Himachal Weather 23rd August: हिमाचल प्रदेश में 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा मंडी में 111.6 मिलीमीटर, कांगड़ा में 89, सुंदरनगर में 71, पालमपुर में 46.4 और पांवटा साहिब में 46.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। शिमला सहित कई स्थानों पर रविवार सुबह भारी वर्षा हुई। शिमला, सुंदरनगर और कांगड़ा समेत कई इलाकों में धुंध भी छाई रही।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज रविवार को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर सहित शिमला के लिए अलर्ट है। हालांकि, 24 अगस्त से वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने और यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
149 सड़कें बंद
प्रदेश में 149 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। जिस कारण आवाजाही प्रभावित है। भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण मंडी जिले की 86 सड़कें, कुल्लू में 31 और शिमला में 10 सड़कें बंद पड़ी हैं, इन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर घरों में पानी घुस गया तो कई जगह पर जलभराव हुआ है।
1121.29 करोड़ के नुकसान का आकलन
प्रदेश में अभी तक 30 जून से लेकर 1121.29 करोड के नुकसान का आकलन किया गया है। प्रदेश में अभी तक 90 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि 376 मकानों को नुकसान हुआ है। सड़कों और पुलों के कारण लोक निर्माण विभाग को अभी तक 836.72 करोड़, जबकि जलशक्ति विभाग को पेयजल योजनाओं के कारण 258.61 करोड़ का नुकसान आंका गया है।