Pm Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की यात्रा पर हैं। रविवार को उन्होंने भारत और सेशेल्स के लोगों के बीच गहरे संबंधों को रेखांकित किया। सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए उन्होंने खासतौर पर चटनी और समोसे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चटनी और समोसे का स्वाद उन खास चीजों में शामिल है, जो दोनों देशों की साझा विरासत को दर्शाती हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि चटनी और समोसे का स्वाद भारतीय प्रवासियों को इस द्वीप राष्ट्र से जोड़ने वाले ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बन गया है। पीएम ने कहा कि चटनी और समोसे का स्वाद उन अनूठे तत्वों में से है, जो भारत और सेशेल्स की साझा विरासत को दर्शाते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स का रिश्ता सिर्फ कूटनीति और व्यापार तक सीमित नहीं है। यह सदियों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच करीबी संबंधों पर टिका है। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने सालों से सेशेल्स के विकास में अहम योगदान दिया है और अपनी परंपराओं को सहेजकर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया है।
‘सेशेल्स की सबसे बड़ी ताकत इसके लोग हैं…’
पीएम ने कहा कि सेशेल्स की सबसे बड़ी ताकत इसके लोग हैं। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से दुनिया भर के लोग इस देश में आते रहे हैं। वे अपने साथ अलग-अलग भाषाएं, रीति-रिवाज़, मान्यताएं और परंपराएं लेकर आए। साथ मिलकर उन्होंने एक ऐसी साझा पहचान बनाई, जिस पर सेशेल्स के लोगों को गर्व है।
नेशनल असेंबली के आदर्श वाक्य ‘विविधता में एकता’ का उल्लेख करते हुए पीएम ने कहा कि जब देश अपनी समृद्ध विरासत का जश्न मना रहा है, तो भारत और सेशेल्स की संस्कृतियों के बीच के संबंध रोजमर्रा की जिंदगी में साफ दिखाई देते हैं।
‘समोसा और चटनी के स्वाद में महसूस किया जा सकता है’
प्रधानमंत्री ने कहा, "इन्हें करी कोको, समोसा और चटनी के स्वाद में महसूस किया जा सकता है। इन्हें दीपावली, थाई पोंगल और नवरात्र के दौरान गरबा नृत्य के जश्न में देखा जा सकता है।" उन्होंने कहा कि यही वह भावना है, जो हमें हमारी मित्रता के भविष्य के प्रति बहुत भरोसा दिलाती है।
राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ
इस बात का उल्लेख करते हुए कि इस साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है, पीएम मोदी ने कहा, "आज, इस ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती वर्ष में जब मैं आपके सामने खड़ा हूं, तो हमारे लोग उस मित्रता का जश्न मना रहे हैं, जो ढाई सदी से भी अधिक पुरानी है।"
उन्होंने कहा, "बहुत कम साझेदारियां इतनी मजबूत नींव पर बनी हैं और बहुत कम साझेदारियां इतनी आत्मीयता, भरोसे एवं सद्भावना के साथ आगे बढ़ी हैं। भविष्य की ओर देखते हुए, आइए हम इस नींव को और मज़बूत करते रहें।"
उन्होंने कहा कि भारत, सेशेल्स का भरोसेमंद साथी बना रहेगा और उसकी उपलब्धियों का जश्न मनाता रहेगा।
‘दोस्ती का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है’
पीएम मोदी ने कहा, "हम आपकी आकांक्षाओं का समर्थन करेंगे और मित्रों की तरह आपके साथ खड़े रहेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "पिछले 50 साल बहुत शानदार रहे हैं। लेकिन मेरा पक्का यकीन है कि सेशेल्स की कहानी के सबसे बेहतरीन अध्याय अभी लिखे जाने बाकी हैं और हमारी दोस्ती का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है।"
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सेशेल्स के साथ भारत का एक अहम और ऐतिहासिक संबंध है। वर्ष 1770 में भारतीयों का पहला छोटा समूह (5 लोग) सेशेल्स पहुंचा था। वर्तमान में सेशेल्स की कुल आबादी लगभग 1,20,000 है और वहां भारतीय मूल के करीब 5,000 लोग रहते हैं।