Banke Bihari Theft: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के गर्भगृह की चौखट से चांदी की परत उखड़ी हुई दिखाई दे रही है। इस वीडियो के सामने आते ही भक्तों में चांदी चोरी की आशंका और हड़कंप मच गया। मंदिर प्रबंधन ने चोरी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रबंध समिति के अनुसार, यह कोई आपराधिक घटना नहीं है। इसके पीछे की असली वजह केमिकल युक्त इत्र और रसायनों का लगातार प्रयोग है।
श्रद्धालु बड़ी आस्था के साथ ठाकुरजी की चौखट पर इत्र अर्पण करते हैं। बाजार में मिलने वाले मिलावटी और रासायनिक इत्र जब चांदी के संपर्क में आते हैं, तो रासायनिक प्रक्रिया के कारण धातु गलने लगती है। इसी क्षरण की वजह से चांदी की परत कई जगहों से पतली होकर टूट गई है, जिससे नीचे की लकड़ी दिखाई देने लगी है।
54 साल पुराने खजाने (तोशाखाना) का विवाद
हाल ही में अक्टूबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने मंदिर का 54 साल से बंद तोशाखाना भी खोला था। वहां भी उम्मीद के मुताबिक बेशकीमती खजाना न मिलने पर कई सवाल उठे थे। अब चौखट से चांदी गायब होने की खबर ने उन पुरानी चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
CCTV की निगरानी: गर्भगृह और चौखट के पास हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं से अपील: भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वे सीधे चौखट या चांदी की वस्तुओं पर केमिकल वाला इत्र न लगाएं।
मरम्मत की योजना: क्षतिग्रस्त चांदी की मरम्मत के लिए प्रबंधन विशेषज्ञों की सलाह ले रहा है।