दुनियाभर की सबसे लोकप्रिय और सबसे बड़ी अमीर क्रिकेट लीग आईपीएल 2022 से कई खिलाड़ी मुकाबले शुरू होने से पहले ही अपना नाम वापस ले लेते हैं तो कई खिलाड़ी बीच सीजन में ही लीग छोड़कर चले जाते हैं। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों के नाम वापस लेने और बीच में सीजन छोड़कर जाने वालों के लिए एक ऐसी नीति लाने पर विचार कर रहा है, जो खिलाड़ियों को बिना जरूरी कारण के आईपीएल (IPL 2022) से बाहर होने से रोकेगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ये कदम कुछ फ्रेंचाइजियों द्वारा दिए गए सुझावों के बाद सामने आए हैं।
फ्रेंचाइजी को होता है नुकसान
आईपीएल (IPL 2022) की गवर्निंग काउंसिल (GC) की हाल में हुई बैठक में सदस्यों के बीच नीलामी में कम शुल्क पर खरीदे जाने के बाद खिलाड़ियों के बाहर निकलने से रोकने के तरीकों पर बहस हुई थी। क्रिकेट की एक निजी की रिपोर्ट के मुताबिक, गवर्निंग काउंसिल के एक सदस्य ने कहा कि जीसी की फ्रेंचाइजी के प्रति जिम्मेदारी है। वह उसके स्टेकहोल्डर हैं। वह कई योजनाओं के बाद किसी भी एक खिलाड़ी के लिए बोली लगाते हैं। ऐसे में कोई खिलाड़ी कमजोर कारणों से सीजन या लीग से बाहर निकलता है तो उनकी गणना खराब हो जाती है। उन परिस्थितियों में उस खिलाड़ियों के लिए मुश्किलें अधिक पैदा हो सकती हैं। किसी भी टीम योजना हर खिलाड़ी के साथ मिलकर तय की जाती है। जिसके कारण टीम का एक भी खिलाड़ी बीच में टीम को छोड़कर जाता है तो उसके हटने से फ्रेंचाइजी को अधिक नुकसान होता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस नीति के तहत पहले भी कई खिलाड़ियों पर कुछ साल के लिए बैन लगाया जा सकता है। वैसे ये अधिकतर केस टु केस निर्भर करेगा और इस मामले में कार्रवाई शुरू होने से पहले इस पर रिसर्च किया जाएगा। लेकिन हाल ही में कई खिलाड़ियों ने अन्य कारणों से भी अपने नाम वापस ले लिए हैं। इस साल के सीजन में ही गुजरात टाइटंस के खिलाड़ी जेसन रॉय ने कहा था कि वह परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं और अपने खेल पर काम करना चाहते हैं। जिसके बाद बीसीसीआई (BCCI) ने इस बात का संज्ञान लिया है कि क्या खिलाड़ियों को बोर्ड हटने पर मजबूर कर रहे हैं। गुजरात टाइटंस ने 2 करोड़ रूपये में जेसन रॉय को खरीदा था।