Ravi kishan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में 1055 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी का एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें वह ईको पार्क का भ्रमण कर रहे हैं और सांसद रवि किशन वेस्ट (बेकार की वस्तुओं) से बने एक शेर की कलाकृति के सामने अपने फोन से उनका फोटो लेते दिख रहे हैं। वह एक अच्छे पोज के लिए सीएम योगी से आगे आने का भी आग्रह करते हुए नजर आ रहे हैं।
वैदिक मंत्र उपचार के बीच फीता काटकर लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईको पार्क का भ्रमण किया। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने उन्हें पार्क में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। इस दौरान नगर आयुक्त ने मुख्यमंत्री के समक्ष चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से यहां के पूर्व और वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक दृश्य भी प्रस्तुत किया।
पार्क का भ्रमण करने के दौरान सीएम योगी ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। ईको पार्क में वेस्ट से बनी कलाकृतियों को देखकर सीएम ने प्रसन्नता जताई और वेस्ट से ही बने शेर की कलाकृति के सामने फोटो खिंचवाई। इस दौरान सांसद रवि किशन ने अपना मोबाइल निकाला और फोटो लेने के लिए मुख्यमंत्री की शेर के साथ फोटो लेने के लिए फिल्मी तरीके से दिशा बताने लगे।
नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदला
ईको पार्क के विकास के लिए नगर निगम की पूरी टीम की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम किया है। 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर बनाया गया ईको पार्क पूरे परिवार के लिए पिकनिक स्पॉट और बेहतरीन पर्यटन स्थल बन गया है। यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। योग और ध्यान की क्रिया के लिए व्यक्ति यहां आराम से बैठ सकता है। उन्होंने कहा कि यह जो परिवर्तन आया है, वह गोरखपुर के विकास का मजबूत विश्वास और यहां की टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
कचरा में हीरा खोज लेते हैं सीएम योगी: रविकिशन
कार्यक्रम में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी का विजन अद्वितीय है। वह कचरा में हीरा खोज लेते हैं। वह असंभव को संभव कर देते हैं। उनकी सोच से एकला बांध पर जहां गटर था, वहां अब रोजगार मिलेगा। यहां फिल्मों की शूटिंग भी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में गोरखपुर विकास की नजीर पेश कर रहा है। जहां बीमारी पहचान बन गई थी, वहां अब विकास का विश्वास है।