PM Modi Lok Sabha Speech West Asia Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में मिडिल ईस्ट के हालात पर बोलेंगे। इसे लेकर बीजेपी आलाकमान ने अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी मिडिल ईस्ट को लेकर बदलती हुई स्थिति पर भारत के रुख को स्पष्ट करेंगे, जिसमें भारत की कूटनीतिक भागीदारी, क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं, वैश्विक ऊर्जा और व्यापार मार्गों पर पड़ने वाला प्रभाव शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह भाषण ऐसे समय में हो रहा है जब मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है. होर्मूज स्ट्रेट समेत कई अहम समुद्री रास्तों में रुकावटें आ रही हैं और इस इलाके में रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारत की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। साथ ही कई खाड़ी देशों में भारतीय अभी फंसे हुए हैं. पीएम अपने भाषण में इन भारतीयों की सुरक्षित वापसी को लेकर भी बयान दे सकते हैं। हालांकि, भारत सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को ऑपरेशन के तहत वहां से निकाल रही है। अभी भी ये ऑपरेशन जारी है।
रविवार को पीएम मोदी ने की थी बैठक
इससे पहले मिडिल ईस्ट में बदलते हालात को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने रविवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में उन्होंने पेट्रोलियम, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, बिजली और उर्वरक जैसे अहम क्षेत्रों में भारत की तैयारियों की समीक्षा की। 3.30 घंटे चली बैठक में उन्होंने साफ कहा है कि देश में जमाखोरी-कालाबाजारी कतई बर्दाश्त नहीं होगी। सूत्रों ने बताया कि पीएम ने खास तौर पर इन मंत्रियों को आपूर्ति, वितरण और लाजिस्टिक की स्थिति को मजबूत बनाए रखते हुए सभी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति कराने के लिए निर्देशित किया।
विपक्ष लगातार करता रहा है बहस की मांग
बता दें कि 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल और ईरान में जंग शुरू हुई है. इसके बाद से ही विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर बहस की मांग करता आ रहा है। विपक्ष का दावा है कि देश में गैस, तेल और एनर्जी की कमी है, लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि सब ठीक है। ऐसे में माना जा रहा है कि पीएम मोदी आज अपने भाषण के दौरान विपक्ष के हर आरोप का जवाब भी देंगे।
कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 होगा पेश
आज लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगी। इसके जरिए लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट 2008 और कंपनी एक्ट 2013 में और संशोधन किए जाएंग। वहीं, सत्र की पिछली कार्रवाई के दौरान लोकसभा में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को पारित कर दिया गया। इसके लिए गिलोटिन प्रक्रिया लागू की गई। इसके तहत बिना चर्चा या बहस के मांगों को पारित कर दिया जाता है।