T20 world cup 2021, Net Run Rate: टी-20 वर्ल्डकप 2021 (T20 world cup 2021) जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे-वैसे इसमें ट्विस्ट बढ़ता जा रहा है। सेमीफाइनल के लिए टीमों का फैसला लगभग हो चुका है। लेकिन सभी की नज़रें ग्रुप-2 में बचे हुए मुकाबले पर हैं। अगर अफगानिस्तान की टीम रविवार को न्यूजीलैंड को मात देती है, तब भारत के लिए सेमीफाइनल की राह खुल सकती है। हालांकि, ये चीज़ें नेट-रनरेट (NRR) पर निर्भर करती हैं। लेकिन ये नेट-रनरेट निकलती कैसे है और कैसे हार-जीत पर इसका फर्क पड़ेगा।
क्रिकेट में जब भी कोई बड़ा टूर्नामेंट होता है या फिर जहां ज्यादा टीमें एक साथ खेल रही होती हैं जैसे (IPL, Big Bash, Asia Cup) तब नेट-रनरेट अक्सर बड़े रोल में आ जाता है। अभी टी-20 वर्ल्डकप के दौरान इसका काफी ज़िक्र हो रहा है।
किसी भी टीम का नेट-रनरेट किसी भी मैच में खेली गई उसकी दोनों पारियों पर निर्भर करता है। यानी बल्लेबाजी करते वक्त पारी में कितने ओवर खेले, कितने रन बनाए। बॉलिंग करते वक्त कितने ओवर में कितने रन गंवाए, इसी के आधार पर नेट-रनरेट निकाला जाता है। तब पहली पारी में से दूसरी पारी के औसत को घटा दिया जाता है और नेट-रनरेट निकल आता है।
ऐसे निकाला जाता है नेट-रनरेट ...
कुल बनाए गए रन/कुल खेले गए ओवर – कुल गंवाए रन/कुल फेंके गए ओवर = नेट रनरेट
उदाहरण के तौर पर किसी टीम ने बल्लेबाजी करते वक्त 10 ओवर में 100 रन बनाए, तब रनरेट 10 हुआ। लेकिन बॉलिंग करते वक्त 5 ओवर में ही सभी रन गंवा दिए, तब रन-रेट 20 हुआ। ऐसे में नेट रनरेट – 2.000 पहुंच जाएगा।
ये किसी एक टीम का नेट-रनरेट हुआ, जब दोनों टीमों का नेट-रनरेट निकाला जाता है, तब हारी हुई टीम का नेट-रनरेट जीती हुई टीम से घटा देना चाहिए। जीती हुई टीम का नेट-रनरेट 5 आया है और हारी हुई टीम का 4 आया है, जब प्वाइंट टेबल में जीती हुई टीम + 1.000 और हारी हुई टीम – 1.000 अंकों पर रहेगी।
ये किसी भी मैच में नेट-रन रेट निकालने का सबसे आसान तरीका है। लेकिन खास बात ये है कि NRR के मामले में विकेट्स गिरने का फर्क नहीं पड़ता है। कोई टीम अगर पूरे ओवर नहीं खेल पाती है, तब उसके उतने ही ओवर गिने जाते हैं।
हालांकि, अगर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम पूरे ओवर खेलती है, लेकिन दूसरे बैटिंग करने वाली टीम को कम स्कोर पर ऑलआउट कर देती है तब उसे नेट-रनरेट में पूरे ओवर खेलने का बेनेफिट मिल सकता है। साथ ही पूरे टूर्नामेंट में नेट-रनरेट हर मैच के साथ बढ़ता, घटता रहता है। किसी टीम ने अगर पहले मैच में बढ़िया खेला और दूसरे मैच में खराब खेला, तब उसके टूर्नामेंट वाले नेट-रनरेट पर फर्क पड़ेगा।