Petrol-Diesel Price: सऊदी अरब के तेल प्लांट्स पर हूतियों ने हमला कर दिया है। जानकारी के मुताबिक कई यूनिट तबाह हो गए हैं। अब भी भीषण आग लगी हुई है। इन घटनाओं में 70 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और होर्मुज बंद होने की वजह से पूरी दुनिया फ्यूल की दिक्कत का सामना कर रही है। इसी बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल प्लांट्स पर हमला करके मुसीबत और बढ़ा दी है।
हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में कई तेल प्रतिष्ठानों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी इकाइयों में आग लग गई। इन हमलों में 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बंद कर दिए गए प्लांट
यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि विद्रोहियों ने सऊदी अरब में ''असैन्य और आर्थिक प्रतिष्ठानों'' को निशाना बनाया। इन हमलों को अमेरिका के एक महत्वपूर्ण सहयोगी सऊदी अरब और ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों के बीच फिर से शुरू हुए संघर्ष के गंभीर होने के तौर पर देखा जा रहा है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि तेल प्रतिष्ठानों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी इकाइयों में संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अबहा जजान, नजरान और खमिस मुशैत शहरों में ''असैन्य और आर्थिक प्रतिष्ठानों'' को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन ''आतंकवादी हूती मिलिशिया को रोकने के लिए पूरी दृढ़ता के साथ सभी आवश्यक सैन्य कार्रवाई करेगा।'' हूतियों ने इन हमलों से पहले आरोप लगाया था कि सऊदी अरब ने यमन के उत्तरी प्रांत अल-जौफ में स्थित एक जेल पर हमला किया है।
हूतियों ने भी लगाया हमले का आरोप
ये हमले यमन में हूतियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच कई हफ्तों से जारी बढ़ती लड़ाई के बीच हुए हैं। इस लड़ाई ने यमन के गृहयुद्ध में चार साल से जारी संघर्षविराम को खत्म कर दिया है। हूती विद्रोहियों द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबाही ने कहा कि जौफ प्रांत के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हज्म शहर में स्थित 'सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी' (केंद्रीय सुधार गृह) पर हुए हमले में एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई और एक महिला समेत कम से कम सात लोग घायल भी हुए हैं।
यमन 2014 में उस समय गृहयुद्ध की चपेट में आ गया था, जब हूती विद्रोहियों ने उत्तर में अपने गढ़ से आगे बढ़ते हुए राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को पहले देश के दक्षिणी हिस्से और फिर निर्वासन में सऊदी अरब जाना पड़ा। इसके अलग साल सरकार को फिर से सत्ता में लाने के प्रयास में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन यमन युद्ध में शामिल हो गया था।
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने सऊदी अरब पर जौफ में हवाई हमले करने और ''नरसंहार करने'' का आरोप लगाया। सरी ने सऊदी अरब पर एक टोही ड्रोन तैनात करने और भाड़े के लड़ाकों को विभिन्न प्रकार के हथियार मुहैया कराने का भी आरोप लगाया।