Gold Silver Rate: सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी कल, 30 जनवरी को रुक गई। MCX पर, सोने की कीमत अभी ₹149,075 प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत ₹291,922 प्रति किलोग्राम है, जो 29 जनवरी को ₹400,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुँच गई थी। क्या इस साल के बजट में ऐसे उपाय शामिल हो सकते हैं जो सोने और चांदी की कीमतों को कम कर सकें? बाज़ार विशेषज्ञों और आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने बजट 2026 से पहले और बाद में सोने और चांदी की कीमतों के बारे में बहुत दिलचस्प संकेत दिए हैं। विशेषज्ञ क्या कहते हैं, यहाँ बताया गया है:
बजट के बाद गिरावट की संभावना
ज़्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के तुरंत बाद कीमतों में थोड़ी से मध्यम गिरावट आ सकती है। इसके दो मुख्य कारण हैं:
आयात शुल्क में कमी की उम्मीद: ज्वेलरी इंडस्ट्री सरकार से सोने और चांदी पर आयात शुल्क कम करने की मांग कर रही है। अगर वित्त मंत्री कल के बजट में शुल्क में कमी की घोषणा करते हैं, तो घरेलू बाज़ार में कीमतें तुरंत गिर जाएंगी।
प्रॉफिट बुकिंग: पिछले कुछ हफ़्तों में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट के समय बड़े निवेशक मुनाफ़ा कमाने के लिए बेचेंगे, जिससे कीमतें नीचे आएंगी।
लंबे समय में तेज़ी का रुझान
हालांकि बजट के बाद कम समय में कीमतें गिर सकती हैं, लेकिन आर्थिक सर्वेक्षण 2026 और वैश्विक विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 में कीमतें ऊँची बनी रहेंगी:
सुरक्षित निवेश: वैश्विक तनाव और व्यापार युद्धों (ट्रम्प टैरिफ) के कारण, निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं।
चांदी की औद्योगिक मांग: EV और सोलर सेक्टर में चांदी की उच्च मांग के कारण, विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी ₹4-5 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुँच सकती है।
अगर आप खरीदार हैं:
कल के (1 फरवरी) बजट का इंतज़ार करना सबसे अच्छा है। शुल्क में कमी की संभावना कीमतों को नीचे ला सकती है।
अगर आप निवेशक हैं:
विशेषज्ञ गिरावट पर खरीदने का सुझाव देते हैं, क्योंकि उम्मीद है कि ये धातुएँ लंबे समय में (1-2 साल) और भी ज़्यादा चमकेंगी।