Donald trump:पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका इस मामले में हस्तक्षेप के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मेरा पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छा संबंध है। मीडिया के सवालों पर ट्रंप ने कहा कि मैं हस्तक्षेप करूंगा, लेकिन पाकिस्तान के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं।
इस दौरान ट्रंप ने शहबाज शरीफ और मुनीर की शान में कसीदे पढ़ते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख दोनों ही महान नेता हैं. मैं उन दोनों का बहुत सम्मान करता हूं। बता दें कि ट्रंप के इस बयान को क्षेत्रीय राजनीति के हिसाब से काफी अहम माना जा रहा है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर तनाव
बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच सीमावर्ती इलाकों में सैन्य गतिविधियों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप कर सकता है।
रूस ने की बातचीत शुरू करने की अपील
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष बढ़ने के बीच, रूस ने शुक्रवार को दोनों देशों से टकराव खत्म करने और अपने मतभेदों को राजनयिक माध्यमों से सुलझाने का आग्रह किया। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान की सीमा पर कथित हमलों के जवाब में सैन्य अभियान शुरू करते हुए दावा किया कि ऑपरेशन गजब लिल हक में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन के नाम से जाना जाता है, जिसे काबुल ने औपचारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्षों में ‘तेज वृद्धि’ होने पर चिंता व्यक्त की, जिसमें ‘नियमित सैन्य इकाइयां, वायुसेना और भारी हथियारों का इस्तेमाल’ शामिल है।
दोनों ओर काफी लोग हताहत
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा कि दोनों ओर लोग हताहत हुए हैं, जिनमें नागरिक भी शामिल हैं। हम अपने मित्र देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से इस खतरनाक टकराव को रोकने और सभी मतभेदों को राजनीतिक और राजनयिक माध्यमों से सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान करते हैं।
कूटनीतिक समाधान निकालने की कोशिश
अफगानिस्तान के लिए क्रेमलिन के विशेष दूत जमीर काबुलोव ने भी इस्लामाबाद और काबुल से संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया। सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, काबुलोव ने कहा कि हम हमलों को शीघ्र रोके जाने और मतभेदों का कूटनीतिक समाधान निकालने के पक्ष में हैं।