Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित आम महोत्सव का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने आम उत्पादकों से विभिन्न किस्मों की विशेषताओं की जानकारी ली। प्रदर्शनी में रखे करीब आधा किलो वजनी आम को देखकर मुख्यमंत्री मुस्कुरा पड़े और दोनों हाथों में आम लेकर तस्वीर भी खिंचवाई। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दो पेटी आम खरीदे।
मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट आम उत्पादकों को सम्मानित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का आम ब्रिटेन, यूएई, मलेशिया और कुवैत समेत कई देशों में निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक विशेष आम को "काकोरी ब्रांड" का नाम दिया गया है, जो देशभक्ति और समर्पण का प्रतीक है।
800 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए
तीन दिवसीय आम महोत्सव में 800 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, रटौल, लखनऊ सफेदा, अल्फांसो, याकूती, बनाना मैंगो, नूरजहां, लालिमा और टॉमी एटकिंस जैसी प्रसिद्ध किस्में शामिल हैं। वहीं मोदी मैंगो और योगीराज आम भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। महोत्सव में आम से बने अचार, जूस, पल्प और अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एआई आधारित खेती, ई-कॉमर्स और वैश्विक निर्यात को बढ़ावा देने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने रसायन-मुक्त उत्पादन, गुणवत्ता और वैश्विक मानकों के अनुरूप आम तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की असली ताकत उसके किसान हैं और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
सीएम बोले- यूपी में AI बेस्ड फार्मिंग को आगे बढ़ाना है
योगी ने कहा, आम को संरक्षित करने के लिए किसानों को बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमें यूपी में AI बेस्ड फार्मिंग को आगे बढ़ाना है। ई-कॉमर्स और ग्लोबल एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए हम काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि यूपी का प्रोडक्ट केमिकल-मुक्त हो। आम गुणवत्ता, सुरक्षा और वैश्विक मानकों पर खरा उतर सके, इस पर हमारा ध्यान होना चाहिए।
योगी बोले- हमारी असली ताकत किसान हैं
सीएम योगी ने कहा, आम महोत्सव यूपी ही नहीं, बल्कि देश के अन्नदाता किसानों के लिए एक शो-केसिंग का आधार भी है। वे अपने प्रोडक्ट को बायर्स-सेलर्स मीट के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने का काम कर सकते हैं। जैसे मलिहाबाद का दशहरी आम, जिसे अब जीआई टैग भी मिल चुका है।
जीआई टैग का मतलब है कि दशहरी आम वैश्विक ब्रांड बन चुका है। दुनिया में जहां कहीं भी जाएगा, उसकी पहचान बनी रहेगी। ये जितने भी आम हैं, वे यूपी की ताकत को बढ़ाते हैं। यूपी की असली ताकत किसान हैं, जिनकी वजह से यह महोत्सव संभव हुआ है। प्रदेश में आम के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए चार पैक हाउस बनाए गए हैं।