Mamta Banerjee:विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है, जिससे राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मंगलवार को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ममता से पूछा गया कि क्या वे इस्तीफा देने के लिए राजभवन गवर्नर के पास जाएंगी तो इस पर उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता है। ऐसे में अब फिर से टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। ममता बनर्जी के इस्तीफे को लेकर मशहूर वकील रामजेठ मलानी के बेटे महेश जेठमलानी का बयान सामने आया है।
महेश जेठमलानी ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि अगर ममता बनर्जी इस्तीफा देने से मना करती है तो उन्हें बाहर निकाल देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर वो जबरन अपने पद पर बनी रहती हैं तो राज्यपाल पुलिस फोर्स भेजकर उन्हें पद से हटा सकते हैं।
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता है, क्योंकि नैतिक रूप से उनकी विजय हुई है। ममता ने कहा कि मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सदस्यों के साथ आगे की स्ट्रैटेजी पर चर्चा की जाएगी। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं अब बीजेपी के अत्याचारों को और बर्दाश्त नहीं करूंगी. मैं सड़कों पर लौटूंगी।
हमारा मुकाबला बीजेपी से नहीं चुनाव आयोग से था- ममता बनर्जी
ममता ने कहा कि हमारा मुकाबला बीजेपी से नहीं था बल्कि चुनाव आयोग से था और चुनाव आयोग ने बीजेपी के लिए काम किया। ऐसे में कहीं न कहीं ममता का ये रुख पश्चिम बंगाल में संवैधानिक संकट को जन्म दे सकता है। जानकारों के मुताबिक अगर वह इस्तीफा देने से मना करती हैं तो संविधान के तहत गवर्नर उनकी सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं, क्योंकि चुनाव आयोग ने अधिसूचना और जनादेश जारी कर दिया है।
वरिष्ठ वकील का कहना है कि विधानसभा का 5 साल का कार्यकाल खत्म होने पर गवर्नर विधानसभा को भंग कर सकते हैं। बंगाल की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल कल गुरुवार (7 मई 2026) को खत्म हो रहा है. ममता का गवर्नर को इस्तीफा ना देने से कुछ नहीं बदलेगा क्योंकि गवर्नर सदन और सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं। जनादेश भी समाप्त हो चुका है।