Indian Oil Tankers: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच शनिवार (20 जून 2026) को 3 भारतीय क्रूड ऑयल सुपर टैंकर सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर गए हैं। इनमें 94 भारतीय क्रू मेंबर भी मौजूद हैं। हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बढ़ रहा था और कुछ ही घंटे बाद ईरान की ओर से इसे फिर से बंद करने की घोषणा कर दी गई है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों जहाजों ने जोखिम भरे क्षेत्र को पार कर लिया। इनमें से एक जहाज 'देश विभोर' ने रास्ते में थोड़ी देर के लिए दक्षिणी मार्ग की ओर रुख किया और फिर ईरानी तट की दिशा में लौट आया, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील लगने लगी।
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की कि तीनों टैंकर—देश वैभव, देश विभोर और सनमार हेराल्ड—सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये जहाज 24 जून से 1 जुलाई के बीच अलग-अलग भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगे।
इन टैंकरों में कुल मिलाकर 8 लाख 60 हजार टन से अधिक कच्चा तेल भरा हुआ है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार के अनुसार, प्रत्येक जहाज में लगभग 2.85 लाख टन क्रूड ऑयल मौजूद है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि फिलहाल फारस की खाड़ी में 10 भारतीय जहाज अभी भी मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में हैं।
इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आंशिक रूप से खोला गया था। समझौते में ईरान की ओर से अपने यूरेनियम भंडार को कम करने और बदले में प्रतिबंधों में राहत देने जैसी शर्तें शामिल थीं। इसी वजह से समुद्री यातायात कुछ समय के लिए सामान्य हुआ था, लेकिन तनाव तब फिर बढ़ गया जब ईरान की सैन्य कमान ने लेबनान में इजरायली हमलों का हवाला देते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की चेतावनी दी।
ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादों का पालन नहीं किया, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई। ईरान की ओर से यह भी कहा गया कि अगर हमले जारी रहे तो आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसी बीच ईरानी प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ तकनीकी बातचीत के लिए रवाना हो चुका है, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।