Israel Iran War: ईरान के चार शहरों पर मिसाइलें बरसाने के बाद इजरायल ने हमले रोकने का एलान किया है. इसके साथ ही तेहरान को चेतावनी दी है कि अगर दोबारा से हमला किया गया तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की कि इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले रोक दिए हैं. दोनों देशों के बीच एक दिन की सीधी और जबरदस्त टक्कर के बाद यह तनावपूर्ण ठहराव देखने को मिला.
24 घंटे के भीतर इजरायल ने लिया हमले का बदला
बता दें कि ईरान और हिजबुल्लाह ने रविवार रात इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया था, लेकिन इजरायल ने इन हमलों का 24 घंटों के भीतर बदला ले लिया और ईरान के चार शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले कर दिए. इन हमलों के बाद दुनिया की बड़ी ताकतों को इलाके में किसी बड़ी जंग को रोकने के लिए तेज़ी से कदम उठाने पड़े. हालांकि औपचारिक रूप से युद्धविराम की घोषणा नहीं की गई, लेकिन नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि तेहरान द्वारा इजराइली इलाके पर मिसाइलों की बौछार बंद करने के बाद सैन्य कार्रवाई समाप्त हो गई.
नेतन्याहू की ईरान को कड़ी चेतावनी
दोनों देशों के बीच हुए मिसाइल हमलों के बाद इजरायली पीएम बेन्जामिन नेतन्याहू ने कहा, "फिलहाल गोलीबारी रुक गई है, क्योंकि तेहरान में मौजूद आतंकी शासन पर हमारे हमले के बाद उसने हम पर हमला करना बंद कर दिया है. अगर ईरान का आतंकी शासन हम पर दोबारा हमला करने की गलती करता है, तो हम जोरदार जवाब देंगे."
नेतन्याहू ने खास तौर पर तेहरान की उन कोशिशों को खारिज कर दिया, जिनमें लेबनान में सैन्य अभियानों को इजरायल पर हमलों से जोड़कर एक "नया समीकरण" बनाने की कोशिश की जा रही थी. उन्होंने जोर देकर कहा, "उन्हें लगा कि वे लेबनान और ईरान की जमीन से इजरायल पर हमला कर सकते हैं और हम कोई जवाब नहीं देंगे. ऐसा नहीं हुआ और न ही ऐसा होगा. मेरे रहते तो बिल्कुल नहीं."
शर्तों के साथ हमला रोकने का एलान
इजरायली पीएम नेतन्याहू के मुताबिक, ईरान और उसके लेबनानी सहयोगी हिजबुल्लाह एक "नया समीकरण" बनाना चाहते थे, जिसके तहत लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों के जवाब में ईरान जवाबी कार्रवाई करता. उनका ये बयान ईरान द्वारा इजरायल के खिलाफ सैन्य अभियान रोकने की घोषणा के कुछ घंटों बाद आया. इसके साथ ही उन्होंने ईरान ने चेतावनी भी दी कि यह हमले की ये रोक शर्तों के साथ है.
लेबनान में हमलों के चलते ईरान ने की कार्रवाई
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान की सेना ने कहा कि उसके हालिया हमले लेबनान के समर्थन में और इजरायली सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में किए गए थे. तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सेना ने एक बयान में कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की शक्तिशाली सेना ने लेबनान के पीड़ित लोगों के समर्थन में इस शासन को करारा जवाब दिया है."
ईरान की इजरायल को चेतावनी
हालांकि, तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजरायल ने अपने ऑपरेशन जारी रखे- खासकर दक्षिणी लेबनान में, जहाँ हिजबुल्लाह के ठिकानों के ख़िलाफ़ इज़राइली सेना सक्रिय है- तो वह फिर से सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है. बयान में कहा गया, "अगर आक्रामकता और दुश्मनी भरी हरकतें जारी रहती हैं- जिसमें दक्षिणी लेबनान भी शामिल है- तो पहले से कहीं ज़्यादा सख़्त और ज़बरदस्त कदम उठाए जाएंगे."
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के उस अनुरोध को मान लिया था जिसमें ईरान पर हमले रोकने को कहा गया था, लेकिन सीएनएन द्वारा बताए गए दो इजरा.ली सूत्रों के अनुसार, वह दक्षिणी लेबनान में सैन्य ऑपरेशन जारी रखेगा.