T20 WC: भारत से मैच पर हफ्तों की तनातनी के बाद पाकिस्तान आखिर मैदान में उतरने को तैयार हुआ, लेकिन पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आसिम मुनीर का नाम लेकर ताकत दिखाने की कोशिश की। फैसलों में झुकने और बयानों में गरजने की इस दोहरी रणनीति ने पाकिस्तान की और किरकिरी करा दी। नकवी अपने ही देश को मजाक का विषय बनने से रोक नहीं पा रहे।
'न मैं भारत और आईसीसी की धमकियों से डरता हूं'
उन्होंने कहा, 'न मैं भारत और आईसीसी की धमकियों से डरता हूं, न पाकिस्तान की सरकार डरती है, और जहां तक फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर का सवाल है, आप उन्हें जानते ही हैं, वह कभी नहीं डरते।' नकवी का यह बयान अब मजाक का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि जब अंत में मैदान में उतरना ही पड़ा, तब इस तरह की भाषा पाकिस्तान की स्थिति को मजबूत नहीं बल्कि विरोधाभासी बनाती है।
खेल के विवाद में सेना के शीर्ष पद का उल्लेख करना असहज
आसिम मुनीर का नाम पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से शक्ति और सैन्य प्रतिष्ठा के प्रतीक के रूप में पेश किया जाता रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उन्हें फील्ड मार्शल बनाए जाने को वहां बड़े राजनीतिक संदेश की तरह प्रचारित किया गया, लेकिन खेल के विवाद में सेना के शीर्ष पद का उल्लेख करना कई विशेषज्ञों को असहज करने वाला कदम लगा। उनके मुताबिक, इससे यह संकेत गया कि क्रिकेट से ज्यादा यह घरेलू राजनीतिक दर्शकों को संदेश देने की कोशिश थी। पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देने के लिए जाना जाता है। अपने देश में मुनीर से आतंकवादी खत्म नहीं किए जा रहे और नकवी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। इस्लामाबाद में हाल ही में विस्फोट में कई लोग मारे गए थे। मुनीर और नकवी (जो कि पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं) अपने लोगों की हिफाजत कर नहीं पा रहे और दुनिया भर की बातें करने चले हैं।