Ambala Building Collapse: अंबाला कैंट से सटे धूलकोट गांव में बीते 27 सितंबर को हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने पूरे इलाके को दहलाकर रख दिया है। तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढहने से जान गंवाने वाले 6 निर्दोष मजदूरों की मौत के मामले में बलदेव नगर थाना पुलिस ने आखिरकार बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नामी जग्गी बिल्डर (हरदीप सिंह जग्गी), श्रीपाल राणा, जमीन की मालकिन प्रीतम कौर और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। इस बीच, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सिविल अस्पताल में शवों के साथ धरने पर बैठे परिजनों को शांत कराने के लिए 4 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है।
मंत्री अनिल विज ने DGP को घुमाया फोन
सोमवार दोपहर से मंगलवार सुबह तक मृतक मजदूर लाल बहादुर शास्त्री (49) और कालिया राम के परिजन शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए अंबाला सिविल अस्पताल में धरने पर अड़े रहे। परिजनों का कहना था कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व गृह मंत्री व कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मौके से ही हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल को फोन मिलाकर हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए।
ASP शिवम संभालेंगे SIT की कमान
मंत्री के हस्तक्षेप के तुरंत बाद अंबाला रेंज के आईजीपी पंकज नैन ने 4 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया। इस एसआईटी का इंचार्ज एएसपी अंबाला शिवम को बनाया गया है, जबकि टीम में डीएसपी यमुनानगर रजत गुलिया, इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह और ईओडब्ल्यू प्रभारी मनजीत सिंह को शामिल किया गया है। एसआईटी जांच और कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बाद परिजनों ने मंगलवार सुबह अपना धरना समाप्त किया, जिसके बाद दोनों लंबित शवों का पोस्टमार्टम कराया जा सका।
4 इंच की दीवारों पर खड़ा कर रहे थे 3 मंजिला ढांचा, घटिया सामग्री बनी काल
हादसे में घायल हुए मजदूर बलिंदर द्वारा पुलिस को दिए गए बयानों ने बिल्डर और ठेकेदार की खौफनाक लापरवाही को उजागर कर दिया है। शिकायत के अनुसार, इमारत का निर्माण बेहद जल्दबाजी और लापरवाही से कराया जा रहा था। मजबूत पिलर और 9 इंच की दीवारें बनाने के बजाय पूरी इमारत को केवल 4-4 इंच की पतली दीवारों पर खड़ा किया जा रहा था। इतना ही नहीं, दूसरी मंजिल का लेंटर डले हुए महज एक हफ्ता ही बीता था कि उस पर पर्याप्त तराई और मजबूती आए बिना ही तीसरी मंजिल का भारी-भरकम लेंटर डालने का काम शुरू कर दिया गया, जिससे पूरी इमारत भरभराकर नीचे आ गिरी।
200 रुपये गज का ठेका और जग्गी बिल्डर का कनेक्शन
राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से खुलासा हुआ है कि 25 फीट चौड़ी और 123.6 फीट लंबी यह प्राइम प्रॉपर्टी पंचकूला निवासी अजय ने 2019 में गांव गोली निवासी प्रीतम कौर को बेची थी। इसके बाद 13 जून 2026 को प्रीतम कौर ने इस पर निर्माण का ठेका 200 रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से ठेकेदार मलकीत सिंह को सौंपा था। हालांकि, निर्माण की पूरी कमान और मॉनिटरिंग जग्गी प्रॉपर्टीज के मालिक हरदीप सिंह जग्गी और श्रीपाल राणा के हाथों में थी। जीटी रोड पर जग्गी सिटी सेंटर जैसी बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टी चलाने वाले जग्गी बिल्डर पर अब गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की धाराओं में शिकंजा कस गया है।