UP News: उत्तर प्रदेश में अब से प्रशासनिक अधिकारियों को सांसदों और विधायकों को विशेष सम्मान देना होगा। अगर कोई सांसद या विधायक उनसे मिलने ऑफिस पहुंचता है तो अफसरों को अपनी सीट से उठकर उनका अभिवादन करना होगा और उनका स्वागत करना होगा। अगर अधिकारी सम्मान जनक व्यवहार नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इससे संबंधित शासनादेश जारी कर दिए हैं. जिसमें साफ निर्देश दिए गए हैं कि राज्य के सभी अधिकारियों को संसद सदस्यों, विधायकों के प्रति शिष्टाचार और प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। इसके तहत अगर कोई सदस्य किसी अधिकारी के ऑफिस पहुंचता है तो अफसर सीट से उठकर उनका अभिवादन करेंगे।
जारी आदेश में क्या?
अधिकारियों के पास सांसद विधायकों के फोन कॉल जाने पर उनका जवाब देना अनिवार्य होगा। अगर किन्ही परिस्थितियों में अधिकारी व्यस्त हैं तो उन्हें बाद में बैक कॉल कर जवाब देना जरूरी होगा. अगर कोई शिकायत की जाती है तो उन प्रकरणों का यथासंभव गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण करते हुए इसकी जानकारी दी जाएगी।
आदेश में साफ कहा गया है कि अगर सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है तो शासन द्वारा यूपी राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को इन सभी आदेशों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
मुख्य सचिव ने पहले के 15 आदेशों की सूची जारी करते हुए निर्देश दिए कि अब तक शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों को अनुपालन ठीक से नहीं किया जा रहा था, अक्सर अधिकारियों द्वारा विधायकों और सांसदों को फोन नहीं उठाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इस मामले में सदन में भी रखा गया। जिससे साफ हैं कि शासन के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। ये स्थिति बेहद खेदजनक है।