Captain Smit Machhar: फ्लाईदुबई (flydubai) प्लेन के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने क्रैश-एक्स से हमला कर दिया था, जिसका स्मित मच्छार ने डटकर मुकाबला किया और 174 यात्रियों व क्रू सदस्यों की जान बचाई थी। उन्हें इज़राइल का 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज़्म' (नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार) मिलेगा। यह नागरिकों के लिए देश का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। गंभीर रूप से घायल होने और बहुत ज़्यादा खून बहने के बावजूद, भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया। उनकी इस हिम्मत की वजह से विमान के यात्री कॉकपिट में घुस पाए और हमलावर को काबू में कर सके।
क्या कहा इजरायल के राष्ट्रपति ने?
भारतीय पायलट स्मित मच्छार का इलाज UAE के एक अस्पताल में चल रहा है। इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने कहा कि भारतीय पायलट को ठीक होने के बाद इजरायल का सर्वोच्च पुरस्कार दिया जाएगा।उन्होंने कहा, "आज हम जिन इज़राइली नायकों को सम्मानित कर रहे हैं, उनके साथ-साथ हम भारत के कैप्टन स्मित मच्छर के पूरी तरह और जल्द ठीक होने की कामना करते हैं। कैप्टन मच्छर की ज़बरदस्त बहादुरी और बेहतरीन प्रोफेशनलिज़्म ने एक बड़ी दुर्घटना को टालने में मदद की। जब वे ठीक हो जाएंगे, तो इज़राइल के लोगों की ओर से उन्हें 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज़्म' से सम्मानित करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी।"
को पायलट ने क्यों किया था मच्छार पर हमला
इज़राइली इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई का को-पायलट हम्मामी का असली प्लान प्लेन पर कब्ज़ा करके उसे तेल अवीव ले जाना और किसी इमारत से टकराकर क्रैश करना था। कैप्टन मच्छर की बहादुरी ने इस प्लान को नाकाम कर दिया। इसके बाद ओमान के नागरिक ने प्लेन को रेगिस्तान में क्रैश करने की कोशिश की। हालांकि, प्लेन में मौजूद ऑफ़-ड्यूटी पायलटों ने प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लिया और उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया।
पीएम मोदी और नेतन्याहू ने की थी मच्छार की तारीफ
इज़राइल के राष्ट्रपति ने उन पांच इज़राइलियों को "वीरता" पुरस्कार दिए हैं, जिन्होंने फ्लाईदुबई के को-पायलट को काबू करने और उसे विमान क्रैश करने से रोकने में मदद की थी। हर्ज़ोग ने पिछले हफ़्ते कहा था, "आपने दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को खतरे में डाला और एक भयानक हादसे को रोका। आज पूरी दुनिया ने इज़राइली समाज का खूबसूरत और साहसी चेहरा देखा है।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ़ की है।