस्टइंडीज के गेंदबाज मेजबान बल्लेबाजों को रोकने में कामयाब दिखे. शेनॉन गैब्रियल ने 3, रोस्टन चेस तथा अल्जारी जोसफ ने 2-2 विकेट चटकाए, जबकि कप्तान जेसन होल्डर को एक विकेट मिला.

     

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  • गौतम गंभीर ने कहा- जहीर खान की वजह से Dhoni टेस्ट में बने 'बेस्ट'

    गौतम गंभीर ने कहा- जहीर खान की वजह से Dhoni टेस्ट में बने 'बेस्ट'

     

    पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी बहुत भाग्यशाली कप्तान रहे हैं क्योंकि उन्हें हर प्रारूप में एक अद्भुत टीम मिली थी। उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर धोनी को मिली सफलता के पीछे पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान का हाथ है।

    क्रिकेट से जुड़े एक कार्यक्रम में गौतम गंभीर ने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट में धोनी के इतने सफल कप्तान बनने का कारण जहीर खान हैं। वो धोनी को मिला ये उनकी खुशकिस्मती थी, जिसका श्रेय गांगुली को जाता है। मेरे हिसाब से जहीर भारत के सर्वश्रेष्ठ विश्वस्तरीय गेंदबाज रहे हैं।'

    उन्होंने कहा, 'धोनी बहुत भाग्यशाली कप्तान रहे हैं क्योंकि उन्हें हर प्रारुप में एक अद्भुत टीम मिली थी। 2011 का विश्व कप टीम धोनी के लिए बहुत आसान था क्योंकि हमारे पास सचिन, सहवाग, खुद मैं, युवराज, यूसुफ और विराट जैसे खिलाड़ी थे। इसलिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ टीम मिली थी जबकि गांगुली को इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी और जिसके कारण धोनी ने इतने सारी ट्राफियां जीतीं।'

    बता दें कि इससे पहले, गंभीर ने उन लोगों को कड़ी फटकार लगाई थी, जो 2011 विश्व कप जीत में केवल महेंद्र सिंह धोनी के छक्के का जश्न मना रहे थे। गौतम गंभीर ने कहा था कि विश्व कप पूरी टीम के द्वारा जीता गया था, किसी एक के छक्के के दम पर नहीं। भारत ने आज ही के दिन 2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद दूसरी बार विश्व कप जीता था। फाइनल में धोनी ने नुवान कुलासेकरा की गेंद पर छक्का लगाया था और भारत विश्व चैंपियन बना था।

    दरअसल, ईएसपीएनक्रिकइंफो ने एक ट्वीट किया, जिसमें उसने धोनी द्वारा लगाए गए विजयी छक्के की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, 'इस एक शॉट ने साल 2011 में करोड़ों भारतीयों को जश्न में डुबो दिया था।' गंभीर ने इसी का जवाब देते हुए ट्वीट किया था, 'ये सिर्फ एक रिमाइंडर है। 2011 का विश्व कप पूरे भारत ने जीता था। पूरी भारतीय टीम ने जीता था और उसके सपोर्ट स्टाफ ने भी।' 

    बता दें कि उस मैच में गौतम गंभीर ने  97 रनों की शानदार पारी खेली थी। वहीं, धोनी चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे और उन्होंने भी नाबाद 91 रनों की पारी खेलकर भारत को छह विकेट से यादगार जीती दिलाई थी। उन्होंने (गंभीर ने) बाद में एक ट्वीट में लिखा था, 'विश्व कप सभी भारतीयों द्वारा जीता गया।'

     

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  • कोरोना काल: बॉलर इस तरकीब का इस्तेमाल कर चमका रहे गेंद

    कोरोना काल: बॉलर इस तरकीब का इस्तेमाल कर चमका रहे गेंद

     

    कोरोना वायरस महामारी के कारण गेंद पर लार लगाने की अनुमति नहीं है. ऐसे में इंग्लैंड के गेंदबाज वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रहे पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में पीठ के पसीने से गेंद को चमका रहे हैं. साउथेम्प्टन में चल रहे पहले टेस्ट मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की जैव सुरक्षित वातावरण में वापसी हुई है. कोविड-19 महामारी के कारण मार्च से ही सभी तरह की खेल गतिविधियां ठप थीं.

    इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने कहा, ‘लार पर प्रतिबंध लगने के बाद अब पीठ का पसीना अहम बन गया है.’ उन्होंने कहा, ‘केवल अपना पसीना... हालांकि हम गेंद पर आपस में थोड़ा पसीना मिला रहे हैं. मुझे कुछ जिमी एंडरसन और जोफ्रा आर्चर से मिला.’

    पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड के पहली पारी के 204 रनों के जवाब में वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 318 रन बनाए. तीसरे दिन का खेल समाप्त होने पर इंग्लैंड ने दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के 15 रन बना लिये थे. तीसरे दिन रोस्टन चेस और शेन डाउरिच की 81 रनों की साझेदारी के बाद वेस्टइंडीज ने बेन स्टोक्स की शानदार गेंदबाजी के सामने आखिरी पांच विकेट 51 रन के भीतर गंवा दिए.

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  • 39 साल के हुए महेंद्र सिंह धोनी, दिग्गजों ने यूं दी बधाई

    39 साल के हुए महेंद्र सिंह धोनी, दिग्गजों ने यूं दी बधाई

     

    गजब का क्रिकेटर, कमाल का विकेटकीपर, बेमिसाल कप्तान, दुनिया का नंबर 1 फिनिशर... महेंद्र सिंह धोनी. ये नाम क्रिकेट की दुनिया में जब गूंजता है तो करोड़ों फैंस उसके सजदे में झुकते हैं. विरोधी भी इस नाम का सम्मान करते हैं. वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान भी एमएस धोनी को कप्तानों का कप्तान मानते हैं. मानें भी क्यों ना रांची में पैदा हुए राजकुमार ने अपने करियर में वो सबकुछ हासिल किया है, जिसका सपना दुनिया का हर क्रिकेटर देखता है. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर एमएस धोनी  आज 39 साल के हो गए हैं. 7 जुलाई, 1981 को रांची में जन्मे धोनी को आज दुनिया के सभी बड़े क्रिकेटर दुआएं दे रहे हैं.

    एमएस धोनी  का जन्मदिन हो, तो समझ लीजिए सोशल मीडिया पर उनका ही राज रहेगा. 7 जुलाई जैसे जश्न की तरह होती है. महेंद्र सिंह धोनी के फैंस उन्हें 39वें जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं. साथ ही उनके साथ खेलने वाले कई दिग्गज क्रिकेटर भी एमएस धोनी को इस खास दिन के मौके पर याद कर रहे हैं.


     

    सबसे पहले चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने कप्तान के जन्मदिन पर एक खास वीडियो पोस्ट किया. चेन्नई ने सीनियर और जूनियर सभी खिलाड़ियों का एक वीडियो बनाया है, जिसमें वो धोनी को भविष्य के लिए दुआएं दे रहे हैं.

     

    साल 2004 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले धोनी का करियर बेमिसाल रहा है. धोनी ने 90 टेस्ट मैचों में 38 से ज्यादा की औसत से 4876 रन बनाए. इसके अलावा उन्होंने 350 वनडे में 50 से ज्यादा की औसत से 10,773 रन ठोके. टी20 में भी धोनी ने 37 से ज्यादा की औसत से 1617 रन बनाए.

    वैसे आपको बता दें धोनी की महानता उनके ये आंकड़े नहीं दर्शाते हैं. इस दिग्गज खिलाड़ी ने बतौर कप्तान जो उपलब्धियां हासिल की हैं वो सपने सरीखी है. धोनी ने साल 2007 में पहली बार टीम इंडिया की कमान संभाली और उनकी अगुवाई में भारतीय टीम पहला टी20 वर्ल्ड कप जीती. इसके बाद साल 2011 में उन्होंने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाया. 2013 में वो चैंपियंस ट्रॉफी जीते और वो दुनिया के पहले कप्तान बने, जिसने ये तीनों ट्रॉफी जीती. साल 2010, 2011, 2018 में एमएस धोनी ने आईपीएल ट्रॉफी भी जीती. 2014 में धोनी चैंपियंस लीग टूर्नामेंट जीते. धोनी पद्मश्री, खेल रत्न और पद्मभूषण से सम्मानित हो चुके हैं. धोनी को सेना ने लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) पद दिया है और वो खाली समय में सेना के साथ ट्रेनिंग करते हैं.
     

     

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  • भारतीय कोचों के लिए दो लाख रुपये वेतन की ऊपरी सीमा को हटाएगा खेल मंत्रालय

    भारतीय कोचों के लिए दो लाख रुपये वेतन की ऊपरी सीमा को हटाएगा खेल मंत्रालय

     

    खेल मंत्रालय ने आज भारतीय कोचों द्वारा एलीट एथलीटों को प्रशिक्षण देने पर वेतन की ऊपरी सीमा दो लाख रुपये को हटाने की घोषणा की है ताकि वे बेहतर परिणाम देने के लिए प्रोत्साहित हों और पूर्व खिलाड़ियों को हाई परफोर्मेंस प्रशिक्षक बनने के लिए उत्साहित किया जा सके। बता दें कि मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी विदेशी कोचों के अनुबंध को अगले साल 30 सितंबर तक बढ़ने का फैसला किया जिसके बाद यह घोषणा की गई।

    इसके साथ ही ओलंपिक से तालमेल बैठाते हुए अब भारतीय और विदेशी कोच को चार साल के लिए चुनने का फैसला किया गया। खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को कहा, 'कई भारतीय कोच बहुत अच्छे परिणाम दे रहे हैं और उन्हें कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत करने की आवश्यकता है। सरकार देश भर से सर्वश्रेष्ठ कोचिंग प्रतिभाओं को आकर्षित करने की इच्छुक है। एलीट एथलीटों को प्रशिक्षित करने के लिए हम नहीं चाहते हैं कि कोच के ऊपरी वेतन की कोई सीमा कोई रूकावट बने।'

    इसके अलावा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूर्व दिग्गज एथलीटों को खेल तंत्र में आकर्षित करने के लिए बढी हुई पारिश्रमिक और लंबी अनुबंध अवधि की पेशकश की जाएगी। इसका मकसद ओलंपिक सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए उनके अनुभव और कौशल का उपयोग करने है।

    वही, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे घरेलू कोच बेहतर नतीजे देने के लिए प्रेरित होंगे क्योंकि उन्हें विदेशी कोच के समकक्ष रखा जाएगा। आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने कहा, 'आईओए और राष्ट्रीय खेल महासंघ पूरी तरह से घरेलू कोचों के वेतन सीमा को हटाने के खेल मंत्रालय के फैसले की सराहना करते हैं। यह सीमा हमारे कोचों को सीमित कर रही थी जो अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तैयार कर रहे हैं।'

    उन्होंने कहा, 'यह फैसला अधिक खिलाड़ियों को पेशे के रूप में कोचिंग चुनने के लिए प्रोत्साहित करेगा। कोचिंग शिक्षा में सुधार के लिए नए कदमों के साथ, घरेलू कोच भविष्य में अंतरराष्ट्रीय कोच के बराबर होंगे।' इस फैसले के तहत पहले से विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में काम करने वाले प्रख्यात कोचों को प्रतिनियुक्ति पर जुड़ने और चार साल के अनुबंध के साथ-साथ उच्च वेतन संरचना के लिए पात्र होने की अनुमति दी जाएगी। कोचों के पारिश्रमिक का निर्धारण पूर्व-एलीट वर्ग के एथलीट के प्रदर्शन और कोच के तौर पर उसकी सफलता पर अधारित होगा।

    मंत्रालय के बयान के मुताबिक, 'सभी नए कोच और मौजूदा कोच जिन्हें नया अनुबंध दिया गया है, वे राष्ट्रीय शिविर और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में प्रशिक्षण प्रदान करेंगे जिनका चयन खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय खेल संघों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।'

    इस कदम का स्वागत करते हुए बैडमिंटन के राष्ट्रीय मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, 'यह लंबे समय से खेल बिरादरी की मांग रही है। मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं क्योंकि यह कई प्रतिभाशाली प्रशिक्षकों और पूर्व दिग्गज एथलीटों को इस पेशे में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा।' बता दें कि खेल मंत्रालय 2028 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 महमारी के खत्म होने के बाद जमीनी स्तर की प्रतिभा खोजना फिर से शुरू करेगा।

     

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  • ऑस्ट्रेलिया में दिखेगा 'हिटमैन' का जलवा, इस दिग्गज को रोहित की क्षमता पर भरोसा

    ऑस्ट्रेलिया में दिखेगा 'हिटमैन' का जलवा, इस दिग्गज को रोहित की क्षमता पर भरोसा

     

    रोहित शर्मा अपनी क्षमता और कौशल के दम पर इस साल के आखिर में होने वाले दौरे में ऑस्ट्रेलिया की मुश्किल परिस्थितियों में भी सफल हो सकते हैं. ये मानना है पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज माइकल हसी का. भारत को चार टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है, जिसका पहला मैच ब्रिस्बेन में तीन दिसंबर से खेला जाएगा.

    इस सीरीज के दौरान 33 साल के रोहित पर निगाहें टिकी रहेंगी, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पहली बार सलामी बल्लेबाज के रूप में शानदार प्रदर्शन किया था. वह पिंडली के चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों टेस्ट में नहीं खेल पाए थे.

    45 साल के हसी ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में दुनिया के किसी भी बल्लेबाज की परीक्षा होती है, लेकिन मेरा मानना है कि रोहित ने वनडे क्रिकेट में शीर्ष क्रम में काफी मैच खेले हैं और उन्हें अब टेस्ट मैचों में भी सफलता मिली है और इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा होगा.’

    हसी सोनी टेन पिट स्टॉप में कहा, ‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं कि उनके पास वह क्षमता और कौशल है, जिससे वह वहां की परिस्थितियों में सफल हो सकते हैं,’

    माइक हसी का इसके साथ ही मानना है कि स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की वापसी से भारत के लिए आगामी सीरीज काफी मुश्किल होगी. भारत ने 2018 में ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीती थी तब स्मिथ और वॉर्नर प्रतिबंधित होने के कारण उसमें नहीं खेल पाए थे.

    उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर स्मिथ और वॉर्नर की वापसी से टीम मजबूत हुई है, लेकिन दो साल पहले जो खिलाड़ी खेले थे तब वे पूरी तरह से तैयार नहीं थे. अब वे अनुभवी हो गए हैं और इसलिए टीम इंडिया को इन गर्मियों में ऑस्ट्रेलिया में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा.'

     

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  • विक्रम राठौड़ ने की विराट कोहली की प्रशंसा, बोले- कभी भी मैच को बदल सकते हैं

    विक्रम राठौड़ ने की विराट कोहली की प्रशंसा, बोले- कभी भी मैच को बदल सकते हैं

     

    जैसा कि आप जानते ही है क्रिकेट में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली को बेस्ट बल्लेबाज माना जाता है। वह क्रीज पर टिक कर भी खेल सकते हैं और बड़े स्कोर का पीछा करने की उनकी योग्यता को सब देख चुके हैं। वही, भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर ने कहा है कि विराट कोहली की ताकत है कि वह हर प्रारूप में उसकी जरूरत के मुताबिक खेल सकते हैं और उनमें सबसे अच्छी बात यह है कि वह खेल को लेकर काफी समर्पित हैं।

    विक्रम राठौर ने कहा, 'मेरे हिसाब से विराट में सबसे अच्छी बात खेल को लेकर उनका समर्पण है। वह विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनना चाहते हैं और इसके लिए कड़ी मेहनत करते हैं। वह काफी प्रयास करते हैं और मैंने जितने क्रिकेटर देखे हैं उनमें से वो सबसे ज्यादा मेहनती हैं। इसके अलावा मुझे लगता है कि उनकी स्थिति के साथ तालमेल बिठाने की क्षमता काफी अच्छी है।'

    उन्होंने आगे कहा, 'वह एक तरह के खिलाड़ी नहीं हैं। वह जब चाहें मैच का रूख बदल सकते हैं। वह हर प्रारूप को अलग तरह से खेलते हैं और यह उनके सबसे मजबूत पहलूओं में से एक है।' वही, विक्रम राठौर ने अपनी बात को सिद्ध करने के लिए आईपीएल-2016 का उदाहरण दिया जब कोहली ने लीग में 973 रन बनाए थे और अकेले की दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर को फाइनल में ले गए थे।

    उन्होंने कहा, 'सबसे बेहतरीन उदाहरण जो मैंने देखा है वो आईपीएल-2016 में जहां उन्होंने चार शतक और 40 तकरीबन छक्के मारे थे। वह शानदार फॉर्म में चल रहे थे और इसके बाद हमें वेस्टइंडीज का दौरा करना था। दो महीने आईपीएल में खेलने के बाद वह वेस्टइंडीज गए और पहले ही मैच में दोहरा शतक जमाया वो भी बिना किसी छक्के के।'

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  • एक दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए मोहम्मद हफीज की रिपोर्ट अब आई नेगेटिव

    एक दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए मोहम्मद हफीज की रिपोर्ट अब आई नेगेटिव

     

    पाकिस्तान के हरफनमौला खिलाड़ी मोहम्मद हफीज ने अपना कोविड-19 का टेस्ट कराया है जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। मंगलवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बताया था कि हफीज उन सात लोगों में से हैं जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि हफीज ने निजी तौर पर अपना और अपने परिवार का कोरोना टेस्ट कराया और बुधवार को ट्वीट कर बताया कि उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 

    हफीज ने ट्वीट किया, 'कल पीसीबी द्वारा कराए गए कोविड-19 के टेस्ट की रिपोर्ट आई थी जिसमें मैं पॉजिटिव आया था। मैंने अपनी संतुष्टि के लिए अपना और अपने परिवार का टेस्ट कराया था और इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। अल्लाह हमें सुरक्षित रखे।'

    दरअसल, पीसीबी के मुताबिक जो खिलाड़ी पॉजिटिव पाए गए हैं उनमें फखर जमन, इमरान खान, कासिफ भट्टी, हफीज, मोहम्मद हसैने, मोहम्मद रिजवान, वहाब रियाज, हैदर अली, हैरिस राउफ और शादाब खान के नाम शामिल हैं। इन सभी को हालांकि एकांतवास में भेज दिया गया है। बता दें कि यह सभी लोग इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली टीम का हिस्सा थे। वही, टीम को 28 जून को रवाना होना है।

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  • धोनी के 'कमाल' से भारत बना चैम्पियन, इंग्लैंड को पस्त कर जीती चैम्पियंस ट्रॉफी

    धोनी के 'कमाल' से भारत बना चैम्पियन, इंग्लैंड को पस्त कर जीती चैम्पियंस ट्रॉफी

     

    7 साल पहले आज ही के दिन भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था. 23 जून 2013 को बर्मिंघम में खेले गए चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान इंग्लैंड को बारिश से बाधित मैच में 5 रन से मात देकर रोमांचक जीत दर्ज की थी और खिताब पर अपना कब्जा जमाया था. मजे की बात ये रही कि पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम अजेय रही.

    महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने तीसरी बार आईसीसी की ट्रॉफी अपने नाम की थी. इससे पहले धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और साल 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीता था. वर्ल्ड क्रिकेट में धोनी इकलौते ऐसे कप्तानी हैं, जिन्होंने आईसीसी की तीन बड़ी ट्रॉफियां अपने नाम की.

    वर्ल्ड कप के बाद सबसे महत्वपूर्ण वनडे टूर्नामेंट की शुरुआत 'आईसीसी नॉक आउट' टूर्नामेंट के तौर पर 1998 में हुई. उस साल विजेता टीम को विल्स इंटरनेशनल कप दिया गया. 2002 में इसका नाम बदलकर चैम्पियंस ट्रॉफी रखा गया. भारत और ऑस्ट्रेलिया 2-2 बार चैम्पियन रह चुके हैं. इंग्लैंड की टीम इसे एक बार भी नहीं जीत पाई है. 2009 से वही टीमें चैम्पियंस ट्रॉफी में शामिल होती हैं, जो टूर्नामेंट शुरू होने से छह महीने पहले की वनडे रैंकिंग में शीर्ष 8 में होती हैं.

    कब-कब किसने जीती ट्रॉफी

    1. विल्स इंटरनेशनल कप (बांग्लादेश), 1998-99, द. अफ्रीका ने जीता

    2. आईसीसी नॉकआउट (केन्या), 2000-01, न्यूजीलैंड ने जीता

    3. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी (श्रीलंका), 2002-03, भारत-श्रीलंका संयुक्त विजेता

    4. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी(इंग्लैंड), 2004, वेस्टइंडीज विजेता

    5. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी (भारत), 2006-07, ऑस्ट्रेलिया विजेता

    6. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी (द. अफ्रीका), 2009-10, ऑस्ट्रेलिया विजेता

    7. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी (इंग्लैंड), 2013, भारत विजेता

    8. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी (इंग्लैंड), 2017, पाकिस्तान विजेता

    बर्मिंघम में खेले गए फाइनल मैच में टीम इंडिया को पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला. बारिश के कारण मैच 20-20 ओवरों का कर दिया गया. भारत के 130 रनों के लक्ष्य के जवाब में इंग्‍लैंड की पूरी टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 124 रन ही बना सकी. रवींद्र जडेजा को उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया. उन्‍हें टूर्नामेंट में सबसे ज्‍यादा विकेट लेने के लिए गोल्‍डन बॉल से भी नवाजा गया. सलामी बल्‍लेबाज शिखर धवन को लगातार अच्‍छे परफॉर्मेंस के लिए 'मैन ऑफ द सीरीज' और 'गोल्‍डन बैट' से नवाजा गया.

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  • घरेलू क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी राजिंदर गोयल का निधन, रणजी में सबसे ज्यादा विकेट लेने का है रिकॉर्ड

    घरेलू क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी राजिंदर गोयल का निधन, रणजी में सबसे ज्यादा विकेट लेने का है रिकॉर्ड

     

    भारत के दिग्‍गज घरेलू क्रिकेटर राजिंदर गोयल का रविवार को निधन हो गया। वह 77 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमार थे। अपने 24 साल के घरेलू क्रिकेट करियर में राजिंदर गोयल ने हरियाणा के लिए 750 विकेट चटकाए थे। हरियाणा के लिए खेलने के अलावा उन्होंने पंजाब और दिल्ली का भी प्रतिनिधित्व किया था। उनके नाम रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड है।

    उन्होंने रणजी में 637 विकेट झटके। उन्हें 2017 में सीके नायडू लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। हालांकि लेफ्ट आर्म स्पिनर कभी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाए। वही, राजिंदर गोयल के निधन पर बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रणबीर सिंह महेंद्र ने कहा, 'क्रिकेट के लिए यह एक बहुत बड़ा नुकसान है और मेरे लिए यह एक व्यक्गित क्षति है। अगर वह देश में बाएं हाथ के सबसे अच्छे स्पिनर नहीं थे तो भी सबसे अच्छे में से एक थे। उनका 750 विकेट लेने का रिकॉर्ड, उनकी जबरदस्त क्षमता को दिखाता है।' 

    उन्होंने आगे कहा, 'राजिंदर गोयल ने रणजी ट्रॉफी में हरियाणा, दिल्ली और पंजाब का प्रतिनिधित्व किया। संन्यास के बाद खेल में उनकी योगदान बहुत बड़ा था। वह सज्जन व्यक्ति थे, जो बहुत अंत तक सक्रिय रहे। उनके निधन के बाद क्रिकेट जगत ने अपने एक जेवर को खो दिया है। मैं उन्हें बहुत याद करूंगा।'

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  • 45 साल पहले क्लाइव लॉयड ने थामा था पहला वर्ल्ड कप, वेस्टइंडीज बना था चैम्पियन

    45 साल पहले क्लाइव लॉयड ने थामा था पहला वर्ल्ड कप, वेस्टइंडीज बना था चैम्पियन

     

    आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप का पहला फाइनल मुकाबला आज ही के दिन 45 साल पहले खेला गया था, इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम  और वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम  आमने सामने खेली थी। वेस्ट इंडीज ने 1975 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 17 रनों से मात दी, और इस तरह वेस्ट इंडीज पहली वर्ल्ड कप चैंपियन टीम बनी थी।

    वर्ल्ड कप 1975 में वेस्ट इंडीज क्रिकेट में महान क्रिकेटर्स विव रिचर्ड्स, गॉर्डन, फ्रेडरिक आदि क्रिकेटर्स शामिल थे। वर्ल्ड कप 1975 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता था, और वेस्ट इंडीज को बल्लेबाजी का निमंत्रण दिया।
     

    आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 1975 फाइनल 60 ओवर का खेला गया था, उस समय सिमित ओवर का खेल इतने ओवर का ही आयोजित होता था। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। वेस्ट इंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 291 रन बनाए, इसमें कप्तान क्लाइव लॉयड का अहम योगदान रहा था। क्लाइव लॉयड ने 85 गेंदों में 102 रनों की शानदार पारी खेली थी।
     

    292 रनों के बचाव में उतरी वेस्टइंडीज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को 274 रनों पर आल आउट कर दिया। केथ बॉयस ने वेस्ट इंडीज की ओर से सर्वाधिक 4 विकेट झटके थे। उस दौर में वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम में महान क्रिकेट्स शामिल थे, और टीम चैंपियंस की तरह प्रदर्शन देती थी।

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  • Olympic दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में पीवी सिंधु और विनेश फोगाट लेंगी भाग

    Olympic दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में पीवी सिंधु और विनेश फोगाट लेंगी भाग

     

    23 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के ओलंपिक दिवस कार्यक्रम में ओलंपिक रजत पदक विजेता और विश्व बैडमिंटन चैंपियन पीवी सिंधु और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता महिला पहलवान विनेश फोगाट भाग लेंगी। इस कार्यक्रम में विनेश दुनिया भर के 23 ओलंपिक खिलाड़ियों के साथ पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में अपने विशेष वर्कआउट (कसरत) को दिखाएंगी तो वहीं, पीवी सिंधु लाइव फिटनेस कार्यक्रम में दुनिया के 21 शीर्ष एथलीट के साथ भाग लेंगी।

    सिंधु दुनिया भर के उन एथलीट में शामिल होंगी जिनके वर्कआउट का सीधा प्रसारण ओलंपिक के इंस्टाग्राम पेज पर किया जाएगा। सिंधु हैदराबाद के अपने घर से ऑनलाइन माध्यम से इससे जुड़ेंगी। आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक ने कहा, 'इस बार का ओलंपिक दिवस का कार्यक्रम हर बार से अलग होगा। आइए हम स्थगित हुए टोक्यो ओलंपिक की तैयारी के लिए एकजुटता के साथ खेल की शक्ति का उपयोग करें।'

     

     

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  • इंग्लैंड ने बरसाए इतने रन कि बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ऑस्ट्रेलियाई बॉलर हुए बेदम

    इंग्लैंड ने बरसाए इतने रन कि बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ऑस्ट्रेलियाई बॉलर हुए बेदम

     

    वनडे रैंकिंग की नंबर-1 टीम इंग्लैंड ने आज से ठीक दो साल पहले वनडे इंटरनेशनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था. 19 जून 2018 को इंग्लैंड ने पुरुषों के वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर का नया रिकॉर्ड बनाते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट पर 481 रन बना डाले थे.

    ट्रेंट ब्रिज (नॉटिंघम) में एलेक्स हेल्स ने झे रिचर्डसन को 46वें ओवर में छक्का लगाकर टीम को 444 के पिछले रिकॉर्ड के पार पहुंचाया. पिछला रिकॉर्ड भी इंग्लैंड के ही नाम था, जिसने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में ही 444/3 रन बनाए थे.

    हेल्स ने 92 गेंदों में 147 (16 चौके और पांच छक्के) और जॉनी बेयरस्टो ने 92 गेंदों में 139 रन (15 चौके और पांच छक्के) बनाए. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 151 रनों की साझेदारी की. इस साझेदारी से पहले बेयरस्टो ने जेसन रॉय के साथ पहले विकेट के लिए 159 रन जोड़े थे. रॉय ने भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को जमकर धोया.

    जेसन रॉय ने 61 गेंदों में सात चौके और चार छक्के की मदद से 82 रन बनाए. कप्तान इयोन मॉर्गन ने भी 30 गेंदों में 67 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें छह छक्के और तीन चौके शामिल थे.

    ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज एंड्रयू टाई ने नौ ओवरों में 100 रन चुकाए. तब टाई वनडे की पारी में 100 या इससे ज्यादा रन खर्च करने वाले 12वें गेंदबाज बने थे. अब तक 13 गेंदबाजों ने वनडे में 100 या इससे ज्यादा रन लुटाए हैं.

    1. इंग्लैंड 481/6 रन- विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया- नॉटिंघम (2018)

    2. इंग्लैंड 444/3 रन- विरुद्ध पाकिस्तान- नॉटिंघम (2016)

    3. श्रीलंका 443/9 रन- विरुद्ध नीदरलैंड्स- एम्सटेलवीन (2006)

    4. साउथ अफ्रीका 439/2 रन- विरुद्ध वेस्टइंडीज- जोहानिसबर्ग (2015)

    5. साउथ अफ्रीका 438/9 रन- विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया- जोहानिसबर्ग (2006)

    इंग्लैंड ने लिस्ट-ए मैचों में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर (481/6) बनाया. लिस्ट-ए क्रिकेट का रिकॉर्ड सरे के नाम है, जिसने ओवल (लंदन) में 2007 में ग्लूस्टरशायर के खिलाफ 496/4 रनों का स्कोर खड़ा किया था.

    आखिरकार अतुलनीय लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम 37 ओवरों में 239 रनों पर सिमट गई. इंग्लैंड ने 242 रनों से यह मुकाबला जीता था.

     

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  • आज ही के दिन 1983 में कपिल देव ने 175 रन की खेली थी पारी, मौके पर कही ये खास बात

    आज ही के दिन 1983 में कपिल देव ने 175 रन की खेली थी पारी, मौके पर कही ये खास बात

     

    18 जून 1983 का वह दिन जब कपिल देव ने टनब्रिज वेल्स पर जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए वर्ल्ड कप मैच में नाबाद 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी जिससे टीम के खिलाड़ियों में यह विश्वास जगाया था कि वह किसी भी परिस्थिति में जीत दर्ज कर सकते हैं। कपिल देव ने यह पारी तब खेली जब भारत का स्कोर चार विकेट पर नौ रन था जो जल्द ही पांच विकेट पर 17 रन हो गया था।

    उन्होंने अपनी 138 गेंदों की पारी में 16 चौके और छह छक्के लगाए। उनके बाद दूसरा सर्वोच्च स्कोर सैयद किरमानी (नाबाद 24) का था। भारत ने आठ विकेट पर 266 रन बनाए और फिर विरोधी टीम को 235 रन पर आउट करके 31 रन से जीत दर्ज थी। इस बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस संबंध में आज ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें कपिल ने उस मैच की यादों को ताजा किया।

    इस दिग्गज आलराउंडर ने वीडियो में कहा, 'जिम्बाब्वे वाला मैच एक ऐसा मैच था जिससे पूरी टीम को यह लगने लगा था कि हम चोटी की चार टीमों को हरा सकते हैं और जब हमारा दिन हो तो हम किसी भी टीम को पराजित कर सकते हैं।' बता दें कि कपिल देव की अगुवाई में भारत ने इसके बाद अपने अंतिम ग्रुप मैच में आस्ट्रेलिया को 118 रन के बड़े अंतर से हराया और सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड को छह विकेट से शिकस्त दी। फाइनल में उनका सामना दो बार के चैंपियन वेस्टइंडीज से था।

    भारतीय टीम 183 रन पर आउट हो गई लेकिन उसने कैरेबियाई टीम को 140 रन पर समेटकर 43 रन से जीत दर्ज करके विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। इसके अलावा कपिल देव ने कहा, 'इस पारी ने टीम को भरोसा दिलाया कि हमारे अंदर किसी भी परिस्थिति में जीत दर्ज करने की क्षमता है और हम किसी भी स्थिति में वापसी कर सकते हैं।' 

    भारत के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत दर्ज करना बेहद जरूरी थी क्योंकि तभी वह सेमीफाइनल में जगह बना सकता था। कपिल ने मैच में टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था लेकिन तेज गेंदबाज पीटर रॉसन और केविन कुर्रेन ने भारतीय शीर्ष क्रम को चरमरा दिया। कपिल देव ने यह ऐतिहासिक पारी तब खेली जब सुनील गावस्कर, कृष्णमाचारी श्रीकांत, मोहिंदर अमरनाथ, संदीप पाटिल और यशपाल शर्मा सस्ते में पवेलियन लौट गए थे।

    बता दें कि कपिल की पारी तब वनडे क्रिकेट की सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी थी। यह किसी भी भारतीय का वनडे में पहला शतक था और यह अब भी चौथे नंबर से निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए वनडे में सर्वोच्च स्कोर है।

     

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