Haryana Punajb SYL: सतलुज-यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर को लेकर एक बार फिर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों की बैठक 27 जनवरी को चंडीगढ़ में होगी। सबसे खास बात यह है कि इस बैठक में केंद्र का कोई मंत्री शामिल नहीं होगा। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री सहित दोनों सरकारों के सीनियर अफसर भी शामिल होंगे।
इससे पहले भी एस. वाई.एल. विवाद को सुलझाने के लिए जुलाई, अगस्त और नवम्बर 2025 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठकें हो चुकी हैं। इन दोनों बैठकों में कोई हल निकला था जिसके बाद अब इस साल की एस.वाई.एल. को लेकर यह पहली बैठक बुलाई गई है।
नवम्बर में हुई बैठक में सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद पर केंद्र सरकार मध्यस्थता से पीछे हटते हुए दिखाई दे रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र ने अपनी अगुवाई में पंजाब और हरियाणा के बीच 5 दौर की द्विपक्षीय बैठकें करवाई लेकिन किसी में भी ठोस नतीजा नहीं निकला है।
इससे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि दोनों राज्य एस.वाई.एल. नहर पर आपसी बातचीत कर समाधान खोजें। 17 नवम्बर को फरीदाबाद में हुई उत्तरी जोनल काऊंसिल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नदी के पानी से जुड़े सभी मुद्दों को फिलहाल के लिए मुल्तवी कर दिया था।