Lara Dutta In Dubai: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच चल रही जंग का असर दुबई पर भी पड़ा है। दुबई दुनियाभर के टूरिस्ट्स का फेवरेट डेस्टिनेशन रहा है। आम लोगों के साथ साथ भारत के कई फिल्मी सितारे भी वहां रहते हैं। फिल्म एक्ट्रेस लारा दत्ता भी अपनी बेटी सायरा के साथ दुबई में ही हैं। मिडिल ईस्ट में जंग के माहौल के दौरान उन्होंने दुबई के आसमान में मिसाइलें देखीं और इस बारे में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर बताया है। उन्होंने इस बात के लिए खुशी जताई कि उनके साथ वहां पति और पूर्व टेनिस प्लेयर महेश भूपति नहीं हैं।
जंग जैसे हालात में दुबई में फंसी लारा दत्ता कहती हैं, “हम इस जंग की शुरुआत से ही दुबई में हैं. पिछले करीब तीन सालों से यूएई, दुबई मेरे लिए घर जैसा रहा है। मैंने काफी वक्त यहां बिताया है। 28 (फरवरी) को मैं दुबई में एक स्टूडियो में शूटिंग कर रही थी। हमने ऊपर विस्फोट की आवाज सुनी, स्टूडियो से बाहर निकली तो देखा कि मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया जा रहा था। कई थे, मैं झूठ नहीं बोल सकती, बहुत परेशान करने वाले दिन थे। मेरे साथ यहां मेरी बेटी है, महेश काम की वजह से दूर हैं, शुक्र है कि वो दुबई में नहीं हैं।”
आसमान में उड़ रहे फाइटर जेट्स
लारा दत्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से आसमान में फाइटर जेट्स को उड़ते देखा और बूम की तेज़ आवाज भी सुनी। वो कहती हैं, “मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हम नर्वस हैं और ये बहुत डरावना है। कई फाइटर जेट ऊपर उड़ रहे हैं, बूम की तेज़ आवाजें आ रही हैं। भले ही हम एक विला में रह रहे हैं जो बहुत सेफ है, फिर भी खिड़कियां कांप रही हैं, घर और दरवाजे हिल गए हैं. पर मुझे असुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है, एक बार भी नहीं।”
इस दौरान लारा ने यूएई की सरकार का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों की मदद की और उन्हें सुरक्षित महसूस करवाया। उन्होंने बताया कि हमें ऐसा महसूस करवाया गया कि हमारा खयाल रखा जा रहा है, हमने सुरक्षित महसूस किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर किसी की नेशनैलिटी देखे बिना सुरक्षा देने का काम किया है। उन्होंने बताया कि उनका गार्डनर हर दिन की तरह सुबह उनके लॉन में पौधों को पानी दे रहा था और डिलिवरी राइडर्स अपना काम कर रहे थे।
लारा की आंखों में आए आंसू
इस दौरान लारा दत्ता उन लोगों की बात करते हुए इमोशनल हो गईं, जिनके पास अपने देश जाने का ऑप्शन नहीं है। वो कहती हैं, “मैं उन आम लोगों का बहुत सम्मान करती हूं, जिनके पास जाने का कोई च्वाइस नहीं है और जो इस देश को चला रहे हैं। हम फ्लाइट्स देख रहे हैं, बहुत ज्यादा नहीं हैं, कुछ हैं, एतिहाद और एमिरेट्स। पर हम फ्लाइट्स देख रहे हैं और मुंबई वापस आने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चे ज्यादा परेशान हैं।”