Swami Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक मुलाकातों पर हलचल तेज हो गई है। इंडिया गठबंधन में शामिल होने का दावा करने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात की। इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। एक तरफ, अखिलेश यादव ने बताया कि स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी उनके गठबंधन का हिस्सा नहीं है, वहीं राजेंद्र पाल गौतम ने उनको अपना मित्र बताया है। अब पूरे मामले पर स्वामी प्रसाद मौर्य का जवाब आया है।
अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य बताया- रामलीला मैदान, दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक रैली की सफलता पर हम दोनों ने एक-दूसरे को बधाई दी। हमारा मानना है कि यह रैली परिवर्तन का प्रतीक है और आने वाले दिनों में देश में बदलाव होने का संकेत देती है। इसके साथ ही, लोकतंत्र की रक्षा के लिए आयोजित इस महारैली के माध्यम से पूरे देश में यह संदेश गया है कि आज लोकतंत्र को बचाने के लिए देश की जनता सड़कों पर उतर रही है।
'इंडिया गठबंधन में शामिल करने का फैसला कांग्रेस का'
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा- हम इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं या नहीं, इसके लिए अखिलेश यादव का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। इंडिया गठबंधन में हमको शामिल करने का फैसला कांग्रेस का है। जो लोग बीजेपी को जिताने की कोशिश कर रहे हैं, वही लोग इस तरह के बयान दे रहे हैं। वे चाहते हैं कि बीजेपी सत्ता में बनी रहे। बीजेपी को सत्ता में बनाए रखने के लिए ही कुछ थेथरती नेता ऐसे बयान दे रहे हैं और जनता उनको नकार रही है।
'अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन का हिस्सा मात्र'
गौरतलब है कि पिछले दिनों एक प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा था कि स्वामी प्रसाद मौर्य सपा और कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इस पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि उन्होंने कांग्रेस के कोटे वाली सीटें मांगी हैं ना कि सपा कोटे की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इंडिया गठबंधन के संयोजक हैं। उनका फैसला अंतिम होगा। अखिलेश यादव इस गठबंधन का एक हिस्सा भर है।