Gorakhpur Durga Visarjan Accident: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बुधवार शाम को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। उत्तरी ग्रामीण इलाके में विसर्जन के लिए ले जाई जा रही दुर्गा प्रतिमा सड़क से गुजर रही थी। तभी प्रतिमा के पीछे लगा लोहे का फ्रेम हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। इससे ट्रॉली में करंट उतर गया और मौके पर ही 3 लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में 2 सगे और 1 मौसेरे भाई हैं। जबकि 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आनन-फानन में घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर चक्काजाम कर रहे लोगों को तितर-बितर किया। परिजनों की आर्थिक सहायता और कार्रवाई की मांग मान ली गई है। वहीं, लापरवाही बरतने के आरोप में विद्युत विभाग के जेई, लाइनमैन और ड्यूटी पर तैनात दो पुलिस आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में 21 अक्टूबर (बुधवार) शाम करीब 4:30 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 9 लोग झुलस गए। मृतकों की पहचान लकी (17 वर्ष), विक्की (18 वर्ष) और चंदन (21 वर्ष) के रूप में हुई है। लकी और विक्की सगे भाई हैं, जबकि चंदन उनका मौसेरा भाई है।
सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे थे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 6 फीट ऊंची प्रतिमा के पीछे लोहे का फ्रेम लगा हुआ था। यह फ्रेम 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से ट्रॉली में करंट उतर गया। इसके बाद ट्रॉली पर सवार लोग करंट की चपेट में आ गए। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने दो सगे भाइयों लकी-विक्की और मौसेरे भाई चंदन को मृत घोषित कर दिया।
पुलिसकर्मियों और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
इसके बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के जेई, लाइनमैन और प्रतिमा के आगे चल रहे दो पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को नौकरी और मुआवजा देने की मांग को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर चक्काजाम कर दिया।
मौके पर मौजूद जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने खुद मोर्चा संभाला और परिजनों के साथ ग्रामीणों को भी समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
इस दौरान कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवान भी तैनात रहे। तत्काल मुआवजे और सभी मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक चक्काजाम रहने की वजह से मार्ग अवरुद्ध हो गया और यातायात प्रभावित होने लगा।
इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों की पुलिस के साथ नोकझोंक और धक्का-मुक्की होने लगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर परिजनों और ग्रामीणों को खदेड़ दिया। इसके बाद आवागमन शुरू कराया गया।
मूर्ति का फ्रेम था ऊंचा
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में विसर्जन के लिए प्रतिमा ले जाई जा रही थी। मूर्ति का फ्रेम अधिक ऊंचा था, जो 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। इसके कारण तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। नौ लोग झुलस गए हैं, जो खतरे से बाहर हैं।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले विद्युत विभाग के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे और अस्पताल में भर्ती घायलों के समुचित इलाज की मांग भी रखी गई है।
जिलाधिकारी के मुताबिक, परिजनों की सभी मांगें मान ली गई हैं। उन्हें समझा-बुझाकर भेज दिया गया है। विद्युत विभाग के जेई को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी एसएसपी द्वारा निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। परिजनों को समझा-बुझाकर चक्काजाम हटवा दिया गया है। अब मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से चल रहा है।