Himachal Assembly: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही सोमवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। लगभग 28 से 30 मिनट तक सदन में भारी नोकझोंक और गतिरोध की स्थिति बनी रही, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप हुए। विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।
सदन में डिस्प्ले की जाए वीडियो रिकॉर्डिंग : जयराम ठाकुर
सदन में राष्ट्रगान के कथित अनादर के मामले पर लगाए गए आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पिछले तीन दिनों में कभी भी विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) अथवा राष्ट्रीय प्रतीकों का अनादर नहीं किया। यदि हमारे ऊपर कोई आरोप है, तो साक्ष्य के तौर पर हमने सदन की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है। उस रिकॉर्डिंग को सदन की बड़ी स्क्रीन पर सीधे डिस्प्ले किया जाए, ताकि सच सबके सामने आ सके।
फुटेज दिखाने की संसदीय परंपरा नहीं
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि फुटेज साझा करने की कोई संसदीय परंपरा नहीं है। विपक्ष की मांग को विधानसभा अध्यक्ष ने भी नकार दिया।
हंगामे के आसार
आज भी सदन में हंगामा होने के आसार हैं। सरकार भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा झूठ बोलने के लिए मुख्यमंत्री की माफी की मांग पर अड़ी है। साथ ही वंदे मारतम् को लेकर भी विपक्ष के तेवर कड़े हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तल्खी बरकरार है और सुलह का कोई रास्ता निकलता नहीं दिख रहा।
दो दिन न के बराबर काम
सोमवार को कार्यवाही शुरू होने से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा रणनीति को अंतिम रूप देंगे। सदन में सत्र के पहले दो दिन में कामकाज नहीं हो पाया है। पहले दिन सदन की कार्यवाही 10 मिनट में स्थगित करनी पड़ी, जबकि दूसरे दिन भी विधायी कामकाज नहीं हुआ था।