Xi Jinping BRICS Summit 2026: ब्रिक्स समिट 2026 का आगाज हो चुका है. व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को ही आ गए. अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज भारत आए हैं. शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए आज यानी शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे. शी जिनपिंग का विमान पालम एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. सात साल में भारत का यह उनका पहला दौरा है. जिनपिंग आखिरी बार 2019 में आए थे. साल 2020 में गलवान में झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव हो गया था. आज ही शी जिनपिंग की पीएम मोदी की मुलाकात है. यह सबसे अहम हाई-लेवल मीटिंग है. इसका मतलब है कि ब्रिक्स समिट की सबसे पावरफुल तस्वीर मिलने वाली है.
शी जिनपिंग कुछ देर में पहले ताज होटल जाएंगे. उसके बाद भारत मंडपम जाएंगे. यहां ब्रिक्स समिट में शामिल होंगे. पीएम मोदी संग आज ही उनकी मुलाकात शाम में होगी. शी जिनपिंग का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब 11 सदस्यों वाले इस ग्रुप को मुश्किल ग्लोबल हालात का सामना करना पड़ रहा है. ब्रिक्स समिट 12 सितंबर और 13 सितंबर तक चलेगा. दो दिन तक चलने वाले इस समिट में वेस्ट एशिया और यूक्रेन में चल रहे टकराव, ट्रेड से जुड़ी टेंशन और एनर्जी सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा होने की उम्मीद है.
क्यों अहम है जिनपिंग का यह भारत दौरा
सूत्रों का कहना है कि ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होगी. जिनपिंग और मोदी की मुलाकात आज शाम 5 बजकर 45 मिनट पर होगी. शी जिनपिंग का यह भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और चीन 2020 की घातक गलवान झड़पों के बाद अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के प्रयास कर रहे हैं. भारत ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास और प्रगति के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना एक प्रमुख शर्त है.
कहां हुई थी आखिरी बातचीत
हाल ही में बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और शी के बीच थोड़ी बातचीत हुई थी. अब उम्मीद है कि ये दोनों नेता नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विस्तृत द्विपक्षीय बातचीत करेंगे.