Seasonal Dandruff: स्कैल्प में खुजली-जलन और बालों के गिरने में क्या मौसम का भी रोल रहता है? उत्तर भारत समेत देश के अधिकतर हिस्सों में मौसम बदल रहा है। आने वाली 6 नवंबर को दिवाली मनाई जाएगी, लेकिन इससे पहले ही हल्की ठंड महसूस होने लगी है। यहां मौसम में बदलाव और स्कैल्प में खुजली-जलन की शिकायत के बीच कनेक्शन पर बात करने जा रहे हैं। हवा में नमी की कमी या ड्राइनेस की वजह से ऐसा हो सकता है। रिसर्च कहती है कि स्कैल्प में खुजली या जलन के पीछे बड़ा कारण डैंड्रफ या ज्यादा सीबम प्रोडक्शन है।
जब मौसम में बदलाव होता है, तो गंदगी, पॉल्यूशन और ऑयल मिलकर स्कैल्प में जमने लगते हैं। धीरे-धीरे ये डैंड्रफ बनाते हैं और इसे समय रहते रिमूव न किया जाए, तो बालों का झड़ना शुरू हो सकता है।
मौसम में बदलाव के बीच बालों की सेहत का ख्याल कैसे रखना चाहिए, चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं।
बालों की सेहत और पाचन तंत्र का कनेक्शन
क्या आप जानते हैं कि हमारे पाचन तंत्र का भी बालों की सेहत से गहरा कनेक्शन होता है? डॉ. बुशरा अजीज (बीएएमएस एवं ट्राइकोलॉजिस्ट, ट्राया में कंसल्टेंट) का कहना है कि कई लोग सही शैम्पू, ऑयल और हेयर ग्रोथ प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बावजूद बाल झड़ने से परेशान रहते हैं। कई बार इसकी वजह स्कैल्प में नहीं, बल्कि गट यानी पेट में होती है।
पाचन तंत्र खाने को पचाता है, पोषक तत्वों को अवशोषित करता है और गट माइक्रोबायोम का बैलेंस बनाए रखता है। जब ये प्रक्रियाएं बिगड़ती हैं, तो इसका असर अप्रत्यक्ष रूप से बालों की ग्रोथ पर पड़ सकता है और बाल ज्यादा झड़ सकते हैं। इसके अलावा, सिर में खुजली और जलन की शिकायत भी हो सकती है।
बालों की सेहत के लिए क्या-क्या जरूरी है?
बालों की स्वस्थ ग्रोथ के लिए प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन डी, विटामिन बी12 और फोलेट जरूरी हैं। शरीर इन सभी पोषक तत्वों को आंतों के जरिए अवशोषित करता है। सीलिएक डिजीज, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और अवशोषण से जुड़ी दूसरी समस्याएं शरीर में पोषण की कमी पैदा कर सकती हैं। इससे बाल पतले हो सकते हैं या ज्यादा झड़ सकते हैं।
हेयर फॉलिकल बहुत सक्रिय होते हैं और इन्हें लगातार ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है। कम प्रोटीन, आयरन की कमी और दूसरे पोषक तत्वों की कमी बालों के ग्रोथ साइकिल को बिगाड़ सकती है। कुछ लोगों में इससे टेलोजन एफ्लुवियम हो सकता है, जिसमें बाल सामान्य से ज्यादा झड़ने लगते हैं। पोषण की कमी को पहचानकर उसे ठीक करने से बालों की सेहत में दोबारा सुधार लाने में मदद मिल सकती है।