Motherhood Age In Japan: जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां जनसंख्या तेजी से कम हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि जापान में अलग-अलग कारणों से लड़कियां या तो बच्चे पैदा नहीं कर रही हैं या फिर देरी से मां बनने का फैसला कर रही हैं। साल 2023 में जापान की एक सरकारी रिपोर्ट ने इस संकट को पहले से भी ज्यादा गंभीर बताया था। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉप्युलेशन एंड सोशल सिक्योरिटी रिसर्च (IPSS) ने अपनी रिपोर्ट, जो अगस्त 2023 में प्रकाशित हुई थी, में कहा था कि 2005 में जन्मी जापानी लड़कियों में से करीब एक-तिहाई भविष्य में कभी मां नहीं बन पाएंगी।
IPSS के अनुमान के मुताबिक, लगभग 33.4 प्रतिशत महिलाएं बच्चा जन्म नहीं देंगी। हालांकि, यह भी कहा गया था कि सबसे बेहतर स्थिति में यह आंकड़ा 24.6 प्रतिशत और सबसे खराब स्थिति में 42 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने जून में कहा था कि वे जनसंख्या संकट से निपटने के लिए बड़े कदम उठाएंगे, जिनमें तीन या उससे अधिक बच्चों वाले परिवारों को अधिक आर्थिक सहायता देना भी शामिल था।
जापान की लड़कियां किस उम्र में शादी करती हैं?
रिपोर्ट बताती है कि जापान में लोग पहले की तुलना में काफी देर से शादी कर रहे हैं। IPSS की डायरेक्टर मिहो इवासावा के अनुसार, यह देरी जन्मदर पर सीधा असर डाल रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में जापानी महिलाएं पहली बार औसतन 29.4 साल की उम्र में शादी करती हैं। अगर इसकी तुलना पुराने आंकड़ों से करें, तो 1985 के मुकाबले यह उम्र लगभग 4 साल बढ़ चुकी है। इवासावा कहती हैं कि 30 साल तक की उम्र में शादी करने वाली महिलाओं के यहां ज्यादातर मामलों में सिर्फ एक बच्चा होता है और कई बार उम्र बढ़ने के कारण महिलाएं मां भी नहीं बन पातीं।
कब बनती हैं मां?
अब आते हैं इस सवाल पर कि जापान की लड़कियां कब मां बन रही हैं। देर से शादी का असर मां बनने की उम्र पर भी सीधे पड़ता है। जापान में शादी में देरी का मतलब है कि बच्चा पैदा करने की उम्र भी आगे खिसक जाती है। कई बार गर्भधारण की कोशिश में देरी होने से इसकी संभावना कम होती जाती है। इसलिए 2005 में जन्मी लड़कियों के लिए 'चाइल्डलेस' रहने का अनुमान इतना बड़ा सामने आया है।
अगर पहले बच्चे के जन्म की बात करें, तो Nippon की रिपोर्ट के अनुसार, जापान में 2011 से पहली बार मां बनने की औसत उम्र लगातार 30 साल से ऊपर बनी हुई है। 2011 में यह पहली बार 30.1 साल पहुंची थी। वहीं, 2015 से 2019 के बीच यह औसत 30.7 साल पर स्थिर रहा, जो 1985 के मुकाबले करीब 4 साल ज्यादा है।
लोग कम बच्चे क्यों पैदा कर रहे हैं?
IPSS और अन्य संस्थानों के मुताबिक, शादी देर से होने के साथ-साथ आर्थिक कारण भी इसकी बड़ी वजह हैं। महंगाई बढ़ने से बच्चों का पालन-पोषण आम लोगों के लिए महंगा होता जा रहा है। ट्यूशन फीस में भारी बढ़ोतरी भी इसका एक प्रमुख कारण है। निजी विश्वविद्यालयों की फीस 1975 से 2021 के बीच लगभग 5 गुना बढ़ी, जबकि सरकारी विश्वविद्यालयों की फीस इसी अवधि में 19 गुना तक बढ़ गई।
IPSS के एक अनुमान के अनुसार, 2020 में जापान की आबादी 126.15 मिलियन थी, जो 2070 तक घटकर लगभग 87 मिलियन रह जाने का अनुमान है। यानी आने वाले दशकों में जापान दुनिया के सबसे तेजी से घटती आबादी वाले देशों में शामिल हो सकता है।