BCCI Chief Selector: रमेश पोवार टीम इंडिया की सेलेक्शन कमिटी का हिस्सा बन गए हैं। उनके आने के बाद प्रज्ञान ओझा फुल-टाइम चीफ सेलेक्टर बन गए हैं। प्रज्ञान को बहुत बड़ी वजह के चलते चीफ सेलेक्टर की कुर्सी पर बिठाया गया है और इसकी बैकस्टोरी बेहद दिलचस्प है। खबर है कि प्रज्ञान ने सीनियर खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट के बीच दूरियों को कम करने की जिम्मेदारी संभाली थी। बीसीसीआई ने यहां तक कि विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच खटास को दूर करने की जिम्मेदारी भी प्रज्ञान को ही सौंपी थी।
BCCI ने किया प्रयोग
प्रज्ञान ओझा टीम इंडिया में रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ भी खेल चुके हैं। रोहित के साथ वह IPL में डेक्कन चार्जर्स के लिए भी खेल चुके हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, प्रज्ञान के एक्टिव सीनियर खिलाड़ियों के संबंध अच्छे हैं। BCCI ने सुनिश्चित किया कि इन अच्छे संबंधों का इस्तेमाल अच्छे कारण के लिए किया जाए।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जब यूके टूर पर रोहित शर्मा के रिटायरमेंट को लेकर चीजें हाथ से निकलने लगीं, तब प्रज्ञान को ही संदेशवाहक बनाकर भेजा गया था। हालांकि, इस पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि रोहित और प्रज्ञान के बीच क्या बातचीत हुई थी।
विराट और गंभीर के खराब रिश्ते
प्रज्ञान ओझा एक समस्या-निवारक के रूप में भी सामने आए। गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच कम्युनिकेशन गैप की खबरें किसी से छिपी नहीं हैं। बीसीसीआई ने गौतम और विराट के बीच दूरियों को कम करने की जिम्मेदारी भी प्रज्ञान को ही सौंपी थी। प्रज्ञान ने कोहली से बात भी की और मसले को शांत कराने का प्रयास किया था।
खैर, चीफ सेलेक्टर बनने के बाद प्रज्ञान ओझा के सामने एक बड़ा टारगेट है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप के आयोजन में एक साल से भी कम समय बचा है। खासतौर पर गेंदबाजी में लचर प्रदर्शन से निजात पाना अगले एक साल में सेलेक्शन कमिटी का सबसे बड़ा सिरदर्द बना होगा। गेंदबाजी डिपार्टमेंट में भारतीय टीम के पास वनडे में अनुभव की भारी कमी झलकती है।