BCCI Central Contract: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बड़े बदलाव कर सकता है। BCCI अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सिलेक्शन कमेटी के प्रस्तावों के आधार पर अपनी अगली एपेक्स काउंसिल की मीटिंग में भारतीय पुरुष टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में संभावित बदलावों पर चर्चा करेगा। BCCI सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पांच सदस्यीय सिलेक्शन कमेटी ने कुछ प्रस्ताव सौंपे हैं, हालांकि यह समझा जाता है कि बोर्ड के टॉप अधिकारियों को अभी तक ये प्रस्ताव नहीं मिले हैं और आने वाली मीटिंग में इस पर औपचारिक चर्चा होगी।
सूत्र के अनुसार, BCCI की अगली एपेक्स काउंसिल की मीटिंग में भारतीय पुरुष टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में ग्रेडिंग सिस्टम में बदलाव की संभावना पर चर्चा की जाएगी। अजीत अगरकर के नेतृत्व वाली सिलेक्शन कमेटी ने कुछ प्रस्ताव सौंपे हैं, जिन पर एपेक्स काउंसिल की मीटिंग में विचार किया जाएगा। मीटिंग की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी।
A+ ग्रेड खत्म करने की योजना!
सूत्रों का दावा है कि अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सिलेक्शन कमेटी ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से A+ ग्रेड को खत्म करने की योजना बनाई है। हालांकि, अंतिम फैसला और उसके बाद होने वाले किसी भी वित्तीय बदलाव को एपेक्स काउंसिल की मीटिंग से मंजूरी मिलने के बाद ही लागू किया जाएगा।
क्या रोहित और कोहली को बड़ा नुकसान होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, रोहित शर्मा और विराट कोहली को BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की कैटेगरी B में रखा जा सकता है क्योंकि वे सिर्फ ODI टीम का हिस्सा हैं। फिलहाल, भारतीय पुरुष क्रिकेटरों के सालाना रिटेनर को A+, A, B, और C कैटेगरी में बांटा गया है, इसके अलावा अलग-अलग फॉर्मेट के लिए मैच फीस भी मिलती है। A+ कैटेगरी के खिलाड़ियों के लिए रिटेनर राशि ₹7 करोड़ है, जबकि A, B, और C कैटेगरी के क्रिकेटरों को क्रमशः ₹5 करोड़, ₹3 करोड़ और ₹1 करोड़ मिलते हैं।
फिलहाल, सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा A+ कैटेगरी में हैं। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोहली और रोहित, जो सिर्फ ODI खेलते हैं, और जडेजा, जो टेस्ट और ODI दोनों खेलते हैं, सालाना रिटेनर के टॉप टियर में बने रहेंगे, खासकर अगर सिस्टम में बदलाव होता है।