Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। यह न केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक क्षण भी होगा क्योंकि निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बनेंगी।
बजट 2026 का कार्यक्रम
इस बार बजट का दिन थोड़ा खास है क्योंकि 1 फरवरी को रविवार की छुट्टी होने के बावजूद बजट पेश किया जा रहा है। अगर समय की बात करें, तो साल 2017 से ही बजट का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया गया था। इस साल का बजट कार्यक्रम 28 जनवरी से शुरू हो चुका है और 29 जनवरी को 'आर्थिक सर्वेक्षण' (इकोनॉमिक सर्वे) जारी किया गया, जो एक तरह से देश की आर्थिक स्थिति का रिपोर्ट कार्ड होता है। यही रिपोर्ट कार्ड आने वाले बजट की नींव तैयार करता है। अब इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री 1 फरवरी को सुबह 11 बजे बजट का मुख्य भाषण पेश करेंगी।
लाइव प्रसारण और अपडेट कहां देखें?
बजट भाषण को आप कई तरीकों से लाइव देख सकते हैं। अगर आप टीवी देख रहे हैं, तो संसद टीवी या डीडी न्यूज लगा लें। इंटरनेट पर देखने के लिए आप सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (indiabudget.gov.in) पर जा सकते हैं, जहां वीडियो के साथ-साथ बजट की फाइलें भी मिल जाएंगी। इसके अलावा, यूट्यूब पर संसद टीवी और PIB के चैनलों पर भी लाइव प्रसारण होगा। साथ ही, सभी बड़े प्राइवेट न्यूज चैनल भी इसे दिखाएंगे। जैसे ही भाषण खत्म होगा, टैक्स और सरकारी खर्चों की पूरी जानकारी बजट की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।
क्यों खास है बजट 2026?
यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा बड़ा बजट है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मायने रखता है। निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं, जिसका मतलब है कि सरकार अपनी पुरानी नीतियों और काम करने के तरीके को ही मजबूती से आगे बढ़ा रही है। एक और दिलचस्प बात यह है कि अक्सर बजट कामकाजी दिनों (सोमवार से शुक्रवार) में आता है, लेकिन इस बार 1 फरवरी को रविवार होने के बाद भी इसे पेश किया जा रहा है। पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था, जब 2025 का बजट शनिवार की छुट्टी के दिन आया था।
क्या होता है केंद्रीय बजट?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के नियम के मुताबिक सरकार बजट पेश करती है। यह बजट सरकार के एक साल (जो 1 अप्रैल से शुरू होता है) के खर्चे और कमाई का पूरा हिसाब-किताब होता है। इसमें आसान भाषा में तीन मुख्य बातें होती हैं- सरकार हमसे टैक्स कितना लेगी, विकास के कामों पर कितना पैसा खर्च करेगी और आने वाले समय के लिए उसकी नई योजनाएं क्या होंगी।