Haridwar News: हरिद्वार के पावन चंडीघाट स्थित ब्रह्मकुंड पर वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ एक युवती (तमन्ना) ने इस्लाम धर्म का परित्याग कर सनातन धर्म को स्वीकार किया। घरवापसी संस्कार के उपरांत उसका नया नाम "नेहा" रखा गया।
यह संपूर्ण वैदिक संस्कार तीर्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष तीर्थाचार्य सन्त राम विशाल दास महाराज के मार्ग दर्शन एवं संरक्षण में पंडित जितेंद्र ज्योति द्वारा संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय सन्त आश्रम परिषद के संरक्षक बाबा हठयोगी महाराज, दिल्ली आर्य समाज के मुकेश शास्त्री , विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री अर्जुन, पानब देव आश्रम के महंत ओमदास महाराज सहित सैकड़ों सनातन धर्मावलंबी उपस्थित रहे। घर वापसी में हिन्दू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष विशाल चौहान का अथक प्रयास रहा । सभी ने पुष्पवर्षा कर एवं वैदिक मंगलाचरण के साथ नव-दीक्षित नेहा का सनातन परिवार में स्वागत किया।
भय, अत्याचार के कारण बनाई मूल धर्म से दूरी
बाबा हठयोगी ने कहा कि इतिहास के विभिन्न कालखंडों में अनेक लोगों ने भय, अत्याचार, सामाजिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों के कारण अपने मूल धर्म से दूरी बना ली थी। आज यदि कोई व्यक्ति अपनी स्वतंत्र इच्छा और आस्था के आधार पर अपने पूर्वजों की परंपरा में लौटना चाहता है, तो उसका सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाना चाहिए। उपस्थित लोगों ने इस घरवापसी को सनातन समाज के लिए उत्साह एवं आत्मविश्वास का विषय बताया।
तीर्थाचार्य सन्त राम विशाल दास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म किसी पर बलपूर्वक मत परिवर्तन का समर्थन नहीं करता। यदि कोई व्यक्ति अपनी स्वतंत्र इच्छा, श्रद्धा और वैदिक संस्कृति के प्रति विश्वास के आधार पर अपने पूर्वजों की परंपरा में लौटना चाहता है, तो उसका स्वागत करना हमारा धार्मिक एवं मानवीय कर्तव्य है। आज की यह घरवापसी केवल एक व्यक्ति का परिवर्तन नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जुड़ने का प्रेरणादायक संदेश है।
महन्त ओमदास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म विश्व को अपनाने, प्रेम, करुणा और सत्य का संदेश देता है। अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म को स्वीकार करने वाली बेटी नेहा को मेरा आशीर्वाद है। हम सभी का दायित्व है कि समाज में सद्भाव, संस्कार और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ तथा प्रत्येक व्यक्ति के धार्मिक निर्णय का सम्मान करें।