Girdhari Lal Sahu: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति, गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी, बिहार की महिलाओं के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणियों के कारण गंभीर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यह मामला अब बढ़ गया है। बिहार के मुजफ्फरपुर की एक अदालत में मंत्री के पति के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। यह मामला वकील सुधीर कुमार ओझा ने मुजफ्फरपुर में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-1 (ADJ-1) की अदालत में दायर किया है।
अदालत में दायर मामले में गिरधारी लाल साहू को मुख्य आरोपी बनाया गया है। वकील ओझा ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं—192, 298, 352, 351, 52, 95, 86, 74, 75, और 328 (संभवतः गलती से 828 लिखा गया है) के तहत आरोप लगाए हैं। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 12 जनवरी, 2026 की तारीख तय की है।
शिकायत में कहा गया है कि यह घटना मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव से संबंधित है। इस घटना का असर 2 और 3 जनवरी, 2026 को देखा गया।
गिरधारी लाल साहू की मुश्किलें बढ़ीं
आरोप है कि गिरधारी लाल साहू ने जानबूझकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बयान सर्कुलेट किया। अपने बयान में, उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "बिहार में लड़कियां 20 से 25 हजार रुपये में मिल जाती हैं।"
शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि यह बयान न केवल बिहार की बेटियों का अपमान है, बल्कि सभी महिलाओं की गरिमा और मर्यादा का भी उल्लंघन है। ऐसे बयान से राज्य की छवि खराब हुई है और यहां के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
इस बयान के बाद, यह मामला बिहार और उत्तराखंड के बीच राजनीतिक विवाद में बदल रहा है। बिहार में विपक्षी दलों के नेताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा की है।
मंत्री के पति के बयान पर मचा हंगामा
बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। बिहार राज्य महिला आयोग ने इस बयान को बेहद असंवेदनशील और महिला विरोधी बताया है और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, इस बयान के जवाब में सोशल मीडिया पर "बिहार की बेटी" के सम्मान की रक्षा के लिए एक कैंपेन भी शुरू हो गया है। लोग मंत्री के पति की गिरफ्तारी और सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होनी है, और लोग इस मामले की कार्यवाही पर करीब से नज़र रख रहे हैं।