Sadhavi Prem Baisa: राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। साध्वी प्रेम बाईसा सनातन धर्म (हिंदू धर्म) के प्रचार-प्रसार में एक जानी-मानी हस्ती थीं। उनकी मौत को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, और यह सवाल उठ रहा है कि क्या उनकी मौत स्वाभाविक थी या उन्होंने आत्महत्या की। आइए जानते हैं कि साध्वी प्रेम बाईसा कौन थीं।
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा?
साध्वी प्रेम बाईसा धार्मिक समुदाय में एक जाना-माना नाम थीं। वह राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अपनी कथावाचन और भक्ति गीतों के लिए मशहूर थीं। साध्वी ने अपना पूरा जीवन भक्ति, सेवा और समाज सुधार के लिए समर्पित कर दिया था।
साध्वी प्रेम बाईसा का परिवार राजस्थान के बाड़मेर जिले के परऊ गांव का रहने वाला है। उनके गुरु कोई और नहीं बल्कि उनके अपने पिता विरमनाथ थे। महंत विरमनाथ भी धार्मिक दुनिया में एक सम्मानित नाम थे, जो एक आश्रम में रहते थे। साध्वी एक वीडियो विवाद में फंसने के बाद सुर्खियों में आईं।
वीडियो वायरल होने के बाद विवाद
साध्वी प्रेम बाईसा कुछ समय से सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं, और उनके वीडियो वायरल हो गए थे। उनका एक वीडियो खास तौर पर विवादों में आ गया था। साध्वी के अनुसार, वीडियो में वह अपने पिता को गले लगाते हुए दिख रही थीं, लेकिन उन्होंने दावा किया कि लोगों ने इसे गलत समझकर अश्लील बताया।
इसके बाद, कथित तौर पर उन्हें परेशान किया गया। इस संबंध में एक मामला भी दर्ज किया गया था। साध्वी ने उस समय सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए अग्नि परीक्षा देने को तैयार हैं।