मोबाइल जेब में ही रहे और सामने QR कोड हो, फिर भी पेमेंट हो जाए तो? जियो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में ऐसा ही एक कूल और फ्यूचरिस्टिक प्रोडक्ट शोकेस किया है। कंपनी ने अपनी पर्सनल AI वियरेबल रेंज में कैमरा ग्लास, ऑडियो ग्लास और ईयरफोन दिखाए हैं। इनमें स्कैन एंड पे, AI वॉयस असिस्टेंट, मल्टी-इंडियन लैंग्वेज सपोर्ट, लाइव ट्रांसलेशन, AI नोट टेकिंग और लाइव क्रिकेट कमेंट्री जैसे फीचर्स हैं।
सबसे दिलचस्प फीचर स्कैन एंड पे है। कैमरा ग्लास UPI QR कोड स्कैन करेगा, यूजर वॉयस कमांड देगा और कन्फर्मेशन के बाद पेमेंट हो जाएगा। UPI Circle के जरिए एक बार में ₹5,000 तक का भुगतान किया जा सकता है। यह सीमा जियो की नहीं, UPI Circle के नियमों के तहत तय है। इसकी मासिक सीमा ₹15,000 है।
मतलब दुकान पर पेमेंट करते वक्त मोबाइल निकालने, अनलॉक करने, ऐप खोलने और QR स्कैन करने जैसे कई स्टेप कम हो सकते हैं। यहां AI सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला असिस्टेंट नहीं, बल्कि आपकी कमांड पर काम करने वाली टेक्नोलॉजी बन जाता है। कंपनी की कोशिश AI को मोबाइल स्क्रीन और कीबोर्ड से निकालकर आवाज और रोजमर्रा के इस्तेमाल से जोड़ने की है।
जियो AI ग्लास का दूसरा बड़ा इस्तेमाल लाइव ट्रांसलेशन है। अलग-अलग भारतीय भाषाएं बोलने वाले दो लोग वियरेबल डिवाइस की मदद से एक-दूसरे की बात समझ सकेंगे। आप अपनी भाषा में बोलिए, सामने वाला अपनी भाषा में, बीच का काम AI संभालेगा।
और बात सिर्फ पेमेंट और ट्रांसलेशन तक नहीं रुकती। मीटिंग में कोई जरूरी बात छूट न जाए, इसके लिए AI नोट टेकिंग है। वहीं चलते-फिरते मैच से जुड़े रहना हो तो लाइव क्रिकेट कमेंट्री भी मिलेगी। यानी ऑफिस की मीटिंग हो या क्रिकेट का रोमांच, बार-बार मोबाइल देखने की जरूरत कम करने की कोशिश साफ दिखती है।
जियो का कहना है कि इन वियरेबल्स का मकसद AI के जरिए प्रोडक्टिविटी और नॉलेज बढ़ाना और रोजमर्रा के काम आसान करना है। खास जोर वॉयस और भारतीय भाषाओं पर है, ताकि यूजर अपनी भाषा में AI और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सके।
जियो का यह शोकेस वियरेबल टेक के अगले दौर की झलक देता है। स्मार्ट ग्लासेस का आइडिया नया नहीं है, लेकिन UPI पेमेंट, भारतीय भाषाएं, लाइव ट्रांसलेशन, AI नोट टेकिंग और क्रिकेट कमेंट्री जैसे फीचर्स इसे भारतीय यूजर के ज्यादा करीब लाते हैं।