भारत के पूर्व राष्ट्रीय स्तर के पहलवान अमित को करीब तीन साल बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. रांची में दर्ज एक ड्रग केस में आरोपी अमित लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था. पुलिस के मुताबिक, वह 2023 से फरार चल रहा था और उसकी तलाश की जा रही थी.
2013 में जीता था राष्ट्रीय स्तर पर मेडल
हरियाणा के रोहतक निवासी अमित का कुश्ती से भी जुड़ा रहा है. उन्होंने 2013 की राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया था. हालांकि, इसके बाद उनका नाम एक कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामले में सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. मामला अप्रैल 2023 में रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था. पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए करीब 500 ग्राम प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद करने की बात कही थी. जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को अमित के कथित तौर पर इस मामले से जुड़े होने की जानकारी मिली.
दिल्ली में छिपकर रह रहा था
लगातार तलाश के बावजूद अमित करीब तीन साल तक पुलिस के हाथ नहीं लगा. जांच के दौरान पुलिस को उसके दिल्ली में होने की सूचना मिली. इसके बाद रांची पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से उसे पकड़ने की योजना बनाई. पुलिस टीम ने 18 अगस्त 2026 को दिल्ली के रोहिणी इलाके में मधुबन चौक के पास कार्रवाई की और अमित को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले जाया गया.
ड्रग नेटवर्क को लेकर जांच जारी
पुलिस अब इस मामले में अमित की कथित भूमिका के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है. जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के जरिए झारखंड से नशीले पदार्थ दिल्ली तक पहुंचाए जाते थे. पुलिस इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और कथित सप्लाई चैन के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. अमित की गिरफ्तारी करीब तीन साल से लंबित इस मामले की जांच में अहम मानी जा रही है. हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा.