CM yogi adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिन के वाराणसी दौरे पर हैं। यहां सीएम योगी सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान सीएम योगी ने उन फिल्मों को लेकर तंज कसा, जिनमें अपराधियों को हीरो की तरह दिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि जब ऐसी फिल्में दिखाई जाती हैं, तो युवा उन डकैतों को ही अपना आदर्श मानने लगते हैं। इस तरह की फिल्मों ने देश की कई पीढ़ियों को खराब किया है।
अपने भाषण में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'फिल्में केवल मंचन भर नहीं होती, बल्कि समाज को दिशा देने का एक प्लेटफॉर्म होती हैं। युवा पीढ़ी के सामने जैसी फिल्में परोसी जाएंगी, वो वैसे ही आदर्श अपनाएगी। इसीलिए, मैं अक्सर फिल्मों के निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों से कहता हूं कि इस तरह की फिल्में बनाइए, जो राष्ट्र के लिए प्रेरणा बनें। अगर किसी डकैत को हीरो बनाओगे, तो युवा पीढ़ी उस डकैत को ही अपना आदर्श मान लेगी। किसी डकैत को हीरो के रूप में प्रस्तुत मत करो।'
भारत ने सारे डकैतों को दुत्कार दिया है- सीएम योगी
सीएम योगी ने बिना नाम लिए फिल्म धुरंधर 2 का जिक्र करते हुए कहा, 'नए भारत में तो आप लोग देख ही रहे होंगे कि जितने डकैत थे, उन्हें देश ने किस तरह से दुत्कारा है। वर्तमान में चल रही फिल्में इसका उदाहरण हैं कि जनता कैसे उन्हें हाथों-हाथ ले रही है। लेकिन, एक समय था, जब अच्छे पात्रों को खलनायक की तरह दिखाया जाता था और खलनायकों को नायक के तौर पर प्रस्तुत किया जाता था। परिणाम क्या निकला? पीढ़ियां खराब हो गईं।'
सीएम ने आगे कहा,'एक समय था, जब अन्याय के खिलाफ और अत्याचार के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठती थी, क्योंकि युवा पीढ़ी के सामने फिल्मों में उस तरह के आदर्श ही नहीं दिखाए गए।
सीएम योगी ने बताया उज्जैन और काशी का जुड़ाव
सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित इस महानाट्य कार्यक्रम में सीएम योगी के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे। अपने भाषण में सीएम योगी ने कहा कि भारत की परंपरा में भाई-भाई का आदर्श दिखाने के लिए जिस तरह राम-लक्ष्मण और कृष्ण-बलराम की जोड़ी है, उसी तरह नाथ संप्रदाय में दीक्षित संत भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी है। काशी में गंगा तट के पार संत भर्तृहरि की साधनास्थली है और उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली थी।