Vegetarian Countries: दुनिया में सबसे ज्यादा शाकाहारी आबादी भारत में है। यहां के लोगों का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से शाकाहारी खाना खाता है। लेकिन भारत अकेला ऐसा देश नहीं है जहां पर शाकाहार का चलन ज्यादा है। हैरानी की बात है कि सबसे ज्यादा शाकाहारी आबादी वाले देशों में मेक्सिको दूसरे नंबर पर आता है। वर्ल्ड एटलस और स्टैटिस्टा जैसे ग्लोबल सोर्स के आंकड़ों के मुताबिक मेक्सिको के लगभग 19% आबादी शाकाहारी खाना खाती है। यह बात इस वजह से भी खास है क्योंकि मैक्सिकन खाना पारंपरिक रूप से मीट वाली डिश के लिए जाना जाता है।
शाकाहारी आबादी के मामले में भारत पहले नंबर पर
ग्लोबल रैंकिंग में भारत सबसे ऊपर है, जहां की लगभग 38% आबादी पूरी तरह से शाकाहारी मानी जाती है। देशभर में शाकाहार के लोकप्रियता में धार्मिक परंपरा, संस्कृतिक रीति रिवाज और लंबे समय से चली आ रही खान पान की आदतों ने अहम भूमिका निभाई है।
भारतीय खाने में भी पेड़-पौधों से मिलने वाले खाने की काफी सारी वैरायटी मिलती है। इसमें सब्जियां, दाल, अनाज, डेयरी प्रोडक्ट और क्षेत्रीय खास व्यंजन शामिल हैं। हालांकि भारतीयों का एक बड़ा हिस्सा मांसाहारी खाना भी खाता है, लेकिन शाकाहारी आबादी की संख्या की वजह से भारत इस कैटेगरी में सबसे आगे है।
मेक्सिको दूसरे नंबर पर है
मेक्सिको दूसरे नंबर पर है जहां की लगभग 19% आबादी शाकाहारी खाना खाती है। यह आंकड़ा हैरान करने वाला लग सकता है क्योंकि यह देश दुनिया भर में टैकोस, बुरिटोस और मीट वाली दूसरी डिश के लिए मशहूर है।
हालांकि मैक्सिकन खाने से हमेशा से पेड़ पौधों से मिलने वाली चीजों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता रहा है। बीन्स, मक्का, एवोकाडो, सब्जियां, चावल और दूसरी चीज पारंपरिक मैक्सिकन खाने का एक जरूरी हिस्सा हैं। इससे लोकप्रिय डिश के शाकाहारी वर्जन बनाने के लिए एक मजबूत आधार मिलता है।
हाल के सालों में युवा मैक्सिकन लोगों के बीच भी शाकाहार तेजी से लोकप्रिय हुआ है। सेहत के प्रति जागरूक जीवनशैली, जानवरों के साथ क्रूरता को लेकर चिंता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता जैसी वजहें लोगों को अपने खाने से मीट कम करने या पूरी तरह से हटाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
ब्राजील और ताइवान में भी बड़ी संख्या में शाकाहारी आबादी
इस लिस्ट में ब्राजील तीसरे नंबर पर है। यहां की लगभग 14% आबादी शाकाहारी है। पर्यावरण संरक्षण के बारे में बढ़ती जागरूकता, खासकर युवाओं के बीच, ने पेड़ पौधों से मिलने वाले खाने में दिलचस्पी बढ़ाई है।
ताइवान चौथे नंबर पर है जहां की लगभग 13.5% आबादी शाकाहारी खाना खाती है। ताइवान में खान-पान की आदतों पर बौद्ध धर्म का गहरा सांस्कृतिक प्रभाव रहा है, साथ ही वहां शाकाहारी रेस्टोरेंट और खाने के विकल्प भी आसानी से मौजूद हैं।
इजरायल ताइवान के बाद आता है, यहां लगभग 13% आबादी शाकाहारी है। तेल अवीव को अक्सर वीगन खाने के लिए एक बड़े ग्लोबल सेंटर के तौर पर देखा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां बड़ी संख्या में प्लांट बेस्ड रेस्टोरेंट हैं।
ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और जर्मनी का नंबर
ऑस्ट्रेलिया छठे स्थान पर है। यहां लगभग 12.1% आबादी शाकाहारी डाइट अपनाती है। पर्यावरण की स्थिरता और जानवरों की भलाई से जुड़ी चिंता प्लांट बेस्ड खाने की बढ़ते लोकप्रियता के पीछे बड़ी वजह है।
इसके बाद अर्जेंटीना का नंबर आता है। यहां लगभग 12% आबादी शाकाहारी जीवन शैली अपनाती है। यह बात इस वजह से खास है क्योंकि अर्जेंटीना पारंपरिक रूप से मांस खाने के लिए सांस्कृतिक रूप से जाना जाता है।
जर्मनी में भी 12% शाकाहारी लोग हैं और यह आठवें स्थान पर है। जानवरों की भलाई, पर्यावरण से जुड़ी चिंता, और मांस के विकल्प की भर्ती उपलब्धता ने पूरे देश में शाकाहारी खाने के विकल्प को बढ़ाने में मदद की है।
स्वीडन 9वें स्थान पर आता है। यहां लगभग 12% आबादी शाकाहारी है। पर्यावरण के प्रति जागरूकता और स्थिरता खान-पान के फैसलों पर बड़ा असर डालते हैं। ऑस्ट्रेलिया टॉप 10 की सूची को पूरा करता है। यहां लगभग 11% आबादी शाकाहारी डाइट को अपनाती है।