Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धीकरण मामले में हल्द्वानी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की है। एडवोकेट अंजू की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है।
शिकायत में अंजू ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर एडिटेड विडियो प्रसारित किया गया। इसमें भ्रामक शब्द जोड़कर एक विशेष धर्म और जाति को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता या नफरत फैलाना), 299 (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और अपमान करना) और एससी/एसटी ऐक्ट की धारा 3(1) (R) के तहत केस दर्ज किया है। जांच एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र करेंगे।
निष्पक्ष जांच करने की मांग
नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा कि मैडम अंजू की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अलग-अलग राजनीति दलों की भी यही मांग थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद एडवोकेट अंजू ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति का अपमान करने वाला शुद्धीकरण वाला वीडियो देखा। उन्होंने बताया कि वे किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं है। पुलिस को 15 अगस्त को तहरीर दी थी। 8 सितंबर को एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
क्या है मामला
बीती आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई। रैली के बाद रामलीला मैदान में हवन का वीडियो सामने आया था, जो कि 10 अगस्त का बताया गया। एक संगठन ने रामलीला मैदान पहुंच हवन करने के साथ गंगाजल भी छिड़का था। इसके बाद कांग्रेस ने इसे दलितों का अपमान बताया था। इस मुद्दे को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी संसद में सरकार पर मामले की जांच कराने की मांग की थी। जिस पर सरकार की तरफ से जेपी नड्डा ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। अब इस मामले में एफआईआर हुई है।