Patna Zoo: बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए दो प्रमुख संस्थानों के नाम बदल दिए हैं। पटना का चिड़ियाघर (संजय गांधी बायोलॉजिकल पार्क) जो संजय गांधी के नाम पर था, उसे बदलकर ‘पटना जू’ कर दिया गया है। वहीं ‘संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ का नाम भी बदल गया है। इसे बदलकर अब ‘बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ कर दिया गया है।
ये दोनों जगहें पहले पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी के नाम पर थीं, जिन्हें अब बदल दिया गया है। सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये फैसले लिए गए। संजय गांधी बायोलॉजिकल पार्क यानी ‘पटना जू’ को 1973 में आम लोगों के लिए खोला गया था। यह पटना में बेली रोड के पास है। यह चिड़ियाघर 153 एकड़ में फैला है। यहां 110 से अधिक प्रजातियों के 800 से ज्यादा जानवर रहते हैं।
1980 में बना था डेयरी टेक्नोलॉजी
संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ का नाम बदलकर अब ‘बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ कर दिया गया है। 1980 में बना यह कॉलेज पटना में स्थित है। इसमें डेयरी टेक्नोलॉजी की पढ़ाई होती है। यह एक ICAR-मान्यता प्राप्त संस्थान है। इसकी स्थापना राज्य सरकार ने 1980 में की थी। यह डेयरी टेक्नोलॉजी में BTech और MTech प्रोग्राम करवाता है। इसके अलावा और भी कई फैसले लिए गए। 61 अन्य फैसलों में मुफ्त बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी ढांचा जैसे मुद्दे शामिल थे।
कैबिनेट में और भी कई फैसले लिए गए
- ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के लिए 23,165 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती रहेगी।
- बिहार के 208 ब्लॉकों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे. इसके लिए 104 करोड़ रुपये और 9,152 नए पदों को मंजूरी मिली है. इस साथ ही हर ब्लॉक में एक मॉडल स्कूल बनेगा, जिसमें स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब होंगी।
- चार बड़ी सड़क परियोजनाओं (गंगा अंबिका पथ, नारायणी पथ, विश्वामित्र पथ और गया में नया पुल) को हरी झंडी मिली है। पटना में NIFT के लिए भी जमीन आवंटित की गई है।
- पटना के गर्दनीबाग में ऑटिज्म से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाया जाएगा।
- SC/ST छात्रावासों में रहने वाले छात्रों का स्टाइपेंड 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है।